गर्भावस्था में कब्ज होने की वजह क्या है? जानें, इस समस्या से छुटकारा पाने के उपाय

Last Updated:April 06, 2026, 23:12 IST प्रेग्नेंसी में कब्ज की समस्या कॉमन है. कई महिलाएं इस समस्या से ग्रस्त रहती हैं. इसके कई कारण होते हैं जैसे गर्भावस्था के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है, जो आंतों की मांसपेशियों को ढीला कर देता है. इसके कारण भोजन को पचाने और मल को निकालने में समय ज्यादा लगता है. इसके अलावा, बढ़ते हुए गर्भाशय का पेट पर दबाव भी आंतों की गति को धीमा कर देता है. आप कुछ उपायों को आजमाकर कब्ज की समस्या को प्रेग्नेंसी में दूर कर सकती हैं. प्रेग्नेंसी में कब्ज होने की वजह क्या है? गर्भावस्था में कब्ज होना आम बात है, लेकिन कुछ महिलाओं को इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसा ज्यादातर हार्मोनल बदलावों और शारीरिक दबाव की वजह से होता है. ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इस समस्या से राहत मिल सकती है. गर्भावस्था के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है, जो आंतों की मांसपेशियों को ढीला कर देता है. इसके कारण भोजन को पचाने और मल को निकालने में समय ज्यादा लगता है. इसके अलावा, बढ़ते हुए गर्भाशय का पेट पर दबाव भी आंतों की गति को धीमा कर देता है. कुछ महिलाओं में लो-फाइबर डाइट, पर्याप्त पानी न पीना या बहुत ज्यादा कैफीन (कॉफी और चाय) लेना भी कब्ज की वजह बन सकता है. कई बार डॉक्टर द्वारा दिए जाने वाले आयरन टेबलेट भी कब्ज बढ़ा देते हैं. अगर आहार में बदलाव किया जाए और पर्याप्त पानी पीया जाए, तो यह मदद कर सकता है. कोशिश करें कि दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं. अत्यधिक चाय या कॉफी से बचें, क्योंकि यह शरीर को डीहाइड्रेट कर सकती है और कब्ज बढ़ा सकती है. खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना शामिल करें, जैसे साबुत अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और ताजा सब्जियां. खाने को हमेशा ताजा और गर्म ही खाएं. हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या थोड़ी वॉक भी आंतों की गति को बढ़ाने में मदद कर सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. इसके साथ ही शौचालय का समय नियमित करने की कोशिश करें. सुबह उठकर या खाने के बाद शौचालय जाना चाहिए. हालांकि आंतरिक दबाव डालने या जोर लगाने से बचें. अगर घरेलू उपायों से आराम नहीं मिलता है, तो कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे भी मददगार हो सकते हैं. जैसे त्रिफला चूर्ण या अविपत्तिकर चूर्ण. 2 ग्राम त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ रात में सोने से पहले लिया जा सकता है. अविपत्तिकर चूर्ण भी दिन में दो बार 2 ग्राम की मात्रा में लिया जा सकता है. ये नुस्खे पाचन को सुधारते हैं और कब्ज से राहत दिलाने में कारगर हैं. अगर मल त्याग के दौरान तेज दर्द हो, खून निकलने लगे या समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. कभी-कभी ये गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 23:12 IST
100 की आबादी वाले मजरे-टोलों तक बनेंगी सड़कें:अब ड्रोन से होगी कंस्ट्रक्शन क्वालिटी की मॉनिटरिंग; सीएम डॉ. मोहन यादव ने ली बैठक

प्रदेश के दूरस्थ मजरे-टोलों तक अब पक्की सड़कों का जाल बिछेगा। 100 या उससे अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों को भी सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा, वहीं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को समत्व भवन में “सुगम संपर्कता परियोजना” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में सीएम के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। एक हजार करोड़ रुपए से बनेंगी सड़कें मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के बीच बेहतर संपर्क से आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान बनेगी। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के उपयोग को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे सड़कों की डीपीआर तैयार करने के साथ-साथ पुल-पुलिया और कल्वर्ट की आवश्यकता का भी सटीक आकलन किया जा रहा है। परियोजना के तहत प्रदेश में लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसमें मजरों-टोलों के साथ सांदीपनि विद्यालयों तक सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। कंस्ट्रक्शन क्वालिटी की निगरानी ड्रोन से होगी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन से नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सड़कों के निर्माण और प्रगति की निगरानी के लिए जनपद, जिला और राज्य स्तर पर डैशबोर्ड प्रणाली विकसित की गई है, जिससे हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी। परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद पंचायत को तीन करोड़ रुपए तक के कार्यों की स्वीकृति देने का अधिकार दिया गया है। सड़कों का निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा और गांवों को दोहरी संपर्कता प्रदान करने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो सकें। पुरानी सड़कों की जियो इन्वेंट्री हो रही तैयार नई सड़कों के चयन में दोहराव रोकने के लिए रिम्स पोर्टल के माध्यम से पूर्व में बनी सड़कों की जियो-इंवेंट्री तैयार की जा रही है। अब तक 33 हजार 655 सड़कों में से 17 हजार 437 सड़कों का रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है, जबकि कई जिलों में सर्वे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के तहत अब तक 7 हजार 135 नई सड़कों के प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं और 29 जिलों में 1771 सड़कों को स्वीकृति भी मिल चुकी है। मैदानी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 2100 से अधिक इंजीनियरों और तकनीकी स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को भी तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने और जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था से ही ग्रामीण विकास को गति मिलेगी और अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
गर्मियों में पिएं गुड़ का शरबत, डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर मिलेगी एनर्जी, दूर होगी थकान

Last Updated:April 06, 2026, 22:51 IST Gud ka Sharbat peene ke fayde: आयुर्वेद में गुड़ को अमृत के समान माना गया है. यह प्राकृतिक मिठास का सबसे अच्छा स्रोत है और चीनी से कहीं बेहतर विकल्प है. गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी6 और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. गर्मियों में जब लोग थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तब गुड़ तुरंत ऊर्जा देता है. आप डिहाइड्रेशन से बचने के लिए गुड़ का शरबत भी पी सकते हैं. जानिए, गर्मियों में गुड़ का शरबत पीने के लाभ. गुड़ का शरबत पीने के फायदे. Gud ka Sharbat peene ke fayde: गर्मी के मौसम में थकान, कमजोरी, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है. ऐसे में प्राकृतिक और पौष्टिक पेय की जरूरत पड़ती है. गुड़ का शर्बत गर्मियों के लिए एक बेहद फायदेमंद, रिफ्रेशिंग और एनर्जी देने वाला ड्रिंक है. गुड़ का शर्बत शरीर को तुरंत ठंडक और ऊर्जा देता है साथ ही गर्मी से होने वाली कई समस्याओं से राहत भी दिलाता है. गुड़ का शर्बत बनाना भी बहुत आसान है. आधा कप गुड़ को दो कप पानी में अच्छी तरह भिगो लें. इसमें एक बड़ा चम्मच नींबू का रस, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा, कुछ पुदीना के पत्ते और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर अच्छे से फेंट लें. यह शर्बत गर्मी में रोजाना पीने के लिए एकदम सही और स्वादिष्ट है. आयुर्वेद में गुड़ को अमृत के समान माना गया है. यह प्राकृतिक मिठास का सबसे अच्छा स्रोत है और चीनी से कहीं बेहतर विकल्प है. गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी6 और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. गर्मियों में जब लोग थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तब गुड़ तुरंत ऊर्जा देता है और खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. गुड़ पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों को साफ रखता है. गर्मी के मौसम में गुड़ को पानी या छाछ के साथ मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है, प्यास नहीं लगती और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. यह पेट की गैस, एसिडिटी और जलन को भी कम करता है. आयुर्वेद के अनुसार, गुड़ में मौजूद प्राकृतिक खनिज शरीर का तापमान संतुलित रखते हैं, जिससे गर्मी में भी कमजोरी नहीं होती. गुड़ का सेवन ग्लूकोज भी प्रदान करता है जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है. गर्मियों में अक्सर पसीना आने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. गुड़ का शर्बत इनकी पूर्ति करके शरीर को हाइड्रेट रखता है. साथ ही यह इम्युनिटी बढ़ाने और थकान कम करने में भी सहायक है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में गुड़ का शर्बत पीना बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से ठंडक पहुंचाता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है. हालांकि, गर्मी में गुड़ की मात्रा ज्यादा न लें. दिन में एक या दो गिलास पर्याप्त है. जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह से ही गुड़ का सेवन करना चाहिए. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 22:51 IST
ग्रीष्मकालीन चाय: अदरक या इलायची…गर्मियों में कौन सी चाय की संरचना सबसे बेहतर है?

ग्रीष्मकालीन चाय: भारत में चाय केवल एक पीने की चीज़ नहीं, बल्कि एक भावना है। झुलसाती गर्मी हो या झुलसाती गर्मी, एक कप गर्म चाय के बिना दिन की शुरुआत अधूरी होती है। अक्सर हम चाय के स्वाद को बढ़ाने के लिए अदरक या इलायची का प्रयोग करते हैं। लेकिन जब बात तापती गर्मी की हो, तो शरीर के तापमान और पाचन तंत्र पर ध्यान देना जरूरी है, यह सवाल उठना लाजिमी है कि अदरक और इलायची में से कौन सा विकल्प बेहतर है? आइए आपको इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि ताप्ती हीट में अदरक या फिर इलायची वाली चाय में कौन ज्यादा बेहतर है? अदरक वाली चाय की तासीर होती है गर्म अदरक अपनी औषधीय सामग्री के लिए जानी जाती है। इसमें ‘जिंजरॉल’ नाम का तत्व होता है जो मेटाबोलिज्म को सुधारता है और इम्युनिटी बहाल करता है। दाराक की तासीर गर्म होती है। अधिक गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान सबसे पहले ही बढ़ता है, ऐसे में अधिक भूख के सेवन से शरीर में पित्त दोष को बढ़ाया जा सकता है। इससे सीने में जलन, पेट में गर्मी या त्वचा में दाने जैसे बदलाव हो सकते हैं। अगर आपको गर्मियों में भी ठंड लग रही है या भारी भोजन के बाद पाचन में समस्या हो रही है, तो भूख की मात्रा कम हो सकती है। गर्मियों में मूंगफली वाली चाय इलायची, जिसे ‘मसलों की रानी’ कहा जाता है, न तो सबसे बेहतरीन गुण है बल्कि शरीर को अंदर से ठंडक भी मिलती है। इलायची की तासीर अनमोल है। इलायची पाचन तंत्र को शांत करता है। यह गर्मियों में होने वाली एसिडिटी, पेट फूलना और गैस की समस्या को दूर करने में सहायक है। इसके अलावा, इलाइची एक कीमा बनाया हुआ माउथ फ्रेशनर है जो डायमंड्स की दुर्गंध को कम करने और मूड को ताज़ा करने में मदद करता है। साथ ही आप ऊर्जावान हैं।
इंदौर में खुला चेंबर बना खतरा, युवक गिरा:कुशवाह नगर में हादसा, लोगों की सतर्कता से बची जान; VIDEO वायरल

इंदौर के कुशवाह नगर इलाके में सोमवार रात एक युवक खुले चेंबर में गिर गया। अचानक हुई घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे देख लिया और तुरंत बाहर निकाल लिया। घटना के बाद वहां भीड़ जमा हो गई, जबकि कुछ लोग उसे रिक्शे से अस्पताल भेजने की बात करते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला कुशवाह नगर मेन रोड पर लोहार गली के सामने का बताया जा रहा है। यहां पिछले तीन दिनों से चेंबर खुला हुआ था। चेंबर में गिरने वाले व्यक्ति की पहचान भगत सिंह नगर निवासी दिलीप करोसिया के रूप में हुई है। वह यहां से गुजर रहे थे, तभी अचानक खुले चेंबर में गिर गए। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनकी मदद कर उन्हें बाहर निकाला। इलाके में लग लगी लोगों की भीड़ चेंबर में गिरने के बाद आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकाला, जिसके चलते वहां भीड़ जमा हो गई। सड़क से गुजरने वाले लोग भी रुक-रुककर घटना के बारे में पूछते नजर आए। बताया जा रहा है कि यहां काम चल रहा था, जिसके कारण चेंबर खुला हुआ था। यह भी कहा जा रहा है कि युवक नशे की हालत में था। क्षेत्र में रहने वाले रहवासी अशोक तिवारी ने बताया कि वे पास की मेडिकल दुकान पर खड़े थे, तभी अचानक युवक चेंबर में गिर गया। उन्होंने तुरंत उसे देख लिया और लोगों की मदद से बाहर निकाल लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि कुछ महीने पहले चोइथराम मेन रोड पर चेंबर में उतरे निगमकर्मियों की मौत हो गई थी। तस्वीरों में देखिए –
तेज गर्मी के बीच विदिशा में स्कूल टाइम बदला:सुबह 7:30 से लगेंगी नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं, दोपहर 12 बजे छुट्टी होगी

विदिशा जिले में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. सिंह जाटव ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और सीबीएसई स्कूलों का संचालन अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। शिक्षकीय और अन्य स्टाफ के लिए दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होंगी और मूल्यांकन कार्य भी अपने तय समय पर ही किए जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील की है, साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया है।
भोपाल में चलती कार से महिला को फेंका:सीने में चुभे थे स्टेप्लर पिन, खून से लथपथ मिली; अस्पताल में 22 घंटे से बेहोश

मध्य प्रदेश के भोपाल में लहारपुर ब्रिज के पास अज्ञात कार सवारों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलती कार से बाहर फेंक दिया। सीने में स्टेप्लर की पिन चुभी हुई थीं। खून से लथपथ थी। तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 22 घंटे से बेहोश है। मामला बाग सेवनिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास नाले के किनारे पहुंची। कार की रफ्तार धीमी करते ही आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को बाहर फेंक दिया। कार को तेजी से लेकर फरार हो गए। चश्मदीद महिला ने देखी पूरी घटना इस पूरी घटना को एक स्थानीय महिला ने देखा। उसने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने एक स्वयंसेवी संस्था ‘चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर’ को सूचना दी, ताकि घायल महिला की मदद की जा सके। बेहोशी में सिर्फ ‘सलकनपुर’ बोल पा रही महिला महिला बेहोशी की हालत में है और अपना नाम नहीं बता पा रही है। वह केवल “सलकनपुर” शब्द ही बोल पा रही है। उसके हाथ पर नाम गुदा हुआ मिला है। हालांकि, वह कहां की रहने वाली है और उसकी पहचान क्या है। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। संस्था और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाई गई सूचना मिलते ही संस्था के मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। रास्तों पर लगे CCTV कैमरे खंगाल रहे पुलिस पुलिस का कहना है कि महिला के बयान सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है। इस मामले में अभी तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। ………………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में कार में पत्नी को जलाने के बाद साथियों के साथ देखता रहा डॉक्टर पति सागर में एक डॉक्टर ने पत्नी की हत्या की साजिश रची और 2-2 लाख रुपए का लालच देकर अपने दो किरायेदारों को शामिल किया। पत्नी को कार में जलाकर देखता रहा। फिर वारदात को हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन अपनी ही कहानी में फंस गया। पढ़ें पूरी खबर…
छिंदवाड़ा में लेनदेन विवाद में कार समेत युवक का अपहरण:घंटों में पुलिस ने छुड़ाया; रस्सियों से कुर्सी पर बंधा मिला पीड़ित, चार आरोपी गिरफ्तार

छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कुही चौकी इलाके में हुए अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में पीड़ित को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आज (सोमवार) चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना 4 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम इकलहरा टोल के पास इंडेन गैस एजेंसी के सामने कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ है। इसी दौरान अज्ञात आरोपी संजू यदुवंशी (38), निवासी सुकरी बस्ती, जुन्नारदेव का उसकी कार (MH02-BT-9104) सहित अपहरण कर ले गए। कमरे में बंधा मिला युवक मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और अन्य माध्यमों से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम गुरैया स्थित महावीर कॉलोनी पहुंची, जहां एक मकान के ऊपर कमरे में संजू यदुवंशी को रस्सियों से कुर्सी पर बांधकर रखा गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को मुक्त कराया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर अनुराग गढ़ेवाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया और बंधक बना लिया था। 4 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी दो कार समेत अन्य सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (MP-50-CA-1801), पीड़ित की कार, एक प्लास्टिक कुर्सी और दो नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। कार्रवाई में थाना प्रभारी खेलचंद पटले, चौकी प्रभारी अक्रजय धुर्वे सहित चांदामेटा थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ओपिनियन पोल 2026: बंगाल, असम, तमिलनाडु से लेकर केरल तक… किसकी सरकार? सर्वे में हैरान करने वाले आंकड़े

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित जनमत सर्वेक्षण 2026: भारत के चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विधानसभा चुनाव काफी तेज है। इस बीच उत्तर-पूर्वी राज्यों के ओपिनियन पोल आ गए हैं, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों में किस पार्टी या गठबंधन को बढ़त मिल रही है, यह साफ हो गया है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं, जहां सीएम ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी (टीएमसी) का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ है, वहीं 126 विधानसभा सीटों पर विपक्ष के खिलाफ असम में बीजेपी की कांग्रेस पार्टी विपक्षी मैदान में सामने है। तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए केरल की 234 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और एआईएडीएमके वाली एनडीए गठबंधन के साथ सीएम स्टालिन की पार्टी गठबंधन एलडीएफ, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के साथ यूडीएफ गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन मैदान में है। ओपिनियन पोल बंगाल में किसकी बन रही सरकार? मैट्रिज़ के ताज़ा ओपिनियन पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल की नागरिकता चुनाव से पहले ही मुकाबला काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। ओपीनियन पोल में सामने आए आंकड़े सभी राजनीतिक आश्रमों की सांसे अटकाने वाली हैं। मैट्रिस के सर्वेक्षण के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फूड डिपो कांग्रेस (टीएमसी) को 43 प्रतिशत वोट के साथ 140 से 160 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 41 प्रतिशत वोट के साथ 130 से 150 प्रतिशत पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि राज्य की अन्य पार्टियां 16 प्रतिशत वोट के साथ राज्य में 8 से 16 प्रतिशत वोट हासिल कर सकती है। पश्चिम बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है। ऐसे में अपॉइंटमेंट के पास ओपिनियन पोल में 2 प्रतिशत की मामूली बढ़त जरूर है, लेकिन अंतर इतना कम है कि किसी भी समय विक्सित पिक्चर्स में बदलाव हो सकता है। ओपीनियन पोल में असम में बीजेपी को साफ करें मैत्रिज (मैट्रिज) और चाणक्य (चाणक्य) की ओर से किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, असम में होने वाले चुनाव में बीजेपी-नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में है और उनकी संस्था सत्ता में आने या सत्ता बनाए रखने की संभावना ज्यादा दिख रही है। मैट्रिज के मुताबिक, वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी+ गठबंधन को 46 फीसदी, कांग्रेस+ गठबंधन को 36 फीसदी और अन्य को 18 फीसदी वोट मिल सकते हैं. भाजपा+ गठबंधन को 92 से 102 पायदान, कांग्रेस+ गठबंधन को 22 से 32 पायदान और अन्य को 4 से 7 पायदान मिलने की संभावना है। वहीं, चाणक के सर्वे के मुताबिक, असम में जनता पार्टी का गठबंधन 83 से 90 सीट, कांग्रेस+ गठबंधन 30 से 36 सीट और अन्य को 3 से 6 सीट मिल सकती है। तमिल में एनडीए का चमकता सितारा हो सकता है इंडिया टीवी पर दिए गए मैट्रिज ओपिनियन पोल के मुताबिक, इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके नेतृत्व वाली एनडीए का सितारा चमक सकता है। ओपनियन पोल के मुताबिक, चुनाव में एमके स्टालिन की पार्टी टीचर्स को 102 से 115 बेस मिल सकते हैं। जबकि बीजेपी और एआईएडीएमके के एनडीए गठबंधन को 107 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) को 5 से 12 तक प्रवेश मिल सकता है और अन्य के टिकट में एक से छह प्रवेश की संभावना है। केरल के तीन तरफा चर्च में कौन सी स्थितियाँ होंगी? इंडिया टीवी पर दिए गए MATRIZE ओपिनियन पोल के अनुसार, केरल में 62 से 68 प्रतिशत गठबंधन के साथ 68 प्रतिशत की भागीदारी वाले यूडीएफ गठबंधन की संभावना है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के 67 से 73 के नामांकन के साथ चुनावी नतीजे सामने आ रहे हैं। जबकि राज्य में भारतीय जनता पार्टी 15 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 5 से 8 प्रतिशत पर जीत हासिल कर सकती है और अन्य के मुकाबले शून्य से तीन प्रवेश की संभावना है। यह भी पढ़ेंः ‘ईडी, सीबीआई, एनआईए के बाद धार्मिक अधिकारी और अब सीआरपीएफ…’, बीजेपी, टीएमसी को ‘भड़काऊ भाईजान कमेटी’ पर ममता का बयान (टैग्सटूट्रांसलेट)ओपिनियन पोल 2026(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम चुनाव 2026(टी)केरल(टी)तमिलनाडु(टी)मैट्रिज(टी)मैट्रिज ओपिनियन पोल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026(टी)बंगाल ओपिनियन पोल 2026(टी)बंगाल चुनाव ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)ममता बनर्जी(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम ओपिनियन पोल 2026(टी)असम चुनाव ओपिनियन पोल 2026(टी)असम चुनाव ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)एआईयूडीएफ(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ओपिनियन पोल 2026
डिनर के बाद खाना है स्वीट डिश, तो सिंपल तरीके से बनाएं इस हेल्दी स्नैक से टेस्टी खीर, रेसिपी जानें यहां

Last Updated:April 06, 2026, 21:39 IST How to make Makhana Kheer: मखाना एक बेहद ही हेल्दी स्नैक में शामिल है. लोग इसे घी में भूनकर खाना पसंद करते हैं. आमतौर पर लोग व्रत में भी मखाना खूब खाते हैं. रात में डिनर में आप स्वीट डिश झटपट बनाकर खाना चाहते हैं तो आप ईजी तरीके से मखाने की खीर बनाकर भी खा सकते हैं. जानिए, मखाने की खीर कैसे बनती है. मखाना खीर बनाने की रेसिपी. How to make Makhana Kheer: मखाना बहुत ही हेल्दी स्नैक है, जिसे आमतौर पर लोग व्रत-त्योहार में खाते हैं. लोग इसे शाम में घी में भूनकर चाय के साथ भी लेना पसंद करते हैं. पौष्टिक तत्वों से भरपूर मखाना का खीर भी बहुत टेस्टी बनता है. आप डिनर में कुछ मीठा खाना पसंद करते हैं तो सेवई, खीर की बजाय कुछ ही मिनट में मखाने की ये ईजी सी रेसिपी बनाकर खा सकते हैं. मखाने की खीर की रेसिपी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेफ कुणाल कपूर ने शेयर की है. ये बेहद हल्की स्वीट डिश है, जो झटपट बन जाती है. चलिए जान लीजिए मखाने की खीर बनाने की रेसिपी यहां… मखाने की खीर बनाने के लिए सामग्री 1 टेबलस्पून घी¼ कप बादाम¼ कप काजू½ कप मखाना½ लीटर दूध¼ कप + 1 टेबलस्पून चीनी½ टीस्पून इलायची पाउडर मखाने की खीर बनाने की विधि • एक पैन में घी गर्म करें. अब इसमें बादाम और काजू को हल्का सुनहरा होने तक भून लें. इसे निकालकर अलग रख दें.• उसी पैन में मखाने को कुरकुरा होने तक भूनें. ठंडा होने पर हल्का सा कूट लें (कुछ साबुत रहने दें ताकि टेक्सचर अच्छा रहे).• एक कढ़ाई में दूध उबालें और कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें.• अब इसमें भुने हुए मखाने डालें और धीमी आंच पर पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें, जब तक मखाने नर्म न हो जाएं.• इसमें चीनी, भुने हुए मेवे और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और 3–5 मिनट और पकाएं.• तैयार है मखाने की खीर, इसे गर्म या ठंडा, जैसा खाना चाहें, वैसे सर्व कर सकते हैं. View this post on Instagram








