Monday, 19 Oct 2026 | 08:06 PM

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अमेरिका-ईरान जंग से आज सोने में ₹5,000 की तेजी:ये ₹1.67 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी ₹8500 बढ़कर ₹2.91 लाख पर कारोबार कर रही

अमेरिका-ईरान जंग से आज सोने में ₹5,000 की तेजी:ये ₹1.67 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी ₹8500 बढ़कर ₹2.91 लाख पर कारोबार कर रही

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते गोल्ड और सिल्वर मार्केट में तेजी है। वायदा बाजार (MCX) में सोने का दाम करीब 5 हजार रुपए चढ़कर 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी के भाव में 8,500 रुपए का इजाफा हुआ है और वह 2.91 लाख रुपए/किलो पर कारोबार कर रही है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना 1.90 लाख रुपए तक जा सकता है। चांदी 3.50 लाख तक पहुंच सकती है। इधर, सर्राफा बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1.70 लाख रुपए पर पहुंच गई है। युद्ध जैसे अनिश्चित माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित मानते हैं और इसमें पैसा लगाने लगते हैं। इससे इसकी डिमांड बढ़ती है और ये महंगे होने लगते हैं। सोने-चांदी के दाम बढ़ने के 3 मुख्य कारण सोना इस साल ₹34,000 और चांदी ₹36,000 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.67 लाख रुपए पर पहुंच गया है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 34 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 61 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

प्रीमियर लीग फुटबॉल- आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हराया:पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा; ब्रूनो फर्नाडेंज के गोल से मैनचेस्टर यूनाइटेड भी जीता

प्रीमियर लीग फुटबॉल- आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हराया:पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचा; ब्रूनो फर्नाडेंज के गोल से मैनचेस्टर यूनाइटेड भी जीता

इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) में खिताबी जंग अब और रोमांचक हो गई है। रविवार को एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज ‘लंदन डर्बी’ में टेबल टॉपर आर्सनल ने चेल्सी को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर अपनी पोजिशन स्ट्रॉन्ग भी कर ली। मैनचेस्टर सिटी 59 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, एक अन्य मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने क्रिस्टल पैलेस पर रोमांचक जीत दर्ज कर तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। टीम से ब्रूनो फर्नांडेज ने बेहतरीन गोल दागा। आर्सेनल vs चेल्सी पूरे मैच में आर्सेनल का दबदबा रहा और दिलचस्प बात यह रही कि मैच के तीनों गोल कॉर्नर के जरिए ही आए। चेल्सी को भारी पड़ी रेड कार्ड की मार मैच के आखिर में चेल्सी के पेड्रो नेटो को अंपायर से बहस और फाउल के कारण दूसरा यलो कार्ड मिला। 2 यलो कार्ड के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे टीम को 10 खिलाड़ियों से ही मैच खेलना पड़ा। चेल्सी फिलहाल 45 पॉइंट्स के साथ छठे नंबर पर है। यूनाइटेड की ‘कमबैक’ जीत ओल्ड ट्रैफर्ड में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए क्रिस्टल पैलेस को 2-1 से हरा दिया।

ईरान के खमेनेई की हत्या ने भारत में राजनीतिक तूफान क्यों पैदा कर दिया है? राजनीति समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-510 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 08:28 IST केरल, असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव और बाद में गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रमुख चुनावों के साथ, कांग्रेस मुस्लिम मतदाता आधार को मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की फाइल फोटो। (छवि: एएफपी फ़ाइल) मध्य पूर्व में युद्ध ने भारत में एक नई राजनीतिक लड़ाई शुरू कर दी है, जिससे ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका-इज़राइल हवाई हमले पर सरकार के खिलाफ विपक्ष खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया है और संकट पर सरकार की प्रतिक्रिया की तीखी आलोचना की है। अपने बयान में, पार्टी ने कहा कि वह “सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान के लोगों और दुनिया भर में शिया समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है,” यह कहते हुए कि वह इस गहन दुख के क्षण के दौरान उनके साथ एकजुटता से खड़ी है। कांग्रेस ने सरकार पर भारत के नेहरूवादी विदेश नीति सिद्धांतों को छोड़ने का भी आरोप लगाया, और हमले को भारत के लंबे समय से चले आ रहे गुटनिरपेक्ष और शांति-उन्मुख रुख का उल्लंघन बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी इस निंदा को दोहराया है। कश्मीर के कुछ हिस्सों से ईरान के नेतृत्व के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की खबरें पहले ही आ चुकी हैं। भारत में राजनीतिक तूफान: क्यों? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया चुनावी विचारों से भी प्रभावित होती है। ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी शिया आबादी है, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत नागरिक हैं। भारत में, शिया मुस्लिम आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और उत्तर प्रदेश, गुजरात, जम्मू और कश्मीर और अन्य जैसे प्रमुख राज्यों में केंद्रित हैं। केरल, असम और पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण चुनाव और बाद में गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रमुख चुनावों के साथ, कांग्रेस इस मतदाता आधार को मजबूत करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही है। यह मुद्दा पार्टी को गाजा में इज़राइल की कार्रवाइयों के पहले विरोध के बाद, इज़राइल की अपनी आलोचना को दोहराने का अवसर भी देता है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहले संसद में गाजा समर्थक बैग ले जाकर ध्यान आकर्षित किया था। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने खड़े होने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने की कोशिश की है। पार्टी ने इस मुद्दे को अमेरिका-भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ता से जोड़ा है और प्रधान मंत्री की इज़राइल यात्रा के समय पर सवाल उठाया है, यह सुझाव देते हुए कि संघर्ष जल्द ही बढ़ गया है। जैसा कि दुनिया मध्य पूर्व संघर्ष को बढ़ती चिंता के साथ देख रही है, भारत खुद को आगामी राज्य चुनावों से पहले एक राजनीतिक टकराव के बीच में पाता है, जिसमें निकट भविष्य में किसी भी संघर्ष के कम होने के कम संकेत हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 02, 2026, 08:27 IST समाचार राजनीति ईरान के खमेनेई की हत्या ने भारत में राजनीतिक तूफान क्यों खड़ा कर दिया है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत मध्य पूर्व संघर्ष(टी)भारत ईरान संबंध(टी)कांग्रेस आलोचना सरकार(टी)अमेरिका इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले(टी)भारतीय विदेश नीति(टी)शिया आबादी भारत(टी)राजनीतिक लड़ाई चुनाव(टी)विपक्षी प्रतिक्रिया मध्य पूर्व

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर मांगे पौधे:विदिशा में मनाएंगे जन्मोत्सव, अखंड रामायण और होली मिलन समारोह भी होगा

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर मांगे पौधे:विदिशा में मनाएंगे जन्मोत्सव, अखंड रामायण और होली मिलन समारोह भी होगा

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 5 मार्च को अपना जन्मदिन विदिशा के रंगई स्थित बाड़ वाले गणेश मंदिर में मनाएंगे। इस मौके पर मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस बार उनका जन्मदिन होली के त्योहार के साथ पड़ रहा है। इसलिए आयोजन समिति ने होली मिलन समारोह भी रखा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें कार्यकर्ता, समर्थक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम लोग शामिल होंगे। समर्थकों से कहा- पौधा भेंट करें जन्मदिन से पहले शिवराज सिंह चौहान ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए समर्थकों से खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके जन्मदिन पर शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह या अन्य उपहार न लाए जाएं। अगर कोई उन्हें शुभकामनाएं देना चाहता है तो एक पौधा लगाए, उसकी फोटो साझा करे या उन्हें पौधा भेंट करे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जीवन का हर पल उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण उनका संकल्प है और वे खुद रोज पौधरोपण करते हैं। उन्होंने जन्मदिन को सादगी से मनाने और दिखावे से बचने की बात कही है। जन्मदिन को लेकर समर्थकों में उत्साह है। वहीं, पौधा लगाने की अपील से यह कार्यक्रम सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा।

अरिजीत सिंह गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे:सिंगर के पिता ने बताया कि लाहौर से उनका सिख परिवार बंगाल में कैसे बस गया?

अरिजीत सिंह गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे:सिंगर के पिता ने बताया कि लाहौर से उनका सिख परिवार बंगाल में कैसे बस गया?

सिंगर अरिजीत सिंह के पिता सुरिंदर सिंह ने हाल ही में बताया कि विभाजन के बाद उनका सिख परिवार लाहौर से पश्चिम बंगाल के जियागंज आकर बस गया। उन्होंने यह भी कहा कि अरिजीत बचपन में गुरुद्वारे में कीर्तन गाते थे। द टेलीग्राफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उनके पिता सुरिंदर सिंह ने परिवार की पुरानी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि उनका पैतृक घर लाहौर के पास था। देश के बंटवारे के बाद उनके पिता और तीनों भाई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के ललगोला आ गए थे। उन्होंने कहा, “हमारा पैतृक घर लाहौर के पास था। बंटवारे के बाद मेरे पिता और उनके तीन भाई ललगोला आ गए।” बंटवारे के समय कई परिवारों की तरह उन्हें भी सब कुछ छोड़कर नई जगह से शुरुआत करनी पड़ी। वे कपड़े का कारोबार करते थे। बाद में परिवार मुर्शिदाबाद जिले के छोटे से शहर जियागंज आकर बस गया। सुरिंदर सिंह ने कहा, “वे कपड़े के व्यापारी थे और किसी तरह जियागंज पहुंच गए और नदी के किनारे अपना घर बना लिया।” ललगोला से परिवार धीरे-धीरे जियागंज में बस गया। उनके कुछ रिश्तेदार पंजाबीपाड़ा इलाके में रहने लगे। वहां सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा बनाया। समय के साथ जियागंज सिर्फ रहने की जगह नहीं रहा, बल्कि घर बन गया। अरिजीत सिंह बचपन में घर और मोहल्ले में शोनू नाम से जाने जाते थे। साल 2013 में बड़ी पहचान मिलने के बाद भी उनका रिश्ता इस शहर से जुड़ा रहा। संगीत बचपन से ही उनकी जिंदगी का हिस्सा था। अरिजीत मां के साथ गुरुद्वारे जाया करते थे उनके पिता ने बताया कि वे खास मौकों पर अपनी मां के साथ गुरुद्वारे जाते थे और कीर्तन गाते थे। सुरिंदर सिंह ने बेटे की सफलता पर अपनी भावना भी बताई। उन्होंने कहा, “मजा आता है। मुझे अच्छा लगता है। लोग मुझसे पूछते हैं कि आपका बेटा क्या कर रहा है और उसका अगला प्रोजेक्ट क्या है।” मुंबई में काम करने के बावजूद अरिजीत का मन जियागंज से जुड़ा रहा। उनके पिता ने कहा, “यह बहुत शांत जगह है। मेरा बेटा मुंबई में नहीं रह पाया और वापस आ गया। इस मिट्टी में ऐसा खिंचाव है।” आज भी वे जियागंज से जुड़े हुए हैं। उनके बच्चे यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। वे शहर के स्कूल और दूसरी सुविधाओं के लिए कई चैरिटी प्रोजेक्ट भी चला रहे हैं। 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट का ऐलान किया। इस खबर से उनके फैंस हैरान रह गए। म्यूजिक इंडस्ट्री में भी इस फैसले पर चर्चा शुरू हो गई। इस बीच उनका नया गाना ‘रैना’ रिलीज हुआ है। इस गाने को शेखर रवजियानी ने कंपोज किया है और इसके बोल प्रिया सरैया ने लिखे हैं।

तने से पंखुड़ियों तक, औषधीय गुणों से भरपूर ये फूल, गठिया-बुखार में तुरंत पहुंचाता है राहत

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Last Updated:March 01, 2026, 19:55 IST Sudarshan Flower Benefits: सफेद रंग का ये फूल कोई मामूली चीज नहीं है. ये प्रकृति की वो देन है, जिससे गठिया जैसी बीमारियों के लक्षणों को भी कंट्रोल किया जा सकता है. सुदर्शन फूल आयुर्वेद में मेडिसिन के रूप में सालों से इस्तेमाल होता आया है. यहां आप इसके गुणों और इस्तेमाल के तरीकों को डिटेल में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट प्रकृति की ऐसी कोई चीज नहीं है जिनका मुल्य न हो. फूल जो अपनी सुंदरता और सुगंध के लिए जाने जाते हैं, असल में औषधिय गुणों से भरपूर हो सकते हैं. हालांकि इन पौधों के बारे में लोगों के पास कम ही जानकारी होती है. लेकिन सुदर्शन पौधे के बारे में तो आप जानते ही होंगे. जितना सुंदर सुदर्शन का पौधा दिखने में लगता है, उतना ही चमत्कारी है. सुदर्शन ऐसा पौधा है, जिस पर शंख के समान फूल आते हैं. पौधे के फूल, पत्ती, और जड़ भी गुणों से भरपूर हैं, और सदियों से इसका इस्तेमाल दवा के रूप में आयुर्वेद में होता आया है. आयुर्वेद में सुदर्शन को गर्म तासीर का पौधा माना गया है, लेकिन अगर उसे चिकित्सक की सलाह के बाद इस्तेमाल किया जाए, तो इसके गुणों के जानकर आप हैरान हो जाएंगे. सुदर्शन के पौधे के फायदे महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या आम है. दवा लेने पर भी इस समस्या से छुटकारा नहीं पाया जा सकता है, लेकिन सुदर्शन के तने को दूध में पीसकर अगर लिया जाए तो लिकोरिया जैसी परेशानी से भी निजात पाई जा सकती है. इस परेशानी से महिलाओं में कमर दर्द और कमजोरी होने लगती है. सुदर्शन त्वचा से संबंधित परेशानियों में भी दवा की तरह काम करता है. चर्म रोग से जूझ रहे हैं तो उसकी पत्तियों को पीस कर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है. इसकी पत्तियों के लेप को घाव पर भी लगाया जा सकता है. पत्तियों में मौजूद एंटीबायोटिक गुण घाव को जल्दी भरने में सहायता करते हैं. अगर बार-बार कमजोरी महसूस होने के बाद बुखार आ जाता है, तब भी सुदर्शन के तने का प्रयोग किया जा सकता है. आयुर्वेद में पौधे के तने को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है. हालांकि, काढ़ा का प्रयोग डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें. अगर जोड़ों या मांसपेशियों के दर्द की वजह से चलना-फिरना मुश्किल हो गया है, तब भी सुदर्शन लाभकारी है. गठिया की परेशानी में भी सुदर्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए पौधे की जड़ पीसकर लेप को जोड़ों पर लगाकर सिकाई करें. इससे दर्द में राहत मिलेगी और सूजन में भी आराम मिलेगा. लेकिन ध्यान रखें इसका इस्तेमाल हमेशा एक्सपर्ट से परामर्श के बाद ही करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 01, 2026, 19:55 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल पर उठा सवाल:शोभा डे बोलीं- प्रमोशन में किरदार और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर किया गया पेश

‘धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल पर उठा सवाल:शोभा डे बोलीं- प्रमोशन में किरदार और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर किया गया पेश

राइटर-कॉलमिस्ट शोभा डे ने फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल को लेकर हो रही हाइप पर सवाल उठाया। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उनके रोल और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। शोभा डे ने रेडिफ ओरिजिनल्स पॉडकास्ट में फिल्म के बारे में अपनी राय शेयर करते हुए कहा, “मुझे लगा कि जिस तरह का माहौल बनाया गया, वह थोड़ा मैनिपुलेटिव था। ऐसा दिखाया गया मानो अक्षय खन्ना रणवीर से बड़े स्टार हों और उन्होंने पूरी फिल्म को अपने दम पर संभाल लिया हो। उनके डांस को भी खास तरह से पेश किया गया। हालांकि डांस वाकई शानदार था और वायरल भी हुआ, लेकिन उसे जिस तरह प्रमोट किया गया, वह सोच-समझकर बनाई गई रणनीति जैसा लगा।” वहीं, जब पॉडकास्ट में फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर जब ऋतिक रोशन के बयान का जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें फिल्म पसंद आई, लेकिन वह इसकी राजनीति से सहमत नहीं हैं, शोभा डे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी ने ऋतिक से यह नहीं पूछा था कि वह फिल्म की राजनीति से सहमत हैं या नहीं। उनके मुताबिक, यह उनकी अपनी पसंद थी कि उन्होंने इस पहलू पर टिप्पणी की। शोभा डे ने हल्के अंदाज में कहा कि वह चाहते तो सिर्फ इतना कह सकते थे कि उन्हें फिल्म पसंद आई। राजनीति पर राय देना जरूरी नहीं था। फिल्म को लेकर ऋतिक ने क्या कहा था? बता दें कि ऋतिक ने फिल्म देखने के बाद इंस्टाग्राम पर लिखा था कि उन्हें फिल्म की स्टोरीटेलिंग पसंद आई। उन्होंने कहा था कि वह फिल्म की राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन सिनेमा के स्टूडेंट के तौर पर उन्होंने इससे बहुत कुछ सीखा। ऋतिक ने लिखा, “मुझे सिनेमा पसंद है। मुझे वे लोग पसंद हैं जो कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं। धुरंधर इसका उदाहरण है। मुझे इसकी कहानी कहने का तरीका अच्छा लगा। मैं इसकी राजनीति से सहमत नहीं हूं। फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्होंने एक्स और इंस्टाग्राम पर फिर पोस्ट किया। उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणवीर सिंह की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि फिल्म अभी भी उनके दिमाग में चल रही है। फिल्म धुरंधर 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी। इसमें रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस बने थे। रणवीर के अलावा फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और आर माधवन भी थे। फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस किया था।

अफवाह फैलाने वालों पर होगा एक्शन:मैहर में होली-रमजान पर शांति समिति की बैठक; हुड़दंगियों पर प्रशासन सख्त

अफवाह फैलाने वालों पर होगा एक्शन:मैहर में होली-रमजान पर शांति समिति की बैठक; हुड़दंगियों पर प्रशासन सख्त

मैहर जिले के रामनगर थाने में रविवार शाम होली और रमजान माह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने गणमान्य नागरिकों के साथ त्योहारों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में एसडीएम एसपी मिश्रा, एसडीओपी ख्याति मिश्रा, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, तहसीलदार अनामिका सिंह, नायब तहसीलदार ललित धार्वे, रोशन लाल रावत और नगर परिषद अध्यक्ष दीपा दीपू मिश्रा मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित थे, जिन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर अपने विचार साझा किए। अधिकारियों ने सभी समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और कानून व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, नशाखोरी या हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक जानकारी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के समापन पर, अधिकारियों और समाजसेवियों ने नगरवासियों से होली और रमजान के पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाने का आग्रह किया। उन्होंने एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से खुशियां बांटने की अपील की।

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

फरवरी महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने विदेशी निवेशकों ने ₹22,615 करोड़ के शेयर खरीदे। यह पिछले 17 महीनों में विदेशी निवेश का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में FPIs ने ₹57,724 करोड़ का निवेश किया था। बाजार जानकारों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील, शेयरों की कीमतों में सुधार और कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा लौटाया है। तीन महीने की भारी बिकवाली के बाद लौटे निवेशक साल 2026 की शुरुआत विदेशी निवेशकों के लिए काफी खराब रही थी। फरवरी में हुई इस खरीदारी से पहले लगातार तीन महीनों तक FPIs ने बाजार से पैसा निकाला था। कुल मिलाकर साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से करीब 18.9 बिलियन डॉलर यानी 1.72 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। इस बिकवाली की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी, ग्लोबल ट्रेड टेंशन और अमेरिकी टैरिफ का डर था। ट्रेड डील और मजबूत अर्निंग्स ने बदला माहौल एंजेल वन लिमिटेड के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट जावेद खान के मुताबिक, फरवरी में इस निवेश के पीछे तीन बड़े कारण हैं… ग्रो म्यूचुअल फंड के CEO वरुण गुप्ता ने बताया कि भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और यूके के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिससे अनिश्चितता कम हुई है। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर में बिकवाली सेक्टर के लिहाज से देखें तो विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर में लगाया है। वहीं दूसरी तरफ IT सेक्टर में बिकवाली जारी है। फरवरी महीने में FII ने IT शेयरों से ₹10,956 करोड़ निकाले हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, एंथ्रोपिक जैसी AI कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के डर से निवेशक IT शेयरों को बेच रहे हैं। मार्च में भी निवेश जारी रहने की उम्मीद एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च महीने में भी विदेशी निवेश पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी बनी हुई हैं… ……………. ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 कंपनियों में 9 की वैल्यू ₹2.18 लाख करोड़ घटी: एयरटेल टॉप लूजर रही, इसकी वैल्यू ₹55,852 करोड़ घटी; HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 2.18 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। एयरटेल का मार्केट कैप 55,852 करोड़ रुपए घटकर ₹10.71 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹37,580 करोड़ घटकर ₹13.65 लाख करोड़ पर आ गई। वहीं रिलायंस का मार्केट कैप 34,846 करोड़ रुपए घटकर ₹18.86 लाख करोड़ पर आ गया। पूरी खबर पढ़ें…

बालों की देखभाल: होली के बाद बालों में जमे जिद्दी रंग को 10 मिनट में साफ करें, घरेलू टिप्स से बाल मुलायम और चमकदार हो जाएंगे

बालों की देखभाल: होली के बाद बालों में जमे जिद्दी रंग को 10 मिनट में साफ करें, घरेलू टिप्स से बाल मुलायम और चमकदार हो जाएंगे

1 मार्च 2026 को 18:02 IST पर अद्यतन किया गया होली के बाद बालों में जमे जिद्दी रंग को घर बैठे आसानी से निकाला जा सकता है। ये उपाय बालों को रूखा होने से बचाते हैं और बालों का निखार भी वापस लाने में मदद करते हैं।