‘तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं, अपमानजनक रिश्ता’: देवेगौड़ा ने खड़गे की ‘शादी’ टिप्पणी के बारे में क्या कहा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 22:09 IST पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा का खंडन कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके जद (एस) समकक्ष ने एक बार उनकी पार्टी के साथ “प्यार” साझा किया था, लेकिन उन्होंने पीएम मोदी की बीजेपी से “शादी” करने का फैसला किया। पूर्व प्रधान मंत्री और जद (एस) के दिग्गज एचडी देवेगौड़ा ने एक विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की और अपनी पार्टी के कांग्रेस गठबंधन से भाजपा के साथ साझेदारी में बदलाव के बारे में बताया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) पूर्व प्रधान मंत्री एचडी देवेगौड़ा ने अपने पिछले गठबंधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्की-फुल्की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया जारी की। देवेगौड़ा ने खड़गे द्वारा इस्तेमाल किए गए रोमांस के समान रूपकों को अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ उनका अतीत “जबरन शादी” और “अपमानजनक संबंध” जैसा था, जिसके कारण उनके पास बाहर निकलने के अलावा “कोई विकल्प नहीं” था। देवेगौड़ा ने एक औपचारिक पत्र और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए बयान में कहा, “मेरे प्रिय और लंबे समय के मित्र मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज संसद में एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की कि मैं उनसे (कांग्रेस) ‘प्यार’ करता था लेकिन आखिरकार मैंने मोदी जी (भाजपा) से शादी कर ली।” भारत के पूर्व प्रधान मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने एक बयान जारी करते हुए कहा, “मेरे प्रिय और लंबे समय के मित्र मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज संसद में एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की कि मैं उनसे (कांग्रेस) “प्यार” करता था, लेकिन मोदी जी (भाजपा) से “शादी” कर ली… pic.twitter.com/kGNkJDRWQ7– एएनआई (@ANI) 18 मार्च 2026 उनका खंडन खड़गे द्वारा संसद में उनके साथ अपने 54 साल के जुड़ाव पर विचार करने के बाद आया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनके जद (एस) समकक्ष ने एक बार कांग्रेस के साथ “प्यार” साझा किया था, लेकिन अंततः उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा से “शादी” करने का फैसला किया। खड़गे ने कहा कि वह इस बदलाव से हैरान हैं, उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि क्या हुआ।” इस पर, देवेगौड़ा ने एक विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की और अपनी पार्टी के कांग्रेस गठबंधन से भाजपा के साथ साझेदारी में बदलाव के बारे में बताया। “उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इसका कारण नहीं पता कि मैंने ऐसा क्यों किया… अगर मुझे अपने दोस्त को शादी की भाषा में जवाब देना हो, तो मैं कहना चाहूंगा कि मैंने कांग्रेस के साथ ‘जबरन शादी’ की थी, लेकिन मुझे उन्हें ‘तलाक’ देना पड़ा क्योंकि यह एक अपमानजनक रिश्ता था… मैंने कांग्रेस गठबंधन नहीं छोड़ा,” उन्होंने कहा। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने पिछले गठबंधन को आंतरिक विश्वासघातों से भरा बताया और कहा कि हृदय परिवर्तन के बजाय अलगाव एक आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, “यह वे लोग हैं जो चले गए। उन्होंने मेरे पास उन्हें ‘तलाक’ देने और अधिक स्थिर गठबंधन की तलाश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा…” इसे सही ठहराने के लिए, जद (एस) के दिग्गज ने 2018 और 2019 की उथल-पुथल वाली राजनीतिक घटनाओं पर दोबारा गौर किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने 2018 में उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद की पेशकश की, तो उन्होंने शुरू में इस व्यवस्था का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट रूप से खड़गे को ही सीएम बनाए जाने की वकालत की थी। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से गुलाम नबी आज़ाद ने कुमारस्वामी को कमान संभालने पर जोर दिया। देवेगौड़ा ने आगे कहा कि “शादी” में जल्द ही खटास आ गई क्योंकि 2019 के चुनावों के बाद कांग्रेस ने जद (एस) को “छोड़” दिया। उन्होंने अपनी साझेदारी के पतन के लिए प्राथमिक उत्प्रेरक के रूप में कांग्रेस विधायकों के सुनियोजित दलबदल को भाजपा में शामिल होने की ओर इशारा किया। उन्होंने यह भी कहा कि आंतरिक अस्थिरता कांग्रेस सदस्यों द्वारा निर्मित की गई थी और, अगर पार्टी ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की होती, जिन्होंने “दलबदल के लिए उकसाया” था, तो खड़गे अब कांग्रेस प्रमुख के रूप में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में होते। उन्होंने अधिक विश्वसनीय और सम्मानजनक गठबंधन की व्यावहारिक खोज के रूप में प्रधान मंत्री मोदी के साथ जुड़ने के अपने फैसले का बचाव किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 18, 2026, 22:09 IST समाचार राजनीति ‘तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं, अपमानजनक रिश्ता’: देवेगौड़ा ने खड़गे की ‘शादी’ टिप्पणी के बारे में क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एचडी देवेगौड़ा(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)जबरन शादी(टी)अपमानजनक संबंध(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)बीजेपी साझेदारी(टी)राजनीतिक परिवर्तन(टी)जेडी(एस)
आगरा में बढ़ती हड्डियों की कमजोरी I युवाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण

Last Updated:March 18, 2026, 22:06 IST आगरा में हड्डियों की कमजोरी यानी ऑस्टियोपोरोसिस के मामले बढ़ रहे हैं, अब युवाओं में भी इसके लक्षण दिखाई देने लगे हैं. हल्की चोट में फ्रैक्चर, पीठ में दर्द और कद घटना इसके मुख्य संकेत हैं. डॉक्टर आशीष मित्तल के अनुसार, समय पर इलाज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इस बीमारी से बचा जा सकता है. आगरा. शहर में ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों की संख्या बढ़ी है, आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल और खान पान से कई तरह की बीमारियां शिकार बना लेती है. उन्होंने कहा कि हड्डियों से संबंधित मरीज बढ़े है जिसमें युवाओं कि संख्या भी देखी जा रही है. चिकित्सक ने बताया कि मरीजों में ऑस्टियोपोरोसिस कि शिकायत देखी जा रही है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी में मरीज कि हड्डियां कमजोर व छिद्रयुक्त होने लगती है. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियों का घनत्व जिसे डेंसिटी भी कहते है यह कम हो जाता है, जिससे वे पतली, नाजुक और ट्रटने यानि कि फ्रेक्चर के प्रति अत्यधिक संभावना बढ़ जाती है. डॉ. ने कहा कि इसका समय रहने उपचार कराना बेहद जरूरी है. दर्द और बार बार फ्रेक्चर होने पर चिकित्सक से करें सम्पर्कआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों को पहचाना जा सकता है, हालांकि शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते है. उन्होंने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिसे अक्सर ‘साइलेंट डिजीज कहते है क्योंकि शुरुआती चरणों में इसका कोई खास लक्षण दिखते नहीं देता है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में हल्की चोट से फ्रैक्चर होना (विशेषकर कल्हे, कलाई, रीढ) पीठ में तेज दर्द रहना, समय के साथ कद कम होना और झुककर चलना आदि होते है. डॉ. आशीष ने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीज को लापरवाही नहीं करनी चाहिए. ऐसे अवस्था में मरीज को तत्काल नज़दीकी हड्डी रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि समय रहने इलाज से बीमारी से छुटकारा भी पाया जा सकता है. ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए हेल्दी फ़ूड खाएंआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचना है तो अपनी जीवन शैली में सुधार करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अनहेल्दी फ़ूड का त्याग कर हेल्दी फ़ूड का इस्तेमाल करना चाहिए. डॉ. आशीष ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए कैल्शियम औरविटामिन डी से भरपूर आहार लें, नियमित रूप से वजन उठाने वाले व्यायाम जैसे चलना, दौड़ना, योगासन आदि करें. डॉ. ने कहा कि युवाओं को धुम्रपान और शराब से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये उपाय हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने में मदद करते है. डॉ. आशीष ने कहा कि यदि हड्डियों में कहीं भी लगातार दर्द बना रहता है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : March 18, 2026, 22:06 IST
नवरात्रि में उपवास सिर्फ धर्म ही नहीं सेहत के लिए भी जरूरी, जानें आयुर्वेदिक कारण

Last Updated:March 18, 2026, 21:27 IST Chaitra Navratri Fasting Benefits: नवरात्रि में व्रत रखना केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे आयुर्वेद का गहरा महत्व भी है. इसे सिर्फ आस्था से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह शरीर को अंदर से साफ और संतुलित करने का एक अच्छा तरीका है. ख़बरें फटाफट Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है. हिन्दू धर्म को मानने वाले लोगों के लिए ये 9 दिन बहुत ही अहम होता है. इस दौरान कई लोग उपवास रखते हैं, वहीं कुछ लोग पूजा-पाठ के साथ लहसुन प्याज का सेवन नहीं करते सिर्फ सात्विक भोजन करते हैं. लेकिन ये सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि सेहत के नजरिए से भी अहम समय होता है. ये नवरात्रि ऐसे समय पर आती है जब मौसम बदल रहा होता है. मौसम के इस बदलाव का असर हमारे शरीर पर पड़ता है. आयुर्वेद के अनुसार, इस समय शरीर में वात और पित्त दोष बिगड़ सकते हैं, जिससे पाचन कमजोर हो जाता है और बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में व्रत रखना फायदेमंद होता है. व्रत के दौरान हम हल्का और सात्विक भोजन करते हैं, जैसे फल, कुट्टू, सिंघाड़ा, दही और साबूदाना. ये सभी चीजें पचने में आसान होती हैं. रोजाना तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से पाचन तंत्र पर जो दबाव पड़ता है, व्रत के दौरान वह कम हो जाता है. इससे शरीर को आराम मिलता है और वह खुद को ठीक करने लगता है. चैत्र नवरात्रि में उपवास के फायदे आयुर्वेद में पाचन शक्ति, यानी अग्नि, को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसे में जब हम व्रत रखते हैं, तो यह अग्नि मजबूत होती है. इससे शरीर में जमा गंदगी (टॉक्सिन्स) बाहर निकलने लगती है. यही वजह है कि व्रत के दौरान लोग खुद को हल्का और ज्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं. नवरात्रि का व्रत सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मन के लिए भी अच्छा और जरूरी होता है. इस समय लोग पूजा, ध्यान और संयम रखते हैं, जिससे मन को शांति मिलती है. आज की तेज भागदौड़ वाली जिंदगी में यह एक तरह का मेंटल डिटॉक्स होता है और हमें अंदर से संतुलित करता है. इसके अलावा, नवरात्रि में खाए जाने वाले ज्यादातर भोजन सात्विक होते हैं. ये न सिर्फ हल्के होते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं. इतना ही नहीं ये फूड्स हमारे इम्युनिटी को बढ़ाने में भी मदद करते हैं, जिससे शरीर को मौसमी बीमारियों से बचने में मदद मिलती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 18, 2026, 21:27 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में मालाखेड़ी रोड स्थित शारदा कॉलोनी में बुधवार को सीवरेज कार्य कर रहे एक मजदूर को दूसरे स्थानीय ठेकेदार ने लात थप्पड़ से मारा। मजदूर को तार फैंसिंग की तरफ भी फेंक दिया। मारपीट की वारदात मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। जिसका फुटेज सामने आया। मजदूर ने ठेकेदार पर बेल्ट से मारने और गाड़ी में जबरन बैठाने के लिए खींचने के भी आरोप लगाएं। मामले में मजदूर ने मारपीट करने वाले दो आरोपी ठेकेदार पीयूष पटेल और सत्यम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बेहरमी से की मारपीट में युवक के कंधे और पीठ में चोट के निशान छप गए। जानकारी के मुताबिक शहर में मप्र अर्बन डेवलमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीयूडीसी) द्वारा सीवरेज लाइन बिछा रही है। जिसका ठेका भुवन इंफ्रा लिमिटेड है। भुवन इंफ्रा लिमिटेड से पेटी कॉन्टेक्ट पर लेकर ठेकेदार कार्य कर रहे है। जिसमें फरियादी नीरज कुमार चौहान (18) भी चुभ कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार मनोज शर्मा के पास कार्य कर रहा है। बुधवार दोपहर शारदा कॉलोनी में मजदूर नीरज कुमार, पप्पू सिंह और आशीष कुमार सीमेंट-कंक्रीट का काम कर रहे थे। तभी वहां एक सफेद रंग की कार आकर रुकी, जिसमें से पीयूष पटेल और सत्यम उतरे। वे भी सीवर लाइन का छोटा ठेका (सब कॉन्ट्रैक्ट) लेते हैं। मजदूर बोला- गालियां दी लात मारकर गिराया मजदूर ने बताया कि पीयूष पटेल ने आकर कहा कि तेरे ठेकेदार को हमने काम करने से मना किया, फिर तुम काम क्यों कर रहे हो। गालियां देते हुए काम बंद करने का कहते हुए। पीयूष दौड़कर आया और मुझे लात मारने लगा। मेरा हाथ पकड़कर मरोड़ दिया, तभी उसका साथी सत्यम ने मेरे साथ झूमाझटकी कर मुझे तार फेसिंग की तरफ धक्का देकर फेंक दिया। जिससे मुझे पीठ में चोट आई। मेरे साथी पप्पू सिंह, आशीष कुमार ने बीच बचाव किया। तभी मेरे ठेकेदार मनोज शर्मा आ गए तो उन्हें भी पीयूष और सत्यम ने धमकी दी कि आईंदा यहां काम किया तो तुम्हे जान से खत्म दूंगा।
दतिया में नवरात्र से पहले पीतांबरा मंदिर में सख्ती:रास्ते से अतिक्रमण हटाकर श्रद्धालुओं के लिए रास्ता साफ किया, सुरक्षा बढ़ी

त्र नवरात्र शुरू होने से पहले दतिया प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। बुधवार को अधिकारियों ने मां पीतांबरा मंदिर समेत शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान बड़ी माता मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण हटाकर श्रद्धालुओं के लिए रास्ता साफ कराया गया। निरीक्षण के दौरान मां पीतांबरा मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्ग के साथ सुरक्षा इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने मंदिर समिति से चर्चा कर श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भीड़ को देखते हुए दिए सख्त निर्देश अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि नवरात्र के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, ऐसे में सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए। किसी भी तरह की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बड़ी माता मंदिर मार्ग से हटाया अतिक्रमण इसके बाद बड़ी माता मंदिर का निरीक्षण किया गया, जहां मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण कर रहे दुकानदारों का सामान हटवाया गया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि रास्ता बाधित न करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पूरे निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। नवरात्र को देखते हुए शहर के मंदिरों में इस तरह की निगरानी आगे भी जारी रहेगी।
धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के पेड-प्रिव्यू शोज कई जगहों पर रद्द हो गए हैं। इसके पीछे का कारण डिजिटल डिलीवरी में आई तकनीकी समस्याओं को बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में डबिंग की दिक्कत से शोज कैंसिल हुए हैं, वहीं दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में भी कंटेंट देरी से पहुंचने की वजह से शोज 30 मिनट तक लेट शुरू हुए हैं। डायरेक्टर आदित्य धर ने इस अव्यवस्था के लिए सोशल मीडिया पर दर्शकों से माफी मांगी है। डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी इस बीच डायरेक्टर आदित्य धर खुद ने दर्शकों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया। उन्होंने अपडेट दिया कि तकनीकी और लॉजिस्टिकल गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और तमिल-तेलुगु भाषाओं के शोज आज रात 9 बजे से शुरू हो जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल यानी 19 मार्च की मुख्य रिलीज के लिए कंटेंट आज शाम तक सभी जगह उपलब्ध करा दिया जाएगा ताकि सुबह के शोज सुचारू रूप से चल सकें। साउथ में डबिंग की समस्या, रिफंड प्रक्रिया शुरू हैदराबाद, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में नॉन-हिंदी (तमिल, तेलुगु आदि) प्रीव्यू शोज को रद्द करना पड़ा है। थिएटर मालिकों के मुताबिक, डबिंग में कुछ तकनीकी खामियों की वजह से फिल्म का कंटेंट समय पर ‘क्यूब’ पर अपलोड नहीं हो पाया। कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे शहरों में सिनेमाघरों ने शोज कैंसिल कर दर्शकों को रिफंड देना शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ सिनेमाघरों में नॉन-हिंदी वर्जन की जगह हिंदी वर्जन के प्रीव्यू दिखाए जा रहे हैं ताकि दर्शक निराश न हों। दिल्ली-मुंबई और नोएडा में भी आधे घंटे की देरी सिर्फ साउथ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद जैसे महानगरों में भी हिंदी शोज शुरू होने में देरी देखी गई। नोएडा के पीवीआर सुपरप्लेक्स के मैनेजर के अनुसार, डिजिटल कंटेंट सिनेमाघरों तक देरी से पहुंचा, जिसकी वजह से कई शोज 30 मिनट तक लेट हो गए। 5 भाषाओं में कल होगी पैन-इंडिया रिलीज फिल्म का पहला भाग यानी ‘धुरंधर’ (2025) सिर्फ हिंदी में आया था, लेकिन इस बार इसे बड़े पैमाने पर पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज किया जा रहा है। ‘धुरंधर 2’ कल 19 मार्च को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। पहले पार्ट को दक्षिण भारत में मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद मेकर्स ने सीक्वल को इतनी भाषाओं में डब करने का फैसला लिया था।
धुरंधर 2 के प्रीव्यू शोज में तकनीकी दिक्कत:दक्षिण भारत में डबिंग की समस्या से शोज रद्द, मुंबई-दिल्ली में देरी, डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के पेड-प्रिव्यू शोज कई जगहों पर रद्द हो गए हैं। इसके पीछे का कारण डिजिटल डिलीवरी में आई तकनीकी समस्याओं को बताया जा रहा है। दक्षिण भारत में डबिंग की दिक्कत से शोज कैंसिल हुए हैं, वहीं दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में भी कंटेंट देरी से पहुंचने की वजह से शोज 30 मिनट तक लेट शुरू हुए हैं। डायरेक्टर आदित्य धर ने इस अव्यवस्था के लिए सोशल मीडिया पर दर्शकों से माफी मांगी है। डायरेक्टर आदित्य धर ने मांगी माफी इस बीच डायरेक्टर आदित्य धर खुद ने दर्शकों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया। उन्होंने अपडेट दिया कि तकनीकी और लॉजिस्टिकल गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और तमिल-तेलुगु भाषाओं के शोज आज रात 9 बजे से शुरू हो जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल यानी 19 मार्च की मुख्य रिलीज के लिए कंटेंट आज शाम तक सभी जगह उपलब्ध करा दिया जाएगा ताकि सुबह के शोज सुचारू रूप से चल सकें। साउथ में डबिंग की समस्या, रिफंड प्रक्रिया शुरू हैदराबाद, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में नॉन-हिंदी (तमिल, तेलुगु आदि) प्रीव्यू शोज को रद्द करना पड़ा है। थिएटर मालिकों के मुताबिक, डबिंग में कुछ तकनीकी खामियों की वजह से फिल्म का कंटेंट समय पर ‘क्यूब’ पर अपलोड नहीं हो पाया। कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे शहरों में सिनेमाघरों ने शोज कैंसिल कर दर्शकों को रिफंड देना शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ सिनेमाघरों में नॉन-हिंदी वर्जन की जगह हिंदी वर्जन के प्रीव्यू दिखाए जा रहे हैं ताकि दर्शक निराश न हों। दिल्ली-मुंबई और नोएडा में भी आधे घंटे की देरी सिर्फ साउथ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद जैसे महानगरों में भी हिंदी शोज शुरू होने में देरी देखी गई। नोएडा के पीवीआर सुपरप्लेक्स के मैनेजर के अनुसार, डिजिटल कंटेंट सिनेमाघरों तक देरी से पहुंचा, जिसकी वजह से कई शोज 30 मिनट तक लेट हो गए। 5 भाषाओं में कल होगी पैन-इंडिया रिलीज फिल्म का पहला भाग यानी ‘धुरंधर’ (2025) सिर्फ हिंदी में आया था, लेकिन इस बार इसे बड़े पैमाने पर पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज किया जा रहा है। ‘धुरंधर 2’ कल 19 मार्च को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। पहले पार्ट को दक्षिण भारत में मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद मेकर्स ने सीक्वल को इतनी भाषाओं में डब करने का फैसला लिया था।
कटनी में रसोई गैस के लिए लंबी-लंबी कतारें:उपभोक्ता सुबह 5 बजे से लग रहे लाइन में, बोले- कलेक्टर को क्या मालूम

कटनी शहर में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत जारी है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। जिला प्रशासन द्वारा निर्बाध आपूर्ति के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। लोगों को एक सिलेंडर पाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। बुधवार को माधव नगर थाना क्षेत्र के समदड़िया सिटी स्थित कटनी गैस एजेंसी पर अव्यवस्था का आलम देखा गया। यहां बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर लंबी लाइनों में खड़े थे। कतार में लगे उपभोक्ता सुरेश पिपलानी ने बताया कि कलेक्टर अपने चैंबर में बैठकर सिलेंडर की भरपूर उपलब्धता का संदेश जारी कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि उन्हें गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। तीन दिन से काट रहे चक्कर उपभोक्ताओं की परेशानी केवल घंटों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पिछले कई दिनों से जूझ रहे हैं। केंद्र पर मौजूद लोगों ने बताया कि वे बीते तीन दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। बुधवार को भी लगभग सौ से अधिक लोग सुबह 5 बजे से ही कतार में लग गए थे, लेकिन 5 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल सका। हर एजेंसी का यही हाल गैस की किल्लत का यह संकट केवल एक एजेंसी तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, शहर की अन्य प्रमुख एजेंसियों जैसे गुप्ता गैस एजेंसी और पुरुषोत्तम गैस एजेंसी के साथ-साथ अन्य गोदामों के बाहर भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। हर जगह उपभोक्ताओं को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए घंटों खड़े रहना पड़ रहा है।
आयरलैंड में सेंट पैट्रिक्स डे की धूम:हरे रंग में रंगी राजधानी डबलिन, 5 लाख पर्यटक पहुंचे

आयरलैंड के सबसे बड़े नेशनल फेस्टिवल ‘सेंट पैट्रिक्स डे’ के मौके पर राजधानी डबलिन में चार दिनों से जश्न का माहौल है। इस महोत्सव में दुनियाभर से करीब 5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। उत्सव का मुख्य आकर्षण 17 मार्च को निकाली गई नेशनल परेड रही। इस दौरान सड़कों पर अंतरराष्ट्रीय मार्चिंग बैंड, डांसर और रंग-बिरंगी झांकियां नजर आईं। पूरा शहर हरे रंग में रंगा दिखा इस सेंट पैट्रिक दिवस पर डबलिन में जिधर भी देखो हरा रंग ही दिखाई दे रहा था और दुनिया भर के विभिन्न लहजे सुनाई दे रहे थे। उत्सव का माहौल पूरे जोश में था और आयरलैंड के राष्ट्रपति माइकल डी हिगिंस के सामने एक विशाल परेड निकाली गई। आयरलैंड की राजधानी में आए वैश्विक आगंतुकों ने हरे रंग के विभिन्न रंगों के परिधान पहने हुए थे, और आयरिश पारंपरिक संगीत, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मार्चिंग बैंड और सड़कों पर लगातार चलने वाले मनोरंजन की धुनें सुनाई दे रही थीं। डबलिन समेत कई इलाकों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह उत्सव आयरलैंड के संरक्षक संत ‘सेंट पैट्रिक’ की पुण्यतिथि पर आयोजित होता है, जिन्होंने 5वीं सदी में यहां ईसाई धर्म का प्रचार किया था। साल 1631 में चर्च से धार्मिक मान्यता मिलने के बाद अब यह एक वैश्विक सांस्कृतिक महोत्सव बन चुका है। पहली बार परेड 1931 में हुआ था।
सुंदरता के चक्कर में न करें त्वचा से खिलवाड़, क्या कह रहे एक्सपर्ट? जानिए जरूरी सलाह

Last Updated:March 18, 2026, 18:04 IST Waxing Side Effects: शरीर के बाल केवल सौंदर्य के लिए नहीं हैं, बल्कि पसीने को संतुलित रखने और पानी के अत्यधिक नुकसान को रोकने जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं, लेकिन आजकल वैक्सिंग के माध्यम से लोग इन बालों को हटाने लगे हैं, खासकर महिलाएं. अगर वैक्सिंग सही तरीके से न की जाए, तो त्वचा पर एलर्जी, जलन, लालिमा और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं. Waxing Side Effects: मनुष्य के शरीर पर बालों कि अहम भूमिका होती हैं, बाल हमेशा पसीने को संतुलित रखता हैं और अधिक पानी निकलने को कम करता है, लेकिन आज कल लोग वैक्सिंग के माध्यम से बालों को हटाते हैं. खासकर महिलाएं इसका इस्तेमाल ज्यादा करने लगी हैं. लेकिन क्या आपको पता है वैक्सिंग कराने से त्वचा पर इसका असर हो सकता है और एलर्जी जैसे संक्रमण बीमारी फैल सकती हैं. ऐसे में विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आप ठीक तरीके से वैक्स नहीं करा रहे हैं और सावधानी नहीं बरत रहे हैं तो आपको नुकसान हो सकता है, देखिए ये रिपोर्ट… वैक्सिंग से हो सकते हैं साइड इफेक्ट विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के अनुसार शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, अगर वैक्सिंग को सही तरीके से नहीं किया जाए. तो त्वचा पर एलर्जी, जलन और लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार बालों की जड़ों में संक्रमण भी हो जाता है जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है. डायबिटीज मरीजों को रखनी चाहिए खास सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि शुगर डायबिटीज से पीड़ित लोगों को वैक्सिंग कराने से पहले विशेष ध्यान रखना चाहिए. ऐसे मरीजों में त्वचा की हीलिंग प्रक्रिया धीमी होती है, इसलिए वैक्सिंग के बाद अगर सूजन या संक्रमण हो जाए तो उसे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है और समस्या गंभीर भी हो सकती है. शरीर के बाल भी निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिकाडॉ. गुप्ता बताते हैं कि शरीर के बाल केवल सौंदर्य से जुड़े नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ये पसीने की प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं और शरीर से पानी के अत्यधिक निकलने को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा बाल शरीर को ठंडक प्रदान करने में भी सहायक होते हैं. प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं बालविशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के बाल एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र का काम करते हैं. खासकर ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और जानवरों में बाल अधिक और घने होते हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं और बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करते हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें Location : Surguja,Chhattisgarh First Published : March 18, 2026, 18:04 IST







