बच्चों के लिए सिर्फ 1 घंटे स्क्रीन-टाइम का नियम बनेगा:QS वर्ल्ड रैंकिंग में IIT दिल्ली 6 लिस्ट में शामिल; 26 मार्च के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाई सब्जेक्ट्स जारी 25 मार्च को QS World University Rankings by Subject का 16वां एनुअल एडिशन जारी हुआ। QS रैंकिंग में शामिल भारत की टॉप यूनिवर्सिटी : 1. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IITD) 2. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IITB) 3. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IITM) 4. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर 5. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरू (IISc) 2. देश में पहली इच्छामृत्यु मांगने वाले हरीश राणा का निधन 24 मार्च को देश में पहली इच्छामृत्यु मांगने वाले हरीश राणा का दिल्ली एम्स में निधन हो गया। 3. कर्नाटक सरकार ने स्कूली छात्रों के लिए डिजिटल पॉलिसी बनाई 24 मार्च को कर्नाटक सरकार ने क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के डिजिटल यूज को लेकर ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. जनरल मोहम्मद बघेर जोलगाद्र ईरान के NSC के नए सेक्रेटरी बने 24 मार्च को ईरान ने ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बघेर जोलगाद्र को ईरान की नेशन सिक्योरिटी काउंसिल का नया सेक्रेटरी अपॉइंट किया। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रहेंगी 24 मार्च को कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखने का फैसला लिया है। 6. RCB, IPL की सबसे महंगी बिकने वाली टीम बनी 25 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) 1.78 बिलियन डॉलर यानी करीब 16,706 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ बिकी। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 7. सिक्किम की स्तुति प्रधान वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट में हिस्सा लेंगी 25 मार्च को सिक्किम की युवा नेता स्तुति प्रधान वर्ल्ड यूथ पार्लियामेंट की रिप्रेजेंटर अपॉइंट हुईं। आज का इतिहास 26 मार्च ———— ये खबर भी पढ़ें.. एडल्ट कंटेंट प्लेटफॉर्म OnlyFans के मालिक रैडविंस्की का निधन:अब टिकट कैंसिलेशन पर केवल मिनिमम चार्ज कटेगा; 25 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। ये खबर भी पढ़ें..
कुकर तंदूरी रोटी रेसिपी: 5 मिनट में पकौड़े में पकी हुई तंदूरी रोटी, जल्दी से नोट कर लें तरीका

25 मार्च 2026 को 22:07 IST पर अद्यतन किया गया कुकर तंदूरी रोटी रेसिपी: तंदूरी रोटी किसे पसंद नहीं आती है, लेकिन इसे खाने के लिए अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पर ही पांच मिनट में वो घर भी कुकर में बनेगा ढेबा स्टाइल तंदूरी रोटी। नोट करें उपाय। (टैग्सटूट्रांसलेट)तंदूरी रोटी रेसिपी(टी)प्रेशर कुकर हैक्स(टी)इंडियन फ्लैटब्रेड(टी)होम कुकिंग टिप्स(टी)ढाबा स्टाइल फूड(टी)सॉफ्ट तंदूरी रोटी(टी)आसान डिनर रेसिपी
Aam Khaane Ke Baad Pani Peena | can we drink water after eating mango | आम खाने के बाद पानी पीना सही है या गलत | गर्मियों में आम खाने के टिप्स |

Last Updated:March 25, 2026, 19:43 IST Aam Khaane Ke Baad Pani Peena: क्या आप भी आम खाने के तुरंत बाद गटागट पानी पी लेते हैं. तो संभल जाइए, क्योंकि आपकी यह एक छोटी सी आदत पेट में गैस, एसिडिटी और भारीपन का कारण बन सकती है. ऋषिकेश के आयुर्वेद डॉक्टर राज कुमार ने बताया कि क्यों आम और पानी का मेल सेहत के लिए विलेन साबित होता है और पुराने समय में दादी-नानी आम को खाने से पहले पानी में भिगोकर क्यों रखती थीं. अपनी पसंदीदा फल का मजा लेते समय इन जरूरी बातों का ध्यान रखें, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे. Aam Khaane Ke Baad Pani Peena Chahiye ya Nhi: गर्मियों का सीजन आते ही बाजारों में आम की खुशबू महकने लगती है और घरों में इसे खाने को लेकर पुरानी सलाहें भी शुरू हो जाती हैं. हम सबने बचपन से सुना है कि आम खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. कुछ लोग इसे महज एक पुरानी बात मानकर टाल देते हैं, तो कुछ इसे सख्ती से मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सलाह के पीछे कुछ आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक कारण छिपे हैं? ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राज कुमार ने बताया कि आम और पानी के बीच का यह रिश्ता आपकी सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है. आम की गर्म तासीर और पाचन का विज्ञानडॉक्टर राज कुमार के अनुसार, आयुर्वेद में आम को गर्म तासीर वाला फल माना गया है. इसका मतलब यह है कि आम खाने से शरीर के अंदर गर्मी बढ़ती है और हमारी पाचन अग्नि तेज हो जाती है. आम में कुदरती मिठास, फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं जिन्हें पचाने के लिए शरीर को मेहनत करनी पड़ती है. जैसे ही हम आम खाते हैं, हमारा पेट उसे पचाने का काम शुरू कर देता है. ऐसे में अगर हम तुरंत ऊपर से ठंडा पानी पी लेते हैं, तो वह पेट की गर्मी को शांत कर देता है और पाचन की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है. कितनी देर का रखें अंतर और कैसा हो पानी?एक्सपर्ट्स की मानें तो आम खाने और पानी पीने के बीच कम से कम 20 से 30 मिनट का गैप जरूर रखना चाहिए. इतना समय शरीर को आम पचाने की शुरुआत करने के लिए काफी होता है. इसके बाद पानी पीने से सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता. अगर आपको आम खाने के बाद बहुत ज्यादा प्यास लग रही है, तो एकदम चिल्ड या ठंडा पानी पीने के बजाय सामान्य तापमान वाला पानी या हल्का गुनगुना पानी ही पिएं. दादी-नानी का नुस्खा, आम को पानी में भिगोना क्यों है जरूरी?पुराने समय में हमारी दादी-नानी आम खिलाने से पहले उसे एक बाल्टी पानी में भिगोकर रखती थीं. इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण है. पानी में भिगोने से आम की ऊपरी गर्मी निकल जाती है और उसकी तासीर संतुलित हो जाती है. साथ ही, आम के ऊपर मौजूद कुछ प्राकृतिक रसायन (जैसे फाइटिक एसिड) भी निकल जाते हैं, जो शरीर में गर्मी या दाने पैदा कर सकते हैं. पानी में भिगोया हुआ आम पचाने में भी आसान होता है और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : March 25, 2026, 19:43 IST
‘क्या कोई और भी, यह सब विश्वास में है’: सीएम सिद्धारमैया कहते हैं कि वह उगादि, शिवरात्रि पर मांस खाते हैं | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 25, 2026, 16:57 IST कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की टिप्पणी तब आई जब विपक्ष ने बताया कि उन्होंने ‘राहु काल’ के बाद बजट कैसे पेश किया, जिसे ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार “अशुभ” माना जाता है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि वह अंधविश्वासों में विश्वास नहीं करते हैं और “लोकतंत्र में विश्वास करने वाले” व्यक्ति हैं। (छवि: न्यूज18/फ़ाइल) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि वह उगादी और शिवरात्रि जैसे हिंदू त्योहारों पर मांस खाते हैं, क्योंकि उन्होंने बताया कि वह राज्य का बजट पेश करने के लिए “शुभ समय” में विश्वास क्यों नहीं करते हैं। उनकी टिप्पणियाँ तब आईं जब विपक्षी भाजपा ने अन्य आक्षेपों के बीच यह बताया कि कैसे सिद्धारमैया ने ‘राहु काल’ के बाद बजट पेश किया, जिसे ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार “अशुभ” माना जाता है। सिद्धारमैया ने कहा कि वह ‘राहु काल’ या ‘गुलिका काल’ – एक और “अशुभ” अवधि – में विश्वास नहीं करते हैं और वह “लोकतंत्र में विश्वास करने वाले” व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट पेश करने से पहले उन्होंने अपने अधिकारियों और अपनी पत्नी सहित परिवार के सदस्यों से परामर्श किया। सिद्धारमैया ने बुधवार को राज्य विधानसभा में कहा, “यह सच है कि मैंने राहु काल और गुलिका काल के बाद बजट पेश किया। मैंने अपने अधिकारियों और अपनी पत्नी सहित परिवार के सदस्यों की बात सुनने के बाद बजट पेश किया। मैंने परिवार के सदस्यों और अधिकारियों की सलाह पर बजट पेश किया।” हालाँकि, उन्होंने यह कहकर अपने रुख का बचाव किया कि उन्होंने अतीत में ‘राहु काल’ के दौरान बजट पेश किया है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी राहु काल के दौरान बजट पेश किया है। हम वे लोग हैं जो लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। मैंने कभी भी राहु काल, गुलिका काल या यमगंडा काल पर विचार नहीं किया है। क्या कोई उगादि और शिवरात्रि के दिन मांस खाता है, लेकिन मैं खाता हूं। यह सब विश्वास में है।” हिंदू आम तौर पर उगादि के अवसर पर मांस नहीं खाते हैं – जिसे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में नए साल के रूप में मनाया जाता है – और महाशिवरात्रि के अवसर पर, क्योंकि ये धर्मपरायणता और धार्मिक देवताओं के सम्मान के दृष्टिकोण से पूर्णतः शाकाहारी दिन माने जाते हैं। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने सिद्धारमैया पर अंधविश्वास और वैज्ञानिक स्वभाव पर उनके विचारों के साथ-साथ कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हमला किया है। 2022 में बीजेपी ने आरोप लगाया कि उन्होंने मंदिर जाने से पहले मांसाहारी भोजन किया था. जबकि उन्होंने उस दिन मांस खाने से इनकार कर दिया था, उन्होंने सवाल किया था कि क्या धार्मिक देवता किसी व्यक्ति की भोजन की आदतों को निर्देशित करते हैं। (रोहिणी स्वामी के इनपुट्स के साथ) पहले प्रकाशित: मार्च 25, 2026, 16:45 IST समाचार राजनीति ‘क्या कोई और भी ऐसा कर सकता है, यह सब विश्वास में है’: सीएम सिद्धारमैया का कहना है कि वह उगादि, शिवरात्रि पर मांस खाते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सिद्धारमैया बजट राहु काल विवाद(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया(टी)सिद्धारमैया हिंदू त्योहारों पर मांस(टी)राहु काल गुलिका काला यमगंडा काला(टी)सिद्धारमैया बजट प्रस्तुति का समय(टी)सिद्धारमैया बनाम बीजेपी ज्योतिष मान्यताएं(टी)उगादि शिवरात्रि मांस खाने की टिप्पणी(टी)सिद्धारमैया अंधविश्वास पर लोकतंत्र
काला नमक चावल: काला नमक चावल क्या है? जिस देश में ₹300 तो पोस्टर में ₹1500 प्रति किलो तक बिकता है, जानिए उसका स्वभाव

काला नमक चावल: भारत की कृषि विरासत में कुछ ऐसे रत्न हैं, जो अब सात समंदर पार तक पहुंच रहे हैं। दोस्ती में से एक है ‘काला नमक चावल’। इसे ‘बुद्ध का महाप्रसाद’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह सिद्धांत है कि भगवान बुद्ध ने निर्वाण के समय इसी चावल को प्रसाद स्वरूप लोगों को दिया था।आइए जानते हैं कि आखिर इस चावल में ऐसा क्या है जो इसकी कीमत घरेलू बाजार में ₹300 और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1500 प्रति किलो तक पहुंचती है। यह काला नमक चावल स्वास्थ्यवर्धक के लिए कितना अच्छा है? आइए इस लेख में विस्तार से जानें। नाम से भ्रम हो सकता है कि यह चावल का आटा होगा, लेकिन असल में इसका नाम इसके काले छिलके के कारण पड़ा है। पकेका औद्योगिक के बाद यह चावल सफेद और चमकदार नारियल है। यह अपने बेहतरीन सुगंध, लंबे दानों और औषधीय मसालों के लिए प्रसिद्ध है। बता दें, बौद्ध काल में बिहार के अष्टकोणीय क्षेत्र में भी नमक काला चावल के लिए प्रसिद्ध था। काला नमक चावल की प्रकृति क्या है? काला चावल नमक केवल एक अनाज नहीं, बल्कि गुणवत्ता का खान है। कैसे पकाते समय इसका असर पूरे घर और आस-पडोस में होता है। यही कारण है कि इसे ‘सुगंधित काला नमक चावल’ भी कहा जाता है। इसमें आयरन और रेजिन की मात्रा अन्य चावलों के समूह से चार से पांच गुना अधिक होती है। यह प्रोजेक्ट को दूर करने में बहुत सहायक है। इसका ग्लाइसेमिक वैज्ञानिक काफी कम होता है, जिसके कारण यह मधुमेह के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इतना ही नहीं, इसका बेहद असर होता है और आसानी से पच भी जाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 और ओमेगा-6 समूह एसिड स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं। काला चावल नमक की कीमत में बड़ा अंतर क्यों है? भारत में इसकी कीमत ₹250 से ₹350 प्रति किलों के बीच रहती है, लेकिन जैसे यह चावल दुबई, अमेरिका या यूरोप के बाजारों में मशहूर है, वैसे ही इसकी मांग और कीमत दोनों ही सितारे प्रतिष्ठित हैं। देश में विकसित ‘सुपरफूड्स’ की भारी मांग है। काला नमक चावल अपने पोषक तत्वों के कारण वहां एक प्रीमियम स्वास्थ्य आहार के रूप में देखा जाता है। यह चावल मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में गौतम बुद्ध के काल से पाया जाता है। इसे चावलों से भी एक माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)वैशाली काला नमक चावल(टी)काला नमक चावल(टी)लालगंज काला नमक चावल(टी)बिहार का प्रसिद्ध चावल(टी)वैशाली कालानमक चावल(टी)कलानमक चावल स्वास्थ्य युक्तियाँ(टी)काला नमक चावल के फायदे
कोटक बैंक पर ₹160 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप:पंचकूला नगर निगम की FD में गड़बड़ी, बैंक ने पुलिस में खुद शिकायत दर्ज की

हरियाणा की पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर कोटक महिंद्रा बैंक विवादों में है। बैंक पर करीब ₹160 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद बैंक ने पंचकूला पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और नगर निगम के साथ मिलकर खातों की जांच शुरू कर दी है। मैच्योरिटी पर पैसे ट्रांसफर करने के दौरान हुआ खुलासा पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर विनय कुमार ने बताया कि नगर निगम की कुछ एफडी लंबे समय से कोटक महिंद्रा बैंक की पंचकूला शाखा में थीं। जब निगम ने एक एफडी के मैच्योर होने पर फंड ट्रांसफर करने के लिए बैंक से कहा कि तब रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद निगम ने बैंक से सभी जमा राशि का हिसाब मांगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गड़बड़ी ₹160 करोड़ तक हो सकती है। बैंक का पक्ष- केवाईसी और कागजात पूरी तरह सही कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि बैंक ने नगर निगम के निर्देशों के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट और उससे जुड़े बैंक खातों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। बैंक का कहना है कि अब तक की जांच में अकाउंट ओपनिंग प्रोसेस, KYC दस्तावेज, ऑथराइज्ड सिग्नेचर और निगम से मिले निर्देश पूरी तरह सही पाए गए हैं। बैंक ने दावा किया है कि सभी ट्रांजेक्शन बैंकिंग नियमों के तहत ही किए गए थे। बैंक ने खुद पंचकूला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई बैंक ने बताया कि दस्तावेजों का एक बड़ा हिस्सा पहले ही नगर निगम के साथ मिलकर चेक किया जा चुका है और बाकी की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से चल रही है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बैंक ने खुद पंचकूला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि वे इस मामले में नगर निगम, सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं। IDFC फर्स्ट बैंक में भी सामने आया था ऐसा ही मामला सरकारी खातों में हेरफेर का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में भी ₹590 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। वह मामला भी हरियाणा सरकार के कुछ चुनिंदा खातों से जुड़ा था। बैंक ने तब बताया था कि कुछ कर्मचारियों और बाहरी लोगों ने मिलकर इस फ्रॉड को अंजाम दिया था। ये खबर भी पढ़ें… घर के पास PNG पाइपलाइन, तो कनेक्शन लेना ही होगा: कंपनी 3 महीने का नोटिस देगी, कनेक्शन नहीं लिया तो LPG सप्लाई बंद होगी अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। पूरी खबर पढ़ें…
सोनिया गांधी की हालत स्थिर, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निगरानी में, डॉक्टरों का कहना है | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 25, 2026, 15:30 IST रात में सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराए गए गांधी की हालत कड़ी निगरानी में स्थिर है क्योंकि डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं के साथ संभावित पेट और मूत्र संक्रमण की निगरानी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी | फ़ाइल छवि दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की हालत स्थिर है और वह करीबी चिकित्सा निगरानी में हैं। डॉक्टरों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें मंगलवार रात करीब 10.22 बजे भर्ती कराया गया। चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर करीब से नजर रख रही है। अस्पताल ने कहा कि डॉक्टर पेट और मूत्र पथ में संभावित संक्रमण की जांच के लिए आगे की जांच कर रहे हैं और उपचार के हिस्से के रूप में एंटीबायोटिक्स दी गई हैं। सूत्रों ने पहले कहा था कि गांधी संभवतः मौसम परिवर्तन के कारण अस्वस्थ थे, और उन्हें निगरानी के लिए भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी हालत गंभीर नहीं है. पहले प्रकाशित: मार्च 25, 2026, 15:30 IST समाचार राजनीति डॉक्टरों का कहना है कि सोनिया गांधी की हालत स्थिर है, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निगरानी में हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सोनिया गांधी स्वास्थ्य(टी)सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती(टी)सर गंगा राम अस्पताल दिल्ली(टी)सोनिया गांधी की चिकित्सा स्थिति(टी)सोनिया गांधी संक्रमण उपचार(टी)कांग्रेस नेता सोनिया गांधी समाचार(टी)सोनिया गांधी स्वास्थ्य अपडेट(टी)सोनिया गांधी की हालत स्थिर
वाहनों की टंकी फुल कराने की लग रही भीड़:पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाह, गांवों में पंप पर लगी कतारें

धार जिले के ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल को लेकर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अफवाहों के चलते लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, धार शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और ईंधन की कोई कमी नहीं है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में लोग अपने वाहनों की टंकी फुल करवाने की होड़ में लगे हैं। इन क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर भीड़भाड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहें हैं। इसके विपरीत, धार शहर में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। यहां किसी भी पेट्रोल पंप पर भीड़ या अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं है। वाहन चालक बिना किसी परेशानी के आसानी से ईंधन भरवा रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक उत्कर्ष अग्रवाल ने बताया कि उनके पंप पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कमी या भीड़ केवल अफवाहों का परिणाम है। अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य रूप से ईंधन भरवाएं। वाहन चालकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें शहर में बिना किसी परेशानी के आसानी से पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। उनका कहना है कि कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है और स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और इसमें कोई बाधा नहीं है।
ट्रांसप्लांट में बेकार होने वाले प्रयास AI करेगा 60% कम:एम्स में अंगदान-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर CME 25, देशभर के विशेषज्ञ कर रहे भोपाल में मंथन

एम्स भोपाल में 25 मार्च को अंगदान, प्रत्यारोपण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम विषयों पर राष्ट्रीय स्तर का सीएमई आयोजित की गई। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) के साथ हो रहे इस कार्यक्रम में न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच दिया, बल्कि भविष्य की हेल्थकेयर दिशा भी तय की गई। खास बात यह है कि इसमें अंगों की कमी, ट्रांसप्लांट सिस्टम की चुनौतियों और AI के जरिए इलाज को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम में एक्सपर्ट ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर फोकस रहेगा। इसमें बताया जाएगा कि AI कैसे बीमारी की पहचान, इलाज के फैसले और रिसर्च को बेहतर बना रहा है। हाल ही में विकसित AI मॉडल जैसे सिस्टम ट्रांसप्लांट में बेकार होने वाले प्रयासों को 60% तक कम कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। एम्स में दिनभर चलेगा अकादमिक मंथन कौटिल्य भवन स्थित लेक्चर थिएटर में सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक यह कार्यक्रम चलेगा। इस दौरान एक्सपर्ट भविष्य के ट्रांसप्लांट प्लान को शेयर करेंगे। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य प्रो. विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक प्रो. योगेश चावला, मेडांटा के डॉ. अरविंद कुमार, एस्टर अस्पताल के डॉ. सोनल अस्थाना, IIT इंदौर की डॉ. अतरेयी घोष और कई राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। अंगदान और ट्रांसप्लांट पर फोकस पहले सत्र में देश में अंगों की कमी, ट्रांसप्लांट की जरूरत, कानूनी ढांचा और अस्पतालों की तैयारियों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे अंगदान को बढ़ावा देकर ज्यादा मरीजों को जीवन दिया जा सकता है। पैनल डिस्कशन और ओपन हाउस भी कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन, एक्सपर्ट लेक्चर और ओपन हाउस सेशन होंगे। इससे डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछने और अनुभव साझा करने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की पहल एम्स भोपाल के अनुसार यह कार्यक्रम अंगदान को बढ़ावा देने और AI जैसी तकनीकों को अपनाने की दिशा में अहम कदम है। इससे भविष्य में मरीजों को बेहतर, तेज और सटीक इलाज मिल सकेगा।
इमरान हाशमी के घर के बाहर जमा हुए फैंस:बर्थडे के दिन मुंबई में नहीं थे एक्टर; बेटे ने वीडियो कॉल के जरिए कराई बात

बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी ने मंगलवार को अपना 47वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर मुंबई स्थित उनके घर के बाहर फैंस और फोटोग्राफर्स की भीड़ जुटी। इमरान शूटिंग के चलते शहर में मौजूद नहीं थे, इसलिए उनके बेटे अयान ने वीडियो कॉल के जरिए फैंस की उनसे बात करवाई। जन्मदिन के मौके पर इमरान हाशमी को सोशल मीडिया और इंडस्ट्री से शुभकामनाएं मिलीं। इसी दौरान उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए फैंस उनका नाम पुकारते हुए उनके फिल्म के डायलॉग्स भी दोहराए। इमरान हाशमी की गैरमौजूदगी में उनके बेटे अयान घर से बाहर आए और फैंस से मुलाकात की। उन्होंने अपने पिता को वीडियो कॉल किया, जिसके जरिए इमरान ने फैंस से बातचीत की और उन्हें धन्यवाद कहा। इस दौरान अयान फोन पकड़े नजर आए। इमरान फिल्म आवारापन 2 और G2 में दिखेंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो इमरान हाल ही में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज तस्करी में नजर आए थे। वहीं, वे जल्द फिल्म आवारापन 2 में नजर आएंगे, जो 2007 में आई उनकी ही फिल्म आवारापन का सीक्वल है। आवारापन का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था, जबकि सीक्वल का निर्देशन नितिन कक्कड़ कर रहे हैं और इसे बिलाल सिद्दीकी ने लिखा है। इसके अलावा इमरान तेलुगु फिल्म G2 पर भी काम कर रहे हैं, जिसमें अदिवि सेश और वामिका गब्बी भी हैं। यह फिल्म 1 मई को रिलीज होगी।







