कनाडा में पंजाबी युवक की गोली मारकर हत्या:दोस्तों के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकला था, गर्दन में लगी गोली; इकलौता बेटा

कनाडा में पंजाबी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एडमॉन्टन शहर के पास लेड्यूक इलाके में हमलावरों ने हाईवे-2 पर उसकी कार को घेरा। इसके बाक उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मृतक की पहचान बीरइंदर सिंह (22) के रूप में हुई है, जो स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। पुलिस के अनुसार, वह ओंटारियो में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम कर रहा था। घटना 14 मार्च को हुई। बीरइंदर माता-पिता का इकलौते बेटा था। दोस्तों ने बीरइंदर के पार्थिव शरीर को भारत भेजने के लिए गो फंड मी पेज बनाया था, जिसके जरिए जरूरी फंड जुटा लिया गया है ताकि उनके माता-पिता आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें। 3 साल पहले कनाडा गया था युवक बीरइंदर सिंह 3 साल पहले कनाडा गया था और पिछले 5 महीनों से एडमॉन्टन में रह रहा था। वह वहां कंस्ट्रक्शन का काम करता था। बीरइंदर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहा था। 14 मार्च को बीरइंदर अपने 2 बचपन के दोस्तों के साथ पहली बार बैनफ घूमने जा रहा था। पुलिस ने बताया कि दोपहर लगभग 2:50 बीरइंदर अपनी होंडा सिविक कार चला रहा था। तभी एक सफेद पिकअप ट्रक उनकी कार के बगल में आया। ट्रक सवार 2 लोगों ने पहले बीरइंदर की तरफ दोस्ती का इशारा किया। खिड़की खोलते ही युवक पर फायरिंग की जब बीरइंदर ने जवाब में वैसा ही इशारा किया, तो ट्रक सवारों ने अपनी खिड़की नीचे की और उस पर गोली चला दी। (शनिवार की) दोपहर लगभग 2:50 बजे उसे गोलियां मारी गईं। यह वारदात एडमॉन्टन के दक्षिण में स्थित हाईवे 2 पर हुई। गर्दन में गोली लगने से हुई मौत गोली बीरइंदर की गर्दन में लगी। उनके दोस्तों ने कार पर नियंत्रण पाकर उसे सड़क किनारे रोका और मदद के लिए पुलिस को काल की, लेकिन ज्यादा खून बहने के कारण बीरइंदर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और बीरइंदर के दोस्तों के अनुसार, उनको नहीं पता कि हमला क्यों किया गया। उनके दोस्तों का मानना है कि यह नस्लभेद या नफरत के कारण हो सकता है, क्योंकि उनका किसी से कोई झगड़ा या रोड रेज जैसा मामला नहीं था। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने उस पिकअप ट्रक और उसमें सवार 2 लोगों की पहचान के लिए लोगों से डैशकैम फुटेज मांगी है।
सबसे बड़ा IPL, इस बार 84 मुकाबले:बेंगलुरु में 28 मार्च को डिफेंडिंग चैम्पियन RCB और सनराइजर्स हैदराबाद के मैच से शुरुआत

ठीक 10 दिन बाद, यानी 28 मार्च की शाम जब बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में टॉस के लिए सिक्का उछलेगा, तो भारत में सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ‘त्योहार’ की शुरुआत होगी। IPL का 19वां सीजन अपने अब तक के सबसे भव्य और लंबे अवतार में हमारे सामने आ रहा है। यह सीजन पिछले 18 सालों के इतिहास से अलग है। इस बार 10 टीमों के बीच कुल 84 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा सीजन बनाएंगे। पहले अधिकतम 74 मैच होते थे। 10 टीमों के बीच देशभर के 13 अलग-अलग वेन्यू पर 64 दिन चौके-छक्के का रोमांच नजर आएगा। नए सीजन के लिए सभी 10 टीमों ने तैयारियां तेज कर दी हैं और प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप के जरिए खिलाड़ी मैच मोड में आने की कोशिश कर रहे हैं। वर्ल्ड कप खत्म होने के ठीक 20 दिन बाद आईपीएल शुरू हो रहा है। ऐसे में बीसीसीआई और आईपीएल फ्रेंचाइजी मिलकर कई प्रमुख खिलाड़ियों के वर्कलोड पर नजर भी रख रही हैं। लखनऊ के पेसर्स ने अफ्रीका में ट्रेनिंग की; अबु धाबी में था पंजाब का कैंप चेन्नई के कप्तान ऋतुराज, धाेनी समेत कई खिलाड़ी 1 मार्च से नवेलूर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू कर चुके हैं। वहीं, आरसीबी ने 10 फरवरी से कैंप शुरू किया, जिसमें जितेश, वेंकटेश और सुयश शर्मा जैसे खिलाड़ी शामिल रहे। गुजरात के 16 फरवरी से नाथद्वारा में आयोजित कैंप में कप्तान शुभमन और साई सुदर्शन शामिल थे। टीम जनवरी में भी कैंप कर चुकी है। पंजाब किंग्स ने 8-14 फरवरी तक अबु धाबी में कैंप किया। टीम का दूसरा कैंप भी शुरू हो चुका है। लखनऊ ने अपने तेज गेंदबाजों को डरबन भेजा था। अब मुख्य कैंप लखनऊ में शुरू हो चुका है। सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई, राजस्थान, केकेआर, दिल्ली का भी कैंप शुरू हो चुका है। ‘बिग-3’ का मिशन: अंतिम बार एक साथ खेलते नजर आ सकते हैं धोनी, रोहित, कोहली आईपीएल के 19 साल के सफर में तीन चेहरे ऐसे हैं, जिन्होंने इस लीग को ‘कल्ट’ बनाया। ये हैं एमएस धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली। यह आखिरी सीजन हो सकता है, जब तीनों एक साथ खेलते नजर आएं। धोनी का ‘इम्पैक्ट’ रोल चेन्नई के ‘थाला’ ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में कुछ हफ्ते पहले अभ्यास शुरू कर दिया है। चर्चा है कि 44 साल की उम्र में यह धोनी का विदाई सीजन हो सकता है। लेकिन, उनकी फिटनेस और लंबे छक्कों को देखकर लगता है कि वे अब भी किसी युवा खिलाड़ी को मात दे सकते हैं। फ्रेंचाइजी के सूत्रों के अनुसार, इस बार वे शायद ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर ज्यादा नजर आएं। रोहित की दमदार प्रैक्टिस मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा कैंप से जुड़ गए हैं और प्रैक्टिस के दौरान नेट्स पर उनका आक्रामक अंदाज नजर आ रहा है। उन्होंने खास पुल शॉट और बड़े शॉट की प्रैक्टिस की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने लीग से पहले 11 किलो वजन कम किया है। एक्सपर्ट्स में इस बात पर बहस है कि क्या उन्हें ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के बजाय फुल-टाइम बैटर के तौर पर खेलना चाहिए। कोहली पर विजेता का दबाव RCB ने 2025 में अपना पहला खिताब जीतकर ‘किस्मत’ बदल ली है। अब वे अंडरडॉग नहीं है बल्कि हर टीम उन्हें हराना चाहती है। इसके अलावा विराट कोहली के सामने पहली बार खिताब को बचाने की चुनौती है। भारत आने से पहले ही नए सीजन के लिए उन्होंने ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। कोहली भारत आ चुके हैं और जल्द ही वे कैंप से जुड़ सकते हैं। 3 टीमों के डबल वेन्यू: रॉयल्स गुवाहाटी, किंग्स धर्मशाला और चैलेंजर्स रायपुर में भी खेलेंगे इस बार आईपीएल 10 शहरों तक सीमित नहीं है। बोर्ड ने इस बार 13 शहरों को मेजबानी सौंपी है। नॉर्थ-ईस्ट में क्रिकेट का क्रेज भुनाने के लिए राजस्थान अपने कुछ मैच जयपुर के अलावा गुवाहाटी में खेलेगी। असम के रियान पराग की कप्तानी ने इस बार वहां के प्रशंसकों में नया जोश भर दिया है। वहीं, पंजाब किंग्स के मुकाबले न्यू चंडीगढ़ के अलावा धर्मशाला में भी होंगे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को ‘सेकेंड होम’ के रूप में चुना है। केकेआर के हर्षित हो सकते हैं बाहर; आरसीबी-हैदराबाद को भी झटका केकेआर के तेज गेंदबाज हर्षित राणा घुटने की सर्जरी के कारण पूरे या ज्यादातर सीजन से बाहर हो सकते हैं। हर्षित को यह चोट टी20 वर्ल्ड कप से पहले द. अफ्रीका के खिलाफ एक वॉर्म-अप मैच के दौरान लगी थी। इसके बाद फरवरी में उनकी सर्जरी हुई और वे रिहैब से गुजर रहे हैं। इसके अलावा, आरसीबी के जोश हेजलवुड और हैदराबाद के पैट कमिंस के भी शुरुआती मैचों में नहीं खेलने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के दोनों पेसर चोट से उबर रहे हैं। कमिंस की गैरमौजूदगी में इशान किशन को कप्तानी मिल सकती है। चार साल पुराने फॉर्मेट की वापसी, फिर से डबल राउंड रॉबिन मुकाबले पिछले कुछ सालों में टीमें ग्रुप में बंटी हुई थीं, लेकिन इस बार टूर्नामेंट अपने ‘ओरिजिनल’ और सबसे निष्पक्ष फॉर्मेट यानी डबल राउंड रॉबिन की ओर लौट रहा है। इसका मतलब है कि हर टीम दूसरी टीम से दो बार (होम और अवे) भिड़ेगी। आईपीएल में चार साल बाद इस फॉर्मेट की वापसी हो रही है। यह इसलिए खास है क्योंकि पॉइंट टेबल में किसी भी टीम को ‘आसान ग्रुप’ का फायदा नहीं मिलेगा। प्ले-ऑफ में पहुंचने के लिए टीम को हर विरोधी के खिलाफ अपनी ताकत साबित करनी होगी। इस बार एआई ब्रॉडकास्टिंग: स्मार्ट पिच टेक्निक पर काम कर रहा बोर्ड ब्रॉडकास्टिंग में एआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा। फैंस ‘हाइपर-पर्सनलाइज्ड’ कैमरा एंगल चुन सकेंगे। वे चाहें तो पूरे मैच के दौरान सिर्फ पसंदीदा खिलाड़ी पर फोकस कर सकते हैं। स्मार्ट बॉल्स व पिच का इस्तेमाल हो सकता है। कूकाबुरा ने स्मार्ट बॉल का परीक्षण पहले ही किया था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक चिप होती है। चर्चा है कि बीसीसीआई स्मार्ट पिच टेक्निक पर काम कर रहा है। इसमें पिच की सतह के नीचे सेंसर होते हैं जो नमी और बाउंस का डेटा ब्रॉडकास्टर को भेजते हैं। एमिरेट्स बोर्ड ने कुछ समय पहले इसका ट्रायल किया था।
रायसेन मंडी में नई फसल की खरीद शुरू:व्यापारियों ने चना 4300 और गेहूं 2400 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका

रायसेन की कृषि उपज मंडी में नई फसल की आवक शुरू हो गई है। मंगलवार को मंडी में नया गेहूं और चना पहुंचा, जिसे व्यापारियों ने अच्छे दामों पर खरीदा। इसके साथ ही धान के बढ़े हुए भाव के कारण उसकी आवक में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे मंडी में किसानों और व्यापारियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। रायसेन कृषि उपज मंडी में नई फसल पहुंचनी शुरू मंगलवार को रायसेन कृषि उपज मंडी में नई फसल के रूप में गेहूं और चना पहुंचा। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, जहां व्यापारियों ने इन फसलों की खरीद की। नई फसल की आवक शुरू होने से मंडी में चहल-पहल बढ़ गई है और किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है। चार ट्रालियों में 43 क्विंटल चना पहुंचा मंगलवार को मंडी में चार ट्रालियों में कुल 43 क्विंटल चना पहुंचा। व्यापारियों ने इस चने को अधिकतम 5300 रुपये और न्यूनतम 5100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा। किसानों का कहना है कि मंडी में चने के अच्छे भाव मिलने से उन्हें राहत मिल रही है। चार ट्रालियों में 65 क्विंटल नया गेहूं आया इसी तरह मंडी में चार ट्रालियों में कुल 65 क्विंटल नया गेहूं भी पहुंचा। व्यापारियों ने इस गेहूं की खरीद अधिकतम 2430 रुपये और न्यूनतम 2300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की। नई फसल आने से किसानों को बाजार में अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है। धान की आवक में भी हुई बढ़ोतरी मंडी में धान की आवक में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मंगलवार को मंडी में 184 ट्रालियों में कुल 5789 क्विंटल धान पहुंची। व्यापारियों ने धान को अधिकतम 4460 रुपये और न्यूनतम 2500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा। किसानों को मिल रहे अच्छे भाव किसानों का कहना है कि इस समय मंडी में चने और धान की उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं। इससे उन्हें अपनी फसल बेचने में लाभ मिल रहा है। कई किसानों का कहना है कि इस बार बाजार में मांग अच्छी होने से उन्हें उम्मीद से बेहतर कीमत मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से बढ़ी धान की मांग किसानों और व्यापारियों का कहना है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे घटनाक्रमों के कारण स्थानीय मिलों में धान की मांग बढ़ गई है। इस मांग का असर मंडी के भाव पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे किसानों को धान के बेहतर दाम मिल रहे हैं। 1 अप्रैल से शुरू होगी सरकारी खरीदी इस वर्ष सरकारी खरीदी केंद्रों पर गेहूं और चने की खरीद 1 अप्रैल से शुरू की जाएगी। सरकारी खरीदी शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर खरीदी केंद्रों पर पहुंचेंगे, जिससे मंडियों और खरीदी केंद्रों पर गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।
भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत पर खतरा, डॉक्टर ने दी ‘ट्रिपल H’ फॉर्मूला अपनाने की सलाह

सतना. गर्मी का मौसम शुरू होते ही बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और बदलता खानपान बच्चों को जल्दी बीमार कर सकता है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो डिहाइड्रेशन, लू और पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. खासकर छोटे बच्चों में यह खतरा और ज्यादा होता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी बाकियों के अपेक्षाकृत कमजोर होती है, इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के खानपान, रहन-सहन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. लोकल 18 से बातचीत में सतना जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अखिलेश खरे ने बताया कि जैसे ही गर्मी बढ़ती है, वैसे ही अस्पतालों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगती है. इस मौसम में बच्चों में वायरल इन्फेक्शन, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मामले अधिक सामने आते हैं. कई बार माता-पिता इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं. डॉक्टर के अनुसार, बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनके आसपास का वातावरण संतुलित रखना बेहद जरूरी है. न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा माहौल होना चाहिए क्योंकि दोनों ही स्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. ट्रिपल H फॉर्मूला सबसे जरूरीविशेषज्ञों ने गर्मियों में बच्चों की देखभाल के लिए ट्रिपल H फॉर्मूला को सबसे प्रभावी बताया है, जिसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हाइड्रेशन जरूरी है, जिसमें बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना अनिवार्य है. इसके साथ ही नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और फलों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. दूसरा आता है हेल्थी डाइट, जिसमें बच्चों को हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए. हरी सब्जियां, मौसमी फल जैसे- संतरा, मौसंबी, खरबूजा और खीरा शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देते हैं. तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना इस मौसम में नुकसानदायक हो सकता है. फिर आता है हाइजीन, जिसमें नाम के ही मुताबिक साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. बच्चों को खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत डालें. साफ सुथरा खाना और स्वच्छ वातावरण बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाता है. जंक फूड और बाहर का खाना बन सकता है खतराडॉक्टर का कहना है कि आजकल बच्चे बाहर का खाना, चौपाटी आइटम्स और पैकेज्ड ड्रिंक्स ज्यादा पसंद करते हैं, जो गर्मियों में सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे फूड्स में बैक्टीरिया और अनहाइजीनिक एलिमेंट्स होने का खतरा रहता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को घर का बना ताजा और साफ खाना ही दें. साथ ही बच्चों की पसंद का हेल्दी खाना तैयार करके उन्हें बाहर के खाने से दूर रखा जा सकता है. धूप से बचाव भी उतना ही जरूरीगर्मी के दिनों में बच्चों को तेज धूप में खेलने से बचाना चाहिए. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो उन्हें हल्के कपड़े पहनाएं, टोपी लगाएं और पर्याप्त पानी साथ रखें. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना सबसे बेहतर उपाय है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माता-पिता बच्चों के खानपान, साफ-सफाई और दिनचर्या पर ध्यान दें, तो गर्मियों में होने वाली अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है. छोटी-छोटी सावधानियां बच्चों को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस मौसम में बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है.
इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान आग, 7 की मौत:3 झुलसे; शॉर्ट सर्किट से हादसा, घर में रखे 4 सिलेंडर फटे

इंदौर के बंगाली चौराहे के पास बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के करीब 4 बजे हादसा हो गया। इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिसमें 7 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात एक इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। आग तेजी से घर तक पहुंची और अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही सिलेंडरों में जोरदार धमाके शुरू हो गए। एक के बाद एक कई सिलेंडर फटे, जिससे पूरा इलाका दहल गया। धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में इनकी मौत हुई विजय सेठिया (65 वर्ष) छोटू सेठिया (22 वर्ष) सुमन (60 वर्ष) मनोज (65 वर्ष) सिमरन (30 वर्ष) राशि सेठिया (12 वर्ष) टीनू (35) ये 3 लोग घायल हुए सौरभ पुगलिया (30 वर्ष) आशीष (30 वर्ष) हर्षित पुगलिया (25 वर्ष) हादसे से जुड़े फोटो… घर में कुछ ऐसे केमिकल भी थे जो ज्वलनशील थे इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का कारोबार करते थे। घर में कुछ ऐसे केमिकल भी रखे थे जो ज्वलनशील हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग पॉइंट में विस्फोट से आग लगी, जो कार से होते हुए घर तक फैल गई। घर में 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल भी रखे थे, जिससे आग और भयावह हो गई। जांच में यह भी सामने आया है कि घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे थे। आग के दौरान बिजली सप्लाई बंद होने से ये लॉक खुल नहीं पाए, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। बचाव दल को दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त घर में कई रिश्तेदार भी मौजूद थे।
‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 06:49 IST असम में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया। असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई (छवि: एक्स) विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका देते हुए, असम के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे आंतरिक दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच पार्टी के साथ उनका आजीवन जुड़ाव समाप्त हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित एक पत्र में, बोरदोलोई ने कहा, “आज अत्यधिक दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।” पत्रकारों से बात करते हुए, बोरदोलोई ने कहा, “आज, मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक को त्याग दिया है, और मैं इससे खुश नहीं हूं। हालांकि, मैंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कांग्रेस पार्टी के भीतर, खासकर असम कांग्रेस में, जो भी मुझसे संपर्क करता था, वह कई मुद्दों पर मेरा अपमान कर रहा था।” उन्होंने कहा, “यहां तक कि कांग्रेस नेतृत्व भी मेरे प्रति सहानुभूति नहीं दिखा रहा था। मैं बहुत अकेला हो गया हूं क्योंकि मैं जीवन भर कांग्रेस से जुड़ा रहा हूं। लेकिन हाल ही में, मुझे जीवित रहने में काफी कठिनाई हो रही है, इसलिए मुझे यह निर्णय लेना पड़ा। हां, मैंने यह त्याग पत्र एआईसीसी अध्यक्ष को सौंप दिया है।” और पढ़ें: असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया असम के मुख्यमंत्री ने दिया जवाब बोरदोलोई के इस्तीफे की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं प्रद्युत बोरदोलोई के संपर्क में नहीं हूं. अगर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से बात की होती तो मुझे पता होता, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अभी तक किसी बीजेपी नेता से बात की है. ऐसी संभावना है कि हम प्रद्युत बोरदोलोई से संपर्क कर सकते हैं.” इससे पहले फरवरी में, कांग्रेस नेता भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और अपने 32 साल के राजनीतिक करियर पर प्रकाश डाला था, जिसमें विधायक से असम कांग्रेस प्रमुख बनने और राज्य में पार्टी के गठबंधन को आकार देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया था। उनके इस्तीफे के बाद, सरमा ने उनसे मुलाकात की, जिससे राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गईं। यह बैठक बोरा द्वारा कांग्रेस से अपना इस्तीफा सौंपने के एक दिन बाद हुई, जिससे चुनाव से कुछ हफ्ते पहले पार्टी के भीतर चिंताएं बढ़ गईं। असम विधानसभा चुनाव 2026 असम में 9 अप्रैल, 2026 को चुनाव होने हैं, जबकि वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को होगी। 126 सदस्यीय असम विधान सभा के लिए मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट के इर्द-गिर्द घूमने की उम्मीद है जो अभी भी समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। असम विधान सभा चुनाव 2021 में, भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने आराम से सत्ता बरकरार रखी। पार्टी ने 60 सीटें जीतीं, जबकि असम गण परिषद ने नौ सीटें हासिल कीं। इस बीच, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने छह सीटें जीतीं। गठबंधन ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष लगभग 50 सीटें जीतने में कामयाब रहा, जबकि छोटे क्षेत्रीय दलों ने मुट्ठी भर सीटें हासिल कीं। (एएनआई इनपुट के साथ) जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 18, 2026, 06:49 IST समाचार राजनीति ‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
ईरान के सबसे ताकतवर अफसर लारिजानी की मौत:इजराइली हमले में बेटा भी मारा गया; तेल अवीव में 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग का आज 19वां दिन है। इजराइल के हमले में कल ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी और उनके बेटे की मौत हो गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसकी पुष्टी की है। IRGC ने इसके बाद इजराइल की राजधानी तेल अवीव में 100 से ज्यादा जगहों पर मिसाइल से हमला किया। ईरान का कहना है कि यह हमला लारिजानी, उनके बेटे और उनके साथी की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया है। ईरान ने यह भी दावा किया कि इजराइल का मजबूत डिफेंस सिस्टम इस हमले को रोक नहीं पाया। वहीं इजराइल का कहना है कि मिसाइल का मलबा गरने से एक महिला की मौत हो गई है। ट्रम्प बोले-NATO देश ईरान जंग में साथ नहीं देना चाहते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि NATO के ज्यादातर सहयोगी देश ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका वर्षों से इन देशों की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता रहा है, लेकिन जरूरत के समय वे साथ नहीं आते। उन्होंने NATO को ‘वन-वे स्ट्रीट’ बताया। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें इस रवैये पर हैरानी नहीं है और अमेरिका को अब सहयोगी देशों की मदद की जरूरत भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक खत्म कर दिया है और अब वह किसी के समर्थन के बिना भी स्थिति संभाल सकता है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की मदद की भी अमेरिका को जरूरत नहीं है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ट्रम्प का यह बयान सहयोगी देशों के साथ अमेरिका के रिश्तों में बढ़ती दूरी की ओर इशारा करता है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… भारत का नंदी देवी जहाज गुजरात पहुंचा भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके आज रात 2:30 बजे गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई है। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है।
केरला स्टोरी 2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी:साहिल सुल्तानपुरी बोले– संस्कृति, मां भवानी और राजस्थान की परंपरा से प्रेरित होकर एक रात में घूमर लिखा

फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ में ‘घूमर’ गीत लिखने वाले गीतकार साहिल सुल्तानपुरी इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि यह गाना उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान एक रात में लिखा। साहिल कहते हैं कि गाना मां भवानी, राजस्थानी संस्कृति और भारतीय परंपरा से प्रेरित है, इसलिए इसे लिखते समय जिम्मेदारी भी ज्यादा महसूस हुई। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर हुए विवाद से ज्यादा जरूरी है कि दर्शक खुद थिएटर जाकर फिल्म देखें और फैसला करें। बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, इंडस्ट्री के अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी खुलकर बात की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ में आपका गीत ‘घूमर’ काफी चर्चा में है। इसकी शुरुआत कैसे हुई? जवाब: इस फिल्म के लिए मन्नान शाह भाई का फोन आया था। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक घूमर गीत चाहिए। उस समय मैं कोलकाता में दुर्गा पूजा में था। उन्होंने ट्यून भेजी और कहा कि आज ही चाहिए। पूरी रात जागकर मैंने गीत लिखा और रात करीब 2 बजे भेज दिया। सवाल: इस गीत को लिखते समय आपके मन में क्या चल रहा था? जवाब: जब आप किसी संस्कृति को पेश करते हैं तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है। घूमर राजस्थान की पहचान है, इसलिए मैंने कोशिश की कि शब्दों में वही सम्मान और भाव आएं। गाना मां भवानी और भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, इसलिए इसे बहुत श्रद्धा के साथ लिखा। सवाल: क्या इसके लिए आपने खास रिसर्च भी की? जवाब: हां, थोड़ी बहुत जानकारी पहले से थी क्योंकि मैंने पहले भी राजस्थानी बैकड्रॉप वाली फिल्म और एक सीरियल किया था। इसके अलावा इंटरनेट और अपने अनुभव से मारवाड़ी शब्द और संस्कृति को समझकर गीत में शामिल किया। सवाल: फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने आप पर भरोसा कैसे जताया? जवाब: मैं उनका बहुत आभारी हूं। इससे पहले उनकी फिल्म ‘कमांडो 3’ में मेरा लिखा गाना ‘आंखियां मिलावांगा’ था, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। उसी भरोसे की वजह से उन्होंने मुझे फिर मौका दिया। सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ को लेकर पहले काफी विवाद भी हुए। आपने इसे कैसे देखा? जवाब: मेरा मानना है कि हर फिल्म का अपना मुद्दा होता है। अगर किसी को आपत्ति है तो वह अपनी राय रख सकता है, लेकिन फैसला दर्शकों को करना चाहिए। लोगों को थिएटर जाकर फिल्म देखनी चाहिए, फिर तय करना चाहिए कि सही क्या है। सवाल: कुछ फिल्मकारों ने भी फिल्म का विरोध किया था, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: मैं किसी का विरोध नहीं करता। हर किसी की अपनी सोच होती है। लेकिन मेरा मानना है कि किसी भी बात को कहने का एक तरीका होना चाहिए। अगर सुझाव देना है तो सम्मान के साथ देना चाहिए। सवाल: मुंबई आने के बाद आपका पहला बड़ा मौका कब मिला? जवाब: मैं 1995 के आसपास मुंबई आया। पहला मौका मुझे टी-सीरीज में मिला। 1999 में हमने क्रिकेट वर्ल्ड कप पर ‘जीतेंगे हम हिंदुस्तानी’ नाम का एल्बम किया था। सवाल: अब तक आपने कितने गाने लिखे हैं? जवाब: लगभग 300 गाने रजिस्टर हो चुके हैं। कुछ फिल्मों में, कुछ एल्बम में और कुछ अलग प्रोजेक्ट्स में। सवाल: आगे किन प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं? जवाब: कुछ प्रोजेक्ट्स लाइनअप हैं, लेकिन अभी उनके नाम बताना मुश्किल है। कई बार फिल्मों में गाने बाद में हट भी जाते हैं, इसलिए मैं तभी बताना पसंद करता हूं जब सब तय हो जाए। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: बस यही कि फिल्म देखें और ‘घूमर’ गीत को भी प्यार दें। अगर लोगों को हमारा काम पसंद आए, वही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है।
केरला स्टोरी 2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी:साहिल सुल्तानपुरी बोले– संस्कृति, मां भवानी और राजस्थान की परंपरा से प्रेरित होकर एक रात में घूमर लिखा

फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ में ‘घूमर’ गीत लिखने वाले गीतकार साहिल सुल्तानपुरी इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि यह गाना उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान एक रात में लिखा। साहिल कहते हैं कि गाना मां भवानी, राजस्थानी संस्कृति और भारतीय परंपरा से प्रेरित है, इसलिए इसे लिखते समय जिम्मेदारी भी ज्यादा महसूस हुई। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर हुए विवाद से ज्यादा जरूरी है कि दर्शक खुद थिएटर जाकर फिल्म देखें और फैसला करें। बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, इंडस्ट्री के अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी खुलकर बात की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ में आपका गीत ‘घूमर’ काफी चर्चा में है। इसकी शुरुआत कैसे हुई? जवाब: इस फिल्म के लिए मन्नान शाह भाई का फोन आया था। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक घूमर गीत चाहिए। उस समय मैं कोलकाता में दुर्गा पूजा में था। उन्होंने ट्यून भेजी और कहा कि आज ही चाहिए। पूरी रात जागकर मैंने गीत लिखा और रात करीब 2 बजे भेज दिया। सवाल: इस गीत को लिखते समय आपके मन में क्या चल रहा था? जवाब: जब आप किसी संस्कृति को पेश करते हैं तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है। घूमर राजस्थान की पहचान है, इसलिए मैंने कोशिश की कि शब्दों में वही सम्मान और भाव आएं। गाना मां भवानी और भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, इसलिए इसे बहुत श्रद्धा के साथ लिखा। सवाल: क्या इसके लिए आपने खास रिसर्च भी की? जवाब: हां, थोड़ी बहुत जानकारी पहले से थी क्योंकि मैंने पहले भी राजस्थानी बैकड्रॉप वाली फिल्म और एक सीरियल किया था। इसके अलावा इंटरनेट और अपने अनुभव से मारवाड़ी शब्द और संस्कृति को समझकर गीत में शामिल किया। सवाल: फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने आप पर भरोसा कैसे जताया? जवाब: मैं उनका बहुत आभारी हूं। इससे पहले उनकी फिल्म ‘कमांडो 3’ में मेरा लिखा गाना ‘आंखियां मिलावांगा’ था, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। उसी भरोसे की वजह से उन्होंने मुझे फिर मौका दिया। सवाल: ‘द केरला स्टोरी 2’ को लेकर पहले काफी विवाद भी हुए। आपने इसे कैसे देखा? जवाब: मेरा मानना है कि हर फिल्म का अपना मुद्दा होता है। अगर किसी को आपत्ति है तो वह अपनी राय रख सकता है, लेकिन फैसला दर्शकों को करना चाहिए। लोगों को थिएटर जाकर फिल्म देखनी चाहिए, फिर तय करना चाहिए कि सही क्या है। सवाल: कुछ फिल्मकारों ने भी फिल्म का विरोध किया था, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: मैं किसी का विरोध नहीं करता। हर किसी की अपनी सोच होती है। लेकिन मेरा मानना है कि किसी भी बात को कहने का एक तरीका होना चाहिए। अगर सुझाव देना है तो सम्मान के साथ देना चाहिए। सवाल: मुंबई आने के बाद आपका पहला बड़ा मौका कब मिला? जवाब: मैं 1995 के आसपास मुंबई आया। पहला मौका मुझे टी-सीरीज में मिला। 1999 में हमने क्रिकेट वर्ल्ड कप पर ‘जीतेंगे हम हिंदुस्तानी’ नाम का एल्बम किया था। सवाल: अब तक आपने कितने गाने लिखे हैं? जवाब: लगभग 300 गाने रजिस्टर हो चुके हैं। कुछ फिल्मों में, कुछ एल्बम में और कुछ अलग प्रोजेक्ट्स में। सवाल: आगे किन प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं? जवाब: कुछ प्रोजेक्ट्स लाइनअप हैं, लेकिन अभी उनके नाम बताना मुश्किल है। कई बार फिल्मों में गाने बाद में हट भी जाते हैं, इसलिए मैं तभी बताना पसंद करता हूं जब सब तय हो जाए। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: बस यही कि फिल्म देखें और ‘घूमर’ गीत को भी प्यार दें। अगर लोगों को हमारा काम पसंद आए, वही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है।
सिख लड़की को मुस्लिम बनाने के 10 हजार पाउंड:युवती का दावा- UK में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग एक्टिव, कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा

ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ये सभी दावे कर रही है। हालांकि, दैनिक भास्कर उस युवती के दावों की पुष्टि नहीं करता। युवती ने वीडियो में दावा किया कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना है कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया। उसका कहना है कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए… युवती बोली- एक धर्म के सभी लोग खराब नहीं होते युवती ने यह भी कहा कि यह वीडियो किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, और न ही किसी को टारगेट करने के लिए बनाया गया है। उसने कहा कि एक धर्म के सभी लोग खराब नहीं होते। कुछ लोग होते हैं जो पूरे धर्म को बदनाम करते हैं। जनवरी में सिखों ने एक 15 वर्षीय लड़की को छुड़ाया करीब 2 महीने पहले वेस्ट लंदन के हॉन्सलो इलाके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक 15 वर्षीय लड़की को बंधक बना लिया था। जिस फ्लैट में यह मामला सामने आया, उसी में एक सिख युवक भी रहता है। युवक ने एक दिन 34 वर्षीय पाकिस्तानी युवक को सीढ़ियों से उतरते वक्त 15 वर्षीय सिख लड़की के साथ देखा। उसने पाकिस्तानी युवक को रोका तो वह भड़क गया था। पाकिस्तानी युवक इस सिख लड़की को सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक अपने फ्लैट में रखता था। आरोप है कि उसने लड़की का यौन शोषण करने के लिए 6 पुरुषों को बुलाया था। इन सभी ने मिलकर उसके साथ रेप किया। सिख युवक ने पाकिस्तानी युवक के घर से बच्ची को रिहा करने की बात कही तो वह मामले से दूर रहने की धमकी देने लगा। उसने पुलिस को इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सिख युवक ने अपने समुदाय के लोगों को इकट्ठा किया और पाकिस्तानी युवक के फ्लैट का घेराव किया। अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील भाजपा के पंजाब प्रवक्ता सरचंद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि इस मुद्दे को केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा वैश्विक मुद्दा मानकर गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड से लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।






