फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के पहले मैच में स्वीडन को 3-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार के आखिरी मैच में नॉर्वे ने एरलिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल की बदौलत आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात दी। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागा। इधर, डलास स्टेडियम में नॉर्वे के लिए एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने गोल किए। आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने एकमात्र गोल किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना पैराग्वे से 5 जुलाई को होगा। जबकि, 6 जुलाई को नॉर्वे का मुकाबला पांच बार की चैंपियन ब्राजील से होगा। मैच रिपोर्ट पढ़िए फ्रांस Vs स्वीडन टॉप गोल स्कोरर में मेसी की बराबरी पर आए एमबाप्पे एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में गोल किए। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार डबल गोल किए हैं। टूर्नामेंट में उनके छह गोल हो गए हैं। उन्होंने इस एडिशन के टॉप गोल स्कोरर की लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। एमबाप्पे के वर्ल्ड कप करियर में अब 18 गोल हो गए हैं। वे मेसी के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनके 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। ओलिसे ने 2 गोल असिस्ट किए फ्रांस ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। टीम ने स्वीडन पर 25-7 से शॉट लगाए, जिनमें पहले हाफ में 15-3 की बढ़त रही। पहले एमबाप्पे और फिर माइकल ओलिसे की साइकिल किक पोस्ट से टकराई। इसके बाद एमबाप्पे ने ओलिसे के प्रयास पर मिले मौके को गोल में बदला। 53वें मिनट में गुस्ताफ लागरबिएल्के से गेंद छिनने के बाद ऑरेलियन चुआमेनी ने ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने शानदार मूव बनाते हुए बारकोला को गेंद दी और उन्होंने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला की मदद से एमबाप्पे ने किया। फ्रांस के कोच मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मैच के अंत में जब एमबाप्पे को बदला गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल कर चुका है और सिर्फ दो गोल खाए हैं। माइकल ओलिसे पांच गोल में असिस्ट दे चुके हैं। आइवरी कोस्ट Vs नॉर्वे हालैंड ने इस वर्ल्ड कप में 5वां गोल दागा नॉर्वे ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। एरलिंग हालैंड ने निर्णायक गोल 86वें मिनट में किया। पैट्रिक बर्ग ने पेनाल्टी एरिया में तीन डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद हालैंड को पास दिया और उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5वां गोल दाग दिया। नॉर्वे के लिए पहला गोल 39वें मिनट में एंटोनियो नुसा ने किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचाई। यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल और नॉर्वे के लिए 28 मैचों में 9वां इंटरनेशनल गोल था। अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा आइवरी कोस्ट ने 74वें मिनट में बराबरी की। निकोलस पेपे के साथ वन-टू खेलने के बाद अमाद डियालो ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इससे पहले डियालो ने दूसरे हाफ में टॉरब्योर्न हेगेन के शॉट को भी डिफ्लेक्ट कर अपनी टीम को बचाया था। हालैंड के गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो की सीधी फ्री-किक पर गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव किया। यह मैच में उनका चौथा और सबसे अहम सेव रहा। —————————————-
फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के पहले मैच में स्वीडन को 3-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार के आखिरी मैच में नॉर्वे ने एरलिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल की बदौलत आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात दी। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागा। इधर, डलास स्टेडियम में नॉर्वे के लिए एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने गोल किए। आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने एकमात्र गोल किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना पैराग्वे से 5 जुलाई को होगा। जबकि, 6 जुलाई को नॉर्वे का मुकाबला पांच बार की चैंपियन ब्राजील से होगा। राउंड ऑफ-32 में मैक्सिको और इक्वाडोर का मैच तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। आयोजन समिति ने मैच को स्थगित कर दिया है। नए समय की घोषणा जल्दी की जाएगी। मैच रिपोर्ट पढ़िए फ्रांस Vs स्वीडन टॉप गोल स्कोरर में मेसी की बराबरी पर आए एमबाप्पे एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में गोल किए। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार डबल गोल किए हैं। टूर्नामेंट में उनके छह गोल हो गए हैं। उन्होंने इस एडिशन के टॉप गोल स्कोरर की लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। एमबाप्पे के वर्ल्ड कप करियर में अब 18 गोल हो गए हैं। वे मेसी के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनके 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। ओलिसे ने 2 गोल असिस्ट किए फ्रांस ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। टीम ने स्वीडन पर 25-7 से शॉट लगाए, जिनमें पहले हाफ में 15-3 की बढ़त रही। पहले एमबाप्पे और फिर माइकल ओलिसे की साइकिल किक पोस्ट से टकराई। इसके बाद एमबाप्पे ने ओलिसे के प्रयास पर मिले मौके को गोल में बदला। 53वें मिनट में गुस्ताफ लागरबिएल्के से गेंद छिनने के बाद ऑरेलियन चुआमेनी ने ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने शानदार मूव बनाते हुए बारकोला को गेंद दी और उन्होंने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला की मदद से एमबाप्पे ने किया। फ्रांस के कोच मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मैच के अंत में जब एमबाप्पे को बदला गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल कर चुका है और सिर्फ दो गोल खाए हैं। माइकल ओलिसे पांच गोल में असिस्ट दे चुके हैं। आइवरी कोस्ट Vs नॉर्वे हालैंड ने इस वर्ल्ड कप में 5वां गोल दागा नॉर्वे ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। एरलिंग हालैंड ने निर्णायक गोल 86वें मिनट में किया। पैट्रिक बर्ग ने पेनाल्टी एरिया में तीन डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद हालैंड को पास दिया और उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5वां गोल दाग दिया। नॉर्वे के लिए पहला गोल 39वें मिनट में एंटोनियो नुसा ने किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचाई। यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल और नॉर्वे के लिए 28 मैचों में 9वां इंटरनेशनल गोल था। अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा आइवरी कोस्ट ने 74वें मिनट में बराबरी की। निकोलस पेपे के साथ वन-टू खेलने के बाद अमाद डियालो ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इससे पहले डियालो ने दूसरे हाफ में टॉरब्योर्न हेगेन के शॉट को भी डिफ्लेक्ट कर अपनी टीम को बचाया था। हालैंड के गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो की सीधी फ्री-किक पर गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव किया। यह मैच में उनका चौथा और सबसे अहम सेव रहा। —————————————-
भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…
जुलाई में 6 बदलाव- कॉमर्शियल सिलेंडर 180 रुपए सस्ता:पासपोर्ट बनवाना महंगा हुआ; ट्रेन में बिना टिकट सफर करने पर दोगुना जुर्माना

कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 जुलाई से औसतम 180 रुपए सस्ता हो गया है। दिल्ली में ये ₹2930 का मिल रहा है। वहीं अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो गई है। इसके अलावा अब पासपोर्ट बनवाना या री-इश्यू कराना महंगा हो गया है। 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपए से बढ़कर 2,500 रुपए हो गई। जुलाई में होने वाले 6 बड़े बदलाव 1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ओसमत 180 रुपए सस्ता बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर औसतन ₹180 रुपए तक सस्ता कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2930 हो गई है। पहले ये ₹3113.50 में मिल रहा था। असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च घटेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली सस्ते कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी सस्ती हो सकती है। देश के प्रमुख शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2. डीजल की बिक्री पर लिमिट 1 जुलाई से हटी बदलाव: अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो गई है, यानी अब आप अपनी गाड़ी में जितना चाहें उतना डीजल भरवा सकेंगे। इसके साथ ही फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल खरीदारों पर लगी रोक भी हटा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 11 जून को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की वजह से ये पाबंदियां लगाई थीं, जिन्हें सप्लाई सुधरने के बाद 29 जून के नए आदेश के जरिए वापस ले लिया गया है। पिछले 18 दिन से बड़े उपभोक्ता सिर्फ बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीद रहे थे। असर: इस फैसले से आम वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टर्स और बड़े कॉमर्शियल खरीदार अपनी जरूरत के अनुसार जितना चाहें उतना डीजल सीधे पेट्रोल पंपों से भरवा सकेंगे। इसके अलावा, पिछले 18 दिनों से फैक्ट्रियों और बड़े उपभोक्ताओं को होने वाली ईंधन की परेशानी भी खत्म हो जाएगी। 3. पासपोर्ट बनवाना महंगा हुआ बदलाव: केंद्र सरकार ने 14 साल बाद पासपोर्ट की फीस में बढ़ोतरी की है, जो 1 जुलाई से लागू हो गई है। असर: अब नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट को री-इश्यू कराने वाले नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें ₹1,000 से लेकर ₹2,000 तक अधिक खर्च करने होंगे। 4. ट्रेन में बिना टिकट यात्रा पर देना पड़ेगा दोगुना जुर्माना बदलाव: रेल मंत्रालय ने ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को ₹250 से बढ़ाकर सीधे ₹500 कर दिया है। अब पकड़े जाने पर यात्री को टिकट के वास्तविक किराए के साथ कम से कम ₹500 का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। इसके अलावा, मामला मजिस्ट्रेट कोर्ट में जाने और दोषी पाए जाने पर अधिकतम 6 महीने की जेल, ₹1,000 का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। असर: बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अब दोगुनी मार पड़ेगी। उदाहरण के लिए, यदि चेकिंग पॉइंट तक का वास्तविक किराया ₹150 है: 5. आधार कार्ड में फ्री अपडेट बदलाव: UIDAI ने 1 जुलाई से आधार कार्ड पर रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस को अपडेट कराने के लिए लगने वाली ₹75 की फीस को पूरी तरह से हटा दिया है। यह सर्विस अगले छह महीने यानी 31 दिसंबर, 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इस समयसीमा के खत्म होने के बाद ही दोबारा चार्ज लिया जाएगा। असर: इस फैसले से उन करोड़ों नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी जो अपने आधार में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना चाहते हैं। अब वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऑनलाइन या निर्धारित केंद्रों के माध्यम से अपना ईमेल एड्रेस मुफ्त में अपडेट करा सकेंगे। 6. कार खरीदना आज से महंगा बदलाव: ज्यादातर ऑटोमोबाइल कंपनियों ने 1 जुलाई से अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके तहत किया इंडिया ने अपने सभी वाहनों की रेंज में 2% तक की बढ़ोतरी की है, जबकि टाटा मोटर्स कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी करने जा रही है। असर: 1 जुलाई से नई कार या गाड़ी खरीदने वाले ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ेगा और उन्हें पहले के मुकाबले अधिक कीमत चुकानी होगी। खासकर टाटा मोटर्स के वाहनों को पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए अब ट्रेडिशनल फ्यूल गाड़ियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक कारें खरीदना भी महंगा हो जाएगा।
ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।
ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।
भारत Vs इंग्लैंड पहला टी-20 आज:चेस्टर ली स्ट्रीट में बारिश के 80% चांस, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला आज चेस्टर ली स्ट्रीट में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 9:30 बजे होगा। मुकाबले पर बारिश का साया भी है और करीब 80% बारिश की संभावना जताई गई है। आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के बाद श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम जीत के साथ नए अभियान की शुरुआत करना चाहेगी। सीरीज से पहले सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर हो रही है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने उनके डेब्यू के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। टीम संयोजन पूरी तरह निजी मामला है और हम अपनी रणनीति विरोधी टीम के सामने नहीं रख सकते। सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। जब भी उन्हें मौका मिलेगा, मुझे पूरा भरोसा है कि वे शानदार प्रदर्शन करेंगे। भारत ने 30 में से 18 मैच जीते भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 30 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारतीय टीम ने 18 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। हालांकि, इंग्लैंड की सरजमीं पर मेजबान टीम का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। वहां खेले गए 9 मैचों में भारत को 4 जीत, जबकि इंग्लैंड को 5 जीत मिली हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 9 टी-20 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारतीय टीम ने 5 सीरीज जीती हैं, जबकि इंग्लैंड ने 3 सीरीज अपने नाम की हैं। एक सीरीज ड्रॉ रही। भारत ने पिछली पांचों सीरीज लगातार जीती। ईशान इस साल टीम के टॉप स्कोरर भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस साल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने 2026 में अब तक कुल 15 मुकाबले में 545 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 199.63 का है। अर्शदीप सिंह के लिए भी यह साल विकेटों के लिहाज से शानदार रहा है। अर्शदीप ने साल 2026 में अब तक 14 मैच खेले हैं और कुल 21 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.98 का रहा है। जैकब बेथेल एक शतक लगा चुके हैं मेजबान इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने इस साल अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। बेथेल ने 2026 में अब तक 11 मैच खेले हैं और 143.19 के स्ट्राइक रेट से 305 रन बनाए हैं। उनके नाम इस साल एक शतकीय पारी भी दर्ज है। इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने साल 2026 में 11 मुकाबले खेले हैं और 18 विकेट चटकाए हैं। भारतीय टीम यहां पहली बार खेलेगी इंग्लैंड के चेस्टर ली स्ट्रीट के रिवरसाइड स्टेडियम की पिच संतुलित मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। नई गेंद से स्विंग और सीम मूवमेंट देखने को मिल सकता है, जिसका फायदा गेंदबाज उठा सकते हैं। यहां अब तक 5 टी-20 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 3 और चेज करने वाली टीम ने 2 मैच जीते हैं। भारतीय टीम यहां पहली बार खेलेगी। पॉसिबल प्लेइंग इलेवन भारत: संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, सुर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव/वरुण चक्रवर्ती। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम करन, लियम डॉसन, सोनी बेकर/ल्यूक वुड, साकिब महमूद, आदिल रशीद। कहां देखें मुकाबला? भारत में मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव ऐप पर देखा जा सकता है। वहीं, मैच के लाइव अपडेट्स दैनिक भास्कर ऐप पर उपलब्ध रहेंगे।
ऑस्ट्रेलिया 8वीं बार फाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया; बेथ मूनी की नाबाद फिफ्टी

ऑस्ट्रेलिया ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया आठवीं बार विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है। लंदन के द ओवल स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 125 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 13 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। दूसरा सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड के बीच 2 जुलाई को इसी मैदान पर खेला जाएगा। फाइनल लॉर्ड्स में 5 जुलाई को होगा। वेस्टइंडीज ने धीमी शुरुआत की ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। वेस्टइंडीज के दोनों ओपनर्स हेली मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में विकेट ना गंवाने के बावजूद टीम सिर्फ 35 रन ही बना सकी। 9वें ओवर में 47 रन के टीम स्कोर पर हेली के रुप में पहला झटका लगा। वे 28 गेंद पर 30 रन बनाकर जॉर्जिया वारेहम की गेंद पर बोल्ड हुई। टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। 16वें ओवर में वेस्टइंडीज का स्कोर 83 रन पर 6 विकेट हो गया। आखिरी ओवरों में डेंड्रा डॉटिन ने 16 गेंद पर 26 रन बनाते हुए स्कोर 125 रन तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स, एश्ले गार्डनर और वारेहम ने 2-2 विकेट लिए। एनाबेल सदरलैंड को 1 विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया की तेज शुरुआत ऑस्ट्रेलिया को जॉर्जिया वॉल और बेथ मूनी ने तेज शुरुआत दिलाई। तीसरे ओवर में 29 रन के स्कोर वॉल का विकेट गिरा। वे 11 गेंद पर 16 रन बनाकर चिनेल हेनरी की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुईं। पांचवे ओवर में फीबी लिचफील्ड का भी विकेट गिर गया। वे सिर्फ 4 रन बनाकर हेली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुईं। दूसरे छोर से मूनी रन बनाती रहीं। पेरी चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हुईं नंबर-4 पर बैटिंग करने उतरीं एलिस पेरी सिर्फ 2 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुईं। पारी के 7वें ओवर के बाद उन्हें कुछ दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद वे ग्राउंड से बाहर चली गईं। उन्होंने सिर्फ 7 गेंद का सामना किया। उनकी जगह एश्ले गार्डनर बैटिंग के लिए उतरीं। मूनी और गार्डनर ने मैच खत्म किया मूनी और गार्डनर ने तीसरे विकेट के लिए 36 गेंद पर 63 रन जोड़ते हुए मैच खत्म किया। ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 13 ओवर में स्कोर चेज कर दिया। मूनी 36 गेंद पर नाबाद 61 रन बनाकर मैच की टॉप स्कोरर रहीं। गार्डनर ने 20 गेंद पर नाबाद 35 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए हेली और हेनरी ने 1-1 विकेट लिए।
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से अमेरिकी नागरिक होगा, चाहे उसके माता-पिता देश में अवैध रूप से रह रहे हों या फिर अस्थायी वीजा पर आए हों। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ऐसे बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से इनकार किया गया था। यह फैसला 5-4 के बहुमत से आया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखा। अमेरिका में पिछले 158 साल से यह व्यवस्था लागू है कि वहां जन्म लेने वाला हर बच्चा अपने जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिया गया है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ट्रम्प ने आदेश जारी किया था ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण वाले दिन यानी 20 जनवरी 2025 को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर बर्थ राइट सिटीजनशिप पर रोक लगा दी थी। इसके कुछ ही दिन बाद कई संघीय (फेडरल) जिला अदालतों ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। यानी ट्रम्प का आदेश लागू ही नहीं हो सका। हालांकि उस समय बर्थराइट सिटिजनशिप पर रोक नहीं लगी थी, बल्कि ट्रम्प के आदेश पर रोक लगी थी। इसके बाद फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने अब अंतिम फैसला देते हुए कहा कि 14वां संशोधन जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। इसलिए ट्रम्प का आदेश असंवैधानिक है और उसे रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सामान्य कानून बनाकर जन्म से नागरिकता के अधिकार का दायरा नहीं बदल सकती। अगर इस व्यवस्था में बदलाव करना है, तो इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। यह फैसला ट्रम्प के लिए इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसे खत्म करने का वादा किया था। अमेरिका में 157 साल पहले मिला था जन्मजात नागरिकता का अधिकार 1865 में अमेरिकी गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में अमेरिकी संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। ट्रम्प और उनके समर्थकों का दावा है कि इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट के इस फैसले से भारतीयों को राहत क्यों मिली? H-1B वीजा धारकों के लिए गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के नियम नहीं बदलेंगे अमेरिका के इमिग्रेशन कानून या वीजा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो H-1B वीजा या किसी अन्य वैध अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अमेरिका में गर्भधारण करने या बच्चे को जन्म देने से रोकता हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी ऐसे परिवारों के अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। क्या बच्चे की नागरिकता मिलने से माता-पिता को भी नागरिकता मिल जाएगी? जवाब है- नहीं। अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका में होता है तो उसे जन्म से अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, लेकिन इसका फायदा उसके माता-पिता को नहीं मिलता। H-1B या किसी अन्य अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अपने इमिग्रेशन स्टेटस को पहले की तरह अलग से बनाए रखना होगा। मौजूदा अमेरिकी कानून के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक बच्चा अपने माता-पिता के लिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की सिफारिश तभी कर सकता है, जब उसकी उम्र 21 वर्ष हो जाए। भारतीय मूल के बच्चों के लिए दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत पूरी तरह दोहरी नागरिकता (ड्यूल सिटिजनशिप) की अनुमति नहीं देता। अगर भारतीय माता-पिता के यहां अमेरिका में बच्चा पैदा होता है, तो उसे जन्म के साथ अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। हालांकि, वह एक साथ पूरी भारतीय नागरिकता नहीं रख सकता। ऐसे बच्चों के लिए माता-पिता ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड बनवा सकते हैं। ओसीआई कार्ड मिलने पर उन्हें भारत आने के लिए आजीवन वीजा की जरूरत नहीं होती। साथ ही भारत में रहने से जुड़े कई अधिकार भी मिलते हैं।









