Saturday, 12 Sep 2026 | 10:18 PM

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रेडियो खराबी से ट्रम्प का हेलिकॉप्टर विमान के करीब पहुंचा:एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को एक हफ्ते पहले से दिक्कत की जानकारी थी; फिर भी चूक हुई

रेडियो खराबी से ट्रम्प का हेलिकॉप्टर विमान के करीब पहुंचा:एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को एक हफ्ते पहले से दिक्कत की जानकारी थी; फिर भी चूक हुई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेलिकॉप्टर मरीन वन और एक यात्री विमान के करीब पहुंचने की वजह सामने आई है। जांच के मुताबिक, रेडियो संपर्क में आई खराबी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को हेलिकॉप्टर की उड़ान से पहले मिलने वाली जरूरी चेतावनी नहीं मिल पाई। यह घटना 4 अगस्त को हुई थी। ट्रम्प को लेकर मरीन वन व्हाइट हाउस के पास से उड़ान भर रहा था, तभी रीगन नेशनल एयरपोर्ट से एक यात्री विमान को भी टेकऑफ की मंजूरी मिल गई। दोनों विमान कुछ देर के लिए काफी करीब आ गए, लेकिन पायलटों की सतर्कता से टकराव टल गया। जांच में यह भी सामने आया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को इस रेडियो खराबी की जानकारी एक हफ्ते पहले ही हो गई थी। इसके बावजूद घटना वाले दिन राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक हुई। व्हाइट हाउस में निर्माण के कारण रेडियो में खराबी आई जांच में पता चला कि व्हाइट हाउस में चल रहे निर्माण के कारण मरीन वन के उड़ान भरने की जगह बदल दी गई थी। हेलिकॉप्टर अब द एलिप्स से उड़ान भर रहा था। नई जगह और रीगन एयरपोर्ट के पास लगे रेडियो रिसीवर के बीच सीधा संपर्क ठीक नहीं था। इसी वजह से हेलिकॉप्टर की रेडियो कॉल कंट्रोल टावर तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही थी। एक हफ्ते पहले मीटिंग में दिक्कत पर चर्चा हुई थी घटना से करीब एक हफ्ते पहले 30 जुलाई को मरीन वन के पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की बैठक हुई थी। इसमें तीन मिनट पहले दी जाने वाली उड़ान चेतावनी के कंट्रोल टावर तक नहीं पहुंचने की बात सामने आई थी। तब तय किया गया था कि रेडियो संपर्क न होने पर किसी दूसरे विमान या व्यक्ति के जरिए यह सूचना दी जाएगी। 4 अगस्त को पायलटों ने ज्वाइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग के जरिए भी कंट्रोल टावर तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, यह तरीका भी काम नहीं आया। कंट्रोलर्स को मरीन वन के उड़ान भरने की जानकारी नहीं मिली और इसी दौरान यात्री विमान को टेकऑफ की मंजूरी दे दी गई। ट्रम्प का हेलिकॉप्टर और विमान सिर्फ 1.3 किमी दूर थे NTSB के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच सबसे कम दूरी करीब 1.3 किलोमीटर थी। उनकी ऊंचाई में भी महज 250 फीट का अंतर रह गया था। यात्री विमान के टक्कर से बचाने वाले सिस्टम ने चेतावनी दी थी। मरीन वन के पायलटों ने भी विमान को देख लिया और कुछ देर रुक गए, जिससे दोनों अलग हो गए। FAA के नियम के मुताबिक, ऐसे हालात में दो विमानों के बीच कम से कम 2.4 किलोमीटर की दूरी या ऊंचाई में 500 फीट का अंतर होना जरूरी है। अब रेडियो सिस्टम ठीक किया गया घटना के बाद FAA की तकनीकी टीम ने रेडियो सिस्टम की जांच की। रिसीवर को रिहायशी इलाके से हटाकर रीगन एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर के ऊपर लगा दिया गया। इसके बाद किए गए परीक्षणों में रेडियो संपर्क ठीक पाया गया। यह घटना पिछले साल के रीगन एयरपोर्ट हादसे के बाद और गंभीर मानी जा रही है। 29 जनवरी 2025 को एक यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर की टक्कर में 67 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद एयरपोर्ट के आसपास हेलिकॉप्टर और विमानों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा नियम कड़े किए गए थे। ————————————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने माना- ईरान के डर से प्लेन बदलना पड़ा:हमला होता तो एयरफोर्स वन पर होता; ट्रक में छिपकर दूसरे विमान तक पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मान लिया है कि उन्होंने पिछले महीने तुर्किये में ईरान के डर से प्लेन बदला था। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे जिस प्लेन से NATO समिट में हिस्सा लेने गए थे उस पर हमले का सबसे ज्यादा खतरा था। पूरी खबर पढ़ें…

फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर सलमान खान दुखी:पत्नी अरुणा ईरानी के लिए लिखा, मेरा दिल आपके साथ है; कार्डियक अरेस्ट से हुआ था निधन

फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर सलमान खान दुखी:पत्नी अरुणा ईरानी के लिए लिखा, मेरा दिल आपके साथ है; कार्डियक अरेस्ट से हुआ था निधन

मशहूर फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने गहरा दुख जताया है। सलमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर कुकू कोहली की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने कुकू की पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस अरुणा ईरानी समेत पूरे परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 77 साल के कुकू कोहली का 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। ‘अरुणा जी, भगवान आपको हिम्मत दे’ सलमान खान ने कुकू कोहली पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भगवान आपकी आत्मा को शांति दे कुकू जी। अरुणा जी, मेरा दिल आपके साथ है। भगवान आपको हिम्मत दे।” सलमान की इस पोस्ट के बाद उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी कुकू कोहली को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अरुणा ईरानी और परिवार से सलमान का खास रिश्ता सलमान खान का अरुणा ईरानी और कुकू कोहली के परिवार से पुराना और करीबी रिश्ता रहा है। सलमान ने कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी के साथ ‘सपने साजन के’ (1992) और ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ (2002) जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। कुकू कोहली की बेटी करिश्मा कोहली का भी सलमान खान से प्रोफेशनल कनेक्शन रहा है। करिश्मा कोहली ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्मों ‘एक था टाइगर’ और ‘बजरंगी भाईजान’ में डायरेक्टर कबीर खान के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था। 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट से हुआ निधन 77 साल के कुकू कोहली (अवतार कोहली) का निधन 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ था। 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में विक्की कौशल, कटरीना कैफ, रोहित शेट्टी, राजपाल यादव, जावेद अख्तर और शबाना आजमी भी पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे सेलेब्स; देखें तस्वीरें राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया।अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

तिब्बत की बाढ़ से नेपाल की भोटेकोशी नदी उफान पर:कई जिलों में चेतावनी जारी, सीमा चौकी के 9 जवान लापता

तिब्बत की बाढ़ से नेपाल की भोटेकोशी नदी उफान पर:कई जिलों में चेतावनी जारी, सीमा चौकी के 9 जवान लापता

चीन के तिब्बत क्षेत्र से आई बाढ़ मंगलवार को नेपाल के रसुवा जिले में पहुंच गई। इसके चलते भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। बाढ़ के बीच रसुवा के टिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट में तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। प्रशासन ने त्रिशूली नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख धर्मराज उप्रेती ने कहा कि तिब्बत से बाढ़ आने की सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों को अलर्ट भेज दिया गया था। बाढ़ के बाद टिमुरे स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि चौकी पर मौजूद 25 से 30 अन्य लोग सुरक्षित हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियां नेपाल के उत्तरी इलाकों से होकर बहती हैं। तिब्बत में भारी बारिश या अचानक आई बाढ़ का असर इन नदियों के जरिए नेपाल के कई जिलों तक पहुंच सकता है। खबर अपडेट हो रही है…..

तिब्बत की बाढ़ से नेपाल की भोटेकोशी नदी उफान पर:कई जिलों में चेतावनी जारी, सीमा चौकी के 9 जवान लापता

तिब्बत की बाढ़ से नेपाल की भोटेकोशी नदी उफान पर:कई जिलों में चेतावनी जारी, सीमा चौकी के 9 जवान लापता

चीन के तिब्बत क्षेत्र से आई बाढ़ मंगलवार को नेपाल के रसुवा जिले में पहुंच गई। इसके चलते भोटेकोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। बाढ़ के बीच रसुवा के टिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट में तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। प्रशासन ने त्रिशूली नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख धर्मराज उप्रेती ने कहा कि तिब्बत से बाढ़ आने की सूचना मिलते ही प्रभावित इलाकों को अलर्ट भेज दिया गया था। बाढ़ के बाद टिमुरे स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि चौकी पर मौजूद 25 से 30 अन्य लोग सुरक्षित हैं। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियां नेपाल के उत्तरी इलाकों से होकर बहती हैं। तिब्बत में भारी बारिश या अचानक आई बाढ़ का असर इन नदियों के जरिए नेपाल के कई जिलों तक पहुंच सकता है। खबर अपडेट हो रही है…..

इस्लामाबाद के अस्पताल में आग, 15 नवजातों की मौत:AC कंप्रेसर में विस्फोट से हादसा; वार्ड में 16 बच्चे थे, सिर्फ 1 बचा

इस्लामाबाद के अस्पताल में आग, 15 नवजातों की मौत:AC कंप्रेसर में विस्फोट से हादसा; वार्ड में 16 बच्चे थे, सिर्फ 1 बचा

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में बुधवार को आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) अस्पताल में स्त्री रोग वार्ड की नर्सरी में हुआ। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त नर्सरी में 16 नवजात बच्चे मौजूद थे। इनमें से सिर्फ एक बच्चे को बचाया जा सका। रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक, नर्सरी के अंदर एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में विस्फोट हुआ। इसके बाद आग लग गई और तेजी से पूरे वार्ड में फैल गई। आग की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू कंगना रनोट से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर भड़क गईं। हाल ही में कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तापसी पर उनकी परवरिश और माता-पिता का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर मीडिया से बातचीत के दौरान तापसी ने कहा कि जब लोग और मीडिया उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछना बंद कर देंगे, तब यह विवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। तापसी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘गांधारी’ के प्रमोशन के सिलसिले में बातचीत कर रही थीं। तापसी बोलीं- आप लोग विवाद खत्म नहीं होने देते जब तापसी से कंगना के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, आप इस बात को खत्म क्यों नहीं होने देते? जब कोई हम दोनों से यह सवाल पूछना बंद कर देगा, तो यह मुद्दा भी खत्म हो जाएगा। आप सब लोगों को यह सब देखने में मजा आ रहा है, इसलिए वही सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे सवाल पूछना अगर आप बंद कर दें, तो यह बात कब की खत्म हो जाती। कंगना ने सस्ती कॉपी कहा, फिर डिलीट की स्टोरी इससे पहले कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो स्टोरीज शेयर की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। उन्होंने लिखा, ‘एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।’ कंगना ने कहा- वो प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं इसके बाद कंगना ने तापसी की टिप्पणी वाली एक खबर शेयर की और कहा कि कई लोग उनकी परवरिश और माता-पिता पर सवाल उठाते हैं। कंगना ने बताया कि उनका परिवार एक प्रतिष्ठित राजपूत जमींदार परिवार से आता है और उनके माता-पिता पढ़े-लिखे हैं। कंगना ने कहा कि यह उनकी निजी पसंद थी कि वह अपने करियर की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करें। इसके लिए उनके माता-पिता पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? तापसी-कंगना का विवाद कई साल पुराना अभिनेत्री तापसी पन्नू और कंगना रनोट के बीच विवाद काफी पुराना है। विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने फिल्म ‘मनमर्जियां’ के प्रमोशन के दौरान कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। इसके बाद 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। इसके बाद 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा था। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें ‘भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?’:कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

कंगना से जुड़े सवाल पर भड़कीं तापसी पन्नू:मीडिया से बोलीं- आप सवाल पूछना बंद करेंगे, तभी विवाद खत्म होगा; कंगना ने 'सस्ती कॉपी' कहा था

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू कंगना रनोट से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर भड़क गईं। हाल ही में कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तापसी पर उनकी परवरिश और माता-पिता का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर मीडिया से बातचीत के दौरान तापसी ने कहा कि जब लोग और मीडिया उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछना बंद कर देंगे, तब यह विवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। तापसी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘गांधारी’ के प्रमोशन के सिलसिले में बातचीत कर रही थीं। तापसी बोलीं- आप लोग विवाद खत्म नहीं होने देते जब तापसी से कंगना के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, आप इस बात को खत्म क्यों नहीं होने देते? जब कोई हम दोनों से यह सवाल पूछना बंद कर देगा, तो यह मुद्दा भी खत्म हो जाएगा। आप सब लोगों को यह सब देखने में मजा आ रहा है, इसलिए वही सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे सवाल पूछना अगर आप बंद कर दें, तो यह बात कब की खत्म हो जाती। कंगना ने सस्ती कॉपी कहा, फिर डिलीट की स्टोरी इससे पहले कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो स्टोरीज शेयर की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। उन्होंने लिखा, ‘एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।’ कंगना ने कहा- वो प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं इसके बाद कंगना ने तापसी की टिप्पणी वाली एक खबर शेयर की और कहा कि कई लोग उनकी परवरिश और माता-पिता पर सवाल उठाते हैं। कंगना ने बताया कि उनका परिवार एक प्रतिष्ठित राजपूत जमींदार परिवार से आता है और उनके माता-पिता पढ़े-लिखे हैं। कंगना ने कहा कि यह उनकी निजी पसंद थी कि वह अपने करियर की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करें। इसके लिए उनके माता-पिता पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? तापसी-कंगना का विवाद कई साल पुराना अभिनेत्री तापसी पन्नू और कंगना रनोट के बीच विवाद काफी पुराना है। विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने फिल्म ‘मनमर्जियां’ के प्रमोशन के दौरान कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। इसके बाद 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। इसके बाद 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा था। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें ‘भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?’:कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें

डायरेक्टर कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन:हार्ट अटैक आया था, फिल्म फूल और कांटे से अजय देवगन को लॉन्च किया था

डायरेक्टर कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में निधन:हार्ट अटैक आया था, फिल्म फूल और कांटे से अजय देवगन को लॉन्च किया था

वेटरन फिल्ममेकर कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली। कुकू कोहली को हार्ट अटैक आया था। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने इसकी पुष्टि की। कुकू कोहली ने अजय देवगन को फिल्म फूल और कांटे से फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया था। यह फिल्म सुपरहिट रही और अजय देवगन को पहचान मिली। इसके बाद कुकू कोहली ने कोहराम, सुहाग, हकीकत और जुल्मी जैसी फिल्में बनाईं। (खबर अपडेट की जा रही है)

ट्रम्प कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदल सकते हैं:कहा- ‘लेक ओंटारियो’ का नाम ‘लेक अमेरिका’ करने की सोच रहा

ट्रम्प कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदल सकते हैं:कहा- ‘लेक ओंटारियो’ का नाम ‘लेक अमेरिका’ करने की सोच रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदलने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ रखने पर विचार कर रहे हैं। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और कनाडा ने एक-दूसरे पर 50% टैरिफ लगा दिया है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, लेक ओंटारिया का नाम बदलने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने किसी जगह का नाम बदलने की बात कही हो। जनवरी 2025 में उन्होंने अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों में ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ को ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ कहने का आदेश दिया था। हालांकि, उस फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली थी। क्यों अहम है लेक ओंटारियो? लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिका की पांच बड़ी झीलों (ग्रेट लेक्स) में से एक है। इसका उत्तरी किनारा कनाडा के ओंटारियो प्रांत और दक्षिणी किनारा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से जुड़ा है। यह झील दोनों देशों के लिए पीने के पानी, सामान की आवाजाही, मछली पालन और पर्यटन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। सेंट लॉरेंस नदी के जरिए यह अटलांटिक महासागर से जुड़ती है, इसलिए यहां से सामान की आवाजाही भी होती है। झील की देखभाल और सुरक्षा के लिए अमेरिका और कनाडा मिलकर काम करते हैं और कई समझौते कर चुके हैं। क्या अमेरिका अकेले नाम बदल सकता है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपने सरकारी रिकॉर्ड, नक्शों और दस्तावेजों में किसी स्थान का नाम बदल सकता है। लेकिन यदि वह स्थान किसी दूसरे देश के साथ साझा है, तो नया नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार नहीं हो जाता। यानी अमेरिका अपने आधिकारिक दस्तावेजों में लेक ओंटारियो को कोई नया नाम दे सकता है, लेकिन कनाडा या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं उसे मानने के लिए बाध्य नहीं होंगी। यही स्थिति पहले ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ मामले में भी देखने को मिली थी। जनवरी 2025 में ट्रम्प ने अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल में ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था। अमेरिका ने इसे अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में लागू कर दिया, लेकिन मैक्सिको और दूसरे देशों ने पुराने नाम का इस्तेमाल जारी रखा। खबर अपडेट हो रही है…

ट्रम्प कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदल सकते हैं:कहा- ‘लेक ओंटारियो’ का नाम ‘लेक अमेरिका’ करने की सोच रहा

ट्रम्प कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदल सकते हैं:कहा- ‘लेक ओंटारियो’ का नाम ‘लेक अमेरिका’ करने की सोच रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदलने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ रखने पर विचार कर रहे हैं। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका और कनाडा ने एक-दूसरे पर 50% टैरिफ लगा दिया है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, लेक ओंटारिया का नाम बदलने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने किसी जगह का नाम बदलने की बात कही हो। जनवरी 2025 में उन्होंने अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों में ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ को ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ कहने का आदेश दिया था। हालांकि, उस फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली थी। क्यों अहम है लेक ओंटारियो? लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिका की पांच बड़ी झीलों (ग्रेट लेक्स) में से एक है। इसका उत्तरी किनारा कनाडा के ओंटारियो प्रांत और दक्षिणी किनारा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से जुड़ा है। यह झील दोनों देशों के लिए पीने के पानी, सामान की आवाजाही, मछली पालन और पर्यटन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। सेंट लॉरेंस नदी के जरिए यह अटलांटिक महासागर से जुड़ती है, इसलिए यहां से सामान की आवाजाही भी होती है। झील की देखभाल और सुरक्षा के लिए अमेरिका और कनाडा मिलकर काम करते हैं और कई समझौते कर चुके हैं। लेक ओंटारियो को उसका नाम कैसे मिला? ‘ओंटारियो’ नाम मूलनिवासी ह्यूरॉन लोगों की भाषा से आया माना जाता है। इसका अर्थ ‘सुंदर झील’ है। बाद में यूरोपीय लोगों ने भी इस नाम का इस्तेमाल शुरू किया और यही नाम प्रचलित हो गया। इसी से कनाडा के ओंटारियो राज्य का नाम भी पड़ा। यूरोपीय मानचित्रों में यह नाम 17वीं सदी से दिखाई देने लगा था। यानी ‘ओंटारियो’ नाम नया नहीं है, बल्कि सदियों पुराना है। एक दिलचस्प बात यह भी है कि लेक ओंटारियो ग्रेट लेक्स में सबसे छोटी झील है, लेकिन इसका आर्थिक महत्व बहुत बड़ा है। क्या अमेरिका अकेले नाम बदल सकता है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपने सरकारी रिकॉर्ड, नक्शों और दस्तावेजों में किसी स्थान का नाम बदल सकता है। लेकिन यदि वह स्थान किसी दूसरे देश के साथ साझा है, तो नया नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार नहीं हो जाता। यानी अमेरिका अपने आधिकारिक दस्तावेजों में लेक ओंटारियो को कोई नया नाम दे सकता है, लेकिन कनाडा या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं उसे मानने के लिए बाध्य नहीं होंगी। यही स्थिति पहले ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ मामले में भी देखने को मिली थी। जनवरी 2025 में ट्रम्प ने अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल में ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था। अमेरिका ने इसे अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में लागू कर दिया, लेकिन मैक्सिको और दूसरे देशों ने पुराने नाम का इस्तेमाल जारी रखा।