नीमच शहर में कल 4 घंटे लाइट बंद:सुबह 7 से 11 बजे तक चलेगा मेंटनेंस कार्य, कई इलाके प्रभावित

नीमच के महू रोड इलाके में मंगलवार को बिजली गुल रहेगी। 11 केवी महू रोड फीडर पर जरूरी मेंटेनेंस का काम होना है, जिसकी वजह से सुबह 7 बजे से 11 बजे तक, यानी कुल चार घंटे बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (शहर) ने बताया कि यह काम मंगलवार, 7 अप्रैल को किया जाएगा। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम सुबह 7 बजे से पहले निपटा लें या फिर कटौती के बाद के समय के हिसाब से प्लानिंग करें। इन इलाकों पर पड़ेगा असर फीडर बंद होने से महू रोड के आसपास की कई बड़ी कॉलोनियों में अंधेरा रहेगा। इनमें मुख्य रूप से ये इलाके शामिल हैं, पटवा कॉलोनी, उदय विहार और स्टार सिटी, आदित्य स्टेट, वृन्दावन कॉलोनी और प्रगति नगर, महावीर नगर, हवाई अड्डा रोड, कालानी कॉलोनी और वैभव नगर। बिजली कंपनी ने यह भी साफ किया है कि अगर काम जल्दी हो गया तो बिजली समय से पहले आ सकती है, और अगर काम में देरी हुई तो शटडाउन का समय थोड़ा बढ़ाया भी जा सकता है।
पंजाबी सिंगर ने फैन के पेट पर दिया ऑटोग्राफ:बोला-मैं इसे शीशे में जड़वाकर रखूंगा, आपको फोटो भी भेजूंगा

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर सिंगर प्रेम ढिल्लों अक्सर अपने गानों और स्टाइल के कारण चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार वह अपने एक प्रशंसक (फैन) के प्रति अनोखे प्रेम को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रेम ढिल्लों अपने प्रशंसक के पेट पर ऑटोग्राफ देते नजर आ रहे हैं। यह पूरा वाकया उस समय चर्चा में आया जब दिलप्रीत ने खुद अपने आधिकारिक स्नैपचैट अकाउंट पर यह वीडियो साझा की। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक करीब 17-18 साल का सिख नौजवान, जिसने संतरी रंग की टी शर्ट पहनी हुई है, सिंगर से मिलने उनके घर पहुंचा था। प्रशंसक की दीवानगी ऐसी थी कि उसने अपनी टी शर्ट पर सिंगर से अपने पेट पर ही ऑटोग्राफ देने की जिद कर दी। मजाकिया अंदाज में हुई बातचीत वीडियो में प्रेम ढिल्लों काफी खुशनुमा मूड में नजर आ रहे हैं। ऑटोग्राफ देते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में प्रशंसक से पूछा, यहां साइन कर दूं क्या इस पर फैन ने बेहद उत्साह के साथ जवाब दिया, बिल्कुल-बिल्कुल, मैं इसे संभाल कर रखूंगा और इसे शीशे के फ्रेम में जड़वाकर आपको फोटो भी भेजूंगा। प्रेम ने भी हंसते हुए प्रतिक्रिया दी और कहा- यह हुई न बात, पुश्तें भी देखेंगी कि ये साइन दिलप्रीत ढिल्लों ने किए थे। ऑटोग्राफ देने के साथ-साथ दिलप्रीत वीडियो में रील (Reel) बनाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। रोजाना उमड़ती है प्रशंसकों की भीड़ बताया जा रहा है कि यह वीडियो सुबह के वक्त का है। सिंगर के करीबियों का कहना है कि दिलप्रीत के घर पर रोजाना हजारों की संख्या में प्रशंसक उनसे मिलने पहुंचते हैं। लेकिन इस ‘मोटे’ और क्यूट फैन की इस अनोखी मांग ने सिंगर का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं और सिंगर के जमीन से जुड़े स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं। पंजाबी गायक प्रेम ढिल्लों पूरा नाम: प्रेमजीत सिंह ढिल्लों पिता का नाम: कुलदीप सिंह ढिल्लों माता का नाम: भगवंत कौर जन्म तिथि:4 जनवरी, 1995 शिक्षा: उन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से BCA की पढ़ाई की है। कहां के रहने वाले हैं: प्रेम ढिल्लों का जन्म और पालन-पोषण अमृतसर, पंजाब में हुआ था। सिंगिंग करियर की शुरुआत प्रेम ढिल्लों ने आधिकारिक तौर पर साल 2018 में पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। पहला गाना: उनका पहला सिंगल ट्रैक Chan Milondi (मार्च 2018) था। पहचान कैसे मिली: उन्हें असली पहचान 2019 में आए गाने Bootcut से मिली, जिसे सिद्धू मूसेवाला ने अपने चैनल पर रिलीज किया था। इसके बाद Old Skool गाने ने उन्हें ग्लोबल लेवल पर मशहूर कर दिया।
‘धुरंधर’ को लेकर प्रेशर नहीं, बल्कि एन्करेजमेंट महसूस होता है:‘तीन कौवे’ की डायरेक्टर प्रियंका घोष बोलीं- इस जॉनर में पहले भी काम किया है

वेब सीरीज ‘द नाइट मैनेजर’, ‘द रॉयल्स’ और ‘ब्रोकेन बट ब्यूटिफुल’ जैसी परियोजनाओं के बाद डायरेक्टर प्रियंका घोष अब अपने नए प्रोजेक्ट ‘तीन कौवे’ के साथ सामने आ रही हैं। थ्रिलर और स्पाई जॉनर में उनकी पकड़ मानी जाती है। हमने उनसे इस सीरीज के आइडिया से लेकर मेकिंग तक की पूरी प्रक्रिया पर बातचीत की। ‘तीन कौवे’ का आइडिया कैसे आया? फिक्शनल है या रियल स्टोरी से प्रेरित? ये पूरी तरह फिक्शनल स्टोरी है। इसका आइडिया राइटर और क्रिएटर अब्बास टायरवाला ने 7–8 साल पहले सोचा था और इसे लंबी प्रक्रिया में डेवलप किया। जैसे-जैसे कहानी बढ़ी, किरदार और दुनिया बड़ी हुई। अंत में इसे फिल्म की बजाय सीरीज के लिए बेहतर माना गया। सिद्धार्थ रॉय कपूर के साथ अब्बास ने मुझे डायरेक्टर और को-क्रिएटर के तौर पर जोड़ा। ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद सेम जॉनर की ‘तीन कौवे’ को लेकर कोई प्रेशर महसूस हुआ? प्रेशर नहीं, बल्कि एन्करेजमेंट महसूस होता है। इस जॉनर में पहले भी काम किया है, जैसे ‘द नाइट मैनेजर’। हर जॉनर की अलग टोन और कहानी होती है। ‘तीन कौवे’ की दुनिया, किरदार और टोन पूरी तरह अलग हैं। बॉबी देओल और कबीर बेदी जैसी बड़ी कास्ट को कैसे ऑनबोर्ड किया गया? कास्टिंग डायरेक्टर के साथ कई ऑप्शन्स देखे। प्रोड्यूसर, राइटर और अमेजन प्राइम के साथ डिस्कशन के बाद एक्टर्स को नैरेशन दिया। सौभाग्य रहा कि जिनको चाहिए थे, सभी ने एक्साइटमेंट के साथ हां कहा। ‘तीन कौवे’ टाइटल का मतलब? अभी खुलासा नहीं कर सकती। ट्रेलर आने पर धीरे-धीरे पता चलेगा। टीजर में दिख रहे चेहरे जरूरी नहीं कि वही ‘तीन कौवे’ हों। शूटिंग के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियां क्या रहीं? पूरा साल शूटिंग में लगा। एक्टर्स की हेल्थ प्रॉब्लम्स, मार्च में बारिश, लद्दाख में तूफान- सबके बावजूद टीम ने पूरा सहयोग किया। इंडियन आर्मी की मदद से नेटवर्क बाधा दूर हुई। विजुअल ट्रीटमेंट और म्यूजिक में क्या खास किया गया? कहानी को सही ढंग से पेश करना प्राथमिकता थी। प्री-प्रोडक्शन में विजुअल, साउंड और म्यूजिक पर बारीकी से काम किया गया। एक्शन डायरेक्टर एजाज गुलाब और फ्रांस के मार्शल आर्ट एक्सपर्ट यानिक बेन की मदद से ‘हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट’ सीक्वेंस बनाए। साउंड और म्यूजिक का तालमेल कैसे रखा गया? अचिंत ठक्कर और पार्थ पारेख के साथ काम किया। एडिटिंग के दौरान हर सीक्वेंस का पेस और मूड सुनिश्चित किया गया। सीरीज में सस्पेंस बनाए रखने के लिए कोई खास तकनीक? कहानी तीन बार लिखी जाती है- राइटिंग, शूटिंग और एडिटिंग में। एडिटिंग के दौरान हर ट्विस्ट और टेंशन पर ध्यान दिया गया ताकि दर्शक अंत तक जुड़ा रहे। भारतीय स्पाई प्रोजेक्ट्स हॉलीवुड के स्केल तक पहुंच सकते हैं? हॉलीवुड की बड़ी फ्रेंचाइज के बजट से मुकाबला मुश्किल है, लेकिन हम कम बजट में भी क्वालिटी में पीछे नहीं हैं। ‘धुरंधर’, ‘पठान’, ‘वॉर’ जैसी फिल्में और ‘द फैमिली मैन’, ‘स्पेशल ऑप्स’ जैसी सीरीज इस बात का उदाहरण हैं। शूटिंग लोकेशन्स कौन-कौन सी थीं? सीरीज पूरी तरह भारत आधारित है। मुंबई, लद्दाख, गोवा, पुणे, वाई और महाबलेश्वर जैसी लोकेशन्स पर शूटिंग हुई।
बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से भी ऑफर

हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। सुमित भी म्यूजिक कंपोज करने के साथ-साथ सिंगिंग करते हैं। बैरण गाने को यूट्यूब पर अभी तक 67 मिलियन लोग देख चुके हैं। खास बात यह है कि यह गाना बिलबोर्ड इंडिया की लिस्ट में तीन हफ्तों से टॉप पर है। वीडियो में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई गई है। गाने के बोल हैं- “हो, मन्नै सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े। मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे। मन्नै आए जावै ख्याल तेरे, खाए जावै ख्याल तेरे। जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्नै।” अनुज और सुमित बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाना गाने का शौक है। 2019 में जब कोरोना लॉकडाउन लगा तो सिंगिंग में करियर बनाने की ठानी। अपना खुद का यूट्यूब चैनल बनाया। उन्होंने अभी तक 6 गाने रिलीज किए हैं। पहले पांच गाने हिट नहीं हुए। छठे गाने बैरण ने उन्हें बुलंदियों पर पहुंचा दिया। बिलबोर्ड पर गाना रैंक करने के बाद उन्हें मुंबई से कई बड़ी म्यूजिक कंपनियों से ऑफर आए। हालांकि उन्होंने अभी किसी को हां नहीं की। हरियाणा में मासूम शर्मा, केडी से लेकर पंजाबी सिंगर दिलप्रीत ढिल्लों ने भी उन्हें साथ काम करने का ऑफर दिया। पहले सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिक ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक पास की। सुमित भी गाना गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की अब जानिए कैसे शुरू हुई सिंगर बनने की कहानी…. कोविड में गाने की शुरुआत, हारमोनियम खरीदा अनुज ने बताया कि 2019 में कोविड आने के दौरान गाने की सही शुरुआत हुई। सुमित और मैंने मिलकर हारमोनियम और कंप्यूटर खरीदा। हालांकि, दोनों को हारमोनियम चलाना नहीं आता था। धीरे-धीरे यूट्यूब से सीखने की कोशिश की, लेकिन प्रॉपर तरीके से नहीं सीख पाए। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिसकम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठ गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। चंडीगढ़ में शूटिंग हुई, लेकिन पसंद नहीं आई अनुज ने बताया कि गाने का वीडियो चंडीगढ़ में शूट किया था, लेकिन पसंद नहीं आया और रिजेक्ट कर दिया। 23 जनवरी 2026 को ऑडियो सॉन्ग रिलीज किया। लोग इस गाने को पसंद करने लगे। उन्होंने सोचा कि इसके वीडियो में कुछ ऐसा करना है, जिसे लोग फील कर पाएं। इसलिए एनिमेटेड वीडियो लगाने का प्लान आया। 13 फरवरी 2026 को एनिमेटेड वीडियो रिलीज किया। 50 हजार में हुआ था गाना तैयार सुमित ने बताया कि अभी तक रिलीज सभी छह गानों में एक स्टोरी दिखाई गई है। उनका म्यूजिक एक सफर दिखाता है। बंजारा जाति में भी यह चीज कॉमन होती है और हमारी म्यूजिक में भी यह बात बड़ा थी, इसीलिए चैनल का नाम बंजारा रखा। 17 मार्च 2026 को बैरण गाना बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में आया। बैरन गाने का म्यूजिक पंचकूला में रोनी ने तैयार किया। 50 हजार में पूरा गाना तैयार हुआ। पहले पांच गाने नहीं चले, लेकिन छठे गाने ने दोनों भाइयों को बुलंदियों तक पहुंचा दिया। पंजाब और बॉलीवुड से भी ऑफर आए अनुज ने बताया कि बिलबोर्ड इंडिया की नंबर वन रैंकिंग में आने के बाद हरियाणा, पंजाब और बॉलीवुड से उन्हें लगातार ऑफर आ रहे हैं। उनकी मुंबई में एक बड़ी कंपनी के साथ भी बातचीत हुई, लेकिन वहां पर ठीक नहीं लगा और इसलिए काम नहीं किया। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा, केडी, अमित सैनी रोहतकिया की तरफ से भी साथ काम करने के लिए ऑफर आए। पंजाब से दिलप्रीत ढिल्लों की तरफ से भी ऑफर मिला। हरियाणा और पंजाब की इंडस्ट्री से काफी सपोर्ट भी मिल रहा है। लोग ताने मारते थे, कहते- इसमें कुछ नहीं रखा अनुज ने बताया कि कोरोना में लॉकडाउन के दौरान जब उन्होंने गाने बनाना शुरू किया, तो कुछ लोग उनसे कहते थे कि गानों में कुछ नहीं रखा है। माता-पिता को भी यही कहते थे कि बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाओ, क्योंकि गाने के क्षेत्र में सबको कामयाबी नहीं मिलती, लेकिन उन्हें माता-पिता
जिम करने वालों के लिए 1 टुकड़ा एनर्जी का तूफान, सुबह खाएं या रात में? जानिए तरबूज का गुणा गणित

Last Updated:April 07, 2026, 04:34 IST Watermelon Benefits : तपती गर्मियो में दोपहर के समय अगर कोई फल सबसे ज्यादा राहत देता है, तो उसका नाम तरबूज है. इसकी खेती बलिया में भी खूब की जाती है. यह लगभग 92% पानी से भरपूर एक ऐसा रसीला फल है, जो प्यास बुझाने के साथ शरीर को अंदर से ठंडक देता है. यह कई रोगों का रामबाण इलाज भी है. बलिया की चिकित्सक डॉ. वंदना तिवारी लोकल 18 से बताती हैं कि ऐसे लोग जो एक्सरसाइज या मेहनत भरा काम करते हैं, उनके लिए ये सबसे जरूरी फल है. कसरत के बाद तरबूज का सेवन करने से शरीर को जल्दी राहत और कम थकान की अनुभूति होती है. गर्मी में तरबूज का कोई जवाब नहीं है. बलिया के द्वाबा क्षेत्र में इसकी खेती खूब होती है. इसमें विटामिन A, C और पोटेशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें लाइकोपीन नाम का शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है. यह फल न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि पोषण के लिहाज से भी बेहद उपयोगी है. गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी हो जाता है और इसके लिए तरबूज बेहतरीन विकल्प है. तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है. इसमें फाइबर भी होता हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलता है. तरबूज दिल की सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें लाइकोपीन, सिट्रुलिन और पोटेशियम पाया जाता है, जो आपस में मिलकर ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं. इसके नियमित सेवन से हृदय संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं, जिससे शरीर लंबे समय तक निरोग रहेगा. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, ऐसे लोग जो एक्सरसाइज या मेहनत भरा काम करते हैं, उनके लिए तरबूज खासतौर पर बहुत उपयोगी है. इसमें सिट्रुलिन नामक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों के दर्द को कम करते हैं. कसरत के बाद तरबूज का सेवन करने से शरीर को जल्दी राहत और कम थकान की अनुभूति होती है. तरबूज त्वचा और बालों की खूबसूरती बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है. इसमें विटामिन C पाया जाता है, जो कोलेजन के निर्माण में मदद करता है. इससे त्वचा में अद्भुत निखार आता है. विटामिन A त्वचा को नमी भी देता है और बालों को मजबूत बनाता है. इससे शरीर प्राकृतिक रूप से सुंदर बनता है. तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करता है. यह विशेष तौर पर प्रोस्टेट और स्तन कैंसर के जोखिम को घटाने में बहुत उपयोगी साबित हो सकता है. तरबूज आंखों के लिए भी लाभकारी है और उम्र के साथ होने वाली समस्याओं से छुटकारा दिलाता है. तरबूज को सीधे या सलाद में शामिल कर खाया जा सकता हैं. इसका ताजा जूस भी लिया जा सकता हैं. हालांकि, इसे रात में खाने से बचना चाहिए, अगर बहुत ज्यादा मन करें, तो नमक के साथ खाएं. शुगर के मरीजों को भी इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. अगर आप किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं, तो बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह लिए इसका सेवन न करें. First Published : April 07, 2026, 04:34 IST
असम, केरल और पुडुचेरी में आज थमेगा चुनाव प्रचार:तमिलनाडु में नॉमिनेशन प्रक्रिया खत्म; लिएंडर पेस को X-कैटेगरी सुरक्षा, पिछले हफ्ते BJP में शामिल हुए

असम, केरल और पुडुचेरी में मंगलवार को चुनाव प्रचार थम जाएगा। इन दो राज्यों और एक केद्र शासित प्रदेश में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। इधर तमिलनाडु में सोमवार को नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरी हो गई। राज्य की 234 सीटों पर 7 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। नॉमिनेशन के आखिरी दिन AIADMK प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी, BJP के एल मुरुगन, तमिलिसाई सुंदरराजन और वनथी श्रीनिवासन समेत कई बड़े नेताओं ने नामांकन दाखिल किया। नॉमिनेशन की जांच 7 अप्रैल को होगी, जबकि 9 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होगा। इधर पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस को केंद्र सरकार ने ‘एक्स’ कैटेगरी सुरक्षा दी है। उनकी सुरक्षा में CISF के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। गृह मंत्रालय ने पेस की लोकप्रियता और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान पूरे राज्य में संभावित दौरों को देखते हुए यह फैसला लिया। पेस 31 मार्च को भाजपा में शामिल हुए थे। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
भोपाल में आसिफ रजा ने आशीष पांडे बनकर किया रेप:गर्भवती पीड़िता ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR, पुलिस ने शुरू की जांच

भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक छात्रा के साथ पहचान छिपाकर यौन शोषण का मामला सामने आया है। पीड़िता प्राइवेट यूनिवर्सिटी की छात्रा बताई जा रही है। उसने आरोप लगाया कि आसिफ रज़ा नामक युवक ने खुद को आशीष पांडे बताकर उससे दोस्ती की और बाद में प्रेम संबंध बनाकर करीब डेढ़ साल तक शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान युवक के दो अन्य दोस्त भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जब वह गर्भवती हुई तो आरोपियों ने उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। मना करने पर युवक ने अपनी असली पहचान उजागर की और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने लगा। पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार धमकाया गया। मामले की शिकायत पीड़िता ने लगभग एक माह पहले महिला थाने में दर्ज कराई थी। सोमवार को पीड़िता सामने आई। लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी आसिफ रज़ा बिहार का निवासी बताया जा रहा है। वह फिलहाल फरार है।
ग्वालियर में अपहरण कर नाबालिग से रेप:मुंह दबाकर 14 साल की लड़की को घर से उठा ले गया; एकांत में किया दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट

ग्वालियर में आधी रात एक बदमाश नाबालिग के घर में घुस गया। उसने नाबालिग का मुंह दबाकर उसका अपहरण किया और घर से दूर एकांत स्थान पर ले गया। जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ रेप किया। वारदात के बाद आरोपी उसे धमकी देकर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। यह घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ग्वालियर के पिछोर इलाके की है। पीड़ित नाबालिग ने महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला कायम कर लिया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पिछोर थाना पुलिस ने सोमवार रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ग्वालियर के पिछोर थाना क्षेत्र में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग अपने परिवार के साथ रहती है। शनिवार रात खाना खाकर वह सो गई थी। रात करीब दो बजे नींद खुलने पर वह बाथरूम जाने के लिए आंगन में गई। इसी दौरान उसके घर के पास रहने वाला अनिल, पिता सुंदर केवट, वहां दिखाई दिया। नाबालिग कुछ समझ पाती, उससे पहले ही आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और उसे उठाकर एकांत स्थान पर ले गया और उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। हत्या की धमकी देकर फरार हुआ बदमाश वारदात के बाद आरोपी ने नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को खत्म कर देगा। धमकी से डरी नाबालिग किसी तरह घर पहुंची और मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन उसे महिला थाने ले गए, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर केस डायरी पिछोर थाने भेजी, जहां कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। भागने से पहले पकड़ा गया आरोपी पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत ने बतया कि नाबालिग को अगवा कर रेप करने वाले आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
ग्वालियर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को रौंदा:2 दिन चले उपचार के बाद एक की मौत; हादसे के वक्त सैलरी लेकर लौट रहा था घर

ग्वालियर में दोस्तों के साथ सैलरी लेकर घर लौट रहे बाइक सवारों को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। घटना मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर पुलिया के पास शुक्रवार रात 9 बजे की है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया। जहां पर एक युवक ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि दो की हालत स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राइवेट जॉब करता था अंशु काल्पीब्रिज कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय अंशु राजे पिता महावीर राजौरिया प्राइवेट जॉब करता था। शुक्रवार शाम वह अपने दोस्तों पवन व सूरज के साथ जॉब से सैलरी लेने के बाद वापस आ रहा था, अभी वह त्यागी नगर पुलिया के पास पहुंचा ही था कि सामने से आ रही बलेनो कार (एमपी 04 सीयू 9284) के चालक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सवार अंशु, पवन व सूरज हवा में उछले और सड़क पर गिरे। जिससे अंशु को गंभीर चोट लगी और सूूरज व पवन को कुछ कम चोट आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए पहुंचा दिया। दो दिन लड़ी जिंदगी की जंग अंशु को बचाने के लिए 2 दिन डॉक्टरों की टीम लगी रही और दो दिन जिंदगी से जंग लड़ने के बाद सोमवार सुबह अंशु ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके शव को पीएम हाउस पहुंचा कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अभी पवन और सूरज का उपचार चल रहा है।
ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की समीक्षा बैठक:नहीं पहुंचे सांसद भरत सिंह कुशवाहा; सड़कों की हालत पर अधिकारियों को लगाई फटकार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सांसद भरत सिंह कुशवाहा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में सिंधिया ने करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और ग्वालियर को विकासशील नगर बनाने पर जोर दिया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विशेष रूप से ग्वालियर की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए एक बड़ी योजना है, जिसमें कुल 294 सड़कों को लाल, पीली और हरी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इन 294 सड़कों में से 109 सड़कें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में आती हैं। इनमें से लगभग 53 सड़कें (31 और 22) डिफेक्ट श्रेणी में थीं। यह आंकड़ा 3 अक्टूबर 2025 का था, जिसे अधिकारियों को जांचने के लिए दिया गया था। सिंधिया ने कहा कि 6 अप्रैल 2026 तक, यानी लगभग छह महीने बाद, 31 बदतर सड़कों में से 30 ठीक हो चुकी हैं, जबकि एक सड़क अभी बाकी है। सीवर लाइन डालने से क्षतिग्रस्त हुई 22 सड़कों में से 14 ठीक हो गई हैं और 8 अभी शेष हैं। कुल मिलाकर, 53 डिफेक्टेड सड़कों में से 44 ठीक हो चुकी हैं और केवल 9 सड़कें बची हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 294 सड़कों की योजना का पहला चरण है। ग्वालियर में सीवर लाइन बनी बड़ी समस्या आखिरी मुद्दा सीवर लाइन का रहा, जो ग्वालियर के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इस पर प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री ने निर्णय लिया है कि ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और कमिश्नर के साथ बैठक कर एक स्पष्ट नीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और सभी जनप्रतिनिधि ग्वालियर के विकास और प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शहर को आने वाले समय में विकासशील, प्रगतिशील और औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद भरत सिंह कुशवाहा के बैठक में शामिल न होने को लेकर रही, जिसे लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।






