धन वर्षा का झांसा, फिर खिलाया लड्डू और… पीरागढ़ी में कार में मिली 3 लाश की गुत्थी सुलझी, तांत्रिक गिरफ्तार

दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के अंदर तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी तांत्रिक बाबा को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार बाबा का नाम कमरुद्दीन बताया गया है. पुलिस के मुताबिक, यह बाबा लोगों को पैसों को दोगुना करने और धन वर्षा का झांसा देकर ठगता था. दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रविवार 8 तारीख को पीसीआर को कॉल मिली थी कि एक कार खड़ी है, जिसमें तीन लोग बेहोशी की हालत में पड़े हैं. मौके पर पहुंचने पर पुलिस को कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला के शव मिले. तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने शवों की पहचान कर परिजनों से बातचीत की, लेकिन शुरुआती तौर पर कोई भी ऐसी परिस्थिति सामने नहीं आई जिससे आत्महत्या का एंगल स्पष्ट हो. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें मृतकों की लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संपर्कों की जांच की गई. कैसे मिला तांत्रिक बाबा का सुराग? जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम लोनी पहुंची और वहां से बाबा कमरुद्दीन को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बाबा लोगों को पैसों के लालच में फंसाता था. वह दावा करता था कि कुछ खास तरीके और रस्मों के जरिए पैसे दोगुने या करोड़ों में बदले जा सकते हैं. पुलिस के अनुसार, मृत महिला पिछले 3-4 महीनों से बाबा के संपर्क में थी और हाल के दिनों में उससे लगातार बातचीत और मुलाकात कर रही थी. महिला अपने पति की बीमारी के इलाज के बहाने पहली बार बाबा के पास गई थी. बाबा ने उसे एक तरह का जादू दिखाया, जिसमें उसने एक साल पुरानी जगह से भारी मात्रा में पैसे निकलते दिखाए, जिससे महिला और उसके साथी लालच में आ गए. बाबा ने इन लोगों को कैसे फंसाया? आरोपी ने उनसे कहा था कि अगर वे 2 लाख रुपये देंगे तो वह रकम को कई गुना बढ़ा देगा. इसी लालच में तीनों लोग घटना वाले दिन भी पैसे लेकर उसके पास गए थे. पुलिस का कहना है कि लौटते समय बाबा ने उन्हें लड्डू में मिलाकर कोई जहरीला पदार्थ दिया, जिसकी जांच अभी की जा रही है. रास्ते में जब पीड़ितों को तबीयत बिगड़ने लगी तो बाबा ने गाड़ी रुकवाई और वहां से उतरकर फरार हो गया. कुछ ही देर बाद तीनों की कार में मौत हो गई. पुलिस ने मोबाइल फोन की जांच में पाया कि बाबा कई लोगों के संपर्क में था और इसी तरह का झांसा देकर ठगी करता रहा है. पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है. फिलहाल पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि अन्य सबूतों और पीड़ितों की पहचान कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
‘हम युद्ध के युग में आगे बढ़ रहे हैं’: राहुल गांधी ने भू-राजनीतिक अस्थिरता, एआई जोखिम को चिह्नित किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:11 फरवरी, 2026, 13:40 IST लोकसभा में राहुल गांधी ने गाजा में युद्ध, यूक्रेन, ईरान तनाव का हवाला देते हुए वैश्विक अस्थिरता की चेतावनी दी और अमेरिका और चीन की प्रतिद्वंद्विता के बीच भारतीय डेटा को सबसे मूल्यवान संपत्ति बताया। लोकसभा में राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को गाजा में युद्ध से लेकर ईरान तनाव तक दुनिया भर में भू-राजनीतिक अस्थिरता पर प्रकाश डाला और अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा में भारतीय डेटा को “सबसे मूल्यवान संपत्ति” कहा। बजट 2026 पर सामान्य चर्चा के दौरान संसद के निचले सदन में बोलते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रभुत्व को चुनौती दी जा रही है, उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारीकरण की दुनिया में रह रहे हैं। “मैं आर्थिक सर्वेक्षण देख रहा था और मुझे वहां दो बिंदु मिले, ठोस बिंदु, गहन बिंदु जो मुझे पसंद आए। पहला बिंदु, कि हम तीव्र भू-राजनीतिक संघर्ष की दुनिया में रह रहे हैं… संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रभुत्व को चीनियों, रूसियों, अन्य ताकतों द्वारा चुनौती दी जा रही है। दूसरी बात यह है कि हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारीकरण की दुनिया में रह रहे हैं। वे यहां जो मुख्य बात बता रहे हैं वह यह है कि हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं। प्रधान मंत्री ने कहा, और एनएसए ने कहा, चौंकाने वाला, कुछ समय पहले, युद्ध का युग समाप्त हो गया है। वास्तव में, हम युद्ध के युग में जा रहे हैं। आप देख सकते हैं कि यूक्रेन में युद्ध है, गाजा में युद्ध है, और ईरान में युद्ध का खतरा है, इसलिए हम अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। संसद बजट सत्र लाइव अपडेट विपक्षी नेता ने कहा कि दुनिया एक महाशक्ति से दूसरी महाशक्ति की ओर जा रही है. “डॉलर को चुनौती दी जा रही है। जैसा कि दूसरी तरफ मेरे मित्र समझते हैं, केंद्रीय खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है, और अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती दी जा रही है। हम एक महाशक्ति की दुनिया से कुछ नई दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, जिसकी हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते… अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा में, सबसे मूल्यवान संपत्ति भारतीय डेटा है। अगर अमेरिकी महाशक्ति बने रहना चाहते हैं, अगर वे डॉलर की रक्षा करना चाहते हैं, तो इसकी कुंजी भारतीय डेटा है क्योंकि चीन के पास 1.4 बिलियन का डेटा पूल है।” राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी सरकार को चेतावनी दी और कहा कि इसके कई परिणाम होने वाले हैं. उन्होंने कहा, “सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे आगे रहने वाली कंपनियां संघर्ष करेंगी।” पहले प्रकाशित: फ़रवरी 11, 2026, 13:34 IST समाचार राजनीति ‘हम युद्ध के युग में आगे बढ़ रहे हैं’: राहुल गांधी ने भू-राजनीतिक अस्थिरता, एआई जोखिम को चिह्नित किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भूराजनीतिक अस्थिरता(टी)राहुल गांधी लोकसभा(टी)भारतीय डेटा संपत्ति(टी)अमेरिका चीन प्रतिद्वंद्विता(टी)ऊर्जा हथियारीकरण(टी)वित्तीय हथियारीकरण(टी)युद्ध का युग(टी)वैश्विक संघर्ष
love triangle bloody end : friendship illicit relationship | husband wife woh | delhi police mystery suspicion of extra marital affairs | पति, पत्नी और वो… दोस्ती या अवैध संबंध? जानें दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली. कहते हैं कि शक एक ऐसा जहर है जो हंसते-खेलते परिवार को नरक बना देता है. दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या किसी महिला को मदद करना भी गुनाह है? क्या शादी के बाद अगर कोई महिला किसी मर्द के साथ दोस्ती करता है तो उसे अवैध रिश्ता ही माना जाएगा? दिल्ली में एक ऐसी घटना घटी है, जो सोचने को मजबूर कर रहा है कि शादीशुदा महिला किसी गैरमर्द के साथ एक कमरे में दोस्त बनकर क्या रह सकता है? क्या गोकुलपुरी में हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद दिल्ली पुलिस की जांच महिला के अवैध संबंध के एंगल पर भी होगी? पढ़ें दिल्ली में पति, पत्नी और वो की एक ऐसी कहानी, जिसका क्लाइमेक्स धीरे-धीरे बाहर आने लगा है और जिसका अंत रोंगटे खड़े कर देने वाला था. पति ने पत्नी के दोस्त की हत्या कर दी है. हत्या के बाद पत्नी ने दिल्ली पुलिस को बयान दिया है कि उसके पति ने एक ऐसे शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी, जो उसके बुरे वक्त में बच्चों के लिए फरिश्ता बनकर आया था. कहानी की शुरुआत होती है करीब 10 महीने पहले. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली 35 वर्षीय महिला का पति गौरी शंकर यादव गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती था. घर में खाने के लाले पड़े थे और बच्चों का भविष्य अंधकार में था. उस वक्त रवि नाम का युवक महिला के जीवन में सहारा बनकर आया. कहानी पति, पत्नी और वो की महिला के मुताबिक रवि ने न केवल महिला की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर भी बनाया. रवि की मदद से ही महिला ने गोकुलपुरी में एक फूड स्टॉल शुरू किया, ताकि वह अपने बच्चों को पाल सके. जब महिला के सामने रहने का संकट आया तो रवि ने ही उसे एक कमरा किराए पर दिलाया और उसकी ढाल बनकर साथ खड़ा रहा. पति के लौटने के बाद क्या हुआ? लेकिन 6 फरवरी को गौरी शंकर यादव सूरत से दिल्ली वापस लौटा तो उसे अचानक दोनों के संबंध को लेकर शक होने लगा. एक ही घर में रवि की मौजूदगी उसे खटकने लगी. गौरी शंकर को लगने लगा कि उसकी पत्नी और रवि के बीच अवैध संबंध हैं. उसे यह अहसान नहीं दिखा कि उसकी गैरमौजूदगी में रवि ने ही उसके परिवार को बिखरने से बचाया था. 7 फरवरी की रात को रवि को लेकर पति-पत्नी के बीच जमकर झगड़ा हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि डरी हुई पत्नी ने मामला शांत करने के लिए रवि को छत पर सोने के लिए भेज दिया. उसे लगा कि सुबह तक गुस्सा ठंडा हो जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि रवि के लिए वह रात आखिरी साबित होगी. अगली सुबह का वो खौफनाक मंजर अगली सुबह जब महिला ऊपर पहुंची, तो उसकी चीख निकल गई. रवि खून से लथपथ पड़ा था. पास ही लकड़ी की एक मोटी छड़ी पड़ी थी, जो रवि के सिर पर वार करने की वजह से दो टुकड़ों में टूट चुकी थी. चारों तरफ खून ही खून था. रवि को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी गौरी शंकर यादव को हिरासत में ले लिया. कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि वह शक की आग में इतना अंधा हो गया था कि उसने गुस्से में रवि के सिर पर डंडे से कई वार किए. पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया है, जिसमें उसने रवि के ‘एहसानों’ और पति के ‘क्रूर’ व्यवहार की पूरी कहानी सुनाई है.
किडनैपिंग की खौफनाक साजिश, लड़कियां सावधान! राजधानी में घूम रही हैं बिना नंबर की गाड़ियां, बैठने से पहले..

Last Updated:February 11, 2026, 12:00 IST Delhi Crime News ground Report: दिल्ली की सड़कों पर ऐसी गाड़ियां तेजी से घूम रही है जिनकी कोई जांच तक नहीं हो रही है और ये लोगों को बेवकूफ बनाकर अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश करते हैं. दिल्ली में कही जाते समय सतर्क और सावधान रहे. लोकल 18 के साथ कई महिलाओं ने इस दुर्घटना पर बातचीत की. वे महिलाएं इस तरह के जाल में फसने से बाल-बाल बची हैं. नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली… जिसे हम दिल वालों की दिल्ली कहते हैं, आज उसी दिल पर डर रेंग रहा है. दिनदहाड़े, भीड़भाड़ वाली सड़कों पर बिना नंबर की गाड़ियां घूम रही हैं. ना पुलिस का खौफ, ना कानून की चिंता. ये गाड़ियां तलाश में हैं किसी अपराध की नहीं, बल्कि किसी शिकार के. कैब का इंतजार कर रहे लोग, खासकर अकेली खड़ी लड़कियां, इनके आसान निशाने पर हैं. यह अकेली खड़ी लड़की से कहते हैं कि ‘गूगल मैप गलत दिखा रहा है’, ‘आपकी कैब तो यही है’, ‘नंबर मैच नहीं हो रहा, लेकिन बैठ जाइए’… इन्हीं झूठे बहानों के पीछे छिपी है किडनैपिंग की खौफनाक साजिश. ये कोई फिल्म की कहानी नहीं है बल्कि ये हकीकत है और यही दिल्ली की सड़कों पर हो रहा है. दिल्ली की सड़कों पर ऐसी गाड़ियां तेजी से घूम रही हैं जिनकी कोई जांच तक नहीं हो रही है. ऐसे समझें पूरा मामलादिन शुक्रवार 6 फरवरी समय दोपहर के 2:00 और स्थान राष्ट्रपति भवन के पीछे की सड़क वहां पर लोकल 18 की रिपोर्टर खड़े होकर अपनी कब का इंतजार कर रही थी. कैब को आने में 8 मिनट का वक्त लग रहा था क्योंकि कैब ड्राइवर जाम में फंस गया था तो महिला रिपोर्टर सड़क पर खड़े होकर कैब का इंतजार कर रही थी. तभी बिना नंबर की एक गाड़ी आई जिसके पीछे लिखा हुआ था TO126HRO271G. टूर एम गाड़ी वहां पहुंचती है और उसमें बैठा ड्राइवर सबसे पहले पूछता है कि क्या आपने कैब बुक की है. वह बोल देती है हां. यही जानकर गाड़ी के अंदर बैठा ड्राइवर कहता है कि आपकी कैब यही है आप इसी में बैठ जाइए. गूगल पर जो लोकेशन, गाड़ी का नंबर और समय दिखा रहा है वो पूरी तरह से गलत है, लेकिन महिला ड्राइवर गाड़ी का नंबर एक बार फिर चेक करती है. ड्राइवर 2 से 3 बार कहता है कि बैठ जाइए देर मत करिए लेकिन महिला रिपोर्टर अपनी सूझबूझ से उसे मना कर देती और कहती है कि मेरी कैब ड्राइवर से बात हुई है और वह जाम में फंसा हुआ है. उसे आने में टाइम लगेगा. तुम झूठ बोल रहे हो. जैसे ही वह यह कहती है तुरंत गाड़ी वहां से चली जाती है. द्वारका की महिला के साथ भी हुई यही घटनाद्वारका की रहने वाली रेनू बताती हैं कि उनके साथ भी ऐसी ही घटना हुई. उन्होंने रैपिडो बुक की थी और रैपिडो को आने में वक्त लग रहा था. तब तक उन्होंने सड़क के किनारे खड़े होकर अपनी गाड़ी का आने का इंतजार करना शुरू कर दिया. तभी अचानक बिना नंबर की एक इनोवा गाड़ी आई जिसके पीछे कुछ भी नहीं लिखा हुआ था और उसमे बैठा ड्राइवर उनसे कहता है कि क्या आप अपनी कैब का इंतजार कर रही है.रेनू बोल देती हैं कि हां मैं अपनी कैब का इंतजार कर रही हूं. इतना कंफर्म होते ही ड्राइवर कहता है मैं ही आपका कैब ड्राइवर हूं. उसके बाद सब कुछ वही बोलता है जो उसने पहले महिला रिपोर्टर को बोला था और रेनू उसकी बातों में आ भी जाती है. जब तक रेनू दरवाजा खोलकर अपना सामान गाड़ी में रखी रही थी तभी उनके पास रैपिडो ड्राइवर की कॉल आ गई और उसने कहा कि मैडम आप कहां है मैं आपकी लोकेशन पर पहुंच रहा हूं बस इतना सुनते ही रेनू हैरान हो जाती है और तुरंत अपना सामान गाड़ी से निकाल कर दरवाजा पटक देती है. यही नहीं वह डर कर शोर मचाने लग जाती है. इतना होते ही ड्राइवर वहां से गाड़ी लेकर भाग जाता है. आप भी हो जाएं बेहद सावधानअगर आप भी देश की राजधानी दिल्ली में रहते हैं या देश के किसी भी कोने में रहते हैं और कोई आपको इसी तरह से बेवकूफ बनाने की कोशिश करें तो आप उसकी बातों में ना आए. सतर्क और सावधान हो जाएं और तुरंत वहां से हट जाएं. हमेश भीड़भाड़ वाले इलाके में ही खड़े होकर अपने कैब का इंतजार करें. अगर कोई आपके साथ ऐसा करता भी है तो उसकी शिकायत पुलिस में जरूर दें. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें First Published : February 11, 2026, 12:00 IST
रोहिणी कांड: रात खुले मैनहोल में गिरा, तड़प-तड़पकर गई जान; शराबी को अगले दिन याद आया दोस्त के साथ क्या हुआ था

नई दिल्ली. रोहिणी सेक्टर-32 की उस सुनसान सड़क पर सोमवार की रात मौत बिछी हुई थी, लेकिन बिरजू को इसका अंदाजा नहीं था. हाथ में हाथ डाले दो दोस्त नशे की खुमारी में अपनी झुग्गी की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक एक चीख गूंजी और बिरजू काली अंधेरी सुरंग जैसे खुले मैनहोल में समा गया. हैरानी और सिहरन पैदा करने वाली बात यह है कि उसका दोस्त इतना नशे में था कि उसे अपने साथ चल रहे साथी के गायब होने का अहसास तक नहीं हुआ. बिरजू अंदर दम घुटने और गंदे पानी के बीच जिंदगी की आखिरी जंग लड़ रहा था. जब अगले दिन सूरज की तपिश के साथ साथी का नशा उतरा, तब उसे याद आया कि बिरजू तो कल रात उसके साथ था. दोपहर के ढाई बज चुके थे यानी पूरे 19 घंटे बीत चुके थे. जब प्रशासन तक खबर पहुंची और रेस्क्यू शुरू हुआ, तो बाहर सिर्फ बिरजू की लाश निकली. समस्तीपुर का वह मजदूर जो अपनों का पेट पालने दिल्ली आया था, एक दोस्त की बेहोशी और प्रशासन की लापरवाही के बीच तड़प-तड़पकर खामोश हो गया. पीछे छूट गए तीन मासूम बच्चे और एक बूढ़ी मां, जिनके लिए दिल्ली अब सिर्फ एक ‘डेथ ट्रैप’ बनकर रह गई है. देश की राजधानी में प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर एक गरीब मजदूर के लिए काल बन गई. रोहिणी सेक्टर-32 स्थित महाशक्ति काली मंदिर के पास डीडीए (DDA) की खाली जमीन पर बिना ढक्कन के खुले पड़े एक गहरे मैनहोल ने 32 वर्षीय बिरजू कुमार राय की जान ले ली. सोमवार रात करीब 7:30 बजे बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिरजू अपने दोस्त के साथ झुग्गी लौट रहा था, तभी अंधेरे में संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे मौत के इस जाल में समा गया. हैरानी की बात यह है कि बिरजू का साथी नशे में होने के कारण रात भर चुप रहा और अगले दिन दोपहर में होश आने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी देरी हुई. इस हादसे ने दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम और संबंधित विभागों की गंभीर अनदेखी को उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों और चश्मदीदों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन घंटों सुस्त बना रहा और सक्रियता तभी आई जब 112 पर दोबारा कॉल की गई. मृतक बिरजू अपने पीछे बूढ़ी मां और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, इस घटना पर सियासत भी गरमा गई है. चश्मदीद बोला- खुला था ढक्कनएक युवक ने बताया, ‘मैंने काल की थी, मुझे पता चला यहां कोई गिर गया है, पुलिस ने किसी डिपार्टमेंट को इंटीमेशन नहीं दिया था, ना फायर को किया था, मैने आकर 112 पर काल करी, मैने यहां जो अधिकारी थे उनके वीडियो बना रखी है, जो यहां पर चल रहा था, ये आदमी कल से इस गडडे मे गिरा हुआ था, 4 बजे इसके साथियो ने बताया पुलिस को, 4 बजे से 7 बजे तक कुछ नही हुआ, मेरे काल के बाद सारा प्रशासन यहां आता है और कार्रवाई होती है, वो 30-32 साल का है, बाडी रिकवर हुई है. उसका नाम है ब्रिजु कुमार है, उम्र 32 साल है, बिहार समस्तीपुर के है, लंच मे पता लगा है, ढक्कन खुला था वो बंदा रात मे गिर गया, लंच के समय मे मुझे पता चला, प्रशासन को इंफोर्म किया, परिवार मे उसकी मां है, तीन बच्चे है. वो ढक्कन खुला था, रात मे गिर गया, यही पता लगा, लंच के समय मे पता चला, हम सब आये प्रसासन को इंफोर्म किये, परिवार मे उसकी मां है, तीन बच्चे है.’ एडवोकेट तेजपाल यादव ने बताया कि मैने काल की थी, मुझे पता चला यहां कोई गिर गया है, पुलिस ने किसी डिपार्टमेंट को इंटीमेशन नहीं दिया था, ना फायर को किया था, मैने आकर 112 पर काल करी, मैने यहां जो अधिकारी थे उनके वीडियो बना रखी है, जो यहां पर चल रहा था, ये आदमी कल से इस गडडे मे गिरा हुआ था, 4 बजे इसके साथियो ने बताया पुलिस को, 4 बजे से 7 बजे तक कुछ नही हुआ, मेरे काल के बाद सारा प्रशासन यहां आता है, और कार्रवाई होती है, वो 30-32 साल का है, बाडी रिकवर हुई है. सुनील कुमार- उसका नाम है बिरजू कुमार है, उम्र 32 साल है, बिहार समस्तीपुर के है, लंच मे पता लगा है, ढक्कन खुला था वो बंदा रात मे गिर गया, लंच के समय मे मुझे पता चला, हम सब आये प्रशासन को इंफोर्म किया, परिवार मे उसकी मां है, तीन बच्चे है. सौरभ भारद्वाज ने रेखा सरकार पर उठाए सवालविपक्ष के नेता सौरभ भारद्वाज ने इसे सरकार का ‘सर्कस’ करार देते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दो आदमी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 32 में सड़क पर जा रहे थे, चलते चलते उनके से एक गड्ढे में गिरा. जहां गिरा वो गड्ढ़ा एक गेहरा नाला था. लाश भी नहीं मिली. रेखा गुप्ता की सरकार सिर्फ़ फोटोबाज़ी और भाषणबाज़ी की नकारा सरकार है. इनको सरकार नहीं चलानी सिर्फ़ सर्कस चलाना है. फिलहाल बेगमपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है कि इस खुले मैनहोल की जिम्मेदारी किस विभाग की थी. सवालों के घेरे में व्यवस्था: कैसे हुई बिरजू की मौत?रोहिणी सेक्टर-32 में यह हादसा कब और किन परिस्थितियों में हुआ?पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सोमवार (9 फरवरी) रात करीब 7:30 बजे हुआ. बिरजू कुमार राय (32) और उसका दोस्त बुधन दास काम खत्म कर अपनी झुग्गी की ओर लौट रहे थे. रास्ते में डीडीए की जमीन पर एक गहरा मैनहोल बिना ढक्कन के खुला पड़ा था. अंधेरे के कारण बिरजू का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे उस गहरे सीवर में जा गिरा. हादसे की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने में इतनी देरी क्यों हुई?बिरजू का साथी बुधन दास उस समय नशे की हालत में था. बिरजू के गिरने के बाद उसने रात में किसी को सूचना नहीं दी. अगले दिन 10 फरवरी को दोपहर में जब उसे होश आया, तब उसने अपने मित्र आमिर हुसैन को इसकी जानकारी दी. आमिर ने दोपहर 2:36 बजे पुलिस को कॉल कर घटना की आशंका जताई. क्या पुलिस और बचाव दल की ओर से
kanpur lamborghini accident: shivam mishra Vs salman khan high profile hit and run case | court verdict | कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में आया नया मोड़, क्या शिवम मिश्रा हो जाएगा बरी? सलमान खान सहित इन 3 घटनाओं से समझें

Kanpur Lamborghini Accident Case: कानपुर की सड़कों पर छह लोगों को अपनी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी से रौंदने वाले शिवम मिश्रा का मामला क्या अदालती दांव-पेंच की भेंट चढ़ जाएगा? सोमवार को कानपुर के एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने जो दलीलें पेश कीं, उसने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है. एक तरफ पीड़ित इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वकील का दावा है कि शिवम को मिर्गी के दौरे आते हैं और कार वह नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था. शिवम के वकील का कहना है कि एक्सीडेंट के वक्त शिवम की तबीयत खराब थी. लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक्सीडेंट के तुरंत बाद बाउंसर ड्राइविंग सीट से शिवम मिश्रा को बाहर निकाल रहा है. भारत में यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल मामले में ड्राइवर या बीमारी को ढाल बनाया गया हो. देश के कुछ बड़े एक्सीडेंट केस इस बात के सबूत हैं कि रसूख कैसे कानून को अपनी उंगलियों पर नचाता है. पहले उन मामलों को समझें, जिसमें रसूखदार लोग बड़ी आसानी से निकल गए. जबकि, सबूत चीख-चीख कर कह रहा था कि वह दोषी था. कानपुर हिट एंड रन केस में बड़ा एक्शन. देश में इस तरह के कितने हाई-प्रोफाइल मामले? सलमान खान हिट एंड रन केस 2002: इस केस में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंत में यही तर्क दिया गया कि कार सलमान नहीं, उनका ड्राइवर अशोक सिंह चला रहा था. सबूतों के अभाव में सलमान बरी हो गए. संजीव नंदा (बीएमडब्ल्यू केस, 1999): रईस खानदान के संजीव नंदा ने दिल्ली में 6 लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में भी गवाहों को तोड़ने और सबूत मिटाने की हर संभव कोशिश हुई, हालांकि अंत में सजा हुई लेकिन बहुत कम. पुणे पोर्श कांड (2024): एक नाबालिग रईसजादे ने दो इंजीनियरों को कुचल दिया. पुलिस और डॉक्टरों ने मिलकर ब्लड सैंपल बदले और ड्राइवर को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए धमकाया. बाद में हाईकोर्ट की दखल से मामला खुला. कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे पर क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी न्यूज़ 18 इंडिया ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी अरविंद जैन से बात की. उन्होंने कहा कि शिवम मिश्रा का तुरंत मेडिकल होना चाहिए था और पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है. कानपुर में एक लैम्बोर्गिनी कार हादसे में तीन लोगों को रौंदा गया, जिसमें पुलिस ने लापरवाही की. अगर अधिकारी मौके पर जाते तो सही जानकारी मिलती. पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को हटा दिया है. शिवम मिश्रा खुद कार चला रहा था और बाउंसर ने उसे बचाया. मौके पर जाकर सही जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी. क्या कहते हैं कानूनी जानकार? कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि शिवम को मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बना? मेडिकल नियमों के अनुसार, मिर्गी के मरीजों को ड्राइविंग की अनुमति नहीं है. यदि वह सचमुच बीमार है तो उसने गाड़ी चलाकर जानबूझकर दूसरों की जान जोखिम में डाली, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है. कानपुर पुलिस के सामने अब क्या चुनौती? अब गेंद कानपुर पुलिस के पाले में है. क्या पुलिस सीसीटीवी और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस दावे को झूठा साबित कर पाएगी? या फिर 100 करोड़ के साम्राज्य का वारिस शिवम मिश्रा भी इंसाफ की देरी का फायदा उठाकर बाहर घूमता रहेगा? बचाव पक्ष क्या तर्क अदालत में दे सकती है? लैंबॉर्गिनी केस पर बचाव पक्ष के वकील मृत्युंजय ने कहा, शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था. उसका ड्राइवर मोहन चला रहा था. यह एक एक्सीडेंट का मामला है. जब वह गाड़ी नहीं चला रहा था, तो उसके खिलाफ कोई केस नहीं बन सकता. इस बीच, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाउंसर शिवम को ड्राइविंग सीट से उठाकर ले जा रहे हैं. एक्सीडेंट के 24 घंटे बाद सामने आए फुटेज में एक बाउंसर शिवम मिश्रा को लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की ड्राइवर सीट से खींचता हुआ दिख रहा है. बैकग्राउंड में स्थानीय लोगों को लोगों से वीडियो रिकॉर्ड करने की अपील करते हुए सुना जा सकता है. इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है. अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में ग्वालटोली थाना के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है. वहीं बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा भी जांच के दायरे में है. अधिकारियों ने बताया कि रविवार को ग्वालटोली इलाके में वीआईपी मार्ग पर दोपहर करीब सवा तीन बजे करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी. कार ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस घटना में कम से कम छह लोग जख्मी हो गए थे.
Delhi Piragarhi Case | Mystery Baba Role in Piragarhi Case- मौत से पहले दिखा था रहस्यमयी ‘तांत्रिक’, कौन था वो, पीरागढ़ी केस में क्या रोल? 3 लाशों का केस उलझा

Delhi Piragarhi Case: देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने का मामला अब और रहस्यमय होता जा रहा है. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए खुलासे सामने आने लगे हैं. सबसे चौंकाने वाला पहलू एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक’ का सामने आना है, जिसे मौत से पहले तीनों मृतकों के साथ देखा गया था. पुलिस ने इस तांत्रिकको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच से पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. तीनों शव कार के अंदर मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. यह घटना रविवार दोपहर सामने आई जब पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक कार में तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर तीनों को मृत पाया. कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल ग्लास मिले. दो शवों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहर या किसी रसायन के सेवन की आशंका जताई जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है. पुलिस ने रणधीर और शिव नरेश का पोस्टमार्टम करा लिया है. पीरागढ़ी में तीनों लोगों की मौत कैसे हुई? शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि तीनों ने जहर मिला पेय पदार्थ पिया हो सकता है. शवों के पास शराब की बोतल और डिस्पोजेबल ग्लास मिले हैं. दो मृतकों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहरीले पदार्थ के सेवन की संभावना जताई जा रही है. हालांकि पुलिस फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. इसके बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट हो पाएगा. इस मामले में रहस्यमयी तांत्रिक की भूमिका क्या है? पुलिस जांच में सामने आया है कि मौत से पहले तीनों मृतक एक तांत्रिक से मिले थे. सीसीटीवी फुटेज में तांत्रिक को कार की फ्रंट सीट पर बैठे देखा गया है. पुलिस को शक है कि तांत्रिक इस मामले की अहम कड़ी हो सकता है. फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तांत्रिक का तीनों से क्या संबंध था. तीनों मृतकों के बीच क्या संबंध था? पुलिस के अनुसार रणधीर और शिव नरेश पिछले कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे और प्रॉपर्टी कारोबार में जुड़े हुए थे. लक्ष्मी देवी बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ा काम करती थीं. जांच में सामने आया है कि तीनों एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे, लेकिन परिवार के कुछ लोगों को लक्ष्मी के बारे में जानकारी नहीं थी. इससे मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस इस मामले की जांच कैसे कर रही है? पुलिस ने तीनों मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और चैट की जांच की जा रही है. इसके अलावा कार के रूट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस तांत्रिक से पूछताछ के साथ-साथ जहर या साजिश के एंगल पर भी जांच कर रही है. फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है. पुलिस जांच में सामने आया है कि रविवार सुबह तीनों पीरागढ़ी इलाके से निकले थे और बाद में उत्तर-पूर्वी दिल्ली गए थे. इसी दौरान उनकी तांत्रिक से मुलाकात हुई थी. दोपहर में वे फिर पीरागढ़ी लौटे और बाद में उनकी लाश कार में मिली. फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर जांच कर रही है. परिवार के सदस्यों ने आत्महत्या की संभावना को खारिज किया है. रणधीर के परिवार का कहना है कि वह खुशमिजाज व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. परिवार का दावा है कि रणधीर सामान्य तरीके से घर से निकले थे और उन्होंने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था. इससे पुलिस के सामने मामला और उलझता नजर आ रहा है. पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने रणधीर और शिव नरेश का पोस्टमार्टम करा लिया है, जबकि लक्ष्मी का पोस्टमार्टम बाकी है. तीनों का विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिससे शरीर में मौजूद रसायनों की जांच की जाएगी. रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण और मामले की असली सच्चाई सामने आ सकती है. पुलिस ने कहा है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है.
tarn taran law college classroom shooting video: लॉ कॉलेज के क्लासरूम में 2 कत्ल, एकतरफा प्यार या कुछ और? जानें तरन तारन कांड की इनासइड स्टोरी | sandeep kaur prince raj love story | punjab police investigation

पंजाब के तरन तारन जिले के ऊसमा गांव स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार को वह हुआ, जिसकी कल्पना शायद फिल्म के खौफनाक सीन में भी नहीं की जाती है. दो सेकेंड में ही दो जिंदगियां खत्म हो गईं. सुबह का वक्त था, लेक्चर शुरू होने ही वाला था, लेकिन किताबों के पन्नों की जगह वहां खून की छीटें बिखर गईं. कानून की पढ़ाई करने आए एक छात्र ने अपनी ही सहपाठी की जान ले ली और फिर खुद को भी मौत के घाट उतार लिया. यह पूरी घटना छोटी उम्र के ‘इश्क’ या ‘सनक’ का सबसे काला चेहरा पेश करती है. आखिर इस खौफनाक कहानी के पीछे की कहानी क्या है? आइए जानते हैं कैसे एक लड़के ने अपनी ही दोस्त की हत्या कर दी. जिस कॉलेज में रोज की तरह सुबह-सुबह छात्र-छात्राएं आपस में बात करते हैं और फिर अपनी-अपनी क्लासरूम में बैठ जाते हैं. सोमवार को भी यही हुआ लेकिन, फर्स्ट ईयर के क्लास में अचानक ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे पूरा कॉलेज सन्न रह गदया. जैसे ही पढ़ाई शुरू हुई, अचानक गोलियों की आवाज से पूरा कॉलेज परिसर दहल उठा. किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर आने के साथ ही ऐसा क्या हुआ कि छात्र बाहर निकल कर भाग रहे हैं. लेकिन सच ये था कि महज दो सेकेंड के भीतर ही कॉलेज में पढ़ने वाली दो जिंदगियां अब इस दुनिया में नहीं रहा. तरन तारन कांड की इनसाइड स्टोरी तरनतारन पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र की पहचान प्रिंस राज के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में कानून (Law) के प्रथम वर्ष का छात्र है. सोमवार सुबह जैसे ही छात्र क्लासरूम में इकट्ठा हुए, प्रिंस अचानक अपनी सीट से उठा. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपनी जेब से एक पिस्तौल निकाली और अपनी क्लासमेट संदीप कौर के करीब जाकर उसके सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही क्लासरूम में सन्नाटा पसर गया और अगले ही पल प्रिंस ने वही पिस्तौल अपनी कनपटी पर रखी और ट्रिगर दबा दिया. संदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिंस को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी भी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद हुआ खूनी खेल कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज ने इस वारदात की भयावहता को साफ कर दिया है. फुटेज में दिख रहा है कि कुछ छात्र अपनी डेस्क पर बैठे हैं और लेक्चर शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. तभी प्रिंस एक डेस्क के पास खड़ा होता है, हैंडगन निकालता है और पास बैठी संदीप पर फायरिंग कर देता है. गोली चलते ही पूरी क्लास में भगदड़ मच गई और छात्र जान बचाकर बाहर की तरफ भागते नजर आए. क्या ‘एकतरफा प्यार’ था वजह? डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि दोनों छात्र एक ही बैच में थे. शुरुआती जांच में पुलिस इसे ‘एकतरफा प्यार’ या ‘रिश्ते में कड़वाहट’ के एंगल से देख रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक हमले के पीछे के असली मकसद का पता नहीं चला है. पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं. पहला, क्या संदीप ने प्रिंस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था? प्रिंस के पास यह अवैध हथियार कहां से आया? क्या वह पिछले कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था? जांच और फॉरेंसिक सबूत पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को जब्त कर लिया है. फॉरेंसिक टीम ने क्लासरूम से फिंगरप्रिंट और खून के नमूने इकट्ठा किए हैं. कॉलेज के स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इन दोनों के बीच पहले कभी कोई विवाद हुआ था. इस घटना ने पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक छात्र कॉलेज के अंदर हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया? क्या कॉलेज गेट पर कोई चेकिंग नहीं थी? छोटी उम्र में भावनाओं पर काबू न रख पाना और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक कदम उठाना युवाओं में बढ़ती गंभीर समस्या है. जिन छात्रों ने अपनी आंखों के सामने यह मंजर देखा, वे गहरे सदमे में हैं.
बेंगलुरु में प्रेग्नेंट बिल्ली क्यों हुई किडनैप? मामला खुला तो पुलिस भी रह गई हैरान, 9 लोगों पर FIR दर्ज

Last Updated:February 09, 2026, 17:58 IST बेंगलुरु के HAL इलाके में एक गर्भवती बिल्ली की किडनैपिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अपार्टमेंट मालिक और सुरक्षाकर्मियों सहित 9 लोगों ने बिल्ली को प्लास्टिक में लपेटकर ऑटो से अज्ञात स्थान पर फिंकवा दिया. निवासियों का आरोप था कि वह दूध चुराती और वाहनों को नुकसान पहुंचाती थी. पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है. अब आरोपी बिल्ली को सुरक्षित एडॉप्शन सेंटर सौंपने पर सहमत हुए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बेंगलुरु के पॉश इलाके HAL से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पशु प्रेमियों और कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. एक गर्भवती बेजुबान बिल्ली जो वनश्री अपार्टमेंट्स की छतों और गलियारों में अपना सुरक्षित आशियाना तलाश रही थी, अचानक गायब हो गई. जब इस किडनैपिंग की परतें खुलीं तो पता चला कि यह किसी बाहरी अपराधी का काम नहीं बल्कि अपार्टमेंट के ही रसूखदार लोगों की सोची-समझी साजिश थी. प्लास्टिक में लपेटा, टोकरी में डाला और ले गएघटना की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी है. अपार्टमेंट के कुछ निवासियों को बिल्ली का वहां रहना रास नहीं आ रहा था. आरोप है कि अपार्टमेंट मालिक, सिक्योरिटी मैनेजर और स्टाफ सहित कुल 9 लोगों ने मिलकर इस बेजुबान को हटाने का प्लान बनाया. FIR के अनुसार, गर्भवती बिल्ली को बेरहमी से एक प्लास्टिक कवर में लपेटा गया उसे एक टोकरी में बंद किया गया और गुपचुप तरीके से एक ऑटो-रिक्शा में लादकर अज्ञात स्थान पर फेंक दिया गया. इस क्रूरता का पता तब चला जब पशु प्रेमी और अपार्टमेंट निवासी हरीश ने बिल्ली को न पाकर शोर मचाया. बेजुबान की जान को खतरा देख उन्होंने तुरंत HAL पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. क्यों बनी बिल्ली ‘दुश्मन’? जब पुलिस ने अपार्टमेंट के लोगों से पूछताछ की तो चौंकाने वाली वजहें सामने आईं. निवासियों का दावा था कि बिल्ली उनक वाहनों की सीटों को नुकसान पहुंचा रही थी. इतना ही नहीं, कुछ लोगों की शिकायत थी कि वह दूध की तलाश में अक्सर पड़ोस के घरों में घुस जाती थी. अपनी इन छोटी-छोटी परेशानियों के लिए उन्होंने एक गर्भवती जीव को मौत के मुंह में धकेलने जैसा कदम उठा लिया. पुलिस की कार्रवाईशुरुआत में बिल्ली का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, जिससे उसकी हत्या की आशंका गहरा गई थी. हालांकि, पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद अब मामला ‘बी रिपोर्ट’ (B-report) की ओर बढ़ा है. अपार्टमेंट के निवासियों ने अपनी गलती मानते हुए अब बिल्ली को वापस लाकर एक ‘एनिमल एडॉप्शन सेंटर’ को सौंपने पर सहमति जताई है ताकि उसकी सुरक्षा और आने वाले बच्चों की देखभाल सुनिश्चित हो सके. मामले के मुख्य अपडेट:· आरोपी: अपार्टमेंट मालिक और सुरक्षा कर्मचारियों सहित कुल 9 लोग. · जुर्म: प्लास्टिक में लपेटकर अवैध रूप से बिल्ली को किडनैप और रिलोकेट करना. · कानूनी धारा: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act). · ताजा स्थिति: निवासियों ने बिल्ली को सुरक्षित एडॉप्शन सेंटर भेजने का वादा किया है. About the Author Sandeep Gupta पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें Location : Bangalore,Bangalore,Karnataka First Published : February 09, 2026, 17:58 IST
इश्क, इंतकाम या कुछ और? तरनतारन लॉ कॉलेज में छात्रा की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली

Last Updated:February 09, 2026, 14:06 IST Tarn Taran News: पंजाब के तरनतारन जिले में लॉ कॉलेज की छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मार ली. पुलिस ने दोनों की पहचान कर जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की तलाश की जा रही है. पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है. Punjab News: पंजाब के तरनतारन जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां पढ़ाई और भविष्य बनाने की जगह समझे जाने वाले कॉलेज कैंपस में अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी. क्लासरूम के भीतर हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया. लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना इतनी अचानक और खौफनाक थी कि कॉलेज में मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ भी कुछ समझ नहीं पाए. इस वारदात ने कॉलेज सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के बीच बढ़ते विवादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद मामला और सनसनीखेज तब हो गया जब छात्रा को गोली मारने वाले युवक ने खुद को भी गोली मार ली. दो जिंदगियां कुछ ही मिनटों में खत्म हो गईं. पुलिस के मुताबिक दोनों मृतकों की पहचान कर ली गई है और मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी और छात्रा एक-दूसरे को जानते थे. हालांकि घटना के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है. पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाकर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. संदीप कौर की मां ने क्या कहा? मृतक छात्रा संदीप कौर की मां हरजिंदर कौर ने बताया कि उनकी बेटी सुबह ठीक तरह से तैयार होकर घर से कॉलेज गई थी और उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था. उन्होंने कहा कि कॉलेज की मैडम का फोन आया कि उनकी बेटी को गंभीर चोट लगी है और उन्हें तुरंत आने को कहा गया. जब वह कॉलेज पहुंचीं तो देखा कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी और उसका शव पूरी तरह खून से लथपथ था. परिजनों के मुताबिक संदीप कौर के सिर में गोली मारी गई थी. उन्हें जानकारी मिली है कि तरनतारन के एक युवक ने गोली चलाई और पिस्टल भी मौके पर ही मिली. बताया गया कि छात्रा के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में उसकी छह बहनें और एक छोटा भाई है. तरनतारन जिले के गांव उस्मा स्थित लॉ कॉलेज में यह वारदात हुई. पुलिस के अनुसार मृत छात्रा की पहचान नौशेरा पन्नुआं की रहने वाली संदीप कौर के रूप में हुई है. वहीं आरोपी युवक की पहचान गांव मल्लियां निवासी प्रिंस राज सिंह के तौर पर की गई है. बताया जा रहा है कि आरोपी युवक कॉलेज पहुंचा और क्लासरूम के भीतर छात्रा पर गोली चला दी. गोली लगते ही छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस टीम ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सबूत कब्जे में ले लिए हैं. फिलहाल पुलिस दोनों के बीच संबंधों और घटना के कारणों की जांच कर रही है. फोरेंसिक टीम भी मौके से जरूरी सबूत इकट्ठा कर रही है. घटना कब और कहां हुई? यह घटना पंजाब के तरनतारन जिले के गांव उस्मा स्थित लॉ कॉलेज में हुई. आरोपी युवक कॉलेज परिसर में पहुंचा और क्लासरूम के अंदर छात्रा को गोली मार दी. घटना दिन के समय हुई, जिससे कॉलेज परिसर में दहशत फैल गई. मृतकों की पहचान क्या है? पुलिस ने मृत छात्रा की पहचान संदीप कौर के रूप में की है, जो नौशेरा पन्नुआं की रहने वाली थी और लॉ कॉलेज की छात्रा थी. वहीं आरोपी युवक की पहचान प्रिंस राज सिंह के रूप में हुई है, जो गांव मल्लियां का निवासी बताया जा रहा है. पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया है? पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है. शुरुआती जांच में दोनों के बीच जान-पहचान होने की बात सामने आई है. पुलिस घटनास्थल से हथियार और अन्य सबूत जुटा चुकी है. फोरेंसिक जांच भी जारी है और घटना के पीछे की वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है. पुलिस जांच जारी, रिश्तों की पड़ताल शुरू पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी युवक कॉलेज तक कैसे पहुंचा और वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी या नहीं. पुलिस दोनों परिवारों और कॉलेज प्रशासन से भी पूछताछ कर रही है. इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. About the Author Sumit Kumar सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें First Published : February 09, 2026, 12:23 IST







