इंदौर को अंगदान में देश में अव्वल बनाने की तैयारी:अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर नियुक्त होंगे; अंगदान के लिए जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

अंगदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े ने शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। बैठक में अंगदान के क्षेत्र में इंदौर संभाग के प्रयासों की समीक्षा करते हुए इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। डॉ. खाड़े ने कहा कि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। शहर के 13 अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। अब आवश्यकता है कि इन प्रयासों को सकारात्मक आंदोलन में बदला जाए, ताकि इंदौर न केवल प्रदेश बल्कि देश में भी अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस कार्य को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की नियुक्ति की जाए, ताकि अंगदान से संबंधित जानकारी का समय पर आदान-प्रदान हो सके। साथ ही इन कॉर्डिनेटरों की एक समेकित सूची तैयार कर शासन स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए। बड़े अस्पतालों को छोटे अस्पतालों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि अंगदान के प्रति इच्छुक लेकिन आर्थिक अभाव से जूझ रहे लोगों को चिन्हित कर शासन स्तर से सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं। एक जिले से दूसरे जिले में अंग प्रत्यारोपण के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने और चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए नियमित शिविर, कार्यशाला एवं सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी अंगदान संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। सभी अस्पतालों में पोस्टर, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति प्रतिज्ञा पत्र भरकर नोटो (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) के साथ पंजीकरण कर सकते हैं। अंगदान केवल ब्रेन डेड घोषित होने और अस्पताल में मृत्यु की स्थिति में ही प्रभावी रूप से संभव होता है। बैठक में बताया गया कि अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंग या ऊतक निकालकर ऐसे मरीज में प्रत्यारोपित किए जाते हैं, जिनके अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इसे “जीवन का उपहार” भी कहा जाता है, जो किसी व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है। बैठक में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पुरोहित, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य व जीतू बगानी, किडनी फाउंडेशन के डॉ. अनिल भंडारी, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. पूर्णिमा गडरिया, इंदौर आई बैंक की उमा झंवर सहित चोइथराम, बॉम्बे हॉस्पिटल, अपोलो राजश्री, जूपिटर, सीएचएल, अमलतास, श्री अरबिंदो, मोहक, शैल्बी, मेदांता एवं एमिनेंट अस्पताल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दमोह में आईपीएल का सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन मिला

दमोह कोतवाली पुलिस ने शहर की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास से एक व्यक्ति को आईपीएल का सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सट्टा खिलाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। इस मामले का खुलासा मंगलवार रात को किया गया। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी के निर्देश पर पूरे जिले में आईपीएल का सट्टा खिलाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में एक आरोपी आईपीएल का सट्टा खिला रहा है। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आरोपी दीपक अहिरवार को आईपीएल मैच में सट्टा खिलाते हुए पकड़ा। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन जब्त किया गया। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में क्रोम ऐप पर ‘IPL CRIKET ID KHELO 7.COM’ नाम की एक आईडी बनी हुई मिली। इस आईडी में कॉइन और बैलेंस भी मौजूद था, जो सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी दीपक अहिरवार के खिलाफ सट्टा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। टीआई ने बताया कि आरोपी दीपक ने आईडी उपलब्ध कराने वाले कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
केरल चुनाव 2026: पिनाराई विजयन से लेकर राजीव चन्द्रशेखर तक, स्टार उम्मीदवार फोकस में | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 21:12 IST केरल चुनाव 2026: मुख्य लड़ाई एलडीएफ बनाम यूडीएफ है, जिसमें भाजपा नेमोम पर जोर दे रही है और विजयन और चेन्निथला जैसे नेता फोकस में हैं। केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच सीधी लड़ाई देखी जा रही है, भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अपना विस्तार करने का प्रयास कर रहा है। केरल चुनाव 2026: 2026 के केरल विधानसभा चुनावों के लिए उच्च-ओक्टेन अभियान मंगलवार को समाप्त हो गया, जिसने एक निर्णायक मुकाबले के लिए मंच तैयार किया। एकल चरण के चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होनी है। केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच सीधी लड़ाई देखी जा रही है, भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अपना विस्तार करने का प्रयास कर रहा है। यहां स्टार उम्मीदवार, उनकी सीटें और देखने लायक लड़ाई हैं: पिनाराई विजयन – धर्मदम कन्नूर में धर्मदाम पिनाराई विजयन के राजनीतिक अधिकार का पर्याय बन गया है। सीपीआई (एम) का गढ़, उन्होंने 2016 से इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है, 2021 में 50,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है – जो राज्य में सबसे बड़े वोटों में से एक है। पार्टी के पूर्व कद्दावर नेता और हाल के दिनों में केरल के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले विजयन का अभियान शासन, कल्याण वितरण और बुनियादी ढांचे पर जोर देने पर निर्भर है। धर्मदाम में, प्राथमिक चुनौती कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ से आती है, जिसने ऐतिहासिक रूप से यहां वामपंथ के प्रभुत्व को कम करने के लिए संघर्ष किया है। भाजपा भी इस निर्वाचन क्षेत्र में सीमांत खिलाड़ी बनी हुई है। रमेश चेन्निथला – हरिपद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विपक्ष नेता, चेन्निथला यूडीएफ की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक, हरिपद से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने 2021 में 13,000 से अधिक वोटों से जीतकर 48% से अधिक वोट शेयर हासिल किया। अपने संगठनात्मक कौशल और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाने वाले, वह यूडीएफ के प्रमुख सीएम चेहरों में से एक हैं। एलडीएफ ने यहां एक सीपीआई उम्मीदवार खड़ा किया है, लेकिन हरिपद का ऐतिहासिक रुझान – दृढ़ता से कांग्रेस की ओर झुका हुआ – चेन्निथला को स्पष्ट पसंदीदा बनाता है। इस तटीय क्षेत्र में भाजपा का प्रभाव सीमित है। वीडी सतीसन – परवूर विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने 2001 से अजेय रहते हुए, परवूर में एक अटल आधार बनाया है। 2021 में, उन्होंने 21,000 से अधिक वोटों के अंतर के साथ सीट बरकरार रखी। कांग्रेस अभियान के आक्रामक चेहरे के रूप में देखे जाने वाले सतीसन ने खुद को सत्तारूढ़ वामपंथ के लिए एक प्रमुख चुनौती के रूप में स्थापित किया है। सीपीआई (एम) ने उनके खिलाफ एक मजबूत उम्मीदवार खड़ा करना जारी रखा है, लेकिन परवूर का लगातार कांग्रेस समर्थक झुकाव और सतीसन का व्यक्तिगत जुड़ाव एलडीएफ के लिए इस कठिन पहाड़ी पर चढ़ना जारी रखता है। राजीव चन्द्रशेखर – नेमोम नेमोम केरल भाजपा का राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है। इसने 2021 में वामपंथ में लौटने से पहले 2016 में पार्टी को पहली और एकमात्र विधानसभा जीत दिलाई। टेक्नोक्रेट से राजनेता और केंद्रीय मंत्री बने राजीव चंद्रशेखर यहां भाजपा के हाई-प्रोफाइल दांव हैं। उनकी उम्मीदवारी नेमोम को दीर्घकालिक आधार में बदलने की पार्टी की मंशा का संकेत देती है। सीपीआई (एम) सीट बरकरार रखने के लिए एक मजबूत उम्मीदवार खड़ा कर रही है, जबकि कांग्रेस भी एक गंभीर दावेदार है – जिससे नेमोम बड़े पैमाने पर द्विध्रुवीय राज्य में एक दुर्लभ त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है। जोस के. मणि – पाला केरल कांग्रेस (एम) के प्रमुख जोस के. मणि, जो अब एलडीएफ के साथ गठबंधन कर चुके हैं, पाला पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह सीट ऐतिहासिक रूप से पांच दशकों से अधिक समय तक स्वर्गीय केएम मणि के नेतृत्व में केरल कांग्रेस (एम) के पास रही है, इससे पहले कि यूडीएफ उम्मीदवार मणि सी कप्पन ने 2019 के उपचुनाव में जोस के मणि को हराया था। केके शैलजा – पेरावूर निपाह प्रकोप और सीओवीआईडी -19 से निपटने के लिए जानी जाने वाली एक व्यापक रूप से सम्मानित नेता, केके शैलजा वामपंथ के सबसे पहचानने योग्य चेहरों में से एक हैं। 2021 में मट्टनूर से भारी जीत के बाद, उन्हें पेरावूर से मैदान में उतारा गया है – जो परंपरागत रूप से कांग्रेस के झुकाव वाली सीट है। उनका मुकाबला मौजूदा विधायक सनी जोसेफ से है, जो 2021 में केवल 3,000 से अधिक वोटों से जीते थे। कांग्रेस के ऐतिहासिक रूप से प्रभावी होने लेकिन मार्जिन घटने के साथ, पेरावूर राज्य में सबसे अधिक उत्सुकता से देखे जाने वाले मुकाबलों में से एक बनकर उभरा है। चांडी ओमन – पुथुपल्ली पुथुपल्ली एक निर्वाचन क्षेत्र से कहीं अधिक है – यह कांग्रेस की विरासत सीट है। पांच दशकों से अधिक समय तक इसका प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने किया था। उनके बेटे चांडी ओमन ने 2023 के उपचुनाव में 35,000 से अधिक वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल करके उस विरासत को आगे बढ़ाया। पहली बार विधायक बने और बढ़ती राजनीतिक पहचान के साथ, अब उनके सामने इस भावनात्मक गढ़ की रक्षा करने की चुनौती है। सीपीआई (एम) एक बार फिर प्रमुख चुनौती है, लेकिन पुथुप्पल्ली की गहरी कांग्रेस निष्ठा इसे वामपंथियों के लिए एक कठिन मुकाबला बनाती है। जगह : तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 21:12 IST न्यूज़ इंडिया केरल चुनाव 2026: पिनाराई विजयन से लेकर राजीव चंद्रशेखर तक, स्टार उम्मीदवार फोकस में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, 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रेप केस में सजा काट रहे नारायण साईं को तलाक:इंदौर की फैमिली कोर्ट ने दी मंजूरी; पत्नी को 2 करोड़ रुपए एलुमनी का आदेश

मध्यप्रदेश के इंदौर में फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में तलाक को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को 2 करोड़ रुपए स्थायी भरण-पोषण (एलुमनी) देने का आदेश दिया है। यह मामला करीब आठ साल तक कोर्ट में चला। कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखने के बाद आदेश पारित किया था, जिसकी जानकारी मंगलवार को पीड़िता के वकील अनुराग गोयल ने दी। बता दें कि नारायण सांई अभी दुष्कर्म के एक मामले में सूरत जेल में बंद है। 24 मार्च को ही उसे इंदौर की फैमिली कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। 2008 में शादी, 2013 से अलग रह रहे थे याचिका के मुताबिक, जानकी और नारायण साईं की शादी 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से दोनों अलग रह रहे हैं। पत्नी ने पति पर परित्याग का आरोप लगाया और कहा कि लंबे समय से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। 5 करोड़ मांगे, कोर्ट ने 2 करोड़ तय किए याचिका में नारायण साईं पर अन्य महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाए गए। साथ ही सूरत की अदालत में दुष्कर्म मामले में सुनाई गई सजा का भी उल्लेख किया गया। पत्नी ने 5 करोड़ रुपए एलुमनी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। 50 लाख भरण-पोषण बकाया धारा 125 सीआरपीसी के तहत पहले 50 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण तय किया गया था, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं दिया गया। वकील के मुताबिक, करीब 50 लाख रुपए बकाया हैं, जिसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाई कोर्ट में चुनौती की संभावना जानकारी के अनुसार, इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। संपत्ति के सत्यापन को लेकर इंदौर कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक पूरी जानकारी कोर्ट में पेश नहीं हो सकी है। यौन शोषण केस में आजीवन कारावास नारायण साईं को सूरत की दो बहनों के साथ रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2013 में सूरत की दो बहनों ने केस दर्ज कराया था। छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जबकि बड़ी बहन ने उसके पिता आसाराम के खिलाफ शिकायत की थी। छोटी बहन के आरोप के अनुसार, नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ कई बार रेप किया था। पीड़िता आसाराम के आश्रम की ‘सेविका’ थी। उसने सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम, गांभोई आश्रम, पटना आश्रम, काठमांडू आश्रम और मध्य प्रदेश के मेघनगर आश्रम ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया था।
शिवपुरी पुलिस ने 10.50 लाख का ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया:चोरी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, खेत में छुपा हुआ था तभी पहुंची पुलिस

शिवपुरी जिले की सिरसौद थाना पुलिस ने ट्रॉली चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 10 लाख 50 हजार रुपये कीमत का ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया है। सिरसौद थाना प्रभारी मुकेश दुबौलिया ने बताया कि 6 अप्रैल 2026 को ग्राम जामखो निवासी विनोद चौधरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 5 अप्रैल की रात उनकी नीले रंग की ट्रॉली, जो झिरी खोरघार रोड पर उनके भाई के घर के बाहर खड़ी थी, अज्ञात चोर चुरा ले गए। इस ट्रॉली की कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई गई थी। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी पोहरी आनंद राय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मुकेश दुबौलिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और लगातार दबिश दी। दबिश देकर आरोपी को पकड़ा जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की ट्रॉली के साथ एक व्यक्ति ग्राम खोरघार के खेत में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और वीरेंद्र रावत (35) निवासी ग्राम रतनपुर, थाना सबलगढ़, जिला मुरैना को ट्रॉली के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी वीरेंद्र रावत ने 5-6 अप्रैल की रात अपने स्वराज ट्रैक्टर का उपयोग कर ट्रॉली चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्वराज ट्रैक्टर (लगभग 8 लाख रुपये कीमत) और चोरी की ट्रॉली (लगभग ढाई लाख रुपये कीमत) बरामद की। कुल बरामद माल की कीमत 10 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे शिवपुरी जेल भेज दिया गया है।
सलमान के बाद मीका भी राजपाल के सपोर्ट में उतरे:कहा- किसी के बुरे वक्त का मजाक उड़ाना गलत; सिने एसोसिएशन बोला- ये मजाक नहीं अपमान

एक्टर राजपाल यादव का स्क्रीन अवार्ड्स 2026 के दौरान मजाक उड़ाए जाने का मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। सलमान खान के बाद अब सिंगर मीका सिंह भी राजपाल यादव का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने वार्ड शो के मंच पर राजपाल के कर्ज और उनकी निजी जिंदगी को लेकर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई है। सलमान खान ने भी पहले कहा था कि राजपाल 30 साल से काम कर रहे हैं और वे इंडस्ट्री के लिए एक ‘वैल्यू’ लेकर आते हैं। दरअसल, अवॉर्ड सेरेमनी में राजपाल यादव ने डॉलर के रेट बढ़ने पर बात की थी, जिस समय अवॉर्ड होस्ट कर रहे जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस पर तंज कसा और कहा कि डॉलर के रेट बढ़ें या घटें उन्हें उतनी उधार चुकानी ही पड़ेगी, जितनी ली है। पर्सनल लाइफ को निशाना बनाना गलत सिंगर मीका सिंह ने कहा कि स्क्रीन अवार्ड्स एक सम्मानित मंच है और वहां किसी की निजी जिंदगी का अपमान नहीं होना चाहिए। मीका ने कहा, “मैं राजपाल यादव जी के साथ खड़ा हूं। जब भी हमारे पसंदीदा कलाकार मुश्किल समय का सामना करते हैं, मैं उनके साथ रहूंगा। किसी भी मंच पर सम्मान और गरिमा सबसे पहले आनी चाहिए।” AICWA ने कहा- यह हास्य नहीं, अपमान है वहीं ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की है। एसोसिएशन ने कहा कि राजपाल यादव एक सम्मानित कलाकार हैं और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। बयान में कहा गया, “अवार्ड शो में यह कहना कि ‘डॉलर-रुपए में चाहे उतार-चढ़ाव आए, आपको कर्ज तो चुकाना ही होगा’यह कॉमेडी नहीं बल्कि अपमान है। हर व्यक्ति की अपनी गरिमा होती है।” अमिताभ बच्चन के कठिन दौर का दिया उदाहरण AICWA ने अपने बयान में फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि हर कलाकार के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। एसोसिएशन ने कहा, “सदी के महानायक अमिताभ बच्चन सहित कई बड़े सितारों ने कठिन दौर देखा है, लेकिन उनका सम्मान कभी कम नहीं हुआ। राजपाल यादव ने अपनी एक्टिंग से सालों तक देश को हंसाया है। आज अगर वे मुश्किल में हैं, तो उनका साथ देने के बजाय मजाक उड़ाना गलत है।” क्या है पूरा विवाद? 5 अप्रैल को मुंबई में स्क्रीन अवॉर्ड आयोजित किया गया था।जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी और कॉमेडियन जाकिर खान ने अवॉर्ड का एक हिस्सा होस्ट किया। इस दौरान राजपाल यादव से बात करते हुए सौरभ द्विवेदी ने उनके चेक बाउंस केस का मजाक उड़ाया। राजपाल यादव माइक पर डॉलर के रेट बढ़ने-घटने और यूथ पर एक बयान दे रहे थे। तभी सौरभ द्विवेदी ने तंज कंसने के अंदाज में कहा, ‘डॉलर का रेट चाहे बढ़े या घटे, आपको उतने ही पैसे लौटाने हैं जितने आपने उधार लिए थे।’ कर्ज और कानूनी विवादों में घिरे हैं राजपाल राजपाल यादव पिछले काफी समय से वित्तीय और कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन पर एक पुरानी फिल्म के निर्माण के लिए लिए गए कर्ज को न चुकाने का आरोप है। हाल ही में चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में वे इसी साल जेल भी जा चुके हैं। इसी बैकग्राउंड को लेकर अवॉर्ड शो में उन पर तंज कसा गया था।
‘सर देश की सुरक्षा जरूरी, बीजेपी से कोई संबंध नहीं’, पश्चिम बंगाल में बोले केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में जारी कलाकारों की सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है। जहां एस. एस दरभंगा को लेकर क्या बोले सुकांता मजूमदार? केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में एक नामांकन रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में एस अब्दुल्ला को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई संबंध नहीं है। यह प्रक्रिया देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’ वीडियो | पश्चिम बंगाल चुनाव: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (@DrSukantaभाजपा) एसआईआर पर कहते हैं, “मुझे लगता है कि एसआईआर का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है। यह देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में कहा गया है कि केवल देश के नागरिकों को… pic.twitter.com/UjrAjUVG37 – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 7 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, ‘पीपल अधिनियम के अनुसार देश के नागरिकों को ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के अधिकार का अधिकार है।’ इसलिए यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे मतदाता सूची तैयार करे जो किसी भी घुसपैठिए से मुक्त हो।’ ममता बनर्जी का एसोसियेटर को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में जारी सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने नादिया जिले के चकदाहा में आयोजित एक रैली में कहा, ‘पश्चिम बंगाल में मतुआ, राजबंशी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मिलाकर सर के बाद वोटर लिस्ट से उनका नाम निकाला जा रहा था।’ लोकप्रिय कांग्रेस (टीएमसी) उन सभी लोगों के साथ जुड़े रहे, स्थान का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। ‘हम ट्रिब्यूनल्स में इसके लिए कानूनी लड़ाई ‘शैवेजरियन’ है।’ यह भी पढ़ें: ‘हम उन सभी के साथ जुड़े हुए हैं नाम…’, सीएम ममता बनर्जी के एसआईआर ने चुनाव आयोग पर टिप्पणी करते हुए कहा- ’91 लाख नाम उजागर किए गए’ (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सुकांत मजूमदार(टी)एसआईआर(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सुकांत मजूमदार(टी) असिआर(टी)ममता बनर्जी(टी)भाजपा
बालाघाट में 9 दिन तक बिजली कटौती:8 से 19 अप्रैल तक, ग्रीष्मकालीन रखरखाव के लिए जारी हुआ प्लान

बालाघाट शहरी विद्युत कार्यालय ने शहर में 9 दिनों के लिए बिजली कटौती का प्लान जारी किया है। यह कटौती 8 अप्रैल से 19 अप्रैल तक सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक की जाएगी। इसका उद्देश्य 33/11 के.व्ही. उपकेंद्रों से निकलने वाली 11 के.व्ही. लाइनों का ग्रीष्मकालीन रखरखाव कार्य करना है। हालांकि, 12 और 14 अप्रैल को कटौती से मुक्त रखा गया है। 8 अप्रैल को 33/11 के.व्ही. सब स्टेशन से इंद्रा नगर, पॉलिटेक्निक कॉलेज, कुमार फर्नीचर, जागपुर रोड, हरिओम नगर, गायखुरी स्कूल, गायखुरी बस्ती, पटवारी प्रशिक्षण केंद्र, निर्मल नगर, पंवार ले-आउट, कावरे गार्डन, अवधपुरी, प्रभुत्तम नगर, मांटेसरी स्कूल, टेलीफोन एक्सचेंज, सरस्वती नगर, नर्मदा नगर, जैन बेकरी और एच.टी. उपभोक्ता रिलायंस की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके बाद, 9 अप्रैल को 33 के.व्ही. सब स्टेशन मोतीनगर के 11 के.व्ही. निर्मल नगर फीडर में कटौती होगी। 10 अप्रैल को मोतीनगर फीडर, 11 अप्रैल को टाउन-2 फीडर, 13 अप्रैल को बूढ़ी फीडर, 15 अप्रैल को भटेरा फीडर, 16 अप्रैल को टाउन-3 फीडर, 17 अप्रैल को रेलवे स्टेशन फीडर, 18 अप्रैल को टाउन-1 फीडर और 19 अप्रैल को टाउन-4 फीडर में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। शहर बिजली कार्यालय के अभियंता ने बताया कि इस कटौती की समयावधि बढ़ाई भी जा सकती है।
मोबाइल-लैपटॉप की ब्लू लाइट बिगाड़ रही आंखों की सेहत, रात में ज्यादा इस्तेमाल कर रहें, तो जान लें खतरा

Last Updated:April 07, 2026, 19:12 IST Ghaziabad News: आज के युवा मोबाइल और लेपटॉप के दीवाने हो गए हैं. इसके साथ ही अब ज्यादातर काम डिजिटल हो चुका है. ऑफिस का काम हो, पढ़ाई हो या फिर मनोरंजन, हर चीज स्क्रीन के जरिए ही हो रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो यह समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है. गाजियाबाद: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और लैपटॉप हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. ऑफिस का काम हो, पढ़ाई हो या फिर मनोरंजन, हर चीज स्क्रीन के जरिए ही पूरी हो रही है. लेकिन यही सुविधा अब धीरे-धीरे हमारी सेहत खासकर आंखों के लिए खतरा बनती जा रही है. रात के समय लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत लोगों में तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आंखों और नींद दोनों पर पड़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो यह समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है. डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों पर दबाव डालती है, जिससे जलन, सूखापन और धुंधला दिखने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. इस स्थिति को डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है. खासकर रात में जब रोशनी कम होती है, तब स्क्रीन का असर और ज्यादा बढ़ जाता है. यही वजह है कि कई लोग देर रात तक फोन इस्तेमाल करने के बाद भी ठीक से सो नहीं पाते और सुबह उठने पर आंखों में भारीपन महसूस करते हैं. आंखों की मांसपेशियों पर प्रभावनेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज ने बताया कि लगातार मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल आंखों की मांसपेशियों को जल्दी थका देता है. कई लोग रात में स्क्रीन देखने के तुरंत बाद सोने की कोशिश करते हैं, लेकिन ब्लू लाइट के प्रभाव के कारण नींद आने में परेशानी होती है. इससे नींद पूरी नहीं हो पाती और शरीर पर भी इसका असर पड़ता है. ब्लू लाइट फिल्टर जरूर ऑन रखेंउन्होंने बताया कि ब्लू लाइट के कारण आंखों में ड्राइनेस, जलन और इरिटेशन की समस्या आम हो गई है. अगर रात में स्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी हो, तो ब्लू लाइट फिल्टर जरूर ऑन रखें. इसके अलावा ब्लू कट लेंस वाले चश्मे का इस्तेमाल भी आंखों को काफी हद तक सुरक्षित रख सकता है. हर 20 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लेना ब्राइटनेस को कम रखना और आंखों को आराम देना बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रात 8 बजे के बाद स्क्रीन टाइम कम कर दें और सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें. सावधानी बरतना जरूरीडॉक्टर का यह भी कहना है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम कम उम्र में ही चश्मा लगने की वजह बन सकता है. जो समस्या आमतौर पर 40 साल की उम्र में होती थी, वह अब युवाओं में भी देखने को मिल रही है. इसलिए समय रहते सावधानी जरूरी है. साथ ही आंखों की सेहत के लिए सही खानपान भी बेहद जरूरी है. गाजर का जूस, अंडे, ताजे फल और हरी सब्जियां आंखों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. अगर आंखों में लगातार जलन, पानी आना या धुंधलापन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और लापरवाही से बचना चाहिए. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Ghaziabad,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 19:12 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
मुर्शिदाबाद, मालदा, नादिया में सबसे ज्यादा कटे वोटर्स के नाम, जानें जिलेवार वोटर्स का पूरा हिसाब

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच चुनाव आयोग ने एक इंटरव्यू वाला डेटा जारी किया है। राज्य में चलाए गए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिजन’ (SIR) अभियान के बाद करीब 91 लाख लाख के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। आयोग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नए वोटरों का वोट नहीं दिया है, उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल वोटरों में से लगभग 11.85 प्रतिशत की कटौती की गई है। इस बड़े बदलाव ने राज्य की मोटरसाइकिल को और तेज कर दिया है। 91 लाख नाम अर्थशास्त्र का पूरा गणितचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर तक बंगाल में 7.66 करोड़ वोट थे. जांच प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 90.83 लाख लाख का बकाया चुकाया गया है। इनमें से करीब 27.16 लाख नाम अकेले तो प्रमुख अधिकारियों की उस जांच (न्यायनिर्णय) के दौरान कटे, जिसमें 60.06 लाख मतदाताओं की पात्रता पर सवाल उठाए गए थे। यानी जांच के दस्तावेजों में करीब 45 प्रतिशत वोट वोट के लिए अलग-अलग वोट मिले हैं। मुस्लिम बाहुल्य और शैतान में भारी कटारआंकड़ों में सबसे बड़े हिस्से मुस्लिम बाहुल्य जिले मुर्शिदाबाद में बताए गए हैं, जहां जांच के आंकड़ों में 11 लाख लोगों में से 4.55 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। इसी तरह बांग्लादेश की सीमा से उत्तर 24 परगना में 3.25 लाख और मालदा में 2.39 लाख नाम बताए गए हैं। दक्षिण 24 परगना में भी करीब 2.23 लाख वोटर्स की छुट्टी कर दी गई है। नादिया और मतुआ बाहुल्य एशिया का हालप्रतिशत के हिसाब से देखें तो नदिया और उत्तर 24 परगना में कितनी स्थिति है और भी स्कूटर वाली है। नादिया जिले में जांच के अनुभाग में आये ओस्टल में से रिकॉर्ड 77.86 प्रतिशत और उत्तर 24 परगना में 55.08 प्रतिशत नाम जारी किये गये हैं। बता दें कि ये इलाका हिंदू ‘नमोशूद्र मतुआ’ समुदाय के प्रभाव वाले माने जाते हैं। ममता बनर्जी के गढ़ कोलकाता में क्या हुआ?मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर वाले ‘कोलकाता दक्षिण’ क्षेत्र में भी करीब 28,000 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। वहीं ‘कोलकाता उत्तर’ में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां आंकड़ों के मुताबिक 64 फीसदी यानी करीब 39,000 लोगों को वोट के लिए वोट मिले हैं। मतदाता सूची ‘फ़्रीज़’ के लिए प्रथम चरणचुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया के तरीके और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत दिया गया है। सोमवार आधी रात के बाद पहले चरण (23 अप्रैल) की 152वीं पोस्ट के लिए वोटर लिस्ट को ‘फ्रीज’ कर दिया गया है, यानी अब इसमें कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण की 142 की सूची 9 अप्रैल को लॉक कर देगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल मतदाता सूची संशोधन(टी)बंगाल चुनाव 2026 मतदाता कटौती(टी)91 लाख मतदाता हटाए गए(टी)चुनाव आयोग सर ड्राइव(टी)बंगाल राजनीतिक समाचार(टी)मतदाता सूची विवाद भारत(टी)मुर्शिदाबाद मतदाता विलोपन(टी)उत्तर 24 परगना मतदाता सूची(टी)मालदा मतदाता कटौती समाचार(टी)कोलकाता मतदाता सूची अपडेट(टी)ममता बनर्जी निर्वाचन क्षेत्र समाचार(टी)भारत चुनाव आयोग अपडेट(टी)मतदाता पात्रता जांच भारत(टी)बंगाल चुनाव विवाद(टी)ब्रेकिंग न्यूज पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट(टी)बंगाल चुनाव 2026 खबर(टी)91 लाख वोटर लिस्ट विवाद(टी)चुनाव आयोग एसआईआर अभियान(टी)मतदाता सूची विवाद(टी)मुर्शिदाबाद सुपरस्टार(टी)उत्तर 24 परगना सुपरस्टार(टी)मालदा वोटर निकाले गए(टी)कोलकाता वोटर लिस्ट अपडेट(टी)ममता बनर्जी सीट खबर(टी)भारत चुनाव आयोग अपडेट(टी)मतदाता सूची जांच(टी)बंगा चुनावी विवाद






