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बिना तेल ऐसे बनाएं क्रिस सोया चंक, 10 मिनट में तैयार श्रमिक इवानिंग बँड; जानें आसान रेसिपी

बिना तेल ऐसे बनाएं क्रिस सोया चंक, 10 मिनट में तैयार श्रमिक इवानिंग बँड; जानें आसान रेसिपी

क्रिस्पी सोया चंक्स रेसिपी: चाय के साथ कुछ कुरकुरी और चटपटा खाने का मन करता है, लेकिन तेल में मानक सांख्यिकी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। ऐसे में सोया चंक की खास रेसिपी आपके लिए बेस्ट लिस्ट में है, क्योंकि ये प्रोटीन सबसे ज्यादा है। और खास बात ये है कि ये बिना तेल में भी तैयार हो सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको एयर फ़्रेयर की ज़रूरत है। ये खास रेसिपी बच्चों से लेकर बच्चों तक सभी को पसंद आएगी। साथ ही वजन नियंत्रण धारकों के लिए भी यह एकदम फिट है। सोया चैंक में हाई क्वालिटी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन होता है, जो मांसाहारियों के लिए अच्छा आहार बन जाता है। इसे एयर फ्रायर में बनाने से तेल की जरूरत नहीं पड़ती और ये बाहर से कुरकुरा और अंदर से उगता रहता है। क्रिस्पी सोया चंक कैसे बनाएं? एक पोस्ट में पानी गर्म करें। 15-20 मिनट के लिए सोया चैंक स्टूडियो में प्रवेश करें। सुझावने के बाद सोया चंक को अच्छे से उत्तम लें ताकि सारा पानी निकल जाए। एक बाउल में दही फेंटें। इसमें सभी शामिल हैं- कश्मीरी लाल मिर्च, जीरा पाउडर, गर्म मसाला, हल्दी, धनिया पाउडर, चाट मसाला, अदरक-लहसुन पेस्ट, कसूरी मेथी और नमक मसाला से मजबूत। व्याख्याते हुए सोया चंक को पहले इत्र से लेकर मक्के के चिप्स में लपेटें। फिर दही वाले मिलावट के मिश्रण में बढ़िया से कोट कर लें। एयर फ़्रेयर को 180 डिग्री सेल्सियस पर 3-4 मिनट पहले हिट करें। कोटेड सोया चैंक को एयर फ्रायर स्मारक में रखा गया। 180-200 डिग्री पर 8-12 मिनट तक एयर फ्री करें। बीच में एक बार हिलें ताकि चारों तरफ से क्रिस्पी हो जाएं। बस क्रिस्पी सोया चंक वापसी तैयार है। इस खास क्रिस्पी सोया चंक को हरी चटनी, टमाटर मसाला या चाय के साथ सर्व करें। यह बस्तर ना सिर्फ टेस्टी है बल्कि स्वस्थ भी है। अगर एयर फ्रायर नहीं है तो आप 200 डिग्री पर भी 15-18 मिनट में उड़ान भर सकते हैं। आप इसे तकनीशियन के रूप में भी कर सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)सोया चंक्स रेसिपी(टी)सोयाबीन चंक्स रेसिपी(टी)सोया मिर्च रेसिपी(टी)सोया मंचूरियन(टी)मिर्च सोयाबीन(टी)सोयाबीन(टी)क्रिस्पी सोया चंक्स(टी)क्रिस्पी सोया चंक्स रेसिपी(टी)आसान सोया चंक्स करी(टी)क्रिस्पी सोयाबीन फ्राई

गर्मी में रोज पीएं छाछ…पेट की गैस से लेकर एसिडिटी तक कई समस्याएं रहेंगी दूर, नोट करें बच्चों की आसान रेसिपी

गर्मी में रोज पीएं छाछ...पेट की गैस से लेकर एसिडिटी तक कई समस्याएं रहेंगी दूर, नोट करें बच्चों की आसान रेसिपी

जीरा छाछ रेसिपी: जैसे-जैसी गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे पेट की समस्या जैसे गैस, कब्ज, अपच और एसिडिटी हो रही है। ऐसे में घरेलू देसी ड्रिंक जीरा छाछ एक बेहतरीन सूची में है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देता है, साथ ही पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। गर्मियों में रोज़ छाछ प्लांट स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा है। वहीं, जीरा छाछ के और भी फायदे हैं। छाछ में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो छीछ में अनमोल चर्च की मूर्तियां हैं। जीरा मिलाने से यह और भी प्रभावशाली हो जाता है। जीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और कार्मिनेटिव गुण होते हैं, जो गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी कम करते हैं। यह ऑर्डर के रूप में पेट को ठंडा करने और डाइटिंग से शुरू करने का तरीका है। प्रतिदिन एक कैप्सूल जीरा छाछ पीने से कब्ज दूर रहता है और पाचन क्रिया द्रव्य बनी रहती है। ख़ास बात यह है कि यह रेसिपी बहुत आसान है और 5 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है। तड़का वाली जीरा छाछ ऐसे करें तैयार गर्मी के मौसम में छाछ को शामिल करने से शरीर पर शोध किया जाता है और पेट की छोटी-मोटी जिंदगी खुद-ब-खुद दूर हो जाती है।

‘यह एक हिंदू राष्ट्र है’: महाराष्ट्र के मंत्री ने सरकारी कार्यालय में नमाज के बाद कार्रवाई का आह्वान किया | राजनीति समाचार

New Zealand defeat Sri Lanka by 61 runs. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2026, 23:12 IST एक वीडियो में मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के अंदर नमाज पढ़ते हुए दिखाए जाने के बाद भाजपा नेता नितेश राणे ने घटना की निंदा की। महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे। महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के अंदर नमाज अदा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार को कड़ी कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों से बात करते हुए, राणे ने कड़ी टिप्पणी की, “यह एक हिंदू राष्ट्र है। हमारे देश में किसी को भी इस तरह से धर्म का पालन करने, उपदेश देने या जिहाद करने की अनुमति नहीं है… क्या इन लोगों को मालेगांव के विकास के लिए चुना गया है या जिहाद करने के लिए? ऐसे निकायों को भंग करने की मांग क्यों नहीं की जानी चाहिए?” #घड़ी | मालेगांव नगर निगम बिजली विभाग के कार्यालय के अंदर नमाज अदा करने पर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे का कहना है, “यह एक हिंदू राष्ट्र है। यहां किसी को भी ऐसा करने की इजाजत नहीं है…क्या इन लोगों को मालेगांव के विकास के लिए चुना गया है या जिहाद करने के लिए?… pic.twitter.com/HFhWYA6JC0– एएनआई (@ANI) 25 फ़रवरी 2026 उन्होंने कहा, “यह सब सिर्फ नाटक है, अगर वे ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें किसी इस्लामिक देश में जाना चाहिए… जब इतनी सारी मस्जिदें हैं तो उन्हें वहां नमाज क्यों पढ़नी चाहिए? हम निश्चित रूप से कार्रवाई के लिए कहेंगे।” राणे ने राज्य में मदरसों की भी आलोचना की, उन्हें “आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल” कहा और कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से उन्हें बंद करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने अपने गृह जिले सावंतवाड़ी के एक अलग वायरल वीडियो का हवाला दिया, जिसमें एक पादरी सदस्य कथित तौर पर एक छात्र की पिटाई कर रहा है। उन्होंने कहा, “आपने बच्चों की पिटाई का मौलवी का वीडियो देखा है। यह मेरे गृह जिले सावंतवाड़ी का है और मैं जिले का संरक्षक मंत्री भी हूं। आपको यह भी पता चल जाएगा कि जल्द ही उस पर क्या सख्त कार्रवाई होने वाली है।” मंत्री ने इस्लामिक स्कूलों की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया, “आपको मदरसों की आवश्यकता क्यों है? यही मूल बिंदु है। ये मदरसे आतंकवाद के केंद्र हैं। वे वहां आतंकवादियों को आकार देते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया, “अगर आप कुरान पढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास मस्जिदें हैं। कभी-कभी इन मदरसों में हथियार पाए जाते हैं, और कभी-कभी बच्चों की पिटाई जैसी घटनाएं होती हैं।” राणे ने आगे सवाल किया कि क्या कोई इस्लामिक देश हिंदुओं के लिए ऐसे स्कूलों की इजाजत देगा जहां केवल भगवद गीता पढ़ाई जाती हो। उन्होंने कहा, “मैं सीएम से बात करूंगा और उनसे सभी मदरसों को बंद करने के लिए कहूंगा, क्योंकि ये आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल हैं।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : महाराष्ट्र, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 25 फरवरी, 2026, 23:12 IST समाचार राजनीति ‘यह एक हिंदू राष्ट्र है’: महाराष्ट्र के मंत्री ने सरकारी कार्यालय में नमाज के बाद कार्रवाई का आह्वान किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महाराष्ट्र नमाज विवाद(टी)नितेश राणे का बयान(टी)मालेगांव नगर निगम नमाज(टी)महाराष्ट्र में मदरसे(टी)मदरसों पर आतंकवाद के आरोप(टी)मदरसों के खिलाफ कार्रवाई(टी)वायरल नमाज वीडियो(टी)हिंदू राष्ट्र टिप्पणियां

मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर दिया, खुद भी पीया:पिता-पुत्री की मौत, पत्नी ICU में; ऑनलाइन गेम के चलते कर्ज में डूबा था

शहडोल में ऑनलाइन गेम की लत और इसके चलते कर्ज से परेशान होकर मोबाइल कारोबारी ने पत्नी-बेटी को जहर पिला दिया। फिर खुद पी लिया। इलाज के दौरान पहले बेटी, फिर कारोबारी की जान चली गई। पत्नी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में मौत से जंग लड़ रही है। मामला शहडोल के कोतवाली थाना इलाके में पुरानी बस्ती का है। यहां रहने वाले शंकर लाल गुप्ता (40) को ऑनलाइन गेम ‘बीडीजी’ खेलने की लत थी। वह इस खेल में करीब 4 लाख रुपए हार चुका था। इसके लिए लोगों से कर्ज भी लिया था। कर्ज के बढ़ते बोझ और आर्थिक तंगी की वजह से शंकर लाल काफी समय से तनाव में चल रहा था। कभी खुद की मोबाइल दुकान चलाने वाला शंकर अब सड़क किनारे छोटी सी दुकान लगाकर गुजारा करने को मजबूर था। घर से बाहर होने की वजह से बचा बेटा 24 फरवरी की रात शंकर लाल बाजार से कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाया। इसमें जहर मिला दिया। फिर पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति (16) को पिला दी। खुद भी पी ली। शंकर लाल का 15 वर्षीय बेटा घर से बाहर गया था। रात में चीखपुकार सुनकर पड़ोसी शंकर लाल के घर पहुंचे। देखा कि तीनों लोगों की तबीयत खराब है। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान 25 फरवरी की सुबह स्वाति की मौत हो गई। शाम करीब 6 बजे शंकर लाल ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कोतवाली के एसआई उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा- शुरुआती जांच में खुदकुशी की वजह आर्थिक तंगी ही लग रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

प्यार में धोखा, 8 साल से जंजीरों में कैद युवक:छतरपुर में मानसिक विक्षिप्त को कराया मुक्त; ग्वालियर अस्पताल में होगा इलाज

छतरपुर के बसारी गांव में प्यार में मिले धोखे के बाद मानसिक संतुलन खो चुके एक 30 वर्षीय युवक को 8 साल बाद जंजीरों से आजादी मिली है। युवक का नाम सोनू रैकवार है, जिसे हिंसक होने के कारण उसके ही गरीब परिवार ने सालों से जंजीरों में बांध कर रखा था। अब समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा और महिला थाना पुलिस की संयुक्त पहल से उसे मुक्त कराकर इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों के मुताबिक, सोनू कुछ साल पहले दिल्ली में मजदूरी करने गया था। वहां उसे एक युवती से प्रेम हो गया, लेकिन इस रिश्ते में उसे गहरा धोखा और बेवफाई मिली। इस सदमे से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। जब वह गांव लौटा, तो गुमसुम रहने लगा और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह हिंसक हो गया और लोगों को नुकसान पहुंचाने लगा। गरीबी के कारण नहीं हो सका इलाज, मजबूरन बांधी जंजीर सोनू के पिता हरदास रैकवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भिक्षावृत्ति कर अपना जीवन यापन करते हैं। पैसे की तंगी के कारण वे अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा सके। सोनू खुद को या दूसरों को कोई नुकसान न पहुंचा ले, इस डर से मजबूर पिता और परिजनों ने पिछले 8 सालों से उसे लोहे की जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ था। संजय दत्त की करता है एक्टिंग, अब जगी ठीक होने की उम्मीद हैरानी की बात यह है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने और जंजीरों में बंधे रहने के बावजूद सोनू बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बड़ा फैन है और अक्सर उनकी एक्टिंग (नकल) करता है। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा ने महिला थाना प्रभारी प्रतिभा श्रीवास्तव के सहयोग से उसे जंजीरों से मुक्त कराया। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और उसे ग्वालियर भेजने की तैयारी है। डॉ. शर्मा का दावा है कि सही इलाज मिलने पर सोनू पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकेगा। 1500 मानसिक रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं डॉ. शर्मा समाजसेवी डॉ. संजय शर्मा पिछले कई सालों से मानसिक रोगियों के लिए फरिश्ता बने हुए हैं। वे अब तक 1500 से अधिक मानसिक रोगियों को इलाज के लिए ग्वालियर आरोग्यशाला भिजवा चुके हैं। इनमें से लगभग 1400 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के पास लौट चुके हैं। अब सोनू के पिता को भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही ठीक होकर घर लौटेगा।

नीमच में चार दिवसीय फाग महोत्सव शुरू:पहले दिन नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली निशान यात्रा; तीन दिन होंगे आयोजन

नीमच में चार दिवसीय फाग महोत्सव शुरू:पहले दिन नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली निशान यात्रा; तीन दिन होंगे आयोजन

नीमच शहर में बुधवार से चार दिवसीय फाग महोत्सव की शुरुआत हो गई है। महोत्सव के पहले दिन मनासा रोड स्थित बोरखेड़ी के नीलकंठ महादेव मंदिर से एक विशाल निशान यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्याम भक्त शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा यह निशान यात्रा नीलकंठ महादेव मंदिर से शुरू होकर मनासा नाका और नीमच सिटी होते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान भक्त श्याम भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। देर शाम यह यात्रा खाटू श्याम मंदिर पहुंची, जहां भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। यह आयोजन प्राचीन श्री श्याम मंदिर और बावड़ी वाले बालाजी के नेतृत्व में किया गया। पालकी यात्रा और छप्पन भोग होगा महोत्सव के तहत अगले तीन दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे: 26 फरवरी (गुरुवार): नरसिंह मंदिर घंटाघर से बाबा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। 27 फरवरी (शुक्रवार): फागुन एकादशी पर बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार होगा। इस दिन छप्पन भोग लगाकर महाआरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। 28 फरवरी (शनिवार): अखंड जोत और भव्य कीर्तन के साथ चार दिवसीय महोत्सव का समापन होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से इन कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा में भाई के संस्कार में आए NRI की मौत:कुरुक्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो, तेज थी रफ्तार; भाभी मौजूदा सरपंच

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पूर्व सरपंच के संस्कार में जर्मनी से आए उसके भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूर्व सरपंच का भाई अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपनी स्कॉर्पियो में घर आ रहा था। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर उनकी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो 90 डिग्री तक घूम गई। इसमें कार चला रहे पूर्व सरपंच के भाई NRI गुरदीप सिंह (60) ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि उनके साथ बैठे गांव के ही जगविंदर सिंह जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह उनके शव को बाहर निकाला। साथ ही घायल जगविंदर को भी बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया गया है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….

संभागायुक्त ने किसानों से उन्नत तकनीक की खेती, मुनाफा जाना:देवास में आधुनिक खेती से लाखों कमा रहे किसान; बैलेंस शीट भी बनाते हैं

संभागायुक्त ने किसानों से उन्नत तकनीक की खेती, मुनाफा जाना:देवास में आधुनिक खेती से लाखों कमा रहे किसान; बैलेंस शीट भी बनाते हैं

देवास में संभागायुक्त आशीष सिंह ने देवास जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग करने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत तकनीकों और उनसे मिल रहे मुनाफे को समझा। ग्राम मेंढकी धाकड़ में संभागायुक्त ने किसान जगदीश नागर के खेत का दौरा किया। नागर ने बताया कि वे 5 हजार वर्ग फीट जमीन से 55 हजार रुपये की लौकी का उत्पादन कर रहे हैं। पहले वे पारंपरिक फसलें उगाते थे, लेकिन अब उद्यानिकी फसलों जैसे टमाटर, ड्रैगन फ्रूट, गोभी, धनिया और खरबूजा की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। वे सिंचाई के लिए ड्रिप और मल्चिंग जैसी आधुनिक पद्धतियों का उपयोग करते हुए साल में तीन फसलें लेते हैं। इसके बाद संभागायुक्त ने ग्राम जामगोद में किसान कैलाश पटेल द्वारा किए जा रहे केंचुआ खाद उत्पादन कार्य का अवलोकन किया। पटेल ने बताया कि उन्होंने 30 हजार रुपये की पूंजी से यह काम शुरू किया था, जिसे अब मेहनत और सही तकनीक से 3 लाख रुपये के टर्नओवर वाले सफल व्यवसाय में बदल दिया है। वे जैविक और केंचुआ खाद 6 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं। उनके इस नवाचारी प्रयास से कई अन्य किसान भी जुड़कर जैविक खेती कर रहे हैं। ग्राम अरनिया जागीर में किसान नारायण सिंह सेंधव के खेत पर पहुंचकर संभागायुक्त सिंह और कलेक्टर ऋतुराज आश्चर्यचकित रह गए। सेंधव ने बताया कि वे खेती को एक उद्योग के रूप में करते हैं और हर काम की बैलेंस शीट तैयार रखते हैं। इसमें पौधे लगाने, खर्च, पानी और खाद देने का पूरा विवरण दर्ज होता है। वे एक एकड़ में साल भर में 8 लाख रुपये तक का करेला बेच देते हैं। हाल ही में उनके करेले की फसल 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मंडी में बिकी है। वे जल्द ही सफेद करेले की फसल भी तैयार कर रहे हैं, जिसे अनुमानित 105 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने की उम्मीद है।

इस दातून ने बूढ़े को बना दिया जवान! 70 की उम्र में 35 साल वाले दांत, रोज करें… 1 महीने में असर का दावा

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Last Updated:February 25, 2026, 18:32 IST Healthy Teeth Remedy: मध्य प्रदेश में रहने वाले एक शख्स की उम्र 60 साल थी, जब उनके दांत हिलने लगे थे. वो परेशान हो गए और उन्होंने एक पौधे की जड़ से दातून करना शुरू कर दिया. अब दस साल बीत गए. उनकी उम्र 70 साल है और उनके दांत 35 साल के व्यक्ति जैसे मजबूत हैं. जानें उनका दावा और औषधि का नाम… Healthy Teeth Tips. एमपी के छतरपुर में रहने वाले रामसहाय सेन के दांत 10 साल पहले हिलने लगे थे. इसके बाद इन्होंने अलग-अलग टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन दांत मजबूत नहीं हुए . रामसहाय आयुर्वेदिक वैद्य के पास पहुंचे. वहां उनको एक झाड़ीनुमा औषधि के बारे में बताया गया. इसके बाद उन्होंने टूथपेस्ट छोड़, उसकी की दातून शुरू कर दी. आज उनके सारे दांत वापस मजबूत हो चुके हैं. रामसहाय ने कहा, जहां भी जाते हैं इस दातून को साथ लेकर जाते हैं. 12 महीने यही करते हैं. बूढ़े को बनाया जवान… लवकुश नगर के रामसहाय सेन ने लोकल 18 को बताया, जब मैं 60 वर्ष का था तब मेरे दांत हिलने लगे थे. मुझे लग रहा था कि अब मेरे दांत नहीं रहेंगे तो मैं फिर भोजन नहीं ठीक से कर पाऊंगा. इससे और जल्दी बूढ़ा हो जाउंगा. मैंने इसके बाद बहुत से टूथपेस्ट और टूथब्रश यूज किए, लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा था. एक औषधि इतने नामरामसहाय बताते हैं उनकी टेंशन बढ़ती जा रही थी. क्योंकि, अब एक नहीं कई दांत हिलने लगे थे. उन्होंने अपनी ये चिंता भागवत कथावाचक जो वैद्य भी हैं, को बताई. उन्होंने वज्रदंती मंजन करने को कहा. उन्होंने बताया ये दांतों के लिए रामबाण औषधि है. इसका उपयोग युगों से होता आया है. ये सड़क या खेत किनारे देखने को मिल जाती है. इसे आयुर्वेद में अपामार्ग कहा जाता है. वहीं, क्षेत्रीय भाषा में इसे चिरचिटा या अझ्झाझार औषधि के नाम से भी जाना जाता है. रामसहाय बताते हैं कि जैसे ही गुरुजी ने यह उपाय बताया, मैंने इसे ढूंढना शुरू कर दिया. हर दिन ही इसकी जड़ों की दातून करने लगा. अगर कहीं बाहर भी जाना है तो इकट्ठी दातून बना लेता हूं और साथ लेकर चला जाता हूं.‌ नीम, बबूल से भी तगड़ीरामसहाय बताते हैं कि इस दातून को वज्रदंती मंजन भी कहते हैं. 10 साल से हर दिन ये दातून कर रहा हूं. आज 70 साल का हो गया हूं, लेकिन दांत मजबूत हैं. नीम, बबूल की दातून तो सभी करते हैं, लेकिन चिरचिटा की जड़ों को दातून का रूप देकर पहले चबाना होता है, फिर दांतों में घिसना होता है. इससे दांत तो साफ होते ही हैं, मसूड़े भी मजबूत बनते हैं. हिलते दांत भी मजबूत हो जाते हैं. 1 महीने में परिणाम रामसहाय बताते हैं कि अगर दांत हिलने लगे हैं या मसूड़ों में दर्द रहता है या पायरिया हो गया है, दांतों से खून निकलता है तो चिरचिटा पौधे की जड़ों की दातून एक महीने तक बंधकर करें. इससे आपके हिलते दांत भी मजबूत हो जाएंगे. मैं इसे 10 साल से कर रहा हूं. 12 महीने दातून कर सकते हैं रामसहाय बताते हैं कि चिरचिटा या अझ्झाझार वैसे तो बरसात और ठंड सीजन में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन बढ़ती गर्मी में ये कम दिखाई देता है. लेकिन आप इसकी जड़ों को पानी में डालकर रखते हैं तो आप गर्मी के मौसम में भी इसकी दातून कर सकते हैं. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : February 25, 2026, 18:32 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

गुझिया बनाने की युक्तियाँ: बिना किसी मिनट में एक साथ प्रभाव 7 गुझिया, होली पर ये रहस्य तरीका आने वाला काम

गुझिया बनाने की युक्तियाँ: बिना किसी मिनट में एक साथ प्रभाव 7 गुझिया, होली पर ये रहस्य तरीका आने वाला काम

25 फरवरी 2026 को 18:25 IST पर अद्यतन किया गया गुझिया बनाने के टिप्स: होली पर गुझिया बनाना सबसे बड़ा काम होता है। लेकिन कोई ऐसी ट्रिक पता चले, जिससे एक साथ कई सारी गुझिया बनाई जा सके, तो मजा ही आ जाएगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)होली गुझिया रेसिपी(टी)घर पर गुजिया बनाने के टिप्स(टी)आसान गुजिया ट्रिक(टी)होली मिठाई रेसिपी 2026(टी)बिना फफूंदी वाली गुजिया कैसे बनाएं(टी)पारंपरिक होली मिठाई(टी)गुजिया डिजाइन विचार