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‘भूत बंगला’ के इवेंट में प्रियदर्शन-परेश रावल गिरते-गिरते बचे:अक्षय कुमार कहा- टीम के साथ ऐसे छोटे-मोटे हॉरर मोमेंट्स चलते रहते हैं

‘भूत बंगला’ के इवेंट में प्रियदर्शन-परेश रावल गिरते-गिरते बचे:अक्षय कुमार कहा- टीम के साथ ऐसे छोटे-मोटे हॉरर मोमेंट्स चलते रहते हैं

मुंबई में आज अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर लॉन्च इवेंट काफी चर्चा में रहा। इवेंट के दौरान एक छोटा सा हादसा होते-होते टल गया, जब फिल्म के डायरेक्टर प्रियदर्शन और अभिनेता परेश रावल स्टेज पर गिरते-गिरते बच गए। हालांकि मौके पर मौजूद टीम की सतर्कता से दोनों संभल गए और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस घटना ने कुछ पल के लिए माहौल को थोड़ा तनावपूर्ण बना दिया, लेकिन जल्द ही सब सामान्य हो गया। अक्षय कुमार ने माहौल हल्का करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी टीम के साथ ऐसे छोटे-मोटे ‘हॉरर मोमेंट्स’ तो चलते रहते हैं। इसी बीच इवेंट में अक्षय कुमार ने अपने को-स्टार राजपाल यादव को लेकर भी मजेदार टिप्पणी की। उन्होंने हंसते हुए कहा, “राजपाल को देखते ही अपने आप हंसी आ जाती है, कुछ करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।” अक्षय की इस बात पर पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। ‘भूत बंगला’ एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें अक्षय कुमार के साथ परेश रावल और राजपाल यादव की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को हंसाने और डराने के लिए तैयार है। ट्रेलर में भी डर और कॉमेडी का अनोखा मिश्रण देखने को मिला, जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। डायरेक्टर प्रियदर्शन ने बताया कि फिल्म में पुरानी हॉरर फिल्मों की झलक के साथ नई कहानी और ताजगी देखने को मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म दर्शकों को एंटरटेन करने में सफल रहेगी। कुल मिलाकर, ट्रेलर लॉन्च इवेंट में जहां एक तरफ हल्की अफरा-तफरी देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर कलाकारों की मस्ती और केमिस्ट्री ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। अब दर्शकों को फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार है।

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस- 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा:6 साल पहले पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी, लॉकडाउन में दुकान खुली रखी थी

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस- 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा:6 साल पहले पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी, लॉकडाउन में दुकान खुली रखी थी

तमिलनाडु के मदुरै कोर्ट ने तूतीकोरिन के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह मामला 2020 में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत से जुड़ा है। दरअसल, 19 जून 2020 को पुलिस ने व्यापारी पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स को लॉकडाउन के दौरान दुकान खुली रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जहां कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस स्टेशन में रातभर दोनों के साथ मारपीट की गई। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और खून बहने के संकेत मिले थे। मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच राज्य की सीबी-सीआईडी से लेकर CBI को सौंपी गई। CBI ने 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य कॉन्स्टेबल शामिल थे। एजेंसी ने सभी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने बताया कि पिता-पुत्र को रातभर पीटा गया था। पुलिस स्टेशन में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे। यह गवाही मामले में अहम साबित हुई। जांच में यह भी सामने आया कि सथानकुलम थाने का CCTV फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया। रिकॉर्डिंग रोजाना अपने आप डिलीट हो जाती थी, जिससे महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल पाए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस- 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा:कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया; 6 साल पहले पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस- 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा:कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया; 6 साल पहले पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी

तमिलनाडु के मदुरै सेशन कोर्ट ने सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताया। यह मामला 2020 में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत से जुड़ा है। छह साल तक सुनवाई चली। फर्स्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जी. मुथुकुमारन ने CBI की दलील को माना कि हिरासत में दोनों को योजनाबद्ध तरह से टॉर्चर किया गया। इसलिए अधिकतम सजा दी गई। दरअसल,19 जून 2020 को पुलिस ने व्यापारी पी. जयराज (59) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) को हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान दुकान खुली रखी थी। दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जहां कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों के साथ थाने में रातभर मारपीट की गई। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और खून बहने के निशान थे। CBI जांच में हिरासत में पिटाई की पुष्टि हुई मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच राज्य की CB-CID से लेकर CBI को सौंपी गई। एजेंसी ने एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने बयान दिया कि पिता-पुत्र को पूरी रात पीटा गया था। थाने में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे। यह गवाही मामले में अहम सबूत बनी। जांच में यह भी सामने आया कि सथानकुलम थाने का CCTV फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया। रिकॉर्डिंग रोजाना अपने आप डिलीट हो जाती थी, जिससे महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल पाए। इन 9 पुलिसकर्मियों को सजा दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, हेड कॉन्स्टेबल एस. मुरुगन और ए. समदुरई है। साथ ही कॉन्स्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु शामिल हैं। मामले में 10वें आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई की ट्रायल के दौरान कोविड से मौत हो गई थी। ———- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत में मौतें बर्दाश्त नहीं:दैनिक भास्कर की खबर पर केंद्र-राज्य को नोटिस; थानों में CCTV पर 16 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें सिस्टम पर धब्बा है और अब देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र की ओर से थानों में CCTV को लेकर मांगी गई रिपोर्ट न सौंपने पर नाराजगी जताई। पूरी खबर पढ़ें…

सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना

सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना

सीधी जिला मुख्यालय के सम्राट चौक पर सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने जनहित के मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल और जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई। रसोई गैस की किल्लत और बिजली बिल पर विरोध इस दौरान पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि बाजार में खाद्यान्न होने के बावजूद रसोई गैस की कमी से आम जनता और छोटे व्यापारी परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने बिजली बिलों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई को सरकार की विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के कारण आमजन का बजट बिगड़ गया है। गेहूं खरीदी में देरी से बिचौलियों को लाभ धरने के दौरान किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने कहा कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होने से किसान अपनी उपज बिचौलियों को कम दामों पर बेचने को मजबूर हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम दिलाने के लिए तत्काल सरकारी खरीदी केंद्र सक्रिय किए जाएं। भारी पुलिस बल तैनात रहा सम्राट चौक पर दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आगामी दिनों में आंदोलन उग्र किया जाएगा।

गर्मी में कौन सी रोटी खाएं जिससे पेट रहे हल्का ? जानिए 6 आटों की हेल्दी रोटियां जो दूर करेंगी गैस और कब्ज की समस्या

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Best Roti For Summer: गर्मियों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा असर हमारे पेट पर दिखता है. कभी भारीपन, कभी गैस, तो कभी कब्ज जैसी परेशानी अचानक बढ़ने लगती है. इसकी बड़ी वजह होती है शरीर में पानी की कमी और वही पुराना भारी खाना. ऐसे में अगर आप अपनी रोज की रोटी में थोड़ा सा बदलाव कर लें, तो काफी फर्क महसूस कर सकते हैं. आमतौर पर हम गेहूं की रोटी खाते हैं, लेकिन गर्मियों में कुछ ऐसे आटे भी हैं जो शरीर को ठंडक देते हैं और पेट को हल्का रखते हैं. ये आटे फाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है और पेट साफ रहता है. अच्छी बात ये है कि इन आटों की रोटियां स्वाद में भी अच्छी लगती हैं और इन्हें आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है, अगर आप भी गर्मी में हेल्दी रहना चाहते हैं और पेट की दिक्कतों से दूर रहना चाहते हैं, तो इन खास आटों की रोटियां जरूर ट्राय करें. गर्मियों में क्यों जरूरी है सही आटे का चुनावगर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिससे पाचन धीमा हो जाता है. ऐसे में अगर आप ज्यादा भारी या कम फाइबर वाला खाना खाते हैं, तो कब्ज की समस्या बढ़ जाती है. इसलिए हल्का, ठंडा और फाइबर वाला आटा चुनना जरूरी हो जाता है. 1. जौ का आटाजौ का आटा गर्मियों के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है और इसमें भरपूर फाइबर होता है. ये मल को नरम करता है और कब्ज को कम करने में मदद करता है. आप इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी बना सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. ज्वार का आटाज्वार ग्लूटेन-फ्री होता है और पेट के लिए काफी हल्का होता है. इसे खाने से पेट में ठंडक बनी रहती है और गैस या एसिडिटी जैसी परेशानी कम होती है. गर्मियों में ये एक बढ़िया ऑप्शन है. 3. चने का आटा (सत्तू)सत्तू गर्मियों का सुपरफूड माना जाता है. ये प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है. इसकी रोटी खाने से पेट साफ रहता है और शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है. साथ ही ये शरीर को ठंडा भी रखता है. 4. रागी का आटारागी को अक्सर सर्दियों से जोड़ा जाता है, लेकिन अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए तो ये गर्मियों में भी फायदेमंद है. इसमें फाइबर और कैल्शियम ज्यादा होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत देता है. 5. ओट्स का आटाओट्स आजकल हर घर में इस्तेमाल होने लगा है. इसमें खास तरह का फाइबर होता है जो पेट की सफाई में मदद करता है. सुबह के नाश्ते में ओट्स की रोटी खाना अच्छा विकल्प हो सकता है. 6. सिंघाड़े का आटासिंघाड़े का आटा पानी में उगने वाली फसल से बनता है, इसलिए इसकी तासीर ठंडी होती है. इसे खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पेट हल्का रहता है. कैसे करें इन आटों का इस्तेमालइन सभी आटों को आप सीधे या गेहूं के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. शुरुआत में मिक्स करके खाना आसान रहता है. धीरे-धीरे आप अपनी पसंद के हिसाब से बदलाव कर सकते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

जिलाध्यक्ष बोले- कई राज्यों में भाजपा सरकार:पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं का सम्मापन; कार्यालय पर झंडा फहराया

जिलाध्यक्ष बोले- कई राज्यों में भाजपा सरकार:पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं का सम्मापन; कार्यालय पर झंडा फहराया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 47वां स्थापना दिवस सोमवार को रायसेन स्थित जिला कार्यालय में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने कार्यालय भवन पर सम्मानपूर्वक पार्टी का ध्वज फहराया। इसके बाद एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं को संबोधित किया गया। अपने संबोधन में श्री शर्मा ने कहा कि हम विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का स्थापना दिवस मना रहे हैं, जो हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पार्टी के शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि एक समय था जब भाजपा के केवल दो सांसद हुआ करते थे, और आज देश के कई राज्यों में हमारी सरकार है, साथ ही केंद्र में भी हमारी सरकार है। लाखों कार्यकर्ता संगठन से जुड़कर कार्य कर रहे हैं। श्री शर्मा ने जनसंघ के समय से पार्टी को खड़ा करने में योगदान देने वाले नेताओं को याद किया और कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया, साथ ही भाजपा के प्राचीन इतिहास से लेकर वर्तमान तक का विस्तृत हवाला दिया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनसंघ के समय के वरिष्ठ नेताओं को भाजपा जिलाध्यक्ष श्री शर्मा ने मंच पर शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर वरिष्ठ नेता प्रसन्न दिखाई दिए। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लाइव प्रसारण के माध्यम से सुना गया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, आदित्य शर्मा, जीतू ठाकुर, मीडिया प्रभारी सीएल गौर सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Summer Fruit Benefits: गर्मी में तुरंत ताजगी और हेल्थ का बूस्टर! जानें ये 5 फल जो शरीर को ठंडक और पोषण देंगे

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Last Updated:April 06, 2026, 18:03 IST गर्मियों का मौसम ताजगी और स्वाद से भरे फलों का समय है. ये फल न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि शरीर को ठंडक, ऊर्जा और पोषण भी प्रदान करते हैं. आइए जानते हैं पांच ऐसे फल जो गर्मियों में जल्दी आनंद और स्वास्थ्य दोनों देते हैं लीची, अनानास, चेरी, आलूबुखारा और जामुन. गर्मी के मौसम में ताजे और स्वादिष्ट फल आते हैं, जो न सिर्फ स्वाद में अच्छे हैं बल्कि शरीर को ठंडक और जरूरी पोषण भी देते हैं. कुछ फल सीमित समय के लिए ही मिलते हैं, इसलिए इन्हें समय रहते खाया जाना चाहिए. ये फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं और गर्मी से होने वाली परेशानियों से बचाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे पांच फल जो जल्दी आनंद दे जाते हैं. लीची: गर्मियों का पसंदीदा फल, छोटा, मीठा और रसीला. इसमें भरपूर विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. लीची शरीर को हाइड्रेट रखती है, पाचन सुधारती है और गर्मी में ठंडक व थकान कम करती है. अनानास: खट्टा-मीठा स्वाद वाला यह फल बाहर से सख्त, अंदर से रसदार और फायदेमंद है. इसमें ब्रोमेलिन एंजाइम होता है, जो पाचन में मदद करता है और पेट की समस्याएं कम करता है. अनानास में सूजन कम करने वाले गुण भी हैं. इसे सीधे खाया जा सकता है या सलाद में मिलाकर ताजा और चटपटा स्वाद लिया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google चेरी: छोटे लाल और आकर्षक फल, स्वाद में बेहद लाजवाब. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, ये शरीर को बीमारियों से बचाते हैं और सूजन कम करते हैं. चेरी खाने से नींद भी अच्छी आती है, इसलिए इसे स्नैक के रूप में लेना हेल्दी विकल्प है. आलूबुखारा: खट्टा-मीठा और रसदार फल, जिसे कई जगह बेर भी कहते हैं. यह पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर होता है, पाचन को मजबूत बनाता है और कब्ज दूर करता है. आलूबुखारा त्वचा के लिए भी फायदेमंद है और चेहरे पर निखार लाने में मदद करता है. इसकी प्राकृतिक मिठास इसे हेल्दी डाइट का बेहतरीन हिस्सा बनाती है. जामुन: गहरे बैंगनी और खट्टा-मीठा स्वाद वाला यह फल गर्मियों में मिलता है. जामुन ब्लड शुगर नियंत्रित करता है, पाचन मजबूत बनाता है और शरीर को ठंडक देता है. यह गर्मी से राहत देता है और स्वाद के साथ बचपन की यादें भी ताजा करता है. First Published : April 06, 2026, 18:03 IST

असम में कांग्रेस पार्टी वापसी या बीजेपी फिर से मारेगी बाजी? जानिए क्या है ओपिनियन पोल

असम में कांग्रेस पार्टी वापसी या बीजेपी फिर से मारेगी बाजी? जानिए क्या है ओपिनियन पोल

असम विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव मैट्रिज़ ओपिनियन पोल 2026) बीजेपी के लिए लेकर आएं फाइनल ओपिनियन पोल से लेकर गुड न्यूज तक। असम में बीजेपी+ को इस विधानसभा चुनाव में 92-102 सीटें मिल सकती हैं. मैट्रिज (मैट्रिज) और चाणक्य (चाणक्य) के सर्वेक्षण के अनुसार असम में आने वाले चुनाव में बीजेपी-नेतृत्व वाला गठबंधन (बीजेपी+) की स्थिति मजबूत है और उनकी सत्ता में आने या सत्ता बनाए रखने की संभावना ज्यादा दिख रही है। दोनों स्टूडियो सर्वे हैं कि वोट शेयर और दोनों पार्टियाँ बीजेपी गठबंधन में आगे हैं। कांग्रेस गठबंधन पीछे है, जबकि छोटे बौद्ध धर्म का असर बहुत कम रहने की उम्मीद है। वोट शेयर में बढ़त (मैट्रिज)बीजेपी+: 46%कांग्रेस+: 36%अन्य: 18% मैट्रिज सर्वे के मुताबिक बीजेपी गठबंधन को ज्यादातर लोगों का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस गठबंधन भी गठबंधन में है, लेकिन वह पीछे है. बाकी छोटे स्कूली बच्चों का वोट कम है। क्वेश्चन का अनुमान (मैट्रिज़)बीजेपी+: 92-102 बीजेपीकांग्रेस+: 22-32 विधानसभाअन्य: 4-7 लाभ पोर्टफोलियो के अनुमान में गठबंधन एलायंस को साफा इंवेस्टमेंट दिख रही है। यह बहुमत के दस्तावेज़ पास या ऊपर जा सकते हैं। कांग्रेस गठबंधन की भूमिका में बने रहेंगे. अन्य दल बहुत कम प्रतियोगी जीत सकते हैं। चाणक का सर्वे सीट अनुमानबीजेपी+: 83-90 बढ़तकांग्रेस+: 30-36 प्रतिशतअन्य: 3-6 पौधे अन्य चाणक के सर्वे में भी बीजेपी गठबंधन आगे दिख रहा है. कांग्रेस गठबंधन में कुछ भी शामिल होना जरूरी है, लेकिन सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि चुनाव के नतीजों में पिछले समय के बदलाव और स्थानीय धार्मिक बदलाव भी हो सकते हैं, लेकिन नतीजों के सर्वे से पता चलता है कि मुकाबले में बीजेपी के पक्ष में गिरावट आई है। असम में मोदी ने की आज की रैली असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में एक किशोर लड़की को पेश किया। इस दौरान उन्होंने नामांकन पर हमला बोल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिब्रूगढ़ में भारी भीड़ और लोगों का उत्साह कई बार देखने को मिलता है, लेकिन इस बार जो जोश और उत्साह देखने को मिलता है, वह अप्रिय है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जनसमर्थन के लिए चिंता का विषय है। पहले कांग्रेस से ही हैरान-परेशान है और वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की तस्वीरें और पोस्ट कर मांगें. (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)ओपिनियन पोल

ओपिनियन पोल 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए खतरे की आशंका, जानें असम में हिमंता का हाल, सर्वे में किसे देखें

ओपिनियन पोल 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए खतरे की आशंका, जानें असम में हिमंता का हाल, सर्वे में किसे देखें

विधानसभा चुनाव ओपिनियन पोल 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (पश्चिम बंगाल चुनाव ओपिनियन पोल 2026) को लेकर साझीम के आओ ओपिनियन पोल (ओपिनियन पोल 2026) राज्य की पारंपरिक शास्त्रीय कांग्रेस को बड़ा झटका लग रहा है। बंगाल ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी को 130 से 150 फीसदी मिल सकती है तो वहीं दूसरी तरफ एनबीए को 140 से 160 फीसदी बढ़त मिल सकती है. 294 विधानसभा वाली को लेकर ये मैट्रिज़ ओपीनियन पोलकैंट का मुकाबला बता रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)मैट्रिज(टी)मैट्रिज ओपिनियन पोल(टी)असम इलेक्शन 2026(टी)असम ओपिनियन पोल 2026(टी)असम इलेक्शन ओपिनियन पोल 2026(टी)असम इलेक्शन ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)एआईयूडीएफ(टी)एबीपी ओपिनियन पोल(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026

महिला से घर में घुसकर बदसलूकी, पति पर हमला:तीन दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं, एसपी से शिकायत

महिला से घर में घुसकर बदसलूकी, पति पर हमला:तीन दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं, एसपी से शिकायत

झाबुआ के थांदला थाना क्षेत्र के वडलीपाड़ा गांव में एक महिला से घर में घुसकर बदसलूकी और उसके पति पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परेशान होकर सोमवार को महिला दीतू बाई अपने पति मुकेश और परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसपी डॉ. शिवदयाल से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने बताया कि घटना 3 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे की है। वह अपने घर पर अकेली थीं। गांव का निवासी कानू पिता रुमाल भूरिया जबरन घर में घुस आया हाथ पकड़ लिया। जब महिला ने शोर मचाया, तो आरोपी ने मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता ने तत्काल थांदला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कानू के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(a), 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज कराकर लौटते समय उसी रात आरोपी कानू ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता के पति मुकेश और भतीजे सुभाष पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दूसरे हमले के संबंध में भी थांदला पुलिस ने 4 अप्रैल को आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 296(a), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत एक और मामला दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके पति और भतीजे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार दहशत में है। एसपी डॉ. शिवदयाल ने पीड़िता को उचित वैधानिक कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।