रिपोर्ट- ईरान जंग में शामिल हो सकता है UAE:होर्मुज को जबरन खोलने में अमेरिका की मदद करेगा; UN में सिक्योरिटी फोर्स के लिए प्रस्ताव

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) US-ईरान जंग में सीधे तौर पर शामिल होने की तैयारी कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा हैं। इस प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खोलने के लिए सभी तरीकों का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी जा रही है। इसके तहत हार्मुज सिक्योरिटी फोर्स बनाई जाएई, जो जहाजों की सुरक्षा तय करेगी। होर्मुज एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। ईरान ने इस रास्ते को बंद कर रखा है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। UAE पहला खाड़ी देश बन सकता है जो इस जंग में सीधे तौर पर हिस्सा लेगा। हाल के दिनों में ईरान ने UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। अब तक करीब 2500 हमले हो चुके हैं, जिनमें एयरपोर्ट, रिहायशी इमारत और ऑयल फैसिलिटी जैसे नागरिक ढांचों को नुकसान पहुंचा है। UAE दूसरे देशों से गठबंधन बनाने की मांग कर रहा UAE अमेरिका, यूरोप और एशिया के देशों से अपील कर रहा है कि वे एक साथ गठबंधन बनाएं और स्ट्रेट को सुरक्षित करें। UAE अधिकारी ने WSJ को बताया कि ईरान अपनी जान बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है, इसलिए वह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को भी बर्बाद करने को तैयार है। UAE का मानना है कि अगर UNSC से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाए तो वर्तमान में झिझक रहे एशियाई और यूरोपीय देश भी हार्मुज को खुलवाने में मदद करने के लिए आगे आ सकते हैं। रूस और चीन UAE के प्रस्ताव पर वीटो कर सकते हैं रिपोर्ट के मुताबिक, रूस और चीन इस प्रस्ताव को वीटो (रोक) कर सकते हैं। रिपोर्ट में खाड़ी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि भले ही प्रस्ताव पास न हो, UAE फिर भी सैन्य प्रयासों में समर्थन देने के लिए तैयार है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से UAE की तेल आपूर्ति, शिपिंग और खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यह इसे अपनी अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन मानता है। UAE माइंस हटाने, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने और अमेरिकी नेतृत्व वाले ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाने पर विचार कर रहा है। उसके पास जेबेल अली पोर्ट, एयरबेस और आधुनिक फाइटर जेट जैसे संसाधन मौजूद हैं। UAE ने अमेरिका से यह सुझाव भी दिया है कि वह हार्मुज में स्थित द्वीपों, खासकर अबू मूसा द्वीप पर कब्जा कर ले। ईरान पिछले लगभग पांच दशकों से इस द्वीप पर कब्जा किए हुए है, लेकिन UAE इसे अपना बताता है। UAE ने ईरानी लोगों के देश में आने पर बैन लगाया UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दुनिया भर में इस बात पर सहमति है कि होर्मुज में जहाजों को आने-जाने की आजादी होनी चाहिए। सऊदी अरब और दूसरे खाड़ी देश भी अब ईरान के खिलाफ हो गए हैं। वे चाहते हैं कि युद्ध तब तक चले जब तक ईरान की सरकार कमजोर न हो जाए। बहरीन इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा रहा है। गुरुवार को इसपर वोट हो सकता है। पहले UAE ईरान को पैसे से मदद करता था और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध थे। युद्ध शुरू होने से पहले UAE शांति बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब UAE ईरान को खतरनाक पड़ोसी मान रहा है। UAE ने ईरानी लोगों के देश में आने पर भी रोक लगा दी है। साथ ही कुछ ईरानी संस्थाओं को भी बंद कर दिया है। ईरान ने अमेरिका का साथ देने पर हमले की चेतावनी दी ईरान जंग शुरू होने के बाद कई बार खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी दे चुका है कि अगर कोई भी देश अमेरिका की जंग में मदद करेगा या हार्मुज को फिर से खोलने के प्रयासों में शामिल होगा, तो वह उस देश के अहम बुनियादी ढांचों को हमला कर नष्ट कर देगा। ईरान ने विशेष रूप से UAE को निशाना बनाते हुए कहा था कि अगर उन्होंने अमेरिका की मदद की तो उनके बंदरगाहों, एल्यूमिनियम प्लांट्स, गैस फील्ड्स, और बिजली सुविधाओं पर हमले किए जाएंगे। होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए अहम क्यों ईरान की मजबूती की सबसे बड़ी वजह हार्मुज की भौगोलिक स्थिति है। होर्मुज स्ट्रेट बहुत संकरा और उथला है। यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के पहाड़ी तट के बहुत करीब से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि ईरान इस इलाके का फायदा उठाकर दुश्मनों पर हमले करता है। ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो छोटे होते हैं, आसानी से छिपाए जा सकते हैं और अचानक इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये हथियार पहाड़ों, गुफाओं और सुरंगों में छिपे होते हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें तट के पास से ही लॉन्च किया जा सकता है। इस वजह से जहाजों को हमला होने पर प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है। जैसे ही मिसाइल या ड्रोन दिखाई देता है, उसके बाद कार्रवाई के लिए सिर्फ कुछ मिनट ही होते हैं।
गर्मियों में स्विमिंग करने का है प्लान? डॉक्टर की बताई 4 बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी आंखों की समस्या

Last Updated:April 01, 2026, 10:37 IST Summer Swimming Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग रोज स्विमिंग करना पसंद करते हैं. अगर आप स्विमिंग पूल में जाना पसंद करते हैं, तो पूल में उतरने से पहले शावर लेना, गॉगल्स पहनना, कॉन्टैक्ट लेंस हटाना और बाद में आंखें धोना जरूरी है. पूल में क्लोरीन और बैक्टीरिया होते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए. स्विमिंग पूल में हमेशा गॉगल्स लगाकर उतरना चाहिए. Doctor Tips To Keep Eyes Healthy: गर्मियों की तपिश से बचने के लिए कई लोग स्विमिंग पूल में घंटों बिताते हैं. स्विमिंग पूल में समय बिताना बेहद आरामदायक अनुभव होता है. अक्सर लोग इस मौसम में नजदीकी स्विमिंग पूल में जाना पसंद करते हैं, लेकिन इस दौरान आंखों की सेफ्टी को इग्नोर कर देते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन और बैक्टीरिया आंखों में जलन, खुजली और गंभीर कॉर्नियल इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं. इससे बचने के लिए लोगों को पूल में उतरने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आंखें सुरक्षित रहें और आप स्विमिंग का मजा भी ले पाएं. मुंबई के ASG विजन आई सेंटर के सीनियर ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु मेहता ने HT को बताया स्विमिंग पूल में उतरने से पहले शरीर और चेहरे को साफ पानी से धोना बहुत जरूरी है. चेहरे पर लगे तेल, लोशन या क्रीम क्लोरीन के साथ मिलकर क्लोरामाइन बनाते हैं. यही क्लोरामाइन आंखों में जलन और खुजली की मुख्य वजह होता है. पहले शावर लेने से इस रासायनिक प्रतिक्रिया को रोका जा सकता है. इसके अलावा स्विमिंग करते वक्त आंखों की सुरक्षा के लिए अच्छी क्वालिटी वाले गॉगल्स पहनना जरूरी है. आप ऐसे गॉगल्स चुनें, जो आंखों के चारों ओर अच्छी पकड़ बनाएं, ताकि पानी अंदर न जा सके. ये गॉगल्स पूल के केमिकल्स को आंखों से दूर रखते हैं और टियर फिल्म को सुरक्षित रखते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि स्विमिंग के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस पहनना इन्फेक्शन के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है. पानी के संपर्क में आने पर लेंस पर बैक्टीरिया पनप सकते हैं. क्लोरीन लेंस से चिपक जाता है और बैक्टीरिया को आंखों के संपर्क में रखता है, जिससे कॉर्नियल अल्सर हो सकता है. अगर आपकी नजर कमजोर है, तो साधारण लेंस के बजाय पावर वाले चश्मे का उपयोग करें. इसके अलावा स्विमिंग पूल से बाहर निकलने के बाद अपनी आंखों को साफ पानी से धोएं. आंखें बंद करके उन पर हल्के हाथ से पानी के छींटें मारें. इससे पलकों पर जमा क्लोरीन और रसायन निकल जाते हैं. इससे आंखों की लाली, ड्राइनेस और स्विमर्स आई की समस्या से बचाव हो सकता है. अगर प्रॉब्लम ज्यादा हो, तो टियर आई ड्रॉप्स का यूज कर सकते हैं. डॉक्टर मेहता चेतावनी देते हैं कि स्विमिंग पूल के पानी के संपर्क में आने के बाद आंखों को कभी न रगड़ें, क्योंकि इससे रगड़ लगने से कॉर्निया को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है. दरअसल स्विमिंग पूल का पानी क्लोरीन और सूक्ष्म कीटाणुओं से भरा होता है. जब आप स्विमिंग के बाद अपनी आंखों को रगड़ते हैं, तो हाथों पर मौजूद गंदगी और पूल के केमिकल्स सेंसिटिव टिश्यूज के संपर्क में आ जाते हैं. सबसे बड़ा खतरा कॉर्नियल एब्रेशन का होता है. रगड़ने से आंखों की बाहरी पारदर्शी परत कॉर्निय पर बारीक खरोंचें आ सकती हैं. अगर पानी में मौजूद बैक्टीरिया इन खरोंचों में प्रवेश कर जाएं, तो यह कॉर्नियल अल्सर या गंभीर संक्रमण का रूप ले सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 01, 2026, 10:37 IST
कर्नाटक में कांग्रेस को हराने के लिए मतदाताओं से अपील करते हुए कहा- मरते दम तक याद रखूंगा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के लिए प्रचार किया। पार्टी विपक्ष की बैठक को बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पर ‘धोखा और विश्वास’ का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थिर सरकार ‘दिनदहाड़े लूट’ में लगी है। उन्होंने दावा किया कि बागलकोट और दावणगेरे के लोगों की जोड़ी आगामी चुनाव में सिद्धारमैया को सत्य से हटाने का फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में पैसे के इस्तेमाल पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुनाव लड़ने वालों को सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी के वैयक्तिक उम्मीदवार श्रीनिवास दासकारियप्पा का पूरा समर्थन करने और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपील की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगालकोट और दावणगेरे में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए फंड को तेलंगाना की ओर मोड़ दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भाजपा के गठबंधन पर गरीबों के हित की कई नीतियां बंद करने का भी आरोप लगाना शुरू कर दिया। अपनी उम्र और दान का खुलासा करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि 85 साल की उम्र में भी वह प्रचार के लिए आए थे, लेकिन हर जगह नहीं जा सके। उन्होंने सिद्धांत से अभियान की जिम्मेदारी खुद ली और अगले दिन से खुद को सफल काम करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा, ‘अगर आप ऐसा करेंगे तो मैं आपको अपनी आखिरी सांस तक याद रखूंगा।’ येदियुरप्पा ने कहा कि लोग कांग्रेस सरकार के कुशासन से चिंतित हैं और अपील करते हैं कि चुनावी रैली में उम्मीदवार को जिताकर जवाब दें। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बसवराज बोम्मई ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में कर आतंक शुरू हो गया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार के पहले बजट में शराब, दूध और बिजली की भारी मात्रा में बढ़ोतरी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्टाम्प ड्यूटी, जमीन की सीमा और मोटर वाहन कर सहित लगभग सभी क्षेत्रों में कर बढ़ाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ”पिछले तीन पूर्वी राज्यों में इस सरकार ने लोगों पर 60,000 करोड़ रुपये का नया टैक्स लगाया है.” बोम्मई ने यह भी दावा किया कि सरकार ने करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है, जिसकी वजह से सिद्धारमैया को ‘रिकॉर्ड उधार लेने वाला’ कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘इससे पहले कभी हमने इस तरह की विचारधारा वाली सरकार नहीं देखी।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में बिना रिश्वत के नियुक्ति नहीं हुई और सरकारी चावल वितरण भी नहीं हुआ. उन्होंने सॉसेज की खरीद, बिहार के शेयरधारकों और निवेशकों के लिए निवेश पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री कार्यालय से हो रही है और आरोप लगाया गया है कि तबादले एक बड़ा उद्योग बन गया है और प्रशासन पूरी तरह से चरमरा गया है। बोम्मई ने कहा कि सरकार गरीबों के माध्यम से लोगों पर बोझ डाल रही है और उन्हें विश्वास है कि जनता भाजपा को आशीर्वाद देगी।
जमीनी विवाद में दो पक्षों में मारपीट, एक की मौत:पांच लोग घायल, मामा-बुआ के परिवार आपस में भीड़े, एक दूसरे पर लाठी-डंडे पत्थर से हमला

हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह जमीनी विवाद में 65 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस घटना में दोनों पक्षों के कुल छह लोग घायल हुए हैं। मृतक की पहचान दीपगांव निवासी अमरसिंह कलम (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमरसिंह के भाई सूरत सिंह, रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष से नारायण राजपूत शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए सिराली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। इनमें से तीन गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मामा-बुआ के परिवार आपस में भीड़े यह विवाद दो एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर मामा और बुआ के परिवारों के बीच हुआ बताया जा रहा है। एएसपी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि ग्राम दीपगांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंचकर विवाद के कारणों की जांच कर रही है।
सिंगरौली में बेमौसम बारिश से किसानों को चिंता:गेहूं की फसल पककर तैयार, नुकसान की आशंका; अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना

सिंगरौली जिले में बुधवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। बैढ़न सहित जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान लगभग 36 से 38 डिग्री के आसपास था। बुधवार को बारिश के कारण यह गिरकर करीब 30 से 32 डिग्री पर पहुंच गया। तापमान में आई इस गिरावट से मौसम सुहावना हो गया है। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई हालांकि, इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय जिले में गेहूं की फसल या तो पूरी तरह पककर खेतों में खड़ी है या कटाई के बाद खलिहानों में रखी हुई है। ऐसे में बारिश से फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहता है, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले एक से दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और कृषि विशेषज्ञ किसानों को सतर्क रहने और अपनी फसल को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
मुरैना में तेज रफ्तार एंबुलेंस और बाइक में टक्कर:एक युवक गंभीर घायल, इलाज के लिए ग्वालियर रेफर

नेशनल हाईवे 552 बागचीनी थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार एंबुलेंस और बाइक में आमने सामने से भिड़ंत हो गई जिसमें बाइक सवार युवक गंभीर घायल हो गया । घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है । युवक की पहचान अभी नहीं हो पाई है । पुलिस युवक की पहचान में जुट गई है । नेशनल हाईवे 552 पर हादसा बागचीनी थाना क्षेत्र के छैरा गांव के पास सबलगढ़ तरफ से आ रही तेज रफ्तार एंबुलेंस क्रमांक MP 07 DA 1326 और एक बाइक में आमने सामने से भिड़ंत हो गई । इस भिड़ंत में बाइक सवार युवक गंभीर घायल हो गया जिसे प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर हालत में इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है । युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है । रोड क्रास करते समय हादसा छैरा गांव के पास बाइक सवार युवक नेशनल हाईवे क्रमांक 552 को क्रास कर रहा था उसी समय सबलगढ़ तरफ से आ रही एंबुलेंस से टकरा गया । टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए । और युवक गंभीर घायल हो गया । इलाज आवश्यक बागचीनी थाना प्रभारी शशि कुमार के अनुसार युवक की पहचान जल्द कर ली जाएगी आस पास के किसी गांव का ही रहने वाला होगा सर्वप्रथम इलाज करवाना आवश्यक था इसलिए पुलिस ने यह सुनिश्चित किया । कार्यवाही की जा रही है ।
स्किन के लिए कौन सा विटामिन जरूरी? हेल्दी-ग्लोइंग त्वचा चाहिए, तो रोज थाली में परोसें ये 5 पोषक तत्व

Skin Ke Liye Konsa Vitamin: उम्र के साथ त्वचा की रंगत और लचीलापन भी प्रभावित होता है. लेकिन अगर शरीर को सही पोषण मिलता रहे, तो त्वचा पर एजिंग की रफ्तार को कंट्रोल किया जा सकता है. सही पोषण न सिर्फ त्वचा को लंबे समय तक यूथफुल रखने में मदद करता है, बल्कि धूप, धूल और प्रदूषण से भी इसे प्रोटेक्ट करता है. ऐसे में महंगे क्रीम और लोशन पर खर्च करने की बजाय, अगर आप अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल करें, तो आपकी त्वचा बढ़ती उम्र में भी खूबसूरत नजर आएगी. तो चलिए, आज हम आपको बताते हैं कि स्किन के लिए कौन सा विटामिन जरूरी है (skin ke liye konsa vitamin chahiye) और किन चीजों से इन पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है. 1.विटामिन A: रिपेयरिंग के लिए जरूरीवेबएमडी के विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा की ऊपरी और निचली, दोनों परतों को विटामिन A की जरूरत होती है. यह कोलेजन को टूटने से रोकता है और धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है. इसकी कमी से त्वचा रूखी, खुजलीदार या दानेदार हो सकती है. स्रोत: पालक, आम, अमरूद, मछली, अंडे और पनीर. वेबएमडी के विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा की ऊपरी और निचली, दोनों परतों को विटामिन A की जरूरत होती है. 2.विटामिन C: कोलेजन का साथीअगर आप पूछना चाहते हैं कि स्किन के लिए कौन सा विटामिन बेस्ट है(skin ke liye konsa vitamin best hai) तो इस लिस्ट में विटामिन C सबसे ऊपर आता है. यह कोलेजन को अपना आकार बनाए रखने में मदद करता है. यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो फ्री रेडिकल्स से लड़ता है. इसकी कमी से मसूड़ों से खून आना और घावों का धीरे भरना जैसी समस्या हो सकती है. स्रोत: खट्टे फल (संतरा, नींबू), कीवी, ब्रोकली और स्ट्रॉबेरी. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 3.विटामिन E और जिंक (Zinc)-विटामिन ई स्किन पर हुए किसी भी तरह के सूजन को कम करता है और झुर्रियों व ढीली त्वचा से बचाता है. यह विटामिन C के साथ मिलकर कोशिका की दीवारों को मजबूती देता है. वहीं जिंक, त्वचा की बाहरी परत में नीचे वाली परत की तुलना में 5 गुना ज्यादा होता है. यह घावों को भरने और सेल्स के विभाजन में मदद करता है. 4.सेलेनियम (Selenium) त्वचा का रक्षकसेलेनियम एक ऐसा खनिज है जो एंटीऑक्सीडेंट्स को आपकी त्वचा की रक्षा करने में मदद करता है. अगर शरीर में इसकी कमी हो तो स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. स्रोत: साबुत अनाज, केले, अंडे और मछली. 5.हेल्दी फैट्स: त्वचा पर नेचुरल ग्लो के लिएआपकी त्वचा को “ग्लो” देने का काम हेल्दी फैट्स करते हैं. अगर आपके आहार में फैट की कमी है, तो त्वचा सूखी और झुर्रियों वाली दिख सकती है. मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स: ये नट्स, बीज, एवोकैडो और मछली में पाए जाते हैं. ये त्वचा को नम और लचीला रखते हैं. ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह शरीर खुद नहीं बना सकता, लेकिन कोशिका की दीवारों के निर्माण के लिए यह जरूरी है. यह सूजन (inflammation) को कम करता है और त्वचा के कैंसर से बचाने में भी सहायक हो सकता है. 6.प्रोटीन: स्किन स्ट्रक्चर का मुख्य आधारआपका शरीर प्रोटीन को अमीनो एसिड में बदलता है, जिससे कोलेजन (collagen) और केराटिन बनते हैं. ये त्वचा की बनावट को मजबूत करते हैं. कुछ अमीनो एसिड एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं, जो धूप की हानिकारक किरणों (UV rays) से स्किन सेल्स को बचाते हैं. कुल मिलाकर, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि फल और सब्जियां आपकी त्वचा के सबसे अच्छे दोस्त हैं. ऐसे में मछली, अंडे, अलसी के बीज (flaxseeds) और जैतून का तेल आदि भी कुछ ऐसे सुपरफूड्स हैं जिनमें ये सभी विटामिन भरपूर मात्रा में मिलते हैं. लेकिन अगर आप किसी भी सप्लीमेंट (जैसे फिश ऑयल या जिंक) को शुरू करने की सोच रहे हैं, तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. कुछ सप्लीमेंट्स आपकी अन्य दवाइयों (जैसे ब्लड थिनर या एंटीबायोटिक्स) के असर को कम कर सकते हैं.
छिंदवाड़ा में डिलीवरी पॉइंट पर नहीं पहुंचे सिलेंडर:हंगामें के बाद हरकत में आए अफसर, व्यवस्था सही करने का दावा

छिंदवाड़ा: शहर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर्याप्त होने के बावजूद वितरण व्यवस्था बिगड़ने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर परासिया रोड और शक्ति नगर क्षेत्र में समय पर सिलेंडर डिलीवरी नहीं होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया। गुस्साए उपभोक्ता सीधे गोदाम पहुंच गए, जहां उन्होंने एजेंसी संचालकों के खिलाफ जमकर विरोध जताया। लोगों का आरोप था कि समय पर डिलीवरी नहीं होने से उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि बुकिंग पहले से की जा चुकी है। मामले की जानकारी लगते ही आपूर्ति विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए और व्यवस्था सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाए। लंबित बुकिंग को कम करने के लिए एक ही दिन में 2600 से ज्यादा गैस सिलेंडर की डिलीवरी कराई गई। यह डिलीवरी प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में सुनिश्चित कराई गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने तीनों तेल कंपनियों की गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि होम डिलीवरी नियमित रूप से की जाए और डिलीवरी पॉइंट पर वाहन तय समय पर पहुंचें। आमतौर पर जहां रोजाना करीब 1500 सिलेंडर की डिलीवरी होती थी, वहीं विशेष प्रयासों के चलते 2607 सिलेंडर वितरित किए गए। प्रशासन का कहना है कि आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
हैदराबाद में महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या की:खुद भी सुसाइड किया; पति के दोबारा शादी करने से नाराज थी

हैदराबाद में महिला ने दो बेटों की हत्या के बाद सुसाइड कर लिया। तीनों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। महिला के पति ने दूसरी शादी की थी, जिसके बाद से परिवार में झगड़ा था। पुलिस के मुताबिक घटना कुकाटपल्ली के राघवेंद्र कॉलोनी में 31 मार्च की दोपहर 1.30 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक श्रावंती का पति प्रवीण दोपहर में जब घर लौटा तो मेन गेट बंद था। कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब गेट नहीं खुला तो प्रवीण ने पड़ोसियों की मदद से गेट तोड़ा। अंदर श्रावंती (29) और दोनों बेटों कार्तिक (12) और कौशिक (10) के शव थे। दोपहर 2 बजे पुलिस को जानकारी मिली। वहीं, बेटी की मौत की खबर सुनकर वारंगल जिले के चेन्नारावपेट में श्रावंती के परिवार ने उसके ससुराल वाले घर और पशुशाला में आग लगा दी। जमकर हंगामा भी किया। पुलिस ने लोगों को शांत कराया। प्रवीण की दूसरी शादी से परेशान थी ACP नरेश रेड्डी के मुताबिक पारिवारिक विवाद में मर्डर और सुसाइड का मामला लग रहा है। जानकारी मिली है कि प्रवीण ने एक और शादी की थी। इसके बाद से श्रावंती और प्रवीण के बीच झगड़ा था। श्रावंती हैदराबाद वाला घर छोड़कर बेटों के साथ मायके चली गई थी। कुकटपल्ली DCP रीति राज के मुताबिक प्रवीण के खिलाफ BNS की धारा 108 के तहत खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।
किडनी स्टोन का खतरा महिलाओं को ज्यादा होता है या पुरुषों को? इस बात में कितनी हकीकत, डॉक्टर से जानिए

Last Updated:April 01, 2026, 09:22 IST Kidney Stone Risk Factors: किडनी स्टोन की परेशानी तेजी से बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हो रहे हैं. डॉक्टर्स की मानें तो पुरुषों को किडनी स्टोन का रिस्क थोड़ा ज्यादा होता है, लेकिन महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं. अगर लाइफस्टाइल और खानपान पर ध्यान दिया जाए, तो किडनी स्टोन से बचा जा सकता है. किडनी स्टोन का खतरा पुरुषों को थोड़ा ज्यादा होता है, लेकिन महिलाएं भी इसका शिकार हो जाती हैं. Kidney Stone Causes: जब हमारी किडनी में साल्ट इकट्ठा हो जाते हैं और बाहर नहीं निकल पाते हैं, तब ये स्टोन बन जाते हैं. किडनी स्टोन की समस्या आजकल तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में युवा इसका शिकार हो रहे हैं. खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान किडनी स्टोन की सबसे बड़ी वजह है. इसके कई अन्य रिस्क फैक्टर्स भी होते हैं. अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या किडनी स्टोन की समस्या पुरुषों को ज्यादा होती है या महिलाओं को? चलिए इस बारे में डॉक्टर से जान लेते हैं. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया कि पुरुषों को महिलाओं की तुलना में किडनी स्टोन का रिस्क ज्यादा होता है. इसकी वजह उनकी शारीरिक संरचना और हार्मोनल बनावट है. पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन होता है, जो लिवर में ऑक्सालेट के उत्पादन को बढ़ावा दे सकता है. इससे स्टोन का जोखिम बढ़ता है. इसके अलावा पुरुष आमतौर पर हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं, जिसकी वजह से भी स्टोन बनने का खतरा बढ़ता है. हालांकि महिला और पुरुषों में यह अंतर बहुत ज्यादा नहीं होता है. उदाहरण के तौर पर अगर किडनी स्टोन के 1000 पेशेंट हैं, तो उनमें 550 पुरुष और 450 महिलाएं हो सकती हैं. आजकल महिलाएं भी किडनी स्टोन की चपेट में आ रही हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि आजकल महिला और पुरुष दोनों की लाइफस्टाइल बिगड़ गई है. लोग जमकर जंक फूड का सेवन कर रहे हैं और शुगरी ड्रिंक्स पी रहे हैं. इसकी वजह से किडनी स्टोन के मामले बढ़ रहे हैं. इसके अलावा मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है, जो आमतौर पर किडनी की रक्षा करता है. एस्ट्रोजन कम होने से पेशाब में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पथरी का जोखिम बढ़ जाता है. भले ही महिलाओं को स्टोन का खतरा पुरुषों की तुलना में कम होता है, लेकिन महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) होने की आशंका बहुत अधिक होती है. एक्सपर्ट के अनुसार चाहे आप पुरुष हों या महिला, किडनी स्टोन से बचने के उपाय एक जैसे हैं. किडनी स्टोन से बचने के लिए अपने खानपान में सुधार करें और लाइफस्टाइल को बेहतर बनाएं. रोज 2 से 3 लीटर पानी पिएं, नमक का सेवन कम करें, नॉनवेज का सेवन कम करें और संतुलित मात्रा में कैल्शियम का सेवन करें. अगर आपको किडनी स्टोन के लक्षण नजर आएंगे, तो डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराएं. वक्त रहते किडनी स्टोन का पता लग जाए, तो इसे दवाओं से बाहर निकाला जा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 01, 2026, 09:22 IST







