Wednesday, 16 Sep 2026 | 07:36 PM

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श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट ‘रामायण’ बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर ‘श्रीमद्भागवतम’ लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में ‘श्रीमद्भागवतम पार्ट-1’ से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि ‘श्रीमद्भागवतम’ भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’ कौन हैं सौरव दास

सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 200 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 200 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 200 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,600 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 250 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,600 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 250 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 250 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।

यूक्रेन में जहाज पर हमलें में 13 भारतीय फंसे:भारत ने सुरक्षित वापसी की अपील की, 15 क्रू मेंबर सवार थे

यूक्रेन में जहाज पर हमलें में 13 भारतीय फंसे:भारत ने सुरक्षित वापसी की अपील की, 15 क्रू मेंबर सवार थे

यूक्रेन में जहाज पर हमले में 13 भारतीय फंस गए हैं। ‘एमवी अमीर 1’ नाम का जहाज ड्रोन और मिसाइल हमलों की चपेट में आ गया। इसके बाद इंडियन सीमेन यूनियन ने इस मामले में तुरंत मदद की अपील की है। यूनियन के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश हो रही है। ऐसे में चालक दल के सदस्य हर समय इस डर में जी रहे हैं कि किसी भी वक्त जहाज सीधे हमले की चपेट में आ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

इलॉन मस्क ने X मनी फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एवरीथिंग एप बनाने के प्लान के तहत एक बड़ा कदम है। कंपनी ने अभी सिर्फ अमेरिका में अपने प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए यह बैंकिंग सर्विसेज शुरू की हैं। इससे पहले इसे केवल इनवाइट-ओनली बीटा फेज के तहत टेस्ट किया जा रहा था, जिसके बाद 27 जुलाई से इसे ऑफिशियल तौर पर रोलआउट किया गया है। यूजर एप छोड़े बिना कर सकेंगे बैंकिंग के काम X मनी फीचर के जरिए सब्सक्राइबर्स को एप छोड़े बिना ही अपनी रोजमर्रा की बैंकिंग एक्टिविटीज करने की सुविधा मिलेगी। इस सर्विस के तहत यूजर्स को क्रॉस रिवर बैंक के सपोर्ट से डिपॉजिट अकाउंट मिलेगा। इसके जरिए यूजर्स पैसे प्राप्त कर सकेंगे, अन्य X यूजर्स को पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे, बिलों का पेमेंट कर सकेंगे, वायर ट्रांसफर भेज सकेंगे और फिजिकल चेक भी जमा कर सकेंगे। वर्चुअल और मेटल कार्ड, 3% कैशबैक की सुविधा X मनी के तहत एक वर्चुअल वीजा डेबिट कार्ड ऑटोमैटिक जारी हो जाएगा। यह कार्ड एपल पे और गूगल पे दोनों के साथ काम करता है। इसके अलावा यूजर्स एक फिजिकल मेटल कार्ड का भी ऑर्डर दे सकते हैं। यूजर्स के पास यह चुनने का ऑप्शन होगा कि वे इस फिजिकल कार्ड पर अपना X हैंडल प्रिंट करवाना चाहते हैं या नहीं। कार्ड के मुख्य फीचर्स: 6% सालाना ब्याज और फ्री ATM विड्रॉल मौजूदा समय में X मनी की सुविधा केवल अमेरिका के प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है। एलिजिबल यूजर्स डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करके 6% तक का एनुअल परसेंटेज यील्ड (APY) कमा सकते हैं। अन्य सुविधाएं और सिक्योरिटी फीचर्स मस्क का एवरीथिंग एप विजन X मनी का लॉन्च इलॉन मस्क के X को चीन के ‘वीचैट’ की तर्ज पर एक एवरीथिंग एप बनाने के पुराने प्लान का हिस्सा है। इसमें मैसेजिंग, शॉपिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करती हैं। साल 2023 में मस्क ने कर्मचारियों से कहा था कि वे चाहते हैं कि X आगे चलकर पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट से आगे बढ़कर यूजर्स की पूरी फाइनेंशियल लाइफ को सपोर्ट करे। अमेरिकी सांसदों की नजर, सीनेटर वॉरेन ने जताई चिंता X के फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रखने पर अमेरिकी सांसदों की जांच और नजर भी बढ़ गई है। सीनेट बैंकिंग कमेटी की टॉप डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 14 अप्रैल को इलॉन मस्क को एक लेटर लिखा था। उन्होंने पत्र में मस्क से इस बात की पूरी जानकारी मांगी थी कि क्या X बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज को जिम्मेदारी से संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं। वॉरेन ने X के मैनेजमेंट पर चिंता जताते हुए कंज्यूमर्स, राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे फाइनेंशियल सिस्टम के लिए संभावित जोखिमों पर सवाल उठाए थे। क्या होता है एवरीथिंग एप या सुपर एप? एवरीथिंग एप या सुपर एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है जो यूजर को एक ही एप के भीतर कई तरह की अलग-अलग सर्विसेज देता है। जैसे- सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग, कैब बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट। चीन में ‘वीचैट’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क भी X को इसी तर्ज पर ढाल रहे हैं ताकि यूजर को किसी अन्य काम के लिए एप बदलने की जरूरत न पड़े। एनुअल परसेंटेज यील्ड क्या है? एनुअल परसेंटेज यील्ड यानी APY का मतलब है सालाना मिलने वाला कुल ब्याज का प्रतिशत। इसमें चक्रवृद्वि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट भी शामिल होता है। यानी अगर आप X मनी के डिपॉजिट अकाउंट में पैसा रखते हैं और डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करते हैं, तो आपको सालाना 6% की दर से रिटर्न का फायदा मिल सकता है।

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

इलॉन मस्क ने X मनी फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एवरीथिंग एप बनाने के प्लान के तहत एक बड़ा कदम है। कंपनी ने अभी सिर्फ अमेरिका में अपने प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए यह बैंकिंग सर्विसेज शुरू की हैं। इससे पहले इसे केवल इनवाइट-ओनली बीटा फेज के तहत टेस्ट किया जा रहा था, जिसके बाद 27 जुलाई से इसे ऑफिशियल तौर पर रोलआउट किया गया है। यूजर एप छोड़े बिना कर सकेंगे बैंकिंग के काम X मनी फीचर के जरिए सब्सक्राइबर्स को एप छोड़े बिना ही अपनी रोजमर्रा की बैंकिंग एक्टिविटीज करने की सुविधा मिलेगी। इस सर्विस के तहत यूजर्स को क्रॉस रिवर बैंक के सपोर्ट से डिपॉजिट अकाउंट मिलेगा। इसके जरिए यूजर्स पैसे प्राप्त कर सकेंगे, अन्य X यूजर्स को पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे, बिलों का पेमेंट कर सकेंगे, वायर ट्रांसफर भेज सकेंगे और फिजिकल चेक भी जमा कर सकेंगे। वर्चुअल और मेटल कार्ड, 3% कैशबैक की सुविधा X मनी के तहत एक वर्चुअल वीजा डेबिट कार्ड ऑटोमैटिक जारी हो जाएगा। यह कार्ड एपल पे और गूगल पे दोनों के साथ काम करता है। इसके अलावा यूजर्स एक फिजिकल मेटल कार्ड का भी ऑर्डर दे सकते हैं। यूजर्स के पास यह चुनने का ऑप्शन होगा कि वे इस फिजिकल कार्ड पर अपना X हैंडल प्रिंट करवाना चाहते हैं या नहीं। कार्ड के मुख्य फीचर्स: 6% सालाना ब्याज और फ्री ATM विड्रॉल मौजूदा समय में X मनी की सुविधा केवल अमेरिका के प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है। एलिजिबल यूजर्स डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करके 6% तक का एनुअल परसेंटेज यील्ड (APY) कमा सकते हैं। अन्य सुविधाएं और सिक्योरिटी फीचर्स मस्क का एवरीथिंग एप विजन X मनी का लॉन्च इलॉन मस्क के X को चीन के ‘वीचैट’ की तर्ज पर एक एवरीथिंग एप बनाने के पुराने प्लान का हिस्सा है। इसमें मैसेजिंग, शॉपिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करती हैं। साल 2023 में मस्क ने कर्मचारियों से कहा था कि वे चाहते हैं कि X आगे चलकर पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट से आगे बढ़कर यूजर्स की पूरी फाइनेंशियल लाइफ को सपोर्ट करे। अमेरिकी सांसदों की नजर, सीनेटर वॉरेन ने जताई चिंता X के फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रखने पर अमेरिकी सांसदों की जांच और नजर भी बढ़ गई है। सीनेट बैंकिंग कमेटी की टॉप डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 14 अप्रैल को इलॉन मस्क को एक लेटर लिखा था। उन्होंने पत्र में मस्क से इस बात की पूरी जानकारी मांगी थी कि क्या X बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज को जिम्मेदारी से संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं। वॉरेन ने X के मैनेजमेंट पर चिंता जताते हुए कंज्यूमर्स, राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे फाइनेंशियल सिस्टम के लिए संभावित जोखिमों पर सवाल उठाए थे। क्या होता है एवरीथिंग एप या सुपर एप? एवरीथिंग एप या सुपर एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है जो यूजर को एक ही एप के भीतर कई तरह की अलग-अलग सर्विसेज देता है। जैसे- सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग, कैब बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट। चीन में ‘वीचैट’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क भी X को इसी तर्ज पर ढाल रहे हैं ताकि यूजर को किसी अन्य काम के लिए एप बदलने की जरूरत न पड़े। एनुअल परसेंटेज यील्ड क्या है? एनुअल परसेंटेज यील्ड यानी APY का मतलब है सालाना मिलने वाला कुल ब्याज का प्रतिशत। इसमें चक्रवृद्वि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट भी शामिल होता है। यानी अगर आप X मनी के डिपॉजिट अकाउंट में पैसा रखते हैं और डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करते हैं, तो आपको सालाना 6% की दर से रिटर्न का फायदा मिल सकता है।

फ्रांस में इन्फोसिस पर लगा करीब 2 करोड़ का जुर्माना:काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली नियमों के मुताबिक नहीं पाई गई

फ्रांस में इन्फोसिस पर लगा करीब 2 करोड़ का जुर्माना:काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली नियमों के मुताबिक नहीं पाई गई

फ्रांस के श्रम अधिकारियों ने इन्फोसिस पर 1.75 लाख यूरो यानी करीब 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी की कर्मचारियों के काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली कानूनी जरूरतों के मुताबिक नहीं पाई गई। यह जुर्माना फ्रांस के क्षेत्रीय श्रम प्राधिकरण DRIEETS इले-डी-फ्रांस ने लगाया है। इन्फोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस घटनाक्रम की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि उसे जुर्माना वसूली के संबंध में प्राधिकरण से सूचना मिली है। काम के घंटों को लेकर चिंताएं जांच में सामने आया कि कंपनी की वर्किंग-टाइम रिकॉर्डिंग प्रणाली फ्रांस के श्रम नियमों का पूरी तरह पालन नहीं करती थी। प्राधिकरण ने सिस्टम की विश्वसनीयता, ऑडिट योग्य रिकॉर्ड बनाए रखने की क्षमता और कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए निगरानी क्षमताओं पर चिंता जताई है। फ्रांसीसी श्रम कानून के तहत, नियोक्ताओं को कर्मचारियों के काम के घंटों का सटीक रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। इसमें देश के 35 घंटे के कार्य सप्ताह, ओवरटाइम की सीमा और अनिवार्य आराम के समय का पालन शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड विश्वसनीय और जरूरत पड़ने पर ऑडिट के योग्य होने चाहिए। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में यह स्पष्ट नहीं है कि ये निष्कर्ष इन्फोसिस के किन कर्मचारियों से संबंधित हैं। साथ ही, इसमें यह भी नहीं बताया गया है कि क्या कंपनी को टाइम-रिकॉर्डिंग सिस्टम में बदलाव करने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा कि फ्रांस में पूर्णकालिक स्थायी काम आमतौर पर 35 घंटे का होता है और अनुबंध अधिकतम 48 घंटे तक जा सकते हैं। ऑफिस के समय के बाद, सप्ताहांत और छुट्टियों पर कर्मचारियों से संपर्क करना वहां अवैध है। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि अब फ्रांसीसी कर्मचारी अपना सामान्य काम करेंगे और काम का बोझ भारत शिफ्ट हो जाएगा, क्योंकि यहां कॉर्पोरेट गुलामी सामान्य है। एक तीसरे यूजर ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि कई युवा विदेशी कार्य संस्कृति पसंद करते हैं। भारत में कई नियोक्ता वर्क-लाइफ बैलेंस की अनदेखी करते हैं, जबकि सरकार छह दिन के कार्य सप्ताह के खिलाफ मजबूत कानून बनाने या 40 घंटे से अधिक के लिए सख्त ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य करने में विफल रही है। नारायण मूर्ति का 9-9-6 वर्क कल्चर विवाद यह जुर्माना कंपनी में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस के बीच लगा है। इन्फोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति पहले भारतीय कर्मचारियों के लिए लंबे काम के घंटों की वकालत कर चुके हैं। उनका तर्क है कि देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए अधिक प्रयास की जरूरत है। चीन की 9-9-6 कार्य संस्कृति का जिक्र करते हुए मूर्ति ने कहा था कि बिना कड़ी मेहनत के कोई भी व्यक्ति, समुदाय या देश आगे नहीं बढ़ा है। उन्होंने इस शेड्यूल को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, सप्ताह में छह दिन काम करने के रूप में वर्णित किया था।