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क्या पहाड़ों पर घूमने से टेंशन दूर हो जाती है? मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए क्या करें, एक्सपर्ट से जानिए टिप्स

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Benefits of Mountain Travel: पहाड़ों पर घूमना और ट्रेकिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. प्राकृतिक वातावरण, ठंडी हवा, हरियाली और शारीरिक गतिविधि से तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. साथ ही योग, ध्यान और सामाजिक जुड़ाव भी मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में मदद करते हैं.

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नेचर के साथ वक्त बिताने से तनाव कम हो सकता है.

How Hills Improve Mental Health: आज के जमाने में स्ट्रेस की समस्या हर किसी को परेशान कर रही है. बच्चों पर पढ़ाई का दबाव है, युवाओं पर नौकरी का दबाव है, मिडिल एज के लोगों पर जिम्मेदारियों का बोझ है और बुजुर्ग सेहत से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं. प्रोफेशनल लाइफ से लेकर पर्सनल लाइफ में लोगों को अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है. लगातार तनाव न केवल हमारी इमोशनल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि शरीर पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में तनाव कम करने और मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए लोग पहाड़ों पर जा रहे हैं. एक्सपर्ट भी ऐसी जगहों पर जाने की सलाह देते हैं.

नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की साइकेट्री डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि पहाड़ों पर यात्रा करना या ट्रेकिंग करना मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ठंडी हवा, हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों को देखकर ब्रेन में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन बढ़ जाते हैं. इससे मन को सुकून मिलता है और तनाव कम होता है. पहाड़ों में समय बिताने से डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण भी घट सकते हैं. पहाड़ों में लंबी सैर, झरनों के पास समय बिताना या सिर्फ शांत जगह पर बैठना मन को वर्तमान में रहने की कला सिखाता है. इसे माइंडफुलनेस कहा जाता है. जब हम प्रकृति के साथ वक्त बिताते हैं, तो हमारी नेगेटिव सोच कम होती है और मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

साइकेट्रिस्ट ने बताया कि ट्रेकिंग, हाइकिंग या पहाड़ों पर चलना सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. यह शरीर में एंडॉर्फिन रिलीज करता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द और तनाव को कम करता है. नियमित शारीरिक गतिविधियां नींद सुधारने, मूड बेहतर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं. अपने जीवन में छोटे छोटे कदम उठाएं, प्रकृति के करीब रहें और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं. हालांकि पहाड़ों पर जाना हर किसी के लिए हर समय संभव नहीं होता, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के कुछ अन्य तरीके भी हैं, जिन्हें आप रोज फॉलो कर सकते हैं.

एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप बाहर घूमने नहीं जा पा रहे हैं, तो स्ट्रेस कम करने के लिए रोज योग और प्राणायाम का अभ्यास करें. डीप ब्रीदिंग टेक्निक तनाव कम करने में बेहद असरदार है. रोज 10 से 20 मिनट मेडिटेशन करने से मेंटल स्टेबिलिटी बढ़ती है. पसंदीदा म्यूजिक सुनने या क्रिएटिव एक्टिविटी से ब्रेन को सुकून मिलता है और स्ट्रेस कम होता है. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से भी तनाव कम होता है. इसके अलावा पर्याप्त नींद, अच्छी लाइफस्टाइल और हेल्दी खान-पान से भी स्ट्रेस कम हो सकता है. अगर तमाम कोशिशों के बाद भी अत्यधिक तनाव से परेशान हैं, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करें.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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नेचर के साथ वक्त बिताने से तनाव कम हो सकता है.

How Hills Improve Mental Health: आज के जमाने में स्ट्रेस की समस्या हर किसी को परेशान कर रही है. बच्चों पर पढ़ाई का दबाव है, युवाओं पर नौकरी का दबाव है, मिडिल एज के लोगों पर जिम्मेदारियों का बोझ है और बुजुर्ग सेहत से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं. प्रोफेशनल लाइफ से लेकर पर्सनल लाइफ में लोगों को अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है. लगातार तनाव न केवल हमारी इमोशनल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि शरीर पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में तनाव कम करने और मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए लोग पहाड़ों पर जा रहे हैं. एक्सपर्ट भी ऐसी जगहों पर जाने की सलाह देते हैं.

नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की साइकेट्री डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि पहाड़ों पर यात्रा करना या ट्रेकिंग करना मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ठंडी हवा, हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों को देखकर ब्रेन में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन बढ़ जाते हैं. इससे मन को सुकून मिलता है और तनाव कम होता है. पहाड़ों में समय बिताने से डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण भी घट सकते हैं. पहाड़ों में लंबी सैर, झरनों के पास समय बिताना या सिर्फ शांत जगह पर बैठना मन को वर्तमान में रहने की कला सिखाता है. इसे माइंडफुलनेस कहा जाता है. जब हम प्रकृति के साथ वक्त बिताते हैं, तो हमारी नेगेटिव सोच कम होती है और मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

साइकेट्रिस्ट ने बताया कि ट्रेकिंग, हाइकिंग या पहाड़ों पर चलना सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. यह शरीर में एंडॉर्फिन रिलीज करता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द और तनाव को कम करता है. नियमित शारीरिक गतिविधियां नींद सुधारने, मूड बेहतर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं. अपने जीवन में छोटे छोटे कदम उठाएं, प्रकृति के करीब रहें और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं. हालांकि पहाड़ों पर जाना हर किसी के लिए हर समय संभव नहीं होता, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के कुछ अन्य तरीके भी हैं, जिन्हें आप रोज फॉलो कर सकते हैं.

एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप बाहर घूमने नहीं जा पा रहे हैं, तो स्ट्रेस कम करने के लिए रोज योग और प्राणायाम का अभ्यास करें. डीप ब्रीदिंग टेक्निक तनाव कम करने में बेहद असरदार है. रोज 10 से 20 मिनट मेडिटेशन करने से मेंटल स्टेबिलिटी बढ़ती है. पसंदीदा म्यूजिक सुनने या क्रिएटिव एक्टिविटी से ब्रेन को सुकून मिलता है और स्ट्रेस कम होता है. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से भी तनाव कम होता है. इसके अलावा पर्याप्त नींद, अच्छी लाइफस्टाइल और हेल्दी खान-पान से भी स्ट्रेस कम हो सकता है. अगर तमाम कोशिशों के बाद भी अत्यधिक तनाव से परेशान हैं, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करें.

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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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