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मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी:पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए

मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी:पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए

देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। वहीं, लोकलसर्कल्स सर्वे के मुताबिक कमर्शियल गैस की किल्लत से देशभर में खाना महंगा हुआ है। लागत बढ़ने की वजह से एक हफ्ते में 57% रेस्टोरेंट्स, 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर सरकार की नजर, 12 हजार छापे केंद्र सरकार ने कहा कि घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है। सप्लाई सामान्य है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है। देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्ती के निर्देश दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए शहरी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा है। डिजिटल सिस्टम को मजबूत करते हुए एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर करीब 94% तक पहुंच गई है। रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 38% की बढ़ोतरी हुई है। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था । दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। नंदा देवी और शिवालिक जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके मंगलवार को गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह गैस समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। होर्मुज में अभी 22 जहाज, 611 नाविक और फंसे हैं केंद्र सरकार के अनुसार, 611 नाविकों के साथ भारतीय झंडे वाले 22 जहाज पश्चिमी खाड़ी में हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चा तेल टैंकर भी शामिल हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ते दाम ने आम आदमी का भी बजट बिगाड़ा है। लोकलसर्कल्स के सर्वे में शामिल 50% से ज्यादा लोगों ने कहा कि एक हफ्ते में रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट वेंडर्स ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। 57% लोगों ने रेस्टोरेंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की। 54% का कहना है कि रेहड़ी-पटरी वालों ने दाम 10-25% बढ़ाए हैं। सर्वे में देश के 309 जिलों में 38,000 उपभोक्ताओं की राय जानी गई। इसके मुताबिक, ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जा रहा है। खाने की कीमतें घटाने के लिए सरकार को तत्काल दखल देने की जरूरत है। ये हुआ असर… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई, कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला:₹358 के बिल पर ₹17 एक्स्ट्रा लिए देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। पूरी खबर पढ़ें…

मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी:पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए

मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी:पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका; कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से 57% रेस्टोरेंट्स ने दाम बढ़ाए

देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। वहीं, लोकलसर्कल्स सर्वे के मुताबिक कमर्शियल गैस की किल्लत से देशभर में खाना महंगा हुआ है। लागत बढ़ने की वजह से एक हफ्ते में 57% रेस्टोरेंट्स, 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर सरकार की नजर, 12 हजार छापे केंद्र सरकार ने कहा कि घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है। सप्लाई सामान्य है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है। देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्ती के निर्देश दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए शहरी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा है। डिजिटल सिस्टम को मजबूत करते हुए एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर करीब 94% तक पहुंच गई है। रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 38% की बढ़ोतरी हुई है। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था । दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। नंदा देवी और शिवालिक जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके मंगलवार को गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह गैस समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। होर्मुज में अभी 22 जहाज, 611 नाविक और फंसे हैं केंद्र सरकार के अनुसार, 611 नाविकों के साथ भारतीय झंडे वाले 22 जहाज पश्चिमी खाड़ी में हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चा तेल टैंकर भी शामिल हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ते दाम ने आम आदमी का भी बजट बिगाड़ा है। लोकलसर्कल्स के सर्वे में शामिल 50% से ज्यादा लोगों ने कहा कि एक हफ्ते में रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट वेंडर्स ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। 57% लोगों ने रेस्टोरेंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की। 54% का कहना है कि रेहड़ी-पटरी वालों ने दाम 10-25% बढ़ाए हैं। सर्वे में देश के 309 जिलों में 38,000 उपभोक्ताओं की राय जानी गई। इसके मुताबिक, ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जा रहा है। खाने की कीमतें घटाने के लिए सरकार को तत्काल दखल देने की जरूरत है। ये हुआ असर… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई, कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला:₹358 के बिल पर ₹17 एक्स्ट्रा लिए देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। पूरी खबर पढ़ें…

NIA ने 6 यूक्रेनी, 1 अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया:भारत में उग्रवाद का समर्थन कर रहे थे; यूक्रेन ने तत्काल रिहाई की मांग की

NIA ने 6 यूक्रेनी, 1 अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया:भारत में उग्रवाद का समर्थन कर रहे थे; यूक्रेन ने तत्काल रिहाई की मांग की

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 6 यूक्रेनियों और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया। इन पर म्यांमार के जातीय युद्ध समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे थे। साथ ही भारत में उग्रवाद का भी समर्थन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (अमेरिकी नागरिक), हुर्बा पेट्रो (यूक्रेनी नागरिक), स्लीव्याक तारास (यूक्रेनी नागरिक), इवान सुकमानोव्स्की (यूक्रेनी नागरिक), स्टेफानकिव मारियन (यूक्रेनी नागरिक), होनचारुक मैक्सिम (यूक्रेनी नागरिक) और कामिंस्की विक्टर (यूक्रेनी नागरिक) के रूप में हुई है। NIA ने 13 मार्च को दिल्ली से तीन यूक्रेनियों, लखनऊ से तीन और कोलकाता से एक अमेरिकी नागरिक को धारा 18 (आतंकवादी षड्यंत्र) और BNS के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, यूक्रेन ने मंगलवार को भारत को एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। आरोपियों को ले जाने की 5 तस्वीरें… कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड पर भेजा NIA के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सोमवार को सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया। NIA ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी। रिमांड मांगते समय, NIA ने आरोप लगाया कि आरोपी AK-47 राइफलें रखने वाले अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और उनकी आतंकवादी/अवैध गतिविधियों में मदद कर रहे थे। NIA ने कहा कि जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ये आरोपी, कुछ प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने विरोध दर्ज कराया यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में देश के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। इसमें आगे कहा गया कि दूतावास हिरासत से जुड़े सभी हालात और कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा…

शुगर से लेकर वात रोग तक में रामबाण…साल में सिर्फ एक बार खिलता ये फूल, अभी रख लें वरना खोजने पर भी मिलेगा नहीं

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Last Updated:March 17, 2026, 23:02 IST Palash flowers benefits : बसंत ऋतु के शुरू होते ही पलाश के पौधे में फूल आने शुरू हो जाते हैं. गर्मियों के मौसम में मिलने वाले ये गुलाबी रंग के फूल हमारी सेहत के लिए रामबाण हैं. इसमें एस्ट्रिंजेंट और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इन्हें आमतौर पर लोग टेसू का फूल कहते हैं. आयुर्वेद में इसके फूलों औषधि की तरह माना गया है. लोकल 18 इनके फायदों के बारे में जानने रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित के पास पहुंचा. वे बताती हैं कि पलाश का फूल चर्म रोग, घाव भरने और महिलाओं को होने वाली कई गंभीर बीमारियों में काम आता है. रायबरेली. बसंत पंचमी से पतझड़ शुरू हो जाता है. इसके बाद पेड़-पौधों पर नई पत्तियां और नए फूलों का आगमन होता है, जिससे चारों ओर बहार सी आ जाती है. कुछ ऐसे पौधे भी हैं, जिन पर साल के 12 महीने फूल आते रहते हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं, जिनमें साल में केवल एक बार बहार आती है. इनमें फूल बसंत ऋतु से लेकर मार्च माह तक ही निकलते हैं. उसके बाद पूरे साल के लिए फूल गायब हो जाते हैं. ऐसा ही पेड़ पलाश का है जिसका फूल गर्मियों की चटक धूप में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है. इन्हें आमतौर पर लोग टेसू का फूल कहते हैं. आयुर्वेद में इसके फूलों औषधि की तरह माना गया है. रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद जयपुर, राजस्थान) लोकल 18 से बताती हैं कि बसंत ऋतु के साथ पलाश के पौधे में फूल आने शुरू हो जाते हैं. गर्मियों के मौसम में मिलने वाले यह गुलाबी रंग के फूल हमारी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इसमें एस्ट्रिनजेंट और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, यह वात रोग से लड़ने में मददगार हैं. चर्म रोग, पेट में कीड़ा, डायबिटीज, घाव भरने और महिलाओं को होने वाली कई गंभीर बीमारियों से रामबाण से कम नहीं. कैसे करें इस्तेमाल आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि अगर किसी के पेट में कीड़े हो गए हों, तो इसके पाउडर को शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए. शरीर पर घाव हो जाए तो इसके पत्ते और छाल को पीसकर लेप बनाकर लगाने से घाव ठीक हो जाता है. डायबिटीज के मरीजों को इसके पत्ते के सेवन से राहत मिलती है. अगर आप त्वचा की समस्या से परेशान हैं तो इसके फूलों का लेप बनाकर लगाने से खुजली और रूखापन दूर होता है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Rae Bareli,Uttar Pradesh First Published : March 17, 2026, 23:02 IST

मंदसौर में चलती कार में लगी आग:ईद की खरीदारी के लिए जा रहा था परिवार, शॉर्ट सर्किट की आशंका

मंदसौर में चलती कार में लगी आग:ईद की खरीदारी के लिए जा रहा था परिवार, शॉर्ट सर्किट की आशंका

मंदसौर शहर के व्यस्त महाराणा प्रताप चौराहे पर मंगलवार रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना के समय वहां लोगों की भीड़ थी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता से स्थिति जल्द ही संभाल ली गई। ईद की खरीदारी के लिए जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, जावेद हुसैन नाम का युवक अपने परिवार के साथ ईद की खरीदारी के लिए नई आबादी क्षेत्र से बाजार की ओर जा रहा था। जैसे ही वह महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचा, कार से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आगे के हिस्से में आग भड़क गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। सामूहिक प्रयासों से कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। शॉर्ट सर्किट की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, MP 44 CA 0836 नंबर की कार में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन कार को नुकसान जरूर हुआ है।

पश्चिम बंगाल चुनाव में परेश अधिकारी को नामांकित करने के लिए बीजेपी ने टीएमसी की आलोचना की | चुनाव समाचार

New Zealand vs South Africa Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Hamilton. (Picture Credit: X@ICC)

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 21:16 IST भाजपा ने कहा कि यह उन लोगों के मजाक से कम नहीं है जिन्होंने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले का परिणाम भुगता है भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2022 में “फेस सेवर” के रूप में टीएमसी नेता परेश अधिकारी को कैबिनेट से हटा दिया था। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने के तुरंत बाद, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला किया। यह इंगित करते हुए कि टीएमसी सूची में पहला नाम हाई-प्रोफाइल एसएससी घोटाले से जुड़े एक पूर्व मंत्री का है, भाजपा ने कहा कि यह उन लोगों के मजाक से कम नहीं है जिन्होंने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के परिणाम भुगते हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि परेश अधिकारी, जो टीएमसी के दिग्गज नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री हैं, अपनी बेटी की शिक्षक के रूप में नियुक्ति के मामले में घोटाले में फंस गए हैं। वह कूच बिहार के सीमावर्ती जिले में आरक्षित मेकलीगंज निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। “तृणमूल कांग्रेस की सूची में पहला नाम: परेश अधिकारी, पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री। उनकी बेटी, अंकिता अधिकारी ने एसएससी घोटाले के माध्यम से एक शिक्षण नौकरी हासिल की। ​​2022 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें लिया गया वेतन वापस करने का आदेश दिया,” भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट किया। तृणमूल कांग्रेस की सूची में पहला नाम: पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री परेश अधिकारी का है। उनकी बेटी, अंकिता अधिकारी ने एसएससी घोटाले के माध्यम से एक शिक्षण नौकरी हासिल की। 2022 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें वेतन वापस करने का आदेश दिया…- अमित मालवीय (@amitmalviya) 17 मार्च 2026 मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें “चेहरा बचाने” के लिए मंत्रिमंडल से हटा दिया। उन्होंने कहा, “कुछ ही हफ्तों के भीतर, ममता बनर्जी ने चेहरा बचाने के लिए परेश अधिकारी को कैबिनेट से हटा दिया। आज, उनका नाम सूची में सबसे ऊपर रखना एसएससी घोटाले के पीड़ितों का मजाक उड़ाने से कम नहीं है।” जबकि अधिकारी का नाम सूची में सबसे ऊपर हो सकता है, ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि उनका निर्वाचन क्षेत्र, कूच बिहार जिले में मेकलीगंज (एससी), राज्य विधान सभा में पहली सीट (सीट नंबर 1) होने का संख्यात्मक गौरव रखता है। हालाँकि, उन्हें मैदान में उतारने का टीएमसी का निर्णय निश्चित रूप से विवादास्पद और जोखिम भरा माना जा सकता है। कथित शिक्षक भर्ती घोटाला राज्य में राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील विषयों में से एक रहा है, खासकर विपक्षी भाजपा के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ। विवाद क्या है? अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी को सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक के रूप में अवैध रूप से नियुक्त किया गया था। यह इस तथ्य के बावजूद था कि अंकिता का नाम प्रारंभिक मेरिट सूची में नहीं था। हालाँकि, उन्होंने एक स्थान हासिल कर लिया जबकि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर दिया गया। कानूनी नतीजे तीव्र थे, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान लिया गया पूरा वेतन वापस करने का आदेश दिया। बढ़ते सार्वजनिक आक्रोश के मद्देनजर, बनर्जी ने अगस्त 2022 में अधिकारी को शिक्षा मंत्री के पद से हटा दिया। परेश अधिकारी कौन है? परेश अधिकारी एक अनुभवी राजनीतिक शख्सियत हैं जिनकी जड़ें उत्तर बंगाल, खासकर कूच बिहार जिले में गहरी हैं। अधिकारी की राजनीतिक यात्रा टीएमसी के साथ जुड़ने से बहुत पहले शुरू हुई थी। वह ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) के लंबे समय तक नेता रहे और 2006 से 2011 तक वाम मोर्चा सरकार के दौरान खाद्य मंत्री के रूप में कार्य किया। 2018 में वह टीएमसी में चले गए। उस समय, उनके दलबदल को ममता बनर्जी के लिए एक बड़े तख्तापलट के रूप में देखा गया, जिससे पार्टी को क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए उत्तर बंगाल में एक “भारी चेहरा” मिला। मेक्लिगंज में एक गहरी जड़ें जमा चुके स्थानीय नेटवर्क वाले प्रभावशाली नेता के रूप में उनकी स्थापित प्रतिष्ठा के बावजूद, जहां से उन्हें इस बार नामांकित किया गया है, शिक्षक भर्ती घोटाले के कारण उनका करियर बुरी तरह प्रभावित हुआ। पहले प्रकाशित: मार्च 17, 2026, 21:16 IST समाचार चुनाव ‘टीएमसी सूची में पहला नाम…’: एसएससी घोटाले से जुड़े पूर्व मंत्री के नामांकन के बारे में बीजेपी ने क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

IPL से पहले CSK का मेगा रीयूनियन होगा:22 मार्च को चेपॉक स्टेडियम में इवेंट, रैना-हेडन समेत कई दिग्गज जुटेंगे

IPL से पहले CSK का मेगा रीयूनियन होगा:22 मार्च को चेपॉक स्टेडियम में इवेंट, रैना-हेडन समेत कई दिग्गज जुटेंगे

IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) 22 मार्च को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में एक खास रीयूनियन कार्यक्रम करने जा रही है। इस इवेंट में टीम के कई पूर्व खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें कुछ ऐसे नाम भी हैं जो इस समय दूसरी फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए हैं। मुरलीधरन, हेडन और रैना शामिल होंगे इस रीयूनियन में मुथैया मुरलीधरन, मैथ्यू हेडन और ड्वेन ब्रावो जैसे दिग्गजों के आने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं सुरेश रैना भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। करीब 19-20 पूर्व खिलाड़ी, मौजूदा टीम और सपोर्ट स्टाफ के साथ इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। इवेंट को लेकर शुरुआत में चर्चा थी कि कोई बड़ा ऐलान हो सकता है, लेकिन फ्रेंचाइजी ने साफ किया है कि यह सिर्फ सीजन से पहले का फैन एंगेजमेंट कार्यक्रम है। CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने कहा कि इसे ज्यादा बड़ा मतलब निकालने की जरूरत नहीं है। एआर रहमान परफॉर्म करेंगे कार्यक्रम शाम 4 बजे से 9 बजे तक चलेगा और इसमें संगीतकार एआर रहमान की प्रस्तुति भी होगी। टीम ने अन्य फ्रेंचाइजी से भी संपर्क किया है ताकि उनके कोचिंग स्टाफ से जुड़े पूर्व खिलाड़ी इस दिन के लिए उपलब्ध हो सकें। अश्विन शामिल नहीं होंगे आर अश्विन इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि वह शहर से बाहर रहेंगे। वहीं संजू सैमसन और शिवम दुबे, जो हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, इस समय चेन्नई में चल रहे कैंप से जुड़ जाएंगे। पहला मैच राजस्थान के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स अपना IPL 2026 अभियान 30 मार्च को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शुरू करेगी। टीम का पहला होम मैच 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ होगा। चेन्नई ने 5 IPL खिताब जीते CSK ने IPL इतिहास में अब तक कुल 5 खिताब (2010, 2011, 2018, 2021, 2023) अपने नाम किए हैं। टीम पहले ही सीजन 2008 के फाइनल में पहुंची थी। 2010 और 2011 में लगातार दो खिताब जीतकर CSK ने अपना दबदबा कायम किया, जबकि 2018 में दो साल के निलंबन के बाद वापसी करते हुए चैंपियन बनना टीम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। ————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका को हराया; 6 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके न्यूजीलैंड ने दूसरे टी-20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 68 रन से हराकर सीरीज में वापसी कर ली है। इस जीत के साथ ही 5 मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबरी पर आ गई है। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने कीवियों को 91 रन पर ऑलआउट कर जीत हासिल की थी। सीरीज का तीसरा मैच 20 मार्च को ऑकलैंड में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

अधूरे रेलवे ओवरब्रिज और सर्विस रोड की मांग पर चक्काजाम:टिमरनी में सीएम दौरे से पहले वार्डवासियों का विरोध, परेशान लोग सड़क पर उतरे

अधूरे रेलवे ओवरब्रिज और सर्विस रोड की मांग पर चक्काजाम:टिमरनी में सीएम दौरे से पहले वार्डवासियों का विरोध, परेशान लोग सड़क पर उतरे

हरदा जिले की टिमरनी तहसील मुख्यालय में मंगलवार शाम को वार्ड नंबर 3 के निवासियों ने कुशवाहा कॉलोनी के पास चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन रेलवे ओवरब्रिज के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने, नागरिकों को धूल-गड्ढों बचाने और सर्विस रोड की मांग को लेकर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन से एक दिन पहले भाजपा पार्षद सुनील दुबे के नेतृत्व में यह जाम लगाया गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पार्षद सुनील दुबे ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले करीब दो सालों से चल रहा है, लेकिन अब तक यह केवल 40 से 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। इस दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए वार्ड नंबर 3 की कुशवाहा कॉलोनी से एक वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। इस मार्ग से बड़े और छोटे वाहनों का लगातार आवागमन जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को पूरे दिन धूल और बड़े-बड़े गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। बोले- लोगों का घरों में रहना मुश्लिक हुआ दुबे ने जानकारी दी कि ब्रिज का निर्माण भोपाल की पुनीत चड्ढा कंपनी द्वारा किया जा रहा है। वैकल्पिक मार्ग से केवल छोटे वाहनों और यात्री बसों के निकलने की निर्धारित तिथि 11 जनवरी को समाप्त हो चुकी है। कॉलोनी के निवासियों ने सर्विस रोड बनाने के लिए चार बार प्रदर्शन किया है, लेकिन न तो सर्विस रोड बनाई गई है और न ही ब्रिज का निर्माण पूरा हुआ है, जिससे यहां के लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पार्षद दुबे ने आरोप लगाया कि ब्रिज निर्माण कंपनी के कर्मचारी छोटे वाहनों के लिए बनाए गए मार्ग से पैसे लेकर लोडेड डंपरों को निकलने दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 5 फरवरी को एसडीएम संजीव कुमार नागू ने सड़क किनारे का अतिक्रमण हटाया था। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सबसे पहले सर्विस रोड बनाई जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। फिलहाल, टीआई मुकेश गौड़ और नायब तहसीलदार चक्काजाम कर रहे लोगों को समझाइश दे रहे हैं।

हल्द्वानी में श्रीलंका-साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों को किया लॉक:मैच खत्म होते ही स्टेडियम में लगे ताले, सैलरी नहीं मिलने से भड़के बाउंसर

हल्द्वानी में श्रीलंका-साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों को किया लॉक:मैच खत्म होते ही स्टेडियम में लगे ताले, सैलरी नहीं मिलने से भड़के बाउंसर

हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लीजेंड्स लीग क्रिकेट के दौरान श्रीलंका, साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और भारत के खिलाड़ियों को स्टेडियम में ही लॉक कर दिया गया। मैच खत्म होने के बाद जब खिलाड़ी बसों में बैठ बाहर निकले तो स्टेडियम के गेट पर ताले लगा दिए गए, जिसके कारण खिलाड़ी आधे घंटे तक अंदर ही फंसे रहे। अधिकारियों ने बताया कि सैलरी न मिलने से भड़के बाउंसरों ने मैन गेट को लॉक कर दिया था। बसों में दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला, जिम्बाब्वे के हैमिल्टन मसाकाद्जा और श्रीलंका के दिलशान मुनावीरा समेत कई खिलाड़ी मौजूद थे। लीग के को-फाउंडर रमन रहेजा ने इसे कम्युनिकेशन गैप बताते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसी का प्रभारी शहर से बाहर होने के कारण भुगतान को लेकर समन्वय नहीं हो पाया, जबकि खेल विभाग की उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने कहा कि आयोजन निजी एजेंसी करा रही है और विभाग की भूमिका केवल स्टेडियम उपलब्ध कराने तक सीमित है। 3 प्वॉइंट्स में समझिए पूरा मामला…. मैच खत्म होने के बाद शुरू हुआ विवाद गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार 16 मार्च को लीजेंड्स लीग क्रिकेट के तहत सदर्न सुपर स्टार्स और इंडिया कैप्टन्स के बीच मुकाबला खेला गया था। मैच समाप्त होने के बाद खिलाड़ी और टीम स्टाफ होटल लौटने के लिए बसों में बैठ चुके थे। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात बाउंसरों ने भुगतान न मिलने का आरोप लगाते हुए स्टेडियम के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। विदेशी क्रिकेटर भी बसों में फंसे रहे गेट बंद होने के कारण खिलाड़ियों और स्टाफ की बसें स्टेडियम परिसर के अंदर ही रुक गईं। इस दौरान कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी स्टेडियम परिसर में फंसे रहे। भारतीय खिलाड़ियों में गौरव तोमर, शेल्डन जैक्सन, अजीत चंदिला, रजत भाटिया, परविंदर अवाना और पुनीत बिष्ट सहित कई खिलाड़ी इसी दौरान बसों में बैठे रहे। आधे घंटे बाद क्रिकेटर्स निकाले गए बाहर स्थिति अचानक बदलने से कुछ देर के लिए स्टेडियम परिसर में असमंजस की स्थिति बन गई। खिलाड़ी बसों में बैठे रहे और आयोजन से जुड़े अधिकारी स्थिति संभालने में जुट गए। करीब आधे घंटे बाद आयोजकों और सुरक्षा एजेंसी के बीच बातचीत हुई। भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद बाउंसरों ने गेट खोल दिए और खिलाड़ियों की बसें होटल के लिए रवाना हो सकीं। विवाद के बाद क्या बोले अधिकारी? सुरक्षा एजेंसी का दावा- तीन दिन का भुगतान लंबित स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही श्री हंस सिक्योरिटी एजेंसी के सुपरवाइजर कुलदीप सिंह ने बताया कि आयोजन में कुल 82 बाउंसर और 42 सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए थे। उनके अनुसार इन सभी का तीन दिन का भुगतान अभी तक नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि कई बार आयोजकों से भुगतान की मांग की गई, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों ने विरोध का रास्ता चुना। सुपरवाइजर ने चेतावनी दी कि यदि भुगतान नहीं किया गया तो आगे होने वाले मैचों को भी रोका जा सकता है। खेल विभाग बोला- आयोजन निजी एजेंसी का खेल विभाग की उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने कहा कि यह क्रिकेट लीग एक निजी कंपनी द्वारा आयोजित की जा रही है। खेल विभाग की जिम्मेदारी केवल स्टेडियम उपलब्ध कराने तक सीमित है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम का किराया 16 मार्च तक जमा किया गया था। आगे के मैचों के लिए 20 मार्च तक का भुगतान जमा होने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मैच के दौरान कुछ तकनीकी अव्यवस्थाएं भी सामने आईं, जैसे डीजी सेट में तेल न होना। यह आयोजन एजेंसी की लापरवाही का परिणाम है। आयोजकों ने बताया कम्युनिकेशन गैप लीजेंड्स लीग क्रिकेट के को-फाउंडर रमन रहेजा ने कहा कि सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारी उस समय दिल्ली में थे, जिसके कारण भुगतान को लेकर समय पर समन्वय नहीं हो पाया। उन्होंने इसे कम्युनिकेशन गैप बताते हुए कहा कि बाद में बातचीत के जरिए मामला सुलझा लिया गया और सुरक्षा कर्मी दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट आए। रहेजा के अनुसार कर्मचारियों का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा ताकि आगे मैचों के आयोजन में कोई समस्या न आए। —————– ये खबर भी पढ़ें.. ‘क्लाइंट आया है लड़कियां भेज दो, 10K नाइट’:देहरादून में वॉट्सएप चैट से घर पर चल रहा सेक्स रैकेट; मेघालय की 3 युवतियां रेस्क्यू ‘क्लाइंट आया है, लड़कियां भेज दो, 10K नाइट’ जैसे वॉट्सएप चैट से देहरादून में घर से चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। राजस्थानी पार्टनर के साथ महिला यह नेटवर्क चला रही थी। मेघालय की 3 युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें नौकरी के बहाने लाकर जबरन देह व्यापार में धकेला गया था। (पढ़ें पूरी खबर)

शाहरुख खान फिर करेंगे रोमांस, विंटेज लुक में नई फिल्म:किंग के बाद रोमांटिक अंदाज में वापसी, क्लासिक कहानी को मॉडर्न टच के साथ पेश करेंगे

शाहरुख खान फिर करेंगे रोमांस, विंटेज लुक में नई फिल्म:किंग के बाद रोमांटिक अंदाज में वापसी, क्लासिक कहानी को मॉडर्न टच के साथ पेश करेंगे

शाहरुख खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर रोमांस का जादू बिखेरने की तैयारी में हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘किंग’ के बाद किंग खान एक बिग बजट रोमांटिक फिल्म में नजर आ सकते हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म में उनका लुक काफी अलग और विंटेज स्टाइल का होगा, जो दर्शकों के लिए नया अनुभव लेकर आएगा। पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक यह फिल्म क्लासिक लव स्टोरी पर आधारित होगी, जिसमें इमोशंस और पुराने दौर की फीलिंग्स को मॉडर्न टच के साथ पेश किया जाएगा। मेकर्स इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर बनाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि दर्शकों को एक भव्य सिनेमैटिक अनुभव मिल सके। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख इस फिल्म में एक परिपक्व और गहराई वाले किरदार में दिखाई देंगे। उनका यह अवतार उनके पुराने रोमांटिक इमेज की याद दिलाएगा, जिसे दर्शकों ने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘वीर-ज़ारा’ जैसी फिल्मों में खूब पसंद किया था। लंबे समय बाद वे इस जोनर में वापसी कर रहे हैं, जिससे फैंस की उत्सुकता और भी बढ़ गई है। फिल्म की कहानी, डायरेक्टर और बाकी स्टारकास्ट को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इंडस्ट्री में इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मेकर्स इस फिल्म को इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोट करने की योजना बना रहे हैं। गौरतलब है कि शाहरुख खान ने पिछले कुछ सालों में ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी एक्शन फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की है। अब वे फिर से अपने रोमांटिक अंदाज में लौटने वाले हैं, जो उनके करियर की पहचान रहा है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो यह फिल्म आने वाले समय में बॉलीवुड की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। फैंस को अब इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।