फतेहगढ़ साहिब पहुंचे पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह:दुफेड़ा साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका, यहीं पर हेजल कीच से हुई थी शादी

फतेहगढ़ साहिब स्थित गुरुद्वारा दुफेड़ा साहिब में ब्रह्म ज्ञानी संत बाबा राम सिंह गंडुआं वालों के पवित्र अंगीठा साहिब स्थान पर दूसरा यादगारी समागम आयोजित किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस समागम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह भी पहुंचे। उन्होंने श्रद्धापूर्वक माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। युवराज सिंह ने संगत के साथ बैठकर कीर्तन सुना और आध्यात्मिक माहौल में समय बिताया। उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। युवराज सिंह इस स्थान से लंबे समय से जुड़े हुए हैं और संत बाबा राम सिंह के पक्के श्रद्धालु हैं। यहीं पर युवराज सिंह ने ब्रिटिश मॉडल और बॉलीवुड अभिनेत्री हेजल कीच से शादी की थी। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार रहे उपस्थित कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में पूरी मर्यादा के साथ हुई। भाई मनदीप सिंह भामिया वालों ने अपने मधुर कीर्तन से संगतों को निहाल किया। कीर्तन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार रघबीर सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में संत बाबा राम सिंह जी की शिक्षाओं को याद करते हुए सेवा और सिमरन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलने और समाज सेवा को धर्म समझने का संदेश दिया। कुलविंदर कौर ने भी संगत को संबोधित किया समागम के दौरान बाबा जी की आध्यात्मिक बेटी कुलविंदर कौर ने भी संगत को संबोधित किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संत बाबा राम सिंह जी के दिखाए रास्ते पर चलने और सच्चे जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के लिए गुरु का अटूट लंगर लगाया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और भाईचारे की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
नयारा ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा किया:भोपाल में एक लीटर पेट्रोल ₹112 और डीजल ₹95 का हुआ, कच्चा तेल महंगा होना वजह

ईरान जंग के बीच ‘नायरा एनर्जी’ ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद भोपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 111.72 रुपए और डीजल की कीमत 94.88 रुपए पर पहुंच गई है। नायरा एनर्जी की ओर से की गई यह बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों में वहां के लोकल टैक्स और वैट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमतों में ₹5.30 प्रति लीटर तक का इजाफा देखा गया है। नायरा के देशभर में करीब 7 हजार पेट्रोल पंप है। प्रमुख शहरों में नायरा के पेट्रोल-डीजल की कीमतें नोट: कीमत रुपए प्रति लीटर में। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां जैसे IOCL, HP और BP ने दाम नहीं बढ़ाए हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है। इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी। प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल महंगा भले ही सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम सरकारी कंपनियों ने न बढ़ाए हों, लेकिन पिछले हफ्ते प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े थे। इसके अलावा, फैक्ट्रियों और बड़े यूजर्स को बेचे जाने वाले ‘बल्क डीजल’ के दाम 22 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए थे। दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल 99.89 रुपए से बढ़कर 101.89 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 50% तक बढ़ गई हैं। ब्रैंड क्रूड की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बशीरहाट में बड़ा चुनावी विवाद, बीएलओ समेत 340 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मचा घमासान पर जारी

पश्चिम बंगाल के बशीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहां एक ही मतदान केंद्र से 340 टोकियो का नाम अचानक हटा दिया गया है. सबसे पुरानी बात ये रही कि ये सभी आदिवासी एक ही समुदाय के थे, जिसके बाद इलाके में विरोध शुरू हो गया। यह मामला बशीरहाट के बोरों गोबरा गांव के बूथ नंबर 5 का है। 23 मार्च 2026 को पहली बार मतदाता सूची में पता चला कि जिन 340 लोगों के नाम पहले “अंडर एडजुडिसन” में थे, उन्हें पूरी तरह से हटा दिया गया है। सबसे पुरानी बात यह है कि निकाले गए सभी मुस्लिम लोग सुमदाय से जुड़े हुए हैं, जिससे मामला और संवेदनशीलता हो गई है। बबलो का नाम भी सूची से गायब हो गया इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि बूथ लेवल ऑफिसर (बातओ) मोहम्मद शफ़ीउल आलम का नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इतना नहीं, उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों के नाम की सूची भी नहीं मिली। जबकि बबलो का काम अचल के ही दस्तावेजों की जांच और सत्यापन होता है। नाम उजागर होने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के उनके वोट का अधिकार छीन लिया गया है. दस्तावेज़ होने के बावजूद नाम बिलाओ शफ़ीउल आलम का कहना है कि उन्होंने सभी दस्तावेज़ों की स्वयं जांच की और उन्हें डिजिटल रूप में अपलोड किया। उनके मुताबिक ज्यादातर लोगों के पेपर सही थे, फिर भी उनका नाम समझ से परे है। प्रशासन से नहीं मिला पासपोर्ट उत्तर इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि अब उनके स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से भी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बशीरहाट मतदाता सूची विवाद(टी)चुनाव आयोग भारत(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बूथ-स्तरीय अधिकारी(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बशीरहाट वोटर सूची विवाद(टी)चुनाव आयोग भारत(टी)बूथ धारक
रणवीर का पगड़ी में धूम्रपान वाला सीन पूरी तरह फेक:धुरंधर 2 के डायरेक्टर बोले- एआई मॉर्फ्ड तस्वीरें फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

फिल्ममेकर आदित्य धर ने फिल्म धुरंधर 2 को लेकर एआई और फेक एडिट की गई तस्वीरें फैलाने वालों पर सख्त चेतावनी दी। यह बयान ऐसे समय आया जब फिल्म ने 7 दिनों में दुनियाभर में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। गुरुवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए आदित्य धर ने दर्शकों का धन्यवाद किया और कहा कि फिल्म को देश और विदेश में अच्छा रिस्पॉन्स मिला। धर ने यह भी कहा कि कुछ लोग आधिकारिक प्रमोशनल कंटेंट को एआई की मदद से बदलकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने एक वायरल तस्वीर का जिक्र किया, जिसमें रणवीर सिंह के किरदार को पगड़ी में धूम्रपान करते दिखाया गया, जिसे उन्होंने पूरी तरह फेक बताया। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म में ऐसा कोई सीन नहीं है और यह जानबूझकर फैलाया गया गलत कंटेंट है। उन्होंने कहा कि वह सिख समुदाय का पूरा सम्मान करते हैं और फिल्म में हर चीज को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ दिखाया गया है। धर ने दर्शकों से अपील की कि वे सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और ऐसी भ्रामक खबरों से दूर रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। माधवन ने भी सफाई दी थी इससे पहले आर माधवन को लेकर भी दावा किया गया था कि फिल्म के एक सीन में वे ‘दसम ग्रंथ’ की पंक्तियां बोलते समय सिगरेट पीते हैं। इस पर एक्टर ने वीडियो जारी कर सफाई दी थी। माधवन ने कहा था कि सीन से पहले उन्होंने सिगरेट बुझा दी थी और पूरे सीन में कहीं भी धुआं नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर आदित्य धर इस तरह की बातों का खास ध्यान रखते हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में सिख इन महाराष्ट्र संगठन के अध्यक्ष गुरजोत सिंह कीर ने फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि फिल्म के एक सीन में सिख परंपराओं और दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट दिखाया गया। इस मामले में मुंबई के मुलुंड पुलिस थाने में निर्माता और एक्टर आर माधवन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
भांग दुकानों के लाइसेंस के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू:मैहर-अमरपाटन में दो दुकानों के लिए 27 मार्च को खुलेंगे टेंडर

मैहर में साल 2026-27 के लिए भांग की फुटकर दुकानों के लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला आबकारी विभाग ने इच्छुक लोगों से टेंडर मंगाए हैं। यह लाइसेंस 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए रहेगा। मैहर और अमरपाटन में मिलेंगे लाइसेंस जानकारी के मुताबिक मैहर और अमरपाटन में दो दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इन दोनों दुकानों का कुल आरक्षित मूल्य 25 लाख 16 हजार 489 रुपए रखा गया है। वहीं, आवेदन करने के लिए 10 प्रतिशत यानी 2 लाख 51 हजार 649 रुपए की अमानत राशि तय की गई है। 27 मार्च से शुरु होगी प्रक्रिया टेंडर की प्रक्रिया 27 मार्च 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार मैहर में होगी। दोपहर 3:30 बजे से टेंडर खोले जाएंगे। टेंडर फॉर्म 25 मार्च से 27 मार्च दोपहर 2 बजे तक मिलेंगे। आवेदन जमा करने की आखिरी समय सीमा 27 मार्च दोपहर 3 बजे रखी गई है। जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि जो लोग आवेदन करना चाहते हैं, वे तय समय के अंदर प्रक्रिया पूरी कर लें। ज्यादा जानकारी के लिए जिला आबकारी कार्यालय मैहर से संपर्क किया जा सकता है।
कश्मीर में ईरान के लिए ₹18 करोड़ चंदा जुटाया गया:बड़गाम जिला सबसे आगे, सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल की आशंका

कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपए का चंदा जुटाया गया है। इससे देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। आशंका है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 17.91 करोड़ रुपए चंदा जुटाया गया है। इनमें से 85% राशि शिया समुदाय ने दान की है। कश्मीर का बड़गाम शिया बहुल इलाका है। यहां से करीब 9.5 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है। ईरानी दूतावास ने बैंक अकाउंट और क्यूआर कोड शेयर किया सूत्रों के मुताबिक भारत में ईरानी दूतावास ने सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक विशेष बैंक अकाउंट भी खोला है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान की सुविधा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि चंदे की राशि और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधे दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से ही पैसा भेजें, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले भी चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के मामले सामने आ चुके हैं। खुफिया एजेंसियों ने फंड की निगरानी बढ़ाई खुफिया एजेंसियां फंड की निगरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि चंदे का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है या उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। अधिकारियों ने माना कि लोगों की भावना सही हो सकती है, लेकिन बिचौलिये और बिना सत्यापन वाले संगठन पारदर्शिता को प्रभावित कर सकते हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ शिया धार्मिक नेता और संगठन विभिन्न गतिविधियों के लिए ईरान से आर्थिक सहायता प्राप्त करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त निगरानी न होने पर इस तरह के फंड का इस्तेमाल राजनीतिक या अन्य गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
‘सपा का ल्यारी राज’: लखनऊ में पोस्टरों में ‘धुरंधर’ और पाकिस्तान संदर्भ के साथ अखिलेश यादव पर निशाना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 12:36 IST पोस्टरों में समाजवादी पार्टी सरकार की तुलना पाकिस्तान के ल्यारी से की गई, जो अक्सर अपराध और अशांति से जुड़ा क्षेत्र है। लखनऊ में सामने आए ‘ल्यारी राज’ के पोस्टर, सपा के 2012-17 शासन पर हमला उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासन की तुलना पाकिस्तान के “ल्यारी राज” से करते हुए लखनऊ भर में पोस्टर सामने आए हैं, जिसमें फिल्म में इसके चित्रण के संदर्भ में अखिलेश यादव पर निशाना साधा गया है। धुरंधर. यह घटनाक्रम परवेश वर्मा के एक अलग राजनीतिक तंज के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए धुरंधर फिल्म के चरित्र, गैंगस्टर रहमान डकैत का संदर्भ दिया था। ल्यारी कराची, पाकिस्तान में सबसे पुराने और सबसे अधिक आबादी वाले आवासीय इलाकों में से एक है। ‘ल्यारी राज’ तुलना पोस्टरों में समाजवादी पार्टी सरकार की तुलना पाकिस्तान के ल्यारी से की गई, जो अक्सर अपराध और अशांति से जुड़ा क्षेत्र है। नारे में लिखा था, ‘सपा का ल्यारी राज- न हम भूले हैं, न भूलेंगे।’ वीवीआईपी गेस्ट हाउस और शहर के अन्य प्रमुख इलाकों के पास कई पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे तुलना व्यापक रूप से दिखाई दे रही है। पोस्टरों में 2012 और 2017 के बीच अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार के दौरान महिलाओं के खिलाफ कथित अपराधों और भू-माफियाओं के उदय पर प्रकाश डाला गया है। राजनीतिक प्रतिक्रिया अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए, देवेंद्र ने कहा, “जैसे ल्यारी में आतंक था, वैसे ही 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में ‘गुंडा राज’ था।” उन्होंने आगे कहा, “जब अतीक अहमद के कथित आतंकी संबंध सामने आए तो सपा नेता बौखला गए।” पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 12:36 IST समाचार राजनीति ‘सपा का ल्यारी राज’: लखनऊ में पोस्टरों में ‘धुरंधर’ और पाकिस्तान संदर्भ के साथ अखिलेश यादव पर निशाना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ल्यारी(टी)ल्यारी पाकिस्तान(टी)ल्यारी गैंगवार(टी)ल्यारी गैंगस्टर(टी)धुरंधर(टी)पाकिस्तान(टी)अखिलेश यादव(टी)समाजवादी पार्टी ल्यारी(टी)सपा का ल्यारी राज
तमिल चुनाव: विक्ट्री की पार्टी टीवीके सभी 234 क्वार्टरों में अकेले लड़ाकू इलेक्शन, कर दी बड़ी घोषणा

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर थोक सरगर्मियां तेजी से बढ़ी हैं। राजनीतिक ने चुनावी प्रचार तेज कर दिये हैं। इस बीच अभिनेता से राजनेता बने विक्ट्री ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) सभी 234 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी, जो एक आक्रामक डेमोक्रेटिक शुरुआत का संकेत है। इस कदम से पार्टी की स्थिति ऐसे राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण नए प्रवेशकर्ता के रूप में स्थापित हो गई है, जिस पर लंबे समय से स्थापित द्रविड़ियन प्रमुख आश्रम का विधर्म बना हुआ है। चुनाव प्रचार अभियान के तहत पार्टी 27 मार्च को मामल्लापुरम में एक हाई-प्रोफाइल सार्वजनिक सभा में अपने समर्थकों को पेश करने वाली है। पार्टी के दिग्गजों ने बताया कि विजय स्वयं मंच पर गठबंधन को पेश किया जाएगा और पार्टी के विचारधारा और ओलेक रोडमैप की अंतिम प्रस्तुति होगी, जो टीवीके के संवाद में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी के आधिकारिक घोषणापत्र के अनुसार, विजय के चेन्नई के पेरम्बूर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से चुनाव की संभावना है। हालाँकि, अभी भी आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है। उनके प्रतियोगी उम्मीदवारों में काफी रुचि पैदा हुई है, विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले कॉलेजों और युवाओं के बीच, जो उनके समर्थन आधार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पार्टी 28 मार्च को अपने चुनावी प्रचार की पूरी तैयारी कर रही है। विजय चेन्नई के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र, जिनमें पेरम्बूर, कोलाथुर, विल्लीवाक्कम, अन्ना नगर शामिल हैं, में कई मिसालों को निशाना बनाने वाले हैं। खबरों के मुताबिक, हर साइट पर 3,000 लोगों तक की सभाओं की जानकारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने 12 अतिरिक्त इलेक्टोरल क्षेत्र में प्रोमोशन कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उम्मीदवारों को छूट दी है। बता दें कि ये प्रतिबंध 27 सितंबर 2025 को विजय के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान करूर में हुई बगदाद की पृष्ठभूमि में लगाए गए थे, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तमिल पुलिस ने अभिनेता-राजनेता से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़ प्रबंधन पर सख्त निर्देश लागू किए, ताकि ऐसी घटनाओं को याद किया जा सके। जैसे-जैसे वोटिंग का दिन करीब आ रहा है, विजय और उनकी पार्टी के प्रवेश से जुड़े हुए टेलीकॉम में एक नया आयाम शामिल होने की उम्मीद है, जबकि स्थापित गठबंधन पूरे राज्य में अपनी स्थिति मजबूत जारी रखना चाहता है। यह भी पढ़ें बंगाल चुनाव में क्या होने वाला है बड़ा उलटफेर, ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी में किसको क्वेश्चन का अनुमान, सर्वे के नतीजे वाले बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए तो सात अर्धसैनिक बल के खिलाफ कार्रवाई, जानें पूरा मामला
‘ममता ने मुझसे मुलाकात तक नहीं की’: मुर्शिदाबाद लिंचिंग पीड़ित की विधवा का कहना है कि चुनाव में बीजेपी को वोट दूंगी | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 11:10 IST पारुल दास ने अपने क्षेत्र में एक बीएसएफ शिविर स्थापित करने के लिए कहा, यह देखते हुए कि चुनाव के बाद सेना हटने के बाद उनके मुस्लिम पड़ोसी उन्हें ‘जीवित’ नहीं रहने देंगे। पारुल दास को डर है कि अगर उनके इलाके से सेना हटा ली गई तो उनका भी वही हश्र होगा जो उनके पति और बेटे का हुआ। (न्यूज़18) पश्चिम बंगाल चुनाव आएँ, और पारुल दास स्पष्ट हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देंगी। पारुल के पति हरगोबिंद दास और बेटे चंदन दास को पिछले साल अप्रैल में खून की प्यासी भीड़ ने उनके घर से बाहर खींच लिया था और वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद मुर्शिदाबाद में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पीट-पीट कर मार डाला था। सीएनएन-न्यूज18 ने पारुल को उसके घर की प्रवेश सीढ़ियों पर देखा, जहां ईंटों के टुकड़े अभी भी बिखरे हुए थे – जो पिछले साल की घटनाओं की एक गंभीर याद दिलाते हैं। पारुल के लिए बहुत कुछ नहीं बदला है, सिवाय कुछ सीसीटीवी कैमरों और लोहे के दरवाज़ों के, जो सुरक्षा खतरों के बीच उसके घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए अपनी प्राथमिकता बताते हुए भावुक पारुल ने स्वीकार किया कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस बात को लेकर नाराज हैं कि वह हार के बावजूद उनके घर नहीं गईं। संपादित अंश: यह चुनाव आपके लिए क्या मायने रखता है? आप इस चुनाव से क्या चाहते हैं? मुझे यहां बीएसएफ कैंप चाहिए. नहीं तो हम जीवित नहीं रह पाएंगे. जिस तरह से वे (मुस्लिम पड़ोसी) व्यवहार कर रहे हैं… एक बार चुनाव खत्म हो गया और अर्धसैनिक बल चला गया… वे पहले से ही धमकी दे रहे हैं, ‘तुम्हारे पिता तुम्हें कब तक बचाएंगे?’ क्या आपको रात में डर लगता है? फिलहाल मुझे डर नहीं लग रहा है. हमारे लड़के इन मार्गों पर मार्च कर रहे हैं।’ मुझे क्यों डर लगना चाहिए? लेकिन जब (मेरे पति और बेटे के) शव मिले, तो पुलिस प्रशासन से कोई नहीं आया। उन्होंने अर्धसैनिक बलों को गुमराह किया और उन्हें कहीं और भेज दिया.’ यहां आपके स्थानीय विधायक… नहीं, उनमें से कोई भी यहाँ नहीं आया। पुलिस ने कहा कि हमारे हाथ बंधे हुए हैं. क्या आप ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई संदेश देना चाहते हैं? मैं बीजेपी को वोट दूंगा. सुवेंदु (अधिकारी) मेरे पास आकर खड़े हो गए। राज्य सरकार (अधिकारी) आये. लेकिन ममता (बनर्जी) नहीं आईं. एक महीने बाद वो आई लेकिन मेरे घर नहीं आई। बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) कार्यालय में आर्थिक सहायता प्रदान की गई। लेकिन वह हमारे घर नहीं आईं और न ही हमारे साथ खड़ी हुईं।’ यदि संघीय ढांचे के कारण बीएसएफ शिविर क्रियान्वित नहीं हो पाता है, तो अगली सबसे अच्छी चीज़ क्या है जो आपकी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करेगी? अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं जिंदा नहीं रहूंगा.’ वे (हत्यारे) मुझ पर चाकू से वार करेंगे और मेरे शरीर को वैसे ही छोड़ देंगे जैसे उन्होंने मेरे पति और मेरे बेटे के साथ किया था। हम क्या मांग सकते हैं? जगह : मुर्शिदाबाद, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 11:10 IST समाचार चुनाव ‘ममता ने मुझसे मुलाकात तक नहीं की’: मुर्शिदाबाद लिंचिंग पीड़ित की विधवा का कहना है कि चुनाव में बीजेपी को वोट दूंगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मुर्शिदाबाद सांप्रदायिक हिंसा(टी)वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 विरोध(टी)पश्चिम बंगाल में भाजपा का समर्थन(टी)ममता बनर्जी की आलोचना(टी)बीएसएफ शिविर सुरक्षा मांग(टी)हिंदू मुस्लिम तनाव मुर्शिदाबाद(टी)राजनीतिक हिंसा पश्चिम बंगाल
फिल्म ‘धुरंधर’ के चलते क्या पाकिस्तान में भिखारियों पर एक्शन?:जासूसी के शक में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने का दावा, जानें सच्चाई

पाकिस्तान में भिखारियों के खिलाफ चल रहा बड़ा पुलिस ऑपरेशन इन दिनों सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा का विषय बन गया। इसकी वजह सिर्फ बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां नहीं हैं, बल्कि इस कार्रवाई को भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार ‘हमजा’ का खुलासा होने के बाद पाकिस्तान में भिखारियों के खिलाफ स्पेशल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। वायरल दावों में कहा गया कि पुलिस भिखारियों के भेष में छिपे ‘रॉ’ के जासूसों की तलाश कर रही है। हालांकि, फैक्ट चेक में यह गलत पाया गया और कोई आधिकारिक संबंध नहीं मिला। सर्च ऑपरेशन 2025 से चल रहा है आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में भिखारियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन साल 2025 से जारी है। पुलिस और एजेंसियां सड़कों से एयरपोर्ट तक कार्रवाई कर रही हैं। करीब 66,000 लोग डिटेन हुए, हजारों पासपोर्ट सस्पेंड हुए और कई लोग खाड़ी देशों से डिपोर्ट किए गए। जांच में सामने आया कि भिखारियों के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहे थे। इनमें बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल कर पैसे कमाने वाले गैंग शामिल थे। कुछ मामलों में इनका संबंध चोरी और ड्रग्स से भी जुड़ा पाया गया। कार्रवाई के वीडियो सामने आए सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई के वीडियो वायरल हुए, जिनमें पुलिस टीमें भिखारियों और संदिग्धों को पकड़ती दिख रही हैं। इन्हीं वीडियो को भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ से जोड़कर दावा किया गया कि फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार के चलते यह ऑपरेशन शुरू हुआ। हालांकि, यह कनेक्शन सिर्फ सोशल मीडिया पर बनाया गया नैरेटिव है। किसी भी आधिकारिक स्रोत ने फिल्म और इस ऑपरेशन के बीच संबंध की पुष्टि नहीं की है। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहरों को भिखारी-मुक्त बनाना, मानव तस्करी पर रोक लगाना और देश की इंटरनेशनल इमेज सुधारना है। अब कार्रवाई का फोकस गैंग चलाने वालों पर है। इंटेलिजेंस सिस्टम और सेफ सिटी कैमरों की मदद से इन नेटवर्क्स को ट्रैक किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, समस्या की जड़ गरीबी और बेरोजगारी है, इसलिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पुनर्वास भी जरूरी है।







