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राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: घर पर बनाएं राजस्थान की खास केरी अचार, 1 साल से भी ज्यादा कीमत; नोट करें रेसिपी

राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: घर पर बनाएं राजस्थान की खास केरी अचार, 1 साल से भी ज्यादा कीमत; नोट करें रेसिपी

राजस्थानी केरी अचार रेसिपी: राजस्थान में लोग अक्सर चटपटा और तीखा खाना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, राजस्थानी थाली का स्वाद तब तक अधूरा है, जब तक केरी का अचार न हो। राजस्थान में इस अचार को बनाने का तरीका थोड़ा सा अलग और खट्टा है। खास बात यह है कि आप इस आचार्य को पिछले साल तक बता सकते हैं। यह बुरा नहीं है. आइये आपको राजस्थान की केरी अचार बनाने के तरीके के बारे में बताते हैं। राजस्थानी केरी अचार बनाने की सामग्री के लिए कच्ची आम केरीहल्दी का तेलसौंफमेथी दानाकलौंजीहल्दी पाउडरलाल मिर्च पाउडरहींगनमक सबसे पहले केरी को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। अब ऐसे ही छोटे नमूने में कट लें। एक बड़ी पोथी में कटी हुई केरी, हल्की हल्दी और नमक लगभग 5-6 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे केरी अपना पानी छोड़ो देवी। इसके बाद पानी अच्छा लें और केरी के मिश्रण को पंजाब के नीचे या हल्की धूप में 2-3 घंटे के लिए सुखाएं। ध्यान रहे, बिल्कुल नहीं रहना चाहिए।एक मिठाई में मेथी दाना और सौंफ को पेंटिंग सा भून लें। अब एक बड़े पोयस्टोर में दरदरी सौंफ, मेथी, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च, हींग और नमक को एक साथ मिला लें।सरसों के तेल को एक कड़ाही में तब तक गर्म करें जब तक इसमें से धुआं ना निकले। इसके बाद गैस बंद हो गई और तेल में खराबी आ गई। बिल्कुल गर्म तेल में मोनोजल हो सकता है।जब तेल गुनगुना हो जाए, तो इसमें तैयार किए गए मूल उत्पाद शामिल हैं। अब इस मिश्रण में सुखी हुई केरी के टुकड़े शामिल हैं और अच्छी तरह से बनाए गए हैं ताकि हर टुकड़े पर ठोस की कोटिंग हो जाए। 1 साल से ज्यादा की कीमत ‘सीक्रेट टिप्स’ अचार को कांच या चीनी मिट्टी के जार में भरें। जार में अचार को दबा-दबा कर भरा और ऊपर से इतना उपयोग तेल डाला कि अचार पूरी तरह डूब जाए। तेल आचार्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करता है।आचार रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग न करें। जार को गर्म पानी से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कोई खरीदारी न हो।आचार विचार समय हमेशा आकर्षक का उपयोग करें। सिद्धांत ही है आचार्य के सबसे बड़े दुश्मन।अचार के विज्ञापन के बाद जार के मुंह पर सूती फैब्रिक के टुकड़े उसे 4-5 दिन से लेकर रोज 2-3 घंटे की धूप तक सुनाते हैं। इसी प्रकार अच्छे प्रकार के पाक मिलते हैं।

आम खाने के कितनी देर बाद पिएं पानी? डॉक्टर ने बताया पाचन से जुड़ा वो सच जिसे 90% लोग नहीं जानते होंगे!

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Last Updated:April 09, 2026, 17:20 IST लोगों को गर्मी का मौसम बहुत पसंद होता है और इसकी एक अच्छी वजह भी है क्योंकि यह अपने साथ आमों का स्वादिष्ट स्वाद लेकर आता है. हालांकि, आम खाने को लेकर कई तरह की मान्यताएं और धारणाएं प्रचलित हैं. बड़े-बुज़ुर्ग अक्सर आम खाने के तुरंत बाद पानी न पीने की सलाह देते हैं, और चेतावनी देते हैं कि ऐसा करने से पेट में दर्द हो सकता है. How appropriate is it to drink water immediately after eating mango in summer : गर्मी का मौसम आते ही सबसे पहले हमें आम याद आते हैं. बाजार में आम देखकर ही कई लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. आम सिर्फ स्वादिष्ट नहीं होते, बल्कि शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर भी देते हैं. लेकिन बचपन से ही हम सुनते आए हैं कि आम खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. ये सिर्फ एक पुरानी मान्यता नहीं है, इसके पीछे सेहत से जुड़ी वजहें भी हैं. ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राज कुमार के अनुसार आम शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला फल है. आम खाने के बाद हमारी पाचन प्रणाली इसे पचाने के लिए काम करना शुरू करती है. इस समय अगर तुरंत ठंडा पानी पी लिया जाए तो पेट की गर्मी अचानक कम हो जाती है. इससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इससे आम ठीक से पच नहीं पाता और गैस, फुलावट, एसिडिटी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. कुछ लोगों को पेट भारी लगना या असहज महसूस होना भी हो सकता है. इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आम खाने के बाद तुरंत पानी न पीएं, कम से कम 20 से 30 मिनट का गैप रखें. Add News18 as Preferred Source on Google इस समय शरीर खाना पचाना शुरू करता है. उसके बाद पानी पीने से कोई समस्या नहीं होती. साथ ही बहुत ठंडा पानी नहीं बल्कि कमरे के तापमान वाला या गुनगुना पानी पीना अच्छा होता है. इससे पाचन आसान रहता है. एक और जरूरी बात यह है कि आम खाने से पहले थोड़ी देर पानी में भिगोना चाहिए. हमारे बड़े लोग इस तरीके को अपनाने के पीछे वजह है. आम को पानी में भिगोने से उसमें मौजूद बाहरी गर्मी कम हो जाती है. साथ ही फल में मौजूद कुछ प्राकृतिक रसायन भी कम हो जाते हैं. ये कुछ लोगों को एलर्जी या शरीर में गर्मी बढ़ने का कारण बन सकते हैं. भिगोए हुए आम खाने से वे आसानी से पच जाते हैं. आम फल सेहत के लिए बहुत अच्छे हैं. लेकिन इन्हें सही तरीके से खाना भी उतना ही जरूरी है. अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो बिना किसी परेशानी के इस स्वादिष्ट फल का मजा लिया जा सकता है. First Published : April 09, 2026, 17:01 IST

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मोदी के मास्टरस्ट्रोक से पहले पार्टी संकल्प पत्र की घोषणा, बंगाल में 6 सीटों का ऐलान

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मोदी के मास्टरस्ट्रोक से पहले पार्टी संकल्प पत्र की घोषणा, बंगाल में 6 सीटों का ऐलान

भाजपा शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए संकल्प पत्र की घोषणा कर रही है। संकल्प पत्र की घोषणा सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता के लिए छह महत्वपूर्ण गारंटी की घोषणा की। पिछले कई चुनावों की बात करें तो बीजेपी ने मोदी की साख पर एक बड़ा सवाल उठाया है। बीजेपी का दावा है कि मोदी की जनता पर पूरी तरह से विश्वास है और उनका फायदा चुनाव में है। मोदी ने इन गारंटियों के साथ आकांक्षा संकल्प दिया प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन में मजबूती लाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सशक्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री द्वारा दी गई गारंटी में कहा गया है कि राज्य में भाजपा सरकार डर गई और सुरक्षा का माहौल खत्म हो गया और कानून के शासन में लोगों का विश्वास बहाल हो गया। साथ ही लोकतांत्रिक तंत्र को पूरी तरह से जनता के प्रति उत्तर बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर समर्थक, भ्रष्टाचारी के मामले, महिलाओं के खिलाफ अपराध और बलात्कार के मामलों की सामूहिकता खुलेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीएम मोदी ने टीएमसी के शासन में शामिल किए गए को लेकर सारसाहित्य तैयार किया बैसाखी में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को शामिल करने के लिए वह मंत्री हो या किसी अन्य को भी शामिल नहीं किया जाएगा और सभी को कानून के सिद्धांतों में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, मठ को संविधान प्रदत्त के खिलाफ सभी अधिकारों और मांगों का वादा किया गया है, जबकि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा, जिससे राज्य के सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. यह गारंटी देता है कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास को लेकर भाजपा की एकजुटता को खत्म किया जाए। यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के गढ़ में ओवैसी की एंट्री, यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी का सवाल? (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)नरेंद्र मोदी(टी)बीजेपी का घोषणापत्र शुक्रवार को जारी(टी)नरेंद्र मोदी 6 गारंटी(टी)चुनाव समाचार(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)समाचार हिंदी(टी)पश्चिम बंगाल में नरेंद्र मोदी का भाषण(टी)पश्चिम बंगाल मोदी का भाषण(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)ट्रेंडिंग समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)नरेंद्र मोदी(टी)शुक्रवार को बीजेपी का घोषणापत्र जारी(टी)नरेंद्र मोदी की 6 गारंटी(टी)चुनाव समाचार(टी)ताजा समाचार अपडेट(टी)हिंदी समाचार

फरमान से शादी करने वाली मोना लिसा की उम्र की होगी जांच, पर कैसे होता है यह टेस्ट, विज्ञान के हिसाब से जानिए

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Last Updated:April 09, 2026, 17:03 IST Mona Lisa Age Test: सोशल मीडिया सेंसेशन मोना लिसा ने जब से केरल के एक्टर फरमान से शादी की है तब से वह विवादों में है. कहा जा रहा है मोना लिसा नाबालिग है. इसलिए फरमान के साथ यह शादी अवैध है. ऐसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है और केरल और मध्य प्रदेश पुलिस को 7 दिनों के अंदर जांच करने के आदेश दिए हैं. इस बीच पुलिस ने मोना लिसा की उम्र का पता लगाने के लिए ऑसिफिकेशन टेस्ट करने का फैसला किया है. अब सवाल यह है कि किसी व्यक्ति की उम्र का पता कैसे लगाया जाता है. इसका वैज्ञानिक तरीका क्या है. आइए जानते हैं. mona_lisa_0007 इंस्टाग्राम पेज से ली गई मोना लिसा और फरमान खान की फोटो. कुंभ मेले से सोशल मीडिया में रातों-रात सनसनी बनीं मोना लिसा की उम्र की वैज्ञानिक जांच की जाएगी. दरअसल, उनकी उम्र को लेकर विवाद गहरा गया है. केरल के फरमान से शादी के बाद हिन्दू पक्षों ने कई जगहें शिकायतें पहुंचाई हैं. शिकायत में कहा गया है कि कुंभ के दौरान एक वीडियो में मोना लिसा ने अपनी उम्र 16 साल बताई थी. इस हिसाब से अभी उसकी उम्र 17 साल ही होगी लेकिन उम्र से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर गलत जानकारी दी गई है. ऐसे में मोना लिसा नाबालिग है और इस हिसाब से फरमान ने नाबालिग से शादी की है. इस तरह फरमान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए. इसी शिकायत को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस को जांच करने का आदेश दिया है. अब सवाल है कि उम्र का पता कैसे लगाया जाता है. इसका वैज्ञानिक तरीका क्या है. क्या विज्ञान इस गुत्थी को सुलझा पाएगा कि मोना लिसा शादी के वक्त नाबालिग थी या बालिग? विज्ञान के हिसाब से उम्र का पता विज्ञान में उम्र का पता लगाने के लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं. यह केवल एक सामान्य चेकअप नहीं बल्कि फॉरेंसिक विज्ञान की एक जटिल प्रक्रिया है जिसे ऑसिफिकेशन टेस्ट कहा जाता है. इसमें हड्डियों के जुड़ाव की स्थिति को देखा जाता है. इसके बाद डेंटल एजिंग टेस्ट है. इसमें दांतों और उसकी जड़ों की बनावट को आंका जाता है. वहीं उम्र का पता लगाने के लिए हार्मोनल और सेकेंडरी सेक्सुअल कैरेक्टर को भी आधार बनाया जाता है. फोरेंसिक साइंस में बोन डेंसिटी टेस्ट भी प्रमुख है. इसके बाद टेलोमीयर टेस्टिंग से भी इसका पता लगाया जाता है. ओसिफिकेशन टेस्ट या बोन डेंसिटी टेस्ट-विज्ञान में उम्र का अंदाजा लगाने के लिए बोन डेंसिटी टेस्ट प्रमुख है. कोई व्यक्ति नाबालिग है या बालिग, इसका पता लगाने के लिए इस टेस्ट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. इसमें एक्स-रे के जरिए हाथ की कलाई की हड्डियों के जुड़ाव की जांच की जाती है. उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां आपस में जुड़ती हैं. विज्ञान के हिसाब से, जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारे शरीर की हड्डियां आपस में जुड़ती हैं और उनके सिरे फ्यूज होने लगते हैं. एक्स-रे और डेंटल स्कैन के जरिए डॉक्टर इन्हीं हड्डियों के घनत्व और दांतों की बनावट का विश्लेषण करते हैं. इस विश्लेषण के आधार पर यह देखा जाता है कि व्यक्ति बालिग है या नाबालिग. हालांकि इसकी सटीकता 80% से 90% तक होती है. पोषण और बीमारियों के कारण इसमें 2-3 साल का अंतर आ सकता है. दांतों का विश्लेषण-जीवित व्यक्तियों और हाल के शवों की उम्र पता करने के लिए यह सबसे सटीक तरीका है. इसमें बच्चों में दांतों के निकलने के क्रम और वयस्कों में दांतों के घिसने या एस्पार्टिक एसिड रेसमीकरण की जांच की जाती है. बच्चों और किशोरों में यह 95% तक सटीक होता है लेकिन वयस्कों में इसमें 5-10 साल का अंतर आ सकता है. टेलोमेयर विश्लेषण-टेलोमेयर टेस्ट जेनेटिक टेस्ट है. यह उम्र पता करने की एक आधुनिक जेनेटिक विधि है. वास्तव में हमारे डीएनए के सिरों पर टेलोमेयर्स होते हैं. हर बार जब कोशिका विभाजित होती है, टेलोमेयर्स छोटे हो जाते हैं. इनकी लंबाई मापकर बायोलॉजिकल एज का पता लगाया जाता है. यह बायोलॉजिकल उम्र बताने में तो सटीक है लेकिन क्रोनोलॉजिकल उम्र (जन्म तिथि के हिसाब से) बताने में इसमें 5-8 साल का अंतर हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp,आपके सवालों का हम देंगे जवाब. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 09, 2026, 17:03 IST

डायबिटीज के मरीजों के लिए बड़ी राहत! इन दूध के सेवन से कम हो सकता है शुगर

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Last Updated:April 09, 2026, 16:47 IST डायबिटीज़ के मरीज अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि उन्हें किस तरह के दूध का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर आप अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो आपको इस बात पर खास ध्यान देना चाहिए कि आप किस तरह का दूध पी रहे हैं चाहे वह डेयरी-बेस्ड हो या प्लांट-बेस्ड. डायबिटीज़ से जूझ रहे लोगों को अक्सर अपने खाने-पीने को लेकर कई सवाल होते हैं. चाय या कॉफी पीने वालों को समझ नहीं आता कि कौन सा दूध इस्तेमाल करें. अगर आप अपने खून में शुगर लेवल कंट्रोल करना चाहते हैं, तो आपको जो दूध पीते हैं उस पर ध्यान देना चाहिए. चाहे वो डेयरी दूध हो या प्लांट बेस्ड दूध, हर तरह का दूध आपके ग्लूकोज लेवल पर अलग असर डालता है. MSN वेबसाइट और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अच्छा दूध चुनते समय तीन बातें ध्यान में रखनी चाहिए. कम कार्बोहाइड्रेट, बिना शक्कर और अच्छा प्रोटीन वाला दूध पीना चाहिए. इससे डायबिटीज़ स्पाइक कम होते हैं और एनर्जी भी बनी रहती है. दूध चुनना क्यों जरूरी है?: दूध में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स शरीर में शुगर में बदल जाते हैं और सीधा ब्लड ग्लूकोज लेवल पर असर डालते हैं. अगर एक साथ ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स ले लिए जाएं, खासकर टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज़ वालों के लिए, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. इसलिए सही दूध चुनना ही नहीं, बल्कि आप कितना पीते हैं ये भी जरूरी है. पूरे दिन कार्बोहाइड्रेट्स को बराबर मात्रा में लेना भी जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google सोया दूध: सोया दूध को खून में शुगर कंट्रोल करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. इसमें कम कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा प्रोटीन का बैलेंस होता है. एक कप दूध में करीब 8–9 ग्राम प्रोटीन होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है. इससे ग्लूकोज धीरे-धीरे खून में जाता है और शुगर स्पाइक नहीं होता. इसमें फाइबर भी होता है, जो शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है. लेकिन हमेशा बिना मीठा वाला सोया दूध ही चुनें. बकरी का दूध: बकरी के दूध में अच्छे पोषक तत्व होते हैं. इसमें मीडियम मात्रा में प्रोटीन भी है. लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट और नेचुरल शुगर ज्यादा होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. इसलिए इसे पूरी तरह से छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. बादाम दूध: बादाम दूध में कार्बोहाइड्रेट कम होते हैं, बिना मीठा वर्जन में तो शक्कर भी नहीं होती. इसलिए ये ग्लूकोज लेवल पर कम असर डालता है. लेकिन इसमें प्रोटीन भी कम होता है, जिससे पेट ज्यादा देर तक भरा नहीं रहता. इसलिए ड्राई फ्रूट्स या अंडे जैसे प्रोटीन वाले खाने के साथ लेना बेहतर है. गाय का दूध: खून में शुगर कंट्रोल करने के लिए गाय का दूध आखिरी विकल्प है. एक कप में करीब 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है. इसमें लैक्टोज नाम की नेचुरल शुगर भी होती है. इससे ग्लूकोज लेवल जल्दी बढ़ सकता है. प्रोटीन के अलावा, ज्यादा कार्बोहाइड्रेट की वजह से ये इस्तेमाल के लिए ज्यादा सही नहीं है. कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन का क्या रोल है?.. दूध में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही नहीं, बल्कि फैट और प्रोटीन भी शुगर पर असर डालते हैं. ज्यादा कैलोरी वाला खाना पचने में टाइम लेता है, जिससे कार्बोहाइड्रेट का असर बदल जाता है. इसलिए डॉक्टर अक्सर कोलेस्ट्रॉल या कैलोरी फ्री दूध पीने की सलाह देते हैं. इससे कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं. असल खतरा तो मिलाई गई चीनी है. बिना चीनी वाले कई पैक्ड दूध, सिरप और फ्लेवर मिलते हैं. लेकिन ये आपके खून में शुगर लेवल जल्दी बढ़ा सकते हैं. इसलिए लेबल पढ़ना बहुत जरूरी है. First Published : April 09, 2026, 16:47 IST

मंडला में सड़क के बीच से हटेगा बिजली पोल:नेहरू स्मारक-बिंझिया रोड निर्माण में लापरवाही के बाद बिजली विभाग ने की कार्रवाई

मंडला में सड़क के बीच से हटेगा बिजली पोल:नेहरू स्मारक-बिंझिया रोड निर्माण में लापरवाही के बाद बिजली विभाग ने की कार्रवाई

मंडला में नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक निर्माणाधीन सड़क के बीच में खड़े बिजली के पोल शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। 94 लाख रुपए की लागत वाली इस सड़क के डामरीकरण में बाधा बन रहे खंभों को हटाए बिना ही काम किए जाने पर विभाग ने संज्ञान लिया है। डामरीकरण से पहले पोल नहीं हटाया नगर की 800 मीटर लंबी इस सड़क का निर्माण बिना बिजली के पोल और पेड़ों को हटाए शुरू कर दिया गया था। सड़क के बीचों-बीच खड़े इन खंभों के कारण भविष्य में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी, जिसे देखते हुए अब पोल हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। स्थानीय निवासी आनंद प्रकाश तिवारी सहित अन्य नागरिकों ने पोल शिफ्टिंग कार्य शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान की गई इस अनदेखी से आमजन की सुरक्षा खतरे में थी, जो अब पोल हटने से सुधरेगी। बिजली कंपनी ने संभाला मोर्चा लापरवाही उजागर होने के बाद बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी कार्य शुरू किया। हालांकि, इस संबंध में बिजली विभाग के एसई अयूब खान से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल बिना बाधाओं को हटाए सड़क निर्माण कार्य शुरू किए जाने से लोगों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब शेष डामरीकरण का कार्य खंभे हटने के बाद निर्धारित मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।

पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत

पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत

अमेरिका में केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल की सजा सुनाई गई है। लॉस एंजेलिस फेडरल कोर्ट के जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने 8 अप्रैल को सजा सुनाते हुए कहा कि संघा ने हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स को ड्रग्स सप्लाई कर लग्जरी जिंदगी जी। फ्रेंड्स सीरीज के फेमस एक्टर मैथ्यू पेरी की मौत में उसका सीधा रोल था। पेरी की 2023 में केटामाइन ओवरडोज से मौत हुई थी। जसवीन ने खुद कबूल किया था कि उन्होंने पेरी को केटामाइन बेची थी। संघा के परिवार का कनेक्शन जालंधर के पास फिल्लौर से है। जालंधर के संघा गांव से जुड़े गोत्र की जसवीन संघा का जन्म 22 जुलाई 1983 को लंदन (ब्रिटेन) में हुआ। माता नीलम सिंह और पिता बलजीत सिंह छोकर इंडस्ट्रियलिस्ट हैं। दादा-दादी ईस्ट लंदन में फैशन रिटेल बिजनेस चलाते हैं और रॉयल फैमिली है। परिवार बाद में कैलिफोर्निया के कैलाबासास चला गया, जहां जसवीन का बचपन बीता। वे अमेरिका-ब्रिटेन की ड्यूल सिटीजन हैं। जानें कौन हैं संघा और कैसे ड्रग क्वीन बनीं… पेरी का फायदा उठाकर लग्जरी लाइफ बिताई जसवीन संघा और मैथ्यू पेरी के बीच कोई दोस्ती नहीं थी। संघा के वकील ने स्पष्ट किया कि उनके संबंधों की खबरें महज अफवाहें हैं। असल में संघा मुख्य ड्रग सप्लायर थी, जिसने बिचौलियों के जरिए पेरी तक केटामाइन पहुंचाया। पेरी को सीधे तौर पर संघा से कभी बात करने की जरूरत नहीं पड़ी। पेरी के सहायक को केटामाइन ड्रग बेची अक्टूबर 2023 में संघा ने पेरी के सहायक को केटामाइन बेची, जो पेरी की मौत का कारण बना। साक्ष्य मिटाने की कोशिशों के बावजूद संघा ने सितंबर 2025 में अपना गुनाह कबूल कर लिया। 8 अप्रैल को अदालत ने उन्हें ड्रग बेचने और पेरी की मौत का दोषी मानकर 15 साल की सजा सुनाई।

शरीर के लिए ‘नेचुरल कूलर’ है इस फल का शरबत, पेट की दिक्कतों के लिए रामबाण! सदियों से पीते आ रहे लोग

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Last Updated:April 09, 2026, 14:58 IST Summer Health Tips: गर्मी में शरीर में थकान, पेट में दर्द, पानी की कमी जैसी तमाम दिक्कतें सामने आती हैं. इन सभी बीमारियों का एक इलाज. इसे नेचुरल कूलर भी कहा जाता है जो शरीर को जल्दी राहत देता है. आयुर्वेद के अनुसार, बेल के शरबत को लोग सदियों से पीते आ रहे हैं. Summer Health Tips: गर्मी के मौसम में बार-बार थकान, कमजोरी, ज्यादा प्यास लगना, पेट खराब होना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. गर्मी में तेज धूप और लू के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. इससे शरीर की एनर्जी कम हो जाती है और व्यक्ति सुस्त और कमजोर महसूस करता है. खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं इस मौसम में ज्यादा देखने को मिलती हैं. ऐसे में अगर आप नेचुरल और आयुर्वेदिक उपाय अपनाते हैं, तो शरीर को जल्दी राहत मिलती है. बिना साइड इफेक्ट के ये उपाय शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं. लंबे समय तक फायदा देते हैं. बेल का शरबत: गर्मी का नेचुरल कूलरगर्मी के मौसम में बेल का शरबत सबसे असरदार और पारंपरिक ड्रिंक माना जाता है. इसे प्राकृतिक ‘कूलर’ भी कहा जाता है, जो शरीर को तुरंत ठंडक देता है. यह न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी बनाता है. बेल का शरबत पीने से शरीर लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहता है. यह शरीर का तापमान संतुलित रखता है और लू के असर को कम करता है. इससे बार-बार प्यास लगने की समस्या भी कम होती है. पेट की समस्याओं में रामबाणबेल में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. कब्ज, गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. डायरिया या दस्त होने पर भी बेल का शरबत बहुत फायदेमंद माना जाता है. बेल का नियमित सेवन आंतों को मजबूत करता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है. इससे खाना जल्दी पचता है और पेट हल्का व आरामदायक महसूस होता है. दिल और खून के लिए भी फायदेमंदबेल का शरबत दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से गंदगी (टॉक्सिन) बाहर निकालते हैं और खून साफ रखते हैं. त्वचा पर भी असरबेल का नियमित सेवन त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है. यह स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है. आजकल लोग बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक और मीठे जूस पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं. लेकिन, इनमें केमिकल और ज्यादा शुगर होती है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाती है. इसके मुकाबले घर का बना बेल शरबत पूरी तरह नेचुरल और सुरक्षित होता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Khandwa,Madhya Pradesh First Published : April 09, 2026, 14:58 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- ‘1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील’

पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- '1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील'

पश्चिम बंगाल की सूची में हलचल मच गई है। युवा कांग्रेस (टीएमसी) ने हुमायूँ कबीर से एक कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो जारी किया है। पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में कबीर और बीजेपी के बड़े नेताओं के बीच करोड़ों रुपये की डील की बातचीत सामने आई है। टीएमसी ने इस मामले की पूरी जांच की मांग भी की है. स्टिंग वीडियो में क्या दावा?टीएमसी के मुताबिक, हुमायूं कबीर के जारी किए गए वीडियो में कथित तौर पर 1000 करोड़ रुपये की डील की बात कही जा रही है, जिसमें 300 करोड़ रुपये की अग्रिम प्रस्तुति का भी जिक्र किया गया है। किन नेताओं ने लिया नाम?पार्टी का आरोप है कि इस कथित घोटालेबाज में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं. इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और भी शामिल हैं। टीएमसी की प्रेस कॉन्फ्रेंसइस मामले को लेकर टीएमसी नेता फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और प्रशांत घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे ‘बड़ा खुलासा’ किया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो बेहद गंभीर है और इससे बड़ी राजनीतिक गठजोड़ की साजिश का संकेत है। ईडी जांच की मांगटीएमसी ने इस मामले में पूरे की जांच निदेशालय निदेशालय (ईडी) से की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बड़े पैमाने पर वित्तीय वित्तीय लेन-देन के सहयोगियों की जांच जरूरी है। उद्योगपति के वकील का हुमायूं कबीर ने दिया जवाब. उन्होंने कहा, ‘वो स्टिंग ऑपरेशन एआई से बनाया गया है। ये सब कुछ टीएमसी के संस्थापक पर हुआ है।’ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘हुमायूँ कबीर कबीले के लिए काम कर रहे हैं? उनके पास इतने पैसे कहां से आए कि वे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं? लोगों को अनाउंस कौन कर रहा है, लोग इस पर जरूर विचार करेंगे।’ चुनाव से पहले आर्टिकल घमासानटीएमसी ने इसे पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी साजिश बताया है और दावा किया है कि यह एक बड़ा राजनीतिक खेल है। इस खुलासे के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और आरोप-प्रत्यारोप तेजी से हो गए हैं.

मोदी की हत्या की साजिश, बिहार से 3 गिरफ्तार:अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA से किया था संपर्क , हमले के लिए पैसों की डिमांड की थी

मोदी की हत्या की साजिश, बिहार से 3 गिरफ्तार:अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA से किया था संपर्क , हमले के लिए पैसों की डिमांड की थी

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने और इसके बदले विदेशों से पैसे मांगने के मामले में बक्सर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। डुमरांव अनुमंडल के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित आशा पड़री गांव में बुधवार देर रात छापेमारी कर एक युवक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों से संपर्क कर न केवल गोपनीय जानकारी साझा करने की बात की, बल्कि 22 दिनों के अंदर प्रधानमंत्री पर हमले और सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश भी रची थी। SP के निर्देश पर बनी टीम, देर रात छापेमारी मामले की सूचना मिलते ही बक्सर SP शुभम आर्य के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आशा पड़री गांव में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। SP ने बताया कि अमन तिवारीने यूएएस की एजेंसी CIA को ईमेल कर संपर्क किया था। ईमेल के जरिए पैसे की डिमांड की। इसके बदले हम प्रधानमंत्री पर जानलेवा हमला कर सकते है। इस काम को पूरा करने के लिए 22 दिनों का वक्त मांगा था। विदेशी संपर्क और पैसों की डिमांड पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अमेरिका (USA) की एजेंसी CIA से जुड़े लोगों से संपर्क साधा था। आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े मामलों में सुरक्षा में सेंध लगाने और हमले की योजना के एवज में पैसे की मांग की थी। हालांकि कितनी रकम मांगी गई थी, इस पर पुलिस ने कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार किया है। SP शुभम आर्य ने कहा कि मामला अत्यंत गोपनीय है और जांच पूरी होने के बाद ही इसका पूरा खुलासा किया जाएगा। गुप्त स्थान पर पूछताछ, कई खुलासों की उम्मीद सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी की पहचान अमन कुमार के रूप में हुई है। फिलहाल सभी आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पहले भी साइबर केस में हो चुकी है गिरफ्तारी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अमन कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। साल 2022 में कोलकाता एयरपोर्ट को हैक करने की धमकी देने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उस समय कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की थी। इस बार मामला प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने के कारण इसकी गंभीरता कई गुना बढ़ गई है। लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से डिजिटल सबूत मिलेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी किस स्तर तक सक्रिय थे और किन-किन लोगों से जुड़े थे। पिता बोले- हमें कुछ नहीं पता अमन के पिता गणेश तिवारी ने बताया कि वे उस समय पूजा में गए हुए थे। घर लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक यह नहीं पता कि उनका बेटा किस मामले में पकड़ा गया है और क्या आरोप हैं। कमरा सील, गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद प्रशासन ने उस कमरे को सील कर दिया है, जहां अमन कुमार रहता था। बताया जा रहा है कि वह गांव में रहकर साइबर कैफे चलाता था। गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अमन सामान्य जीवन जीता था, ऐसे में उस पर लगे इतने गंभीर आरोपों ने सभी को हैरान कर दिया है। बड़ा सवाल: गांव से PMO तक कैसे पहुंची साजिश? इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि एक गांव में साइबर कैफे चलाने वाला युवक देश के सबसे संवेदनशील कार्यालय से जुड़ी साजिश में कैसे शामिल हो गया। फिलहाल बक्सर पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।