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सचिव पर जान से मारने की धमकी का आरोप:हरदा में चौकीदार बोला गवाही देने पर धमकाया, विधायक प्रतिनिधि से भी चल रहा विवाद

सचिव पर जान से मारने की धमकी का आरोप:हरदा में चौकीदार बोला गवाही देने पर धमकाया, विधायक प्रतिनिधि से भी चल रहा विवाद

हरदा में जनपद सचिव अशोक जाट और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के बीच चल रहा विवाद अब और बढ़ता जा रहा है। मंगलवार शाम एक नया मोड़ तब आया, जब जनपद के चौकीदार अभिषेक चौहान ने सिटी कोतवाली थाने में सचिव अशोक जाट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। गवाही देने पर धमकी का आरोप चौकीदार अभिषेक चौहान का आरोप है कि सचिव अशोक जाट ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि यह धमकी विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल और सचिव के बीच हुए विवाद में गवाही देने को लेकर दी गई है। पहले से चल रहा है दोनों के बीच विवाद यह मामला कुछ दिनों पहले शुरू हुआ था, जब ग्राम पंचायत कोलीपुरा के सचिव अशोक जाट और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में केस दर्ज कराए थे। सचिव संघ ने की हड़ताल इस पूरे मामले को लेकर 31 मार्च से सचिव संघ ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। संघ की मांग है कि विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, हरदा विधायक डॉ. आर.के. दोगने और जिले की तीनों जनपद के अध्यक्ष व सदस्य राहुल पटेल के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से मिलकर सचिव अशोक जाट को निलंबित करने की मांग की है। सचिव ने आरोपों को बताया गलत सचिव अशोक जाट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वे हड़ताल की सूचना देने और गुम हुए शासकीय रिकॉर्ड की जानकारी देने जनपद कार्यालय गए थे। इसी दौरान राहुल पटेल उन्हें मारने दौड़े, जिसके बाद वे वहां से निकल गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सड़क पार करते बाघ के नजदीक पहुंच बनाया वीडियो:बैरियर एंट्री के आधार पर जांच में जुटा प्रबंधन; चिन्हित लोगों से पूछताछ के बाद होगी कार्रवाई

सड़क पार करते बाघ के नजदीक पहुंच बनाया वीडियो:बैरियर एंट्री के आधार पर जांच में जुटा प्रबंधन; चिन्हित लोगों से पूछताछ के बाद होगी कार्रवाई

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के भद्राशिला मार्ग पर एक बाघ को सड़क पार करते समय पर्यटकों ने नजदीक जाकर वीडियो बना लिया। घटना को प्रबंधन ने एक बड़ी लापरवाही माना है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर हुई। जब बाघ सड़क पार कर रहा था, तो दोनों ओर से वाहनों का जाम लग गया। कई पर्यटक बाघ के बेहद करीब पहुंच गए और उसके वीडियो बनाने लगे। जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू वीडियो रविवार को सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन हरकत में आया। सहायक संचालक दिलीप मराठा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रबंधन वीडियो में दिख रहे वाहनों और व्यक्तियों की पहचान करने में जुटा है। इसमें जंगल सफारी के लिए उपयोग की जाने वाली कई टूरिस्ट गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनके नंबर वीडियो में स्पष्ट दिख रहे हैं। वीडियो में दिखी गाड़ियों और लोगों की पहचान जारी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बुधवार को बताया कि वीडियो में दिख रही गाड़ियों और बैरियर में दर्ज हुई एंट्री की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाघ के नजदीक दिख रहे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। सभी चिन्हित व्यक्तियों से पूछताछ के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। श्री सहाय ने यह भी बताया कि वे स्वयं इस पूरे मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं। वीडियो में यह भी देखा गया कि कुछ लोग पैदल ही बाघ के नजदीक पहुंच गए थे। वहीं, कुछ बाइक सवार भी पहले बाघ के करीब पहुंचे, लेकिन बाघ को नजदीक से देखकर वे भागते हुए दिखाई दिए। घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है।

बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के काफिले पर टीएमसी सोला का हमला, एक बीजेपी कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती

बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं के काफिले पर टीएमसी सोला का हमला, एक बीजेपी कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती

पश्चिम बंगाल के कुमकुम, बिहार के दक्षिण जिला क्षेत्र के केशरीबारी इलाके में मंगलवार (31 मार्च) को भाजपा प्रत्याशी के दल पर पुराने कांग्रेसी नेता ने कथित तौर पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान बीजेपी प्रत्याशी के काफिले में एक गाड़ी को शामिल किया गया. एक सहयोगी कार्यकर्ता घायल हो गया. घायल पार्टी कार्यकर्ता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुटज बिहार की दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार रथींद्रनाथ बोस ने ऑलमोइज़ कांग्रेस पर हमले का सीधा आरोप लगाया है। हालांकि कैथोलिक कांग्रेस नेतृत्व ने सहयोगियों का खंडन करते हुए दावा किया है कि यह घटना जनता के लिए थी। पुलिस के अनुसार बीजेपी उम्मीदवार अन्य पार्टी के नेताओं के साथ चुनावी प्रचार करके कूज बिहार लौट रहे थे। कामरेड भाईआरोप है कि केशरी क्षेत्र से गैंग टाइम में उनके काफिले पर हमला हुआ। हालाँकि पार्टी प्रत्याशी की गाड़ी को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पार्टी प्रत्याशी की एक अन्य गाड़ी छूट गई। इस हमले में अजित दास नाम का एक बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गया, जिसके इलाज के लिए कुमकुम बिहार जिले के महाराजा नारायण मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उम्मीदवार उम्मीदवार रथइंद्रनाथ बोस ने क्या कहापार्टी के उम्मीदवार रथइंद्रनाथ बोस ने घटना को लेकर कहा कि आज सुबह हम एक ग्रामीण क्षेत्र में अपनी पार्टी के साथ बैठक करने गए थे। इसी बीच हमें अचानक सूचना मिली कि कुछ बाहरी उपद्रवियों ने उस क्षेत्र में हमारी पार्टी के झंडे दिए हैं। उन्होंने नारे लगाते हुए उन्हें आग लगा दी। वहाँ भारी भीड़ जमा थी लेकिन उनमें से अधिकांश तितर-बितर हो गये। फिर भी कुछ लोग एक साथ जुड़े रहे और हमने उनकी साथ बैठक की। उम्मीदवार ने आगे कहा कि वापसी करते समय हमने सड़क पर कुछ उन्मादी गुंडों को हमारी ओर बढ़ते देखा। बांस के डंडों से लावारिस झंडे लेकर उन्होंने हमला कर दिया। हमारे दो-तीन स्केच किसी तरह वहां से निकल गए, फिर उन्होंने एक खचाखच गाड़ी को प्लास्टिक बनाया और उसके सभी टुकड़ों को तोड़ दिया। उन्होंने हमारे दो-तीन साथियों को भी बांस के डंडों से मारा, जिनमें से कुछ के सिर पर चोट आई, जबकि अन्य के कंधे पर वार किया गया. क्या बोले सोलो नेता अब्दुल जलीलउन्होंने पुलिस पर ज़ोरदार ज़ोरदार आवाज़ उठाते हुए कहा कि कहीं भी एक भी विशेषज्ञ नज़र नहीं आया। हमने पुलिस को पहले ही स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था कि हम उस स्थान पर जा रहे हैं। इस बीच कैथोलिक कांग्रेस के नेता अब्दुल जलील अहमद ने कहा कि ये आरोप निराधार हैं. उन्होंने कहा कि इस त्रिस्तरीय प्रक्रिया में जिला और ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने से लेकर गैर-सरकारी क्षेत्र में नाम वापस लेने तक ऐसे विरोध प्रदर्शन देखने को मिलते हैं, जहां भी जाना तय होता है। हमारी पार्टी का कोई हाथ नहीं है. ये भी पढ़ें जनगणना 2027: 33 सवालों के लिए रहें तैयार, सवालों में सरकार पूछेगी तो बताना ही होगा!

आपके शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस है या नहीं? पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराएं, डॉक्टर से समझिए

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Last Updated:April 01, 2026, 08:24 IST Insulin Resistance in Body: लंबे समय तक शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण टाइप 2 डायबिटीज डेवलप हो जाती है. कई बार इंसुलिन रेजिस्टेंस शुरू हो जाता है, लेकिन लोगों को इसका पता ही नहीं चलता है. अगर आपको डायबिटीज का रिस्क है, तो HOMA-IR और OGTT टेस्ट करवा सकते हैं. इससे अनुमान लग जाता है कि आपके शरीर में इंसुलिन रेंजिस्टेंस है या नहीं. HOMA-IR टेस्ट के जरिए इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाया जा सकता है. Test to Check Insulin Sensitivity: इंसुलिन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी हार्मोन है. यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है. यह शरीर में नेचुरल तरीके से बनता है और कई प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होता है. कई लोगों का शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता है और धीरे-धीरे वे टाइप 2 डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो लोगों को सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की भी समय-समय पर जांच करानी चाहिए. सही वक्त पर इसका पता लग जाए, तो डायबिटीज के मरीज बनने से बचा जा सकता है. इस बारे में डॉक्टर से जरूरी बातें जान लेते हैं. गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया कि इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें आपकी मसल्स, फैट और लिवर की कोशिकाएं इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाती हैं. इसकी वजह से पैनक्रियाज ज्यादा इंसुलिन पंप करता है. अगर आपके शरीर में इंसुलिन का स्तर बहुत ज्यादा है, तो यह संकेत है कि आप भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज की ओर बढ़ रहे हैं. इसकी समय पर जांच आपको गंभीर बीमारियों से बचा सकती है. इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाने के लिए आमतौर पर HOMA-IR, फास्टिंग इंसुलिन और OGTT की सलाह दी जाती है. क्या है HOMA-IR टेस्ट? डॉक्टर पारस ने बताया कि शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाने के लिए होमियोस्टेटिक मॉडल असेसमेंट फॉर इंसुलिन रेजिस्टेंस (HOMA-IR) टेस्ट कराया जाता है. इसके लिए आपको खाली पेट ब्लड सैंपल देना होता है. यह टेस्ट आपके फास्टिंग ग्लूकोज और फास्टिंग इंसुलिन के स्तर के बीच का अनुपात निकालता है. अगर इस टेस्ट में आपका स्कोर 1.9 से कम है, तो यह नॉर्मल है. 1.9 से 2.9 के बीच स्कोर अर्ली रेजिस्टेंस दिखाता है. 2.9 से ऊपर का स्कोर गंभीर इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. फास्टिंग इंसुलिन टेस्ट एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर लोग अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करते हैं, लेकिन फास्टिंग इंसुलिन टेस्ट यह बताता है कि आपका शरीर कितनी मेहनत कर रहा है. कई बार ब्लड शुगर रिपोर्ट सामान्य आती है, लेकिन इंसुलिन का स्तर बहुत अधिक होता है. इसका मतलब है कि आपका शरीर शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए जरूरत से ज्यादा इंसुलिन बना रहा है, जो आगे चलकर थकान और मोटापे का कारण बनता है. ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट इसे शॉर्ट में OGTT कहा जाता है. यह टेस्ट यह देखने के लिए किया जाता है कि आपका शरीर ग्लूकोज लोड को कितनी अच्छी तरह संभालता है. इसमें आपको ग्लूकोज का घोल पिलाया जाता है और फिर निश्चित अंतराल पर ब्लड शुगर और इंसुलिन दोनों की जांच की जाती है. यह टेस्ट न केवल डायबिटीज का पता लगाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि खाने के बाद आपका इंसुलिन कितनी तेजी से बढ़ता या गिरता है. इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत डॉक्टर की मानें तो कुछ टेस्ट के अलावा आपके शरीर के कुछ लक्षण भी इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत देते हैं. पुरुषों में 40 इंच और महिलाओं में 35 इंच से अधिक की कमर का घेरा इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है. गर्दन के पीछे या बगल में त्वचा का काला होना भी इसका एक लक्षण हो सकता है. इसके अलावा खाना खाने के तुरंत बाद बहुत नींद आना और पेट भरा होने के बावजूद मीठा खाने की इच्छा होना भी इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 01, 2026, 08:24 IST

शाजापुर में 754 लोकेशन पर जमीन की दरें बढ़ीं:नई गाइडलाइन लागू होने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा; निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी

शाजापुर में 754 लोकेशन पर जमीन की दरें बढ़ीं:नई गाइडलाइन लागू होने से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा; निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी

शाजापुर जिले में 1 अप्रैल से जमीन की खरीद महंगी हो गई है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भोपाल ने वर्ष 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दी है, जिसके बाद जिले की 754 लोकेशन पर दरों में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि लागू की गई है। इन लोकेशन में 317 शहरी और 437 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं, जबकि 620 लोकेशन पर दरें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा नई दरें लागू होने से अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा। दरों में वृद्धि की आशंका के कारण मार्च के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यालयों में भारी भीड़ देखी गई। अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहे, और 31 मार्च को बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी संपत्तियों का पंजीयन कराया। शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग दरों से वृद्धि की गई है। कुछ इलाकों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं नाग-नागिनी रोड, सरस्वती नगर और नई सड़क जैसे क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी जमीन के साथ-साथ भवन निर्माण लागत में भी वृद्धि की गई है। नगर पालिका क्षेत्र में आवासीय निर्माण की लागत 10 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। व्यावसायिक निर्माण के लिए यह दर 13 हजार रुपए और कार्यालय-गोदाम के लिए 12 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कोरोना काल के बाद निर्माण लागत में यह पहली वृद्धि है। इस बढ़ोतरी से अब संपत्ति की खरीद और निर्माण दोनों ही महंगे हो गए हैं।

खाने में इस्तेमाल से लेकर जोड़ों के दर्द तक में राहत देता ये जादुई तेल, एक्सपर्ट ने गिनाए फायदे

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Last Updated:April 01, 2026, 08:12 IST Rewa News: डोरी का तेल सब्जी, पूरी-कचौड़ी समेत अन्य पकवान बनाने में काम आता है. पहले के समय में ग्रामीणों को साल में कम से कम 6 महीने तक खाद्य तेल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी. रीवा. मध्य प्रदेश का रीवा प्रकृति के गोद में बसा हुआ क्षेत्र है, जो प्राकृतिक उपहार अपने आंचल में संजोए हुए है, इस बात का अहसास होता है. ऐसे ही उपहारों में एक डोरी का फल भी है. औषधीय और बहुगुणी खूबियों से भरपूर डोरी ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होता है. इससे न सिर्फ ग्रामीणों को खाद्य तेल प्रचुर मात्रा में मिल जाता है बल्कि अच्छी आमदनी भी होती है. डोरी के तेल के फायदे बताते हुए रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन (MD) डॉक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने कहा कि डोरी के फल से अर्थ महुआ के फल से है. इस फल को चुनने के बाद ग्रामीण उसके बीज को निकालते हैं और धूप में सुखाते हैं. सूखे हुए बीज को उबालने के बाद उसका चूर्ण बना लेते हैं. उसके बाद इससे तेल निकालते हैं. डोरी का तेल खाने के साथ-साथ शरीर पर लगाने के भी काम में आता है. इस तेल से शरीर में होने वाले दर्द से राहत मिलती है. जोड़ों के दर्द में भी यह असरदार माना जाता है. आज भी रीवा के अधिकांश गांवों के लोग डोरी का तेल निकालते हैं. खासकर गरीब वर्ग के लोग तो बड़ी संख्या में डोरी का तेल निकालते हैं और खाद्य तेल के खर्च से बच जाते हैं. इसका तेल सब्जी बनाने के अलावा पूरी-कचौड़ी समेत अन्य पकवान बनाने में काम आता है. पहले के समय में ग्रामीणों को साल में कम से कम 6 महीने तक खाद्य तेल बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती थी. आज भी घर में ही डोरी का तेल निकालकर ग्रामीण उसका भरपूर उपयोग करते हैं. इस तेल का उपयोग खाने के साथ-साथ शरीर पर लगाने के लिए भी किया जाता है. अगर शरीर में दर्द हो, तो उसके इलाज में डोरी का तेल काफी फायदेमंद होता है. व्यवसायियों को बेच देते थे ग्रामीणपहले लोग डोरी को चुनकर उसे व्यवसायियों के पास बेच देते थे, जिससे उन्हें कुछ पैसे मिल जाते थे लेकिन अब अधिकांश ग्रामीण डोरी के बीज से अपने घर में उपयोग के अनुसार तेल निकालते हैं. उपयोग से अधिक मात्रा में होने के बाद ही ग्रामीण उसे व्यवसायियों को बेचते हैं. डोरी का व्यवसाय ग्रामीणों के लिए वरदान बन सकता है. अगर सरकार इसके लिए उचित बाजार उपलब्ध कराए, तो ग्रामीण स्वरोजगार से जुड़कर इससे अच्छी आमदनी भी कर सकते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर महुआपोषक तत्वों से भरा महुआ के फल और फूल में काफी औषधीय गुण हैं. फाइबर, फैट, विटामिन सी, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस और कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्व इसमें पाए जाते हैं. इसके लगातार इस्तेमाल और सेवन से शरीर को महत्वपूर्ण पोषण मिलता है. महुआ तेल विटामिन ई का एक अच्छा स्रोत है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है और शरीर को कई तरह के दूसरे खराब तत्वों से भी बचाता है. शरीर में जकड़न, दर्द और जोड़ों के दर्द में इसका तेल काफी उपयोगी है. इसके लगाने से सिरदर्द से राहत के साथ-साथ अनिद्रा से छुटकारा मिलता है. शरीर और चेहरे पर दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं. महुआ तेल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Rewa,Madhya Pradesh First Published : April 01, 2026, 08:12 IST

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में एक आतंकी ढेर:कल रात से ऑपरेशन चल रहा था; एक और आतंकी के छिपे होने की सूचना

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में एक आतंकी ढेर:कल रात से ऑपरेशन चल रहा था; एक और आतंकी के छिपे होने की सूचना

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में सेना ने बुधवार सुबह एक आतंकवादी को ढेर कर दिया। यह ऑपरेशन मंगलवार रात से जारी था। एक अधिकारी ने बताया कि खास इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, पुलिस और सेना की एक जॉइंट टीम ने मंगलवार शाम को घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। एक आतंकी के छिपे होने की जानकारी मिली। अंधेरे की वजह से ऑपरेशन रोक दिया गया था। सुबह आतंकी को मार गिराया गया। इससे पहले फरवरी में सेना ने जम्मू-कश्मीर में 6 आतंकवादियों को मार गिराया था। किश्तवाड़ के चतरू में 3 आतंकी ढेर हुए थे। वहीं 4 फरवरी को भी चतरू में ही सुरक्षाबलों ने जैश के ही एक आतंकी को मार गिराया था। वहीं, उधमपुर जिले में भी गुफा में छिपे जैश के 2 आतंकियों को ग्रेनेड विस्फोट में मार गिराया गया था। सर्च ऑपरेशन की 2 तस्वीरें… सुरक्षाबलों के पिछले 4 बड़े एनकाउंटर 22 फरवरी: सेना ने 3 आतंकी ढेर किए जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। 3 आतंकी ढेर हो गए। सुरक्षाबलों ने उस ठिकाने को ही ब्लास्ट कर दिया, जहां आतंकी छिपे हुए थे। 23 जनवरी: जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर मारा गया जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 23 जनवरी को सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया था। आतंकियों की तलाश में पिछले एक हफ्ते से ऑपरेशन चल रहा था। उस्मान पिछले 2 साल से अन्य आतंकवादियों के साथ डोडा-उधमपुर-कौथा इलाके में एक्टिव था। एनकाउंटर की साइट से अमेरिका में बनी M4 राइफल, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। 18 जनवरी: ग्रेनेड हमले में जवान शहीद 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे। 19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। किश्तवाड़ में रविवार को घायल हवलदार गजेंद्र सिंह की सोमवार को मौत हो गई। 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे। 19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। जम्मू-कश्मीर पुलिस में SOG के जवान अमजद पठान की 15 दिसंबर को आतंकियों से मुठभेड़ में मौत हुई थी। 16 दिसंबर: एक जवान शहीद, 2 घायल 16 दिसंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में मजालता क्षेत्र के सोहन गांव के पास लगातार दूसरे दिन को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर हुआ था। आतंकियों की गोलीबारी में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के दो जवान घायल हुए थे। एक दिन पहले हुई मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान शहीद हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… ———- ये खबर भी पढ़ें… जम्मू में सेना की गाड़ी 400-फीट गहरी खाई में गिरी: 10 जवानों की जान गई, 11 घायल; सड़क पर बर्फ के चलते फिसली गाड़ी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 23 जनवरी कोसेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिरी थी। घटना में 10 जवानों की मौत हुई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया था। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ था। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।

जेल में हर कैदी पर CCTV से निगरानी:15 मार्च को शाजापुर जेल से कैदी हुआ था फरार; लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड

जेल में हर कैदी पर CCTV से निगरानी:15 मार्च को शाजापुर जेल से कैदी हुआ था फरार; लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड

शाजापुर जिला जेल से 15 मार्च को एक कैदी फरार हो गया था। इसके बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। फरारी के बाद अब जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती इतनी बढ़ा दी गई है कि हर कैदी की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। जेल प्रशासन अब ‘नो रिस्क’ मोड में आ गया है। कैदियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए तीन जेल प्रहरियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। ये प्रहरी 24 घंटे स्क्रीन पर नजर गड़ाए बैठे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। 20 फीट दीवार फान कर भागे कैदी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 20 फीट ऊंची दीवार के बावजूद कैदी जेल से भाग कैसे गया। जांच में सामने आया कि फरार कैदी ने जेल की कैंटीन में काम करते हुए पानी के पाइप और तार का जुगाड़ कर दीवार फांद दी। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए फरार कैदी को 18 मार्च को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार कर लिया था और 19 मार्च को शाजापुर लाकर उससे पूछताछ की गई। परिवार की मजबूरी बनी फरारी की वजह पूछताछ में कैदी ने बताया कि वह पिछले पांच महीनों से जमानत नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में था। साथ ही उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। परिवार से मिलने की बेचैनी ही उसे इस खतरनाक कदम तक ले गई। कैदी ने पहले किया ‘रेकी’, फिर बनाया प्लान जिला जेल अधीक्षक दुष्यंत परागे के अनुसार, कैदी ने पहले जेल प्रहरियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी और फिर पूरी योजना बनाकर फरार हुआ। यानी यह घटना अचानक नहीं,बल्कि सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। घटना के बाद जेल में लगे पुराने हैलोजन सिस्टम की अंडरग्राउंड वायरिंग को बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग की संभावना खत्म हो सके। साथ ही जेल प्रशासन ने मुख्यालय से अतिरिक्त स्टाफ की मांग भी की है, क्योंकि वर्तमान में करीब 10 जेल प्रहरियों की कमी बनी हुई है। लापरवाही से जेल प्रहरी सस्पेंड इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर जेल प्रहरी प्रदीप वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। फिलहाल जिला जेल में सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें बिना नजर आए कोई हलचल करना लगभग नामुमकिन हो गया है। CCTV, अतिरिक्त निगरानी और सख्त अनुशासन के बीच अब जेल प्रशासन हर हाल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने में जुटा है। कुल मिलाकर, एक फरारी ने जहां सिस्टम की कमजोरी उजागर की, वहीं अब उसी ने सुरक्षा को ‘टाइट’ भी कर दिया है।

‘महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं’: तमिलनाडु चुनाव रैली में अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने द्रमुक पर निशाना साधा | राजनीति समाचार

Smoke and debris flies around at the site of an Israeli strike that targeted a building adjacent to the highway that leads to Beirut's international airport on March 31, 2026.

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 07:38 IST तमिलनाडु के शिवकाशी में एक रैली को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है और मारिजुआना खुलेआम बेचा जा रहा है। एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी। (पीटीआई/फ़ाइल) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मंगलवार को एक चुनावी रैली के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर डीएमके सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि तमिलनाडु में महिलाओं या पुलिस के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। 23 अप्रैल को राज्य विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु के शिवकाशी में एक रैली को संबोधित करते हुए, पलानीस्वामी ने आश्वासन दिया कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वह तीन महीने के भीतर गांजा तस्करी को खत्म कर देगी। उन्होंने शिवकाशी में आतिशबाजी और माचिस उद्योगों के लिए समर्थन का भी आश्वासन दिया। हिंदुस्तान टाइम्स ने उनके हवाले से कहा, “जब मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए आतिशबाजी उद्योग को संकट का सामना करना पड़ा, तो मैंने 20 सांसदों की एक समिति का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और मांग की कि आतिशबाजी की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।” “अगर अन्नाद्रमुक सरकार दोबारा बनी तो इन उद्योगों की रक्षा की जाएगी।” पलानीस्वामी ने डीएमके पर निशाना साधा अन्नाद्रमुक सुप्रीमो ने कावेरी-गुंडर नदी जोड़ परियोजना को रोकने के लिए द्रमुक सरकार की भी आलोचना की और कहा कि तमिलनाडु में सरकार बनने के बाद उनकी पार्टी इसे लागू करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मेट्टूर बांध के अधिशेष पानी से नहरों, झीलों और तालाबों को भरना है। उन्होंने द्रमुक पर पिछली अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान विरुधुनगर जिले में 400 करोड़ रुपये की लागत से एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना का श्रेय लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इसके लिए 14,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और मैंने व्यक्तिगत रूप से इसकी आधारशिला रखी थी। इससे पहले कि यह पूरा हो पाता, सरकार बदल गई।” उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक सरकार में महिलाओं या बुजुर्गों के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, “क्या आप चाहते हैं कि ऐसी सरकार बनी रहे? एक ‘कठपुतली सीएम’ जो एक स्थायी डीजीपी भी नियुक्त नहीं कर सकता? एक राज्य तभी समृद्ध होगा जब कानून और व्यवस्था अच्छी होगी। डीएमके का एकमात्र विचार कमीशन, वसूली, भ्रष्टाचार है।” और पढ़ें: तमिलनाडु सीएम फेस 2026: DMK, AIADMK और बीजेपी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा? रैली में पहुंचने पर बच्चों द्वारा प्रदर्शित एक बैनर की ओर इशारा करते हुए, पलानीस्वामी ने कहा, “देखें उस पर क्या लिखा है – केवल अन्नाद्रमुक सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित है। हम डीएमके को और नहीं चाहते।” उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में खुलेआम मारिजुआना बेचा जा रहा है, जिसका बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पलानीस्वामी की टिप्पणी तब आई जब तमिलनाडु 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है, जहां वह अन्नाद्रमुक के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावों में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए डीएमके और कांग्रेस गठबंधन से भिड़ेगा, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) जगह : शिवकाशी, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 07:38 IST समाचार राजनीति ‘महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं’: तमिलनाडु की चुनावी रैली में अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने द्रमुक पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)एआईएडीएमके चुनाव रैली(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)डीएमके सरकार की आलोचना(टी)कानून और व्यवस्था तमिलनाडु(टी)महिला सुरक्षा तमिलनाडु