100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर उन्होंने साइन कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को रोकना है। अगले 6 हफ्तों में बाजार में आएंगी इथेनॉल से चलने वाली कारें केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया है और कई बड़ी कंपनियां 100% इथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गडकरी के मुताबिक, टोयोटा , सुजुकी, MG और हुंडई सहित अन्य कंपनियां अगले 6 हफ्तों के भीतर अपने ऐसे नए मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल पर चलेंगे। पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता ऑप्शन, घटेगा इम्पोर्ट बिल नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल पेट्रोल के मुकाबले किफायती और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर सकता है। भारत अभी अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करके पूरा करता है, जिससे देश के खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ता है। 100% इथेनॉल के आने से न सिर्फ आम जनता को महंगे पेट्रोल से राहत मिलेगी, बल्कि भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल भी काफी हद तक कम हो जाएगा। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। पिछले हफ्ते ही लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते ही सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है।
3/20/30/40 रूल से करें घर लेने की तैयारी:सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न खरीदें, समझें इसका पूरा गणित

घर खरीदने से पहले वित्तीय योजना बनाना घर के लिए ब्लूप्रिंट डिजाइन करने जैसा है। एक सही योजना के साथ पहली बार घर की खरीदारी आपको वित्तीय संकट और तनाव से दूर रखती है। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए 3/20/30/40 रूल है। यहां हम जानते हैं ये कैसे काम करता है: अब इसे उदाहरण से समझें… सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न लें: घर की कीमत आपकी वार्षिक आय से 3 गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए। यानी आप सालाना 12 लाख कमाते हैं तो 36 लाख तक के घर खरीदने की तैयारी करें। 20-साल का लोन: 20 साल या उससे कम समय का लोन लें। आप कर्ज को तेजी से चुका देंगे और समय के साथ ब्याज पर एक बड़ी राशि बचा सकेंगे। 30% ईएमआई: आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके नए घर की ईएमआई आपकी मासिक आय के 30% से अधिक न हो। मान लीजिए आप हर महीने 1 लाख कमातें हैं तो 30 हजार से अधिक ईएमआई नहीं होनी चाहिए। इससे आप अपना बाकी खर्च चला सकेंगे। 40% डाउन पेमेंट: आप घर की लागत का कम से कम 40% डाउन पेमेंट करने का लक्ष्य रखें। आपने 50 लाख का घर लेने की योजना बनाई है तो 40% डाउन पेमेंट बचाने की जरूरत है, जो ₹20 लाख है। इस बड़ी राशि को बचाने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन इससे आप ब्याज के बोझ को कम कर सकते हैं। SBI सहित कई बैंक 8% से कम पर होम लोन दे रहे SBI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित कई दूसरे बैंक 8% से कम ब्याज पर होम लोन दे रहे हैं। बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की ब्याज दर 7.80% से शुरू हो रही है। वहीं SBI की ब्याज दर 7.25% से शुरू है।
3/20/30/40 रूल से करें घर लेने की तैयारी:सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न खरीदें, समझें इसका पूरा गणित

घर खरीदने से पहले वित्तीय योजना बनाना घर के लिए ब्लूप्रिंट डिजाइन करने जैसा है। एक सही योजना के साथ पहली बार घर की खरीदारी आपको वित्तीय संकट और तनाव से दूर रखती है। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए 3/20/30/40 रूल है। यहां हम जानते हैं ये कैसे काम करता है: अब इसे उदाहरण से समझें… सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न लें: घर की कीमत आपकी वार्षिक आय से 3 गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए। यानी आप सालाना 12 लाख कमाते हैं तो 36 लाख तक के घर खरीदने की तैयारी करें। 20-साल का लोन: 20 साल या उससे कम समय का लोन लें। आप कर्ज को तेजी से चुका देंगे और समय के साथ ब्याज पर एक बड़ी राशि बचा सकेंगे। 30% ईएमआई: आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके नए घर की ईएमआई आपकी मासिक आय के 30% से अधिक न हो। मान लीजिए आप हर महीने 1 लाख कमातें हैं तो 30 हजार से अधिक ईएमआई नहीं होनी चाहिए। इससे आप अपना बाकी खर्च चला सकेंगे। 40% डाउन पेमेंट: आप घर की लागत का कम से कम 40% डाउन पेमेंट करने का लक्ष्य रखें। आपने 50 लाख का घर लेने की योजना बनाई है तो 40% डाउन पेमेंट बचाने की जरूरत है, जो ₹20 लाख है। इस बड़ी राशि को बचाने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन इससे आप ब्याज के बोझ को कम कर सकते हैं। SBI सहित कई बैंक 8% से कम पर होम लोन दे रहे SBI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित कई दूसरे बैंक 8% से कम ब्याज पर होम लोन दे रहे हैं। बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की ब्याज दर 7.80% से शुरू हो रही है। वहीं SBI की ब्याज दर 7.25% से शुरू है।
ईरान होर्मुज में जहाजों पर टैक्स लगा सकता है:कहा- देश की सुरक्षा के लिए जरूरी; अमेरिका से जब्त फंड जारी करने की मांग

ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए नियम लागू कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ये कदम देश की सुरक्षा और समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वहां दी जाने वाली सेवाओं के बदले टैक्स लिया जा सकता है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से उसका विदेशों में जब्त किया गया फंड जारी करने की भी मांग की है। बघाई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर रविवार को साइन नहीं होंगे। यह समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
फुटबॉल वर्ल्डकप में कतर ने स्विट्जरलैंड को ड्रॉ पर रोका:खौखी ने इंजरी टाइम में हेडर से गोल दागा, गेम में 0-1 से पीछे थी टीम

आखिरी क्षणों में बौआलेम खौखी के गोल से कतर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी मैच में स्विट्जरलैंड को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। इंजरी टाइम के चौथे मिनट में हेडर के जरिए आए इस गोल ने कतार को हार से बचा लिया। जबकि, स्विट्जरलैंड से जीत छीन ली। इससे पहले 90 मिनट के खेल में स्विट्जरलैंड का दबदबा रहा, पर टीम जीत नहीं हासिल कर सकी और उसे एक अंक साझा करना पड़ा। एम्बोलो ने पेनल्टी पर गोल दागा स्विट्जरलैंड को 17वें मिनट में बढ़त मिली। कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने ब्रेल एम्बोलो को बॉक्स के अंदर फाउल कर दिया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। एम्बोलो ने मौका नहीं गंवाया और गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। स्विट्जरलैंड ने गोल के कई मौके बनाए मैच में स्विट्जरलैंड ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और कई बार गोल करने के मौके बनाए। हालांकि कतर की रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने कई हमलों को नाकाम कर टीम को मैच में बनाए रखा। दूसरे हाफ में भी स्विस टीम बढ़त बढ़ाने में नाकाम रही। इंजरी टाइम में कॉर्नर पर गोल आया जब मुकाबला समाप्ति की ओर बढ़ रहा था और स्विट्जरलैंड जीत के करीब था, तभी इंजरी टाइम में कतर को कॉर्नर मिला। 90+4 मिनट में बौआलेम खौखी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 कर दिया। इसी के साथ कतर के खिलाड़ियों ने मैदान पर जोरदार जश्न मनाया।
फुटबॉल वर्ल्डकप में कतर ने स्विट्जरलैंड को ड्रॉ पर रोका:खौखी ने इंजरी टाइम में हेडर से गोल दागा, गेम में 0-1 से पीछे थी टीम

आखिरी क्षणों में बौआलेम खौखी के गोल से कतर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी मैच में स्विट्जरलैंड को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। इंजरी टाइम के चौथे मिनट में हेडर के जरिए आए इस गोल ने कतार को हार से बचा लिया। जबकि, स्विट्जरलैंड से जीत छीन ली। इससे पहले 90 मिनट के खेल में स्विट्जरलैंड का दबदबा रहा, पर टीम जीत नहीं हासिल कर सकी और उसे एक अंक साझा करना पड़ा। एम्बोलो ने पेनल्टी पर गोल दागा स्विट्जरलैंड को 17वें मिनट में बढ़त मिली। कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने ब्रेल एम्बोलो को बॉक्स के अंदर फाउल कर दिया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। एम्बोलो ने मौका नहीं गंवाया और गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। स्विट्जरलैंड ने गोल के कई मौके बनाए मैच में स्विट्जरलैंड ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और कई बार गोल करने के मौके बनाए। हालांकि कतर की रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने कई हमलों को नाकाम कर टीम को मैच में बनाए रखा। दूसरे हाफ में भी स्विस टीम बढ़त बढ़ाने में नाकाम रही। इंजरी टाइम में कॉर्नर पर गोल आया जब मुकाबला समाप्ति की ओर बढ़ रहा था और स्विट्जरलैंड जीत के करीब था, तभी इंजरी टाइम में कतर को कॉर्नर मिला। 90+4 मिनट में बौआलेम खौखी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 कर दिया। इसी के साथ कतर के खिलाड़ियों ने मैदान पर जोरदार जश्न मनाया।
FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार खेलेगी कुरासाओ की टीम:4 बार की चैंपियन जर्मनी से मुकाबला; टूर्नामेंट में 16 साल बाद नीदरलैंड-जापान की भिड़ंत

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी का मुकाबला पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कुरासाओ से होगा। यह मैच ह्यूस्टन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला नीदरलैंड और जापान के बीच भारतीय समयानुसार 15 जून को डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच रात 1:30 बजे से शुरू होगा। 15 को ही सुबह 4:30 बजे से आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर की भिड़ंत फिलाडेल्फिया स्टेडियम में होगी। वहीं सुबह 7:30 बजे से स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच मोंटेरे स्टेडियम में मुकाबला शुरु होगा। मैच-9: जर्मनी के खिलाफ डेब्यू करेगी कुरासाओ की टीम ग्रुप-E में शामिल 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और कैरेबियाई देश कुरासाओ के बीच यह पहला मुकाबला होगा। कुरासाओ इतिहास में पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। कुरासाओ दिग्गज कोच डिक एडवोकेट के मार्गदर्शन में टूर्नामेंट में उतरी है। वहीं जर्मनी को फ्लोरियन विर्ट्ज और जमाल मुसियाला जैसे युवा सितारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जर्मनी: नोयर, किमिच, ताह, रुडिगर, रॉम, गोरेट्जका, पावलोविच, विर्ट्ज, मुसियाला, हावर्ट्ज, उंडाव। कुरासाओ: रूम, ब्रेनेट, गारी, ओबिस्पो, फ्लोरानस, एल. बकुना, जे. बकुना, गोरे, चोंग, कस्तानीर, मार्गरीथा। मैच-10: 16 साल बाद वर्ल्ड कप में नीदरलैंड और जापान की भिड़ंत ग्रुप-E में शामिल नीदरलैंड और जापान के बीच अब तक कुल 3 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। नीदरलैंड का पलड़ा भारी है, जिसने 2 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान की टीम अब तक नीदरलैंड के खिलाफ एक भी मैच नहीं जीत सकी है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 16 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 2010 के वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां नीदरलैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। डच टीम को अपने स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे और विंगर कोडी गैकपो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जापानी टीम का दारोमदार उनके सबसे भरोसेमंद मिडफील्डर वतारू एंडो और क्रिएटिव विंगर ताकेफूसा कुबो पर टिका होगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: नीदरलैंड: वेरब्रूगेन, डमफ्राइज, डी विज, वेन डाइक, अके, शुटेन, रीजेंडर्स, सिमंस, विफर, गैकपो, डेपे। जापान: सुजुकी, सुगावारा, इटाकुरा, माचिदा, इटो, एंडो, मोरीता, मितामो, कुबो, डुआन, उएदा। मैच-11: आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के बीच पहली भिड़ंत ग्रुप-F में शामिल आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर इससे पहले सिर्फ 1 बार इंटरनेशनल में आमने-सामने थे। वह मैच इक्वाडोर ने जीता था। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। आइवरी कोस्ट की टीम अपने स्टार फॉरवर्ड सेबेस्टियन हॉलर के दम पर वर्ल्ड कप में विजयी शुरुआत करना चाहेगी, जबकि इक्वाडोर की नजरें अपने कप्तान एनेर वैलेंसिया पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: आइवरी कोस्ट: फोफाना, सिंगो, डियोमंडे, एनडिका, कोनाटे, केसी, सेरी, सेंगारे, डिंग्रा, हॉलर, पेपे। इक्वाडोर: डोमिंगुएज़, प्रेसिआडो, टोरेस, पाचो, हिंकापी, ग्रुएज़ो, कैसिडो, पेज़, यैन्ज़े, सर्मिएंतो, वैलेंसिया। मैच-12: स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच बराबरी की टक्कर ग्रुप-F में शामिल स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जा चुके हैं। दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता है, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आपस में टकराएंगी। स्वीडन की टीम को अपने स्टार स्ट्राइकर अलेक्जेंडर इसाक से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी, वहीं ट्यूनीशिया की टीम अपने मजबूत डिफेंस के दम पर यूरोपीय टीम को रोकने की कोशिश करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: स्वीडन: ओल्सन, होमग्रेन, हिएन, लिंडेलोफ, ऑगस्टिनसन, काजुस्ते, लार्सन, कुलुसेवस्की, फोर्सबर्ग, इलांगा, इसाक। ट्यूनीशिया: डहमेन, वालरी, मरियह, टालबी, आब्दी, स्केहिरी, लैदौनी, बेन सुलेमान, अचौरी, म्साकनी, जेबाली।
FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार खेलेगी कुरासाओ की टीम:4 बार की चैंपियन जर्मनी से मुकाबला; टूर्नामेंट में 16 साल बाद नीदरलैंड-जापान की भिड़ंत

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज चार बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी का मुकाबला पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही कुरासाओ से होगा। यह मैच ह्यूस्टन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला नीदरलैंड और जापान के बीच भारतीय समयानुसार 15 जून को डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच रात 1:30 बजे से शुरू होगा। 15 को ही सुबह 4:30 बजे से आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर की भिड़ंत फिलाडेल्फिया स्टेडियम में होगी। वहीं सुबह 7:30 बजे से स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच मोंटेरे स्टेडियम में मुकाबला शुरु होगा। मैच-9: जर्मनी के खिलाफ डेब्यू करेगी कुरासाओ की टीम ग्रुप-E में शामिल 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और कैरेबियाई देश कुरासाओ के बीच यह पहला मुकाबला होगा। कुरासाओ इतिहास में पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। कुरासाओ दिग्गज कोच डिक एडवोकेट के मार्गदर्शन में टूर्नामेंट में उतरी है। वहीं जर्मनी को फ्लोरियन विर्ट्ज और जमाल मुसियाला जैसे युवा सितारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जर्मनी: नोयर, किमिच, ताह, रुडिगर, रॉम, गोरेट्जका, पावलोविच, विर्ट्ज, मुसियाला, हावर्ट्ज, उंडाव। कुरासाओ: रूम, ब्रेनेट, गारी, ओबिस्पो, फ्लोरानस, एल. बकुना, जे. बकुना, गोरे, चोंग, कस्तानीर, मार्गरीथा। मैच-10: 16 साल बाद वर्ल्ड कप में नीदरलैंड और जापान की भिड़ंत ग्रुप-E में शामिल नीदरलैंड और जापान के बीच अब तक कुल 3 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। नीदरलैंड का पलड़ा भारी है, जिसने 2 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान की टीम अब तक नीदरलैंड के खिलाफ एक भी मैच नहीं जीत सकी है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 16 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 2010 के वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां नीदरलैंड ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। डच टीम को अपने स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे और विंगर कोडी गैकपो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जापानी टीम का दारोमदार उनके सबसे भरोसेमंद मिडफील्डर वतारू एंडो और क्रिएटिव विंगर ताकेफूसा कुबो पर टिका होगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: नीदरलैंड: वेरब्रूगेन, डमफ्राइज, डी विज, वेन डाइक, अके, शुटेन, रीजेंडर्स, सिमंस, विफर, गैकपो, डेपे। जापान: सुजुकी, सुगावारा, इटाकुरा, माचिदा, इटो, एंडो, मोरीता, मितामो, कुबो, डुआन, उएदा। मैच-11: आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के बीच पहली भिड़ंत ग्रुप-F में शामिल आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर इससे पहले सिर्फ 1 बार इंटरनेशनल में आमने-सामने थे। वह मैच इक्वाडोर ने जीता था। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। आइवरी कोस्ट की टीम अपने स्टार फॉरवर्ड सेबेस्टियन हॉलर के दम पर वर्ल्ड कप में विजयी शुरुआत करना चाहेगी, जबकि इक्वाडोर की नजरें अपने कप्तान एनेर वैलेंसिया पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: आइवरी कोस्ट: फोफाना, सिंगो, डियोमंडे, एनडिका, कोनाटे, केसी, सेरी, सेंगारे, डिंग्रा, हॉलर, पेपे। इक्वाडोर: डोमिंगुएज़, प्रेसिआडो, टोरेस, पाचो, हिंकापी, ग्रुएज़ो, कैसिडो, पेज़, यैन्ज़े, सर्मिएंतो, वैलेंसिया। मैच-12: स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच बराबरी की टक्कर ग्रुप-F में शामिल स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जा चुके हैं। दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता है, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आपस में टकराएंगी। स्वीडन की टीम को अपने स्टार स्ट्राइकर अलेक्जेंडर इसाक से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी, वहीं ट्यूनीशिया की टीम अपने मजबूत डिफेंस के दम पर यूरोपीय टीम को रोकने की कोशिश करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: स्वीडन: ओल्सन, होमग्रेन, हिएन, लिंडेलोफ, ऑगस्टिनसन, काजुस्ते, लार्सन, कुलुसेवस्की, फोर्सबर्ग, इलांगा, इसाक। ट्यूनीशिया: डहमेन, वालरी, मरियह, टालबी, आब्दी, स्केहिरी, लैदौनी, बेन सुलेमान, अचौरी, म्साकनी, जेबाली।
कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का पारंपरिक इलाज- चॉकलेट से इलाज! 3 लाख करोड़ रुपए का इलाज करा चुके हैं ‘जड़ी-मजबूत की रानी’ पद्मश्री यानुंग जामोह

कैंसर बहुत आम बीमारी बन गयी है। यह शरीर की ड्रिल में खराबी का कारण होता है। आम भारतीय घरों में जब तक इस बीमारी का पता चलता है, इलाज बहुत देर से होता है। इसका आधुनिक इलाज बहुत महंगा है और ज्यादातर केसों में पीड़ितों के बच निकलने की उम्मीद ना के बराबर है। एक पुरानी कहावत है “एल पैथी घाव पर मरहम है, तो आयुर्वेद और हर्बल जड़ से इलाज है।” अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध हर्बल चिकित्सक यानुंग जामोह लेगो (पद्म श्री यानुंग जामोह लेगो) स्वास्थ्य- उपचार और पारंपरिक चिकित्सा के मदद से कई दशकों से कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे प्लास्टिक चिकित्सक का इलाज कर रहे हैं। यानुंग जामोह लेगो को मिर्ज़ा- पारंपरिक चिकित्सा और खेती में उनके शानदार योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा 2024 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 3 लाख से अधिक मिलियन लोगों का इलाज किया है। इनमें कैंसर के कई मरीज भी शामिल हैं। उन्होंने पिता से सीखी पारंपरिक सामग्री-माता-पिता की मदद से पीड़ितों को राहत दी और कई मामलों में बीमारी को नियंत्रित करने या ठीक करने में सफलता पाई। यानुंग जमोह लेगो कौन हैं? यानुंग जामोह लेगो का जन्म 9 जुलाई 1963 को अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के सिका तोडे गांव में हुआ था। उनके पिता एक प्रसिद्ध लोक चिकित्सक थे। बचपन से ही उन्होंने पिता से चॉकलेट का इलाज बताया। उन्होंने असम कृषि विश्वविद्यालय से कृषि की पढ़ाई की। 1988 में यूक्रेन प्रदेश सरकार के कृषि विभाग में नौकरी शुरू हुई और 2023 में टूट गयी। लेकिन उनका असली जुनून हमेशा के लिए प्लांट मेडिसिन बना हुआ है। पिता के साथ 15 साल तक ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने लोगों का इलाज शुरू कर दिया। लाखों लोगों की जान बचाई यानुंग ने अब तक 3 लाख से ज्यादा गरीबों का इलाज किया है। इनमें कैंसर, कैंसर, उच्च रक्त रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं। वे सिर्फ सलाह नहीं देते, बल्कि शर्तिया को जड़ से खत्म करने पर जोर देते हैं। उनके इलाज से हजारों लोगों को नई जिंदगी मिली है। कैंसर के निदान हेतु सहायता यानुंग जामोह लेगो ने स्थानीय स्वाद- मसाले का इस्तेमाल करके कैंसर जैसे गंभीर सामानों को इकट्ठा करने में मदद की। उनके उपचार का आधार उनके वास्तुशिल्प पुराने पारंपरिक ज्ञान और यूक्रेनी प्रदेश की प्राकृतिक औषधि-बूटियां हैं। उन्होंने न सिर्फ इलाज किया, बल्कि बीमारी को रोकने के लिए भी लोगों से सलाह ली। उनका कहना है, सही प्रभाव- जड़ी-बूटियों के नियमित इस्तेमाल और स्वस्थ्य रसायन से शरीर के रोग विशेषज्ञ की क्षमता प्रबल होती है, जो कैंसर रोगियों से लेकर मांसपेशियों में कमजोरी तक हो सकती है। कैंसर जैसी तैलियाँ में आधुनिक स्त्रियाँ बहुत जरूरी हैं, लेकिन पारंपरिक बूटियों की भी सहायक भूमिका हो सकती है। लेगो ने बताया कि हमारे मित्र का ज्ञान आज भी कितना मूल्यवान है। 2009 में खास संस्था की शुरुआत हुई 2009 में उन्होंने “स्वदेशी हर्बल विरासत” नाम से एक संस्था बनाई। इस संस्था का उद्देश्य औषधीय विज्ञान की खेती को बढ़ावा देना और लोगों को हर्बल औषधि के बारे में सलाह देना है। अब तक 1 लाख से ज्यादा लोगों को प्लांट दवाओं के फायदे दिए जा रहे हैं। हर साल करीब 5,000 औषधीय नुस्खे सुझाए जाते हैं ताकि ये औषधि-बूटियां हमेशा उपलब्ध रहें। पहले भी मिल चुके हैं कई अवॉर्ड 2024 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इससे पहले 2019 में डेमोक्रेटिक प्रदेश राज्य पुरस्कार, 2007 में सृष्टि सम्मान पुरस्कार और 2013 में पारंपरिक वैद्यक रत्न पुरस्कार मिल चुका है। पद्म श्री पुरस्कार उनके दशकों की मेहनत और विरासत को दर्शाता है। यह बताता है कि हमारे देश की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आज भी बहुत उपयोगी और प्रभावशाली है। यानुंग जामोह लेगो हमें सिखाता है कि पुराने ज्ञान को आधुनिक तरीकों से अपनाकर हम बहुत कुछ कर सकते हैं। वे सिर्फ इलाज नहीं करते हैं, बल्कि आने वाली दवाओं के लिए औषधीय औषध से भी छुटकारा पाने का काम कर रही हैं। अरुणाचल प्रदेश जैसे इलाकों में पाई जाने वाली लाल-बूटियां प्राकृतिक हैं और कई प्लास्टिक में कमाल साबित हुई हैं। इसका इस्तेमाल सही तरीके से और अनुभवी व्यक्ति की राय में करना चाहिए। यदि आप या आपके परिवार में कोई कैंसर जैसी बीमारी चल रही है, तो डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा के बारे में भी जानकारी लें। लेकिन याद रखें- बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई भी इलाज शुरू न करें। ये भी पढ़ें: सास-ससुर के बाद मां-बाप को दिखे चकाचौंध पड़े अरमान आमिर की पहली पत्नी पायल के दोस्त, उनकी कृतिका के छूटे आंकड़े- वीडियो (टैग अनुवाद करने के लिए)पद्म श्री यानुंग जामोह लेगो(टी)पारंपरिक हर्बल चिकित्सा विशेषज्ञ(टी)कैंसर हर्बल उपचार(टी)कैंसर उपचार के लिए हर्बल थेरेपी(टी)यानुंग जामोह लेगो(टी)पद्म श्री 2024(टी)अरुणाचल प्रदेश हर्बल हीलर(टी)पारंपरिक चिकित्सा भारत(टी)आदि जनजाति हर्बल ज्ञान(टी)हर्बल उद्यान आंदोलन
मूंग दाल टिक्की रेसिपी: समोसा-पकौड़ा से भर गया मन, तो कम तेल में बनी टोकरी और कुरकुरी मूंग दाल टिक्की; विधि नोट करें

मूंग दाल टिक्की बनाने की सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1 गुलाब लाल आलू, 1 छोटा कटा प्याज, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, हरा धनिया, ½ छोटा बड़ा लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा बड़ा जीरा, छवि: एआई ½ छोटा पिज्जा गरम मसाला, 1 छोटा मसाला चाट मसाला, स्वादानुसार नमक, 2 बड़े पिज्जा या सूजी, तेल। टिक्की का स्वाद ऐसा कि हर कोई तुम्हारा दीवाना न रहे। छवि: एआई मूंग दाल टिक्की बनाने की विधि: सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 3-4 घंटे के लिए सस्ते दाम पर खरीदें। इसके बाद पानी की औद्योगिक दाल को पीसकर दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत ज्यादा महीन न हो। छवि: सोशल मीडिया एक बड़ी कटोरी में पिसी हुई दाल, मैश किया हुआ आलू, प्याज, हरी मिर्च, अदरक और हरा धनियां डालें। अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, जीरा, गर्म मसाला, चाट मसाला और नमक शामिल है। छवि: एआई अगर मिक्सचर मसाला लगे तो इसमें ब्रेड क्रम्ब्स या सूजी दाल शामिल है। अब हाथों से छोटे-छोटे गोल या चपटी टिक्की बनाकर तैयार कर लें। एक नॉन-स्टिक तवा गरम करें और उस पर थोड़ा सा तेल का पाउडर लगाएं। छवि: एआई अब टिक्कियों को दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक मध्यम गति पर सेंक लें। गरमा-गरम मूंग दाल टिक्की को हरी चटनी, इमली की चटनी या दही के साथ परोसें। छवि: सोशल मीडिया फ़्लोरिडा तो इसे बर्गर या रेज़्यूमे में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। टिक्की को ज्यादा से ज्यादा क्रिस्पी बनाने के लिए मिक्स में थोड़ी सूजी मिला लें. अगर आप इसे और मशीनरी बनाना चाहते हैं तो एयर फ्रायर में भी बना सकते हैं। छवि: एआई स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें कद्दू, की हुई गाजर या पनीर भी मिला सकते हैं. टिक्की को साधारण-मध्यम आँचल पर ग्रेड, इससे यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से कुरकुरा बनेगी। छवि: सोशल मीडिया कम तेल में बनने वाली यह मूंग दाल टिक्की स्वाद और सेहत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। अगर आप रोज़-रोज़ तली-हुई चीज़ें खाँचे बोर हो गए हैं, तो इस आसान रेसिपी को ज़रूर आज़माएँ। छवि: एआई









