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समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि विंदू के पिता रामानंद सागर की रामायण में हनुमान का रोल निभाना था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा, “अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” उन्होंने विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायण विंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।

विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ (1987) में विंदू के पिता दारा सिंह ने हनुमान का रोल निभाया था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा कि अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। विंदू ने फिल्म के विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर की तारीफ की विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायण विंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।

डिहाइड्रेशन का खतरा होता है कम, पाचन तंत्र रहेगा दुरुस्त, गर्मी में करें इसका सेवन, शरीर रहेगा निरोग

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Last Updated:April 03, 2026, 11:54 IST खीरा त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी होता है.इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ उसे निखारने में मदद करते हैं. खीरे का सेवन करने से त्वचा में नमी बनी रहती है और गर्मी के कारण होने वाली जलन या रूखापन कम हो सकता है. नियमित रूप से खीरे का सेवन करने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और शरीर में तरावट बनी रहती है. गर्मी का मौसम आते ही बाजार में खीरे की भरमार दिखने लगती है. ठंडक देने वाला यह साधारण सा दिखने वाला फल, सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. आपको बताते चलें कि खीरे में पानी की मात्रा लगभग 90 प्रतिशत तक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. यही वजह है कि गर्मी में खीरा खाने की सलाह दी जाती है. दरअसल रायबरेली जिले के आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय)लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि खीरा शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाने में मददगार होता है. गर्मियों में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, ऐसे में खीरा इस कमी को पूरा करता है. नियमित रूप से खीरे का सेवन करने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और शरीर में तरावट बनी रहती है. खीरा पाचन तंत्र के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि भोजन के साथ सलाद के रूप में खीरा खाने से पेट साफ रहता है और अपच, गैस जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं. यह आंतों को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है.वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए भी खीरा एक अच्छा विकल्प है.इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, जबकि पानी और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इससे पेट जल्दी भर जाता है और ज्यादा खाने की इच्छा कम हो जाती है. इसलिए डाइट प्लान में खीरे को शामिल करना लाभकारी माना जाता है. खीरा त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी होता है.इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ उसे निखारने में मदद करते हैं. खीरे का सेवन करने से त्वचा में नमी बनी रहती है और गर्मी के कारण होने वाली जलन या रूखापन कम हो सकता है. कई लोग खीरे के स्लाइस आंखों पर रखकर भी ठंडक और आराम पाते हैं.इसके अलावा खीरा ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है. इसमें पोटैशियम पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है. स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक खीरे को सलाद, रायता या जूस के रूप में सेवन किया जा सकता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी से होने वाली कई परेशानियों से बचाव होता है. First Published : April 03, 2026, 11:54 IST

बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी के पाटी थाना क्षेत्र के गोलगांव में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। बिलियापानी घाट पर बड़वानी से सेमलेट जा रही एक इको वाहन गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 600 मीटर गहरी खाई में गिरी कार पुलिस के अनुसार, वाहन चालक को नींद आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 600 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में सकरीया पिता रजान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक इकराम पिता रुलसिंग ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बड़वानी अस्पताल से वापस लौट रहे थे जानकारी के मुताबिक, सेमलेट गांव के चार युवक रात में एक गंभीर बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए पाटी लाए थे। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया था। बीमार व्यक्ति को अस्पताल छोड़कर ये युवक वापस अपने घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रभारी एसडीओपी महेश सुनैया के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद खाई से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में दो की मौत, दो घायल पुलिस ने बताया कि सकरीया पिता रजान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि इकराम पिता रुलसिंग की मौत अस्पताल में हुई। बियालाल पिता भीमसिंग और भंगा पिता रजान गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बड़वानी भेजा गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों का मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

चेहरे पर गुलाबी निखार और आंखों की बाज की नजर देता है यह पीला फल! सप्ताह में एक दिन भी खाएंगे तो मिलेंगे इतने फायदे

खुबानी बेहद पौष्टिक फल है. खुबानी विटामिन सी का भंडार है. खुबानी में गहरे पीले रंग का होता है. खुबानी में प्रचूर मात्रा में फाइबर प्रोटीन, सोडियम, आयरन, कैल्शियम,कई तरह के विटामिन औ अन्य माइक्रो न्यूट्रेंट्स होते हैं. ये सब मिलकर सेहत के लिए खुबानी को अमृत तुल्य बनाते हैं. अगर आप सप्ताह में एक या दो दिन भी खुबानी का सेवन करेंगे तो इससे गजब के फायदे दिखेंगे.

Last Updated:April 03, 2026, 11:36 IST Benefits of Apricot : प्रकृति में हमारी सेहत के लिए कई अनोखे फल हैं. इन्हीं में से एक है खुबानी. खुबानी हमारी स्किन और नजर के लिए वरदान से कम नहीं है. खुबानी में मौजूद विटामिन सी और ए कोलेजन को बढ़ाते हैं. इससे स्किन पर झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा में कसाव आता है. यह एंटीऑक्सीडेंट्स का बड़ा स्रोत है जो सूरज की किरणों से होने वाले डैमेज से बचाते हैं और चेहरे पर कुदरती ग्लो लाते हैं. वहीं खुबानी में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ई भी मौजूद होता है जो आंखों में बाज की नजर दे सकता है. आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं. खुबानी बेहद पौष्टिक फल है. खुबानी विटामिन सी का भंडार है. खुबानी में गहरे पीले रंग का होता है. खुबानी में प्रचूर मात्रा में फाइबर प्रोटीन, सोडियम, आयरन, कैल्शियम,कई तरह के विटामिन औ अन्य माइक्रो न्यूट्रेंट्स होते हैं. ये सब मिलकर सेहत के लिए खुबानी को अमृत तुल्य बनाते हैं. अगर आप सप्ताह में एक या दो दिन भी खुबानी का सेवन करेंगे तो इससे गजब के फायदे दिखेंगे. दिल की सेहत और वजन कंट्रोल में फायदेमंद- खुबानी में क्लोरोजेनिक एसिड और केटेचिन जैसे शक्तिशाली कंपाउंड होते हैं, जो शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करते हैं. ये फ्री रेडिकल्स शरीर में ‘ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस’ पैदा करते हैं, जो हृदय रोगों और मोटापे की मुख्य जड़ है. जब आप नियमित रूप से खुबानी का सेवन करते हैं, तो ये एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव को कम कर धमनियों को स्वस्थ रखते हैं. इससे न केवल दिल की बीमारियों का खतरा टलता है, बल्कि शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है, जिससे बढ़ते वजन और मोटापे पर लगाम लगाना आसान हो जाता है. स्किन पर लाता है ग्लो-प्रदूषण, धूप और स्मोकिंग हमारी त्वचा को अंदरूनी रूप से सुस्त और खराब कर देते हैं. खुबानी एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है, जो सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से स्किन की रक्षा करती है. इसमें मौजूद विटामिन C और विटामिन E का कॉम्बिनेशन त्वचा की लोच (Elasticity) बनाए रखता है, जिससे उम्र से पहले चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं नहीं आतीं. खुबानी खाने से स्किन सेल्स डैमेज होने से बचते हैं और पर्यावरण के जहरीले तत्वों का असर कम होता है, जिससे आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां और चमकदार बनी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google आंखों में बाज की नजर-खुबानी आंखों के लिए सुपरफूड है. इससे आंखों में बाज की नजर आ सकती है. खुबानी में प्रचुर मात्रा में विटामिन A, विटामिन E और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है. विटामिन A रात के अंधेपन (Night Blindness) को रोकने में मदद करता है, जबकि विटामिन E आंखों के नाजुक ऊतकों को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है. खुबानी में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर के अंदर जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो रेटिना की सुरक्षा करता है. इसका नियमित सेवन बढ़ती उम्र में होने वाली धुंधली दृष्टि की समस्या को कम करता है और आंखों की प्राकृतिक रोशनी को बनाए रखने में सहायक होता है. बेहतर पाचन और गट हेल्थ-खुबानी पाचन तंत्र के लिए बेहद गुणकारी है. इसके एक कप सेवन से शरीर को लगभग 3.3 ग्राम फाइबर मिलता है. इसमें घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं. घुलनशील फाइबर पानी में मिलकर पेक्टिन जैसे तत्व बनाता है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं, जबकि अघुलनशील फाइबर मल को नरम कर कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. यह कॉम्बिनेशन पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे भोजन का अवशोषण बेहतर होता है और आप भारीपन या पेट की समस्याओं से मुक्त रहते हैं. इम्यूनिटी बूस्ट-खुबानी केवल स्वाद में ही अच्छी नहीं है, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है. इसमें मौजूद विटामिन और खनिजों का मिश्रण शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाता है. यह शरीर की सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद करती है, जो कई पुरानी बीमारियों का कारण बनती है. खुबानी में मौजूद आयरन और पोटेशियम जैसे तत्व शरीर में खून की कमी को पूरा करते हैं और ऊर्जा का स्तर बनाए रखते हैं. इसे अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर अंदर से मजबूत बनता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है. First Published : April 03, 2026, 11:36 IST

अयोध्या में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की हिंदू:खिलौना पिस्टल से की वारदात, दोस्त के साथ बाइक से भागी; दोनों गिरफ्तार

अयोध्या में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की हिंदू:खिलौना पिस्टल से की वारदात, दोस्त के साथ बाइक से भागी; दोनों गिरफ्तार

अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की और उसके दोस्त को पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। लड़की का नाम पायल और दोस्त का नाम राहुल है। वारदात के बाद पायल दुकान के बाहर खड़े राहुल के साथ बाइक से भाग निकली थी। पुलिस जांच में पता चला कि प्लानिंग के तहत राहुल ने बाजार से नकली पिस्टल और बुर्का खरीदा। इसके बाद पायल बुर्का पहनकर दुकान पर पहुंची। पिस्टल दिखाकर सोने का हार और चेन लूटकर फरार हो गई। पहचान छिपाने के लिए दोनों ने बुर्का पहनकर वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया था। मामला गुरुवार को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोठी बाजार का है। दुकान में लगे 6 सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई थी। कैमरे में जिस बाइक से दोनों फरार हुए थे, उसका नंबर कैद हो गया था। इसे ट्रेस कर पुलिस दोनों तक पहुंची। ADG जोन लखनऊ प्रवीण कुमार ने बताया- दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बुर्का पहनकर लूट करने वाली महिला का नाम पायल है। उसके साथ जो लड़का था, उसका नाम राहुल है। दोनों बंटी और बबली बनकर घटना को अंजाम दे रहे थे। दोनों दोस्त हैं। खिलौने की पिस्टल दिखाकर लूट की गई थी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… बुर्का पहनकर सोने का हार और चेन खरीदने पहुंची थी रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोठी बाजार के रहने वाले महेश सोना-चांदी के व्यापारी हैं। उनकी घर से 900 मीटर दूर अग्रवाल कॉम्प्लेक्स में महेश ज्वेलर्स नाम से दुकान है। गुरुवार दोपहर करीब 12.30 बजे बुर्का पहने एक महिला दुकान पर पहुंची। उसके पास एक पिट्‌ठू बैग था। उसने महेश से कहा- मुझे सोने का हार और चेन खरीदनी है। महेश ने उसके सामने एक सोने का हार और सोने की चेन रख दी। इसके बाद महिला ने महेश से पानी मांगा। महेश ने दुकान में काम करने वाले अंकित कुमार को पानी और समोसा लाने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद अंकित कुमार समोसा और पानी लेकर आ गया। उसने महिला को पानी और समोसा दिया। मगर महिला ने समोसा खाने से मना कर दिया। पानी की बोतल ले ली। बोली- समोसा नहीं खाती, मिठाई मंगवा दीजिए आरोपी महिला ने महेश से कहा- मैं समोसा नहीं खाती हूं। मेरे लिए मिठाई मंगवा दीजिए। महेश कुमार ने अंकित कुमार को बर्फी लेने भेज दिया। अंकित बर्फी लेने चला गया। इसी दौरान दुकान के कर्मचारी मनीराम ने हार और चेन को उठाकर काउंटर पर रख दिया। तभी महिला खड़ी हुई और दुकान के अंदर इधर-उधर घूमने लगी। महेश ने उससे पूछा क्या बात है? महिला बोली- हमारे पति पैसा निकालने गए हैं। अभी आए नहीं है। उन्हें ही देख रही हूं। इसके बाद वह काउंटर के पास आकर खड़ी हो गई। महेश अन्य सामान को अलमारी में रखने लगे, तभी आरोपी महिला ने बॉक्स में रखा सोने का हार और चेन उठा लिया। फिर अपना बैग उठाया। तभी दुकानदार महेश ने उसे टोका तो उसने अपनी कमर से पिस्टल निकाल ली। महेश की ओर तानकर बोली- आगे बढ़े तो गोली मार दूंगी। इसके बाद वह दुकान के बाहर भाग गई। महेश और मनीराम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया था। महिला दुकान से निकलकर पैदल भागी और कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े अपने साथी के साथ भाग गई थी। महेश ने बताया कि हार 26 ग्राम (22 कैरेट) का था। 2 अप्रैल को बाजार भाव के हिसाब से कीमत करीब 3 लाख 60 हजार बताई थी। ———————— अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…

अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जल्द ही कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और शिवराज परिवार आमने-सामने होंगे। मामला मानहानि केस से जुड़ा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट के समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच एक सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। साल 2018 में राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा हुई। इसमें राहुल ने भाषण देते हुए पनामा पेपर लीक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के इस बयान को अपनी छवि खराब करने वाला बताते हुए भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया। भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया और इसी को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। राहुल गांधी वर्सेस शिवराज सिंह चौहान के परिवार का यह केस सिर्फ कोर्ट तक नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी गहरा असर करेगा। एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी हैं तो वहीं दूसरी और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान का परिवार। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाए। बहरहाल, अब सब की नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देता है।

1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान:22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी

1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान:22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी

1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले पिलानी (झुंझुनूं) के शहीद धर्मपाल डूडी के अदम्य साहस को आधी सदी बाद एक नई पहचान मिली है। बांग्लादेश सरकार ने शहीद के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवार को ‘विशेष प्रशस्ति पत्र’ और ‘राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न’ भेंट किया। गुरुवार को जब सेना के अधिकारी यह सम्मान लेकर शहीद के पैतृक गांव धींधवा पहुंचे, तो पूरा माहौल ‘शहीद धर्मपाल अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। बांग्लादेश से भेजे गए सम्मान की PHOTOS…. 54 साल का इंतजार, 2018 में जारी हुआ था पत्र, अब पहुंचा घर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद के हस्ताक्षरों वाला यह सम्मान पत्र 27 नवंबर 2018 को जारी किया गया था। प्रशासनिक कारणों से इसे पहुंचने में देरी हुई, लेकिन गुरुवार दोपहर 2:30 बजे जब 65 मीडियम रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट विक्रांत, हवलदार रामबीर और अग्निवीर जीतू सिंह गांव पहुंचे, तो शहीद की यादें फिर ताजा हो गईं। जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। शरीर जख्मी था, लेकिन हौसला फौलादी 3 दिसंबर 1971 को अखोरा (ढाका) में भीषण जंग जारी थी। धर्मपाल डूडी और उनकी टीम पाकिस्तानी ठिकानों पर कहर बनकर टूट रही थी। इसी बीच पाकिस्तान की ओर से किए गए भारी बम हमले में धर्मपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। शहीद के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने बताया- दुश्मन का गोला उनके पास गिरा, वे लहूलुहान थे। शरीर से खून बह रहा था, लेकिन उन्होंने अपना रेडियो सेट और गन नहीं छोड़ी। दर्द असहनीय था, पर उनके दिमाग में सिर्फ दुश्मन को तबाह करने का लक्ष्य था। घायल अवस्था में भी वे अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक बमबारी करवाते रहे और अंततः 4 दिसंबर 1971 को वह वीरगति को प्राप्त हुए। 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे धर्मपाल डूडी (शहीद) के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने गर्व से बताया कि उनके चाचा 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे। महज 22 साल की उम्र में वह शहीद हो गए थे। सम्मान- यूनिट ने ‘धर्मपाल बैट्री’ रखा नाम लेफ्टिनेंट विक्रांत ने बताया कि 65 मीडियम रेजिमेंट की आर्टलरी यूनिट की एक बैट्री का नाम अब ‘शहीद धर्मपाल बैट्री’ रखा गया है। यह किसी भी सैनिक के लिए अद्वितीय सम्मान है। भारत सरकार उन्हें पहले ही ‘पूर्वी स्टार’ से नवाज चुकी है। 7 भाइयों में से 6 ने सेना में दीं सेवाएं शहीद धर्मपाल समेत परिवार में सात भाई हैं। इनमें सबसे बड़े भाई मक्खन लाल का 2002 में निधन हो चुका है। वे गांव में ही खेती करते थे। इसके अलावा लांस नायक अमर सिंह, सूबेदार शुभकरण, सूबेदार रणनीत सिंह, सूबेदार सत्यवीर सिंह, सूबेदार रामजीलाल सेना से रिटायर हो चुके हैं। शहीद धर्मपाल सिंह पांचवे नंबर के भाई थे। —- यह खबर भी पढ़िए… ऑपरेशन-सिंदूर में शहीद हुए सुरेंद्र मोगा वायु-सेना मेडल से सम्मानित:वीरांगना बोलीं-सुरेंद्र हमेशा कहते थे-देश पहले बाकी सब बाद में ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल (गैलंट्री)’ से सम्मानित किया गया। 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने यह वीरता सम्मान शहीद की वीरांगना पत्नी सीमा मोगा को प्रदान किया। (पढ़ें पूरी खबर)

बंगाल चुनाव 2026: ‘मैं पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनाऊंगा, ओसाकी रियल लीडर’, मिथुन मित्र का बयान वायरल

बंगाल चुनाव 2026: 'मैं पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनाऊंगा, ओसाकी रियल लीडर', मिथुन मित्र का बयान वायरल

मिथुन चक्रवर्ती ने दिया बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और बॉलीवुड अभिनेता मिथुन जोर शोर से लग गए हैं। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा, ‘जब तक मेरे बदन में एक बूंद खून रहेगा, तब तक कोई भी माई का लाल पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बना पाएगा।’ साथ ही मिथुन ने एसआईआर और वोटर लिस्ट विवाद पर वैष्णव कांग्रेस (टीएमसी) पर आधारित आधार बनाया। उन्होंने स्थानीय गुटों को टिकटें जारी करने के फैसले का समर्थन किया और इसे जीतने के लिए अहमद को बताया। हालाँकि, मिथुन ने अवैध घुसपैठियों को बड़े पैमाने पर घुसपैठियों को निशाना बनाते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों, खासकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के रोजगार और हकों पर असर पड़ रहा है। मिथुन मित्र ने असदुद्दीन ओवैसी को रियल मैड्रिड बताया मित्र ने एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘वो मुझे बहुत पसंद हैं, पढ़े लिखे हैं।’ इतने अच्छे हिस्से हैं. ‘ओसाई साहब एक रियल लीडर हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि बाहुबली के खिलाफ नहीं है। बीजेपी वो है जो भारत के खिलाफ रह कर भारत का नुकसान करना चाहती है। विशेष गहन पुनरावृति (SIR) को लेकर तृणमूल कांग्रेस की तरफ से दबाव डाला जा रहा सवाल पर मिथुन ने कहा कि बीजेपी के भी नाम वोट काटे गए. 5713 करोड़ सुपरस्टार्स को दिया। इतनी गंदी निकली है बंगाल के अंदर, लुक लेकर साफ करना चाहती है। स्थानीय नेताओं को टिकटें के निर्धारण के अनुसार मिथुन ने समर्थन दिया पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी चुनाव पर करते हुए मिथुन मित्र ने पार्टी की रणनीति और जमीनी स्तर पर अपने काम करने के तरीके पर भरोसा जताया है। उन्होंने पार्टी के स्थानीय आदिवासियों को चुनावी मैदान में नामांकन के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इस कदम से चुनाव में उनकी जीत की दूरी मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘इस बार हमने एक स्थानीय व्यक्ति को चुना है, लेकिन वो फैसला अच्छा हो या बुरा।’ अगर हमें चुनाव में शामिल किया गया है, तो हम किसी स्थानीय व्यक्ति को ही चुनाव में उतार देंगे, ताकि वो नामांकन वापस आ जाए. इसी उम्मीद के साथ, मैं कह सकता हूं कि हम निश्चित रूप से जीतेंगे।’ पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठिए पर मिथुन मित्र ने कहा जब मिथुन मित्र से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों की लूट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अभी भी इस बात पर सहमति जताई कि राज्य में अवैध घुसपैठ भी एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ये स्थलीय स्थानीय समूह प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें मुस्लिम नागरिक भी शामिल हैं। विशेष रूप से नौकरीपेशा और आवेदक के मामले में। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे बंगाल के मुस्लिम समुदाय के लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें गांव नहीं मिल पा रहे हैं जिन पर उनका हक है।’ उन्हें लाभ और सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं, जो केंद्र सरकार की ओर से हमारे मुस्लिम भाई-बहनों को दी जाती हैं।’