पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का निधन:इंग्लैंड में आया हार्ट अटैक, जालंधर के रहने वाले; ढोला वे ढोला गीत से मिली थी पहचान

जालंधर के दोसांझ कलां के रहने वाले और पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। ढोला वे ढोला गीत से फेम दीपा इन दिनों इंग्लैंड के लीसेस्टर में रहे थे। मशहूर पंजाबी सिंगर और कंपोजर सुखशिंदर शिंदा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर गायक दीपा दोसांझ के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पोस्ट शेयर कर लिखा, आज पंजाबी संगीत जगत ने एक सच्चा रत्न खो दिया। दीपा दोसांझ पंजाबी संगीत जगत और यूके भांगड़ा इंडस्ट्री से जुड़े थे। 90 के दशक के सुपरहिट सिंगर रहे हैं। दीपा ने ढोला वे ढोला जैसे सदाबहार गीतों के जरिए घर-घर में पहचान बनाई थी। जानकारी के अनुसार दीपा दोसांझ का निधन अचानक हेल्थ बिगड़ने के कारण हुआ। सोशल मीडिया और संगीत हलकों में उनके निधन का कारण दिल का दौरा बताया जा रहा है। हालांकि परिवार की ओर से अभी कारण की पुष्टि नहीं की गई है। उनके अचानक निधन से न केवल उनके फैंस बल्कि पूरा पंजाबी कलाकार भाईचारा सदमे में है। जालंधर के दोसांझ कलां से था गहरा नाता दीपा दोसांझ मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले के मशहूर गांव दोसांझ कलां से ताल्लुक रखते थे। हालांकि वे लंबे समय से ब्रिटेन में बस गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी गायकी में हमेशा पंजाब की मिट्टी की महक को जिंदा रखा। गौरतलब है कि इसी गांव से मशहूर ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ भी आते हैं। दीपा ने दिलजीत से पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोसांझ नाम को बड़ी पहचान दिला दी थी। 90 के दशक के अंत में संगीत की दुनिया में आए दीपा दोसांझ को उनके हाई-पिच गायन और पारंपरिक बोलियों के लिए जाना जाता था। उन्होंने 90 के दशक के अंत में संगीत की दुनिया में कदम रखा और ढोला वे ढोला एल्बम से रातों-रात स्टार बन गए। उनके नसीबा, जी करदा, वधाइयां और दीपा बोलियां जैसे गाने आज भी शादियों और पार्टियों की जान हैं। उन्होंने बड़े म्यूजिक प्रोड्यूसर्स के साथ मिलकर यूके भांगड़ा सीन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता दीपा के निधन की खबर फैलते ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर प्रशंसकों और साथी कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है। प्रशंसकों का कहना है कि दीपा दोसांझ की आवाज ने एक पूरे दौर को नई पहचान दी थी और उनके जाने से पंजाबी लोक संगीत के एक युग का अंत हो गया है।
इस मौसमी फल के बीजों को न समझें बेकार, कई बीमारियों का डटकर करता है सामना! गर्मी में बेहद फायदेमंद

Last Updated:April 06, 2026, 16:56 IST Health Tips: आज भी लोग कई सारी बीमारियों में आयुर्वेदिक औषधीयों पर भरोसा करते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है. ऐसी ही एक औषधि है खरबूजे का फल और बीज, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. इसमें बहुत सारे पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं, जिसके इस्तेमाल से शरीर के कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल दिए हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है. उन्हीं में से एक है खरबूजा, जो गर्मियों क़े दिनों मे अधिक पाया जाता है. लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन अक्सर इसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं. जबकि आयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे का गूदा ही नहीं, इसके बीज भी शरीर के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. खरबूजे का पारंपरिक रूप से उपयोग कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने व शरीर को स्वस्थ रखने के अलावा यह कई कभी बीमारियों से बचाता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि खरबूजा एक ऐसा फल है, जो गर्मियों के दिनों में पाया जाता है. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसका फल ही नहीं, इसके बीज भी हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-ए, सी, पोटैशियम, फोलेट और आहार फाइबर होता है. खरबूजे के बीज में प्रोटीन, वसा, खनिज, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक, आयरन और विटामिन-ए, सी, ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. पेशाब अगर रुक-रुक कर आती है, वहां पर खरबूजे के फल का सेवन करना चाहिए. इससे मूत्र संस्थान की सारी समस्याओं का निवारण होता है. खरबूजे की बीज में मिश्री और काली मिर्च मिलाकर खिलाने से पेशाब की वृद्धि होती है और मूत्र विकार का खत्म होते हैं. इसके बीज को पीसकर, दूध में मिलाकर पीने से मूत्रनली की जलन शांत होती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन की समस्या में फायदेमंद: खरबूजे के बीजों और फल के छिलकों को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग, झांई आदि मिट जाते हैं. यह प्रयोग चेहरे को कोमल बनाता है और चेहरे पर चमक लाता है. किडनी स्टोन में फायदेमंद: गूर्दे में दर्द होने का मुख्य कारण है पथरी का होना. खरबूज में पथरी को गलाने की शक्ति होती है. खरबूज के 5-10 ग्राम बीजों को पीसकर पानी में मिलाकर सेवन करने से गुर्दे के दर्द में आराम मिलता है. इससे पथरी भी गलकर निकल जाती है. लू की समस्या में फायदेमंद: गर्मियों में अक्सर लू लगने की समस्या होती है. लू लगने पर खरबूज के बीजों को पीसकर सिर पर और सारे शरीर पर लगाएं. इससे लू के कारण होने वाली जलन, दर्द और बुखार आदि समस्याएं ठीक होती हैं और शरीर में ठंडक मिलती है. पेट की समस्या में फायदेमंद: अक्सर छोटे बच्चों का पेट फूल जाता है और दर्द करने लगता है. बच्चा बहुत रोता है. ऐसे में समझ नहीं आता कि बच्चा क्यों रो रहा है. ऐसी हालत में खरबूजे के बीज को पीसकर गुनगुना करके बच्चे के पेट पर लेप करने से पेट की गैस निकल जाती है और दर्द में आराम मिलता है. पेशाब की समस्या में फायदेमंद: पेशाब अगर रुक-रुक कर आती है, वहां पर खरबूजे के फल का सेवन करना चाहिए. इससे मूत्र संस्थान की सारी समस्याओं का निवारण होता है. खरबूजे के बीज में मिश्री और काली मिर्च मिलाकर खिलाने से पेशाब की वृद्धि होती है और मूत्र विकार का खत्म होते हैं. इसके बीज को पीसकर, दूध में मिलाकर पीने से मूत्रनली की जलन शांत होती है. First Published : April 06, 2026, 16:56 IST
भिंड में बारिश-ओलावृष्टि का कहर, बिजली के खंभे टूटे:कांग्रेस ने मुआवजा और सर्वे की उठाई मांग, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

भिंड जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गोहद, मौ, रौन, अटेर, मिहोना, लहार सहित भिंड के कई इलाकों में तैयार खड़ी गेहूं की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसको लेकर जिला कांग्रेस कमेटी भिंड शहर ने जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। ज्ञापन में बताया गया कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उत्पादन में भारी गिरावट आई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि फसलों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। कई जगह बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त इसके अलावा तेज आंधी-बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित है। कांग्रेस ने इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में मालनपुर स्थित वन स्टॉप सेंटर में एक नाबालिग बालिका के साथ मारपीट कर उसे बाथरूम में बंद करने की घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, प्राकृतिक आपदा के चलते कई स्थानों पर मकान गिरने से जनहानि हुई है और लोग घायल हुए हैं। कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों और घायलों को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राधेश्याम शर्मा, वरिष्ठ नेता रामहर्ष सिंह कुशवाह, नगर कांग्रेस अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी, समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीधी में 6000 वर्गमीटर में भाजपा का हाईटेक भवन:डेढ़ करोड़ की लागत से बनेगा, सांसद-विधायक ने किया भूमिपूजन

सीधी शहर में भारतीय जनता पार्टी के नए जिला कार्यालय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सोमवार को भारत होटल के पास स्थित शासकीय जमीन पर विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ, जिसमें जिले और प्रदेश स्तर के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। भूमिपूजन कार्यक्रम में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, सीधी विधायक रीती पाठक, धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक और भाजपा जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान प्रमुख रूप से मौजूद थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने एक साथ प्रदेश के 18 जिलों में भाजपा कार्यालयों के भूमिपूजन कार्यक्रमों में सहभागिता की, जिसमें सीधी जिला भी शामिल था। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि द्विवेदी ने बताया कि सीधी में बनने वाला यह कार्यालय लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। यह भवन करीब 6000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। प्रस्तावित भवन में एक विशाल मीटिंग हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, डिजिटल सुविधाएं, कंप्यूटर कक्ष और कार्यकर्ताओं के लिए व्यवस्थित बैठने की जगह शामिल होगी। इसमें छोटे गेस्ट रूम भी बनेगा। कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का केंद्र भी बनेगा। भवन का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने शपथ ली:शरद पवार व्हीलचेयर पर पहुंचे; 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) प्रमुख शरद पवार समेत 19 नए और दोबारा चुने गए राज्यसभा सदस्यों ने सोमवार को शपथ ली। शरद पवार व्हीलचेयर पर शपथ लेने के लिए संसद पहुंचे। शपथ लेने वालों में 5 महाराष्ट्र, 3 ओडिशा, 6 तमिलनाडु और 5 पश्चिम बंगाल के सदस्य है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में सभी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। दरअसल, 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटें 2 अप्रैल को खाली हुई थीं। इन सीटों के 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, जबकि बाकी 11 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग हुई। शपथग्रहण की दो तस्वीरें… इन सदस्यों ने शपथ ली… 16 अप्रैल से राज्यसभा का विशेष सत्र सांदसों के शपथ ग्रहण का आयोजन ऐसे समय हुआ, जब संसद का सत्र नहीं चल रहा है। हालांकि इस मौके पर उप सभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू भी मौजूद थे। किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सभी दलों से साथ आने की अपील की। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से बुलाया जाएगा। 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50% की बढ़ोतरी के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (करीब एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। उसी दौरान इस बिल को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया। किरेन रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस और कुछ अन्य दल अभी आगे नहीं आए हैं, लेकिन उनसे विरोध की उम्मीद नहीं है। 16 मार्च: राज्यसभा चुनाव में NDA ने 11 में 9 सीटें जीतीं, 26 सांसद निर्विरोध चुने गए थे हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुआ था। इनमें 9 सीटों पर NDA कैंडिडेट्स या NDA समर्थित कैंडिडेट्स ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। राज्यवार सीटों की बात करें तो बिहार की सभी पांचों सीटों पर NDA प्रत्याशी विजयी रहे। ओडिशा की 4 सीटों में से 3 NDA और 1 बीजद उम्मीदवार ने जीती। हरियाणा की दो सीटों में से एक पर भाजपा और एक पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव:इनमें 25 सीटें विपक्ष, एनडीए की 12; पवार, सिंघवी का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। जो सीटें खाली हो रही हैं उनमें 12 एनडीए के पास हैं, 25 पर विपक्ष का कब्जा है। पूरी खबर पढ़ें…
45 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बढ़ता है लिवर फैट? डॉक्टर ने बताई असली वजह और बचाव के तरीके

Last Updated:April 06, 2026, 15:42 IST Menopause and Fatty Liver: महिलाओं में 45 की उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव होने लगता है, जिसके कारण लिवर में फैट तेजी से बढ़ने लगता है. एस्ट्रोजन का स्तर घटने से फैट पेट और आंतरिक अंगों के आसपास जमा होता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है. समय पर जागरुकता से इस समस्या से बचा जा सकता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं में फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है. Fatty Liver Risk in Women: हमारे शरीर में उम्र के अनुसार बदलाव होते रहते हैं. 45 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में बेहद तेजी से बदलाव होने लगते हैं, जिनका असर सिर्फ हार्मोन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है. खासकर मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे शरीर में फैट के जमाव का पैटर्न बदल जाता है. यही कारण है कि इस उम्र के बाद कई महिलाओं में लिवर फैट तेजी से बढ़ने लगता है, जो गंभीर समस्या पैदा कर सकता है. चेन्नई की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कनगा लक्ष्मी ने HT को बताया कि मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर घटने से शरीर में फैट का वितरण प्रभावित होता है. पहले जो फैट शरीर के बाहरी हिस्सों जैसे हिप्स और जांघों में जमा होता था, वह अब पेट और आंतरिक अंगों के आसपास जमा होने लगता है. यह विसरल फैट ज्यादा खतरनाक होता है और लिवर पर सीधा असर डालता है. इसी बदलाव के कारण महिलाओं में फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है. हार्मोनल बदलाव के साथ शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ने लगता है. जब शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, तो ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित हो जाता है. इससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और एक्स्ट्रा फैट लिवर में जमा होने लगता है, जिससे फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर के अनुसार फैटी लिवर की समस्या शुरुआती स्टेज में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती है. कई महिलाओं का वजन सामान्य रहता है, इसलिए वे इसे गंभीरता से नहीं लेतीं. हालांकि अंदरूनी फैट धीरे-धीरे लिवर में जमा होता रहता है, जिससे समय पर इसका पता नहीं चल पाता और बाद में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है. दरअसल मेनोपॉज से पहले एस्ट्रोजन महिलाओं को एक तरह का सुरक्षा कवच देता है, जिससे वे मेटाबॉलिक बीमारियों से कुछ हद तक सुरक्षित रहती हैं. मेनोपॉज के बाद यह सुरक्षा खत्म हो जाती है. इसके बाद महिलाओं में न केवल फैटी लिवर बल्कि दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. कुछ मामलों में यह जोखिम पुरुषों से भी ज्यादा हो सकता है. फैटी लिवर के लक्षण साफ नहीं होते, लेकिन कुछ संकेत इस ओर इशारा कर सकते हैं. जैसे बिना ज्यादा वजन बढ़े पेट का घेरा बढ़ना, लगातार थकान रहना, लिवर एंजाइम्स का बढ़ना या पहले से PCOS, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होना. ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर में मेटाबॉलिक असंतुलन बढ़ रहा है. इस समस्या से बचने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार बेहद जरूरी है. संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार लेना, नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एरोबिक एक्सरसाइज करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना काफी मददगार साबित होता है. इसके साथ ही समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना भी जरूरी है, ताकि समस्या को शुरुआती स्टेज में ही पकड़ा जा सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 15:42 IST
Health Tips: अनिद्रा और माइग्रेन से परेशान? रात को दूध में ये चीज मिलाकर पिएं, मिलेगी गहरी और सुकून भरी नींद

Last Updated:April 06, 2026, 15:34 IST Health Tips: अनिद्रा और माइग्रेन जैसी समस्याएं आजकल आम हो गई हैं, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। ऐसे में एक आसान घरेलू उपाय काफी फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में जायफल मिलाकर पीने से नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और माइग्रेन में भी राहत मिल सकती है। जायफल में मौजूद प्राकृतिक गुण तनाव को कम करने और दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से शरीर को आराम मिलता है और नींद गहरी आती है. अनिद्रा और माइग्रेन की समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है. इसके लिए हल्दी वाला दूध बहुत फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर महेश कुमार ने बताया कि यह घरेलू उपाय बहुत कारगर होता है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला तत्व बताया गया है. दूध के साथ इसका सेवन करने से शरीर को अंदर से पोषण मिलता है और मानसिक तनाव भी कम होता है, जिससे नींद बेहतर होती है. माइग्रेन और अनिद्रा के रोगियों के लिए हल्दी वाला दूध विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व सूजन को कम करता है और सिरदर्द में राहत देता है. रोजाना सोने से पहले गुनगुना हल्दी दूध पीने से दिमाग शांत होता है, जिससे गहरी और सुकून भरी नींद आने में मदद मिलती है. यह आदत लंबे समय में नींद की कमी की समस्या को भी सुधार सकती है. इसके अलावा यह पाचन तंत्र की समस्याओं जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद साबित होता है. हल्दी पाचन क्रिया को सुधारती है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करती है. यदि दूध में थोड़ी सी मिश्री या शहद मिलाकर पिया जाए तो इसका स्वाद भी बढ़ जाता है और पेट से जुड़ी परेशानियों में जल्दी राहत मिलती है. इसके नियमित सेवन से पेट साफ रहने लगता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया कि हल्दी वाला दूध केवल बड़ों के लिए ही नहीं बल्कि बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने में भी कारगर औषधि है. बदलते मौसम में बच्चों को सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में रात को हल्दी वाला दूध देने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और वे बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनते हैं. इसके अलावा चोट, सूजन और शरीर दर्द में भी हल्दी दूध काफी असरकारक माना जाता है. हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अंदरूनी चोटों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं. खेल-कूद या दिनभर की थकान के बाद रात को हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है और रिकवरी जल्दी होती है. डॉक्टर भी आमतौर पर ऐसी स्थिति में हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं. आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस गैस और कब्ज की परेशानी में भी हल्दी दूध पीने से आराम मिलता है. उन्होंने बताया कि कब्ज के दौरान दूध नॉर्मल टेम्प्रेचर का होना चाहिए ज्यादा गर्म नहीं. रोज रात को हल्दी वाले दूध में 2-3 दाने चीनी या मिश्री के डालकर सोएं. कुछ ही दिनों में कब्ज और गैस की परेशानी से राहत मिल जाएगी. First Published : April 06, 2026, 15:34 IST
भाजपा स्थापना दिवस पर रानीताल कार्यालय में कार्यक्रम:मंत्री राकेश सिंह ने कहा, यह पार्टी के लिए पर्व जैसा अवसर

जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस रविवार को रानीताल स्टेडियम स्थित पार्टी कार्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्थापना दिवस भाजपा के लिए किसी पर्व से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में कार्यकर्ताओं ने इसे उत्साह और समर्पण के साथ मनाया। राकेश सिंह ने कहा कि यह दिन उन संस्थापकों और पुरोधाओं को याद करने का अवसर है, जिन्होंने भारतीय जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा में अपना योगदान दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। राकेश सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की निष्ठा और अनुशासन ही संगठन की ताकत है, जिसके बल पर भाजपा ने कठिन परिस्थितियों में भी खुद को मजबूत किया है। कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष पाण्डेय, विधायक ईश्वरदास रोहाणी, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे और नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर सहित कई नेता मौजूद रहे।
मीठा खाने की इच्छा क्यों होती है? क्या यह शरीर में छिपी किसी समस्या का संकेत, डाइटिशियन ने बताया सच

Causes of Sugar Cravings: कई बार आपने महसूस किया होगा कि अचानक मीठा खाने की इच्छा करने लगती है. कभी चॉकलेट, कभी मिठाई, तो कभी मीठी चाय पीने का खूब मन करता है. ऐसा लगता है कि शरीर खुद ही शुगर की मांग कर रहा है. कई बार लगता है कि ऐसा लोग स्वाद की वजह से करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह सेहत से जुड़ा संकेत भी हो सकता है. अगर आपको बार-बार मीठा खाने की इच्छा हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि कभी-कभी मीठा खाने का मन करना बिल्कुल सामान्य है. हमारा दिमाग ग्लूकोज को एनर्जी के मुख्य सोर्स के रूप में इस्तेमाल करता है. जब शरीर को इंस्टेंट एनर्जी की जरूरत होती है, तो मीठा खाने की इच्छा बढ़ सकती है. अगर यह इच्छा बहुत बार या कंट्रोल से बाहर हो जाए, तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. जब आप लंबे समय तक कुछ नहीं खाते या बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्ब्स खाते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और फिर गिरता है. इस गिरावट के बाद शरीर फिर से शुगर मांगता है, जिससे मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन के अनुसार कम नींद लेने से शरीर का एनर्जी बैलेंस बिगड़ जाता है. इससे भूख बढ़ाने वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं और मीठा खाने की इच्छा तेज हो जाती है. थकान के समय शरीर इंस्टेंट एनर्जी पाने के लिए शुगर की ओर झुकता है. इसके अलावा स्ट्रेस, एंजायटी या उदासी के समय लोग अक्सर कंफर्ट फूड की ओर जाते हैं, जिसमें मीठा सबसे ऊपर होता है. मीठा खाने से दिमाग में फील-गुड हार्मोन रिलीज होता है, जिससे थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस होता है. एक्सपर्ट की मानें तो कभी-कभी शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी मीठा खाने की इच्छा बढ़ा सकती है. अगर मैग्नीशियम, क्रोमियम, प्रोटीन की कमी है, तब भी क्रेविंग बढ़ जाती है. हालांकि यह सीधा कारण नहीं होता, लेकिन असंतुलित डाइट क्रेविंग्स को बढ़ा सकती है. बार-बार और बहुत ज्यादा मीठा खाने की इच्छा टाइप 2 डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन, अत्यधिक तनाव या एंजायटी का भी संकेत हो सकता है. अगर इसके साथ बार-बार प्यास लगना, थकान या वजन में बदलाव जैसे लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है. डाइटिशियन के अनुसार अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग हो रही है, तो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर डाइट लें. लंबे समय तक खाली पेट न रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, मीठे के हेल्दी ऑप्शन चुनें और रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें. मीठा खाने की इच्छा हमेशा खराब नहीं होती, लेकिन अगर यह बार-बार और अनकंट्रोल हो जाए, तो यह शरीर के किसी असंतुलन का संकेत हो सकती है. सही खानपान, अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है.
अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर रिलीज:राजपाल और परेश रावल के साथ पुराने अंदाज में दिखे; 16 अप्रैल से पेड प्रिव्यूज

अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का ट्रेलर दर्शकों को पुराने दिनों की याद दिलाता है। इसमें अक्षय कुमार के साथ उनकी पुरानी कॉमेडी टीम यानी परेश रावल और राजपाल यादव भी नजर आ रहे हैं। फिल्म में हॉरर और कॉमेडी का वैसा ही बैलेंस दिख रहा है, जिसके लिए अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी जानी जाती है। ट्रेलर को देखकर लग रहा है कि मेकर्स ने इसे बिना किसी तामझाम के काफी सरल और मनोरंजक रखा है। पुराने अंदाज में दिखे अक्षय और प्रियदर्शन फिल्म का ट्रेलर उस विंटेज स्पेस में ले जाता है, जिसमें अक्षय और प्रियदर्शन सालों से काम करते आए हैं। ट्रेलर की लय काफी तेज और मजेदार है। इसमें कॉमेडी के साथ स्पूकी (डरावने) एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन कुछ भी ओवरडन या जबरदस्ती नहीं लगता। फिल्म की राइटिंग काफी सहज नजर आ रही है। ट्रेलर के आखिर तक आते-आते दर्शकों की जिज्ञासा फिल्म को लेकर काफी बढ़ जाती है। कास्ट और टीम का दिखा तालमेल फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कास्टिंग है। अक्षय कुमार एक बार फिर उसी जॉनर में लौटे हैं जो उन पर सबसे ज्यादा सूट करता है। उनके साथ परेश रावल और राजपाल यादव की टाइमिंग हमेशा की तरह दिख रही है। साथ ही असरानी ने भी अपने चिर-परिचित अंदाज में कॉमेडी का तड़का लगाया है। इन दिग्गजों के अलावा फिल्म में वामिका गब्बी, तब्बू, जिशु सेनगुप्ता और मिथिला पालकर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। ट्रेलर में क्या है खास ? टीजर में जहां सिर्फ फिल्म के टोन की झलक मिली थी, वहीं ट्रेलर कहानी की दुनिया से भी परिचित कराता है। यह पूरी कहानी बताए बिना दर्शकों को फिल्म के माहौल से जोड़ देता है। मेकर्स ने किसी ट्रेंड को फॉलो करने के बजाय उस क्लासिक कॉमेडी स्टाइल पर भरोसा किया है जिसमें कंफ्यूजन और कैरेक्टर-ड्रिवन मोमेंट्स होते हैं। 16 अप्रैल से शुरू होंगे पेड प्रिव्यूज फिल्म को लेकर दर्शकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मेकर्स ने जानकारी दी है कि 16 अप्रैल 2026 की रात 9 बजे से फिल्म के एडवांस पेड प्रिव्यूज शुरू हो जाएंगे। फिल्म में 14 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी साथ दिखेगी। इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भागम भाग’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में दी हैं। इन दोनों ने आखिरी बार साल 2010 में आई फिल्म ‘खट्टा मीठा’ में साथ काम किया था। अब करीब 14 साल बाद दोनों फिर से हॉरर-कॉमेडी जॉनर में वापसी कर रहे हैं।






