Saturday, 25 Apr 2026 | 01:07 AM

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बास्केटबॉल चैम्पियन का ‘कैंडी’ सीक्रेट:मिलन शॉट से पहले दिमाग में दोहराते हैं ‘जेलीबीन’, ओवरथिंकिंग दूर करने का मिला अचूक फॉर्मूला

बास्केटबॉल चैम्पियन का ‘कैंडी’ सीक्रेट:मिलन शॉट से पहले दिमाग में दोहराते हैं ‘जेलीबीन’, ओवरथिंकिंग दूर करने का मिला अचूक फॉर्मूला

बड़े मैचों के दबाव में अक्सर दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों का दिमाग भी सुन्न पड़ जाता है। ऐसे में वे अपने ही खेल पर शक करने लगते हैं। अमेरिका के कॉलेज बास्केटबॉल टूर्नामेंट में इस साल के सर्वश्रेष्ठ 3-पॉइंट शूटर मिलन मोमसिलोविक भी इसी ओवरथिंकिंग का शिकार हो रहे थे। लेकिन इस 6 फीट 8 इंच लंबे स्नाइपर ने अपने दिमाग को शांत करने का एक बेहद अजीब, लेकिन 100% अचूक तरीका खोज निकाला है। यह तरीका है एक शब्द ‘जेलीबीन’। आयोवा स्टेट के मिलन इस वक्त डिवीजन-1 कॉलेज बास्केटबॉल के सबसे सटीक शूटर हैं। लेकिन एक वक्त था जब हर शॉट से पहले उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता था। मिलन बताते हैं, ‘मुझे हमेशा लगता था कि मेरे शॉट में कुछ कमी है। शायद गेंद का आर्क सही नहीं है या मैं सही तरीके से थ्रो नहीं कर रहा हूं।’ लगातार गिरते कॉन्फिडेंस को बचाने के लिए उन्होंने एक मशहूर स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. मैथ्यू मायरविक से संपर्क किया। डॉ. मैथ्यू ने उन्हें एक बेहद आसान मनोवैज्ञानिक तरकीब बताई- ‘थ्रो करने से ठीक पहले दिमाग में किसी एक चीज, खासकर किसी खाने की चीज का नाम सोचो।’ मिलन ने इसके लिए ‘जेलीबीन’ शब्द चुना। वे कहते हैं, ‘शायद यह शब्द बोलने में थोड़ा लंबा है, इसलिए मैंने इसे चुना। मजेदार बात यह है कि जेलीबीन मेरी फेवरेट कैंडी भी नहीं है।’ मिलन यह शब्द जोर से नहीं बोलते, शॉट लेने से ठीक पहले वे इसे बस अपने दिमाग में दोहराते हैं। यह टेक्निक उनके दिमाग में आने वाले नकारात्मक ख्यालों को ब्लॉक कर देती है, जिससे उनका फोकस सिर्फ थ्रो पर रहता है। जैसे ही दिमाग ओवरथिंकिंग करना बंद करता है, शरीर की ‘मसल मेमोरी’ अपना काम बिल्कुल सटीक तरीके से करने लगती है। यह तकनीक खिलाड़ी का ध्यान नतीजे से हटाकर प्रोसेस पर ले आती है। आयोवा स्टेट के हेड कोच टीजे ओत्जेल्बर्गर इस बदलाव से बेहद खुश हैं। उनका कहना है, ‘पहले अगर वह एक-दो शॉट मिस करता था, तो अगला शॉट लेने से डरने लगता था। लेकिन अब उसका माइंडसेट बदल गया है। अब वह सिर्फ अपनी कोशिशों पर फोकस करता है, नतीजों पर नहीं।’ इस एक शब्द ने मिलन के खेल को पूरी तरह बदल दिया है। वे इस सीजन में 49.3% की सटीकता से 3-पॉइंट्स स्कोर कर रहे हैं, जो पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा है। उन्होंने अब तक 134 थ्री-पॉइंटर्स दागे हैं, जो किसी भी अन्य खिलाड़ी से अधिक है। वे 17.2 पॉइंट्स प्रति मैच के औसत के साथ अपनी टीम के टॉप स्कोरर बन गए हैं।

क्या वेट लॉस की दवा लेने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं? ब्रिटेन के डॉक्टर ने किया सनसनीखेज दावा

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Last Updated:April 06, 2026, 13:03 IST Weight Loss and Bone Health:वेट लॉस के लिए इस्तेमाल की जा रही GLP-1 दवाएं वजन घटाने में मदद करती हैं, लेकिन इससे बोन डेंसिटी कम हो सकती है. यूके के डॉक्टर करन राजन के अनुसार हड्डियों के घनत्व में कमी दवा के कारण नहीं, बल्कि मसल्स और शरीर के वजन घटने की वजह से होती है. हड्डियों की सुरक्षा के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्याप्त प्रोटीन जरूरी होता है. डॉक्टर के अनुसार तेजी से वजन घटाने से हड्डियों की डेंसिटी कम हो सकती है. How GLP-1 Impact Bone Density: दुनिया भर में इस वक्त वेट लॉस की दवाएं लोकप्रिय हो रही हैं. मोटापा और डायबिटीज से जूझ रहे तमाम लोग इन दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. डॉक्टर्स की मानें तो GLP-1 इंजेक्शन तेजी से वजन कम करने और बॉडी मैनेजमेंट का पसंदीदा विकल्प बन चुके हैं. सेलेब्स से लेकर आम लोग तक सभी इन दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब तक माना जा रहा है कि ये दवाएं डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं. हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स ने इन दवाओं से हड्डियां कमजोर होने की आशंका जताई है. सवाल उठ रहा है कि क्या GLP-1 दवाओं के कारण हड्डियों की मजबूती घट सकती है? इस बारे में यूके के डॉक्टर करन राजन ने हकीकत बताई है. HT की रिपोर्ट के मुताबिक यूके बेस्ड सर्जन और हेल्थ कंटेंट क्रिएटर डॉक्टर करन राजन ने अपने इंस्टाग्राम पर GLP-1 दवाओं और बोन डेंसिटी के बीच कनेक्शन को लेकर कई अहम बातें बताई हैं. उन्होंने बताया कि GLP-1 दवाओं से हड्डियों की कमजोरी सीधे तौर पर नहीं होती है. वजन कम होने से बोन मिनरल डेंसिटी में कमी आ सकती है, लेकिन यह किसी भी वजन घटाने की प्रक्रिया में देखा जाता है. इन दवाओं का हड्डियों को तोड़ने वाले या बनाने वाले सेल्स पर कोई सीधा बायोलॉजिकल असर नहीं पड़ता है. सिर्फ वेट लॉस ड्रग्स को हड्डियों की कमजोरी से जोड़ना ठीक नहीं है. View this post on Instagram

अस्पताल में पहुंचकर मरीजों से मिलीं विधायक:बुरहानपुर में सुविधाओं के बारे में पूछा, बोलीं- व्यवस्थाएं बेहतर करने कलेक्टर से चर्चा करूंगी

अस्पताल में पहुंचकर मरीजों से मिलीं विधायक:बुरहानपुर में सुविधाओं के बारे में पूछा, बोलीं- व्यवस्थाएं बेहतर करने कलेक्टर से चर्चा करूंगी

बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने सोमवार सुबह 11 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से भी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार और सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके से अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से उनके स्वास्थ्य और मिल रहे उपचार के बारे में पूछा। मरीजों ने दी जा रही सुविधाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। विधायक अर्चना चिटनिस ने बताया कि जिला अस्पताल में सुविधाएं और संसाधन जुटाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर से चर्चा की जाएगी। आज शाम ही जिला अस्पताल के अधिकारियों, डॉक्टरों और अन्य टीम के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर विधायक ने एसएनसीयू कक्ष, प्रसव कक्ष और जनरल वार्ड का दौरा किया। इस दौरान जिला अस्पताल के आरएमओ भूपेंद्र गौर, प्रबंधन धीरज चौहान, डॉ. गौरव धावानी सहित अन्य डॉक्टर और स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।

पोहरी बस स्टैंड के पीछे 7 फीट का मगरमच्छ:वन विभाग ने सफलतापूर्वक किया रेस्क्यू; राहगीर भयभीत होकर दूर से निकले

पोहरी बस स्टैंड के पीछे 7 फीट का मगरमच्छ:वन विभाग ने सफलतापूर्वक किया रेस्क्यू; राहगीर भयभीत होकर दूर से निकले

शिवपुरी शहर के पोहरी बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब के पास सोमवार सुबह करीब 9 बजे एक विशाल मगरमच्छ देखा गया। पुलिया के समीप बैठे इस मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और राहगीर भयभीत होकर दूर से निकलने लगे। स्थानीय निवासी मुकेश कुशवाह के अनुसार, मगरमच्छ की लंबाई लगभग 7 फीट थी और उसका पेट फूला हुआ दिख रहा था। आशंका जताई जा रही है कि उसने किसी जानवर, जैसे सूअर या कुत्ते का शिकार किया था, जिसके कारण वह अधिक हिल-डुल नहीं पा रहा था। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और लगभग 30 मिनट के सावधानीपूर्वक अभियान के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके उपरांत उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। हालांकि, टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए सफलतापूर्वक मगरमच्छ को पकड़ने का कार्य पूरा किया।

एफसीआरए पर पीएम मोदी के बयान से भड़के केसी वेणुगोपाल, कहा- ‘पूरे समुदाय का अपमान’ सरकार पर लगाया साज़िश का आरोप

एफसीआरए पर पीएम मोदी के बयान से भड़के केसी वेणुगोपाल, कहा- 'पूरे समुदाय का अपमान' सरकार पर लगाया साज़िश का आरोप

केरल की रेटिंग में एफसीआरए संशोधन को लेकर घमासन तेजी से हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे पत्र लिखकर कड़े विरोध की निंदा की है। उन्होंने “पूरे समुदाय का अपमान” पर बयान देते हुए कहा कि गहरे असंतोष की नींव है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अप्रैल को केरल में एनडीए की रैली के दौरान यूडीएफ पर एफसीआरए और यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया। इसी बयान पर अब कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक और शिक्षण सामग्री बनाया है। “घरे दुख और ढांचे के साथ लिख रहा हूं…”केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने लिखा- “मैं गहरा दुख और बिखराव के साथ लिख रहा हूं। केरल में आपका बयान, जिसमें आपने यूडीएफ पर एफसीआरए को लेकर राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाने का आरोप लगाया था, बेहद समस्याग्रस्त और पूरे समुदाय के लिए विचारधारा थी। पवित्र दिन पर ऐसा बयान देना विशेष रूप से अलगाव वाला और टाला जा सकने वाला था।” वेणुगोपाल ने यह भी साफ किया कि एफसीआरए में प्रस्तावित बदलावों के “दूरगामी और खतरनाक परिणाम” हैं, जिनमें किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। सरकार का पक्ष- ”ईमानदार एनजीओ को डरने की जरूरत नहीं”इस पूरे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा, “ईसाई समुदाय को बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रस्तावित एफसीआरए बिल अच्छे एनजीओ की मदद के लिए सुझाव देता है और केवल गैर-अवैध तत्वों को सीमित रखता है जो भारत के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। अच्छे अनुयायियों को कोई नुकसान नहीं होगा, विशेष रूप से ईसाई धर्म को। मैं उन्हें पूरा समर्थन देना चाहता हूं कि यह बिल वास्तविक सिद्धांतों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से सरकारी बिल रोका गया है और इस पर आगे चर्चा होगी। खड़गे का हमला- “यह सुधार नहीं, हमला है” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्ज खुंडगे ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, “यह सुधार नहीं है। यह हमला है, सिर्फ ईसाई अनुयायियों पर नहीं, बल्कि नागरिक समाज, एनजीओ और गरीबों की मदद करने वाली बातों पर भी।” खड़गे ने इसे ”चुनिंदा शकिंग” करार देते हुए कहा कि जैसे वक्फ कानून में बदलाव से मुस्लिम समुदाय में जन्म हुआ, वैसे ही एफसीआरए संशोधन से ईसाई समुदाय में गंभीर चिंता है। प्रभावोत्पादक और संक्षेपण संदेशकेरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एफसीआरए की समाप्ति राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हो गई है। कांग्रेस इसे गठबंधन की सुरक्षा और अधिकारिता से बड़ा पोर्टफोलियो बना रही है, जबकि भाजपा इसे सहयोगी और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबद्धता बना रही है। इस पूरे विवाद में साफ किया गया है कि एफसीआरए संशोधन अब सिर्फ एक कानूनी या आवेदक नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीधे राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

गर्मी में भूख न लगने की समस्या से हैं परेशान? तो आजमाएं यह घरेलू नुस्खे, जमकर खाने लगेंगे खाना – News18 हिंदी

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X गर्मी में भूख न लगने की समस्या से हैं परेशान? तो आजमाएं यह घरेलू नुस्खे   Health Tips: मौसम में अचानक बदलाव का असर दिनचर्या और सेहत पर साफ दिख रहा है. गर्मी बढ़ते ही भूख कम हो रही है और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं. सर्दियों में जहां लोग भरपेट भोजन करते हैं, वहीं गर्मियों में खाने की इच्छा घट जाती है. ऐसे में नींबू शरबत का सेवन शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने और भूख बढ़ाने में कारगर माना जा रहा है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि यह नुस्खा पुरानी परंपराओं से जुड़ा हुआ है और दादी-नानी के समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. अगर इस उपाय को रोजाना अपनाया जाए, तो न सिर्फ पाचन बेहतर होता है बल्कि भूख भी खुलकर लगती है. इसके लिए केवल नींबू, काली मिर्च और नमक की जरूरत होती है. यह नुस्खा बेहद सरल है. एक नींबू को बीच से काट लें और उसमें काली मिर्च पाउडर और थोड़ा सा नमक डाल दें. इसके बाद इसे हल्की आंच पर थोड़ा गर्म करें ताकि इसका रस हल्का गुनगुना हो जाए. फिर इसे धीरे-धीरे चूसकर सेवन करें. यह उपाय गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में काफी असरदार है.

dry eyes explainer news: भूल जाओ आई ड्रॉप, अब मां के दूध से बनी गोली करेगी सूखी आंखों का इलाज, एम्‍स ने दी मंजूरी, बाजार में कब तक आएगी? जान लीजिए

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Dry Eye Treatment: जितना ज्यादा फोन, टीवी और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ रहा है आंखों की समस्याएं भी उतनी ही बढ़ रही हैं. खासतौर पर ड्राई आई की समस्या बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए मुसीबत बन गई है. आंखों में जलन, खुजली, धुंधलापन और नमी की कमी को दूर करने के लिए अक्सर आई ड्रॉप्स का ही इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक साइंसेज ने एक ऐसी गोली पर क्‍ल‍िन‍िकल ट्रायल क‍िया है जो न केवल आंखों को उनकी नमी लौटाएगी बल्कि ड्राई आइज की समस्या का स्थाई समाधान भी होगी. आरपी सेंटर नई दिल्ली ने यह टेबलेट मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन से तैयार की है और क्लीनिकल ट्रायल्स में इसके शानदार नतीजे मिले हैं. लैक्टोफेरिन नाम की यह टेबलेट ड्राई आंखों के इलाज में रामबाण बन सकती है. डॉक्टरों की मानें तो यह दवा जल्द ही बाजार में आ सकती है. डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल या लेसिक लेजर सर्जरी के चलते मरीजों को अक्सर आंखों में जलन, चुभन और सूखापन यानी ड्राई आई सिंड्रोम (शुष्क नेत्र या सूखी आंख) की दिक्कत होती है. खासतौर पर स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल के चलते आज की तारीख में यह आंखों की सबसे कॉमन बीमारी बन चुकी है. नवोदय टाइम्स में छपी खबर में एम्स के आरपी सेंटर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता शर्मा और बायोफिजिक्स विभाग की डॉ. सुजाता शर्मा ने बताया कि डिजिटल युग में बढ़ते स्क्रीन टाइम ने ड्राई आई सिंड्रोम को तेजी से बढ़ाया है. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मैबोमियन ग्लैंड प्रभावित होती है, जिससे आंसू बनने और उनकी गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ता है. नतीजतन आंखों में किरकिरी, धुंधलापन और लगातार थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, मानो आंखें अपनी ही नमी के लिए तरस रही हों. 400 आंखों पर हुआ ट्रायलडॉ. नम्रता शर्मा ने बताया कि ड्राई आई सिंड्रोम के इलाज के लिए एम्स ने ‘लैक्टोफेरिन’ दवा पर क्लीनिकल ट्रायल करने का फैसला किया. ट्रायल में ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित 200 मरीजों (400 आंखों) को शामिल किया गया और उन्हें तीन महीने तक दिन में दो बार 250 एमजी लैक्टोफेरिन दिया गया. इसके बाद अगले छह महीने तक उनकी चिकित्सकीय निगरानी की गई और नतीजे शानदार रहे. इस दौरान लैक्टोफेरिन लेने वाले मरीजों की आंखों की नमी में सुधार हुआ, आंसुओं की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुईं और सूखापन भी काफी हद तक कम हो गया. समस्या की जड़ पर वार करती है दवाइस ट्रायल की खास बात यह है कि ‘लैक्टोफेरिन’ दवा केवल लक्षणों को दबाने के बजाय समस्या की जड़ पर काम करती है और आंखों के पूरे सिस्टम को संतुलित करती है. डॉ. सुजाता शर्मा के अनुसार, लैक्टोफेरिन कोई कृत्रिम रसायन नहीं, बल्कि शरीर में पाया जाने वाला प्राकृतिक प्रोटीन है, जो खासतौर पर मां के दूध में मौजूद होता है और इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि इसे आंखों के लिए एक प्रभावी नेचुरल हीलिंग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. इस दवा को जापान में तैयार करवाया गया है और आरपी सेंटर ने इसको क्‍ल‍िन‍िकली परखा है, ज‍िसमें यह सफल रही है. कैसे डेवलप होती है ड्राई आई की समस्या? . मोबाइल या लैपटॉप पर लंबे समय तक देखने से आंखों का ब्लिंक रेट यानी पलक झपकने की दर कम हो जाती है. ऐसे में पलकों के किनारों पर स्थित सूक्ष्म तेल ग्रंथियां -मीबोमियन ग्लैंड पर्याप्त या सही गुणवत्ता का तेल नहीं बना पातीं और वे ब्लॉक हो जाती हैं. . यह तेल आंसुओं की बाहरी तैलीय परत बनाता है और आंसुओं को जल्दी सूखने से भी बचाता है। मीबम नामक तेल का उत्पादन न होने पर आंखों में सूखापन, जलन और ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है. . ड्राई आईज होने पर मरीज को आंखों में जलन, चुभन, दर्द, खुजली और थकान जैसी परेशानी होती है. अभी तक कैसे होता था इलाज?डॉ शर्मा ने कहा, अब तक ड्राई आई का इलाज मुख्य रूप से आई ड्रॉप्स और कृत्रिम आंसुओं तक सीमित रहा है, जो केवल अस्थायी राहत देते हैं और समस्या दोबारा लौट आती है. ऐसे में ‘लैक्टोफेरिन’ एक नई उम्मीद के रूप में सामने आया है, जो लंबे समय तक स्थायी राहत दे सकता है. डिजिटल युग में बढ़ती आंखों की समस्याओं के बीच यह खोज बेहतर और टिकाऊ इलाज की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. ड्राई आई क्या होती है?ड्राई आई में आखें सूखी हो जाती हैं और उनकी नमी कम हो जाती है. ड्राई आई का इलाज क्या है?अभी तक कृत्रिम आंसू वाली आई ड्रॉप्स से ड्राई आई का इलाज होता है. लैक्टोफेरिन कैसी दवा है?आरपी सेंटर द्वारा बनाई जार ही लैक्टोफेरिन एक गोली या टैबलेट होगी जो मरीज को खानी होगी. इसे ड्राई आई सिंड्रोम की स्थाई दवा बताया जा रहा है. क्या यह मां के दूध से बनी है?यह दवा मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन लैक्‍टोफेर‍िन से बनी है. बाजार में कब तक आएगी जल्‍दी ही इसके बाजार में आने की संभावना है.

जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड ब्रेक कर रही है। इस बीच कॉमेडियन जाकिर खान ने फिल्म की सफलता को लेकर बॉलीवुड पर चुटकी ली है। जाकिर खान ने एक अवॉर्ड शो के दौरान कहा कि इंडस्ट्री के लोग आदित्य धर की इस फिल्म से अंदर ही अंदर जल रहे हैं। जाकिर ने कहा, “कितने ही बधाई पोस्ट आप डाल दें, कितनी ही स्टोरी शेयर कर दें या इंटरव्यू में इसे अपनी पसंदीदा फिल्म बता दें, मगर सच तो ये है कि धुरंधर से सबकी जली तो है।” ल्यारी वाले सीन पर ली चुटकी जाकिर ने फिल्म के एक्शन सीन्स का जिक्र करते हुए बांद्रा और जुहू (जहां बॉलीवुड स्टार्स रहते हैं) पर निशाना साधा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “बम फिल्म में ल्यारी (कराची) में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा है।” उनका इशारा उन सेलेब्स की तरफ था जो फिल्म की ब्लॉकबस्टर ओपनिंग के समय चुप थे, लेकिन अब रिकॉर्ड टूटने पर इसकी तारीफ कर रहे हैं। साउथ के सितारों ने पहले की थी तारीफ ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की रिलीज के बाद सबसे पहले महेश बाबू, अल्लू अर्जुन और एसएस राजामौली जैसे साउथ के दिग्गजों ने इसकी सराहना की थी। इसके काफी समय बाद बॉलीवुड से आलिया भट्ट, करण जौहर और विक्की कौशल ने फिल्म के कलाकारों के काम की तारीफ की। मधुर भंडारकर जैसे कई लोगों का मानना है कि फिल्म को बॉलीवुड से उतना सपोर्ट नहीं मिल जितना मिलन चाहिए था। जाकिर ने बताई ब्रेक लेने की असली वजह इसी बीच, जाकिर खान ने अपने लाइव टूर से ब्रेक लेने की खबरों पर भी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर उनकी सेहत को लेकर चल रही खबरें गलत हैं। जाकिर ने कहा, “ब्रेक की असली कहानी ये है कि मेरे पास बहुत सारा लिखने का काम पेंडिंग था, जिसे मैं पिछले छह साल से नहीं कर पाया था। मेरी सेहत बहुत खराब नहीं है। जो कुछ भी आप पढ़ रहे हैं वो अनावश्यक बकवास है।”

बंगाल चुनाव 2026: ‘बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं’, कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

बंगाल चुनाव 2026: 'बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं', कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘भाजपा का एजेंट’ कहे जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी खुद बीजेपी के सबसे बड़े सहयोगी हैं. उनके रहते हुए बीजेपी को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती. पश्चिम बंगाल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में हैं, मैं भाजपा के करीब नहीं जा सकता। असल में ममता बनर्जी ही वही हैं जो भाजपा बंगाल लेकर आई थीं। इतना ही नहीं, वह एक समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जब तक ममता बनर्जी हैं, भाजपा को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती।” उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से ममता बनर्जी खुद ही उनके सबसे बड़े सहयोगी हैं। दोनों सामूहिक चुनावी कलाकार हैं। दोनों के बीच कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ और कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ बनी रहती हैं।” कांग्रेस नेताओं ने पिछले दिनों रैलियों के दौरान हुए हमलों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया, “चुनाव प्रचार के दौरान, पुराने कांग्रेस के कुछ लोगों ने मुझे अपमानित करने की कोशिश की। वहां मौजूद स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि इस तरह की घटना की आशंका के बारे में उन्हें पहले ही सूचित कर दिया गया था। हम लोगों ने खुद का मुकाबला किया और हमारी रैली को आगे बढ़ाया।” पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावेदार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “ये कार्यकर्ता नहीं बता रहे हैं. हम लोग लड़ रहे हैं, ये बड़ी बात है. हमें चुनाव से पहले तय करना है कि जो भी फैसला आएगा, वह अच्छा होगा.” इसी बीच अधीर रंजन चौधरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टूडियो के ‘कोलकाता पर हमलों’ वाली टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “वह सिर्फ बयान ही दे सकते हैं। वह खुद भूख मार रहे हैं। जो अपने लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं दे सकते, वह कहां किसे मार जेल। पाकिस्तान को पहले अपने लोगों के पेट की पुष्टि का इंतजार करना चाहिए।” डीसीएच/

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

चंडीगढ़ और जालंधर के स्कूलों व सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी आज ईमेल से जरिए आई। इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और सभी जगह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। साथ ही एहतियातन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। ईमेल में पंजाब के CM भगवंत मान, DGP गौरव यादव, हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अरविंद केजरीवाल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा मोहाली कोर्ट, फिरोजपुर में कोर्ट कांप्लेक्स और अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्टेच्यू को भी खत्म करने की धमकी है। मोहाली कोर्ट को खाली करवा दिया गया है और दोपहर 3 बजे तक एंट्री बैन कर दी है। हालांकि, ईमेल के जरिए आए दिन मिल रही धमकियों को स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। आज जालंधर के स्कूलों में छुट्टी नहीं की गई। बच्चे और स्टाफ स्कूलों में रुका है और पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और साइबर सेल भी जांच में शामिल है। वहीं, CM मान ने कहा है कि हम गंभीर हैं। इनकी जांच चल रही है। जालंधर में धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट, जन-गण-मन बंद करो। बम और ग्रेनेड से हमला होगा, स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में बम फटेगा। ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। बम या ग्रेनेड हमले में सीएम भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को भी ठोकेंगे। अमृतसर में डॉ. अंबेडकर के स्टेच्यू को 14 अप्रैल को बम धमाके से खत्म करेंगे। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। धमकी वाली ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में मिली ईमेल में भी यही बातें चंडीगढ़ में आई ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट करो और जन-गण-मन बंद करो। स्कूलों में 1:11 बजे बम धमका होगा। मेयर ऑफिस में 2:11 बजे धमाका और सेक्रेटेरिएट में दोपहर 3:11 बजे धमाका होगा। अपने बच्चे बचाओ। आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं, हिंदुस्तान मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। चंडीगढ में भगवंत मान, डीजीपी यादव और सीएम सैनी की रिहायश को निशाना बनाएंगे। चंडीगढ़ वालो, यहां बम धमाके – ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे, जब तक मान, यादव, सैनी नहीं मरते। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी गांधी भवन में आज रात 9:11 बजे ग्रेनेड हमला होगा। चंडीगढ़ में भेजी गई ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में 4 स्कूलों को मिली धमकी चंडीगढ़ में सेक्टर-41, सेक्टर-32, सेक्टर-47 और सेक्टर-45 स्थित स्कूलों को यह धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद पुलिस टीमों ने स्कूल परिसरों को खाली करवाकर जांच शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई हैं। स्कूलों और आसपास के इलाकों की तलाशी पुलिस की ओर से स्कूलों के अंदर और आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हर संदिग्ध वस्तु पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां बता दें कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई प्राइवेट और सरकारी स्कूलों, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, हाईकोर्ट और पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस कर रही ईमेल की जांच फिलहाल पुलिस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साइबर सेल की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। चंडीगढ़ थाना सेक्टर-34 के SHO सतिंदर ने कहा कि चेंकिंग करवा ली है। किसी तरह की कोई चीज नहीं मिली है। उनमें लोगों को किसी तरह की पैनिक लेने की जरूरत नहीं है। हमने मेल का प्रिंट ले लिया है। साथ ही कहा गया किसी तरह डरने की जरूरत नहीं है। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…