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नीमच में कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:महंगाई, जनविरोधी नीतियों पर राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

नीमच में कांग्रेस का भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन:महंगाई, जनविरोधी नीतियों पर राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

नीमच जिले के मनासा में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ विशाल धरना प्रदर्शन किया। जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि वर्तमान समय में किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। उन्होंने खिमला स्थित ग्रीनको प्लांट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए वहां हुई संदिग्ध घटनाओं की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। महंगाई और बिजली बिलों को लेकर नाराजगी बाहेती ने बिजली बिलों में वृद्धि, रसोई गैस की कमी और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बताया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर अवैध कॉलोनियों को संरक्षण देने और विकास शुल्क में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। साथ ही, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने और सहकारी सोसायटियों में ऋण जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई। अन्य नेताओं ने भी उठाए मुद्दे प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया ने ऊर्जा संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश सचिव सोमिल नाहटा ने प्रदेश में बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताई। वहीं, वरिष्ठ नेता मंगेश संघई और ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सुरेंद्र सोनी ने किसानों की समस्याओं और नगर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की आलोचना की। रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

घाव हो या दाद…पीली हरताल कई रोगों में संजीवनी, आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें तरीका

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Last Updated:March 31, 2026, 19:25 IST Yellow Harsal Benefits : हर पीली चीज सोना नहीं होती, लेकिन ये चीज सोना न होकर भी सेहत के लिए सोने से कम नहीं है. लोकल 18 से बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सा डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि पीली हरताल एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है. इसकी मदद से त्वचा रोगों में भी तेजी से आराम मिलता है. इसका इस्तेमाल दाद, खाज और खुजली में कर सकते हैं. डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि पीली हरताल से आप शरीर पर अनचाहे बाल भी हटा सकते हैं. बागपत. पीली हरताल एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो शरीर पर चौंकाने वाले फायदे करती है. इसका इस्तेमाल करने से स्किन संबंधित समस्याओं में तेजी से आराम मिलता है. ये घाव को भरने में भी काफी मददगार है. बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सा डॉ. राघवेंद्र चौधरी लोकल 18 से बताते हैं कि पीली हरताल एक चमत्कारी औषधि है, जो आसानी से बाजार में उपलब्ध है. इसका इस्तेमाल मौसम बदलने के साथ होने वाली बीमारियों में करने से तेजी से लाभ मिलता है. पीली हरताल से फेफड़ों में होने वाले इन्फेक्शन से राहत मिलती है. सुनरहे रंग का उपरस हरताल एक प्राकृतिक खनिज है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से आयुर्वेद में त्वचा रोगों के उपचार और औषधियों में किया जाता है. यह सुनहरे-पीले रंग का एक उपरस है, जो चर्म रोगों, फोड़े-फुंसी, और त्वचा की एलर्जी के इलाज में विशेष रूप से प्रभावी है. यह एक विषाक्त खनिज पदार्थ है, जिसे शोधन (शुद्धिकरण) के बाद ही उपयोग में लाया जाता है. त्वचा रोगों में भी तेजी से आराम मिलता है. इसका इस्तेमाल दाद, खाज और खुजली भागने में कर सकते हैं. इसके इस्तेमाल से स्किन चमकदार बनती है. स्किन इन्फेक्शन ठीक होता है. डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि पीली हरताल से आप शरीर पर अनचाहे बाल भी हटा सकते हैं. पीली हरताल का इस्तेमाल आप चूर्ण के रूप में देसी घी और दूध के साथ मिश्रण बनाकर कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल आप नीम के तेल में मिलाकर त्वचा के बाहरी हिस्से पर भी कर सकते हैं. हालांकि इसका इस्तेमाल जब भी करें पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें. इसका कोई खास नुकसान नहीं होता, लेकिन चिकित्सक की सलाह जरूरी है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : March 31, 2026, 19:25 IST

गर्मियों में शुगर-बीपी रखना है कंट्रोल तो इस कड़वी सब्जी को जरूर खाएं, शरीर को मिलेगी ठंडक, जानें और भी फायदे

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गर्मी का मौसम आते ही शरीर में कई तरह की दिक्कतें बढ़ने लगती हैं, जैसे पाचन खराब होना, ब्लड शुगर का बढ़ना, कमजोरी और थकान महसूस होना. तेज धूप और बढ़ता तापमान शरीर की ऊर्जा को जल्दी खत्म कर देता है, जिससे लोग सुस्ती और बेचैनी का सामना करते हैं. ऐसे में खानपान पर खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस मौसम में कुछ ऐसी प्राकृतिक चीजें हैं जिन्हें डाइट में शामिल करके आप खुद को कई बीमारियों से बचा सकते हैं, और उन्हीं में से एक है करेला. करेला भले ही स्वाद में कड़वा लगता हो, लेकिन इसके फायदे इसे एक सुपरफूड बना देते हैं. आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों ही करेले को बेहद गुणकारी मानते हैं. Ministry of AYUSH के अनुसार, करेला कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जैसे विटामिन ए, बी और सी, बीटा कैरोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज. ये सभी तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और गर्मियों में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. गर्मियों में करेले के क्या फायदे हो सकते हैं?गर्मियों में करेले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को ठंडक देता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर की अतिरिक्त गर्मी कम होती है और हीट से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है. साथ ही यह शरीर को डिहाइड्रेशन से भी बचाने में मदद करता है. करेला शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है, जिससे आप लंबे समय तक एक्टिव महसूस करते हैं. ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी करेला बेहद असरदार माना जाता है. इसमें मौजूद खास तत्व, जैसे चारेंटिन और पॉलीपेप्टाइड-पी, ब्लड ग्लूकोज लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं. खासकर गर्मियों में जब खानपान गड़बड़ हो जाता है और शुगर लेवल बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है, तब करेले का जूस या सब्जी नियमित रूप से लेना फायदेमंद साबित हो सकता है. करेले के जबरदस्त फायदेपाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी करेला अहम भूमिका निभाता है. गर्मियों में अक्सर अपच, गैस, कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो जाती हैं. करेला इन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. यह लिवर को डिटॉक्स करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. करेले का जूस पेट साफ रखने में मदद करता है और पेट से जुड़ी कई परेशानियों से राहत दिलाता है. इसके अलावा, करेला इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, जिससे आप संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचे रहते हैं. साथ ही यह खून को साफ करने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी सहायक होता है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है. कैसे करना चाहिए करेले का सेवन?करेले का सेवन करने के कई तरीके हैं. आप सुबह खाली पेट इसका जूस पी सकते हैं, जो सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा इसकी सब्जी बनाकर या हल्का भूनकर भी खाया जा सकता है. हालांकि, जिन लोगों को किसी तरह की एलर्जी या पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

Health Tips: डायबिटीज से बचना है तो आज से ही शुरू कर दें ये काम, वरना बाद में पछताएंगे!

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Last Updated:March 31, 2026, 18:39 IST Health tips: डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी तेजी से लोगों में बढ़ रही है. जिसका मुख्य कारण खान-पान, तनाव, दिनचर्या सहित शारीरिक निष्क्रियता प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. पहले यह बीमारी बुजुर्गों में देखी जाती थी लेकिन अब युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ख़बरें फटाफट Health Tips: डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी तेजी से लोगों में बढ़ रही है. इसके पीछे खान-पान, तनाव, दिनचर्या और शारीरिक निष्क्रियता जैसे कारण प्रमुख माने जाते हैं. पहले यह बीमारी ज्यादा उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. डॉक्टरों का मानना है कि मधुमेह को नियंत्रित रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है. बदलती लाइफस्टाइल बन रही बड़ी वजहडॉक्टर रूप सिंह के अनुसार भारत में बढ़ता स्क्रीन टाइम, कम होती आउटडोर एक्टिविटी और नींद का डिस्टर्ब होना डायबिटीज के मामलों को बढ़ा रहा है. उन्होंने बताया कि समय पर भोजन करना, तले-भुने और मीठे पदार्थों से दूरी रखना और पर्याप्त नींद लेना इस बीमारी से बचाव के प्रभावी तरीके हैं. साथ ही, अगर लोग मोबाइल स्क्रीन पर कम समय बिताएं और आउटडोर गेम्स पर ध्यान दें, तो तनाव कम होगा और इससे डायबिटीज का खतरा भी घटेगा. दिनचर्या में बदलाव से मिलेगा फायदामधुमेह से बचाव के लिए डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को अपनी दिनचर्या में आउटडोर एक्टिविटी बढ़ानी चाहिए और स्क्रीन टाइम कम करना चाहिए. भोजन में मोटे अनाज, हरी सब्जियां और कम वसा वाला आहार शामिल करना चाहिए. ज्यादा से ज्यादा पानी पीना भी जरूरी है. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखना इस बीमारी से बचाव के लिए अहम कदम है. मौसम के अनुसार सलाद का सेवन करना और पूरी नींद लेना भी जरूरी बताया गया है. फास्ट फूड से दूरी और एक्सरसाइज जरूरीडॉक्टर ने यह भी सलाह दी कि फास्ट फूड का अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है, खासकर बच्चों के लिए. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कुछ समय व्यायाम के लिए देना जरूरी है. इसमें पैदल चलना, साइकिल चलाना, दौड़ लगाना और अन्य शारीरिक गतिविधियां शामिल हैं. दिनभर में ज्यादा से ज्यादा कदम चलना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है. इसके साथ ही तनाव को कम रखना भी जरूरी है, क्योंकि तनाव बढ़ने से शुगर लेवल पर असर पड़ता है. About the Author Anand Pandey नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan First Published : March 31, 2026, 18:39 IST

सीधी जनसुनवाई में कलेक्टर खुद लोगों के बीच पहुंचे:शाम 4 बजे तक सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- अधिकारी शिकायतों को निराकरण करें

सीधी जनसुनवाई में कलेक्टर खुद लोगों के बीच पहुंचे:शाम 4 बजे तक सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- अधिकारी शिकायतों को निराकरण करें

सीधी जिला पंचायत दफ्तर में मंगलवार को हुई जनसुनवाई का नजारा बदला-बदला सा था। कलेक्टर विकास मिश्रा अपनी कुर्सी पर बैठने के बजाय खुद चलकर लोगों के पास पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। दोपहर 12 बजे से शुरू होकर यह सिलसिला शाम 4 बजे तक चलता रहा। इससे पहले दोपहर 1 बजे तक लोगों की समस्याएं सुनी जाती थीं। कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि अगर लोग 100 किलोमीटर दूर से अपनी तकलीफ लेकर आ सकते हैं, तो एक जनसेवक होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं उनके पास जाकर उनकी बात सुनूं। उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी बताया। बार-बार चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि सिर्फ शिकायत सुनना काफी नहीं है, उनका समाधान होना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कई लोगों को एक ही काम के लिए 2 से 4 बार जनसुनवाई में आना पड़ता है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीण जनसुनवाई में रामपुर नैकिन, चुरहट, मझौली, सिहावल और बाहरी जैसे इलाकों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। लोगों ने मुख्य रूप से जमीन के नामांकन (राजस्व), खराब सड़कें, बिजली कटौती और पानी की किल्लत जैसी अपनी बुनियादी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।

शरीर के लिए ‘फिल्टर’ का काम करती हैं इस पौधे की पत्तियां! सुबह खाली पेट करें सेवन, कई बीमारियों में कारगर

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Last Updated:March 31, 2026, 17:22 IST Chandauli News: ज्यादातर घरों में तुलसी की पूजा होती है और इस पौधे को पवित्र माना जाता है. इसके साथ ही तुलसी के कई औषधीय गुण भी हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि तुलसी में वो कौन-कौन से गुण हैं और किन समस्याओं में यह कारगर है. चंदौली: भारत में लगभग हर घर में तुलसी का पौधा पाया जाता है. इसे धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है और नियमित रूप से पूजा भी की जाती है, लेकिन तुलसी केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि यह एक शक्तिशाली औषधीय पौधा भी है. आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों को कई बीमारियों के उपचार में उपयोगी बताया गया है. डॉक्टर रिद्धी पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही कारण है कि इसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने तुलसी के उपयोग के कुछ प्रमुख तरीके बताए हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं. बेहद कारगर माना जाता है तुलसी का सेवन सबसे पहले, पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए तुलसी का सेवन बेहद कारगर माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति को पेट साफ न होने या कब्ज की समस्या रहती है, तो सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में तुलसी के पत्तों का पेस्ट और आधा नींबू मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है. इससे शरीर का डिटॉक्स होता है, पाचन बेहतर होता है और लीवर भी साफ रहता है. नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और व्यक्ति पूरे दिन तरोताजा महसूस करता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को करता है मजबूत डॉक्टर रिद्धी के अनुसार, त्वचा की देखभाल में भी तुलसी का विशेष महत्व है. आजकल बाजार में मिलने वाले कई स्किन केयर उत्पादों जैसे फेस वॉश और क्रीम में तुलसी और नीम का उपयोग किया जाता है. घर पर भी तुलसी के पत्तों को पीसकर टोनर या सीरम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. रात में इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ और चमकदार बनती है. इसके अलावा, डार्क सर्कल की समस्या में भी तुलसी के पत्तों का पेस्ट आंखों के नीचे लगाने से लाभ मिलता है. सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं में भी तुलसी बेहद प्रभावी है. काढ़ा बनाते समय इसमें तुलसी के पत्ते, तेज पत्ता, काली मिर्च और शहद मिलाकर पीने से खांसी, कफ और एलर्जी में राहत मिलती है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है. स्वस्थ रखने में निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका डॉक्टर पांडे ने बताया कि बुखार की स्थिति में भी तुलसी का उपयोग किया जा सकता है. चाय में तुलसी के पत्ते डालकर पीने से शरीर को राहत मिलती है. हर्बल या ग्रीन टी में तुलसी मिलाकर पीना स्वास्थ्य के लिए और भी फायदेमंद माना जाता है. तुलसी एक ऐसा पौधा है, जो आसानी से हर घर में उपलब्ध होता है और इसके नियमित उपयोग से कई छोटी-बड़ी बीमारियों से बचाव संभव है. हालांकि, इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. बता दें कि तुलसी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह एक प्राकृतिक औषधि भी है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : March 31, 2026, 17:22 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

प्रियंका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका:दुपट्‌टे से सिर ढककर आईं; लंगर हॉल में जूठे बर्तन मांजने की सेवा की, गुरबाणी सुनी

प्रियंका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका:दुपट्‌टे से सिर ढककर आईं; लंगर हॉल में जूठे बर्तन मांजने की सेवा की, गुरबाणी सुनी

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा मंगलवार को अमृतसर में गोल्डन टेंपल पहुंची। इस दौरान उन्होंने दरबार साहिब में माथा टेका। इसके बाद उन्होंने लंगर हॉल में जाकर जूठे बर्तन धोने की सेवा की। इसके अलावा लंगर हॉल के बाकी कामों में भी सहयोग किया। इस दौरान उन्होंने कुछ देर बैठकर गुरबाणी भी सुनी। इस दौरान प्रिंयका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल की मर्यादा का खास ख्याल रखा। वह रोज गोल्ड कलर का शूट पहने नजर आई। गोल्डन टेंपल में एंट्री करते ही उनका सिर दुपट्‌टे से ढका हुआ रहा। प्रिंयका चोपड़ा आम श्रद्धालु की तरह यहां रही। इस दौरान उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की। मीडिया ने भी सवाल पूछने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी के सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। वह सेवा करने के बाद वहां से चली गईं। वह साढ़े 4 बजे गोल्डन टेंपल पहुंची थीं। वह करीब आधा घंटा गोल्डन टेंपल में रहीं। गोल्डन टेंपल पहुंची प्रियंका चोपड़ा के PHOTOS… 18 साल की उम्र में 90 देशों की कंटेस्टेंट्स को पछाड़ मिस वर्ल्ड बनीं उत्तर प्रदेश के बरेली में जन्मीं प्रियंका चोपड़ा ने बचपन में कभी रंगभेद का सामना किया, तो कभी तानों से बचने के लिए बाथरूम में छिपकर खाना खाया। इन सबके बावजूद उन्होंने महज 18 साल की उम्र में 90 देशों की खूबसूरत कंटेस्टेंट्स को पीछे कर 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया। मिस वर्ल्ड जीतने के बाद प्रियंका ने पहले तमिल सिनेमा में एंट्री ली और फिर बॉलीवुड में। प्रियंका ने लगातार ऐतराज, कृष, फैशन, डॉन 2, अग्निपथ जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम करते हुए खुद को बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस के बीच ला खड़ा किया, लेकिन फिर 2015 के बाद उन्होंने अचानक इंडस्ट्री छोड़ दी। सालों बाद प्रियंका ने एक पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से बॉलीवुड इंडस्ट्री से दूरी नहीं बनाई थी, बल्कि उन्हें कॉर्नर किया गया था। उन्हें मनमुताबिक काम नहीं दिया जा रहा था और वो लगातार होती पॉलिटिक्स से थक चुकी थीं। फिल्में मिलनी बंद हुईं तो प्रियंका की मां ने उनसे कहा था- तुम्हें कमाई का कोई दूसरा जरिया ढूंढना चाहिए। फिर क्या था, प्रियंका ने बतौर सिंगर करियर की दूसरी पारी शुरू की। इंग्लिश गानों से हॉलीवुड में जगह बनाने वालीं प्रियंका के लिए ये बदलाव अहम साबित हुआ। जहां भारत में जेंडर पे गेप एक अहम बहस का मुद्दा है, वहीं प्रियंका ने हॉलीवुड एक्टर्स के बराबर फीस लेकर इतिहास रचा। वो हॉलीवुड में सबसे ज्यादा काम करने वाली इंडियन एक्ट्रेस हैं। शादी के बाद लॉस एंजिलिस शिफ्ट हुई प्रियंका निक जोनस से शादी के बाद प्रियंका लॉस एंजिलिस शिफ्ट हो गईं। इसी दौरान उन्होंने कई हॉलीवुड टीवी शोज, सीरीज और फिल्मों में काम किया। शादी के कुछ समय बाद 2019 में प्रियंका ने फिल्म द स्काई इज पिंक से बॉलीवुड कमबैक किया था। फिल्म में लीड रोल निभाने के साथ-साथ उन्होंने इसे को-प्रोड्यूस भी किया था। हालांकि फिल्म कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी।

AI बना रहा नकली एक्सरे, मेडिकल जगत में भारी फ्रॉड का खतरा, डिपफेक कॉपी बन सकता है सबूत

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Last Updated:March 31, 2026, 17:01 IST Deep fake X-ray so real: एक्स-रे हमारे शरीर के अंदर की टूट-फूट या गड़बड़ियों के बारे में पता चलता है. इसी आधार पर डॉक्टर इलाज करते हैं लेकिन क्या होगा अगर यह एक्स-रे ही गलत हो और इसमें टूट-फूट की गलत जानकारी हो. जाहिर है डॉक्टर भी इस गलत एक्सरे के आधार पर गलत इलाज करेंगे. इसमें मरीज की जान भी जा सकती है. एआई के जमाने में ऐसा हो रहा है. डीपफेक एक्सरे इतने असली जैसे लगते हैं कि इसे डॉक्टर भी पहचान पाने में असमर्थ होने लगे हैं. चिकित्सा जगत में इस खबर से बेचैनी है क्योंकि भविष्य में इसके कई घातक परिणाम सामने आ सकते हैं. यह हाथ में स्केफॉयड बोन में हेयरलाइन फ्रेक्चर का एक्सरे AI से बनाई गई है. Deep fake X-ray : फर्ज कीजिए आप हड्डियों का एक्स-रे कराकर डॉक्टर को इसे दिखाने गए. डॉक्टर इसी एक्सरे के आधार पर आपका इलाज कर दिया. बाद में पता चला कि यह एक्सरे तो असली है ही नहीं. जरा सोचिए, इसका कितना घातक असर आप पर हो सकता है. एआई के जमाने में ऐसा बिल्कुल संभव है. एक बहुत बड़े अध्ययन में पाया गया है कि एआई की मदद से जो डीपफेक एक्सरे बने थे उन्हें डॉक्टर फर्क ही नहीं कर पाए. यानी कौन सा एक्सरे असली था और कौन सा डिपफेक यह डॉक्टर पहचान ही नहीं पाए. इस डिपफेक एक्सरे का बेहद गलत इस्तेमाल होने का खतरा है. एक तो इससे गलत इलाज हो सकता है दूसरा इससे कई तरह के फ्रॉड होने का खतरा है. डीपफेक क्या होता है?पहले यह जानिए कि डीपफेक होता क्या है. डीपफेक ऐसी वीडियो, फोटो, इमेज या ऑडियो फाइल होती है जो देखने में असली लगती है लेकिन असल में उसे एआई की मदद से बनाया या बदला गया होता है. अध्ययन के प्रमुख लेखक माइकल एयरडजमैन के अनुसार ये डीपफेक एक्स-रे इतने असली जैसे होते हैं कि रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ भी इन्हें पहचानने में धोखा खा सकते हैं, भले ही उन्हें पता हो कि एआई से बनी इमेज भी दिखाई जा रही हैं. इसे एआई के किसी भी प्लेटफॉर्म पर बनाया जा सकता है. एआई जेनरेटेड एक्सरे से कितना खतरा साइंस डेली में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एआई द्वारा बनाए गए डीपफेक एक्स-रे अब इतने रियल होने लगे हैं कि वे डॉक्टरों और एआई सिस्टम दोनों को धोखा दे सकते हैं. अध्ययन में पाया गया कि रेडियोलॉजिस्ट नकली एक्सरे की तस्वीरों को पहचानने में अक्सर असफल रहे. रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे फर्जी मेडिकल क्लेम लेने में इस्तेमाल किया जा सकता है. वही गलत एक्सरे के आधार गलत इलाज का जोखिम बढ़ सकता है. इस गलत एक्सरे से कोर्ट में फर्जी सबूत पेश किया जा सकता है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर हैकर्स अस्पताल के सिस्टम तक पहुंच गया तो वे पूरे मेडिकल रिकॉर्ड को खराब कर सकता है. मुश्किल यह है कि इसकी सत्यता पहचानने में अब तक कोई एआई टूल भी डेवलप नहीं हुआ है. इसलिए यह पूरे मेडिकल सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका पैदा कर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे यह तकनीक आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मजबूत सुरक्षा उपाय और पहचान करने वाले टूल विकसित करना बेहद जरूरी हो गया है. यह अध्ययन रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नोर्थ अमेरिका में प्रकाशित हुआ है. स्टडी की जानकारी और इमेज टेस्टिंग इस शोध में 6 देशों अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, यूके और यूएई के 12 संस्थानों से 17 रेडियोलॉजिस्ट शामिल थे. इनका 1 से 40 साल तक था. कुल 264 एक्स-रे इमेज का अध्ययन किया गया, जिनमें आधी असली और आधी एआई द्वारा बनाई गई थीं.अध्ययन में GPT 4.0 से बनाए गए छाती, गर्दन, हड्डी, कमर और हाथ के एक्सरे को रेडियोलॉजिस्ट को दिखाया गया. इसमें एआई की मदद से असली एक्सरे को दोबारा बनाने के लिए कहा गया था. अब तक रेडियोलॉजिस्ट को यह नहीं बताया गया था कि एक्सरे असली है या नकली. उन्हें इन एक्सरे का विश्लेषण करने को कहा गया था. इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट एआई से बनाए गए नकली एक्सरे में सिर्फ 41 प्रतिशत एक्सरे को पहचान पाए कि ये नकली है. बाकी के 59 प्रतिशत एआई से बनी एक्सरे को पहचानने में गलत साबित हो गए. इसके बाद रेडियोलॉजिस्ट से बता दिया गया कि अब जो आपके सामने एक्सरे है उनमें एआई से बनाए गए और असली एक्सरे दोनों है. इसके बाद 75 प्रतिशत एआई से बनाए गए एक्सरे को रेडियोलॉजिस्ट ने पहचान लिए लेकिन 25 प्रतिशत को इसके बावजूद नहीं पहचान सके. रोएंटजेन से बने एक्स-रे और सटीकतारोएंटजने मॉडल से बने छाती के एक्स-रे में रेडियोलॉजिस्ट की पहचान क्षमता 62% से 78% के बीच रही, जबकि एआई मॉडल्स की सटीकता 52% से 89% तक पाई गई. इसमें सबसे बेहतर मस्कुलोस्केलेटल एक्सपर्ट ने पहचाना. यानी हड्डियों वाले डिपफेक एक्सरे को ज्यादातर रेडियोलॉजिस्ट ने पहचान लिया. शोधकर्ताओं के अनुसार नकली मेडिकल इमेज अक्सर बहुत परफेक्ट दिखती हैं. हड्डियां ज्यादा स्मूथ, रीढ़ असामान्य रूप से सीधी, फेफड़े एक जैसे और ब्लड वेसल्स बहुत समान दिखते हैं. फ्रैक्चर भी जरूरत से ज्यादा साफ और एक ही हिस्से में सीमित दिखाई देते हैं. आगे सीटी स्कैन और एमआरआई भी डिपफेक अगर इन डीपफेक इमेज का गलत इस्तेमाल हुआ, तो फर्जी मेडिकल केस बन सकते हैं या अस्पताल के सिस्टम में छेड़छाड़ कर गलत निदान किया जा सकता है. इससे बचने के लिए विशेषज्ञ डिजिटल वॉटरमार्क और क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर जैसे मजबूत सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं ताकि इमेज की असलियत की पुष्टि की जा सके. शोधकर्ता माइकल एरोदजमैन का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है. आगे एआई 3D इमेज जैसे CT और MRI भी बना सकता है. इसलिए अभी से ट्रेनिंग, जागरुकता और पहचान करने वाले टूल्स विकसित करना बेहद जरूरी है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें First Published : March 31, 2026, 17:01 IST

सलमान खान की अगली फिल्म में नयनतारा की एंट्री:मेगा प्रोजेक्ट में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; अप्रैल से शुरू होगी शूटिंग

सलमान खान की अगली फिल्म में नयनतारा की एंट्री:मेगा प्रोजेक्ट में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; अप्रैल से शुरू होगी शूटिंग

सलमान खान की अगली बड़ी फिल्म में एक्ट्रेस नयनतारा लीड रोल में नजर आएंगी। यह पहली बार होगा जब ये दो बड़े सितारे पर्दे पर एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। सलमान इस बार साउथ के फिल्ममेकर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। सोमवार को सलमान खान और प्रोडक्शन हाउस ‘श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स’ ने सोशल मीडिया पर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। दर्शकों को देखने मिलेगी अलग-अलग एक्टिंग इस फिल्म में दर्शकों को एक्टिंग के दो अलग-अलग स्कूल देखने को मिलेंगे। सलमान खान जहां अपने खास स्वैग वाले अंदाज के लिए जाने जाते हैं, वहीं नयनतारा अपनी इंटेंस और कैरेक्टर-ड्रिवन परफॉर्मेंस के लिए फेमस हैं। मेकर्स का मानना है कि सलमान की स्टार पावर और नयनतारा की गहराई वाली एक्टिंग का यह मिश्रण पर्दे पर एक नई केमिस्ट्री पैदा करेगा। डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली संभालेंगे कमान फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। वामशी बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म के जरिए वे सलमान और नयनतारा की अपनी-अपनी खूबियों को एक बड़े विजन के साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे। फिल्म में हाई-लेवल एक्शन के साथ-साथ किरदारों के बीच की इमोशनल जर्नी भी दिखाई जाएगी। सलमान खान की SVC63 फिल्म क्या है SVC63 बड़े बजट की एक्शन थ्रिलर है, जिसे बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। इसमें हिंदी और दक्षिण भारतीय इंडस्ट्री के कलाकार शामिल होंगे। बताया गया है, ‘यह फिल्म सलमान खान को पर्दे पर एक ऐसे अवतार में पेश करेगी, जैसा उनके फैंस ने इससे पहले कभी नहीं देखा होगा। फिल्म की शूटिंग पूरे भारत में अलग-अलग लोकेशन पर होगी और 14 अप्रैल से मुंबई के सेट से शुरू होगी। दिल राजू कर रहे हैं ग्रैंड प्रोडक्शन इस मेगा प्रोजेक्ट को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोड्यूसर हैं और 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं। उन्हें ‘महार्षि’ और ‘शतमानम भवति’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी पहले 5 फिल्मों में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।

सलमान खान की अगली फिल्म में नयनतारा की एंट्री:मेगा प्रोजेक्ट में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; अप्रैल से शुरू होगी शूटिंग

सलमान खान की अगली फिल्म में नयनतारा की एंट्री:मेगा प्रोजेक्ट में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; अप्रैल से शुरू होगी शूटिंग

सलमान खान की अगली बड़ी फिल्म में एक्ट्रेस नयनतारा लीड रोल में नजर आएंगी। यह पहली बार होगा जब ये दो बड़े सितारे पर्दे पर एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। सलमान इस बार साउथ के फिल्ममेकर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। सोमवार को सलमान खान और प्रोडक्शन हाउस ‘श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स’ ने सोशल मीडिया पर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। दर्शकों को देखने मिलेगी अलग-अलग एक्टिंग इस फिल्म में दर्शकों को एक्टिंग के दो अलग-अलग स्कूल देखने को मिलेंगे। सलमान खान जहां अपने खास स्वैग वाले अंदाज के लिए जाने जाते हैं, वहीं नयनतारा अपनी इंटेंस और कैरेक्टर-ड्रिवन परफॉर्मेंस के लिए फेमस हैं। मेकर्स का मानना है कि सलमान की स्टार पावर और नयनतारा की गहराई वाली एक्टिंग का यह मिश्रण पर्दे पर एक नई केमिस्ट्री पैदा करेगा। डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली संभालेंगे कमान फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। वामशी बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म के जरिए वे सलमान और नयनतारा की अपनी-अपनी खूबियों को एक बड़े विजन के साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे। फिल्म में हाई-लेवल एक्शन के साथ-साथ किरदारों के बीच की इमोशनल जर्नी भी दिखाई जाएगी। सलमान खान की SVC63 फिल्म क्या है SVC63 बड़े बजट की एक्शन थ्रिलर है, जिसे बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। इसमें हिंदी और दक्षिण भारतीय इंडस्ट्री के कलाकार शामिल होंगे। बताया गया है, ‘यह फिल्म सलमान खान को पर्दे पर एक ऐसे अवतार में पेश करेगी, जैसा उनके फैंस ने इससे पहले कभी नहीं देखा होगा। फिल्म की शूटिंग पूरे भारत में अलग-अलग लोकेशन पर होगी और 14 अप्रैल से मुंबई के सेट से शुरू होगी। दिल राजू कर रहे हैं ग्रैंड प्रोडक्शन इस मेगा प्रोजेक्ट को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोड्यूसर हैं और 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं। उन्हें ‘महार्षि’ और ‘शतमानम भवति’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी पहले 5 फिल्मों में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।