सुंदरता के चक्कर में न करें त्वचा से खिलवाड़, क्या कह रहे एक्सपर्ट? जानिए जरूरी सलाह

Last Updated:March 18, 2026, 18:04 IST Waxing Side Effects: शरीर के बाल केवल सौंदर्य के लिए नहीं हैं, बल्कि पसीने को संतुलित रखने और पानी के अत्यधिक नुकसान को रोकने जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं, लेकिन आजकल वैक्सिंग के माध्यम से लोग इन बालों को हटाने लगे हैं, खासकर महिलाएं. अगर वैक्सिंग सही तरीके से न की जाए, तो त्वचा पर एलर्जी, जलन, लालिमा और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं. Waxing Side Effects: मनुष्य के शरीर पर बालों कि अहम भूमिका होती हैं, बाल हमेशा पसीने को संतुलित रखता हैं और अधिक पानी निकलने को कम करता है, लेकिन आज कल लोग वैक्सिंग के माध्यम से बालों को हटाते हैं. खासकर महिलाएं इसका इस्तेमाल ज्यादा करने लगी हैं. लेकिन क्या आपको पता है वैक्सिंग कराने से त्वचा पर इसका असर हो सकता है और एलर्जी जैसे संक्रमण बीमारी फैल सकती हैं. ऐसे में विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आप ठीक तरीके से वैक्स नहीं करा रहे हैं और सावधानी नहीं बरत रहे हैं तो आपको नुकसान हो सकता है, देखिए ये रिपोर्ट… वैक्सिंग से हो सकते हैं साइड इफेक्ट विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के अनुसार शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, अगर वैक्सिंग को सही तरीके से नहीं किया जाए. तो त्वचा पर एलर्जी, जलन और लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार बालों की जड़ों में संक्रमण भी हो जाता है जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है. डायबिटीज मरीजों को रखनी चाहिए खास सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि शुगर डायबिटीज से पीड़ित लोगों को वैक्सिंग कराने से पहले विशेष ध्यान रखना चाहिए. ऐसे मरीजों में त्वचा की हीलिंग प्रक्रिया धीमी होती है, इसलिए वैक्सिंग के बाद अगर सूजन या संक्रमण हो जाए तो उसे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है और समस्या गंभीर भी हो सकती है. शरीर के बाल भी निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिकाडॉ. गुप्ता बताते हैं कि शरीर के बाल केवल सौंदर्य से जुड़े नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ये पसीने की प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं और शरीर से पानी के अत्यधिक निकलने को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा बाल शरीर को ठंडक प्रदान करने में भी सहायक होते हैं. प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं बालविशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के बाल एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र का काम करते हैं. खासकर ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और जानवरों में बाल अधिक और घने होते हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं और बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करते हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें Location : Surguja,Chhattisgarh First Published : March 18, 2026, 18:04 IST
देश में डेढ़ लाख झोलाछाप डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट या स्किन के लिए किसी भी डॉक्टर की चेक करें ये डिग्री

X हेयर ट्रांसप्लांट या स्किन के लिए किसी भी डॉक्टर की चेक करें ये डिग्री सोशल मीडिया पर झोलाछाप डॉक्टरों का खतरा बढ़ रहा है! लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर देश में हैं, जबकि रजिस्टर्ड डर्मेटोलॉजिस्ट सिर्फ 18000 हैं. ये झोलाछाप डॉक्टर सस्ते में हेयर ट्रांसप्लांट, प्लास्टिक सर्जरी और त्वचा उपचार का झांसा देते हैं, जिससे लोगों के चेहरे बिगड़ रहे हैं और मौतें हो रही हैं. IADVL और APSI ने लोगों से अपील की है कि वे असली और फर्जी डॉक्टर की पहचान करें और रजिस्टर्ड डर्मेटोलॉजिस्ट से ही उपचार कराएं. इसके लिए उन्हें इन बातों का ध्यान रखना होगा.
पराठा मसाला रेसिपी: 10 मिनट में तैयार करें ढाबा स्टाइल स्पेशल ‘पराठा मसाला’, पड़ोसी भी बनाएंगे बनाने का तरीका

पराठा मसाला रेसिपी: अगर आपको भी घर पर ढाबे स्टाइल में खाना पसंद है। तो इसके लिए है खास पराठा मसाला तैयार करने का एक बेहतरीन तरीका। यह मसाला सिर्फ स्वाद को ही नहीं बल्कि कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि इसे घर पर बनाना भी काफी आसान होता है। खास बात यह है कि इस मसाले को सिर्फ 10 मिनट में तैयार किया जा सकता है और लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है. आइए आपको बताते हैं कि इसे कैसे तैयार करें। इस साधारण को तैयार करने के लिए सबसे पहले एक पैन गर्म करें और इसमें जीरा, धनिया, सौंफ, अजमोद, काली मिर्च, लौंग और सूखे लाल मिर्च के मसाले अच्छे से भून लें। जब इन नमूनों से संगीत आने लगे, तब इसमें करी पत्ता मठ कुछ मिनट और अंश, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है। भूने हुए मसाले को ठंडा करके फिर से पिज्जा में पिज्जा पीस लें। इसके बाद इसमें कसूरी मेथी, अमचूर पाउडर, नमक काला, नमक, हींग और हल्दी लाल मिर्च पाउडर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। ऐसे तैयार होगा आपका पराठा मसाला। पराठा बनाने में कैसे इस्तेमाल करें जब भी आप आलू, लौकी, मुली या पनीर के पराठे बनाते हैं, तो स्टफिंग में इस मसाले का 1 से 2 मसाला डाल लें. इससे पराठों का स्वाद कई गुना बढ़ जाएगा और हर बच्चे में तीखा स्वाद महसूस होगा। पराठे बनाने के लिए इसमें सौंफ, अजवायन और हींग जैसी चीजें मौजूद होती हैं, जो पाचन के लिए भी खतरनाक रसायन बनाती हैं। यही कारण है कि यह मसाला स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है। तैयार किए गए पराठे के इस टुकड़े को एयरटाइट नवीनता में स्टोर करके लंबे समय तक रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और हर बार स्वाद के अनुसार ताज़ा बनाया जा सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पराठा मसाला रेसिपी(टी)घर का बना मसाला मिश्रण(टी)ढाबा स्टाइल पराठा(टी)भारतीय रसोई युक्तियाँ(टी)त्वरित मसाला रेसिपी(टी)10 मिनट की रेसिपी(टी)भरवां पराठा मसाला(टी)कुकिंग हैक्स भारत(टी)आसान मसाला पाउडर रेसिपी(टी)घर का बना मसाला मिश्रण
ईशान किशन SRH के शुरुआती मैचों में कप्तानी करेंगे:अभिषेक उपकप्तान होंगे; टीम मैनेजमेंट ने कहा– चोटिल कमिंस के फिट होने तक जिम्मेदारी

सनराइजर्स हैदराबाद ने ईशान किशन को IPL 2026 के शुरुआती मुकाबलों के लिए कप्तान बनाया है। वे टीम के रेग्युलर कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभालेंगे। टीम को 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के घर में IPL सीजन का पहला मैच खेलना है। सनराइजर्स की फ्रेंचाइजी ने बुधवार को सोशल प्लेटफार्म X पोस्ट के लिए फैंस को यह जानकारी दी। फ्रेंचाइजी ने लिखा- ‘पैट कमिंस चोट से उबरने के दौरान कुछ मैच मिस करेंगे। उनके पूरी तरह फिट होने तक ईशान किशन टीम के कप्तान और अभिषेक शर्मा उप-कप्तान होंगे।’ SRH की पोस्ट देखिए… पैट कमिंस चोट के कारण शुरुआती मैच नहीं खेलेंगे हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस बैक इंजरी से उबर रहे हैं। वे चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। कमिंस को यह चोट 2025-26 एशेज सीरीज से पहले लगी थी। शुरुआत में माना जा रहा था कि वे पूरी सीरीज मिस करेंगे,लेकिन उन्होंने एक टेस्ट खेला और फिर दोबारा टीम से बाहर हो गए। ईशान की कप्तानी में झारखंड सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीता था ईशान किशन ने अपनी कप्तानी में झारखंड को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब दिलाया है। कप्तानी के साथ-साथ ईशान बल्ले से भी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 197.33 की स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा 517 रन बनाए थे। इसी अनुभव के दम पर वे कप्तानी की रेस में अभिषेक शर्मा से आगे हैं। हालांकि, पिछले IPL सीजन में ईशान का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा था। उन्होंने टीम के लिए पहले मैच में शतक लगाया था और सीजन के आखिर में नाबाद 94 रन की पारी भी खेली थी,लेकिन बीच में वे लगातार रन नहीं बना पाए थे। वर्ल्ड कप और न्यूजीलैंड सीरीज में मचाया धमाल पिछले IPL सीजन में ईशान थोड़े इनकंसिस्टेंट थे, लेकिन पिछले एक महीने में उन्होंने अपनी फॉर्म से सभी आलोचकों को जवाब दिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार खेल के बाद उनकी टीम इंडिया के टी-20 स्क्वॉड में वापसी हुई। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में कुल 532 रन बनाए। वर्ल्ड कप जीतने में भी ईशान ने अहम भूमिका निभाई,जहां उनका स्ट्राइक रेट 207 का रहा। गेंदबाजी यूनिट को संभालना होगी बड़ी चुनौती पैट कमिंस के बिना हैदराबाद की बॉलिंग यूनिट थोड़ी कमजोर नजर आ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईशान के लिए सबसे बड़ी चुनौती गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करना होगी। हालांकि टीम के पास कुछ अच्छे विकल्प हैं, लेकिन कमिंस जैसा लीडर मैदान पर न होना टीम के लिए एक कमी साबित हो सकता है। ————————————— SRH से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़; सनराइजर्स ने ब्रिटिश लीग में अबरार को खरीदा इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों का पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है। ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। इन पैसों से भारत के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार खरीदे जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर
विवादित गाने पर नोरा फतेही की सफाई:कहा- गलत ट्रांसलेशन बताकर शूट करवाया, बिना अप्रूवल हिंदी में बनाया, AI फोटोज यूज कीं, हिंदी गाना देखकर शॉक थी

नोरा फतेही पैन इंडिया फिल्म केडीःद डेविल के गाने सरके चुनर तेरी सरके की रिलीज से विवादों में हैं। अश्लील गाने पर विवाद बढ़ने के बाद अब एक्ट्रेस ने बयान जारी कर साफ कहा है कि उनसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना अप्रूवल या परमिशन गाने को हिंदी में बना लिया। एक्ट्रेस ने मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेकर्स ने लिरिकल गाने को बिना इजाजत लिए उनकी AI इमेज के साथ रिलीज किया। एक्ट्रेस ने ये भी माना कि गाना वाकई अनुचित है, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सॉन्ग लॉन्च इवेंट में पहुंचकर मिलीं। हिंदी गाना देखकर एक्ट्रेस खुद शॉक में थीं। विवाद पर नोरा फतेही ऑफिशियल सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट कर कहा- ‘मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं।’ ‘मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था।’ वीडियो में नोरा ने आगे कहा, ‘जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए।’ नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए कई आरोप नोरा फतेही ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है, ‘उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी।’ ‘मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है। क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है।’ नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने कहा, ‘हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं।’ वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदोरिया ने सरके चुनरिया गाने की अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ बता दें कि ये हिंदी गाना पहले ही बैन कर दिया है। इस गाने को यूट्यूब से भी हटा दिया है। हालांकि विवाद जारी है। मंगलवार को नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने शिकायत मिलने के बाद सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी तरफ लिरिसिस्ट रकीब आलम ने मामले पर सफाई देते हुए दावा किया है कि ये विवादित गाना उन्होंने नहीं बल्कि फिल्म के डायरेक्टर ने लिखा है।
थॉमस और उबर कप में भारत को कठिन ड्रॉ मिला:मेंस और विमेंस टीमें पहला मैच चीन से खेलेंगी; 24 अप्रैल से 3 मई तक टूर्नामेंट होगा

थॉमस और उबर कप 2026 में भारत को कठिन ड्रॉ मिला है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने बुधवार को टूर्नामेंट के लिए ड्रॉ जारी किया। इसके अनुसार भारत को पहले ही मैच में डिफेंडिंग चैंपियन चीन की कठिन चुनौती का सामना करना है। भारतीय पुरुष टीम को ग्रुप A में चीन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के साथ रखा गया है। वहीं, भारतीय महिला टीम भी ग्रुप A में चीन के साथ है, जहां मेजबान डेनमार्क और यूक्रेन भी शामिल हैं। थॉमस कप का 34वां और उबर कप का 31वां संस्करण 24 अप्रैल से 3 मई तक डेनमार्क के हॉर्सेंस में खेला जाएगा। थॉमस कप मेंस और उबर कप विमेंस टीमों के बीच अयोजित होता है। चीन की टीम मजबूत, भारत को लक्ष्य से उम्मीदें चीन की पुरुष टीम इस बार भी मजबूत मानी जा रही है, जिसमें वर्ल्ड नंबर-2 शी यू क्वी और नंबर-7 ली शी फेंग जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, भारत को लक्ष्य सेन के हालिया शानदार प्रदर्शन से उम्मीदें होंगी। टूर्नामेंट में 16 टीमें भाग लेंगी, जिन्हें चार-चार टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल हार गई थीं भारतीय टीमें भारत की दोनों टीमें पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल राउंड से बाहर हो गई थीं। मेंस टीम को टॉप-8 मैच में चीन से हार गया था। वहीं, महिला टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान ने हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। भारत ने 2022 में जीता था थॉमस कप भारत ने 2022 में पहली बार थॉमस कप का खिताब जीता था। उसने बैंकॉक में फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया था। 1949 से हो रही है चैंपियनशिप थॉमस कप चैंपियनशिप 1949 से खेली जा रही है। वहीं, उबर कप का आयोजन 1956 से हो रहा है। 1984 से दोनों टूर्नामेंट एक साथ आयोजित कराए जा रहे हैं। ———————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है। पढ़ें पूरी खबर
थॉमस और उबर कप में भारत को कठिन ड्रॉ मिला:मेंस और विमेंस टीमें पहला मैच चीन से खेलेंगी; 24 अप्रैल से 3 मई तक टूर्नामेंट होगा

थॉमस और उबर कप 2026 में भारत को कठिन ड्रॉ मिला है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने बुधवार को टूर्नामेंट के लिए ड्रॉ जारी किया। इसके अनुसार भारत को पहले ही मैच में डिफेंडिंग चैंपियन चीन की कठिन चुनौती का सामना करना है। भारतीय पुरुष टीम को ग्रुप A में चीन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के साथ रखा गया है। वहीं, भारतीय महिला टीम भी ग्रुप A में चीन के साथ है, जहां मेजबान डेनमार्क और यूक्रेन भी शामिल हैं। थॉमस कप का 34वां और उबर कप का 31वां संस्करण 24 अप्रैल से 3 मई तक डेनमार्क के हॉर्सेंस में खेला जाएगा। थॉमस कप मेंस और उबर कप विमेंस टीमों के बीच अयोजित होता है। चीन की टीम मजबूत, भारत को लक्ष्य से उम्मीदें चीन की पुरुष टीम इस बार भी मजबूत मानी जा रही है, जिसमें वर्ल्ड नंबर-2 शी यू क्वी और नंबर-7 ली शी फेंग जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, भारत को लक्ष्य सेन के हालिया शानदार प्रदर्शन से उम्मीदें होंगी। टूर्नामेंट में 16 टीमें भाग लेंगी, जिन्हें चार-चार टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल हार गई थीं भारतीय टीमें भारत की दोनों टीमें पिछले एडीशन में क्वार्टर फाइनल राउंड से बाहर हो गई थीं। मेंस टीम को टॉप-8 मैच में चीन से हार गया था। वहीं, महिला टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान ने हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। भारत ने 2022 में जीता था थॉमस कप भारत ने 2022 में पहली बार थॉमस कप का खिताब जीता था। उसने बैंकॉक में फाइनल में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया था। 1949 से हो रही है चैंपियनशिप थॉमस कप चैंपियनशिप 1949 से खेली जा रही है। वहीं, उबर कप का आयोजन 1956 से हो रहा है। 1984 से दोनों टूर्नामेंट एक साथ आयोजित कराए जा रहे हैं। ———————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है। पढ़ें पूरी खबर
निवाड़ी के वार्ड 7 में दूषित पानी की आपूर्ति:पाइपलाइन लीकेज से घरों में पहुंच रहा गंदा पानी; लोग बोले- इससे इंदौर जैसी त्रासदी का खतरा

निवाड़ी के घटिया क्षेत्र में नगर परिषद की लापरवाही के कारण स्थानीय निवासी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। पेयजल पाइपलाइन में लीकेज और अधूरी पड़ी नाली के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इंदौर में हुई दूषित पानी की त्रासदी जैसी घटना की पुनरावृत्ति होने का डर जताया है। पाइपलाइन लीकेज और अधूरी नाली बनी मुसीबत वार्ड नंबर 7 में जल आपूर्ति की पाइपलाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त है। इसके साथ ही क्षेत्र में नाली का निर्माण कार्य भी लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इन दोनों समस्याओं के चलते नाली का गंदा पानी लीकेज के माध्यम से सीधे पीने के पानी की लाइन में मिल रहा है। नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी का आरोप इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश भर में जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच के सख्त निर्देश दिए थे। निवाड़ी में सामने आई यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने अब निवाड़ी कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पाइपलाइन की मरम्मत और नाली निर्माण पूर्ण कराने की मांग की है। सीएमओ बोले- जल्द शुरू होगा कार्य इस समस्या के संबंध में नगर परिषद सीएमओ अरविंद तिवारी ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा मजदूरों की व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही अधूरी नाली का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने पाइपलाइन के लीकेज को भी शीघ्र दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया है।
कम वेतन पर काम को मजबूर युवा:खेती छोड़कर गांव से निकले, पर शहरों में स्थायी नौकरी मुश्किल, 15 हजार आईटीआई फिर भी स्किल की कमी

देश का युवा अब खेती में भविष्य नहीं देखता। वह अच्छी नौकरी और बेहतर लाइफ स्टाइल के लिए गांवों से निकलकर शहर जा रहा है। लेकिन वहां न तो स्थायी नौकरी मिल रही है और न ही पढ़ाई और मेहनत के हिसाब से वेतन। नतीजतन सबसे ऊर्जावान वर्ग एक ऐसे चक्र में फंसता जा रहा है, जहां काम तो है पर तरक्की नहीं। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026’ के मुताबिक, 1983 से 2023 के बीच खेती में 20-29 साल के युवाओं की हिस्सेदारी 56% से घटकर 27% रह गई। लेकिन शहरों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, स्किल की कमी और कमजोर जॉब मार्केट के बीच युवाओं को मुफीद काम नहीं मिल रहा है। देश में स्किल डेवलपमेंट का ढांचा, खास तौर पर आईटीआई तेजी से फैले हैं। लेकिन कई नए संस्थान प्रशिक्षण के मामले में राष्ट्रीय मानकों पर खरे नहीं उतरते। देश में 15,000 से ज्यादा आईटीआई हैं, फिर भी उद्योगों को स्किल वर्कर्स नहीं मिल पा रहे हैं। पहले आईटीआई शहरों और औद्योगिक केंद्रों के आसपास बनाए जाते थे, ताकि ट्रेनिंग के बाद सीधे नौकरी मिल सके। लेकिन अब 70% नए आईटीआई गांवों में खुल रहे हैं और ज्यादातर ट्रेनिंग वहीं हो रही है। दूसरी तरफ 66% कारखानें शहरों में हैं। यानी जहां स्किल तैयार हो रही है, वहां नौकरी नहीं है और जहां नौकरी है, वहां स्किल की सप्लाई नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। लेकिन इसका बड़ा हिस्सा बिना वेतन के पारिवारिक काम या छोटे-मोटे स्वरोजगार से आता है, जहां न तो स्थिर आमदनी होती है न पहचान। इसके चलते शहरों में पढ़ी-लिखी महिलाएं अब गिग वर्क या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरफ जा रही हैं, ताकि नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना सकें। इन कामों में लचीलापन तो है, पर नौकरी की सुरक्षा और स्थिरता नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि सिर्फ स्किल डेवलपमेंट से समस्या हल नहीं होगी। जब तक बड़े पैमाने पर सुरक्षित नौकरियां नहीं होंगी, युवा आबादी कम उत्पादक कामों में ही उलझी रहेगी। 7% से भी कम ग्रेजुएट्स एक साल के भीतर स्थायी नौकरी पा रहे, 12वीं पास में यह औसत सिर्फ 4% रिपोर्ट बताती है कि भारत में 7 फीसदी से भी कम ग्रेजुएट्स को एक साल के भीतर स्थायी नौकरी मिलती है। 12वीं पास युवाओं में तो यह आंकड़ा 4 फीसदी ही है। वाइट-कॉलर जॉब, मसलन ऑफिस एग्जीक्यूटिव, बैंक कर्मचारी, आईटी प्रोफेशनल में हालात ज्यादा नाजुक हैं। ग्रेजुएट्स में बस 3.7 फीसदी को और 12वीं पास युवाओं में सिर्फ 1.5 फीसदी को ऐसी नौकरियां मिल पाती हैं।
चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को राहत:1 अप्रैल तक जेल नहीं जाना होगा, कोर्ट ने कहा- पैसा चुकाने का यह आखिरी मौका

चेक बाउंस मामले में फंसे बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि क्योंकि राजपाल ने अब तक बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा जमा कर दिया है, इसलिए उन्हें फिलहाल वापस जेल नहीं भेजा जाएगा। अब मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि अगली सुनवाई की तारीख को टाला नहीं जाएगा और मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। कोर्ट ने इसे राजपाल के लिए आखिरी मौके की तरह देखने को कहा है। आज जमा किया 25 लाख का डिमांड ड्राफ्ट सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि राजपाल ने अब तक शिकायतकर्ता कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ को 4.25 करोड़ रुपए चुका दिए हैं। वकील ने आज कोर्ट में 25 लाख रुपए का एक और डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा किया। इसके साथ ही कोर्ट में रेगुलर बेल (नियमित जमानत) की अर्जी भी दी गई, क्योंकि राजपाल की अंतरिम जमानत आज खत्म हो रही थी। कोर्ट ने पूछा- क्या लोन लिया था? कार्यवाही के दौरान जज ने राजपाल यादव से सीधे सवाल किया कि क्या उन्होंने लोन लिया था? इस पर एक्टर ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे लिए थे। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजपाल को पहले भी पैसे लौटाने के कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने समय पर भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने इसे राजपाल के लिए आखिरी मौके की तरह देखने को कहा है। राजपाल बोले- ‘जेल जाने से हुआ भारी नुकसान’ राजपाल यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 2016 के आदेश के मुताबिक उन्हें 10.40 करोड़ रुपए चुकाने थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने एक दोस्त की 28 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी सुरक्षा के तौर पर दिए थे। राजपाल ने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष बकाया पैसे लेने के बजाय उन्हें जेल भेजने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जेल जाने की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई, जिससे उन्हें एक फिल्म प्रोजेक्ट में 22 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके राजपाल राजपाल यादव इन दिनों 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। यह मामला उनकी साल 2010 की फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए कर्ज से जुड़ा है। राजपाल ने बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड़ रुपए उधार लिए थे। ब्याज और पेनल्टी के साथ यह रकम अब बढ़कर 9 करोड़ रुपए हो गई है। मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। अब उन्हें 1 अप्रैल तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई है।








