फिजिकल हेल्थ- हेल्थ के लिए क्रिटिकल बायोटिन:शरीर में करता ये 10 जरूरी काम, डेफिशिएंसी के 11 संकेत, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें

हेयरफॉल, स्किन पर रैशेज और थकान को अक्सर लोग कॉमन समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये लक्षण कुछ मामलों में बायोटिन की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। बायोटिन हमारे शरीर में इन तीन कामों में क्रिटिकल भूमिका निभाता है– ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, हर 100 में से 30 प्रेग्नेंट महिलाओं को बायोटिन डेफिशिएंसी होती है। बायोटिन डेफिशिएंसी के साथ बड़ी समस्या ये है कि इसके लक्षण इतने कॉमन होते हैं कि इन्हें समझना मुश्किल होता है। इसलिए फिजिकल हेल्थ में आज बायोटिन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- बायोटिन क्या है? यह विटामिन है या मिनरल? जवाब- बायोटिन मिनरल नहीं, बल्कि एक विटामिन है। ‘विटामिन B7’ को बायोटिन कहते हैं। यह एक वॉटर-सॉल्यूबल विटामिन है। यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन के मेटाबॉलिज्म (भोजन को एनर्जी में बदले की प्रक्रिया) में अहम भूमिका निभाता है। सवाल- बायोटिन शरीर में क्या काम करता है? जवाब- बायोटिन एंजाइम्स को एक्टिव करके भोजन को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। बायोटिन बाल, स्किन और नाखूनों को हेल्दी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह नर्वस सिस्टम के सही कामकाज में मददगार होता है। इसके सभी जरूरी काम ग्राफिक में देखिए- सवाल- बायोटिन शरीर के लिए जरूरी क्यों है? जवाब- शरीर को हर फंक्शन के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को बनाने में बायोटिन शरीर की मदद करता है। इसकी कमी से- सवाल- हमारा शरीर बायोटिन को एनर्जी में कैसे बदलता है? जवाब- बायोटिन खुद ऊर्जा नहीं देता, बल्कि को-एंजाइम की तरह काम करता है। सवाल- शरीर में बायोटिन डेफिशिएंसी क्यों होती है और किन लोगों को इसका रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- इन सभी कंडीशंस में शरीर में बायोटिन की कमी हो सकती है- किन लोगों को बायोटिन डेफिशिएंसी का रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- क्या लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाइयां लेने से भी बायोटिन डेफिशिएंसी हो सकती है? जवाब- हां, लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स लेने से बायोटिन की कमी हो सकती है। सवाल- बायोटिन डेफिशिएंसी होने पर क्या लक्षण या संकेत दिखाई देते हैं? जवाब- बायोटिन की कमी होने पर बाल झड़ना, स्किन पर रैश, नाखून कमजोर होने और थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को रोजाना कितनी मात्रा में बायोटिन की जरूरत होती है? जवाब- स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन औसतन 30 माइक्रोग्राम (mcg) बायोटिन पर्याप्त माना जाता है। इतनी मात्रा से शरीर की सामान्य जरूरतें पूरी हो जाती हैं। अगर कोई महिला ब्रेस्टफीडिंग करा रही है तो उसे लगभग 35 mcg की जरूरत हो सकती है। सवाल- क्या ज्यादा बायोटिन लेने से भी कोई नुकसान हो सकता है? जवाब- अगर भोजन के जरिए सामान्य से ज्यादा बायोटिन लिया गया है तो यह आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। सवाल- बायोटिन की पूर्ति के लिए डाइट में कौन से फूड शामिल करने चाहिए? जवाब- बायोटिन की पूर्ति के लिए डाइट में बादाम, अखरोट, मूंगफली और सूरजमुखी के बीज जैसे नट्स और सीड्स शामिल करने चाहिए। बायोटिन के सभी सोर्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? जवाब- इन सभी कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है- बायोटिन सप्लीमेंट से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या सिर्फ डाइट से बायोटिन की जरूरत पूरी हो जाती है या सप्लीमेंट लेना जरूरी है? जवाब- ज्यादातर लोगों में संतुलित डाइट से बायोटिन की जरूरत पूरी हो जाती है। सप्लीमेंट तब जरूरी होता है, जब डेफिशिएंसी या कोई मेडिकल कंडीशन हो। सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट किसे लेना चाहिए? जवाब- इन्हें बायोटिन सप्लीमेंट लेना चाहिए- सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट कितनी मात्रा में लेना चाहिए? जवाब- आमतौर पर 30-100 mcg पर्याप्त होता है, लेकिन सही डोज डॉक्टर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार तय करते हैं। सवाल- क्या बायोटिन सप्लीमेंट रोज ले सकते हैं? जवाब- हां, जरूरत होने पर रोज लिया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। सवाल- बायोटिन सप्लीमेंट लेने का सही समय और तरीका क्या है? जवाब- इसे खाने के बाद पानी के साथ लेना बेहतर होता है, ताकि अवशोषण अच्छा रहे और पेट पर असर न पड़े। इसे ब्रेकफास्ट या लंच के बाद लेना चाहिए, डिनर के बाद नहीं। सवाल- क्या खाली पेट बायोटिन सप्लीमेंट ले सकते हैं? जवाब- हां, ले सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों में हल्की गैस या असहजता हो सकती है। इसलिए भोजन के साथ लेना बेहतर है। सवाल- क्या अन्य विटामिन्स के साथ बायोटिन सप्लीमेंट ले सकते हैं? जवाब- हां, बायोटिन को अन्य बी-विटामिन्स या मल्टीविटामिन्स के साथ लिया जा सकता है, पर ओवरडोज ध्यान रखें कि किसी सप्लीमेंट का ओवरडोज न हो। ………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- सलमान के पिता को हुआ ब्रेन हेमरेज: न्यूरोलॉजिस्ट से जानें क्या है ये मेडिकल कंडीशन, शुरुआती संकेत, किसे ज्यादा रिस्क बॉलीवुड के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान को हाल ही में ब्रेन हेमरेज हुआ। ब्रेन हेमरेज का मतलब ‘ब्रेन की नस का फटना है।’ नस फटने पर ब्रेन के अंदर खून जमा होने लगता है, जिससे बने दबाव के कारण ब्रेन के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यह जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है। पूरी खबर पढ़िए…
ICC टूर्नामेंट में पांचवीं बार होगा भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल:अब तक मुकाबला 2-2 से बराबर; 1983 और 2024 में अंग्रेजों को हराया, चैंपियन भी बने

भारत और इंग्लैंड ICC टूर्नामेंट्स में पांचवीं बार सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। अब तक खेले गए चार मुकाबलों में दोनों टीमें 2-2 जीत के साथ बराबरी पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि भारत ने इंग्लैंड को जब भी सेमीफाइनल में हराया खिताब जीतने में भी कामयाब रहा। भारत-इंग्लैंड पहला सेमीफाइनल 1983 वनडे वर्ल्ड कप में हुआ था। तब भारत ने अंग्रेजों को हराया और फिर फाइनल में वेस्टइंडीज को मात देकर टीम चैंपियन बनी। दोनों टीम सेमीफाइनल में आखिरी बार 2024 टी-20 वर्ल्ड कप में भिड़ी। तब भी भारत ने इंग्लैंड को हराया और फिर फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर खिताब जीता। 1987 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल हुआ था। इन दो मौकों पर इंग्लैंड ने जीत हासिल की। आगे पढ़िए चारों भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल की ब्रीफ स्टोरी। उससे पहले देखिए ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भारत का किस टीम के खिलाफ कैसा रिकॉर्ड है। 1. 1983- जब ‘अंडरडॉग’ भारत ने इंग्लैंड का घमंड तोड़ा 1983 के सेमीफाइनल में भारत ने मेजबान इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में मुकाबले से पहले इंग्लिश मीडिया और एक्सपर्ट्स ने भारत की हार लगभग तय मान ली थी। टॉस हारने के बावजूद कप्तान कपिल देव ने धीमी पिच को भांप लिया। इंग्लैंड की पूरी टीम 60 ओवर में 213 रन पर सिमट गई। कपिल देव ने 3 विकेट लिए, जबकि मोहिंदर अमरनाथ ने 12 ओवर में सिर्फ 27 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 214 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत साधारण रही। 50 रन पर 2 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद अमरनाथ (46 रन) और यशपाल शर्मा (61 रन) ने 92 रन की साझेदारी कर पारी को स्थिरता दी। यशपाल का बॉब विलिस पर जड़ा गया लेग-साइड छक्का आज भी मशहूर है। जब भारत जीत के करीब था, तब संदीप पाटिल ने मुकाबले को यादगार बना दिया। उन्होंने बॉब विलिस के एक ओवर में 4 चौके जड़ते हुए इंग्लैंड की उम्मीदें तोड़ दीं। पाटिल ने 32 गेंदों में नाबाद 51 रन की तेज पारी खेली। इस जीत ने भारत को वह आत्मविश्वास दिया, जिसके दम पर टीम ने लॉर्ड्स में फाइनल खेला और आगे चलकर दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप अपने नाम किया। 2. 1987 – गूच की ‘स्वीप’ मास्टरक्लास से 83 की हार का बदला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड ने भारत को 35 रन से हराकर 1983 की हार का हिसाब बराबर कर दिया। घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का भारतीय सपना यहीं टूट गया। इस मैच की सबसे बड़ी कहानी थे ग्राहम गूच। स्पिन के लिए मशहूर पिच पर उन्होंने भारतीय स्पिनरों मनिंदर सिंह और रवि शास्त्री के खिलाफ स्वीप शॉट की बौछार कर दी। गूच ने अपनी पारी में 11 चौके लगाए और 136 गेंदों पर 115 रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए उन्होंने माइक गेटिंग के साथ 117 रन की अहम साझेदारी की। इंग्लैंड ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। यह मुकाबला सुनील गावस्कर के वनडे करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ। वे सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। 255 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 64 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। भारत ने आखिरी 5 विकेट महज 15 रन के भीतर गंवा दिए और 45.3 ओवर में 219 रन पर सिमट गया। दिलचस्प संयोग यह रहा कि 1983 में भारत ने इंग्लैंड को उसके घर में हराया था। चार साल बाद इंग्लैंड ने भारत को भारत में हराकर बदला पूरा किया। 3. 2022- बटलर-हेल्स की 170 रन की अटूट साझेदारी ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल में इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया। 169 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने सिर्फ 16 ओवर में हासिल कर लिया। इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर (80* रन, 49 गेंद) और एलेक्स हेल्स (86* रन, 47 गेंद) ने 170 रन की नाबाद ओपनिंग साझेदारी की। यह उस समय टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 168/6 बनाए। विराट कोहली ने 50 (40 गेंद) की पारी खेली। इस मैच में वे टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। हार्दिक पंड्या ने 63 (33 गेंद, 4 चौके और 5 छक्के) बनाए। लेकिन पावरप्ले में मैच का रुख तय हो गया। भारत ने पहले 6 ओवर में 38 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड ने 63/0 रन बना डाले। नई गेंद से भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इसके बाद हेल्स को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उनकी पारी में 7 छक्के और 4 चौके शामिल थे। 4. 2024- कप्तान रोहित ने चुकता किया हिसाब 27 जून 2024, गयाना का प्रोविडेंस स्टेडियम। दो साल पहले एडिलेड में मिली 10 विकेट की चोट अभी ताजा थी। भारत ने इंग्लैंड को 68 रन से हराकर न सिर्फ फाइनल का टिकट कटाया, बल्कि 2022 की हार का हिसाब भी बराबर कर दिया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। विराट कोहली (9) और ऋषभ पंत (4) जल्दी लौट गए। ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा ने जिम्मेदारी ली। उन्होंने 39 गेंदों में 57 रन बनाए और सूर्यकुमार यादव (47 रन) के साथ 73 रन की अहम साझेदारी की। बारिश की रुकावटों के बीच भारत ने 20 ओवर में 171/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड ने 3 ओवर में 26 रन बना लिए थे और लय में दिख रही थी। तभी अक्षर पटेल ने अपनी पहली ही गेंद पर कप्तान जोस बटलर को आउट कर दिया। उन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। उनके बाद कुलदीप यादव ने भी 3 विकेट निकाले और इंग्लैंड का मध्यक्रम टिक ही नहीं पाया। 172 रन के लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड 16.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर सिमट गया। सेमीफाइनल में लगातार तीसरी बार होगा सामना टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और इंग्लैंड तीसरी बार आमने-सामने होंगे। 2022 में इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी, वहीं
सनी देओल की नई एक्शन थ्रिलर की शूटिंग शुरू हुई:रितेश-फरहान और ए. आर. मुरुगदॉस साथ आए, ज्योतिका निभाएंगी फिल्म में अहम किरदार

एक्सेल एंटरटेनमेंट ने एक और बड़े प्रोजेक्ट का आगाज कर दिया है। इस बार बैनर के साथ जुड़ रहे हैं एक्शन स्टार सनी देओल, और निर्देशन की कमान संभाल रहे हैं साउथ इंडस्ट्री से आए फिल्ममेकर बालाजी गणेश। यह एक्शन थ्रिलर शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 से फ्लोर पर जा चुकी है और फिलहाल इसकी शूटिंग जारी है। फिल्म की खास बात यह है कि इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और मशहूर निर्देशक ए. आर. मुरुगादॉस। इंडस्ट्री के ये बड़े नाम पहली बार इस तरह एक साथ आए हैं, जिससे फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है। सनी देओल इन दिनों अपनी हालिया सफलता ‘बॉर्डर 2’ की कामयाबी का आनंद ले रहे हैं। इसी बीच उन्होंने इस नई फिल्म के लिए 2026 की गर्मियों की डेट्स दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन और सस्पेंस से भरपूर होगी, जिसमें सनी देओल का दमदार अंदाज एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा। फिल्म में सनी देओल के साथ अहम भूमिका में नजर आएंगी साउथ और हिंदी सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस ज्योतिका। लंबे समय बाद ज्योतिका का इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ना दर्शकों के लिए खास माना जा रहा है। मेकर्स का दावा है कि दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री और कहानी का ट्रीटमेंट दर्शकों को एक नया सिनेमाई अनुभव देगा। डायरेक्टर बालाजी गणेश के लिए यह फिल्म बेहद खास है, क्योंकि वे इससे बतौर स्वतंत्र निर्देशक अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। वे लंबे समय तक ए.आर. मुरुगदॉस के साथ को-डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं और बड़े बजट की फिल्मों का अनुभव रखते हैं। कहानी निर्माण, विजुअल स्केल और एक्शन डिजाइन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर इंडस्ट्री में काफी चर्चा है। फिल्म को एक अलग तरह की एक्शन थ्रिलर बताया जा रहा है, जिसमें सिर्फ एक्शन ही नहीं, बल्कि सस्पेंस और इमोशनल एंगल भी अहम भूमिका निभाएंगे। मेकर्स इसे पैन-इंडिया लेवल पर रिलीज करने की योजना बना रहे हैं, ताकि हिंदी के साथ-साथ दक्षिण भारतीय बाजार में भी इसका प्रभाव दिखे। प्रोडक्शन टीम की बात करें तो फिल्म के को-प्रोड्यूसर कासिम जगमगिया, विशाल रामचंद्रानी, आदित्य जोशी, सुनील जैन और यूसुफ शेख हैं। एक्सेल एंटरटेनमेंट पहले भी कंटेंट-ड्रिवन और बड़े स्केल की फिल्में बना चुका है, ऐसे में इस प्रोजेक्ट से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। फिलहाल फिल्म का टाइटल सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन शूटिंग शुरू होने के साथ ही यह प्रोजेक्ट चर्चा में आ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में फिल्म से जुड़ी और जानकारियां, जैसे फर्स्ट लुक और रिलीज डेट, सामने लाई जाएंगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के MD आलोक सिंह ने इस्तीफा दिया:5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ; उनके नेतृत्व में एयरएशिया इंडिया का मर्जर हुआ था

टाटा ग्रुप की किफायती एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस (AIX) में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। एयरलाइन के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) आलोक सिंह 19 मार्च को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ देंगे। उन्होंने सोमवार को स्टाफ को भेजे एक संदेश में अपने इस्तीफे की घोषणा की। आलोक सिंह के नेतृत्व में ही एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एयरएशिया इंडिया (अब AIX कनेक्ट) के खुद में मर्जर की प्रोसेस को पूरा किया था। उनके जाने के साथ ही टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन में टॉप लेवल पर लीडरशिप चेंज भी देखने को मिलेगा। आलोक सिंह ने कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज में सूफी कवि रूमी की पंक्तियों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ‘आप समुद्र में एक बूंद नहीं हैं, आप एक बूंद में पूरा समुद्र हैं।’ उन्होंने अपने 5 साल के सफर को असाधारण बताते हुए कहा कि हमने जो कुछ भी बनाया और उसे बनाने के दौरान हम जो बने, उस पर मुझे गर्व है। यह एक ऐसा सफर रहा जिसकी कोई तुलना नहीं है, मैं इसका एक भी चैप्टर बदलना नहीं चाहूंगा। आलोक सिंह 19 मार्च 2023 को MD बने थे आलोक सिंह 9 नवंबर 2020 को तत्कालीन सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के CEO बने थे। जब जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया, तब भी सिंह को कमान सौंपे रखी गई। इसके बाद 19 मार्च 2023 को उन्हें तीन साल के लिए MD नियुक्त किया गया था। अब 19 मार्च को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आलोक सिंह के कार्यकाल में उपलब्धियां सिंह के कार्यकाल में एयर इंडिया एक्सप्रेस एक छोटी एयरलाइन से निकलकर भारत की तीसरी सबसे बड़ी नैरो-बॉडी ऑपरेटर बन गई। उनके कार्यकालकी उपलब्धियां… कैप्टन हैमिश मैक्सवेल होंगे नए एकाउंटेबल मैनेजर आलोक सिंह फिलहाल MD के साथ-साथ ‘एकाउंटेबल मैनेजर’ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनके जाने के बाद एयरलाइन के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर (COO) कैप्टन हैमिश मैक्सवेल नए एकाउंटेबल मैनेजर होंगे। एकाउंटेबल मैनेजर वह व्यक्ति होता है, जिसके पास एयरलाइन के ऑपरेशंस और सुरक्षा मानकों के लिए रेगुलेटरी अथॉरिटी (DGCA) के प्रति अंतिम जवाबदेही होती है। ये खबर भी पढ़ें… होली पर 3 मार्च को शेयर बाजार बंद रहेगा: NSE-BSE में ट्रेडिंग नहीं होगी, MCX शाम के सेशन में ओपन होगा; 4 मार्च को मार्केट खुलेगा देशभर में होली की तारीख को लेकर जारी कन्फ्यूजन के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने अपनी छुट्टियों का कैलेंडर साफ कर दिया है। शेयर बाजार मंगलवार (3 मार्च 2026) को होली के अवसर पर बंद रहेंगे। इस दौरान इक्विटी, डेरिवेटिव और SLB सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। हालांकि, कमोडिटी मार्केट (MCX) के समय में थोड़ा बदलाव किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
खरगोन मंडी में डॉलर चना के दाम पर हंगामा:कम भाव से नाराज किसानों का चक्काजाम, एसडीएम की समझाइश पर खुला रास्ता

खरगोन मंडी में डॉलर चना के कम भाव मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार दोपहर प्रदर्शन किया। नीलामी में डॉलर चना की अधिकतम बोली 7,000 रुपए प्रति क्विंटल लगने पर किसान भड़क गए। उन्होंने इसे कम बताते हुए कारण पूछा, जिस पर व्यापारियों ने ईरान-इजरायल युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। किसानों ने इस जवाब से असंतोष जताते हुए मंडी में खरीदी रोक दी। लगभग 150 से अधिक किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड पहुंचकर सड़क पर ट्रैक्टर अड़ा दिए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जामनिया के किसान देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें 6-7 हजार रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जबकि उन्हें 10 से 12 हजार रुपए का भाव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी युद्ध को कम भाव का कारण बता रहे हैं, लेकिन युद्ध तो कल से शुरू हुआ है, जबकि व्यापारी पिछले पांच दिनों से कम भाव दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की सुनवाई न होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। लगभग 45 मिनट तक चले इस हंगामे के कारण इंदौर रोड पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया। यातायात पुलिस ने व्यवस्था बहाल की। सोमवार को दो दिन की छुट्टी के बाद मंडी में 650 से अधिक वाहनों में डॉलर चना पहुंचा था, जो इस सीजन की सबसे अधिक आवक रही। खरगोन मंडी में डॉलर चने की खरीदी 20 फरवरी से चल रही है। धामनोद और सनावद मंडियों में भी भाव को लेकर किसान संघ असंतोष जता चुके हैं। मंडी प्रशासन ने होली के मद्देनजर 3 और 4 मार्च की छुट्टी घोषित की है। व्यापारियों ने भी होली पर्व के कारण 7 मार्च तक नीलामी में भाग न ले पाने का आवेदन दिया है। इस प्रकार, अब मंडी 9 मार्च को खुलेगी।
लखनऊ में बच्चों संग खेले युवराज सिंह:लड़कियों को मोटिवेट कर बोले- अच्छा कैच पकड़ा, लड़कों कुछ सीख लो

क्रिकेटर युवराज सिंह सोमवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों को क्रिकेट की टिप्स दिए। इस दौरान बच्चों ने बॉलिंग की और युवराज ने बैटिंग। इसी के साथ युवराज ने कैच लेने की प्रैक्टिस कराई। इस दौरान युवराज सिंह ने लड़कियों की तारीफ करते हुए कहा- बहुत अच्छा कैच पकड़ा है। लड़कों देख लो…। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा- आप सभी को हर बॉल पर तैयार रहना चाहिए। मैदान पर कभी भी लूज होकर नहीं खड़े होना चाहिए। लूज खड़े रहने पर कैच छूटेगा, बॉल चली जाएगी। रिलैक्स होकर हल्के हाथ से कैच पकड़ा जाता है। इस दौरान युवराज ने अपने बैट छोड़कर भागने का अपना एक किस्सा भी सुनाया। पहले 2 तस्वीरें देखिए… कैसे लगाएं बड़ी हिट, युवराज ने बताया युवराज सिंह ने खिलाड़ियों को बॉलिंग करने के टिप्स दिए। बताया कि स्पिन गेंदबाजी के साथ में पेस अटैक पर किस तरह से सही लाइन लेंथ पर बॉल की जाती है। बॉलिंग करते समय बॉडी का पॉस्चर क्या होना चाहिए? बॉल कहां से कब रिलीज करनी होती है? इसके साथ ही युवराज ने चौके-छक्के कैसे लगाएं, यह भी बताया। युवराज के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने बॉलिंग और बैटिंग भी की। बोले- यूपी में हैं तो हिंदी में बात करते हैं युवराज सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा- पहली बात मैं तीन बार का वर्ल्ड कप विनर हूं। यूपी में हैं, तो हिंदी में बात करेंगे। कई बार आप सोचते हैं कि सब बच्चे कर लेते हैं। ऐसा नहीं है। बच्चे सपोर्ट से आगे बढ़ते हैं। एक बच्चे का सपना सच करना बड़ी बात होती है। कई बच्चे क्रिकेट किट नहीं होने पर क्रिकेट खेलना छोड़ देते हैं। अब मैं क्रिकेट एकेडमी में बच्चों को क्रिकेट सिखा रहा हूं। यूपी में कोई महान फैसिलिटी नहीं थी पहले यूपी में कोई महान फैसिलिटी नहीं थी, जब यहां से 5 से खिलाड़ियों ने टीम इंडिया में खेला। यहां ऐसी कोई बड़ी फैसिलिटी अब भी नहीं है। जम्मू-कश्मीर इस बार की रणजी मैच विनर है। मुझे पता है कि उस समय कैसे सामान मिल पाता था? जब खिलाड़ियों के साथ खेलता था, तो कई के पास में अपनी किट तक नहीं थी या सामान की दिक्कत थी। अपने पहले बल्ले का बताया किस्सा अपने पहले बल्ले के बारे में युवराज ने कहा कि मेरे फादर ने इसे दिया था। उन्होंने कहा था कि आज से इसी से खेलो। मैंने उस बैट से छक्का मारा, तो वह गेंद जाकर एक आदमी को लग गई। फिर उस आदमी ने मुझे दौड़ा लिया था। उस दिन मैं बैट छोड़कर भाग गया था। मुझे जब दिक्कत हुई तो तेंदुलकर से क्लियर किया शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, नवल सहित कई खिलाड़ियों का नाम बताते हुए उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के पास में बहुत टैलेंट है। लेकिन, आपका कोई होना चाहिए, जो बता सके कि आप कैसे इम्प्रूव कर सकते हैं? मुझे जब दिक्कत हुई थी, तो मैंने सचिन तेंदुलकर से बात की थी। इसके बाद चीजें क्लियर हुईं। डीपी वर्ल्ड के पदाधिकारी बोले- इंडियन टीम में 3 खिलाड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट नर्सिंग पर प्रेम मनोहर गुप्ता ने कहा- यूपी में 25 करोड़ लोगों की संख्या है। मौजूदा समय में ध्रुव जुरैल, कुलदीप यादव और रिंकू सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। इसमें बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का सहयोग है। अभी प्रशांत वीर का आईपीएल में सिलेक्शन हुआ है। हम बच्चों को खेलने का मास्क दे रहे। महिला डगआउट का उद्घाटन किया इस मौके पर युवराज सिंह ने महिला डगआउट (कंटेनर) का उद्घाटन भी किया है। इस दौरान उनके साथ में खिलाड़ियों ने फोटो भी खिंचवाई। युवराज सिंह ने ग्रॉस रूट के क्रिकेट खिलाड़ियों को किट भी बांटी। कंटेनर में सचिन तेंदुलकर की फोटो है। साथ में ही इसमें लखनऊ के बड़े इमामबाड़ा के गेट पेंटिंग भी बनी है। कार्यक्रम एक निजी संस्था की तरफ से क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। ———————— ये खबर भी पढ़िए… इकाना में सितंबर 2025 में इंडिया टीम-ए ने प्रैक्टिस की थी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में चार दिवसीय टेस्ट मैच 16 सितंबर से खेले जाएंगे। आस्ट्रेलिया ए और भारत ए के बीच पहला मैच 16 सितंबर से 19 सितंबर तक इकाना स्टेडियम में सुबह साढ़े नौ बजे से खेला जाएगा। दूसरा मैच 23 सितंबर से 26 सितंबर तक खेला जाएगा। (पूरी खबर पढ़िए)
भारत से प्रशिक्षित हैं कजाकिस्तान की अख्माराल काइनाजारोवा:सेंट्रल एशिया के 5 देशों के 5 हजार से ज्यादा लोगों को भरतनाट्यम सिखाया, कई ने अमेरिका-जापान जैसे देशों में करियर बनाया

ओकसाना ब्रिटेन में भरतनाट्यम कलाकार हैं… उल्मेनाई जापान में… तात्याना, कासिएट और दामिर अमेरिका में भरतनाट्यम के स्टेज शो करते हैं। स्वेतलाना रूस में भरतनाट्यम सिखाती हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों में भारतीय नृत्य और संस्कृति की पहचान बने ये कलाकार न भारतीय हैं और न ही इन्होंने भारत से नृत्य की शिक्षा ली है। इनकी गुरु हैं अख्माराल काइनाजारोवा। भारत से दूर कजाकिस्तान की पूर्व राजधानी अल्माटी में काइनाजारोवा भरतनाट्यम सिखाती हैं। वे भारत में प्रशिक्षित सेंट्रल एशिया में अकेली भरतनाट्यम कलाकार हैं। उन्होंने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स कलाक्षेत्र से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण लिया। काइनाजारोवा इस मायने में सेंट्रल एशिया में भरतनाट्यम ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एंबेसडर हैं कि उन्होंने 20 साल में सेंट्रल एशिया के पांच देशों कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के 5 हजार से ज्यादा लोगों को भरतनाट्यम सिखाया। इनमें 17 साल से लेकर 70 साल तक के लोग शामिल हैं। वे कहती हैं- ‘सेंट्रल एशिया में लोग भारत से प्यार और यहां की संस्कृति को पसंद करते हैं। यही वजह है कि मेरे पास भरतनाट्यम सीखने कजाकिस्तान से ही नहीं, पड़ोसी देशों से भी लोग आते हैं। मैं 15 छात्रों को कथक भी सीखा रही हूं। मैं दिल्ली में कथक सीख रही थी, लेकिन अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सकी। इसलिए सिर्फ उन्हें ही सिखाती हूं जो सिर्फ कथक ही सीखने आते हैं। हमारे देश में भरतनाट्यम से कमाई नहीं हो सकती। इसलिए मेरे सिखाए जिन लोगों ने भरतनाट्यम को करियर बनाया वे अमेरिका, जापान जैसे देशों में चले जाते हैं।’ रवींद्रनाथ टैगोर की फैन थीं दादी, उन्हीं से भारत को जाना काइनाजारोवा कहती हैं- मेरी दादी रवींद्रनाथ टैगोर की किताबों की फैन थीं। उनकी ही किताबों से मैं भारत के बारे में जान पाई। जब देश आजाद हुआ और हमारे यहां भारतीय दूतावास खुला तो मैंने वहां जाकर कहा कि मुझे भरतनाट्यम सीखना है। इसके बाद मेरे लिए रास्ते खुले और मैं भारत आ गई। यहां मैं चेन्नई, मुंबई और दिल्ली में रही। मेरी बेटी ने यहीं तमिल सीखी। हमने भारतीय संस्कृति को जीया। आईसीसीआर फेलो होने वाली पहली कजाक नागरिक हैं 1991 में कजाकिस्तान की आजादी के बाद काइनाजारोवा वह पहली शख्स हैं, जिन्हें आईसीसीआर की फेलोशिप मिली। इस फेलोशिप पर वे भरतनाट्यम सीखने भारत आईं। उन्होंने यहां योग भी सीखा। वे 200 से ज्यादा लोगों को योग सीखा रही हैं। भारत आने के बाद वे शाकाहारी हो गईं। वे बताती हैं कि हमारे देश में जहां तापमान -20 से -50 डिग्री तक जाता है। शाकाहारी होना बहुत मुश्किल है। जब वे चेन्नई से भरतनाट्यम सीख रहीं थीं तब उनकी बेटी ने वहां तमिल भी सीख लिया था।
‘मंजुम्मेल बॉयज’ के डायरेक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस:चिदंबरम एस पोडुवाल पर कोच्चि में महिला की शिकायत के बाद मामला दर्ज

सुपरहिट मलयालम फिल्म ‘मंजुम्मेल बॉयज’ के डायरेक्टर चिदंबरम एस पोडुवाल के खिलाफ केरल में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कोच्चि की एर्नाकुलम साउथ पुलिस ने रविवार को एक महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया। शिकायत 2022 में हुई एक कथित घटना से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि उन्होंने एलामकुलम स्थित महिला के अपार्टमेंट में जबरन प्रवेश किया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, केस दर्ज करने से पहले शिकायतकर्ता का बयान लिया गया। उन्होंने कहा कि फिल्म डायरेक्टर को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि, चिदंबरम ने अब तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कौन हैं चिदंबरम एस पोडुवाल? चिदंबरम एस पोडुवाल मलयालम फिल्म निर्देशक और लेखक हैं। उन्होंने ‘जन.ई.मैन’ (2021) और ‘मंजुम्मेल बॉयज’ (2024) फिल्मों का निर्देशन किया है। चिदंबरम को मंजुम्मेल बॉयज से खास पहचान मिली। बता दें कि मंजुम्मेल बॉयज 200 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली मलयालम फिल्म बनी थी। इसने 2018 (2023) को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्म का रिकॉर्ड बनाया। बाद में L2: एम्पुरान (2025) ने इसे पीछे छोड़ दिया। फिलहाल यह भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्म है। फिल्म ने 55वें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में 10 पुरस्कार जीते। इनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट स्क्रीनप्ले शामिल हैं। यह केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में किसी एक फिल्म को मिले सबसे अधिक पुरस्कार हैं। इसके अलावा मंजुम्मेल बॉयज ने 70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ (2026) में सर्वश्रेष्ठ फिल्म (मलयालम) का पुरस्कार भी जीता।
‘पहले भारतीयों को बचाएं’: कर्नाटक के शीर्ष अधिकारियों ने मध्य पूर्व में हमलों की आलोचना की, हजारों लोग वापसी का इंतजार कर रहे हैं | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 02, 2026, 10:34 IST डिप्टी सीएम शिवकुमार ने विदेशों में कन्नड़ संगठनों से “फंसे हुए लोगों को विश्वास” प्रदान करने का आग्रह किया, क्योंकि प्रमुख पारगमन केंद्रों के बंद होने से यात्रा और वाणिज्य बाधित हो रहा है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष ने कर्नाटक के शीर्ष नेतृत्व की ओर से तीखी कूटनीतिक और मानवीय प्रतिक्रिया को जन्म दिया है, क्योंकि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच हजारों कन्नडिगा फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ईरानी शैक्षणिक सुविधा पर हाल ही में हुए सैन्य हमलों पर कड़ी फटकार लगाई, जिसमें कथित तौर पर 70 से अधिक बच्चों की जान चली गई थी। सदाशिवनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, “मध्य पूर्व में युद्ध सही नहीं है। उन स्कूली बच्चों पर हमला क्यों जिनकी कोई गलती नहीं है? यह निंदनीय है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ध्यान अब तुरंत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर केंद्रित होना चाहिए, यह देखते हुए कि “यह दुबई और मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों में फंसे भारतीयों को बचाने का समय है”, और पुष्टि की कि एमएलसी भोजे गौड़ा सहित कई राज्य विधायक उन लोगों में से हैं जो वर्तमान में लौटने में असमर्थ हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पश्चिमी हस्तक्षेप के भूराजनीतिक विरोधाभासों की तीखी आलोचना करते हुए तात्कालिकता की इस भावना को दोहराया। शिवमोग्गा हवाई अड्डे पर एक प्रेस वार्ता के दौरान, मुख्यमंत्री ने हमलों में संयुक्त राज्य अमेरिका की भागीदारी पर निशाना साधा और उनकी विदेश नीति को स्वाभाविक रूप से विरोधाभासी करार दिया। सिद्धारमैया ने ईरान पर हमले को “अनावश्यक” बताते हुए कहा, “अमेरिका का रुख विपरीत है; एक तरफ तो वह केवल शांति का राग अलापता है और दूसरी तरफ युद्ध छेड़ता है।” मुख्यमंत्री ने ईरानी नेतृत्व के संबंध में भी अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “राष्ट्रपति अयातुल्ला खामेनेई की हत्या कर दी गई है, और मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शाश्वत शांति मिले।” चूंकि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करती है, प्रवासी भारतीयों का कल्याण बेंगलुरु में प्रशासन के लिए प्राथमिक चिंता बनी हुई है। शिवकुमार ने कर्नाटक और खाड़ी के बीच गहरे आर्थिक और व्यक्तिगत संबंधों पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि “सऊदी अरब भारतीयों पर चलता है” और “मंगलुरु या केरल का हर दूसरा परिवार मध्य पूर्व में काम करता है”। उन्होंने केंद्र सरकार से निकासी प्रयासों का नेतृत्व करने का आह्वान करते हुए कहा है कि “राज्य और केंद्र के पास अलग-अलग हेल्पलाइन नहीं हो सकती हैं; विदेश मंत्रालय को हेल्पलाइन खोलनी चाहिए”। शिवकुमार ने विदेशों में कन्नड़ संगठनों से “वहां फंसे लोगों को विश्वास” प्रदान करने का भी आग्रह किया, क्योंकि दुबई जैसे प्रमुख पारगमन केंद्रों के बंद होने से यात्रा और वाणिज्य बाधित हो रहा है। सिद्धारमैया ने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है कि कोई भी नागरिक छूट न जाए। उन्होंने पुष्टि की कि वह अधिकारियों और फंसे हुए व्यक्तियों के सीधे संपर्क में हैं, जिनमें एमएलसी भोजे गौड़ा भी शामिल हैं, जिन्होंने एक होटल में सुरक्षित होने की सूचना दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं कि अरब देशों में फंसे कन्नड़ लोगों को बिना किसी परेशानी के वापस लाया जाए।” उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्तमान में क्षेत्र में फंसे बल्लारी के 30 लोगों के लिए व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है, उन्होंने वादा किया कि जैसे ही दुबई हवाई अड्डे का परिचालन फिर से शुरू होगा, “उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी”। पहले प्रकाशित: मार्च 02, 2026, 10:34 IST समाचार राजनीति ‘पहले भारतीयों को बचाएं’: कर्नाटक के शीर्ष अधिकारियों ने मध्य पूर्व में हमलों की निंदा की, हजारों लोग वापसी का इंतजार कर रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मध्य पूर्व संघर्ष(टी)कर्नाटक प्रतिक्रिया(टी)कन्नड़ फंसे हुए(टी)डीके शिवकुमार का बयान(टी)सिद्धारमैया आलोचना(टी)भारतीय निकासी मध्य पूर्व(टी)ईरानी स्कूल हमला(टी)दुबई हवाई अड्डा बंद
अमेरिका-ईरान जंग से आज सोने में ₹5,000 की तेजी:ये ₹1.67 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी ₹8500 बढ़कर ₹2.91 लाख पर कारोबार कर रही

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते गोल्ड और सिल्वर मार्केट में तेजी है। वायदा बाजार (MCX) में सोने का दाम करीब 5 हजार रुपए चढ़कर 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी के भाव में 8,500 रुपए का इजाफा हुआ है और वह 2.91 लाख रुपए/किलो पर कारोबार कर रही है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना 1.90 लाख रुपए तक जा सकता है। चांदी 3.50 लाख तक पहुंच सकती है। इधर, सर्राफा बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 1.70 लाख रुपए पर पहुंच गई है। युद्ध जैसे अनिश्चित माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित मानते हैं और इसमें पैसा लगाने लगते हैं। इससे इसकी डिमांड बढ़ती है और ये महंगे होने लगते हैं। सोने-चांदी के दाम बढ़ने के 3 मुख्य कारण सोना इस साल ₹34,000 और चांदी ₹36,000 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.67 लाख रुपए पर पहुंच गया है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 34 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 61 हजार रुपए महंगी हो चुकी है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके






