क्या पहाड़ों पर घूमने से टेंशन दूर हो जाती है? मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए क्या करें, एक्सपर्ट से जानिए टिप्स

Last Updated:April 07, 2026, 12:55 IST Benefits of Mountain Travel: पहाड़ों पर घूमना और ट्रेकिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं. प्राकृतिक वातावरण, ठंडी हवा, हरियाली और शारीरिक गतिविधि से तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. साथ ही योग, ध्यान और सामाजिक जुड़ाव भी मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में मदद करते हैं. नेचर के साथ वक्त बिताने से तनाव कम हो सकता है. How Hills Improve Mental Health: आज के जमाने में स्ट्रेस की समस्या हर किसी को परेशान कर रही है. बच्चों पर पढ़ाई का दबाव है, युवाओं पर नौकरी का दबाव है, मिडिल एज के लोगों पर जिम्मेदारियों का बोझ है और बुजुर्ग सेहत से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं. प्रोफेशनल लाइफ से लेकर पर्सनल लाइफ में लोगों को अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है. लगातार तनाव न केवल हमारी इमोशनल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि शरीर पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में तनाव कम करने और मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए लोग पहाड़ों पर जा रहे हैं. एक्सपर्ट भी ऐसी जगहों पर जाने की सलाह देते हैं. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की साइकेट्री डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि पहाड़ों पर यात्रा करना या ट्रेकिंग करना मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. ठंडी हवा, हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों को देखकर ब्रेन में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन बढ़ जाते हैं. इससे मन को सुकून मिलता है और तनाव कम होता है. पहाड़ों में समय बिताने से डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण भी घट सकते हैं. पहाड़ों में लंबी सैर, झरनों के पास समय बिताना या सिर्फ शांत जगह पर बैठना मन को वर्तमान में रहने की कला सिखाता है. इसे माइंडफुलनेस कहा जाता है. जब हम प्रकृति के साथ वक्त बिताते हैं, तो हमारी नेगेटिव सोच कम होती है और मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. साइकेट्रिस्ट ने बताया कि ट्रेकिंग, हाइकिंग या पहाड़ों पर चलना सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. यह शरीर में एंडॉर्फिन रिलीज करता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द और तनाव को कम करता है. नियमित शारीरिक गतिविधियां नींद सुधारने, मूड बेहतर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं. अपने जीवन में छोटे छोटे कदम उठाएं, प्रकृति के करीब रहें और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं. हालांकि पहाड़ों पर जाना हर किसी के लिए हर समय संभव नहीं होता, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के कुछ अन्य तरीके भी हैं, जिन्हें आप रोज फॉलो कर सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप बाहर घूमने नहीं जा पा रहे हैं, तो स्ट्रेस कम करने के लिए रोज योग और प्राणायाम का अभ्यास करें. डीप ब्रीदिंग टेक्निक तनाव कम करने में बेहद असरदार है. रोज 10 से 20 मिनट मेडिटेशन करने से मेंटल स्टेबिलिटी बढ़ती है. पसंदीदा म्यूजिक सुनने या क्रिएटिव एक्टिविटी से ब्रेन को सुकून मिलता है और स्ट्रेस कम होता है. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से भी तनाव कम होता है. इसके अलावा पर्याप्त नींद, अच्छी लाइफस्टाइल और हेल्दी खान-पान से भी स्ट्रेस कम हो सकता है. अगर तमाम कोशिशों के बाद भी अत्यधिक तनाव से परेशान हैं, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 12:55 IST
बढ़ते वजन से हैं परेशान? यह हरी सब्जी बन सकती है वरदान, घर में भी आसानी से करें इसकी खेती

Last Updated:April 07, 2026, 12:39 IST आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है. ऐसे में लोग जिम, डाइटिंग और महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप प्राकृतिक और आसान तरीका चाहते हैं, तो नेनुआ जैसी हरी सब्जी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. वजन कंट्रोल करना आज के समय में लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. बिजी लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान की वजह से मोटापा लगातार बढ़ती समस्या बनता जा रहा है. बढ़ते वजन को नियंत्रित करने और मोटापे को कम करने के लिए लोग जिम में घंटों पसीना बहा रहे हैं और एक्सरसाइज व योगाभ्यास में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. वहीं इसके साथ ही आजकल लोग शरीर को फिट रखने और वजन को कंट्रोल करने के लिए डाइटिंग भी कर रहे हैं. इसके अलावा बाजार में मिलने वाले महंगे सप्लीमेंट्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वजन को नियंत्रित किया जा सके. लेकिन बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए कुछ हरी सब्जियों का सेवन भी आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है. कुछ हरी सब्जियां ऐसी होती हैं, जिनके सेवन से शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल किया जा सकता है. इसके साथ ही ये शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देती हैं. नेनुआ उन्हीं सब्जियों में से एक है. यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में बेहद फायदेमंद होता है और इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉ. आशीष बताते हैं कि नेनुआ का सेवन पेट के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है. इसके अलावा यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर रखने में भी काफी लाभदायक है. डाइट के अनुसार नेनुआ का सेवन करने से पेट हल्का रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है. इस सब्जी की सबसे खास बात यह है कि यह एक लो-कैलोरी सब्जी है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट जल्दी भर जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भूख को नियंत्रित करने में भी बेहद फायदेमंद है. इसके सेवन से बार-बार खाने की आदत कम होती है, जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही अगर शरीर में खून की कमी है, तो उसकी पूर्ति के लिए भी नेनुआ बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसके सेवन से एनीमिया जैसी समस्या से भी राहत मिल सकती है. इसमें आयरन और जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं. सबसे खास बात यह है कि इस सब्जी को घर में बेहद कम जगह पर भी उगाया जा सकता है. अगर आप ताजा, हरा और पौष्टिक नेनुआ खाना चाहते हैं, तो इसे अपने घर की क्यारी में आसानी से उगा सकते हैं. इसका सेवन वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है. First Published : April 07, 2026, 12:39 IST
जम्मू-कश्मीर में 2 पाकिस्तानी आतंकवादी गिरफ्तार:इनमें से एक 16 साल से फरार था; लश्कर-ए-तैयबा टेरर मॉड्यूल से जुड़े 3 मददगार भी पकड़े गए

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा टेरर मॉड्यूल से जुड़े कुल 5 लोगों को अरेस्ट किया है। इनमें से दो पाकिस्तानी आतंकी हैं, बाकी उनके मददगार हैं। एक आतंकी की पहचान अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरेरा के रूप में हुई है। अब्दुल्ला 16 साल से फरार था। वहीं दूसरा पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ खुबैब है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ सेंट्रल एजेंसियां भी इस ऑपरेशन में शामिल थीं। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा समेत 19 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कुछ सामान भी बरामद किया। जांच में LeT के एक नेटवर्क का पता चला जो आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल मदद करता था। हम खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
क्या कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को ठंडक मिल सकती है? इस बात में कितनी हकीकत, सभी के लिए जानना जरूरी

Last Updated:April 07, 2026, 11:12 IST Cold Drinks and Body Temperature: गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद लोग तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग गर्मी से छुटकारा पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन यह शरीर को केवल कुछ देर के लिए ठंडक देती है. शरीर के टेंपरेचर पर इसका कोई स्थायी असर नहीं पड़ता है. लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से कुछ देर के लिए ठंडक मिलती है, लेकिन यह टेंपररी होती है. Truth About Cold Drinks and Heat: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और अब आपको जगह-जगह कोल्ड ड्रिंक्स आसानी से मिल जाएंगी. छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़क किनारे खोखे में भी कोल्ड ड्रिंक्स खूब बेची जाती हैं. चिलचिलाती धूप से आने के बाद कोल्ड ड्रिंक पीने से लोगों को गर्मी से निजात मिलती है और वे तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग कोल्ड ड्रिंक को गर्मी कम करने वाली चीज मानते हैं और इसका जमकर सेवन करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ देर तक ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन इससे बॉडी के टेंपरेचर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है. इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लोगों को कोल्ड ड्रिंक के बजाय देसी चीजों को चुनना चाहिए. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जब आप कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो इसका सबसे पहला असर मुंह, गले और पेट की सतह पर महसूस होता है. ठंडी ड्रिंक के संपर्क में आते ही इन हिस्सों की नसें सिकुड़ जाती हैं और दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर ठंडा हो रहा है. यही वजह है कि कुछ मिनटों के लिए ताजगी और ठंडक का अनुभव होता है. हालांकि यह अनुभव केवल कुछ मिनट के लिए होता है. शरीर के अंदरूनी तापमान पर इसका बहुत कम या कोई असर नहीं पड़ता है. यही कारण है कि कुछ समय बाद ठंडक का एहसास खत्म हो जाता है. इसके बाद फिर गर्मी सताने लगती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि हमारा शरीर नेचुरल तरीके से अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए थर्मोरगुलेशन सिस्टम अपनाता है. जब शरीर गर्म होता है, तो पसीना आता है और त्वचा की सतह से गर्मी निकलती है. जब आप ठंडी ड्रिंक पीते हैं, तो असल में यह शरीर को अंदर से ठंडा नहीं करती. शरीर ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबोलिज्म के माध्यम से तापमान को स्थिर रखने का काम करता है. इसलिए ठंडी ड्रिंक पीने से केवल शरीर की सतह पर या मुंह और गले में ठंडक का अनुभव होता है, लेकिन शरीर के अंदर का तापमान लगभग वैसा ही रहता है. इसलिए कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक बार-बार ठंडी और शुगरी ड्रिंक पीने के कई नुकसान हैं. कोल्ड ड्रिंक पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ सकती है, जिससे कभी-कभी पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक शुगर लेवल बढ़ा सकती है और लंबे समय में वजन बढ़ने का खतरा रहता है. कोल्ड ड्रिंक के बजाय गर्मी में राहत पाने के लिए ठंडा पानी या नींबू पानी पिएं. यह शरीर को हाइड्रेट और ताजगी देने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है. तरबूज, खीरा और खट्टे फल खाएं. इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और शरीर को ठंडक मिलती है. गर्मी में हल्के और सूती कपड़े पहनें. इससे आपको कम गर्मी लगेगी. सूप या हर्बल ड्रिंक पिएं, जिससे शरीर को पोषण मिलेगा और गर्मी से राहत मिलेगी. ये विकल्प न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ भी बनाए रखते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 11:12 IST
खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन के ओझरा गांव के किसानों ने एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की है। किसानों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार, रास्ते के एक तरफ पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ खुदाई कर दी गई है। इस वजह से रास्ता इतना संकरा हो गया है कि मिनी ट्रक और हार्वेस्टर जैसे बड़े वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले इस रास्ते का उपयोग बड़े वाहनों के लिए आसानी से होता था, लेकिन अब केवल बैलगाड़ी ही निकल पाती है। किसानों ने कसरावद तहसीलदार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्हें अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया है। किसान रुपेश पटेल ने बताया कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन वाहनों की पहुंच न होने के कारण वे उपज को बाहर नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। एक किसान ने मेड़ की तरफ पत्थर की पाल खड़ी कर दी है, जबकि एक अन्य किसान ने मेड़ किनारे 3 फीट चौड़ी और 2 फीट गहरी खुदाई कर दी है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस दौरान राजेश पटेल, विक्रम पटेल, राकेश पटेल, दिनेश पटेल, राहुल पटेल, निर्मल पटेल, हेमंत पटेल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे। सभी किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग का समर्थन किया।
एसिडिटी से राहत का देसी उपाय I Sultanpur news

Last Updated:April 07, 2026, 10:47 IST गलत खान-पान और तनाव की वजह से बढ़ रही एसिडिटी अब आम समस्या बन चुकी है. आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत कर पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है और बार-बार होने वाली जलन से राहत दे सकता है. सुल्तानपुर. आज के समय में गलत दिनचर्या और गलत खान-पान की वजह से हमारा स्वास्थ्य कई तरह की बीमारियों का शिकार होता चला जा रहा है. उसी में एक आम समस्या पित्त अम्ल दोष की भी लोगों को ज्यादा हो रही है. पीत अम्ल दोष जिसे आम बोलचाल की भाषा में एसिडिटी भी कहा जाता है. यह समस्या आज के लोगों में ज्यादा हो रही है और एसिडिटी की वजह से कई बार लोगों को ज्यादा तेज पीड़ा भी होने लगती है. ऐसे में आयुर्वेद में एसिडिटी और पित्त को साफ करने के लिए मुलेठी के सेवन को बताया गया है. चिकित्सकों के मुताबिक मुलेठी का सेवन एसिडिटी के लिए रामबाण इलाज है. तीन चीज़ें हैं महत्वपूर्ण सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि इसके लिए हरी करी और बरी यह तीन चीज काफी इंपोर्टेंट होती हैं. इन्हीं तीनों की वजह से लोगों को एसिडिटी की समस्या होती है. जिसमें हरी का मतलब होता है जल्दी-जल्दी खाना खाना क्योंकि जब हम जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो इससे हमारा पाचन तंत्र खाने को पचाने में अधिक समय लेता है और सही से पचा भी नहीं पाता. वहीं करी का मतलब है मिर्च, मसाला और तली-भुनी हुई चीज का अधिक सेवन करना, ये भी एसिडिटी का कारण बनता है और बरी का मतलब अधिक चिंता करना यानी कि आप अधिक चिंता करते हैं तो भी आपको एसिडिटी हो सकती है. करें यह उपायअगर आपको भी बार-बार एसिडिटी की समस्या आती है तो इसके लिए आप आयुर्वेद के देसी उपाय में मुलेठी का सेवन कर सकते हैं. अगर आप मुलेठी के स्वरस का प्रयोग करते हैं तो यह एसिडिटी के लिए और अधिक फायदेमंद होता है अन्यथा आप मुलेठी के टुकड़े को भी मुंह में रखकर एसिडिटी से छुटकारा पा सकते हैं या फिर आप इसका चूर्ण बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अन्य में भी है फायदेमंद मुलेठी का सेवन करने से हमारे शरीर का पाचन तंत्र मजबूत होता है इसके साथ ही एसिडिटी की भी समस्या दूर होती है लेकिन इन सबके अलावा मुलेठी का सेवन हमारे लिए उन चीजों में भी फायदेमंद है जिन लोगों को खांसी आदि की समस्या है. वह लोग भी मुलेठी का सेवन कर सकते हैं और खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 10:47 IST
बेहद खास है यह मुरब्बा, गुलाब के फूलों से होता है तैयार, स्वाद के साथ सेहत का है खजाना

X बेहद खास है यह मुरब्बा, गुलाब के फूलों से होता है तैयार, स्वाद के साथ सेहत भी Gulkand Murabba Recipe: गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से बनने वाला गुलकंद सिर्फ मीठे पान का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि गर्मियों में सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. गोरखपुर के प्राणनाथ इलाके में गुलकंद से तैयार होने वाला खास मुरब्बा लोगों के बीच लोकप्रिय है और गर्मियों में इसकी मांग बढ़ जाती है. भारत में इसका सबसे अधिक उपयोग मीठे पान में होता है. जिससे स्वाद बढ़ने के साथ मुंह में ठंडक मिलती है. इसके अलावा गुलकंद से मुरब्बा, शरबत, लस्सी, मिल्कशेक और मिठाइयां भी बनाई जाती है. आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर ठंडी होती है जो शरीर का तापमान संतुलित रखती है. यह पेट की गर्मी कम करता है. पाचन सुधारता है और एसिडिटी में राहत देता है. नियमित सेवन से कब्ज कम होती है. मुंह की बदबू दूर होती है और शरीर को हल्की ऊर्जा भी मिलती है.
गर्मियों में 5 मसाले बन सकते हैं शरीर के लिए ‘जहर’, थाली से आज ही करें आउट, वरना पड़ेगा पछताना

Last Updated:April 07, 2026, 10:25 IST Harmful Spices In Summer : गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है. हम अपनी हर चीज की देखभाल कर रहे हैं. स्किन से लेकर कपड़े, जूते और खाने पीने तक में ऐसी में ऐसी चीजें शामिल कर रहे हैं जो हमें फायदा पहुचाए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके किचन के डिब्बे में रखे कुछ मसाले इस चिलचिलाती गर्मी में आपके शरीर के लिए ‘स्लो पॉइजन’ का काम कर सकते हैं? आयुर्वेद और साइंस दोनों कहते हैं कि हर मौसम का अपना खान-पान होता है. SpicesTo Avoid In Summer : हम भारतीय बिना मसालों के खाने की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन जो मसाला सर्दियों में आपको गर्माहट देकर बचा रहा था, वही इस वक्त आपके पेट में ‘आग’ लगा सकता है. सबसे पहले बात करते हैं ‘लाल मिर्च’ की. चटपटा खाना किसे पसंद नहीं? लेकिन लाल मिर्च की तासीर बहुत गर्म होती है. गर्मियों में इसे ज्यादा खाने से सीने में जलन और पेट में अल्सर का खतरा बढ़ जाता है, साथ ही शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है. अब बात करते हैं ‘अदरक और सोंठ’ की. सर्दियों में अदरक वाली चाय जान बचाती थी, लेकिन गर्मियों में सोंठ या बहुत ज्यादा कच्चा अदरक आपके लिए मुसीबत बन सकता है. इसकी तासीर बेहद गर्म होती है. गर्मी में इसके ज्यादा सेवन से नाक से खून आना (नकसीर) या पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर आप चाय के शौकीन हैं, तो इस मौसम में अदरक की मात्रा कम से कम रखने की कोशिश करें. ‘लहसुन’ वैसे तो औषधीय गुणों की खान है और दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है. गर्मियों में ज्यादा लहसुन खाने से शरीर में आंतरिक गर्मी बढ़ती है और पसीने में दुर्गंध की समस्या भी हो जाती है. इसके अलावा, यह आपके एसिड रिफ्लेक्स को ट्रिगर कर सकता है, जिससे रात में सोते समय बेचैनी और गले में जलन महसूस हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google ‘काली मिर्च’ को हम अक्सर हेल्दी मानकर हर चीज में डाल देते हैं, लेकिन गर्मियों में यह आंखों और पेट पर भारी पड़ सकती है. काली मिर्च शरीर में ‘पित्त’ को बढ़ाती है. अगर आप गर्मियों में इसका ज्यादा सेवन करते हैं, तो आपको त्वचा पर रैशेज, मुँहासे और गले में खराश की समस्या हो सकती है. इसे सूप या सलाद में केवल नाममात्र के लिए ही इस्तेमाल करना इस मौसम में बेहतर होता है. तो फिर सवाल उठता है कि इस मौसम में क्या खाएं? प्रकृति ने हमें गर्मियों के लिए बेहतरीन विकल्प दिए हैं. सौंफ, जीरा और धनिया जैसे मसाले इस मौसम में ‘सुपरफूड’ की तरह काम करते हैं. सौंफ एक नेचुरल कूलेंट है जो पेट की जलन को शांत करती है, जबकि जीरा डाइजेशन को सुधार कर शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. इनका पानी पीना भी गर्मी में बहुत फायदेमंद है. इसके अलावा, ताजी हरी धनिया और पुदीना को अपनी डाइट का अनिवार्य हिस्सा बनाएं. पुदीना न केवल आपको लू से बचाता है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी ताजगी देता है. सूखे धनिया पाउडर का इस्तेमाल ग्रेवी में करने से सब्जी की तासीर ठंडी रहती है. ये छोटे-छोटे बदलाव आपको गर्मी के साइड इफेक्ट्स से बचा सकते हैं और आपकी एनर्जी लेवल को भी बनाए रखते हैं. याद रखिए कि आयुर्वेद के अनुसार गर्मी का मौसम ‘पित्त’ बढ़ाने वाला होता है. अगर आप गर्म मसालों पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो चिड़चिड़ापन और पेट की बीमारियां आपको घेर लेंगी. इसलिए, इस सीजन में अपनी डाइट को ‘लाइट और कूल’ रखें. स्वाद से ज्यादा अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और आज ही अपनी रसोई के उन ‘गर्म’ मसालों पर थोड़ा कंट्रोल शुरू करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 07, 2026, 10:24 IST
दुष्कर्म का आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार:सूरत से लेकर आए पुलिस, बचने के लिए बदल लेता था ठिकाना

उमरिया जिले की सिविल लाइन पुलिस ने दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को सोमवार को सूरत से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म करने का आरोप है और वह पिछले एक साल से फरार चल रहा था। पीड़िता की शिकायत पर एक वर्ष पूर्व आरोपी जयप्रकाश यादव के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही जयप्रकाश गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर छिप रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। तकनीकी निगरानी के दौरान आरोपी की मोबाइल लोकेशन गुजरात में मिली। सूचना के आधार पर एक पुलिस टीम सूरत के लिए रवाना हुई और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हाथठेला पर पोहा-जलेबी बेचने पहुंची पूर्व CM उमा भारती:अपने बंगले के सामने लगाई दुकान, प्रशासन से बोलीं- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनों

टीकमगढ़ में मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले नगर पालिका द्वारा हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जाए। दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी मशीन से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी के मद्देनजर, मंगलवार सुबह वह अपने सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे अपने ठेले लगाने कहा। पहले जगह उपलब्ध कराए प्रशासन उमा भारती का कहना था कि पार्षदों ने इसके लिए पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले इन्हें दुकानों लगाने के स्थान दे, बाद में हटाया जाए। उमा भारती ने हटाए गए दुकानदारों से अपील की है कि वह वापस आए और यही पर अपनी दुकानें लगाए, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलो को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा। उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले में प्रशासन से बात की है तो उनका कहना था कि मुझे अभी इसकी जानकारी हुई है। मै अभी प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे।








