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गर्मी में भूख न लगने की समस्या से हैं परेशान? तो आजमाएं यह घरेलू नुस्खे, जमकर खाने लगेंगे खाना – News18 हिंदी

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X गर्मी में भूख न लगने की समस्या से हैं परेशान? तो आजमाएं यह घरेलू नुस्खे   Health Tips: मौसम में अचानक बदलाव का असर दिनचर्या और सेहत पर साफ दिख रहा है. गर्मी बढ़ते ही भूख कम हो रही है और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं. सर्दियों में जहां लोग भरपेट भोजन करते हैं, वहीं गर्मियों में खाने की इच्छा घट जाती है. ऐसे में नींबू शरबत का सेवन शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने और भूख बढ़ाने में कारगर माना जा रहा है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि यह नुस्खा पुरानी परंपराओं से जुड़ा हुआ है और दादी-नानी के समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. अगर इस उपाय को रोजाना अपनाया जाए, तो न सिर्फ पाचन बेहतर होता है बल्कि भूख भी खुलकर लगती है. इसके लिए केवल नींबू, काली मिर्च और नमक की जरूरत होती है. यह नुस्खा बेहद सरल है. एक नींबू को बीच से काट लें और उसमें काली मिर्च पाउडर और थोड़ा सा नमक डाल दें. इसके बाद इसे हल्की आंच पर थोड़ा गर्म करें ताकि इसका रस हल्का गुनगुना हो जाए. फिर इसे धीरे-धीरे चूसकर सेवन करें. यह उपाय गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में काफी असरदार है.

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर केस दर्ज:आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पुलिस की कार्रवाई; नेता प्रतिपक्ष के करीबी हैं

धार में कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर केस दर्ज:आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पुलिस की कार्रवाई; नेता प्रतिपक्ष के करीबी हैं

धार शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता गोपाल पाल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) और 299 के तहत केस दर्ज किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के करीबी माने जाने वाले गोपाल पाल के खिलाफ सर्व ब्राह्मण समाज और आरएसएस से जुड़े दिनेश सोनवनिया व फरियादी चेतन शर्मा की शिकायत के आधार पर रविवार को यह कार्रवाई की गई। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक जांच की जा रही है। ब्राह्मण समाज ने सौंपा था ज्ञापन जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले सर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने कोतवाली थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा था। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि गोपाल पाल ने सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। RSS की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने का आरोप इसी मामले में दिनेश सोनवनिया ने रविवार को कोतवाली थाने में एक अलग लिखित आवेदन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपाल पाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी एक आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। सोनवनिया ने बताया कि वे स्वयं आरएसएस से जुड़े हैं और इस प्रकार की पोस्ट संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाती है। दोनों आवेदनों के आधार पर दर्ज हुआ केस ब्राह्मण समाज और दिनेश सोनवनिया के दोनों आवेदनों व फरियादी चेतन शर्मा की शिकायत को आधार बनाते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी गोपाल पाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) और 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट की जांच जारी है।

फल और सब्जियों पर लगे पेस्टिसाइड को कैसे हटाएं? जानिए 5 आसान क्लीनिंग ट्रिक्स, मिनटों में होगी सफाई

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Last Updated:April 06, 2026, 11:02 IST Fruits and Vegetables Cleaning Tips: सब्जियों और फलों पर लगे कीटनाशक सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं. ऐसे में बाजार से खरीदकर लाने के बाद फल-सब्जियों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी होता है. नमक का पानी, बेकिंग सोडा, सिरका और साफ पानी से धोने जैसे आसान घरेलू उपायों से इन केमिकल्स को काफी हद तक हटाया जा सकता है. सही सफाई न केवल बीमारियों से बचाती है, बल्कि शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में भी मदद करती है. फल-सब्जियां साफ करने के लिए बेकिंग सोडा और सिरका भी इस्तेमाल कर सकते हैं. Simple Ways to Clean Fruits and Veggies: आजकल खेती में पेस्टिसाइड यानी कीटनाशक का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जा रहा है. ये कीटनाशक फसलों को बीमारियों और कीड़ों से बचाते हैं. हालांकि ये पेस्टिसाइड कई खतरनाक केमिकल्स से बने होते हैं और फसल पर भी लग जाते हैं. इन केमिकल्स के अवशेष अक्सर सब्जियों और फलों की सतह पर रह जाते हैं, जो सीधे हमारे शरीर में पहुंचकर धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकते हैं. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से हार्मोनल असंतुलन, एलर्जी और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए सब्जियों को सही तरीके से साफ करना बेहद जरूरी है. फल-सब्जियां साफ करने के 5 तरीके बहते पानी से अच्छी तरह धोएं : फल-सब्जियों को बाजार से लाने के बाद बहते पानी में अच्छे से धोना चाहिए. कई लोग सिर्फ हल्का-सा पानी डालकर काम चला लेते हैं, लेकिन ऐसा करना पर्याप्त नहीं है. फल-सब्जियों को कम से कम 2-3 मिनट तक हाथों से रगड़ते हुए धोना चाहिए, ताकि उनकी सतह पर चिपके पेस्टिसाइड, धूल और बैक्टीरिया हट सकें. पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक या धनिया को एक-एक पत्ती अलग करके धोना ज्यादा असरदार होता है. यह तरीका केमिकल्स हटा देता है. नमक वाले पानी में भिगोएं : नमक का पानी पेस्टिसाइड हटाने में काफी मददगार माना जाता है. एक बड़े बर्तन में पानी लेकर उसमें 1-2 चम्मच नमक मिलाएं और फल-सब्जियों को 10-15 मिनट के लिए उसमें भिगोकर रखें. नमक का घोल फल-सब्जियों की सतह पर मौजूद केमिकल्स को ढीला करता है, जिससे वे आसानी से निकल जाते हैं. खासकर बैंगन, भिंडी और गोभी जैसी सब्जियों के लिए यह तरीका ज्यादा प्रभावी होता है. भिगोने के बाद इन्हें साफ पानी से दोबारा धोना न भूलें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बेकिंग सोडा करें इस्तेमाल : बेकिंग सोडा एक वैज्ञानिक रूप से प्रभावी तरीका माना जाता है. एक लीटर पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर उसमें फल-सब्जियों को 10-15 मिनट तक रखें. रिसर्च में पाया गया है कि बेकिंग सोडा पेस्टिसाइड के केमिकल स्ट्रक्चर को तोड़ने में मदद करता है, जिससे उनका असर कम हो जाता है. यह तरीका खासतौर पर सेब, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों और फलों के लिए उपयोगी है. बाद में इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है. सिरका से करें सफाई : सिरका एक नेचुरल क्लीनिंग एजेंट है, जो बैक्टीरिया और कुछ हद तक पेस्टिसाइड हटाने में मदद करता है. एक बर्तन में पानी लें और उसमें 1-2 चम्मच सिरका मिलाएं, फिर फल-सब्जियों को 10 मिनट तक इसमें डुबोकर रखें. यह तरीका खासकर उन सब्जियों के लिए अच्छा है जिनकी सतह चिकनी होती है, जैसे टमाटर या खीरा. सिरके का ज्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे स्वाद और गंध प्रभावित हो सकती है. उपयोग के बाद साफ पानी से धोना जरूरी है. सही तरीके से छीलें और पकाएं : कुछ सब्जियों और फलों का छिलका हटाने से पेस्टिसाइड का बड़ा हिस्सा निकल जाता है, क्योंकि अधिकांश केमिकल्स बाहरी परत पर ही रहते हैं. आलू, गाजर, खीरा और लौकी जैसी चीजों को छीलकर इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प हो सकता है. इसके अलावा सब्जियों को अच्छी तरह पकाने से भी कुछ हानिकारक तत्व कम हो जाते हैं. ध्यान रखें कि ज्यादा पकाने से पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं, इसलिए मध्यम आंच पर सही समय तक पकाना बेहतर होता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 11:02 IST

dry eyes explainer news: भूल जाओ आई ड्रॉप, अब मां के दूध से बनी गोली करेगी सूखी आंखों का इलाज, एम्‍स ने दी मंजूरी, बाजार में कब तक आएगी? जान लीजिए

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Dry Eye Treatment: जितना ज्यादा फोन, टीवी और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ रहा है आंखों की समस्याएं भी उतनी ही बढ़ रही हैं. खासतौर पर ड्राई आई की समस्या बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए मुसीबत बन गई है. आंखों में जलन, खुजली, धुंधलापन और नमी की कमी को दूर करने के लिए अक्सर आई ड्रॉप्स का ही इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक साइंसेज ने एक ऐसी गोली पर क्‍ल‍िन‍िकल ट्रायल क‍िया है जो न केवल आंखों को उनकी नमी लौटाएगी बल्कि ड्राई आइज की समस्या का स्थाई समाधान भी होगी. आरपी सेंटर नई दिल्ली ने यह टेबलेट मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन से तैयार की है और क्लीनिकल ट्रायल्स में इसके शानदार नतीजे मिले हैं. लैक्टोफेरिन नाम की यह टेबलेट ड्राई आंखों के इलाज में रामबाण बन सकती है. डॉक्टरों की मानें तो यह दवा जल्द ही बाजार में आ सकती है. डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल या लेसिक लेजर सर्जरी के चलते मरीजों को अक्सर आंखों में जलन, चुभन और सूखापन यानी ड्राई आई सिंड्रोम (शुष्क नेत्र या सूखी आंख) की दिक्कत होती है. खासतौर पर स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल के चलते आज की तारीख में यह आंखों की सबसे कॉमन बीमारी बन चुकी है. नवोदय टाइम्स में छपी खबर में एम्स के आरपी सेंटर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता शर्मा और बायोफिजिक्स विभाग की डॉ. सुजाता शर्मा ने बताया कि डिजिटल युग में बढ़ते स्क्रीन टाइम ने ड्राई आई सिंड्रोम को तेजी से बढ़ाया है. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मैबोमियन ग्लैंड प्रभावित होती है, जिससे आंसू बनने और उनकी गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ता है. नतीजतन आंखों में किरकिरी, धुंधलापन और लगातार थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, मानो आंखें अपनी ही नमी के लिए तरस रही हों. 400 आंखों पर हुआ ट्रायलडॉ. नम्रता शर्मा ने बताया कि ड्राई आई सिंड्रोम के इलाज के लिए एम्स ने ‘लैक्टोफेरिन’ दवा पर क्लीनिकल ट्रायल करने का फैसला किया. ट्रायल में ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित 200 मरीजों (400 आंखों) को शामिल किया गया और उन्हें तीन महीने तक दिन में दो बार 250 एमजी लैक्टोफेरिन दिया गया. इसके बाद अगले छह महीने तक उनकी चिकित्सकीय निगरानी की गई और नतीजे शानदार रहे. इस दौरान लैक्टोफेरिन लेने वाले मरीजों की आंखों की नमी में सुधार हुआ, आंसुओं की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुईं और सूखापन भी काफी हद तक कम हो गया. समस्या की जड़ पर वार करती है दवाइस ट्रायल की खास बात यह है कि ‘लैक्टोफेरिन’ दवा केवल लक्षणों को दबाने के बजाय समस्या की जड़ पर काम करती है और आंखों के पूरे सिस्टम को संतुलित करती है. डॉ. सुजाता शर्मा के अनुसार, लैक्टोफेरिन कोई कृत्रिम रसायन नहीं, बल्कि शरीर में पाया जाने वाला प्राकृतिक प्रोटीन है, जो खासतौर पर मां के दूध में मौजूद होता है और इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि इसे आंखों के लिए एक प्रभावी नेचुरल हीलिंग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. इस दवा को जापान में तैयार करवाया गया है और आरपी सेंटर ने इसको क्‍ल‍िन‍िकली परखा है, ज‍िसमें यह सफल रही है. कैसे डेवलप होती है ड्राई आई की समस्या? . मोबाइल या लैपटॉप पर लंबे समय तक देखने से आंखों का ब्लिंक रेट यानी पलक झपकने की दर कम हो जाती है. ऐसे में पलकों के किनारों पर स्थित सूक्ष्म तेल ग्रंथियां -मीबोमियन ग्लैंड पर्याप्त या सही गुणवत्ता का तेल नहीं बना पातीं और वे ब्लॉक हो जाती हैं. . यह तेल आंसुओं की बाहरी तैलीय परत बनाता है और आंसुओं को जल्दी सूखने से भी बचाता है। मीबम नामक तेल का उत्पादन न होने पर आंखों में सूखापन, जलन और ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है. . ड्राई आईज होने पर मरीज को आंखों में जलन, चुभन, दर्द, खुजली और थकान जैसी परेशानी होती है. अभी तक कैसे होता था इलाज?डॉ शर्मा ने कहा, अब तक ड्राई आई का इलाज मुख्य रूप से आई ड्रॉप्स और कृत्रिम आंसुओं तक सीमित रहा है, जो केवल अस्थायी राहत देते हैं और समस्या दोबारा लौट आती है. ऐसे में ‘लैक्टोफेरिन’ एक नई उम्मीद के रूप में सामने आया है, जो लंबे समय तक स्थायी राहत दे सकता है. डिजिटल युग में बढ़ती आंखों की समस्याओं के बीच यह खोज बेहतर और टिकाऊ इलाज की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. ड्राई आई क्या होती है?ड्राई आई में आखें सूखी हो जाती हैं और उनकी नमी कम हो जाती है. ड्राई आई का इलाज क्या है?अभी तक कृत्रिम आंसू वाली आई ड्रॉप्स से ड्राई आई का इलाज होता है. लैक्टोफेरिन कैसी दवा है?आरपी सेंटर द्वारा बनाई जार ही लैक्टोफेरिन एक गोली या टैबलेट होगी जो मरीज को खानी होगी. इसे ड्राई आई सिंड्रोम की स्थाई दवा बताया जा रहा है. क्या यह मां के दूध से बनी है?यह दवा मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन लैक्‍टोफेर‍िन से बनी है. बाजार में कब तक आएगी जल्‍दी ही इसके बाजार में आने की संभावना है.

जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड ब्रेक कर रही है। इस बीच कॉमेडियन जाकिर खान ने फिल्म की सफलता को लेकर बॉलीवुड पर चुटकी ली है। जाकिर खान ने एक अवॉर्ड शो के दौरान कहा कि इंडस्ट्री के लोग आदित्य धर की इस फिल्म से अंदर ही अंदर जल रहे हैं। जाकिर ने कहा, “कितने ही बधाई पोस्ट आप डाल दें, कितनी ही स्टोरी शेयर कर दें या इंटरव्यू में इसे अपनी पसंदीदा फिल्म बता दें, मगर सच तो ये है कि धुरंधर से सबकी जली तो है।” ल्यारी वाले सीन पर ली चुटकी जाकिर ने फिल्म के एक्शन सीन्स का जिक्र करते हुए बांद्रा और जुहू (जहां बॉलीवुड स्टार्स रहते हैं) पर निशाना साधा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “बम फिल्म में ल्यारी (कराची) में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा है।” उनका इशारा उन सेलेब्स की तरफ था जो फिल्म की ब्लॉकबस्टर ओपनिंग के समय चुप थे, लेकिन अब रिकॉर्ड टूटने पर इसकी तारीफ कर रहे हैं। साउथ के सितारों ने पहले की थी तारीफ ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की रिलीज के बाद सबसे पहले महेश बाबू, अल्लू अर्जुन और एसएस राजामौली जैसे साउथ के दिग्गजों ने इसकी सराहना की थी। इसके काफी समय बाद बॉलीवुड से आलिया भट्ट, करण जौहर और विक्की कौशल ने फिल्म के कलाकारों के काम की तारीफ की। मधुर भंडारकर जैसे कई लोगों का मानना है कि फिल्म को बॉलीवुड से उतना सपोर्ट नहीं मिल जितना मिलन चाहिए था। जाकिर ने बताई ब्रेक लेने की असली वजह इसी बीच, जाकिर खान ने अपने लाइव टूर से ब्रेक लेने की खबरों पर भी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर उनकी सेहत को लेकर चल रही खबरें गलत हैं। जाकिर ने कहा, “ब्रेक की असली कहानी ये है कि मेरे पास बहुत सारा लिखने का काम पेंडिंग था, जिसे मैं पिछले छह साल से नहीं कर पाया था। मेरी सेहत बहुत खराब नहीं है। जो कुछ भी आप पढ़ रहे हैं वो अनावश्यक बकवास है।”

बंगाल चुनाव 2026: ‘बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं’, कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

बंगाल चुनाव 2026: 'बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं', कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘भाजपा का एजेंट’ कहे जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी खुद बीजेपी के सबसे बड़े सहयोगी हैं. उनके रहते हुए बीजेपी को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती. पश्चिम बंगाल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में हैं, मैं भाजपा के करीब नहीं जा सकता। असल में ममता बनर्जी ही वही हैं जो भाजपा बंगाल लेकर आई थीं। इतना ही नहीं, वह एक समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जब तक ममता बनर्जी हैं, भाजपा को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती।” उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से ममता बनर्जी खुद ही उनके सबसे बड़े सहयोगी हैं। दोनों सामूहिक चुनावी कलाकार हैं। दोनों के बीच कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ और कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ बनी रहती हैं।” कांग्रेस नेताओं ने पिछले दिनों रैलियों के दौरान हुए हमलों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया, “चुनाव प्रचार के दौरान, पुराने कांग्रेस के कुछ लोगों ने मुझे अपमानित करने की कोशिश की। वहां मौजूद स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि इस तरह की घटना की आशंका के बारे में उन्हें पहले ही सूचित कर दिया गया था। हम लोगों ने खुद का मुकाबला किया और हमारी रैली को आगे बढ़ाया।” पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावेदार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “ये कार्यकर्ता नहीं बता रहे हैं. हम लोग लड़ रहे हैं, ये बड़ी बात है. हमें चुनाव से पहले तय करना है कि जो भी फैसला आएगा, वह अच्छा होगा.” इसी बीच अधीर रंजन चौधरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टूडियो के ‘कोलकाता पर हमलों’ वाली टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “वह सिर्फ बयान ही दे सकते हैं। वह खुद भूख मार रहे हैं। जो अपने लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं दे सकते, वह कहां किसे मार जेल। पाकिस्तान को पहले अपने लोगों के पेट की पुष्टि का इंतजार करना चाहिए।” डीसीएच/

अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम:डिलीवरी मैसेज आने के बाद भी नहीं मिली गैस; कलेक्ट्रेट पर खाली टंकी रखकर हंगामा

अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम:डिलीवरी मैसेज आने के बाद भी नहीं मिली गैस; कलेक्ट्रेट पर खाली टंकी रखकर हंगामा

अशोकनगर जिले में सोमवार को गैस सिलेंडर की डिलीवरी का मैसेज आने के बावजूद टंकी नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दो गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं ने पहले कोलूआ रोड पर चक्का जाम किया और फिर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर गेट पर खाली सिलेंडर रखकर हंगामा किया। देहात थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझाकर जाम खुलवाया, जिसके बाद लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। जय बाबा गैस एजेंसी के बाहर चक्का जाम, पुलिस ने हटाया सुबह के समय कोलूआ रोड स्थित जय बाबा इंडियन गैस एजेंसी के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। उपभोक्ताओं का आरोप था कि उन्हें मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिल चुका है, लेकिन असल में उन्हें टंकी नहीं मिली। जब उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया तो उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। नाराज उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद कुछ लोग अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। डीसी गैस गोदाम के उपभोक्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर रखा खाली सिलेंडर इसी दौरान, गुना रोड स्थित डीसी गैस गोदाम के उपभोक्ता भी सिलेंडर न मिलने से आक्रोशित होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के गेट पर खाली सिलेंडर रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इन उपभोक्ताओं का भी कहना था कि उन्हें मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ गया था, लेकिन उन्हें टंकी नहीं मिली। घर तक नहीं पहुंच रही गैस की टंकियां दुर्गा कॉलोनी निवासी प्राण सिंह कुशवाह ने बताया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले डीसी गैस गोदाम पर सिलेंडर बुक कराया था। उन्हें मोबाइल पर टंकी मिलने का मैसेज भी आया, लेकिन उन्हें अब तक सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ है। उनका यह भी कहना था कि अब उनका दोबारा नंबर भी नहीं लग रहा है। वहां मौजूद कुछ अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि जब एजेंसी पर गैस की गाड़ी आती है, तो उनसे कहा जाता है कि रिक्शा के माध्यम से टंकी घर पहुंचा दी जाएगी। हालांकि, कई बार टंकियां उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचतीं और उनका पता नहीं चलता। देखिए जाम की तस्वीरें…

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

चंडीगढ़ और जालंधर के स्कूलों व सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी आज ईमेल से जरिए आई। इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और सभी जगह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। साथ ही एहतियातन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। ईमेल में पंजाब के CM भगवंत मान, DGP गौरव यादव, हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अरविंद केजरीवाल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा मोहाली कोर्ट, फिरोजपुर में कोर्ट कांप्लेक्स और अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्टेच्यू को भी खत्म करने की धमकी है। मोहाली कोर्ट को खाली करवा दिया गया है और दोपहर 3 बजे तक एंट्री बैन कर दी है। हालांकि, ईमेल के जरिए आए दिन मिल रही धमकियों को स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। आज जालंधर के स्कूलों में छुट्टी नहीं की गई। बच्चे और स्टाफ स्कूलों में रुका है और पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और साइबर सेल भी जांच में शामिल है। वहीं, CM मान ने कहा है कि हम गंभीर हैं। इनकी जांच चल रही है। जालंधर में धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट, जन-गण-मन बंद करो। बम और ग्रेनेड से हमला होगा, स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में बम फटेगा। ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। बम या ग्रेनेड हमले में सीएम भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को भी ठोकेंगे। अमृतसर में डॉ. अंबेडकर के स्टेच्यू को 14 अप्रैल को बम धमाके से खत्म करेंगे। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। धमकी वाली ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में मिली ईमेल में भी यही बातें चंडीगढ़ में आई ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट करो और जन-गण-मन बंद करो। स्कूलों में 1:11 बजे बम धमका होगा। मेयर ऑफिस में 2:11 बजे धमाका और सेक्रेटेरिएट में दोपहर 3:11 बजे धमाका होगा। अपने बच्चे बचाओ। आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं, हिंदुस्तान मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। चंडीगढ में भगवंत मान, डीजीपी यादव और सीएम सैनी की रिहायश को निशाना बनाएंगे। चंडीगढ़ वालो, यहां बम धमाके – ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे, जब तक मान, यादव, सैनी नहीं मरते। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी गांधी भवन में आज रात 9:11 बजे ग्रेनेड हमला होगा। चंडीगढ़ में भेजी गई ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में 4 स्कूलों को मिली धमकी चंडीगढ़ में सेक्टर-41, सेक्टर-32, सेक्टर-47 और सेक्टर-45 स्थित स्कूलों को यह धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद पुलिस टीमों ने स्कूल परिसरों को खाली करवाकर जांच शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई हैं। स्कूलों और आसपास के इलाकों की तलाशी पुलिस की ओर से स्कूलों के अंदर और आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हर संदिग्ध वस्तु पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां बता दें कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई प्राइवेट और सरकारी स्कूलों, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, हाईकोर्ट और पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस कर रही ईमेल की जांच फिलहाल पुलिस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साइबर सेल की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। चंडीगढ़ थाना सेक्टर-34 के SHO सतिंदर ने कहा कि चेंकिंग करवा ली है। किसी तरह की कोई चीज नहीं मिली है। उनमें लोगों को किसी तरह की पैनिक लेने की जरूरत नहीं है। हमने मेल का प्रिंट ले लिया है। साथ ही कहा गया किसी तरह डरने की जरूरत नहीं है। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

क्या अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों के लिए भी खतरनाक? गर्मियों में इससे कैसे करें बचाव, डॉक्टर से जानिए टिप्स

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Last Updated:April 06, 2026, 10:04 IST Eye Care Tips in Summer: गर्मी में तेज धूप और अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे आंखों में जलन, रेडनेस और नजर कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर्स की मानें तो गर्मी में आंखों को हेल्दी रखने के लिए UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें, धूप से बचें और आंखों की सही देखभाल करें. सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती हैं. Summer Eye Safety Tips: गर्मी में तेज धूप लोगों से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. सूरज की किरणें तपिश लेकर आती हैं और इससे सेहत भी प्रभावित होती है. सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं, जिन्हें स्किन के लिए नुकसानदायक माना जाता है. गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव भी काफी बढ़ जाता है. आमतौर पर लोग स्किन पर इसके असर को लेकर अलर्ट रहते हैं और सनस्क्रीन लगाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि UV किरणें आंखों के लिए भी उतनी ही खतरनाक हो सकती हैं. लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से आंखों की सेहत बिगड़ सकती है. नई दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर और रिफ्रेक्टिव सर्जन डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया कि गर्मी में लोगों को तेज धूप में ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए. धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें गर्मी में आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ये किरणें आंखों की बाहरी सतह कॉर्निया से लेकर अंदर के लेंस तक असर डाल सकती हैं. यूवी किरणों के ज्यादा एक्सपोजर से फोटोकेराटाइटिस यानी आंखों की सनबर्न जैसी स्थिति हो सकती है. इसमें आंखों में जलन, रेडनेस, पानी आना और धुंधला दिखना जैसे लक्षण नजर आते हैं. कई बार धूल-मिट्टी भी आंखों में चली जाती है, जिससे इंफेक्शन की कंडीशन पैदा हो जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ग्रोवर के मुताबिक तेज धूप हमारी आंखों की रेटिना को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे धीरे-धीरे नजर कमजोर हो सकती है. लंबे समय तक UV किरणों के संपर्क में रहने से आंखों में मोतियाबिंद का खतरा भी बढ़ सकता है. बच्चों और बुजुर्गों की आंखें UV किरणों के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होती हैं. इसलिए उन्हें गर्मियों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. दोपहर के समय धूप सबसे ज्यादा तेज होती है. इस दौरान बाहर निकलने से बचें या कम से कम समय के लिए ही बाहर जाएं. धूप में ज्यादा देर रहेंगे, तो इससे आंखों पर ही नहीं, बल्कि अन्य ऑर्गन्स पर भी बुरा असर पड़ सकता है. अब सवाल है कि गर्मियों में आंखों को नुकसान से कैसे बचाएं? इस पर डॉक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में आंखों को UV किरणों से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. सबसे जरूरी है कि बाहर निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें. इसके अलावा चौड़ी टोपी या कैप पहनना भी फायदेमंद होता है, जिससे सीधी धूप आंखों पर नहीं पड़ती. अगर आपको बाहर रहना जरूरी है, तो छाया में रहने की कोशिश करें. साथ ही आंखों को बार-बार ठंडे पानी से धोना और हाइड्रेटेड रहना भी जरूरी है, ताकि आंखों में ड्राइनेस न हो. अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा या नजर में बदलाव महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें, ताकि समय रहते सही इलाज किया जा सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 10:04 IST

सीहोर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज:दिन में गर्मी, रात में बारिश; जानिए पिछले हफ्ते किस तरह बदलता रहा टेम्प्रेचर

सीहोर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज:दिन में गर्मी, रात में बारिश; जानिए पिछले हफ्ते किस तरह बदलता रहा टेम्प्रेचर

सीहोर जिले में अप्रैल माह के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। दिन में जहां तेज धूप और गर्मी रहती है, वहीं शाम को अचानक मौसम बदलकर आसमान में काले बादल छा जाते हैं। बीते 24 घंटे के दौरान सीहोर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अप्रैल माह की शुरुआत से ही मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दोपहर में तेज धूप के कारण लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। पिछले 24 घंटों में जिले के कई स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। आज का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कल के 38 डिग्री सेल्सियस से एक डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम के कारण मौसम का मिजाज बदला है। इस समय वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय है। बताया गया है कि आगामी दिनों में बारिश का एक और सिस्टम सक्रिय होने वाला है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अप्रैल के पहले सप्ताह के तापमान का विवरण इस प्रकार है… 01 अप्रैल: 36 डिग्री सेल्सियस 02 अप्रैल: 32 डिग्री सेल्सियस 03 अप्रैल: 38 डिग्री सेल्सियस 04 अप्रैल: 34 डिग्री सेल्सियस 05 अप्रैल: 38 डिग्री सेल्सियस 06 अप्रैल: 39 डिग्री सेल्सियस