Saturday, 10 Oct 2026 | 02:19 AM

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पुलिस ने पहली बार पकड़ा पानी में उगने वाला गांजा:ओजी ग्रेड का हाइड्रोपोनिक गांजा मिला, सिर्फ पानी में उगाया जाता है, देश की पांचवीं कार्रवाई

पुलिस ने पहली बार पकड़ा पानी में उगने वाला गांजा:ओजी ग्रेड का हाइड्रोपोनिक गांजा मिला, सिर्फ पानी में उगाया जाता है, देश की पांचवीं कार्रवाई

ग्वालियर पुलिस को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गांजा तस्करों के पास से पहली बार ओजी ग्रेड (ओशियन ग्रोथ) का गांजा पकड़ा है। यह हाइड्रोपोनिक है और इसे जमीन पर नहीं सिर्फ पानी में उगाया जाता है। यह आसानी से घर के अंदर उगाया जा सकता है। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस तरह का गांजा पहली बार पकड़ा है। देश में इस तरह का गांजा पकड़ने की यह पांचवीं कार्रवाई है। मध्य प्रदेश में एक बार भोपाल में इस तरह का गांजा पकड़ा गया था, लेकिन वह इंटेलीजेंस का एक्शन था। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहली कार्रवाई है। यह पानी में उगने वाला हाइड्रोपोनिक गांजा की कीमत अंतर राष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए गांजा तस्करों से पता लगा रही है कि वह कहां से गांजा की यह खेप लेकर ग्वालियर आए थे। सीएसपी इंदरगंज रोबिन जैन ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गांजे की खेप लेकर आने वाले हैं। इसका पता चलते ही कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिस पर एसआई सुमित्रा तिग्गा, प्रधान आरक्षक रविकांत शर्मा, आरक्षक अभिषेक शर्मा, शैलेंद्र धाकड़ और लवकुश को तस्करों की तलाश की जिम्मेदारी दी। जिस पर पुलिस टीम ने अवाड़पुरा मुर्गी फार्म के पास कैंसर पहाड़िया पर चेकिंग लगाकर यहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेना शुरू कर दिया। पुलिस को देखते ही बाइक लौटाने का किया प्रयास पुलिस चेकिंग कर रही थी कि तभी एक बाइक एमपी 07 एमएन 4218 आती दिखाई दी। जिस पर दो युवक सवार थे। पुलिस चेकिंग को देखकर बाइक सवारों ने बाइक वापस मोड़कर जाने का प्र्रयास किया, लेकिन पुलिस अलर्ट थी और बाइक सवारों को दबोच लिया। पुलिस ने चेकिंग की तो उनके पास से सवा दो किलो के करीब गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने गांजा बरामद होते ही आरोपियों को दबोच लिया है। यह पकड़े गए इनसे मिला तीन ग्रेड का गांजा पुलिस ने पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की तो उनकी पहचान गौरव कुशवाह पुत्र राजकुमार कुशवाह निवासी भूरे बाबा की बस्ती जनकगंज और दूसरे की पहचान हेमंत उर्फ सार्थक पुत्र भरत लाल निवासी तारागंज कलारी के पास जनकगंज के रूप में हुई। इनके पास से तीन अलग-अलग प्रकार का अवैध गांजा 1 किलो 438 ग्राम कीमती लगभग 30 हजार रुपए एवं एक मोटरसाइकिल एमपी07-एमएन-4218 जब्त की गई है। इसमें पकड़ा गया कुछ गांजा ओजी ग्रेड का गांजा है जो पानी में उगाने वाला गांजा है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह गांजे की खेप लेकर कहां से आते हैं और कहां पर खपाते हैं। यह गांजा पहले कैलिफोर्निया से मंगाया जाता था एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि पकड़े गए तस्करों से ओजी ग्रेड (ओशियन ग्रोथ) का है, यह हाइड्रोपोनिक है और इसे जमीन पर नहीं सिर्फ पानी में उगाया जा सकता है। इसकी मार्केट वैल्यू एक करोड रुपए प्रति किलो के करीब है। अभी तक यह देश भर में सिर्फ पांच स्थानों पर पकड़ा गया है। एक बार भोपाल में पकड़ा गया है, जिसे इंटेलीजेंस द्वारा पकड़ा गया था। एमपी पुलिस की यह पहली कार्रवाई है। इस गांजे को पहले कैलीफोर्निया से मंगाया जाता था, लेकिन अब इसे भारत में भी उगाया जा रहा है। इसे घर के अंदर ही उगाया जा सकता है और यह पांच से छह ग्राम की मात्रा में ही उगाया जा सकता है। इसके साथ ही उड़ीसा ग्रेड वन और नॉर्मल गांजा बरामद हुआ है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद पता चलेगा वह गांजा कहां से लेकर आते है और कहां पर खपाते हैं।

इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:पीडब्ल्यूडी के दो अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार; भुगतान के बदले मांगे थे कमीशन

इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:पीडब्ल्यूडी के दो अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार; भुगतान के बदले मांगे थे कमीशन

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आवेदक राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, निवासी रामनगर आदर्शपुरम, ग्वालियर, जो सांई एसोसिएट फर्म में लायजनिंग मैनेजर हैं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी फर्म ने सितंबर 2025 में राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटिंग का काम 20 लाख रुपए में लिया था, जिसे एक माह में पूर्ण कर दिया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद जीएसटी सहित 17 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। शिकायत में बताया गया कि भुगतान जारी करने के एवज में आरोपी बालकुमार जैन (सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत व यांत्रिकी संभाग इंदौर) ने 4% के हिसाब से 60 हजार रुपए और आरोपी धीरेंद्र कुमार नीमा (सब इंजीनियर/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी) ने 2% के हिसाब से 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस प्रकार कुल 90 हजार रुपए की मांग की गई थी। आवेदक ने इसकी शिकायत राजेश सहाय (एसपी, लोकायुक्त) से की। शिकायत के सत्यापन के बाद 7 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी बालकुमार जैन को 60 हजार रुपए और धीरेन्द्र कुमार नीमा को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

10 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार:रायसेन-विदिशा से सस्ती शराब लाकर भोपाल में होम डिलीवरी कर रहे थे

10 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार:रायसेन-विदिशा से सस्ती शराब लाकर भोपाल में होम डिलीवरी कर रहे थे

शहर में अवैध शराब तस्करी पर कार्रवाई करते हुए अयोध्यानगर पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पेटी (करीब 90 लीटर) अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्टिवा सहित कुल करीब 1.70 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। दोनों आरोपी रायसेन और विदिशा जिले से सस्ते दामों पर शराब लाकर भोपाल में अवैध रूप से बेच रहे थे। ठेका बदलने के दौरान उठाया मौका पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शराब ठेका बदलने के दौरान कम कीमत पर बड़ी मात्रा में शराब खरीदी थी। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग इलाकों में होम डिलीवरी के जरिए सप्लाई कर मुनाफा कमा रहे थे। घटना 6 अप्रैल की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि अयोध्यानगर के डी-सेक्टर दशहरा मैदान के पास दो युवक एक एक्टिवा पर शराब रखकर बेचने की फिराक में खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से गोवा ब्रांड की 10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा और मनीष साहू के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रवि शर्मा पर आबकारी एक्ट और मारपीट समेत एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मनीष साहू पर भी पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दोनों पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।

निजी स्कूल संचालकों-प्रिंसिपलों-बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से झटका:कहा- कॉपी-किताबों में कमीशनखोरी के सबूत नजरअंदाज नहीं किए जा सकते, FIR रद्द नहीं होंगे

निजी स्कूल संचालकों-प्रिंसिपलों-बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से झटका:कहा- कॉपी-किताबों में कमीशनखोरी के सबूत नजरअंदाज नहीं किए जा सकते, FIR रद्द नहीं होंगे

जबलपुर में मनमानी फीस वसूली और कॉपी किताबों में कमीशनखोरी के मामले में निजी स्कूलों के संचालकों, प्रिंसिपल और बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों, बुक सेलर्स और पब्लिशर्स के गठजोड़ से जुड़ी एफआईआर को रद्द कराने की मांग ठुकरा दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि मामले में गंभीर आरोप और पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं, इसलिए एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती। ट्रायल कोर्ट में यह मामला जारी रहेगा। दो साल पहले जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ था कि स्कूल प्रबंधन ने निर्धारित सीमा से ज्यादा फीस बढ़ाई और छात्रों को चुनिंदा दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया। जांच में ये भी पाया गया था कि कुछ किताबों पर डुप्लीकेट या संदिग्ध ISBN नंबर दर्ज थे, और स्कूल प्रबंधन, बुक सेलर्स ,पब्लिशर्स के गठजोड़ से पैरेंट्स को ऊंचे दामों पर किताबें बेचीं गईं। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर जबलपुर के ओमती, बेलबाग, संजीवनी नगर, ग्वारीघाट और गोराबाजार थानों में कई एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिन्हें स्कूल प्रिंसिपल्स, प्रबंधन और बुक सेलर्स ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मंगलवार को जस्टिस बीपी शर्मा की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कई मामलों में फीस में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई और छात्रों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया गया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेज, जब्त सामग्री और गवाहों के बयान ,आपराधिक साजिश और अवैध आर्थिक लाभ के प्रयास की ओर संकेत करते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे में तथ्यों की जांच और साक्ष्यों का परीक्षण ट्रायल कोर्ट का विषय है, ना कि हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने का। कोर्ट ने आरोपी स्कूल प्रिंसिपल, बुक सेलर्स की सभी याचिकाएं खारिज करते हुए एसपी जबलपुर को निर्देश दिया है कि वो मामले की लंबित जांच, जल्द से जल्द पूरा करें और ट्रायल कोर्ट मामले में निष्पक्ष सुनवाई कर अपना फैसला सुनाए। अदालत ने इस मामले में दाखिल कुल 13 याचिकाओं को खारिज किया है। किन-किन पर लगे आरोप मामले में जबलपुर और कटनी के कई मिशनरी स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल हैं, जैसे अतुल अनुपम इब्राहम, लवी मैथ्यू, एकता पीटर्स, चंद्रशेखर विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त प्रिंसिपल) के साथ चिल्ड्रन्स बुक हाउस संचालक सूर्यप्रकाश वर्मा और शशांक श्रीवास्तव के नाम भी सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्कूलों, बुकसेलर्स और पब्लिशर्स के बीच संगठित मिलीभगत थी। एक मोनोपोलिस्टिक सप्लाई चेन तैयार की गई। अभिभावकों पर दबाव बनाकर महंगी किताबें खरीदवाई गईं। इससे अवैध और अत्यधिक मुनाफा कमाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं बल्कि आपराधिक षड्यंत्र का संकेत देता है। आरोपियों को पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उन्होंने एफआईआर रद्द कराने के लिए याचिकाएं दायर की थीं। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता दिनेश प्रसाद पटेल ने कार्रवाई को पूरी तरह वैध बताया, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।

खर्च और मारपीट से परेशान मां जनसुनवाई में पहुंची:इंदौर पुलिस की काउंसलिंग के बाद बेटे ने मानी गलती; मां के पैर छूकर माफी मांगी

खर्च और मारपीट से परेशान मां जनसुनवाई में पहुंची:इंदौर पुलिस की काउंसलिंग के बाद बेटे ने मानी गलती; मां के पैर छूकर माफी मांगी

इंदौर में जनसुनवाई के दौरान एक भावुक मामला सामने आया, जहां रोती हुई मां ने अपने ही बेटे के खिलाफ गुहार लगाई। मां ने शिकायत में बताया कि बेटा खर्च नहीं देता, मारपीट करता है और बहू भी प्रताड़ित करती है। एसीपी रूबिना मिजवानी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मां और बेटे को काउंसलिंग के लिए बुलाया। एसीपी कार्यालय में थाना प्रभारी सुशील पटेल और अनुभवी महिला काउंसलरों की मौजूदगी में पूरे परिवार को बैठाकर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। काउंसलिंग के दौरान मां की भावनाओं को समझाते हुए बेटे को उसके कर्तव्यों का एहसास कराया गया। इसके बाद बेटे ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मां से माफी मांगी। मां ने अपने खर्च के लिए हर महीने 8 हजार रुपए और रहने के लिए दो कमरों के किराए की मांग रखी, जिसे बेटे ने सहर्ष मान लिया। इसके बाद बेटे ने मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और मिठाई खिलाकर विवाद खत्म किया। इस पहल के बाद बुजुर्ग महिला ने पुलिस का आभार जताया।

राजगढ़ में 5 माह का भ्रूण मिला:जांच में लड़की होने की पुष्टि; छोड़ने वाले की तलाश में पुलिस ने CCTV खंगाले

राजगढ़ में 5 माह का भ्रूण मिला:जांच में लड़की होने की पुष्टि; छोड़ने वाले की तलाश में पुलिस ने CCTV खंगाले

राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर की आवास कॉलोनी में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे 4 से 5 माह का भ्रूण मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। कॉलोनी के कुछ लोगों ने भ्रूण देखकर तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण में भ्रूण की उम्र लगभग 4 से 5 माह आंकी गई है। बीएमओ डॉ. सुनील चौरसिया ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि भ्रूण एक लड़की का था। पुलिस ने CCTV खंगाले लेकिन कोई सुराग नहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि भ्रूण को यहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। हालांकि देर रात तक यह पता नहीं लग सका कि इसे कौन यहां छोड़ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंदसौर में कल 5 घंटे बिजली कटौती:भागवत नगर, महादेव विहार समेत कई कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित होगी

मंदसौर में कल 5 घंटे बिजली कटौती:भागवत नगर, महादेव विहार समेत कई कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित होगी

मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कल (बुधवार) विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार, 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। मंदसौर शहर के वाटर वर्क्स अंतर्गत चम्बल कॉलोनी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इस दौरान भागवत नगर, महादेव विहार, रामटेकरी, हनुमान नगर, नरसिंहपुरा, कामराज वाली डीपी, श्री नाथ विहार, राजपुरिया कॉलोनी और सिद्ध चक्र विहार सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग ने बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है।

जोमैटो से मंगाई कोल्ड कॉफी में कॉकरोच निकलने का दावा:देवास में ग्राहक बोला- भाई की तबीयत बिगड़ गई, दुकानदार ने कहा-हमने कोई लापरवाही नहीं की

जोमैटो से मंगाई कोल्ड कॉफी में कॉकरोच निकलने का दावा:देवास में ग्राहक बोला- भाई की तबीयत बिगड़ गई, दुकानदार ने कहा-हमने कोई लापरवाही नहीं की

देवास शहर के अलंकार मार्केट क्षेत्र में कस्टमर ने ऑनलाइन फूड ऑर्डर में कॉकरोच निकलने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को कस्टमर ने जोमैटो के जरिए साईं पूजा नाम की दुकान से कोल्ड कॉफी और सैंडविच ऑर्डर किया था। आरोप है कि ऑर्डर किए गए खाने में कॉकरोच निकला, जिसके बाद ग्राहक और दुकान संचालक के बीच जमकर बहस हो गई। ग्राहक का कहना है कि खाने के बाद उसके भाई की तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं, जिसके चलते उसे एमजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। ग्राहक ने साफ कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार बोला- कंपनी से शिकायत करें वहीं, कैफे संचालक तुषार तलरेजा ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और इस मामले में शिकायत जोमैटो कंपनी से की जानी चाहिए। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी। ग्राहक ने मामले में औपचारिक शिकायत करने की बात कही है।

टीकमगढ़ में खेत में मिला लड़की का शव, सिर कुचला:10 साल की बच्ची एक दिन पहले से लापता थी, हत्या की आशंका

टीकमगढ़ में खेत में मिला लड़की का शव, सिर कुचला:10 साल की बच्ची एक दिन पहले से लापता थी, हत्या की आशंका

टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक 10 साल की मासूम बच्ची का शव मिला। बच्ची का शव संदिग्ध हालत में मिला है और उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या की गई है। पलेरा के वार्ड नंबर 3 की रहने वाली पार्वती आदिवासी सोमवार दोपहर से लापता थी। घरवाले और गांव के लोग उसे हर जगह तलाश रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा था। मंगलवार रात को बच्ची की लाश उसके घर से करीब 600 मीटर दूर एक खेत में पड़ी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटना की खबर मिलते ही जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। गांव में दहशत और गुस्से का माहौल मासूम बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत से पूरे गांव में दहशत और नाराजगी है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस से दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और भी साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस परिजन और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

परीक्षा में पूछा- अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं:सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम, बीसीए में पूछे गए प्रश्न पर विवाद, जांच के आदेश

परीक्षा में पूछा- अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं:सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम, बीसीए में पूछे गए प्रश्न पर विवाद, जांच के आदेश

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन पेपर में पूछे गए एक प्रश्न से विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को आयोजित परीक्षा में पूछा गया-‘अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है’। इसके साथ चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें 1. सोमेश्वर, 2. खुदा, 3. शक्तिवान, 4. दंड देने वाला शामिल थे। इस प्रश्न को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताते हुए प्रश्न पत्र बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन कोर्स का पेपर सोमवार को आयोजित हुआ था। पेपर सामने आने के बाद उज्जैन सहित रतलाम में हिंदूवादी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पेपर किसने तैयार किया था। उज्जैन में हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक रितेश माहेश्वरी ने कहा कि जिस प्रोफेसर ने इस तरह का पेपर सेट किया है, उसके खिलाफ विश्वविद्यालय को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इधर विवाद बढ़ता देख सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल शर्मा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामला परीक्षा समिति को भेजा गया है। यह सवाल बीकॉम और बीसीए के फाउंडेशन पेपर में पूछा गया था। फाउंडेशन कोर्स में विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रश्न होते हैं, लेकिन इस तरह का प्रश्न अपेक्षित नहीं है। परीक्षा समिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुलपति अर्पण भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक से इस संबंध में जवाब मांगा गया है कि ऐसा सवाल क्यों पूछा गया। इसके लिए परीक्षा विभाग की बैठक बुलाई गई है। यदि इस प्रश्न को हटाया जाता है, तो विद्यार्थियों को अंक किस प्रकार दिए जाएंगे, इस पर भी चर्चा की जाएगी।