इस दातून ने बूढ़े को बना दिया जवान! 70 की उम्र में 35 साल वाले दांत, रोज करें… 1 महीने में असर का दावा

Last Updated:February 25, 2026, 18:32 IST Healthy Teeth Remedy: मध्य प्रदेश में रहने वाले एक शख्स की उम्र 60 साल थी, जब उनके दांत हिलने लगे थे. वो परेशान हो गए और उन्होंने एक पौधे की जड़ से दातून करना शुरू कर दिया. अब दस साल बीत गए. उनकी उम्र 70 साल है और उनके दांत 35 साल के व्यक्ति जैसे मजबूत हैं. जानें उनका दावा और औषधि का नाम… Healthy Teeth Tips. एमपी के छतरपुर में रहने वाले रामसहाय सेन के दांत 10 साल पहले हिलने लगे थे. इसके बाद इन्होंने अलग-अलग टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन दांत मजबूत नहीं हुए . रामसहाय आयुर्वेदिक वैद्य के पास पहुंचे. वहां उनको एक झाड़ीनुमा औषधि के बारे में बताया गया. इसके बाद उन्होंने टूथपेस्ट छोड़, उसकी की दातून शुरू कर दी. आज उनके सारे दांत वापस मजबूत हो चुके हैं. रामसहाय ने कहा, जहां भी जाते हैं इस दातून को साथ लेकर जाते हैं. 12 महीने यही करते हैं. बूढ़े को बनाया जवान… लवकुश नगर के रामसहाय सेन ने लोकल 18 को बताया, जब मैं 60 वर्ष का था तब मेरे दांत हिलने लगे थे. मुझे लग रहा था कि अब मेरे दांत नहीं रहेंगे तो मैं फिर भोजन नहीं ठीक से कर पाऊंगा. इससे और जल्दी बूढ़ा हो जाउंगा. मैंने इसके बाद बहुत से टूथपेस्ट और टूथब्रश यूज किए, लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा था. एक औषधि इतने नामरामसहाय बताते हैं उनकी टेंशन बढ़ती जा रही थी. क्योंकि, अब एक नहीं कई दांत हिलने लगे थे. उन्होंने अपनी ये चिंता भागवत कथावाचक जो वैद्य भी हैं, को बताई. उन्होंने वज्रदंती मंजन करने को कहा. उन्होंने बताया ये दांतों के लिए रामबाण औषधि है. इसका उपयोग युगों से होता आया है. ये सड़क या खेत किनारे देखने को मिल जाती है. इसे आयुर्वेद में अपामार्ग कहा जाता है. वहीं, क्षेत्रीय भाषा में इसे चिरचिटा या अझ्झाझार औषधि के नाम से भी जाना जाता है. रामसहाय बताते हैं कि जैसे ही गुरुजी ने यह उपाय बताया, मैंने इसे ढूंढना शुरू कर दिया. हर दिन ही इसकी जड़ों की दातून करने लगा. अगर कहीं बाहर भी जाना है तो इकट्ठी दातून बना लेता हूं और साथ लेकर चला जाता हूं. नीम, बबूल से भी तगड़ीरामसहाय बताते हैं कि इस दातून को वज्रदंती मंजन भी कहते हैं. 10 साल से हर दिन ये दातून कर रहा हूं. आज 70 साल का हो गया हूं, लेकिन दांत मजबूत हैं. नीम, बबूल की दातून तो सभी करते हैं, लेकिन चिरचिटा की जड़ों को दातून का रूप देकर पहले चबाना होता है, फिर दांतों में घिसना होता है. इससे दांत तो साफ होते ही हैं, मसूड़े भी मजबूत बनते हैं. हिलते दांत भी मजबूत हो जाते हैं. 1 महीने में परिणाम रामसहाय बताते हैं कि अगर दांत हिलने लगे हैं या मसूड़ों में दर्द रहता है या पायरिया हो गया है, दांतों से खून निकलता है तो चिरचिटा पौधे की जड़ों की दातून एक महीने तक बंधकर करें. इससे आपके हिलते दांत भी मजबूत हो जाएंगे. मैं इसे 10 साल से कर रहा हूं. 12 महीने दातून कर सकते हैं रामसहाय बताते हैं कि चिरचिटा या अझ्झाझार वैसे तो बरसात और ठंड सीजन में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन बढ़ती गर्मी में ये कम दिखाई देता है. लेकिन आप इसकी जड़ों को पानी में डालकर रखते हैं तो आप गर्मी के मौसम में भी इसकी दातून कर सकते हैं. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : February 25, 2026, 18:32 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
गुझिया बनाने की युक्तियाँ: बिना किसी मिनट में एक साथ प्रभाव 7 गुझिया, होली पर ये रहस्य तरीका आने वाला काम

25 फरवरी 2026 को 18:25 IST पर अद्यतन किया गया गुझिया बनाने के टिप्स: होली पर गुझिया बनाना सबसे बड़ा काम होता है। लेकिन कोई ऐसी ट्रिक पता चले, जिससे एक साथ कई सारी गुझिया बनाई जा सके, तो मजा ही आ जाएगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली गुझिया रेसिपी(टी)घर पर गुजिया बनाने के टिप्स(टी)आसान गुजिया ट्रिक(टी)होली मिठाई रेसिपी 2026(टी)बिना फफूंदी वाली गुजिया कैसे बनाएं(टी)पारंपरिक होली मिठाई(टी)गुजिया डिजाइन विचार
‘भूत बंगला’ के पहले गाने का टीजर रिलीज:‘रामजी आके भला करेंगे’ में अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में दिखे; प्रीतम ने गाना कंपोज किया

फिल्म ‘भूत बंगला’ के पहले गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का टीजर मेकर्स ने बुधवार को रिलीज किया। गाने में अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं। गौरतलब है कि फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। कई सालों बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी। देखें गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ की झलक गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ को प्रीतम ने कंपोज किया है। इसे देव अरिजीत ने गाया है, जबकि मेलो डी ने रैप सेगमेंट लिखा और परफॉर्म किया है। गाने की झलक को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है। हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इसमें अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर. कपूर ने प्रोड्यूस किया है।
‘भूत बंगला’ के पहले गाने का टीजर रिलीज:‘रामजी आके भला करेंगे’ में अक्षय कुमार दिखे कॉमिक अंदाज में; प्रीतम ने गाना कंपोज किया

फिल्म ‘भूत बंगला’ के गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का टीजर मेकर्स ने बुधवार को रिलीज किया है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। कई सालों बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। मेकर्स ने फिल्म के पहले गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का जो टीजर जारी किया, उसमें अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं। गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है इस गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है। इसे देव अरिजीत ने गाया है, जबकि मेलो डी ने रैप सेगमेंट लिखा और परफॉर्म किया है। गाने की झलक को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है। हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इसमें अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर. कपूर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 10 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी।
ईशान किशन टी-20 बैटर्स की रैंकिंग में नंबर-5 पर आए:बॉलर्स में बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई, सिकंदर रजा टॉप ऑलराउंडर

ICC की ताजा टी-20 रैंकिंग में भारतीय ओपनर ईशान किशन 3 स्थान की छलांग लगाकर 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान का उछाल लेते हुए 8वां स्थान हासिल किया है। ICC ने बुधवार को टी-20 इंटरनेशनल खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की। भारतीय ओपनर ईशान किशन को शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला है। वे 742 रेटिंग अंक के साथ 8वें से 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अभिषेक शर्मा टॉप पर कायम अभिषेक शर्मा खराब प्रदर्शन के बावजूद टी-20 बैटर्स की रैंकिंग की टॉप पोजिशन पर कायम हैं। वर्ल्ड कप में साधारण शुरुआत के बावजूद वे इंग्लैंड के फिल सॉल्ट से 62 अंक आगे हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 2 पायदान के फायदे के साथ नंबर-3 पर आ गए हैं। फरहान के 810 रेटिंग पॉइंट्स हैं। बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 7 स्थान की छलांग लगाई है। पिछले हफ्ते 15वें नंबर पर रहे बुमराह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेने के बाद 669 अंक के साथ 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। कॉर्बिन बॉश 21 स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर आ गए हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती नंबर-1 गेंदबाज बने हुए हैं। सिकंदर रजा नंबर-1 ऑलराउंडर बने ऑलराउंडरों में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा फिर से नंबर-1 बन गए हैं। शिवम दुबे दो स्थान ऊपर चढ़कर 7वें नंबर पर पहुंचे हैं। वहीं, अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी 8वें स्थान पर पहुंचकर टॉप-10 में शामिल हो गए हैं। ———————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————– टी-20 क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंचा, आज श्रीलंका-न्यूजीलैंड के लिए करो या मरो मुकाबला इंग्लैंड टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। टीम ने मंगलवार को ग्रुप-2 में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया और नॉकआउट राउंड में एंट्री की। 2010 और 2022 की चैंपियन टीम ने लगातार पांचवें एडिशन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पढ़ें पूरी खबर
प्राइवेट जेट अब बिना ब्रोकर 30 सेकेंड में बुक करें:‘रिवर्स ऑक्शन’ मॉडल से विमान मालिक खुद घटा रहे हैं दाम, छिपे खर्चों से छुटकारा

प्राइवेट एविएशन यानी निजी विमानन का क्षेत्र अब डिजिटल क्रांति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जो काम पहले घंटों और दिनों की बातचीत के बाद होता था, वह अब स्मार्टफोन के एक क्लिक पर सिमट गया है। फ्लाईहाउस, जेटली और लेवो डॉट एयरो जैसे नए स्टार्टअप के साथ व्हील्स अप और एक्सओ जैसे पुराने खिलाड़ी ऐसे एप लेकर आए हैं, जो महज 30 सेकेंड में प्राइवेट जेट बुक करने का वादा करते हैं। एविएशन एक्सपर्ट के मुताबिक पारंपरिक रूप से प्राइवेट जेट बुक करना एक सिरदर्द भरा काम रहा है। इसमें किसी ब्रोकर को कॉल करना, बजट पर चर्चा करना और फिर ब्रोकर द्वारा एयरक्राफ्ट मालिकों से संपर्क करने की लंबी प्रक्रिया होती थी। इसमें कई बार सही विमान ढूंढने में कई दिन तक लग जाते थे और कीमतें भी पारदर्शी नहीं होती थीं। नए एप्स इस पूरी प्रक्रिया से ‘मिडलमैन’ यानी ब्रोकर को हटा रहे हैं। फ्लाईहाउस के फाउंडर सैनफोर्ड मिचेलमैन कहते हैं, ‘अब कोई दूसरा मेरे लिए विमान नहीं चुन रहा है। मेरे पास रियल-टाइम में ढेरों विकल्प हैं और चूंकि ब्रोकर की फीस नहीं है, इसलिए कीमतें भी कम हैं।’ कंपनी ने एक ‘रिवर्स ऑक्शन’ मॉडल पेश किया है, जहां विमान मालिक बिजनेस पाने के लिए अपनी कीमतें कम करते हैं, जिसे यूजर लाइव देख सकते हैं। डिजिटल क्रांति के बावजूद, कुछ विशेषज्ञ अब भी पुराने तरीके को बेहतर मानते हैं।’ प्राइवेट जेट कार्ड कंपैरिजन के संपादक डग गोलन का कहना है कि एक अनुभवी ब्रोकर विमान की बारीकियों के बारे में एप से बेहतर जानकारी दे सकता है। बड़ी सुविधा, पूरी फ्लाइट नहीं, सिर्फ एक सीट भी बुक करने की आजादी फ्रेंडशेयर- फ्लाई हाउस का नया फीचर यूजर्स को समान रुचि वाले लोगों के साथ मिलकर पूरी फ्लाइट के बजाय सिर्फ पसंद की सीटें बुक करने की सुविधा देता है। एक्सओ का नेटवर्क – विस्टा ग्लोबल की यूनिट 2,000 से अधिक विमानों के डेटा और एल्गोरिदम का उपयोग करती है, जिससे वे 96% सटीक और गारंटीड कीमतें दे पाते हैं। हाइब्रिड मॉडल- व्हील्स अप ने अपने एप में निजी जेट के साथ कमर्शियल उड़ानों को भी जोड़ दिया है, ताकि सदस्य अपनी जरूरत के हिसाब से यात्रा चुन सकें। बुकिंग से पहले एआई अब फ्यूल कैपेसिटी, एयरपोर्ट नियम जांच रहा एलीवेट जेट जैसी कंपनियां बुकिंग प्रक्रिया में एआई का इस्तेमाल कर रही हैं। यह सिस्टम न केवल विमान बुक करता है, बल्कि यह भी जांचता है कि वह विमान उस खास रूट पर उड़ान भर सकता है या नहीं। इसमें ईंधन की क्षमता, क्रू की सीमा और एयरपोर्ट की पाबंदियों का रियल-टाइम डेटा विश्लेषण किया जाता है। कंपनी के सीईओ ग्रेग रैफ के मुताबिक, ‘हम उन पेचीदगियों को पहले ही पकड़ लेते हैं जो अक्सर ब्रोकर छिपा जाते हैं।’
प्राइवेट जेट अब बिना ब्रोकर 30 सेकंड में बुकिंग करें:‘रिवर्स ऑक्शन’ मॉडल से विमान मालिक खुद घटा रहे हैं दाम, छिपे खर्चों से छुटकारा

प्राइवेट एविएशन यानी निजी विमानन का क्षेत्र अब डिजिटल क्रांति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जो काम पहले घंटों और दिनों की बातचीत के बाद होता था, वह अब स्मार्टफोन के एक क्लिक पर सिमट गया है। फ्लाईहाउस, जेटली और लेवो डॉट एयरो जैसे नए स्टार्टअप के साथ व्हील्स अप और एक्सओ जैसे पुराने खिलाड़ी ऐसे एप लेकर आए हैं, जो महज 30 सेकंड में प्राइवेट जेट बुक करने का वादा करते हैं। एविएशन एक्सपर्ट के मुताबिक पारंपरिक रूप से प्राइवेट जेट बुक करना एक सिरदर्द भरा काम रहा है। इसमें किसी ब्रोकर को कॉल करना, बजट पर चर्चा करना और फिर ब्रोकर द्वारा एयरक्राफ्ट मालिकों से संपर्क करने की लंबी प्रक्रिया होती थी। इसमें कई बार सही विमान ढूंढने में कई दिन तक लग जाते थे और कीमतें भी पारदर्शी नहीं होती थीं। नए एप्स इस पूरी प्रक्रिया से ‘मिडलमैन’ यानी ब्रोकर को हटा रहे हैं। फ्लाईहाउस के फाउंडर सैनफोर्ड मिचेलमैन कहते हैं, ‘अब कोई दूसरा मेरे लिए विमान नहीं चुन रहा है। मेरे पास रियल-टाइम में ढेरों विकल्प हैं और चूंकि ब्रोकर की फीस नहीं है, इसलिए कीमतें भी कम हैं।’ कंपनी ने एक ‘रिवर्स ऑक्शन’ मॉडल पेश किया है, जहां विमान मालिक बिजनेस पाने के लिए अपनी कीमतें कम करते हैं, जिसे यूजर लाइव देख सकते हैं। डिजिटल क्रांति के बावजूद, कुछ विशेषज्ञ अब भी पुराने तरीके को बेहतर मानते हैं।’ प्राइवेट जेट कार्ड कंपैरिजन के संपादक डग गोलन का कहना है कि एक अनुभवी ब्रोकर विमान की बारीकियों के बारे में एप से बेहतर जानकारी दे सकता है। बड़ी सुविधा, पूरी फ्लाइट नहीं, सिर्फ एक सीट भी बुक करने की आजादी फ्रेंडशेयर- फ्लाई हाउस का नया फीचर यूजर्स को समान रुचि वाले लोगों के साथ मिलकर पूरी फ्लाइट के बजाय सिर्फ पसंद की सीटें बुक करने की सुविधा देता है। एक्सओ का नेटवर्क – विस्टा ग्लोबल की यूनिट 2,000 से अधिक विमानों के डेटा और एल्गोरिदम का उपयोग करती है, जिससे वे 96% सटीक और गारंटीड कीमतें दे पाते हैं। हाइब्रिड मॉडल- व्हील्स अप ने अपने एप में निजी जेट के साथ कमर्शियल उड़ानों को भी जोड़ दिया है, ताकि सदस्य अपनी जरूरत के हिसाब से यात्रा चुन सकें। बुकिंग से पहले एआई अब फ्यूल कैपेसिटी, एयरपोर्ट नियम जांच रहा एलीवेट जेट जैसी कंपनियां बुकिंग प्रक्रिया में एआई का इस्तेमाल कर रही हैं। यह सिस्टम न केवल विमान बुक करता है, बल्कि यह भी जांचता है कि वह विमान उस खास रूट पर उड़ान भर सकता है या नहीं। इसमें ईंधन की क्षमता, क्रू की सीमा और एयरपोर्ट की पाबंदियों का रियल-टाइम डेटा विश्लेषण किया जाता है। कंपनी के सीईओ ग्रेग रैफ के मुताबिक, ‘हम उन पेचीदगियों को पहले ही पकड़ लेते हैं जो अक्सर ब्रोकर छिपा जाते हैं।’
मैक्स साकेत में डॉक्टरों ने ईराकी मरीज की आंख से कैंसर हटाया

Last Updated:February 25, 2026, 15:43 IST मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर की स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर ईराक के मरीज की आंख का इलाज किया है. डॉक्टरों ने न केवल उसकी आंख से मटर जैसा ट्यूमर हटाया बल्कि उसकी आंखों की रोशनी भी बचा ली. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी खबर.. मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने ईराकी मरीज की आंख से कैंसर निकाला है और उसकी रोशनी भी बचा ली है. सांकेतिक तस्वीर. Eye cancer Treatment news: भारतीय डॉक्टर और भारत में तैयार स्वदेशी चीजें सबसे बेहतर हैं, ये मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने साबित कर दिया है. यहां के डॉक्टरों ने ईराक से आए एक मरीज की आंख से न केवल दुर्लभ ट्यूमर को बाहर निकाला है, बल्कि उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी जैसी की तैसी बची हुई है. यह कुशल भारतीय हेल्थकेयर का एक नायाब उदाहरण है कि आंख में से कैंसर को हटाने के बावजूद भी आंखों की रोशनी को नुकसान नहीं पहुंचा. बता दें कि ईराक के रहने वाले एक 41 साल के मरीज को पिछले छह महीने से दायीं आंख से दिखने में कुछ परेशानी होने लगी थी. पहले इसे उन्होंने आंख की सामान्य समस्या समझा लेकिन धीरे-धीरे परेशानी बढ़ने लगी तो वे एक्सपर्ट मेडिकल केयर के लिए भारत आ गए. यहां मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत में विस्तार से की गई जांच में पता चला कि उनकी आंख में 9.5 गुणा 13.5 मिमी बड़ा ट्यूमर था. यह लगभग एक छोटे मटर के दाने जितना बड़ा था. यह दरअसल कोरोइडल मेलानोमा था, जो आंखों के कैंसर का एक दुर्लभ और जानलेवा प्रकार है. सबसे बड़ी बात है कि अगर समय पर इलाज नहीं मिलता तो यह पूरी आंख में फैल सकता था. अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज के इलाज के लिए प्लेक ब्रैकीथेरेपी का प्रयोग करने का फैसला किया और ऑफ्थेल्मोलॉजी की एचओडी और प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. अनीता सेठी के नेतृत्व में ऑफ्थेल्मोलॉजी टीम ने सर्जरी को अंजाम दिया. इसमें रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. डोडुल मंडल ने भी सहयोग दिया. यह आंखों के इलाज के क्षेत्र में एडवांस्ड रेडिएशन ट्रीटमेंट है, जिसमें रेडियोएक्टिव प्लेक को सीधे ट्यूमर तक पहुंचाया जाता है. इससे डॉक्टरों को आसपास की कोशिकाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए कैंसर सेल्स को निशाना बनाने में आसानी हुई जबकि कुछ अन्य थेरेपी में पूरी प्रभावित आंख को निकालने की नौबत आ जाती है. सबसे खास बात इस इलाज की ये रही कि डॉक्टरों ने इसके लिए देश में विकसित रुथेनियम-106 प्लेक का इस्तेमाल किया, जिसे भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर ने तैयार किया है. इससे आयातित विकल्पों की तुलना में किफायती समाधान मिल गया. फिर रेडिएशन की जरूरी डोज मिलने तक मरीज को अस्पताल में रखा गया और प्लेक को हटा दिया गया. इस थेरेपी की मदद से मरीज का ट्यूमर तो हटा ही उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी बनाए रखने में मदद मिली. इस केस को लेकर डॉ. अनीता सेठी ने कहा, ‘बहुत से मरीजों में डर होता है कि आंख में कैंसर का पता चलने का अर्थ है कि आंखों की रोशनी चली जाएगी. इस मामले में हमारा लक्ष्य था कि मरीज की आंखों की रोशनी बचाए रखते हुए प्रभावी तरीके से ट्यूमर हटाया जाए. सही समय पर जांच हो जाने से हमें उपयुक्त इलाज चुनने और मरीज को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने में मदद मिली. यह केस दिखाता है कि कैसे सही समय पर मल्टीडिसिप्लिनरी प्लानिंग से आंख के कैंसर के जटिल मामलों में भी आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है.’ वहीं डॉ. डोडुल मंडल ने कहा, ‘रेडियोथेरेपी आज के समय में सभी के लिए सटीक और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट देने का माध्यम बन गई है. प्लेक ब्रैकीथेरेपी में रेडिएशन सोर्स को सीधे ट्यूमर के पास लगा दिया जाता है, जिससे आंख के स्वस्थ हिस्सों तक बहुत कम रेडिएशन पहुंचता है और अनावश्यक नुकसान का खतरा कम होता है.’ इस केस ने दिखाया है कि कैसे सटीक और मल्टीडिसिप्लिनरी केयर से आंख के कैंसर के जटिल मामलों में भी शानदार नतीजे मिल सकते हैं. बता दें कि भारत में कुछ चुनिंदा अस्पताल ही यह इलाज देते हैं. एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच आसान होने से इस तरह के एप्रोच की मदद से भारत में आंखों के कैंसर के इलाज भी हो जाता है और रोशनी भी बनी रहती है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीनियर हेल्थ रिपोर्टर काम कर रही हैं. इन्हें पिछले 14 साल से फील्ड में रिर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है. इससे पहले ये हिंदुस्तान दिल्ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : February 25, 2026, 15:43 IST
भोपाल में लैब संचालक ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:पत्नी से विवाद के बाद नाराज होकर घर से निकले थे, लौटकर दी जान

भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक लैब संचालक ने मंगलवार देर रात घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। इससे पहले उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। नाराज होकर घर से निकले और देर रात घर लौटे, कब उन्होंने खुदकुशी कर ली पत्नी और बच्चों को पता ही नहीं चला। बुधवार तड़के उठी पत्नी ने पति के शव को देखा, जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से बॉडी को उतारा और पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। खाने को लेकर हुआ था पत्नी से विवाद पुलिस के मुताबिक पुष्पेंद्र दोरे पिता रामलखन दोरे (40) कोलार रोड गिरधर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। एक लैब का संचालन करते थे। उनके दो बेटे हैं और दोनों स्कूली छात्र हैं। पुष्पेंद्र ने मंगलवार देर रात को मर्जी का खाना नहीं मिलने की बात पर नाराज हो गए थे। घर कब लौटे किसी को भनक तक नहीं लगी इस बात को लेकर उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से चले गए। देर रात को घर लौटे और एक कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार दोपहर को पीएम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है।
कुछ इंच की दूरी से गुजरी मौत:मंदसौर में लोडिंग पिकअप के टायरों के नीचे आने से बाल-बाल बचा मासूम, स्कूटी से गिरा

मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक छोटे बच्चे की जान बाल-बाल बचती नजर आ रही है। घटना में जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी, लेकिन गनीमत रही कि समय रहते वाहन चालक ने ब्रेक लगा दिए और मासूम सुरक्षित बच गई। स्कूटी के आगे बैठा था बच्चा एक युवक अपनी स्कूटी से जा रहा था और उसके आगे एक बच्चा बैठा हुआ था। इसी दौरान सामने से एक लोडिंग पिकअप वाहन आ रहा था। तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से मासूम स्कूटी से सड़क पर गिर गया। टायर से कुछ ही इंच की दूरी पर गिरा बच्चा हैरानी की बात यह रही कि बच्चा ठीक उसी समय सड़क पर गिरा जब सामने से लोडिंग वाहन गुजर रहा था। वाहन के अगले दोनों टायर मासूम को पार कर चुके थे, लेकिन बच्चा उनसे कुछ ही इंच की दूरी पर गिरा। यदि जरा सा भी फासला कम होता तो यह घटना गंभीर हादसे में बदल सकती थी। लोडिंग वाहन चालक ने तत्काल ब्रेक लगा दिए, जिससे वाहन वहीं रुक गया। चालक की सतर्कता के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे लोग घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चा किस तरह वाहन के टायर से कुछ ही इंच की दूरी पर गिरती है। यह दृश्य किसी भी व्यक्ति को झकझोर देने के लिए काफी है। गनीमत रही कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर जरा सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है।







