चहल ने तोड़ा जडेजा का IPL रिकॉर्ड:7-16 ओवर के फेज में सबसे ज्यादा विकेट, अर्शदीप का 11 बॉल का ओवर; PBKS-GT मैच के मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL में मंगलवार को पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस पर 3 विकेट से जीत दर्ज की। न्यू चंडीगढ़ में हुए इस मैच के दौरान दो रिकॉर्ड बने। युजवेंद्र चहल IPL मैचों के 7 से 16 ओवर के फेज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। वहीं अर्शदीप सिंह ने एक ओवर पूरा करने के लिए सबसे ज्यादा गेंद फेंकने के अनचाहे रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इन दो रिकॉर्ड के अलावा कई ऐसे मोमेंट्स से भी गुजरे जिनकी चर्चा मीडिया और सोशल मीडिया दोनों पर हो रही है। PBKS Vs GT मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. चहल ने तोड़ा रवींद्र जडेजा का रिकॉर्ड युजवेंद्र चहल ने दो विकेट लिए। उन्होंने शुभमन गिल और जोस बटलर को आउट किया। ये दोनों 7 से 16 ओवर के बीच आए। चहल अब IPL इतिहास में इस फेज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। 2. अर्शदीप ने 11 बॉल का ओवर फेंका अर्शदीप सिंह ने गुजरात के खिलाफ 11 गेंदों का ओवर फेंका। ऐसा गुजरात की पारी के 20वें ओवर में हुआ। अर्शदीप ने इस ओवर में 4 वाइड और 1 नो बॉल फेंकी। इसलिए इसे पूरा करने में उन्हें 11 गेंदें लगीं। ओवर में गुजरात ने 12 रन बनाए। अर्शदीप से पहले मोहम्मद सिराज, तुषार देशपांडे, शार्दूल ठाकुर, संदीप शर्मा और हार्दिक पंड्या भी IPL में 11-11 गेंद का ओवर फेंक चुके हैं। यहां से पढ़िए मैच के 10 खास मोमेंट्स 1. दो प्लेयर्स ने डेब्यू किया तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को गुजरात टाइटंस के लिए IPL डेब्यू का मौका मिला। दूसरी ओर पंजाब किंग्स के कूपर कोनोली ने अपना पहला IPL मैच खेला। 2. चहल ने चौथी बार गिल को आउट किया 10वें ओवर की तीसरी गेंद पर युजवेंद्र चहल ने शुभमन गिल को आउट कर दिया। चहल ने गेंद को धीमा रखा। गिल मिड-विकेट के ऊपर स्लॉग स्वीप खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के बीच में नहीं आई। डीप मिड-विकेट पर खड़े कूपर कोनोली ने आसान कैच पकड़ लिया। गिल ने 27 गेंदों में 39 रन बनाए। चहल ने गिल को IPL में चौथी बार आउट किया है। चहल अब गिल को IPL में सबसे ज्यादा बार आउट करने के मामले में पांच अन्य गेंदबाजों के साथ टॉप पर आ गए हैं। चहले से पहले दीपक चाहर, भुवनेश्वर कुमार, आवेश खान, हार्दिक पंड्या और एनरिक नॉर्त्या भी गिल को IPL में 4-4 बार आउट कर चुके हैं। 3. जेवियर बार्टलेट ने हवा में छलांग लगाकर कैच लपका 15.4 ओवर में युजवेंद्र चहल की बॉल पर जोस बटलर ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह सही नहीं रही। गेंद हवा में गई और लॉन्ग-ऑन पर खड़े जैवियर बार्टलेट ने दाई ओर दौड़ते हुए शानदार छलांग लगाकर कैच लपक लिया। बटलर 33 गेंदों में 38 रन बनाकर आउट हुए। 4. वाशिंगटन ने 4 बॉल पर कोई शॉट नहीं खेला 15.1 ओवर में सिंगल लेने के बाद वॉशिंगटन सुंदर ने 4 बॉल पर कोई शॉट नहीं खेला। उन्होंने कुल 6 बॉल डॉट खेली। जैवियर बार्टलेट और मार्को यानसन ने उन्हें पूरी तरह रोककर रखा। सुंदर ने 16 बॉल पर 18 रन बनाए। उनकी वजह से गुजरात बड़ा स्कोर नहीं बना पाई। 5. तेवतिया का बैट टेस्ट हुआ 17.4 ओवर में राहुल तेवतिया क्रीज पर आए। बल्लेबाजी शुरू करने से पहले अंपायर ने उनका बैट चेक किया। इस टेस्ट में उनका बैट फेल हो गया और तेवतिया को दूसरा बैट मंगाना पड़ा। 6. प्रियांश ने सिक्स से खाता खोला पहले ओवर की 5वीं बॉल पर प्रियांश ने सिक्स से अपना और टीम का खाता खोला। मोहम्मद सिराज की शॉर्ट और ऑफ के बाहर गेंद पर प्रियंश आर्या ने शानदार शॉट खेला। उन्होंने गेंद पर पूरी तरह कंट्रोल रखते हुए डीप पॉइंट के ऊपर से छक्का जड़ दिया। 7. कूपर कोनोली का 103 मीटर लंबा सिक्स 8वें की दूसरी बॉल पर राशिद खान की शॉर्ट गेंद पर कूपर कोनोली ने 103 मीटर लंबा सिक्स लगाया। बॉल लॉन्ग ऑन के ऊपर से सीधा स्टेडियम के दूसरे टियर में जाकर गिरी। 8. श्रेयस अय्यर को चोट लगी 12वें ओवर की आखिरी बॉल पर श्रेयस चोटिल हो गए। राशिद खान की गेंद पर कूपर कोनोली ने शॉट खेला, जो सीधे श्रेयस अय्यर की ओर गया। बचने की कोशिश में अय्यर पूरी तरह हट नहीं सके और गेंद उनकी कलाई पर लग गई। टक्कर इतनी तेज थी कि अय्यर तुरंत जमीन पर गिर पड़े और दर्द से कराहते नजर आए। फिजियो तुरंत मैदान पर आया और उन्हें आइस पैक दिया गया। हालांकि अगले ओवर में श्रेयस कैच आउट हो गए। वे 18 रन बनाए। 9. कोनोली ने चौका लगाकर फिफ्टी पूरी की 16वें ओवर में कूपर कोनोली ने फिफ्टी पूरी कर ली। उन्होंने कगिसो रबाडा के खिलाफ ओवर की पहली ही गेंद पर चौका लगाया और 34 गेंद पर अपनी हाफ सेंचुरी पूरी कर ली। वे IPL डेब्यू में फिफ्टी लगाने वाले 25वें बल्लेबाज बने 10. 20वें ओवर में कोनोली के चौके से जीता पंजाब 19वें ओवर की पहली बॉल पर कूपर कोनोली ने कवर पर शानदार चौका जड़कर पंजाब किंग्स को जीत दिला दी। वॉशिंगटन सुंदर की फ्लैट गेंद पर कोनोली ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ शॉट खेला और टीम ने 3 विकेट से मैच अपने नाम किया। एक समय पंजाब किंग्स मजबूत स्थिति में थी, लेकिन अचानक मैच पलट गया। 109 रन पर टीम के सिर्फ 2 विकेट गिरे थे, लेकिन 118 तक स्कोर पहुंचते-पहुंचते 6 विकेट गिर गए।मार्कस स्टोयनिस 15वें ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इस दौरान प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 ओवर में 3 विकेट लेकर मैच में जबरदस्त वापसी कराई। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर
232 अस्पतालों की संबद्धता 1 अप्रैल से समाप्त:आयुष्मान योजना में NABH सर्टिफिकेट वाले ही रहेंगे इंपैनल्ड, मरीज के फीडबैक से होगी निगरानी

आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में अस्पतालों को लेकर बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। 398 इंपैनल्ड अस्पतालों में से अब तक सिर्फ 166 अस्पतालों ने ही एनएबीएच (एंट्री लेवल या फुल) की जानकारी दी है, जबकि शेष 232 अस्पतालों की संबद्धता 1 अप्रैल से समाप्त मानी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर दोबारा आवेदन का मौका दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन अस्पतालों ने अब तक एनएबीएच सर्टिफिकेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है, उनकी जानकारी एकत्र की जा रही है। ऐसे अस्पतालों को एक-दो दिन का समय देकर दोबारा इंपैनलमेंट के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया है। इस दौरान यदि जबाव नहीं आता है तो इनकी संबद्धता समाप्त कर दी जाएगी। फुल एनएबीएच से मिलेगा लाभ जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल एनएबीएच सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” मिल जाएगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी। वहीं अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल एनएबीएच लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल एनएबीएच स्तर हासिल करना होगा। एंट्री लेवल एनएबीएच अस्पतालों के लिए शुरुआती गुणवत्ता मानकों का प्रमाणन है, जिसमें 50 मानक और 150 ऑब्जेक्टिव एलिमेंट्स शामिल होते हैं। वहीं, फुल एनएबीएच उच्च गुणवत्ता का प्रमाण है, जिसमें 100 से अधिक मानक और 600 ऑब्जेक्टिव एलिमेंट्स का पालन करना होता है। यही नहीं, फुल एनएबीएच अस्पतालों को क्लेम राशि पर 115% भुगतान मिलेगा, जबकि एंट्री लेवल अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। मरीज के फीडबैक से होगी निगरानी अब मरीज मोबाइल ऐप के जरिए अस्पतालों को फीडबैक दे सकेंगे। इससे अस्पतालों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा और सेवाओं में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
सिद्दू: टूर की याद ताजा कर पिज्जा में देसी घी का सिद्दू, घर पर ऐसे जानें; दिल छूना स्वाद

सिड्डू रेसिपी: हिमाचल के वैज्ञानिक वैज्ञानिकों ने कहा कि आपने भी गर्म मसाले से निकला सिद्दू का स्वाद चखा ही होगा, जिसे एक बार खाने के बाद उसका स्वाद दिल में बस जाता है। वहीं, अगर आपने सिद्दू नहीं खाया है तो भी कोई बात नहीं हम आज ऐसी ही हिमाचली डिश की रेसिपी लेकर आए हैं, जिसे आप घर पर भी बना सकते हैं। वहीं अगर आपने सिद्दू खाया है तो आप अपने हिस्से वाली यादों को घर की रसोई तक ला सकते हैं। इस रेसिपी से आप बिना रुके मनाली गए, घर पर ही बना सकते हैं हिमाचल का फेमस सिद्दू। सिद्दू दिखने में गुजिया जैसा लगता है, लेकिन स्वाद बिल्कुल अलग होता है। ये पूरी तरह से स्टीम में पकता है, इसलिए तेल कम लगता है और स्वास्थ्य के लिए भी ये काफी अच्छा रहता है। मीट के अवशेषों का प्राकृतिक आवरण और अंदर मेवों-मसालों की भरपूर स्टफिंग। यह व्युत्पत्ति ही मुख में हिमाचल की सुगंध भर जाती है। सिद्दू बनाना क्या है? डीजल के आटे का आटा 1 छोटा नमक, चीनी और इंस्टेंट यीस्ट 1 छोटा मसाला तेल गुनगुना पानी तरबूज/खरबूज के बीज, 10-15 बादाम, आधा कप मूंगफली, 2 बड़े पोस्ता दाना (6 घंटे) 1 छोटी पिसी काली मिर्च, 2 छोटी पिसी साबुत धनिया, 1 छोटी पिसी जीरा 2 इंच अदरक, 2-3 हरी मिर्च, आधा प्याज, 10-12 लहसुन की काली, 2 पिसी हुई लाल मिर्च पुदीना पत्ता, धनिया धनिया, सफेद-काला नमक, हल्दी, अनारदाना या आमचूर सबसे पहले आटा गूंथ लें। नमक, चीनी, यिस्ट और तेल नमक नरम आटा तैयार करें। 2 घंटे गर्म जगह पर फर्मेंटिंग हो रही है। स्टफिंग के लिए सारे अकेले मेवे और मिक्सी में बिना पानी डाले पीस लें। फर्मेंट एसोसिएट्स से मोटिवेशनल सामान बेलें, स्टफिंग फिल और गुजिया जैसा बंद कर दिया गया। 5-10 मिनट ढपकर मिनट। स्टीमर की प्लेट ग्रीस द्वारा सिद्दू स्थान, ऊपर छोटा घी फर्नीचर। 15 मिनट पर स्टाप में प्रवेश शुरू। बचे हुए अखरोट, खसखस, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, जीरा, नमक, प्याज, पुदीना, काला नमक, 3 बड़े टुकड़े दही और लेमिनेटेड चिप्स लें। सिद्दू तैयार होते ही गर्म-गर्मी में घी बनाने वाले कारीगरों के साथ सर्व करें। सुबह का नाश्ता या चाय के साथ भी सिद्धू पूरे परिवार को खुश कर देंगे। एक बार टिकट खरीद लिया तो फिर बार-बार बनाने का मन हो गया। (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्दू रेसिपी(टी)हिमाचल स्पेशल डिश(टी)स्टीम्ड सिद्दू(टी)पारंपरिक हिमाचल नाश्ता(टी)घर पर आसान सिद्दू रेसिपी(टी)सिद्दू
गर्मियों में त्वचा के लिए मुलेठी ज्यादा अच्छी या एलोवेरा जेल? आप भी नहीं जानते होंगे ये वाली ट्रिक

Last Updated:March 31, 2026, 23:37 IST Skin Care in Summer : गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है. धूप तीखी होती जा रही है. तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण इन दिनों टैनिंग, पिंपल्स और रूखापन होना आम है. इनसे निजात पाने के लिए आयुष चिकित्सक प्राकृतिक और ठंडक देने वाले उपाय बताते हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं. लोकल 18 से अंबाला की आयुष चिकित्सक डॉ. शेफाली गोयल बताती हैं कि गर्मी के मौसम में स्किन से जुड़ी हुई समस्या से बचने के लिए चंदन, मुलेठी और एलोवेरा जेल काफी फायदेमंद हैं. अंबाला. गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण टैनिंग, पिंपल्स और रूखापन आम हो जाता है. अक्सर लोग महंगे फेस पैक का इस्तेमाल करते हैं, फिर भी कई बार राहत नहीं मिलती. इन समस्याओं से निजात दिलवाने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक प्राकृतिक और ठंडक देने वाले उपाय अपनाने की सलाह देते हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं. लोकल 18 से अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल की आयुष चिकित्सक डॉ. शेफाली गोयल बताती हैं कि गर्मी के मौसम में स्किन से जुड़ी हुई समस्या से बचने के लिए आयुर्वेद में कुछ औषधियां बताई गई हैं जिसका लेप लगाने से समस्या ठीक हो जाती. चंदन, मुलेठी और एलोवेरा जेल काफी फायदेमंद हैं, लेकिन व्यक्ति के स्किन की प्रकृति पर निर्भर करता है कि किसे पॉलीहर्बल तकनीक से फायदा होगा या मोनो-हर्बल से. डॉ. शेफाली कहती हैं कि गर्मी में सबसे पहले अपने शरीर के हाइड्रेशन को स्थिर रखें, जिसके लिए 7 से 8 गिलास पानी रोज पीना चाहिए. पसीना निकलने के साथ नमक की मात्रा भी शरीर में कम होने लगती है. इसे पर्याप्त मात्रा में बनाए रखने के लिए साल्टेड लस्सी और आम पन्ना ड्रिंक का सेवन करें. आयुर्वेद में जितना प्रभावशाली ऋतुचर्या को माना गया है उतना ही दिनचर्या को भी माना गया है. इसलिए सुबह समय ब्रह्म मुहूर्त में उठें. जितनी जल्दी सुबह उठाएंगे उतना ही फायदा शरीर को होगा. आयुर्वेद में ब्रह्म मुहूर्त का समापन सूर्य उदय से 48 मिनट पहले माना गया है. इसकी शुरुआत रात्रि के अंतिम दो चरण में होती है. तीनों के फायदे अलग डॉ. शेफाली के मुताबिक, चंदन (Sandalwood) त्वचा को ठंडक प्रदान करता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण दाग-धब्बे को दूर करने में मदद करते हैं. चंदन का पेस्ट लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार आता है और मुंहासे कम होते हैं. मुलेठी (Liquorice) त्वचा को प्राकृतिक रूप से हल्का और चमकदार बनाती है. मुलेठी के पेस्ट में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाते हैं. यह त्वचा को ठंडक प्रदान करता है और काले धब्बों को भी हल्का करता है. एलोवेरा (Aloe Vera) के हाइड्रेटिंग गुण त्वचा को न केवल मॉइस्चराइज करते हैं, बल्कि यह सनबर्न और मुंहासों से राहत दिलाते हैं. एलोवेरा का जूस या पेस्ट त्वचा पर लगाने से गहरी नमी मिलती है और यह जलन को भी शांत करता है. डॉ. शेफाली कहती हैं कि इन तीनों औषधियों को मिलाकर पेस्ट तैयार करें. चंदन, मुलेठी और एलोवेरा को समान मात्रा में मिलाएं. इस पेस्ट को चेहरे पर 15-20 मिनट तक लगाकर छोड़ दें और फिर ठंडे पानी से धो लें. इस पेस्ट के नियमित उपयोग से त्वचा में निखार आएगा. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें First Published : March 31, 2026, 23:37 IST
Sattu ke fayde: भीषण गर्मी में लू, हीट स्ट्रोक से बचाए सत्तू, शरीर के लिए अमृत से कम नहीं, जानें अद्भुत फायदे

Garmi me Sattu ke fayde: भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाली कई देशी ड्रिंक्स लोकप्रिय हैं, लेकिन इनमें से एक सबसे फायदेमंद और पौष्टिक पेय है सत्तू का शरबत. गर्मियों में सत्तू को वरदान माना जाता है, क्योंकि यह न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि पोषण से भी भरपूर होता है. सत्तू एक पारंपरिक भारतीय आहार है जो गर्मी के मौसम में ताजगी और स्वास्थ्य का खजाना साबित होता है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए बेहद लाभकारी है. सत्तू शरीर को ठंडक, ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है, जो हर उम्र और वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त है. आयुर्वेद के अनुसार, रोजाना सत्तू का सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और गर्मी से होने वाली थकान को दूर रखता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सत्तू में ठंडक देने वाले गुण मौजूद हैं. इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम, जिससे पाचन क्रिया सुधरती है. फाइबर मल त्याग को नियमित रखता है, कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है. साथ ही सत्तू प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों से भरपूर होता है. यह भारत के कई राज्यों में खासा लोकप्रिय है. झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में सत्तू का रोजाना सेवन किया जाता है. इसे मुख्य रूप से चना, गेहूं, जौ जैसे अनाजों को भूनकर पीसकर तैयार किया जाता है. सत्तू में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिजों की भरपूर मात्रा पाई जाती है. सत्तू का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को ठंडा रखता है. गर्मी में पसीना आने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, ऐसे में सत्तू का शरबत प्यास बुझाने के साथ-साथ ऊर्जा भी देता है. साथ ही यह पाचन को मजबूत बनाता है और वजन नियंत्रण में भी सहायक साबित होता है. सत्तू को कई रूपों में खाया और पीया जा सकता है. गर्मियों में इसका ठंडा शरबत सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसमें नमक, नींबू, जीरा पाउडर या गुड़ मिलाकर बनाया गया शरबत न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि गर्मी से बचाव भी करता है. इसके अलावा सत्तू से लड्डू, पराठा और चपाती भी बनाई जा सकती है या फिर इसके घोल को भी काफी पसंद किया जाता है. सत्तू में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो आंतों को स्वस्थ रखता है और कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में भी मदद करता है. कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी सत्तू फायदेमंद साबित होता है.
साल में केवल एक बार खिलता है ये फूल, वात हो या चर्म रोग, कई बीमारियों का असली डॉक्टर

Last Updated:March 31, 2026, 22:43 IST Palash Flower Benefits : पलाश ऐसा फूल है, जो साल में केवल एक बार, बसंत से लेकर मार्च तक ही खिलता है. आयुर्वेद में इसके फूलों को औषधि माना गया है, जो हमारी सेहत के लिए रामबाण है. रायबरेली की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित लोकल 18 से बताती हैं कि इसमें एस्ट्रिनजेंट और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो वात रोग से लड़ने में मददगार हैं. अगर किसी के पेट में कीड़े हो गए हों, तो इसके पाउडर को शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए. बसंत पंचमी से पतझड़ शुरू हो जाता है. इसके बाद पेड़-पौधों पर नई पत्तियां और नए फूलों का आगमन होता है. कुछ ऐसे पौधे हैं, जिन पर साल के 12 महीने फूल आते हैं, लेकिन कई ऐसे पौधे हैं. जिनमें फूल साल में केवल एक बार, बसंत से लेकर मार्च तक ही आते हैं. उसके बाद पूरे साल के लिए फूल गायब हो जाते हैं. इन्हीं पौधों में पलाश भी शामिल है. पलाश के फूल चटकती धूप में बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं, जिन्हें आमतौर पर लोग टेसू का फूल कहते हैं. इसके फूल हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. आयुर्वेद में इसके फूलों को औषधि माना गया है, जो हमारी सेहत के लिए रामबाण है. रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद जयपुर, राजस्थान) लोकल 18 से बताती हैं कि बसंत ऋतु के शुरू होते ही पलाश के पौधे में फूल आने शुरू हो जाते हैं. खासकर गर्मियों के मौसम में मिलने वाले यह गुलाबी रंग के फूल हमारी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. Add News18 as Preferred Source on Google इसमें एस्ट्रिनजेंट और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो वात रोग से लड़ने में मददगार हैं. ये चर्म रोग, पेट में कीड़ा, डायबिटीज, घाव भरने और त्वचा रोग के साथ महिलाओं को होने वाली कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. डॉ. आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि अगर किसी के पेट में कीड़े हो गए हों, तो इसके पाउडर को शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए. शरीर पर घाव हो जाए, तो इसके पत्ते और छाल को पीसकर लेप बनाकर लगाने से घाव ठीक हो जाता है. डायबिटीज के मरीजों को इसके पत्ते के सेवन से राहत मिलता है. अगर आप त्वचा की समस्या से परेशान हैं, तो इसके फूलों का लेप बनाकर त्वचा पर लगाने से खुजली और रूखेपन की समस्या दूर हो जाती है. इसमें एस्ट्रिनजेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद हैं. First Published : March 31, 2026, 22:43 IST
असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘असम में जाएगी भाजपा सरकार’, महाराष्ट्र के सीएम अंतिम संस्कार ने जोर से कहा!

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता डीजे ने न्यूज़ल (31 मार्च, 2026) को असम के जोरहाट में तेज गति से ट्रक स्टैंड क्षेत्र में एक विशाल प्लाजा को खड़ा किया। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जोरहाट में आयोजित इस प्रतिष्ठान में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। इस रैली में असम में बीजेपी के बढ़ते जनाधार और राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, खासकर ऊपरी असम क्षेत्र में जहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में खटास आने की संभावना है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने असम में बीजेपी की जीत को लेकर पूरा विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में सकारात्मक माहौल बन गया है। उन्होंने कहा, ‘इस बार असम में बीजेपी की सरकार ही बनेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के प्रयासों से राज्य में एक सकारात्मक लहर है। हमारा पूरा विश्वास है कि बीजेपी बहुत बड़ा बहुमत हासिल करेगी।’ कांग्रेस ने अपने वादे को मंजूरी दे दी है कांग्रेस पर डेमोक्रेट शेयरहोल्डर ने अपने घोषणा पत्र को अनपेक्षित तरीके से बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में कांग्रेस के वादे सफल नहीं हुए हैं और जनता अब इन पर भरोसा नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का घोषणापत्र अब कोई महत्वपूर्ण नहीं है। यह महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में काम नहीं आया। कांग्रेस सरकार नहीं बनाएगी और खुद कांग्रेस भी शामिल होगी। उनके वादे हकीकत से दूर हैं।’ बौद्धवाद की समस्या पर बोले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ईसाई धर्म के मुद्दे पर सीएम समर्थकों ने पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जैसे प्रभावित इलाकों में अब बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे राज्य से हूं, जहां छात्रावासवाद एक बड़ी समस्या थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सख्त कदमों से अब छात्रावासवाद लगभग खत्म हो गया है. गढ़चिरौली, जो कभी बौद्ध प्रभावित क्षेत्र था, अब एक स्टील सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’ हमेशा गरीब और निवेशकों के लिए काम करते हैं उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा गरीबों और जातियों के हित में काम कर रहे हैं और असम में विकास हो रहा है, इसका स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ ‘ए फॉर असम’ का नारा नहीं देते, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर दिखाते हैं।’ ‘असम तेजी से बदल रहा है और चाय बागान समुदाय सहित सभी ग्रेड का समर्थन भाजपा के साथ है।’ प्रस्तावना के अनुमान में उन्होंने किसी संख्या को नकारा, लेकिन कहा कि भारी बहुमत की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘अगर जनता का विश्वास है, तो वे लोकप्रियता प्रदान करते हैं।’ ‘जनता कांग्रेस का भरोसेमंद दल में शामिल है।’ पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर बोले गए स्थान विश्व संकट और युद्ध की स्थिति का ज़िक्र करते हुए, लेकिन प्लेसमेंट ने कहा कि कई एशियाई और यूरोपीय देशों में स्थितियाँ ख़राब हैं, भारत ने इस चुनौती का सामना किया है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया के कई देशों में संकट के कारण ओज जैसी स्थिति बनी हुई है, लेकिन भारत में पेट्रोल या घरेलू गैस की कोई कमी नहीं हुई है।’ यह प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व का परिणाम है।’ हालांकि, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस पद पर भी राजनीति करने की कोशिश की और जनता को डराने का प्रयास किया. उन्होंने कहा, ‘यह संविधान है कि उस समय भी कांग्रेस ने राजनीति की और लोगों में भ्रम फैलाया, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।’ यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीति को धार दे रही बीजेपी, संकल्प पत्र में विकास का रोडमैप (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)देवेंद्र बजवा(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पीएम मोदी(टी)पीएम नरेंद्र मोदी(टी)महाराष्ट्र(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राक्षस पक्षी(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी) पीएम मोदी(टी) पीएम नरेंद्र मोदी(टी)महाराष्ट्र
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीति को धार दे रही बीजेपी, संकल्प पत्र में साझी विकास का रोडमैप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मिशन मोड में है। पिछले हफ्ते ममता सरकार के खिलाफ विपक्ष ने विपक्ष की हड़ताल और कानून व्यवस्था पर रोक लगाने की कोशिश की थी। अब भाजपा संकल्प पत्र के माध्यम से सरकार बनने के बाद पार्टी का राज्य के विकास के लिए क्या रोडमैप अस्तित्व में है, इसके लिए जनता सामने आ रही है। अगले सप्ताह पार्टी पश्चिम बंगाल को लेकर संकल्प पत्र जारी कर सकती है, जिसमें खास फोकस युवाओं और महिलाओं और राज्य सरकार के कर्मचारियों का रहना शामिल है। बंगाल को लेकर क्या होगी भाजपा की रणनीति? बीजेपी बंगाल में अपनी चुनावी रणनीति और धार नेतृत्व की तैयारी में है. पार्टी का फोकस राज्य के सरकारी कर्मचारियों पर है और लंबे समय से सेन्ट्रल सोसायटी (डीए) में रहने की संभावना है। दावे के मुताबिक, पार्टी सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग को लागू करने और डीडीए का भुगतान करने का वादा करने की तैयारी है। राज्य में डीए का अंतर एक बड़ी आपूर्ति बन गया है, जहां केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लगभग 56% डीए मिल रहा है, वहीं आंध्र सरकार के अधीन राज्य के कर्मचारियों को लगभग 22% डीए मिल रहा है। इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट ने भी पास कर दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार से बाकी भुगतान के लिए रोडमैप पेश करने के निर्देश दिए थे। हालाँकि, वैज्ञानिक को स्पष्टता की कमी के कारण कर्मचारियों में असंतोष पैदा हो गया है। सरकारी कर्मचारियों तक पहुंच बनाना भाजपा की बड़ी रणनीति बनी हुई है, क्योंकि राज्य में लगभग 20 लाख सरकारी कर्मचारियों के पद हैं, उनमें से 14 से 15 लाख अभी भी सरकारी कर्मचारी हैं। इस घोषणा से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी पार्टी के साथ जुड़ सकते हैं। इसके साथ-साथ बचे हुए खाली प्लास्टिक को भी जल्दी डिफॉल्ट की घोषणा की जा सकती है, जिससे युवाओं को रोजगार देने का वादा करके अपने साथ जोड़ा जा सके। महिलाओं और युवाओं के लिए पार्टी कर सकती है कई वादे इसके अलावा बीजेपी की ओर से घोषित पत्र में कई किसान और विकास से जुड़े वादे भी शामिल होने की संभावना है. महिलाओं के लिए पार्टी का बड़ा ऐलान किया जा रहा है. उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना की तैयारी की घोषणा की है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत 3,000 रुपये से कम की मासिक वित्तीय सहायता शामिल हो सकती है। सिंगूर को औद्योगिक हब बनाने की योजना बनी रही बीजेपी खास बात यह है कि पार्टी सिंगूर को एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की बात विशेष प्रोजेक्शन की योजना बना रही है। इसमें इंडस्ट्रीज़ जोन की स्थापना, क्लियर लिज़ल जर्नलिस्ट के साथ लैंड प्लॉट में तेजी और एमएसएमई बड़े उद्यमों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन शामिल हो सकते हैं। विश्वसनीयता बहाल करने में, लॉजिस्टिक्स टीम और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर भी जोर रहेगा। सिंगुर, जो कभी औद्योगीकरण का प्रतीक था, अब नई औद्योगिक नीति के विकास के तहत केंद्र बन सकता है। यह भी पढ़ेंः फर्जीवाड़ा टैक्स क्रेडिट स्टॉक में ईडी का बड़ा एक्शन, 14.85 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा
रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी का टीजर आउट:संजय दत्त-अभिषेक बच्चन समेत कई बड़े सितारे नजर आएंगे, 1 मई को तीन भाषाओं में रिलीज होगी मूवी

बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ का पहला टीजर आज जारी कर दिया गया है। इस फिल्म में रितेश देशमुख मुख्य भूमिका निभाने के साथ-साथ डायरेक्शन की कमान भी संभाल रहे हैं। हाल ही में फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के साथ सिनेमाघरों में इसका एक्सक्लूसिव प्रिव्यू दिखाया गया। अब इसे दुनिया भर के दर्शकों के लिए ऑनलाइन जारी कर दिया गया है। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसे मराठी के साथ-साथ हिंदी और तेलुगू भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा। संजय दत्त-अभिषेक बच्चन समेत बड़ी स्टारकास्ट फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में रितेश देशमुख के साथ बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के कई दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। इनमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, भाग्यश्री, फरदीन खान और जितेन्द्र जोशी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा बोमन ईरानी, अमोल गुप्ते और जेनेलिया देशमुख भी अहम किरदारों में दिखेंगे। मेकर्स ने इस फिल्म को एक बड़े पैन-इंडिया लेवल पर तैयार किया है। फिल्म में स्वराज्य के जन्म की कहानी यह फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज की असाधारण विरासत और ‘स्वराज्य’ की स्थापना के उनके संकल्प पर आधारित है। टीजर में फिल्म की भव्यता और इमोशनल गहराई की झलक मिलती है। रितेश देशमुख ने एक एक्टर और डायरेक्टर के तौर पर इस फिल्म में विजुअल ग्रैंड्योर और साहस की कहानी को पिरोने की कोशिश की है। फिल्म के एक्शन सीन्स और सिनेमैटोग्राफी को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए फेमस संतोष सिवन को बतौर सिनेमैटोग्राफर जोड़ा गया है। फिल्म को अजय-अतुल की जोड़ी ने दिया संगीत फिल्म को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े नामों को जोड़ा गया है। फिल्म का जोड़ी अजय-अतुल ने तैयार किया है। वहीं, संतोष सिवन के विजुअल्स फिल्म को एक सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश की है। फिल्म के टीजर को जिस तरह से पैक किया गया है, उससे साफ है कि मेकर्स इसे सिर्फ एक ऐतिहासिक ड्रामा नहीं, बल्कि एक बड़े एक्शन स्पेक्टेकल के तौर पर पेश करना चाहते हैं।
नीमच में कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:महंगाई, जनविरोधी नीतियों पर राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

नीमच जिले के मनासा में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ विशाल धरना प्रदर्शन किया। जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि वर्तमान समय में किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। उन्होंने खिमला स्थित ग्रीनको प्लांट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए वहां हुई संदिग्ध घटनाओं की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। महंगाई और बिजली बिलों को लेकर नाराजगी बाहेती ने बिजली बिलों में वृद्धि, रसोई गैस की कमी और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बताया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर अवैध कॉलोनियों को संरक्षण देने और विकास शुल्क में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। साथ ही, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने और सहकारी सोसायटियों में ऋण जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई। अन्य नेताओं ने भी उठाए मुद्दे प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया ने ऊर्जा संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश सचिव सोमिल नाहटा ने प्रदेश में बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताई। वहीं, वरिष्ठ नेता मंगेश संघई और ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सुरेंद्र सोनी ने किसानों की समस्याओं और नगर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की आलोचना की। रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।






