ग्वालियर में गलत इलाज से नाक हुई विकृत:मेडिकल प्रोटोकॉल तोड़ा, मरीज को 1.12 लाख 45 दिन में देने का आदेश, उपभोक्ता आयोग का फैसला

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने नाक के इलाज में प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर डॉक्टर और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को मरीज को मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि उपचार के दौरान तय मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण 54 वर्षीय मरीज रवि खंडेलवाल को गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान हुआ। लापरवाही के चलते उनकी नाक विकृत हो गई। 45 दिन में देना होगा मुआवजा आयोग ने आदेश दिया कि शारीरिक पीड़ा व आर्थिक नुकसान के लिए ₹1 लाख और मानसिक कष्ट के लिए ₹10 हजार रुपए दिए जाएं। इतना ही नहीं कुल राशि 45 दिन के भीतर अदा करनी होगी। तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा। नाक से खून आने पर कराया था इलाज पीड़ित ने नाक से खून आने की समस्या के चलते डॉक्टर से इलाज कराया था। जांच में सामने आया कि संक्रमण का उचित इलाज नहीं किया गया, जो सीधे तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही है। इसी आधार पर आयोग ने मरीज के पक्ष में फैसला सुनाया। डॉक्टर ने अपने बचाव में कहा कि इलाज मानकों के अनुसार किया गया, लेकिन जांच में यह साबित नहीं हो पाया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सर्वेक्षण 2026: पश्चिम बंगाल में सबसे ताजा चुनावी सर्वेक्षण से टीएमसी को झटका! बीजेपी की बढ़त का अनुमान, किसकी बनेगी सरकार?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एक नई ओपिनियन पोल में मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। इस सर्वे के मुताबिक, सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) एक बार फिर से सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है, लेकिन इसकी मात्रा में कमी आ सकती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पहले से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है. वोटवाइब के ताजा सर्वे के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को 294 से 174 से 184 वोट मिल सकते हैं। बहुमत का आंकड़ा 148 है, इसलिए टीएमसी आराम से सरकार बन सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह ममता बनर्जी का लगातार चौथा पद होगा, हालांकि प्रवेश पहले से कम हो सकता है। दूसरी तरफ बीजेपी को इस बार 108 से 118 की मीटिंग का अनुमान है, जो पिछले अनुमान से ज्यादा है। इससे साफ है कि बीजेपी इस बार एक मजबूत पार्टी में शामिल हो सकती है। वहीं कांग्रेस और वाम आश्रम की स्थिति खराब बनी हुई है और उन्हें सिर्फ 0 से 4 प्रतिभागियों के मिलने का अनुमान है। इससे पहले 23 मार्च के सर्वे में टीएमसी को 184 से 194 और बीजेपी को 98 से 108 दर्शकों से मुलाकात का अनुमान था. नए सर्वे में टीएमसी के वोट कम और बीजेपी के वोट कम दिख रहे हैं। 2021 विधानसभा चुनाव के नतीजे साल 2021 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें तो उस समय टीएमसी को 215 मंदिर मिले थे और बीजेपी को 77 मंदिर मिले थे. नए आंकड़े बताते हैं कि टीएमसी अच्छी तरह से फिर से सरकार बनाएगी, लेकिन बीजेपी इस बार अधिक मजबूत होकर उभरेगी। तेलंगाना के आंकड़ों से देखें तो मिदनापुर में मुकाबला हो सकता है, जहां बीजेपी को बढ़त दिख रही है। वहीं प्रेसिडेंसी और मालदा जैसे इलाकों में टीएमसी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री पद के लिए ममता बनर्जी अभी भी सबसे पसंदीदा नेता हैं। सर्वे के मुताबिक, 46.4% लोग उन्हें फिर से मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं, जबकि बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी को 34.9% का समर्थन मिला है। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के मोहम्मद अल्लामीर काफी पीछे हैं. सर्वेक्षण में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, रोजगार और विकास वोटवाइब सर्वे में यह भी सामने आया कि लोगों के लिए सबसे बड़ी बेरोजगारी और विकास है, जिसे 35.1% लोगों ने सबसे अहम बताया। इसके बाद कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, चुनाव से जुड़े मुद्दे और मंदी भी प्रमुख चिंताएं हैं। सरकारी मान्यता को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। करीब 53.6% लोगों का मानना है कि बेरोजगारी से छुटकारा पाने वाले युवा पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहे हैं। प्रतिमा में भी साक्षात् झलकती दिख रही है। मुस्लिम वोटर बड़े पैमाने पर टीएमसी के साथ हैं, जबकि एससी-एसटी और दलित जाति के हिंदू वोटर बीजेपी की ओर झुकते दिख रहे हैं। ये भी पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव 2026: पहली बार चुनाव लड़ रही है इस पार्टी को लेकर सर्वे में सामने आए उम्मीदवारों की जीत, मिल सकती है इतनी बढ़त (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव सर्वेक्षण(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)ममता बनर्जी लोकप्रियता(टी)बंगाल राजनीति समाचार(टी)ओपिनियन पोल हिंदी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव सर्वेक्षण(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव सर्वे(टी) बीजेपी(टी)ममता बनर्जी की प्राथमिकता(टी)बंगाल राजनीति समाचार(टी)ओपिनियन पोल हिंदी
सांसद राघव चड्ढा का AAP को मैसेज:खामोश कराया गया हूं, हारा नहीं हूं; कल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया था

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसका एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने लिखा है मेरा आम आदमी के लिए मैसेज है कि खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है। राघव चड्ढा ने कहा– मुझे जब-जब पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे टॉपिक्स उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध है। क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैंने कुछ गलत किया। ये सवाल आज मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को ये कहा है, राघव चड्ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए। जी हां, आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को ये सूचित किया है कि राघव चड्ढा को बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं। खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…
अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा पर IPL मैच के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ गुरुवार को ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में उन्होंने IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। अभिषेक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। IPL द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने लेवल-1 के अपराध के तहत मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को मंजूर कर लिया है। आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन के दोषी पाए गए अभिषेक अभिषेक शर्मा को IPL की आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह आर्टिकल आमतौर पर मैच के दौरान ‘अनुचित व्यवहार’ या खेल भावना के विपरीत कमेंट्स या इशारों से संबंधित होता है। कैच आउट होने पर नाराजगी जताई मैच रेफरी ने अभी तक उस घटना का खुलासा नहीं किया है, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। हालांकि, माना जा रहा है कि अभिषेक शर्मा ने कैच आउट होने पर थर्ड अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताई थी। दरअसल, 8.4 ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 112 किमी/घंटा की धीमी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिस पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद डीप स्क्वेयर लेग की ओर गई, जहां बाउंड्री पर मौजूद वरुण चक्रवर्ती तेजी से अपने दाईं ओर भागे, नीचे झुककर शानदार डाइव लगाई और कैच पकड़ लिया। हालांकि, रिप्ले से कैच पूरी तरह स्पष्ट नहीं लग रहा था, लेकिन तीसरे अंपायर ने अलग-अलग एंगल से जांच करने के बाद अभिषेक को आउट करार दिया। फैसले से असंतुष्ट अभिषेक नाराज होकर मैदान से बाहर जाते नजर आए। अभिषेक अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर आउट हुए। मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम IPL के नियमों के अनुसार, लेवल-1 के उल्लंघन के मामलों में मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम और बाध्यकारी होता है। इसमें खिलाड़ी के पास अपील करने का विकल्प नहीं होता। अभिषेक ने अपनी गलती मान ली है, इसलिए अब इस मामले में आगे कोई औपचारिक सुनवाई नहीं होगी। सस्पेंशन का भी खतरा अभिषेक शर्मा के खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जुड़ने का मतलब है कि उन्हें अब अगले मैचों में सावधान रहना होगा। IPL के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी एक निश्चित समय सीमा के भीतर 4 या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट जमा कर लेता है, तो उस पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हैदराबाद ने KKR को 65 रन से हराया गुरुवार को हुए इस मुकाबले में अभिषेक की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हराया। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में KKR ने बॉलिंग चुनी। हैदराबाद ने 8 विकेट खोकर 226 रन बनाए। कोलकाता 16 ओवर में 161 रन बनाकर सिमट गई।
अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा पर IPL मैच के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ गुरुवार को ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में उन्होंने IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। अभिषेक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। IPL द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने लेवल-1 के अपराध के तहत मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को मंजूर कर लिया है। आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन के दोषी पाए गए अभिषेक अभिषेक शर्मा को IPL की आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह आर्टिकल आमतौर पर मैच के दौरान ‘अनुचित व्यवहार’ या खेल भावना के विपरीत कमेंट्स या इशारों से संबंधित होता है। कैच आउट होने पर नाराजगी जताई मैच रेफरी ने अभी तक उस घटना का खुलासा नहीं किया है, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। हालांकि, माना जा रहा है कि अभिषेक शर्मा ने कैच आउट होने पर थर्ड अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताई थी। दरअसल, 8.4 ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 112 किमी/घंटा की धीमी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिस पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद डीप स्क्वेयर लेग की ओर गई, जहां बाउंड्री पर मौजूद वरुण चक्रवर्ती तेजी से अपने दाईं ओर भागे, नीचे झुककर शानदार डाइव लगाई और कैच पकड़ लिया। हालांकि, रिप्ले से कैच पूरी तरह स्पष्ट नहीं लग रहा था, लेकिन तीसरे अंपायर ने अलग-अलग एंगल से जांच करने के बाद अभिषेक को आउट करार दिया। फैसले से असंतुष्ट अभिषेक नाराज होकर मैदान से बाहर जाते नजर आए। अभिषेक अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर आउट हुए। मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम IPL के नियमों के अनुसार, लेवल-1 के उल्लंघन के मामलों में मैच रेफरी का फैसला ही अंतिम और बाध्यकारी होता है। इसमें खिलाड़ी के पास अपील करने का विकल्प नहीं होता। अभिषेक ने अपनी गलती मान ली है, इसलिए अब इस मामले में आगे कोई औपचारिक सुनवाई नहीं होगी। सस्पेंशन का भी खतरा अभिषेक शर्मा के खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जुड़ने का मतलब है कि उन्हें अब अगले मैचों में सावधान रहना होगा। IPL के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी एक निश्चित समय सीमा के भीतर 4 या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट जमा कर लेता है, तो उस पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हैदराबाद ने KKR को 65 रन से हराया गुरुवार को हुए इस मुकाबले में अभिषेक की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हराया। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में KKR ने बॉलिंग चुनी। हैदराबाद ने 8 विकेट खोकर 226 रन बनाए। कोलकाता 16 ओवर में 161 रन बनाकर सिमट गई।
INS तारागिरी आज नेवी में शामिल होगा:यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

INS तारगिरी आज विशाखापत्तनम में इंडियन नेवी में शामिल होगा। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह इस सेरेमनी में मौजूद रहेंगे। तारागिरी को मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने प्रोजेक्ट 17-ए के तहत तैयार किया है। युद्धपोत में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एमएफस्टार(रडार), मीडियम रेंज सर्फेस टु एयर मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम के साथ पनडुब्बी रोधी रॉकेट व टॉरपीडो भी शामिल हैं। यह नीलगिरि-क्लास का चौथा युद्धपोत है भारत की नीलगिरी क्लास (Project 17A) में कुल 7 स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। तारागिरी इस क्लास का चौथा युद्धपोत है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रोजेक्ट 17-ए युद्धपोत को आगे आने वाली समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। ‘तारागिरी’ उसी नाम के पुराने युद्धपोत का एडवांस्ड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक नौसेना में 33 सालों तक सेवा दी थी। नई ‘तारागिरी’ हाईटेक स्टेल्थ तकनीक, बेहतर मारक क्षमता, अत्याधुनिक ऑटोमेशन और मजबूत सर्वाइवेबिलिटी से लैस है। इस युद्धपोत को वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट 17-ए के युद्धपोत में पिछली पी-17 (शिवालिक) क्लास की तुलना में अधिक आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं। 2026 तक नौसेना को सौंपे जाएंगे 3 युद्धपोत पिछले 11 महीनों में नौसेना को यह प्रोजेक्ट 17-ए का चौथा जहाज मिला है। पहले दो जहाजों के अनुभव के कारण ‘तारागिरी’ का निर्माण समय घटाकर 81 महीने कर दिया गया, जबकि शुरुआती जहाज ‘नीलगिरि’ में 93 महीने लगे थे। प्रोजेक्ट के बाकी तीन जहाज 2026 के अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना में 75 प्रतिशत स्वदेशी हिस्सेदारी है और इसमें 200 से अधिक एमएसएमई जुड़े हैं। —————– ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते तेजस के इंजन की सप्लाई रुकी, अमेरिकी कंपनी को डिलीवरी देनी है मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
INS तारागिरी आज नेवी में शामिल होगा:यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस

INS तारगिरी आज विशाखापत्तनम में इंडियन नेवी में शामिल होगा। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह इस सेरेमनी में मौजूद रहेंगे। तारागिरी को मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने प्रोजेक्ट 17-ए के तहत तैयार किया है। युद्धपोत में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एमएफस्टार(रडार), मीडियम रेंज सर्फेस टु एयर मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम के साथ पनडुब्बी रोधी रॉकेट व टॉरपीडो भी शामिल हैं। यह नीलगिरि-क्लास का चौथा युद्धपोत है भारत की नीलगिरी क्लास (Project 17A) में कुल 7 स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। तारागिरी इस क्लास का चौथा युद्धपोत है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रोजेक्ट 17-ए युद्धपोत को आगे आने वाली समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। ‘तारागिरी’ उसी नाम के पुराने युद्धपोत का एडवांस्ड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक नौसेना में 33 सालों तक सेवा दी थी। नई ‘तारागिरी’ हाईटेक स्टेल्थ तकनीक, बेहतर मारक क्षमता, अत्याधुनिक ऑटोमेशन और मजबूत सर्वाइवेबिलिटी से लैस है। इस युद्धपोत को वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट 17-ए के युद्धपोत में पिछली पी-17 (शिवालिक) क्लास की तुलना में अधिक आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए गए हैं। 2026 तक नौसेना को सौंपे जाएंगे 3 युद्धपोत पिछले 11 महीनों में नौसेना को यह प्रोजेक्ट 17-ए का चौथा जहाज मिला है। पहले दो जहाजों के अनुभव के कारण ‘तारागिरी’ का निर्माण समय घटाकर 81 महीने कर दिया गया, जबकि शुरुआती जहाज ‘नीलगिरि’ में 93 महीने लगे थे। प्रोजेक्ट के बाकी तीन जहाज 2026 के अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना में 75 प्रतिशत स्वदेशी हिस्सेदारी है और इसमें 200 से अधिक एमएसएमई जुड़े हैं। —————– ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते तेजस के इंजन की सप्लाई रुकी, अमेरिकी कंपनी को डिलीवरी देनी है मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
Anjeer In Summer: गर्मियों में अंजीर किस तरह का है? जानिए खाने का सही समय और फायदे

गर्मियों में अंजीर: गर्मी का मौसम आते ही खान-पान में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। लोग अक्सर मानते हैं कि ऑफिस की तासीर हॉट होती है। इसलिए इसे केवल समुद्र में ही खाना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सही तरीके से खाया जाए तो चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच के पदार्थों को शामिल करने का सही तरीका, समय और इसके बेमिसाल फायदे क्या हैं। क्या गर्मियों में कपड़े खाना सुरक्षित है? छात्र छात्र-छात्राओं का खजाना है। इसमें बादाम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालाँकि, असभ्य छात्रों की तासीर गर्म होती है, लेकिन जब हम इसे सिलकर खाते हैं, तो इसकी तासीर बदल जाती है और यह शरीर को ठंडक प्रक्रिया में मदद करती है। इसलिए, गर्मियों में इसे बिना परहेजए भोजन से बचना चाहिए। गर्मियों में खेलने का सही तरीका रात को 2 आकर्षक खिलाड़ियों को एक कप पानी में अकेलाकर रख दें। सुबह खाली पेट इन भीगे हुए आलूओं का सेवन करें। प्रयोजनने से इसकी गर्मी निकल जाती है और यह सुपाच्य हो जाती है।जिस पानी में आपने सामान खरीदा है, उसे फेंकें नहीं। उस पानी में भी छात्रों के पोषक तत्त्व पाए जाते हैं, यह फ़ालतू शक्ति के लिए बहुत बढ़िया है।आप ठंडे दूध के साथ दोस्तों को ब्लेंड करके शेक बना सकते हैं। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और पेट को ठंडा रखता है। ग्रीष्मकालीन ग्रीष्मकालीन खिलाड़ी का सही समय क्या है? छात्र-छात्राओं का अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है। सुबह इसका सेवन करने से शरीर में इसकी दीवारों को सोख ले जाता है और मजबूत ऊर्जा बनी रहती है। छात्र-छात्राओं के क्या-क्या फायदे हैं? गर्मियों में अक्सर कब्ज और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। छात्रों में मौजूद हाई ऑलवेज मेटाबोलिज्म को तेज किया जाता है और पुराने से पुराने कब्ज से राहत दी जाती है।शामिल किए गए उपकरणों में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट को बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह का खतरा कम होता है।कैल्शियम से भरपूर होने के कारण कैल्शियम के अवशेष और दांतों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। किशोरावस्था में जोड़ों के दर्द से बचने का यह एक प्राकृतिक उपाय है।अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो बिजनेस एक बेहतरीन विकल्प है। इसे खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगी, जिससे आप अनहेल्दी बास्टिंग से बच जाते हैं।छात्रों में मौजूद पोटेशियम पोटेशियम के स्तर को कायम रखा जाता है, जिससे ब्लड कंट्रोल में रहता है और दिल की धड़कन कम होने का खतरा होता है। गर्मी में उपकरण से पहले इन बातों का रखें ध्यान अगर आप गर्मियों में उपकरणों का सेवन कर रहे हैं तो सीमित ही करें। एक दिन में आप 2-3 छात्र ही स्थिर। अगर आपको शुगर की समस्या है या फिर आप किसी मेडिकल कंडीशन में हैं तो इसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। ये भी पढ़ें – आज का राशिफल 3 अप्रैल 2026: आज मेष, मिथुन और तुला सहित इन 4 राशियों को मिलेंगे नए अवसर, मिलेगा मान-सम्मान; जानें कैसा रहेगा आपका दिन अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)गर्मियों में अंजीर(टी)अंजीर के फायदे(टी)गर्मियों में अंजीर खाना(टी)अंजीर गर्म प्रकृति(टी)गर्मियों में सूखे मेवे(टी)अंजीर के फायदे(टी)ग्रीष्मकालीन आहार युक्तियाँ(टी)अंजीर पोषण(टी)विशेषज्ञ सलाह अंजीर(टी)गर्मियों में स्वस्थ भोजन
बाप रे बाप! 15.5KG का ओवेरियन ट्यूमर, डिलीवरी के बाद भी महिला के पेट में था दर्द, देखकर डॉक्टर भी हैरान

Last Updated:April 03, 2026, 09:24 IST PMCH Rare Ovarian Tumor Surgery: बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके एक महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी है. ख़बरें फटाफट 30 वर्षीया महिला एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला का पेट काफा बढ़ा हुआ था. जब डिलीवरी हुई फिर भी पेट कम नहीं हुआ. दर्द ओर सूजन लगातार बना रहा. आनन फानन में जब महिला की जांच की गई तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों चौंक गए. उसके पेट में बच्चे के साथ 15.5 किलोग्राम का विशाल ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका था. इसके बाद बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी. लक्षण थे बिल्कुल आम, लेकिन पनप रही थी बीमारी जानकारी के अनुसार डिलीवरी के बाद भी 30 वर्षीय महिला पेट में सूजन, दर्द और भारीपन जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. शुरुआत में उसने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, स्थिति ऐसी हो गई कि उसे चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होने लगी. परिजनों ने पीएमसीएच लाया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. डॉक्टरों ने पाया कि महिला के पेट में एक असामान्य रूप से बड़ा ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका है. यह आसपास के अंगों पर दबाव डाल रहा था और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता था. इसके बाद बिना देरी किए सर्जरी का फैसला लिया गया. डाक्टरों के अनुसार टयूमर इतना बड़ा हो गया था कि वह डायफ्राम तक पहुंच गया था, इससे महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. वह ठीक से भोजन नहीं कर पा रही थी. उसे लगातार उल्टी की शिकायत भी थी. साथ ही वह एनीमिया से भी पीड़ित थी. मार्च में ही हुई थी डिलीवरी 30 वर्षीया इस महिला ने एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद 26 मार्च को पेट में दर्द और गांठ की शिकायत लेकर वह पीएमसीएच पहुंची. यहां जांच के बाद ट्यूमर का पता चला. सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रो. मीनू शरण ने किया. उनके साथ ऑन्को सर्जन डॉ. नवीन, डॉ. नीना अग्रवाल, डॉ. अंजली और डॉ. माधुरी की टीम मौजूद रही. लगभग एक घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया में डॉक्टरों को ट्यूमर के बड़े आकार और संभावित रक्तस्राव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के अनुभव और समन्वय ने हर मुश्किल को आसान बना दिया. दुर्लभ है इस तरह का ट्यूमर विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े आकार का ओवेरियन ट्यूमर बेहद दुर्लभ मामलों में ही देखने को मिलता है. आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं. इसीलिए मरीज समय पर पहचान नहीं कर पाते. यही लापरवाही बाद में गंभीर खतरा बन जाती है. फिलहाल सर्जरी के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. चिकित्सकों को उम्मीद है कि आने वाले 10 दिनों के भीतर उसको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 09:22 IST
चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुए राजपाल भावुक हो गए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने 6 करोड़ रुपए चुकाने के लिए 30 दिन का समय देने की मांग ठुकराते हुए कहा, “नहीं मतलब नहीं। फैसला सुरक्षित रखा जा रहा है और समय नहीं मिलेगा।” सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पेमेंट करने की इच्छा है तो देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप पेमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि जेल जा चुके हैं, इसलिए पेमेंट नहीं करेंगे। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं, तो फिर मामले की सुनवाई क्यों हो रही है। पेमेंट कर दीजिए।” शिकायतकर्ता पक्ष बोला- 7.75 करोड़ अभी भी बाकी मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सजा पूरी करने से वित्तीय देनदारी खत्म नहीं होती। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि राजपाल यादव 10 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेमेंट न होने के बाद ही कार्यवाही शुरू की गई। कुल 7.75 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट से पहले करीब 2 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन-टाइम सेटलमेंट की संभावना भी तलाशी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाएं तो विवाद सुलझ सकता है, जिस पर शिकायतकर्ता भी सहमत दिखा। राजपाल यादव ने कहा, “उन्होंने मुझसे 17 करोड़ रुपए ले लिए हैं। मेरे पांच फ्लैट बेचने पड़े हैं। मैं फिर से कोर्ट जाने के लिए तैयार हूं। मैं भावुक नहीं हूं, मुझे पांच बार और जेल भेज दो।” हालांकि, जब उन्होंने रकम जुटाने के लिए 30 दिन का समय मांगा तो अदालत ने इनकार कर दिया। समझौता नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्या है पूरा मामला साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टियों के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। इसके बाद वह लगभग 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर 16 फरवरी को बाहर आए थे।








