Saturday, 18 Jul 2026 | 12:30 AM

Trending :

चाय के साथ कुछ एक्स्ट्रा चाहिए? इस ट्रिक से नारियल के गरमा-गरम क्रिस्पी पकौड़े; हर कोई बोलेगा वाह! मेक्सिको के तट पर 7.4 तीव्रता का भूकंप:सुनामी का खतरा बढ़ा, ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस हुए झटके Reliance Industries Q1 Results | Revenue Hits Record High, Profit Declines गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग जापान की मशहूर गेमिंग कंपनी:घाटा हुआ तो कोर बिजनेस बेचा; अब प्रतिद्वंद्वी को ही सॉफ्टवेयर बेचती है गेमिंग कंपनी सेगा
EXCLUSIVE

अस्पताल में चूहे-बिल्ली आना मरीजों के लिए कितना खतरनाक? किन बीमारियों का बढ़ेगा रिस्क, डॉक्टर से समझें

authorimg

Diseases Linked to Rats and Cats: अस्पतालों को मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है. उम्मीद की जाती है कि अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा, लेकिन देश के कई नामी अस्पताल इस पर खरे नहीं उतर रहे हैं. खासतौर से सरकारी अस्पतालों का हाल-बेहाल है. पिछले साल इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहों के काटने से नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया था, जिसने अस्पतालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

अब भोपाल एम्स से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर आप हैरान रह जाएंगे. भोपाल एम्स के NICU में चूहों का आतंक देखने को मिल रहा है. एम्स प्रशासन का कहना है कि पेस्ट कंट्रोल के बावजूद चूहे कंट्रोल नहीं हो रहे हैं. कई अस्पतालों में कुत्ते और बिल्ली घूमते हुए भी नजर आते हैं. अब सवाल है कि अस्पतालों में कुत्ते-बिल्ली और चूहे घूमना मरीजों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है और इससे कौन-कौन सी बीमारियां फैल सकती हैं. इस बारे में डॉक्टर से जरूरी बातें जान लेते हैं.

गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की फिजीशियन डॉ. दीक्षा गोयल ने News18 को बताया कि अस्पताल में कुत्ता, बिल्ली और चूहे घूमने से कई गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. प्रेग्नेंट महिलाओं, नवजात शिशुओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को सबसे ज्यादा जोखिम होता है. कुत्ते के काटने से रेबीज हो सकता है, बिल्ली के काटने से कैट स्क्रैच डिजीज और चूहे के काटने से लेप्टोस्पायरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. चूहे और बिल्लियां कई खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस लेकर घूमते हैं. इनके संपर्क में आने से भी जानलेवा कंडीशंस पैदा हो सकती हैं. ऐसे में अस्पतालों में इनकी मौजूदगी मरीजों के लिए गंभीर समस्या है. इससे अस्पताल के स्टाफ के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

कुत्ते बन सकते हैं रेबीज का कारण

डॉक्टर दीक्षा के मुताबिक अस्पतालों में आवारा कुत्ते घूमना गंभीर समस्या है, क्योंकि अगर कुत्ता किसी को काट ले, तो इससे लोगों में रेबीज वायरस फैल सकता है. ऐसी कंडीशन में सही समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी पड़ेगी और अगर इसमें लापरवाही बरती गई, तो व्यक्ति की जान जा सकती है. अगर कुत्ता किसी खुले घाव को चाट ले, तब भी उसकी लार में मौजूद वायरस शरीर में पहुंच सकता है. कुत्ते की जरा सी खरोंच भी रेबीज की वजह बन सकती है. बच्चों को कुत्ते जल्दी टारगेट करते हैं और लोगों को इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए. कुत्ते से जितना दूर रहेंगे, उतना सुरक्षित रहेंगे.

बिल्ली फैला सकती है कई बीमारियां

एक्सपर्ट ने बताया कि अस्पताल में बिल्ली आने से कई बीमारियां फैल सकती हैं. बिल्ली के काटने से कैट स्क्रैच डिजीज हो सकती है, जिसकी वजह बिल्ली में पाया जाने वाला बार्टोनेला बैक्टीरिया होता है. इस डिजीज में प्रभावित हिस्से के पास लिम्फ नोड्स में सूजन और बुखार शामिल है. इसका रिस्क 20 साल से कम उम्र के लोगों को ज्यादा होता है. इसके अलावा बिल्लियों के मल के संपर्क में आने से टॉक्सोप्लाज्मोसिस इंफेक्शन हो सकता है. यह इंफेक्शन टॉक्सोप्लाज्मा गॉन्डियाइ नामक पैरासाइट के कारण होता है. यह बिल्ली के आसपास घूमने से हो सकता है. पालतू बिल्ली से बच्चों और लोगों में यह इंफेक्शन फैल सकता है. बच्चों में यह बेहद खतरनाक हो सकता है. इसमें बहुत ज्यादा तेज फीवर और मिर्गी होने लगती है. यह बिल्ली के मल से फैलता है और जो उसे क्लीन करता है, उसे भी इस इंफेक्शन का रिस्क सबसे ज्यादा होता है.

अगर प्रेग्नेंट लेडी को टॉक्सोप्लाज्मोसिस इंफेक्शन हो जाए, तो यह सीरियस कंडीशन पैदा कर सकता है. कई बार बिल्लियां टाइफाइड बैक्टीरिया और क्रिप्टोस्पोरिडियम पैरासाइट को फैला देती हैं. ये इंफेक्शन आमतौर पर तब होते हैं, जब बिल्ली आपके खाने में मुंह मार दे या उसका लार खाने में गिर जाए. इस समस्या में पेट में ऐंठन और दस्त अचानक शुरू हो सकते हैं. कभी-कभी मतली, उल्टी, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं. कई मरीजों को एंटीपैरासाइट दवाई लेनी पड़ती है, ताकि इस परेशानी से छुटकारा मिल सके. इसके अलावा भी बिल्ली कई अन्य बीमारियां फैला सकती है.

अस्पताल में चूहे घूमने से क्या खतरे हैं?

डॉक्टर दीक्षा गोयल कहती हैं कि अस्पताल में चूहे घूमने से भी कई तरह के संक्रमण फैल सकते हैं. इसमें लेप्टोस्पायरोसिस सबसे ज्यादा कॉमन है. यह चूहे की यूरिन और फीकल मैटर से फैलता है. चूहे अगर खाने में मुंह मार दें, तब भी यह बीमारी फैल सकती है. इसके अलावा रैट बाइट फीवर बहुत खतरनाक होता है, जो चूहे के काटने से फैलता है. इसमें 7 से 10 दिन में व्यक्ति की मौत हो सकती है और रैट बाइट के 2 से 10 दिन के बाद इसके लक्षण शुरू हो सकते हैं. घर के अंदर भी अगर किसी को चूहा काट ले, तो यह समस्या हो सकती है. इससे बचने के लिए रैट बाइट के बाद उस जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ किया जाता है. इसके बाद टिटनेस का इंजेक्शन दिया जाता है और फिर एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं. इन समस्याओं से बचने के लिए अस्पतालों में पेस्ट कंट्रोल कराना जरूरी है. घरों में लोग DEET वाले रिपेलेंट यूज कर सकते हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
US President Donald Trump (left) and Chinese President Xi Jinping. (File)

May 13, 2026/
5:42 pm

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 17:42 IST निर्णय को रद्द करने का निर्णय वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री विभाग में ओएसडी के रूप...

बैतूल में कचरे से भड़की आग पेड़ों तक पहुंची:कॉलेज चौक पर पेड़ जले, धनोरा में डीपी क्षतिग्रस्त; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

April 21, 2026/
6:41 pm

मंगलवार को बैतूल के कॉलेज चौक के पास कचरे में लगी आग तेजी से फैलकर पास खड़े पेड़ों तक पहुंच...

रणवीर सिंह की एक्टिंग के मुरीद हुए अनुपम खेर:धुरंधर 2 को बताया शानदार, फिल्म को प्रोपेगेंडा बताने वालों पर साधा निशाना

March 22, 2026/
1:20 pm

फिल्म धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताने वाले लोगों की एक्टर अनुपम खेर ने आलोचना की और कहा कि ऐसे लोगों...

MP के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़:गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंचे लोग, झाबुआ में पुलिस तैनात, आगर में धक्का-मुक्की

March 24, 2026/
8:46 pm

मध्यप्रदेश के नीमच, झाबुआ, आगर मालवा और शाजापुर समेत कई शहरों में मंगलवार शाम पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़...

घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या:सीने में किए कई वार, शव के पास रोती रही मां; 3 महीने पहले हुई थी शादी

April 12, 2026/
9:58 pm

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में घूरकर देखने पर चाय पी रहे युवक की हत्या कर दी गई। आरोपी ने...

मनी-लॉन्ड्रिंग केस में ED के सामने पेश हुए अनिल अंबानी:₹40 हजार करोड़ का बैंक कर्ज; ₹3,716 करोड़ का बंगला 'अबोड' कुर्क

February 26, 2026/
12:38 pm

रिलायंस ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी आज 26 फरवरी को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए।...

Supreme Court Seeks Report on Airline Ticket Prices

July 13, 2026/
9:04 pm

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों में हवाई किराया तय करने के...

NZ Vs SA 5th T20 2026 Update; Connor Esterhuizen

March 25, 2026/
3:58 pm

स्पोर्ट्स डेस्क1 दिन पहले कॉपी लिंक साउथ अफ्रीका ने क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड को पांचवें टी-20 में 33 रन से हरा...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अस्पताल में चूहे-बिल्ली आना मरीजों के लिए कितना खतरनाक? किन बीमारियों का बढ़ेगा रिस्क, डॉक्टर से समझें

authorimg

Diseases Linked to Rats and Cats: अस्पतालों को मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है. उम्मीद की जाती है कि अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा, लेकिन देश के कई नामी अस्पताल इस पर खरे नहीं उतर रहे हैं. खासतौर से सरकारी अस्पतालों का हाल-बेहाल है. पिछले साल इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहों के काटने से नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया था, जिसने अस्पतालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

अब भोपाल एम्स से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर आप हैरान रह जाएंगे. भोपाल एम्स के NICU में चूहों का आतंक देखने को मिल रहा है. एम्स प्रशासन का कहना है कि पेस्ट कंट्रोल के बावजूद चूहे कंट्रोल नहीं हो रहे हैं. कई अस्पतालों में कुत्ते और बिल्ली घूमते हुए भी नजर आते हैं. अब सवाल है कि अस्पतालों में कुत्ते-बिल्ली और चूहे घूमना मरीजों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है और इससे कौन-कौन सी बीमारियां फैल सकती हैं. इस बारे में डॉक्टर से जरूरी बातें जान लेते हैं.

गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की फिजीशियन डॉ. दीक्षा गोयल ने News18 को बताया कि अस्पताल में कुत्ता, बिल्ली और चूहे घूमने से कई गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. प्रेग्नेंट महिलाओं, नवजात शिशुओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को सबसे ज्यादा जोखिम होता है. कुत्ते के काटने से रेबीज हो सकता है, बिल्ली के काटने से कैट स्क्रैच डिजीज और चूहे के काटने से लेप्टोस्पायरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. चूहे और बिल्लियां कई खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस लेकर घूमते हैं. इनके संपर्क में आने से भी जानलेवा कंडीशंस पैदा हो सकती हैं. ऐसे में अस्पतालों में इनकी मौजूदगी मरीजों के लिए गंभीर समस्या है. इससे अस्पताल के स्टाफ के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

कुत्ते बन सकते हैं रेबीज का कारण

डॉक्टर दीक्षा के मुताबिक अस्पतालों में आवारा कुत्ते घूमना गंभीर समस्या है, क्योंकि अगर कुत्ता किसी को काट ले, तो इससे लोगों में रेबीज वायरस फैल सकता है. ऐसी कंडीशन में सही समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी पड़ेगी और अगर इसमें लापरवाही बरती गई, तो व्यक्ति की जान जा सकती है. अगर कुत्ता किसी खुले घाव को चाट ले, तब भी उसकी लार में मौजूद वायरस शरीर में पहुंच सकता है. कुत्ते की जरा सी खरोंच भी रेबीज की वजह बन सकती है. बच्चों को कुत्ते जल्दी टारगेट करते हैं और लोगों को इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए. कुत्ते से जितना दूर रहेंगे, उतना सुरक्षित रहेंगे.

बिल्ली फैला सकती है कई बीमारियां

एक्सपर्ट ने बताया कि अस्पताल में बिल्ली आने से कई बीमारियां फैल सकती हैं. बिल्ली के काटने से कैट स्क्रैच डिजीज हो सकती है, जिसकी वजह बिल्ली में पाया जाने वाला बार्टोनेला बैक्टीरिया होता है. इस डिजीज में प्रभावित हिस्से के पास लिम्फ नोड्स में सूजन और बुखार शामिल है. इसका रिस्क 20 साल से कम उम्र के लोगों को ज्यादा होता है. इसके अलावा बिल्लियों के मल के संपर्क में आने से टॉक्सोप्लाज्मोसिस इंफेक्शन हो सकता है. यह इंफेक्शन टॉक्सोप्लाज्मा गॉन्डियाइ नामक पैरासाइट के कारण होता है. यह बिल्ली के आसपास घूमने से हो सकता है. पालतू बिल्ली से बच्चों और लोगों में यह इंफेक्शन फैल सकता है. बच्चों में यह बेहद खतरनाक हो सकता है. इसमें बहुत ज्यादा तेज फीवर और मिर्गी होने लगती है. यह बिल्ली के मल से फैलता है और जो उसे क्लीन करता है, उसे भी इस इंफेक्शन का रिस्क सबसे ज्यादा होता है.

अगर प्रेग्नेंट लेडी को टॉक्सोप्लाज्मोसिस इंफेक्शन हो जाए, तो यह सीरियस कंडीशन पैदा कर सकता है. कई बार बिल्लियां टाइफाइड बैक्टीरिया और क्रिप्टोस्पोरिडियम पैरासाइट को फैला देती हैं. ये इंफेक्शन आमतौर पर तब होते हैं, जब बिल्ली आपके खाने में मुंह मार दे या उसका लार खाने में गिर जाए. इस समस्या में पेट में ऐंठन और दस्त अचानक शुरू हो सकते हैं. कभी-कभी मतली, उल्टी, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं. कई मरीजों को एंटीपैरासाइट दवाई लेनी पड़ती है, ताकि इस परेशानी से छुटकारा मिल सके. इसके अलावा भी बिल्ली कई अन्य बीमारियां फैला सकती है.

अस्पताल में चूहे घूमने से क्या खतरे हैं?

डॉक्टर दीक्षा गोयल कहती हैं कि अस्पताल में चूहे घूमने से भी कई तरह के संक्रमण फैल सकते हैं. इसमें लेप्टोस्पायरोसिस सबसे ज्यादा कॉमन है. यह चूहे की यूरिन और फीकल मैटर से फैलता है. चूहे अगर खाने में मुंह मार दें, तब भी यह बीमारी फैल सकती है. इसके अलावा रैट बाइट फीवर बहुत खतरनाक होता है, जो चूहे के काटने से फैलता है. इसमें 7 से 10 दिन में व्यक्ति की मौत हो सकती है और रैट बाइट के 2 से 10 दिन के बाद इसके लक्षण शुरू हो सकते हैं. घर के अंदर भी अगर किसी को चूहा काट ले, तो यह समस्या हो सकती है. इससे बचने के लिए रैट बाइट के बाद उस जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ किया जाता है. इसके बाद टिटनेस का इंजेक्शन दिया जाता है और फिर एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं. इन समस्याओं से बचने के लिए अस्पतालों में पेस्ट कंट्रोल कराना जरूरी है. घरों में लोग DEET वाले रिपेलेंट यूज कर सकते हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.