हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी:अगले 6 दिन बरसेंगे बादल, आज 5 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी, गर्मी से मिलेगी राहत

हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल जिला लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर आज ताजा हिमपात हो रहा है। अटल टनल रोहतांग समेत शिंकुला दर्रा, रोहतांग पास, कोकसर और लाहौल घाटी में बर्फ के फाहे गिरे। इससे ऊंचे क्षेत्रों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में दोपहर 12 बजे तक चंबा व लाहौल स्पीति में बर्फबारी और कांगड़ा व कुल्लू में बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर भागों में भी आज सुबह से ही मौसम खराब बना हुआ। IMD की माने तो राज्य में अगले छह दिन तक बारिश और बर्फबारी के आसार है। आज भी पांच जिले चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में आंधी व तूफान का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चल सकता है। 6 दिन ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश IMD के अनुसार, अगले छह दिन के दौरान अधिक ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले और मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश के आसार है। बुधवाार की रात को भी लाहौल स्पीति की अधिक ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया। कल जरूर वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। मगर 14 मार्च को यह फिर से स्ट्रॉन्ग होकर बरसेगा। इससे विशेषकर 15 मार्च को पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 16 और 17 मार्च को भी अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार है। बारिश-बर्फबारी के बाद गर्मी से राहत ऊंचे पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के बाद प्रदेशवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। ऊंचे क्षेत्रों में कई जगह रात का तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे लुढ़का है। आने वाले पांच-छह दिनों के दौरान तापमान में और गिरावट आएगी। बीते कल तक प्रदेश के ज्यादातर शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 10 डिग्री तक अधिक चल रहा था। कल्पा का अधिकतम तापमान सामान्य से 9.9 डिग्री ज्यादा के साथ 20.5 डिग्री, शिमला का 7.7 डिग्री ज्यादा के साथ 23.5 डिग्री, सोलन का 7.2 डिग्री ज्यादा के साथ 30.0 डिग्री, धर्मशाला का 7.1 डिग्री के उछाल के साथ 29.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। बीते 24 घंटे के दौरान ऊना का तापमान सर्वाधिक 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मार्च में 100 प्रतिशत कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार- फरवरी माह में सामान्य से 96 प्रतिशत और एक से 11 मार्च तक नॉर्मल से 100 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इससे राज्य में सूखे जैसे हालात पनप रहे हैं। ऐसे में ताजा बारिश-बर्फबारी किसानों-बागवानों के लिए राहत लेकर आएगी। हालांकि, अभी तक अधिक ऊंचे इलाकों में ही हल्की बारिश-बर्फबारी हुई है। मगर अगले चार-पांच दिनों के दौरान पूरे प्रदेश में डेढ़ महीने से चला आ रहा ड्राइ स्पेल टूटने के आसार है।
हरियाणवी सिंगर ने गाया- ऐसी ना थी,जैसी तनै बनाई 'टटीरी':बादशाह का नाम लेकर 'तेरे घर में बहन-बेटी ना' लिरिक्स गाए; सिमरन का न्यू सॉन्ग रिलीज

हरियाणवी लोक गीत ‘टटीरी’ को अब सिंगरों ने नए वर्जन में गाकर बॉलीवुड रैपर बादशाह को जवाब दिया है। यूट्यूब से हटाए गए बादशाह के टटीरी सॉन्ग में उनके साथ काम करने वाली सिमरन जागलान में भी इसे अब नए ढंग में पेश किया है। इस सॉन्ग में सिमरन के साथ उनके पिता कर्मबीर फौजी ने रैप की है। कर्मबीर फौजी ने रैप में कहा- जहां बीरो का शर्माना हो और मर्यादा में गाना हो, न आवै कदे उल्हाना हो, ऐसा मेरा हरियाणा हो। इसके साथ ही कैथल की रहने वाली सिंगर सुदेश ने भी टटीरी के पुराने वर्जन में लिरिक्स जोड़े हैं। उन्होंने बादशाह को संबोधित करते हुए कहा… आज्या तनै बादशाह सुनाऊं रे टरीरी, ऐसी ना थी, जैसी तनै गाई रै टटीरी। बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। रिलीज के बाद से ही हरियाणा के कई सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया था। हरियाणा महिला आयोग ने भी बादशाह को समन भेजकर 13 मार्च को पेश होने के लिए कहा है। कर्मवीर फौजी ने बेटी सिमरन के साथ गाया ‘पानी आली पानी पिया दे’ फेम सिंगर कर्मबीर फौजी ने नए वर्जन में ‘बोली ए टटीरी’ नाम से सॉन्ग रिलीज किया है। इस गीत में उनकी बेटी सिमरन जागलान ने फीमेल वोकल दिया है। सॉन्ग की वीडियो में सिमरन बुजुर्ग महिलाओं के बीच बैठकर हरियाणवी अंदाज में गीत गाती नजर आ रही है। महिलाओं भी गीत सुनकर तालियां बजाती दिख रही है। इसमें कर्मबीर ने रैप करते हुए कहा…’जहां बीरो का शर्माना हो और मर्यादा में गाना हो, न आवै कदे उल्हाना हो, ऐसा मेरा हरियाणा हो।’ सॉन्ग के दूसरे हाफ में कर्मबीर ने एक अन्य रैप की, जिसमें लड़कियों को स्पोर्ट्स के प्रति रूचि लेते हुए दिखाया गया है। यूट्यूब पर इस सॉन्ग पर अब तक करीब एक लाख व्यूज आ चुके हैं। कैथल की सुदेश ने गाया ‘असली टटीरी’ क्यूट रोहिल्ला यूट्यूब चैनल पर 9 मार्च को असली टटीरी नाम से सॉन्ग रिलीज हुआ। इसे कैथल की रहने वाली सुदेश ने फीमेल वोकल दी है। इस गीत में सीधे तौर पर बादशाह को संबोधित करते हुए कहा गया है कि वह टटीरी गीत को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। सॉन्ग के लिरिक्स है- ”आज्या तनै बादशाह सुनाऊं रे टरीरी, ऐसी ना थी जैसी तनै बनाई रे टटीरी। गंदा गाकै पेश करया क्यू आई तनै काण ना, गलत बौलै धी बेटी नै, के तेर घर मै भाण ना, गाने मैं गंदगीं मचाई रे भतेरी।” अब पढ़िए असली टटीरी का हिंदी अर्थ कैथल के रहने वाले संदीप ने इस गीत को लिखा है। सॉन्ग में सुदेश कहती हैं कि वह बादशाह को असली टटीरी गीत सुनाना चाहती हैं और यह बताना चाहती हैं कि इस लोकगीत का स्वरूप वैसा नहीं था जैसा उसे रैप में पेश किया गया। गीत में यह भी कहा गया है कि गंदे शब्दों का इस्तेमाल कर लोकगीत की मर्यादा को ठेस पहुंचाई गई है। इसके अलावा गायक बादशाह को सलाह देती है कि न तो गंदे सॉन्ग गाने चाहिए और न ही अश्लील नृत्य करना चाहिए। आखिरी पंक्ति में सुदेश हाथ जोड़कर अपनी बात मानने की अपील करती हैं। यूट्यूब पर इस सॉन्ग पर अब तक करीब ढाई लाख व्यूज आ चुके हैं। अब पढ़िए क्या टटीरा सॉन्ग का विवाद हरियाणवी लोकगीत टटीरी को बादशाह ने नए रैप वर्जन में रिलीज किया था। रिलीज होने के बाद से ही उन पर अश्लील शब्दों और दृश्य दिखाने के आरोप लगे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस सॉन्ग का बॉयकाट शुरू हो गया। विरोध बढ़ने के बाद रैप वर्जन को कई प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, लेकिन उसी विवाद के बाद अब कई कलाकार टटीरी गीत को अपने-अपने अंदाज में गाकर रिलीज कर रहे हैं। बादशाह को पानीपत SC ऑफिस बुलाया सॉन्ग पर हुई कंट्रोवर्सी के बाद बादशाह की ओर से मांगी गई माफी से हरियाणा महिला आयोग संतुष्ट नहीं है। गाने में आपत्तिजनक शब्दों और लड़कियों के सीन दिखाने पर आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा- सिंगर को समन भेजा गया है। 13 मार्च को उन्हें पानीपत एसपी ऑफिस में बुलाया है। रेनू भाटिया ने एक प्रोग्राम में कहा था कि सिंगर को महिला आयोग के सामने पेश होना ही होगा, वरना हरियाणा में उसके गाने नहीं चलने दिए जाएंगे। इससे पहले बादशाह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी माफी मांगी थी और कहा था कि हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर देना। —————– यह खबर भी पढ़िए… रैपर बादशाह पर FIR, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित: हरियाणा पुलिस बोली- लुक आउट सर्कुलर जारी होगा; सिंगर बोले- बेटा समझकर माफ कर दो बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं साथ ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी कहा है कि इस गाने पर रील बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)
जरूरत की खबर- आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं:रेगुलर करें ये 8 आई एक्सरसाइज, डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, न करें 8 गलतियां

मौजूदा वक्त में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ये चीजें जिंदगी में इस कदर हावी हो गई हैं कि हम अपनी नींद भी पूरी नहीं कर पाते हैं। इसका सीधा असर आंखों पर पड़ता है। नतीजतन आंखों की रोशनी कम हो रही है। उम्र के साथ नजर कमजोर होना कॉमन है, लेकिन बच्चों और युवाओं में ये समस्या चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आंखों की रोशनी फिर से बढ़ सकती है। क्या इसका कोई नेचुरल तरीका हो सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में ‘विजन हेल्थ’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. दिग्विजय सिंह, कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- उम्र के साथ स्वाभाविक ढंग से आंखों की रोशनी कम होती है। लेकिन क्या उम्र के अलावा खराब लाइफस्टाइल और आदतों से भी आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है? जवाब- एजिंग के अलावा खराब लाइफस्टाइल भी आंखों की रोशनी को प्रभावित करती है। जैसेकि– इन सभी खराब आदतों के कारण नजरें कमजोर हो सकती हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या आंखों की रोशनी बढ़ाई भी जा सकती है? जवाब- आंखों की रोशनी पूरी तरह बढ़ाना संभव नहीं है, लेकिन इसे बेहतर किया जा सकता है। हेल्दी और संतुलित डाइट आंखों को सपोर्ट करती है। साथ सही लाइफस्टाइल से आंखों की रोशनी को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है। सवाल- आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना सबसे जरूरी है, जैसेकि- सवाल- आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए कौन-सी एक्सरसाइज करनी चाहिए? जवाब- आंखों की एक्सरसाइज करने से आई-मसल्स रिलैक्स होती हैं और तनाव कम होता है। हालांकि, एक्सरसाइज से आंखों की रोशनी पूरी तरह नहीं लौटती, लेकिन आई स्ट्रेन और थकान जरूर कम होती है। सभी एक्सरसाइज ग्राफिक में देखिए- सवाल- आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हमारी डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- आई हेल्थ के लिए विटामिन A, C, E, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड बेहद महत्वपूर्ण हैं। डिटेल पॉइंटर्स से समझें- डिटेल फूड चार्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन विटामिन्स की कमी से आंखों की रोशनी कमजोर होती है? उन विटामिन्स को फूड में कैसे शामिल करें? जवाब- इसके लिए कई विटामिन जरूरी होते हैं- सवाल- क्या आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट्स लेना सही है? जवाब- अगर डाइट संतुलित है, तो आमतौर पर सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती है। कुछ मामलों में डॉक्टर विटामिन और मिनरल्स के लिए सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन याद रखें– सवाल- आंखों को हेल्दी रखने के लिए फूड के अलावा लाइफस्टाइल में और कौन से बदलाव करने चाहिए? क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में ये जरूरी बदलाव करें- ग्राफिक में देखिए, किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए- आंखों की रोशनी से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब सवाल- किन बीमारियों के कारण आई-साइट कमजोर हो सकती है? जवाब- डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से आंखों की नर्व्स और रेटिना को नुकसान हो सकता है। इन बीमारियों में समय पर इलाज और नियमित आई-चेकअप न हो तो नजर कमजोर हो सकती है। सवाल- क्या चश्मा लगाने से आंखें ज्यादा कमजोर होती हैं? जवाब- चश्मा लगाने से आंखें कमजोर नहीं होतीं, बल्कि साफ देखने में मदद मिलती है। गलत नंबर का चश्मा या जरूरत होने पर भी चश्मा न पहनने से आंखों पर ज्यादा जोर पड़ता है। इससे आंखें कमजोर हो सकती हैं। सवाल- क्या कॉन्टेक्ट लेंस लगाने से नजर कमजोर हो सकती है? जवाब- आमतौर पर कॉन्टेक्ट लेंस चश्मे की तरह साफ देखने में मदद करते हैं। लेकिन अगर लेंस साफ न रखा जाए तो आंखों में इन्फेक्शन और जलन का कारण बन सकता है। सवाल- क्या जेनेटिक कारणों से नजर कमजोर हो सकती है? जवाब- ग्लूकोमा या मैक्युलर डिजेनरेशन जैसी समस्याएं जेनेटिक हो सकती हैं। इसलिए अगर परिवार में किसी को ऐसी समस्या है, तो नियमित आई-चेकअप जरूरी है। ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- क्या है ‘EAT लैंसेट’ डाइट: किडनी डिजीज का रिस्क कम करने में मददगार, 9 हेल्थ बेनिफिट्स, जानें किन्हें नहीं खाना चाहिए कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, ये डाइट क्रॉनिक किडनी डिजीज के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकती है। भारत में हार्ट डिजीज के बाद क्रॉनिक किडनी डिजीज दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है। हेल्थ जर्नल ‘द लैंसेट’ में पब्लिश एक ग्लोबल स्टडी के मुताबिक, साल 2023 में भारत में करीब 13.8 करोड़ लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे। आगे पढ़िए…
श्रमिक प्रसूति सहायता योजना भुगतान में लापरवाही:तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों की 10 दिन की सैलरी काटी, सुधार न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

प्रसूता महिलाओं को मिलने वाली सरकारी योजनाओं के भुगतान में देरी स्वास्थ्य कर्मचारियों को महंगी पड़ गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना की राशि समय पर जारी नहीं करने पर तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन कर्मचारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में हितग्राहियों का भुगतान अब भी लंबित है। इसके बाद विभाग ने तीनों कर्मचारियों के 10 दिन का वेतन काटते हुए चेतावनी दी है कि कार्य में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रीवा और सीधी जिले के कर्मचारियों पर कार्रवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक ने रीवा और सीधी जिले के तीन स्वास्थ्य कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की है। इनमें विकासखंड हनुमना (मऊगंज), जिला रीवा के विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह, विकासखंड सिहावल, जिला सीधी के विकासखंड लेखा प्रबंधक रोहित सिंह और जिला अस्पताल सीधी के लेखा प्रबंधक अरुण सिंह शामिल हैं। इन कर्मचारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के भुगतान में अनावश्यक देरी और कार्य के प्रति उदासीनता के कारण पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद भी लंबित रहे कई भुगतान स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी कई प्रसूताओं को मिलने वाली योजनाओं की राशि लंबित पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि नोटिस जारी होने की तारीख से लेकर अब तक बड़ी संख्या में जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के हितग्राहियों को भुगतान नहीं किया गया। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। 10 दिन का वेतन काटा, दी चेतावनी कार्य में लापरवाही और राज्य कार्यालय के आदेशों की लगातार अनदेखी करने पर स्वास्थ्य विभाग ने तीनों कर्मचारियों पर अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई के तहत उनके 10 दिन का वेतन काटा गया है। साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि लंबित भुगतान जल्द से जल्द निपटाएं। सरकार की प्राथमिकता है समय पर भुगतान स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का उद्देश्य प्रसूता महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि उन्हें प्रसव के समय बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सरकार की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को समय पर मिले। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पनीर सलाद रेसिपी: मिनट में निश्चित हरे मटर और पनीर वाला हाई प्रोटिन क्यूज़, वेट लॉस के लिए है परफेक्ट बॅट रेसिपी

11 मार्च 2026 को 23:53 IST पर अपडेट किया गया हाई प्रोटीन सलाद रेसिपी: अगर आप भी क्लासिक और झटपट बनने वाली रेसिपी ढूंढ रहे हैं, तो पनीर और हरे मटर का यह व्यंजन जरूर बना सकते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। (टैग्सटूट्रांसलेट)हाई प्रोटीन सलाद(टी)सलाद रेसिपी(टी)पनीर सलाद(टी)पनीर सलाद कैसे बनाएं(टी)हरे मटर-पनीर की रेसिपी(टी)मटर सलाद रेसिपी(टी)वजन घटाने वाला आहार(टी)स्वस्थ आहार(टी)आहार युक्तियाँ
रसोई गैस संकट: रसोई गैस संकट के बीच अचल में विस्थापित चूल्हे की बिक्री में उछाल, जानिए क्या है कीमत? कैसे उपयोग किया जाता है

स्टोव चूल्हे में कैसे प्रयोग किया जाता है? | छवि: फ्रीपिक भारत में प्रेरण मूल्य: पिछले कुछ दिनों में 30 दिनों में 300 एकड़ (100 किमी) की बढ़ोतरी हुई है। 7 मार्च 2026 से घरेलू 14.2 किलों के जोड़े की कीमत 60 रुपये बढ़ गई है। अब दिल्ली में घरेलू प्रोजेक्ट 913 रुपये का हो गया है, जो पहले 853 रुपये था। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये तक पहुंच गई है। घरेलू साजिद ही नहीं, बल्कि सिर्फ साजिद के दाम भी करीब 115 रुपए तक बढ़ गए हैं। दिल्ली में अब यह करीब 1,883 रुपये का मिल रहा है। मीडिया के सिद्धांतकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और गैस की कमी के कारण गैस में तेजी आई है। कई शहरों में तो मीटिंग में भी देरी हो रही है और लोगों को 25 से 30 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसी वजह से अब लोग गैस की तलाश कर रहे हैं और घरों में एक जैसे चूल्हे की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन-इन-साहित्य चूल्हे की बिक्री में उछाल गैस संकट के बाद विशेष चूल्हों की बिक्री में बड़ा उछाल देखा गया। खासकर कोलकाता में इसकी बिक्री करीब तीन गुना तक बढ़ गई है। वहीं क्विक कॉमर्स ऐप्स और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर एलाइक्स की सेल में 10 गुना तक बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं। लोग गैस के फीचर्स से बचने के लिए लाइक में विकल्प अच्छा मान रहे हैं। अमेज़ॅन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर सिंगल चूल्हों पर कई ऑफर भी दिए जा रहे हैं। इन एसेट चूल्हे की कीमत कितनी है? मार्च 2026 के खाते से बाजार में अलग-अलग बजट के अलग-अलग चूल्हे उपलब्ध हैं। लाइफलॉन्ग और कैडलेक के मॉडल करीब 1,099 से 1,299 रुपये में मिल रहे हैं। बजाज और पिजन के 1800-2000 वोट वाले की कीमत 1,700 से 2,000 रुपये तक मिल जाती है। वहीं प्रेस्टीज और फिलिप्स के शानदार मॉडल 3,000 से 4,000 रुपये तक के हैं। निजीकरण पर भी 1,800 से 3,500 रुपये तक के एक लाख रुपये तक के चूल्हे उपलब्ध हैं। कई जगहों पर एलेक्जेंड्रा की लिस्टिंग भी दी जा रही है, शुरुआती किस्ट करीब 800 से 1,000 रुपये तक हो सकती है। इन सामानों में चूल्हे के दाम क्या हैं? गैस संकट के बाद की मांग निश्चित रूप से अच्छी है, लेकिन जिले में गैस संकट के कारण ज्यादा बदलाव नहीं हुए हैं। कुछ मॉडलों पर तो 100 से 200 रुपए तक की छूट भी मिल रही है। हालाँकि अगर गैस संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो प्लांट सब्ज़ी होने की वजह से दाम बढ़ सकते हैं। इन इनोवेटिव चूल्हा क्यों अच्छा है? इन जैसे चूल्हे में कई लोग गैस का विकल्प मानते हैं। इसके कई फायदे हैं। गैस की जरूरत नहीं है। खाना जल्दी पकता है। रसोई सबसे सुरक्षित रहती है। बिजली सेवा का उपयोग इसलिए आसान है। तापमान को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। एक्वेरियम में चूल्हा का उपयोग कैसे किया जाता है? इनसाइड का इस्तेमाल करना बहुत आसान होता है। सबसे पहले समुद्र तट पर स्थित स्थानों पर। इसे बिजली के उपकरण से कनेक्ट करें। इन लाइक्स के ऊपर सही पॉच स्थान। अब पावर ऑन करके कुकिंग मूड या तापमान सेट करें। कुछ ही मिनटों में खाना पकाना शुरू हो जाएगा। इन अलॉट में कौन-से पॉट का उपयोग किया जाता है? इन दस्तावेजों में हर तरह के पेस्ट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए खास तरह के पॉश्चर होने चाहिए। इन दस्तावेजों के लिए सही पॉश्चर कौन से हैं? कैसल स्टील के पॉट, कास्ट आयरन यानी आयरन की कढ़ी या तवा और बेस वाले कुकर और पैन में इस्तेमाल करना सही होता है। किन पोल्ट्री का उपयोग अन्य चूल्हे में नहीं किया जाना चाहिए? इन चूल्हे में एल्युमीनियम के पोर्शनल पॉइचर, कांच के पोर और मिट्टी के प्वॉइंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि पोर के नीचे मैग्नेट छिपा हुआ है, तो वह आसानी से काम ढूंढ लेता है। यदि आप पेट्रोलियम गैसों और नाटकों की कमी से परेशान हैं, तो सिलेंडर चूल्हा में आपके लिए एक अच्छा वैकल्पिक प्रस्ताव हो सकता है। यह भी सुरक्षित है और रसोई का खर्च भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि सरकार गैस की परमाणु ऊर्जा बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कार्यशाला चूल्हा में कई घरों में एक कंसॉलिडेशन असोसिएशन बनाया जा रहा है। यह अवश्य पढ़ें: लंच बॉक्स रेसिपी: बच्चों के टिफिन की क्या है खासियत? मिनटों में बनाएं ये 3 तरह के आसान व्यंजन, सेहत को भी नहीं होगा नुकसान
घंटों फंसी रही बराता, एम्बुलेंस और वाहन:मुरैना में नेशनल हाईवे, ओवरब्रिज बाइपास पर जाम; लोग होते रहे परेशान

शहर में आज शाम करीब 8 बजे के बाद कई प्रमुख सड़कों पर भीषण जाम लग गया। जौरा रोड नेशनल हाईवे-552, बैरियल चौराहा नेशनल हाईवे-44, ऋषिगावल रोड, अंबाह ओवरब्रिज, बायपास और अन्य मार्गों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम के कारण एम्बुलेंस और बारातें भी रास्ते में अटक गईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जौरा रोड पर जाम के दौरान दो मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी लंबे समय तक फंसी रही। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि जाम में फंसे लोगों ने खुद ही सड़कों पर उतरकर धीरे-धीरे यातायात को व्यवस्थित किया, तब जाकर रास्ता खुल सका। शादी समारोहों के कारण बढ़ी भीड़ बताया जा रहा है कि 11 मार्च को शहर में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। बारातों और निजी वाहनों की भीड़ के चलते कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल महापुर रोड निवासी रेनू तोमर ने बताया कि वह एक शादी में शामिल होने बाइक से जौरा रोड जा रहे थे। वहां दोनों ओर लंबा जाम लगा था। ऋषिगावल रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। उन्होंने बताया कि जाम में एम्बुलेंस भी मरीजों के साथ खड़ी रही, लेकिन कहीं भी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि जब शहर में अधिक शादियां होती हैं तो पुलिस को पहले से यातायात व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली। घंटों बाद स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे जाम खुल सका।
भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात करीब 9 बजे के बाद अचानक जाम के हालात बन गए। दबोहा पुलिया के पास करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम में एंबुलेंस तक के फंसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात दबोहा पुलिया के पास यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई। रात करीब 9 बजे के बाद यहां धीरे-धीरे वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हुई और कुछ ही देर में जाम करीब दो किलोमीटर तक फैल गया। जाम में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन फंस गए, जिससे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक शास्त्री कॉलोनी से लेकर दबोहा पुलिया तक करीब एक दर्जन मैरिज गार्डन स्थित हैं। इन दिनों शादी समारोहों का सीजन चल रहा है, जिसके चलते लगातार बारातें निकल रही हैं। बारातों के दौरान सड़क पर डीजे, बैंड और नाचते बारातियों के कारण यातायात रुक-रुक कर चलता रहा, जिससे जाम की स्थिति बन गई। नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर रोजाना भारी वाहनों का भी अधिक दबाव रहता है। ऐसे में जब एक साथ कई बारातें सड़क पर निकलती हैं तो यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे मरीजों को ले जा रहे परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के सीजन में इस क्षेत्र में हर साल इसी तरह के हालात बनते हैं। हाईवे के किनारे कई मैरिज गार्डन होने के कारण बारातें सीधे सड़क पर निकलती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
कटनी में ट्रक घर में घुसा:बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त; कोई घायल नहीं, ड्राइवर नशे में धुत था

कटनी के कैमोर-मैहर मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसीसी कॉलोनी के पास संडे मार्केट इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर सीधे एक घर में जा घुसा और पलट गया। इस टक्कर से मकान की बाउंड्री वॉल पूरी तरह टूट गई। राहत की बात यह रही कि जिस वक्त ट्रक घर की दीवार तोड़कर अंदर घुसा, वहां कोई मौजूद नहीं था। अगर उस हिस्से में कोई होता, तो बड़ी जानहानि हो सकती थी। हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। नशे में धुत था ड्राइवर वहां मौजूद लोगों ने ट्रक के केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि ड्राइवर शराब के नशे में बुरी तरह धुत था और इसी वजह से वह ट्रक पर कंट्रोल नहीं रख पाया। ट्रक की रफ्तार भी बहुत ज्यादा थी। लोगों में नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी हादसे के बाद इलाके के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना है कि इस रोड पर ओवरलोड गाड़ियां बहुत तेज चलती हैं, जिससे हमेशा डर बना रहता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर नशेड़ी ड्राइवरों और बेलगाम गाड़ियों पर जल्द ही रोक नहीं लगाई गई, तो वे चक्काजाम और आंदोलन करेंगे।
कम बजट में हॉलिडे ट्रिप: भारत की 4 जगहों पर एक साथ हैं पहाड़ और समुद्र, बच्चों की इन जगहों पर दोस्तों के बीच की यात्रा

बीच और पहाड़ एक साथ | छवि: फ्रीइक/एआई किसी को पर्वत में घूमना पसंद होता है तो किसी को समुद्र तट पर जाना अच्छा लगता है। कोई भी हिल स्टेशन के वैज्ञानिक वैज्ञानिक परम सत्य की तलाश में हैं, तो कोई बीच पर लहरों और सेट का मजा लेना चाहता है। वहीं बच्चों की छुट्टियां शुरू होने के साथ ही ज्यादातर लोग जगह-जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं। लेकिन कई बार बजट की वजह से यात्रा टालनी बंद हो जाती है। अगर आप भी कम खर्च में शानदार फैमिली ट्रिप करना चाहते हैं तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आपको पहाड़ और समुद्र दोनों की खूबसूरती एक साथ देखने को मिल सकती है। ये जगहें न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि यहां घूमना बेहद कीमती भी नहीं है। तो जानिए ऐसी 4 शानदार जगहों के बारे में जहां आप बच्चों के साथ कर सकते हैं मजेदार छुट्टियां। कानाकोना (गोवा) दक्षिण गोवा में कैनाकोना एक बेहद खूबसूरत जगह है। यहां आपको कई शानदार समुद्री तट के नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो हरे-भरे पहाड़ों से दिखते हैं। यहां के प्रसिद्ध समुद्र तटों में एगोंडा बीच, बटरफ्लाई बीच और पालोलेम बीच जैसे शानदार समुद्री तट शामिल हैं। इन बीचों-बीच एक तरफ सुनहरी रेत और ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ नजर आते हैं, जबकि दूसरी तरफ विशाल समुद्र और आसपास के पहाड़ियां नजर आती हैं। यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। सिर्फ पार्टी के लिए जाना ही नहीं, बल्कि फैमिली ट्रिप के लिए भी शानदार जगह है। यहां एक तरफ अरब सागर का नीला पानी और दूसरी तरफ पश्चिमी घाट के हरे-भरे पहाड़ देखने को मिलते हैं। यहां आप बच्चों के साथ बीच पर खेल सकते हैं, बोटिंग कर सकते हैं और वॉटर स्पोर्ट्स का मजा ले सकते हैं। अगर ऑफिस में जाएं तो होटल और खाने का खर्च भी काफी कम हो जाता है। गोवा में आप बीच पर सनसेट देख सकते हैं। इसके अलावा डॉल्फिन बोट राइड भी कर सकते हैं। फोर्ट और चर्च घूमने को भी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। गोकर्ण (कर्नाटक) अगर आप ऐसी सुंदरता चाहते हैं लेकिन कम भीड़ और कम खर्च में हैं, तो गोकर्ण एक बेहतरीन पद है। यहां समुद्र किनारे किनारे का नजारा बेहद शानदार नजर आता है। यह जगह काफी शांत है, इसलिए परिवार के साथ सार्वभौम से आश्रम के लिए आदर्श मणि मिलती है। यह जगह खूबसूरत समुद्र तट और सुंदरता के लिए जानी जाती है। यहां ओम बीच, कुडले बीच, पैराडाइज बीच, निर्वाण बीच और हाफ मून बीच जैसे कुछ एकांत समुद्र तट हैं। यदि आप भीड़भाड़ वाली जगह से दूर शांत और शानदार भारी जगह पर किराये पर जाना चाहते हैं, तो शानदार पद के लिए गोकर्ण प्राप्त करें। इन समुद्री तटों के साथ-साथ यहां के चट्टानी घाट, पहाड़ और जंगल ट्रैकिंग के लिए भी काफी मशहूर हैं। यारदा बीच (आंध्र प्रदेश) यारदा बीच आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से करीब 15 किमी दूर स्थित है। यह बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी तट पर एक बेहद खूबसूरत और शांत समुद्र तट मौजूद है। इस बीच की खास बात यह है कि इसे तीन तरफ से खींचा गया है, जहां से यहां का नजारा और भी शानदार दिखता है। समुद्र तट से करीब 3 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी है जिसे डॉल्फिन नोज कहा जाता है। यह पहाड़ी दृश्य बिल्कुल डॉल्फिन की नाक जैसा दिखता है और यहां से समुद्र का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखता है। एलीफैंट बीच (अंडमान) अंडमान के हैवलोक द्वीप एलीफ बीच पर किसी ड्रीम की जगह पर स्थित है जैसा प्रतीत होता है। यह सफेद रेत वाला बेहद खूबसूरत समुद्री तट है, जो चारों तरफ से घने जंगलों, प्राकृतिक सुंदरता और हरे-भरे पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां तक पहुंचने के लिए पर्यटक नाव से जा सकते हैं या फिर जंगल के बीच से पैदल यात्रा करके भी पहुंच सकते हैं। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक प्राकृतिक दृश्य बेहद आकर्षित करता है। ट्रिप प्लान का समय बताते रहें ये बातें पहले से होटल और टिकट बुक कर लें। ऑफ सीजन में यात्रा करें तो खर्चा कम होगा। लोकोमोटिव फर्नीचर और लोकोमोटिव ऑटोमोबाइल का उपयोग किया जाता है। बच्चों के लिए आकर्षक और आरामदायक प्लान। अगर आप पहाड़ों और समुद्र दोनों का मजा एक साथ लेना चाहते हैं, तो भारत की ये जगहें आपके लिए प्रभावित हैं। यहां की प्राकृतिक, प्राकृतिक और शांत वातावरण आपके तटों को यादगार बना देंगे। यह अवश्य पढ़ें: मार्च 2026 अवकाश पारिवारिक यात्रा: विदेश की उड़ान कैंसिल हो गई? तो बच्चों की परीक्षा समाप्त होने के बाद यहाँ भ्रमण, युद्ध का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा (टैग्सटूट्रांसलेट) समुद्रतट और पहाड़(टी)समुद्र तट यात्रा(टी)भारत में घूमने के लिए सर्वोत्तम स्थान(टी)भारत में सर्वश्रेष्ठ समुद्र तट स्थान(टी)भारत में सर्वश्रेष्ठ पर्वतीय स्थान(टी)बजट अनुकूल यात्रा(टी)पॉकेट फ्रेंडली यात्रा(टी)परिवार यात्रा विचार(टी)कम बजट में घूमने के लिए सर्वोत्तम स्थान







