Monday, 13 Apr 2026 | 02:33 PM

Trending :

EXCLUSIVE

असम चुनाव 2026: घुसपैठियों की हो रही है पहचान, चुना-चुनकर देश से बाहर निकलेंगे- अमित शाह

असम चुनाव 2026: घुसपैठियों की हो रही है पहचान, चुना-चुनकर देश से बाहर निकलेंगे- अमित शाह

असम चुनाव 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम के श्रीलंकाई जिलों के पथारकांडी में एक विशाल रैली में कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिर्फ बीजेपी ही राज्य को घुसपैठियों से बचा सकती है और उसकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रख सकती है. अमित शाह ने कहा, “भाजपा की सरकार बनी है। अब बारी है एक-एक करके चुनी-चुन कर बाहर करने की। केवल भाजपा ही है जिसका नाम करीमगंज है, जिसे श्रीलंका कहा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस है जो प्रदर्शनकारियों के खाते में सत्ता हासिल करना चाहती है। मैं आज यहां से निकला हूं, हम गांधीजी कानाफूसी करते हैं, प्लास्टिक में डूबे हुए हैं। असमिया और शास्त्रीय भाषा को शास्त्रीय भाषा का सिद्धांत का काम किया गया है।” कांग्रेस ने कहा, “हम निजीकरण की बात करते हैं तो कांग्रेस विरोध करती है। कांग्रेस पार्टी के षड्यंत्र के साथ क्षेत्र ने अतिक्रमणिया बहुल क्षेत्र बनाने का प्रयास किया। वोट बैंक की राजनीति कर उन्होंने 1950 के आप्रवासी अधिनियम को समाप्त कर दिया। गोपीनाथ यह अधिनियम लेकर आए थे। कांग्रेस ने 1983 में आईटी अधिनियम पास करियनों को मैसाचुसेट्स शरण का काम सौंपा। मैसाचुसेट्स, बंगाल और इस प्रतिष्ठित सरकार के साथ मिलकर उन्होंने 1950 के आप्रवासी अधिनियम को समाप्त कर दिया। ये घुसपैठिये हमारे युवाओं के रोजगार, गरीबों के राशन और चाय बागानों के अपहरण का प्रयास कर रहे हैं। शाह ने कहा, ”जब से राहुल गांधी कांग्रेस के नेता बने हैं, सभी कांग्रेस नेताओं का सार्वजनिक स्तर नीचे हो गया है. किम मंच पर हजारों की संख्या में भाजपा और आरएसएस के लोग हैं। यह लोकतंत्र की भाषा नहीं है।” (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह(टी)गृह मंत्री(टी)श्रीभूमि(टी)असम पाथरकांडी(टी)कांग्रेस पार्टी करीमगंज(टी)केंडिया गृह मंत्री(टी)चुनावी रैली(टी)अमित शाह(टी)गृह मंत्री(टी)कांग्रेस(टी)अमित शाह(टी)गृह मंत्री(टी)श्रीभूमि(टी)असम पत्थरकांडी(टी)कांग्रेस(टी)रिमगंज(टी)चुनावी रैली(टी)राहुल गांधी(टी)असम चुनाव(टी)असम चुनाव

दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

दिव्यांग को 14 साल से नहीं मिला मुआवजा:6.34 लाख का भुगतान अटका, कलेक्टर ने दिए निर्देश

सिंगरौली जिले के बलियरी निवासी दिव्यांग मोहम्मद शोएब को पिछले 14 वर्षों से मुआवजे का भुगतान नहीं मिला है। एनटीपीसी द्वारा उनकी जमीन और घर के अधिग्रहण के बाद भी उन्हें 6 लाख 34 हजार रुपये की राशि नहीं मिली है। मोहम्मद शोएब जन्म से दिव्यांग हैं, उनके दोनों हाथ अविकसित हैं। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई है। शोएब के अनुसार, वह वर्ष 2011 से लगातार अधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन हर बार प्रक्रिया अधूरी बताकर उन्हें टाल दिया जाता है। मंगलवार को जनसुनवाई में मोहम्मद शोएब अपनी समस्या लेकर कलेक्टर गौरव बेनल के समक्ष पहुंचे। उन्होंने मुआवजे में हो रही देरी का पूरा विवरण दिया। कलेक्टर बेनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भू-अर्जन शाखा के अधिकारियों को तत्काल जांच कर लंबित मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह मामला केवल मोहम्मद शोएब तक सीमित नहीं है। सिंगरौली जिले में ऐसे कई विस्थापित परिवार हैं जो वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।

यह सफेद फूल है औषधि का खजाना! बवासीर से लेकर कान-दांत दर्द तक देता है राहत, जानें सही इस्तेमाल

ask search icon

Last Updated:April 07, 2026, 13:38 IST धतूरा एक ऐसा पौधा है, जिसे जहां धार्मिक दृष्टि से भगवान शिव को अर्पित किया जाता है, वहीं आयुर्वेद में इसके कई औषधीय उपयोग भी बताए गए हैं. हालांकि यह पौधा विषैला होता है, इसलिए इसके सही और सीमित उपयोग से ही स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में धतूरा का पौधा आसानी से मिल जाता है. धतूरा एक ऐसा पौधा है, जिसके फल, पत्तियां और तना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें ट्रोपेन एल्कलॉइड जैसे स्कोपोलामाइन, एट्रोपिन, एनिसोडामाइन, मेटेलोइडिन और एंजेलेट एस्टर जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों से बचाव में सहायक माने जाते हैं. धतूरा का फल भगवान शिव को बेहद प्रिय माना जाता है. शिव भक्त सोमवार के दिन पूजा के बाद भगवान शिव को धतूरे का फल और फूल अर्पित करते हैं. धतूरा एक विषैला पौधा है, लेकिन इसका ऐतिहासिक और पारंपरिक उपयोग विभिन्न संस्कृतियों में औषधीय और धार्मिक उद्देश्यों के लिए होता आया है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने पिया था और धतूरा उस विष को नियंत्रित करने में सहायक माना गया, इसलिए शिव पूजा में इसका विशेष महत्व है. अगर आप बवासीर की समस्या से परेशान हैं, तो गांव में मिलने वाला यह फल राहत दिला सकता है. हालांकि, धतूरे के पत्ते और फल का सही तरीके से उपयोग करना बेहद जरूरी है. बवासीर में धतूरे के फल और पत्तियों को जलाकर निकलने वाले धुएं से मस्सों की सिकाई करने पर दर्द में राहत मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google कई बार बाइक या अन्य कारणों से चोट लगने पर पैर में सूजन आ जाती है, जिससे दर्द और चलने में दिक्कत होने लगती है. ऐसे में लोग धतूरे के पत्तों को गर्म करके प्रभावित स्थान पर बांधते हैं, जिससे सूजन कम हो सकती है. वहीं, धतूरे के पत्तों को पीसकर लेप बनाकर सूजन वाली जगह पर लगाने से भी धीरे-धीरे राहत मिल सकती है. अगर आप कान के दर्द या सिरदर्द से परेशान रहते हैं, तो धतूरे का पत्ता फायदेमंद माना जाता है. कान दर्द में इसके उपयोग के लिए सरसों के तेल में गंधक के साथ थोड़ा सा धतूरे के पत्तों का रस मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं. इसके बाद हल्का गुनगुना होने पर इस तेल की दो-दो बूंद कान में डालने से दर्द में राहत मिल सकती है. आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार के अनुसार दांतों के दर्द में धतूरे के बीज उपयोगी माने जाते हैं. इसके लिए धतूरे के बीज निकालकर धूप में सुखा लें, फिर उन्हें पीसकर दाढ़ की खाली जगह में रखें. कुछ समय बाद दर्द में राहत मिल सकती है, इसके बाद कुल्ला कर लें. उन्होंने यह भी सलाह दी है कि अधिक जानकारी और सही उपयोग के लिए डॉक्टर से जरूर संपर्क करें. First Published : April 07, 2026, 13:38 IST

‘लादेन’ नाम से खौफ फैलाने वाला ड्रग तस्कर गिरफ्तार:डिलीवरी के लिए इलाके में घुसा ओर पकड़ा गया, 100 ग्राम MD बरामद

‘लादेन’ नाम से खौफ फैलाने वाला ड्रग तस्कर गिरफ्तार:डिलीवरी के लिए इलाके में घुसा ओर पकड़ा गया, 100 ग्राम MD बरामद

खजराना पुलिस ने खुद को ‘ओसामा’ बताकर खौफ फैलाने वाले ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 100 ग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई है। शहर में उसे ‘लादेन’ नाम से जाना जाता था और वह इसी नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर बैठाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ओसामा चंदन नगर इलाके का रहने वाला है। उसकी शक्ल और नाम कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिलते-जुलते होने के कारण लोग उसे ‘लादेन’ कहकर बुलाते थे। आरोपी भी इसी नाम का इस्तेमाल कर अपना रौब जमाता था। डिलीवरी से पहले ही दबोचा मनोज सेंधव की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी स्टार चौराहे के पास बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने ड्रग डिलीवरी के लिए खड़ा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और तलाशी में उसके पास से 100 ग्राम से ज्यादा एमडी बरामद की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यह ड्रग राजस्थान के डग इलाके से लेकर आया था और इंदौर में सप्लाई करने वाला था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और साथियों की तलाश कर रही है। आरोपी के खिलाफ पहले से लूट और मारपीट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: वसीम को टांगा टोली कर उठाया इधर क्राइम ब्रांच ने अलग कार्रवाई में राजेश दंडोतिया के निर्देशन में 24 ग्राम एमडी के आरोपी वसीम खान को पकड़ा। पुलिस जब उसे लेने पहुंची तो परिजनों ने विरोध किया, जिसके बाद टीम उसे टांगा टोली कर गाड़ी तक लेकर आई।

क्या पहाड़ों पर घूमने से टेंशन दूर हो जाती है? मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए क्या करें, एक्सपर्ट से जानिए टिप्स

authorimg

Last Updated:April 07, 2026, 12:55 IST Benefits of Mountain Travel: पहाड़ों पर घूमना और ट्रेकिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. प्राकृतिक वातावरण, ठंडी हवा, हरियाली और शारीरिक गतिविधि से तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. साथ ही योग, ध्यान और सामाजिक जुड़ाव भी मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में मदद करते हैं. नेचर के साथ वक्त बिताने से तनाव कम हो सकता है. How Hills Improve Mental Health: आज के जमाने में स्ट्रेस की समस्या हर किसी को परेशान कर रही है. बच्चों पर पढ़ाई का दबाव है, युवाओं पर नौकरी का दबाव है, मिडिल एज के लोगों पर जिम्मेदारियों का बोझ है और बुजुर्ग सेहत से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं. प्रोफेशनल लाइफ से लेकर पर्सनल लाइफ में लोगों को अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है. लगातार तनाव न केवल हमारी इमोशनल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि शरीर पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में तनाव कम करने और मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए लोग पहाड़ों पर जा रहे हैं. एक्सपर्ट भी ऐसी जगहों पर जाने की सलाह देते हैं. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की साइकेट्री डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि पहाड़ों पर यात्रा करना या ट्रेकिंग करना मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ठंडी हवा, हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों को देखकर ब्रेन में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन बढ़ जाते हैं. इससे मन को सुकून मिलता है और तनाव कम होता है. पहाड़ों में समय बिताने से डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण भी घट सकते हैं. पहाड़ों में लंबी सैर, झरनों के पास समय बिताना या सिर्फ शांत जगह पर बैठना मन को वर्तमान में रहने की कला सिखाता है. इसे माइंडफुलनेस कहा जाता है. जब हम प्रकृति के साथ वक्त बिताते हैं, तो हमारी नेगेटिव सोच कम होती है और मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. साइकेट्रिस्ट ने बताया कि ट्रेकिंग, हाइकिंग या पहाड़ों पर चलना सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. यह शरीर में एंडॉर्फिन रिलीज करता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द और तनाव को कम करता है. नियमित शारीरिक गतिविधियां नींद सुधारने, मूड बेहतर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं. अपने जीवन में छोटे छोटे कदम उठाएं, प्रकृति के करीब रहें और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं. हालांकि पहाड़ों पर जाना हर किसी के लिए हर समय संभव नहीं होता, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के कुछ अन्य तरीके भी हैं, जिन्हें आप रोज फॉलो कर सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप बाहर घूमने नहीं जा पा रहे हैं, तो स्ट्रेस कम करने के लिए रोज योग और प्राणायाम का अभ्यास करें. डीप ब्रीदिंग टेक्निक तनाव कम करने में बेहद असरदार है. रोज 10 से 20 मिनट मेडिटेशन करने से मेंटल स्टेबिलिटी बढ़ती है. पसंदीदा म्यूजिक सुनने या क्रिएटिव एक्टिविटी से ब्रेन को सुकून मिलता है और स्ट्रेस कम होता है. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से भी तनाव कम होता है. इसके अलावा पर्याप्त नींद, अच्छी लाइफस्टाइल और हेल्दी खान-पान से भी स्ट्रेस कम हो सकता है. अगर तमाम कोशिशों के बाद भी अत्यधिक तनाव से परेशान हैं, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 12:55 IST

बढ़ते वजन से हैं परेशान? यह हरी सब्जी बन सकती है वरदान, घर में भी आसानी से करें इसकी खेती

ask search icon

Last Updated:April 07, 2026, 12:39 IST आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है. ऐसे में लोग जिम, डाइटिंग और महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप प्राकृतिक और आसान तरीका चाहते हैं, तो नेनुआ जैसी हरी सब्जी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. वजन कंट्रोल करना आज के समय में लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. बिजी लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान की वजह से मोटापा लगातार बढ़ती समस्या बनता जा रहा है. बढ़ते वजन को नियंत्रित करने और मोटापे को कम करने के लिए लोग जिम में घंटों पसीना बहा रहे हैं और एक्सरसाइज व योगाभ्यास में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. वहीं इसके साथ ही आजकल लोग शरीर को फिट रखने और वजन को कंट्रोल करने के लिए डाइटिंग भी कर रहे हैं. इसके अलावा बाजार में मिलने वाले महंगे सप्लीमेंट्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वजन को नियंत्रित किया जा सके. लेकिन बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए कुछ हरी सब्जियों का सेवन भी आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है. कुछ हरी सब्जियां ऐसी होती हैं, जिनके सेवन से शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल किया जा सकता है. इसके साथ ही ये शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देती हैं. नेनुआ उन्हीं सब्जियों में से एक है. यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में बेहद फायदेमंद होता है और इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉ. आशीष बताते हैं कि नेनुआ का सेवन पेट के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है. इसके अलावा यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर रखने में भी काफी लाभदायक है. डाइट के अनुसार नेनुआ का सेवन करने से पेट हल्का रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है. इस सब्जी की सबसे खास बात यह है कि यह एक लो-कैलोरी सब्जी है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट जल्दी भर जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भूख को नियंत्रित करने में भी बेहद फायदेमंद है. इसके सेवन से बार-बार खाने की आदत कम होती है, जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही अगर शरीर में खून की कमी है, तो उसकी पूर्ति के लिए भी नेनुआ बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसके सेवन से एनीमिया जैसी समस्या से भी राहत मिल सकती है. इसमें आयरन और जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं. सबसे खास बात यह है कि इस सब्जी को घर में बेहद कम जगह पर भी उगाया जा सकता है. अगर आप ताजा, हरा और पौष्टिक नेनुआ खाना चाहते हैं, तो इसे अपने घर की क्यारी में आसानी से उगा सकते हैं. इसका सेवन वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है. First Published : April 07, 2026, 12:39 IST

जम्मू-कश्मीर में 2 पाकिस्तानी आतंकवादी गिरफ्तार:इनमें से एक 16 साल से फरार था; लश्कर-ए-तैयबा टेरर मॉड्यूल से जुड़े 3 मददगार भी पकड़े गए

जम्मू-कश्मीर में 2 पाकिस्तानी आतंकवादी गिरफ्तार:इनमें से एक 16 साल से फरार था; लश्कर-ए-तैयबा टेरर मॉड्यूल से जुड़े 3 मददगार भी पकड़े गए

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा टेरर मॉड्यूल से जुड़े कुल 5 लोगों को अरेस्ट किया है। इनमें से दो पाकिस्तानी आतंकी हैं, बाकी उनके मददगार हैं। एक आतंकी की पहचान अब्दुल्ला उर्फ ​​अबू हुरेरा के रूप में हुई है। अब्दुल्ला 16 साल से फरार था। वहीं दूसरा पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ ​​खुबैब है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ सेंट्रल एजेंसियां भी इस ऑपरेशन में शामिल थीं। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा समेत 19 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कुछ सामान भी बरामद किया। जांच में LeT के एक नेटवर्क का पता चला जो आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल मदद करता था। हम खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

क्या कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को ठंडक मिल सकती है? इस बात में कितनी हकीकत, सभी के लिए जानना जरूरी

authorimg

Last Updated:April 07, 2026, 11:12 IST Cold Drinks and Body Temperature: गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद लोग तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग गर्मी से छुटकारा पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन यह शरीर को केवल कुछ देर के लिए ठंडक देती है. शरीर के टेंपरेचर पर इसका कोई स्थायी असर नहीं पड़ता है. लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से कुछ देर के लिए ठंडक मिलती है, लेकिन यह टेंपररी होती है. Truth About Cold Drinks and Heat: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और अब आपको जगह-जगह कोल्ड ड्रिंक्स आसानी से मिल जाएंगी. छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़क किनारे खोखे में भी कोल्ड ड्रिंक्स खूब बेची जाती हैं. चिलचिलाती धूप से आने के बाद कोल्ड ड्रिंक पीने से लोगों को गर्मी से निजात मिलती है और वे तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग कोल्ड ड्रिंक को गर्मी कम करने वाली चीज मानते हैं और इसका जमकर सेवन करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ देर तक ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन इससे बॉडी के टेंपरेचर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है. इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लोगों को कोल्ड ड्रिंक के बजाय देसी चीजों को चुनना चाहिए. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जब आप कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो इसका सबसे पहला असर मुंह, गले और पेट की सतह पर महसूस होता है. ठंडी ड्रिंक के संपर्क में आते ही इन हिस्सों की नसें सिकुड़ जाती हैं और दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर ठंडा हो रहा है. यही वजह है कि कुछ मिनटों के लिए ताजगी और ठंडक का अनुभव होता है. हालांकि यह अनुभव केवल कुछ मिनट के लिए होता है. शरीर के अंदरूनी तापमान पर इसका बहुत कम या कोई असर नहीं पड़ता है. यही कारण है कि कुछ समय बाद ठंडक का एहसास खत्म हो जाता है. इसके बाद फिर गर्मी सताने लगती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि हमारा शरीर नेचुरल तरीके से अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए थर्मोरगुलेशन सिस्टम अपनाता है. जब शरीर गर्म होता है, तो पसीना आता है और त्वचा की सतह से गर्मी निकलती है. जब आप ठंडी ड्रिंक पीते हैं, तो असल में यह शरीर को अंदर से ठंडा नहीं करती. शरीर ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबोलिज्म के माध्यम से तापमान को स्थिर रखने का काम करता है. इसलिए ठंडी ड्रिंक पीने से केवल शरीर की सतह पर या मुंह और गले में ठंडक का अनुभव होता है, लेकिन शरीर के अंदर का तापमान लगभग वैसा ही रहता है. इसलिए कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक बार-बार ठंडी और शुगरी ड्रिंक पीने के कई नुकसान हैं. कोल्ड ड्रिंक पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ सकती है, जिससे कभी-कभी पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक शुगर लेवल बढ़ा सकती है और लंबे समय में वजन बढ़ने का खतरा रहता है. कोल्ड ड्रिंक के बजाय गर्मी में राहत पाने के लिए ठंडा पानी या नींबू पानी पिएं. यह शरीर को हाइड्रेट और ताजगी देने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है. तरबूज, खीरा और खट्टे फल खाएं. इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और शरीर को ठंडक मिलती है. गर्मी में हल्के और सूती कपड़े पहनें. इससे आपको कम गर्मी लगेगी. सूप या हर्बल ड्रिंक पिएं, जिससे शरीर को पोषण मिलेगा और गर्मी से राहत मिलेगी. ये विकल्प न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ भी बनाए रखते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 11:12 IST

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन के ओझरा गांव के किसानों ने एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की है। किसानों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार, रास्ते के एक तरफ पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ खुदाई कर दी गई है। इस वजह से रास्ता इतना संकरा हो गया है कि मिनी ट्रक और हार्वेस्टर जैसे बड़े वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले इस रास्ते का उपयोग बड़े वाहनों के लिए आसानी से होता था, लेकिन अब केवल बैलगाड़ी ही निकल पाती है। किसानों ने कसरावद तहसीलदार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्हें अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया है। किसान रुपेश पटेल ने बताया कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन वाहनों की पहुंच न होने के कारण वे उपज को बाहर नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। एक किसान ने मेड़ की तरफ पत्थर की पाल खड़ी कर दी है, जबकि एक अन्य किसान ने मेड़ किनारे 3 फीट चौड़ी और 2 फीट गहरी खुदाई कर दी है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस दौरान राजेश पटेल, विक्रम पटेल, राकेश पटेल, दिनेश पटेल, राहुल पटेल, निर्मल पटेल, हेमंत पटेल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे। सभी किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग का समर्थन किया।

एसिडिटी से राहत का देसी उपाय I Sultanpur news

authorimg

Last Updated:April 07, 2026, 10:47 IST गलत खान-पान और तनाव की वजह से बढ़ रही एसिडिटी अब आम समस्या बन चुकी है. आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत कर पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है और बार-बार होने वाली जलन से राहत दे सकता है. सुल्तानपुर. आज के समय में गलत दिनचर्या और गलत खान-पान की वजह से हमारा स्वास्थ्य कई तरह की बीमारियों का शिकार होता चला जा रहा है. उसी में एक आम समस्या पित्त अम्ल दोष की भी लोगों को ज्यादा हो रही है. पीत अम्ल दोष जिसे आम बोलचाल की भाषा में एसिडिटी भी कहा जाता है. यह समस्या आज के लोगों में ज्यादा हो रही है और एसिडिटी की वजह से कई बार लोगों को ज्यादा तेज पीड़ा भी होने लगती है. ऐसे में आयुर्वेद में एसिडिटी और पित्त को साफ करने के लिए मुलेठी के सेवन को बताया गया है. चिकित्सकों के मुताबिक मुलेठी का सेवन एसिडिटी के लिए रामबाण इलाज है. तीन चीज़ें हैं महत्वपूर्ण सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि इसके लिए हरी करी और बरी यह तीन चीज काफी इंपोर्टेंट होती हैं. इन्हीं तीनों की वजह से लोगों को एसिडिटी की समस्या होती है. जिसमें हरी का मतलब होता है जल्दी-जल्दी खाना खाना क्योंकि जब हम जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो इससे हमारा पाचन तंत्र खाने को पचाने में अधिक समय लेता है और सही से पचा भी नहीं पाता. वहीं करी का मतलब है मिर्च, मसाला और तली-भुनी हुई चीज का अधिक सेवन करना, ये भी एसिडिटी का कारण बनता है और बरी का मतलब अधिक चिंता करना यानी कि आप अधिक चिंता करते हैं तो भी आपको एसिडिटी हो सकती है. करें यह उपायअगर आपको भी बार-बार एसिडिटी की समस्या आती है तो इसके लिए आप आयुर्वेद के देसी उपाय में मुलेठी का सेवन कर सकते हैं. अगर आप मुलेठी के स्वरस का प्रयोग करते हैं तो यह एसिडिटी के लिए और अधिक फायदेमंद होता है अन्यथा आप मुलेठी के टुकड़े को भी मुंह में रखकर एसिडिटी से छुटकारा पा सकते हैं या फिर आप इसका चूर्ण बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अन्य में भी है फायदेमंद मुलेठी का सेवन करने से हमारे शरीर का पाचन तंत्र मजबूत होता है इसके साथ ही एसिडिटी की भी समस्या दूर होती है लेकिन इन सबके अलावा मुलेठी का सेवन हमारे लिए उन चीजों में भी फायदेमंद है जिन लोगों को खांसी आदि की समस्या है. वह लोग भी मुलेठी का सेवन कर सकते हैं और खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 10:47 IST