NTA Meets Panel, Suggests Learning From China-US Exam Systems

Hindi News National NEET Exam: NTA Meets Panel, Suggests Learning From China US Exam Systems नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने गाओकाओ से जुड़ा एक वीडियो X पर शेयर किया है। NEET UG पेपर लीक मामले के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को संसदीय समिति से मुलाकात की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल काउंसिल अध्यक्ष अभिजात शेठ शामिल हुए। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि हमें अमेरिका और चीन जैसे देशों से सीखना चाहिए। वहां बिना किसी शिकायत के परीक्षाएं होती हैं। विदेशों में अपनाए जाने वाले अच्छे तरीकों से सीखें और ऐसे सिस्टम अपनाएं ताकि देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता हो। इधर, भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने गाओकाओ को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। साथ ही लिखा- यह भारत के JEE-NEET का संयुक्त रूप है। 2 दिन में 1.3 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया। इनके लिए कारखानों ने काम रोका। सड़कें सूनी रहीं। पूरा देश छात्रों के लिए एकजुट हो गया। भारत में NEET में आमतौर पर 20 लाख से ज्यादा और JEE में करीब 15 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। 2026 में हुआ 3 मई को हुआ अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन एग्जाम पेपर लीक के आरोपों के कारण 12 मई को रद्द कर दिया गया था। 21 जून को इसे दोबारा करवाया जा रहा है। चीनी प्रवक्ता का X पोस्ट… तीसरी संसदीय समिति के सामने पेश हुए NTA-NMC के अधिकारी NEET-UG पेपर विवाद के बाद यह तीसरी संसदीय समिति थी जिसके सामने दोनों मंत्रालयों, NTA और NMC के अधिकारी पेश हुए थे। इससे पहले वे शिक्षा और सरकारी आश्वासनों से जुड़ी संसदीय समितियों के सामने पेश हो चुके थे। इन समितियों को बताया गया था कि अभी उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा पेन-पेपर फॉर्मेट में कराने पर है। इधर, संसदीय समिति ने हालिया विवाद के बाद एनटीए का मनोबल बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने छात्रों का तनाव कम करने और एनटीए-एनएमसी के बीच तालमेल पर जोर दिया ताकि सीटें खाली न रहें। सदस्यों ने छात्रों के बीच आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से उन छात्रों के परिवारों की मदद करने को भी कहा जिन्होंने आत्महत्या की थी। साल में 2-3 बार करवाया जाए एग्जाम भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG फिलहाल साल में एक बार एक ही सेशन में होती है। संसदीमय समिति के सदस्यों ने साल में 2-3 बार NEET-UG करवाने का सुझाव भी दिया ताकि छात्रों को परीक्षा पास करने के कई मौके मिलें। वे ऐसी वजहों से परेशान न हों जो उनके नियंत्रण से बाहर हों। साल में कई बार NEET आयोजित करने की मांग भी बार-बार उठाई जाती रही है। जुलाई 2018 में, तत्कालीन केंद्रीय HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि NTA साल में दो बार JEE Main और NEET-UG आयोजित करेगा। हालाँकि, इसे कभी लागू नहीं किया गया। हालांकि, 2023 में नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा था कि साल में दो बार NEET-UG आयोजित करना व्यावहारिक नहीं होगा क्योंकि सभी MBBS सीटें एक ही काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए भरी जाती हैं। NEET पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तार, 21 जून को परीक्षा NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक करवाने वाले 5 आरोपियों के घर पहुंचा भास्कर: कोई बेटे को टॉपर बनाना चाहता था था, कोई 2BHK फ्लैट में रह रहा 3 मई को NEET एग्जाम हुआ। अगले दिन पेपर लीक की बात सामने आने लगी। हालांकि, एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA दावा कर रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं। 8 मई को जांच CBI को सौंपी गई।12 मई को एग्जाम रद्द कर दिया गया। इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार किए गए। 9 महाराष्ट्र के हैं। दैनिक भास्कर की टीम इनमें से 5 प्रमुख किरदारों के घर और संस्थानों तक पहुंची। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
NTA Meets Panel, Suggests Learning From China-US Exam Systems

Hindi News National NEET Exam: NTA Meets Panel, Suggests Learning From China US Exam Systems नई दिल्ली26 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने गाओकाओ से जुड़ा एक वीडियो X पर शेयर किया है। NEET UG पेपर लीक मामले के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को संसदीय समिति से मुलाकात की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल काउंसिल अध्यक्ष अभिजात शेठ शामिल हुए। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि हमें अमेरिका और चीन जैसे देशों से सीखना चाहिए। वहां बिना किसी शिकायत के परीक्षाएं होती हैं। विदेशों में अपनाए जाने वाले अच्छे तरीकों से सीखें और ऐसे सिस्टम अपनाएं ताकि देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और पुख्ता हो। इधर, भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने गाओकाओ को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। साथ ही लिखा- यह भारत के JEE-NEET का संयुक्त रूप है। 2 दिन में 1.3 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया। इनके लिए कारखानों ने काम रोका। सड़कें सूनी रहीं। पूरा देश छात्रों के लिए एकजुट हो गया। भारत में NEET में आमतौर पर 20 लाख से ज्यादा और JEE में करीब 15 लाख उम्मीदवार बैठते हैं। 2026 में हुआ 3 मई को हुआ अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन एग्जाम पेपर लीक के आरोपों के कारण 12 मई को रद्द कर दिया गया था। 21 जून को इसे दोबारा करवाया जा रहा है। चीनी प्रवक्ता का X पोस्ट… तीसरी संसदीय समिति के सामने पेश हुए NTA-NMC के अधिकारी NEET-UG पेपर विवाद के बाद यह तीसरी संसदीय समिति थी जिसके सामने दोनों मंत्रालयों, NTA और NMC के अधिकारी पेश हुए थे। इससे पहले वे शिक्षा और सरकारी आश्वासनों से जुड़ी संसदीय समितियों के सामने पेश हो चुके थे। इन समितियों को बताया गया था कि अभी उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली NEET की दोबारा परीक्षा पेन-पेपर फॉर्मेट में कराने पर है। इधर, संसदीय समिति ने हालिया विवाद के बाद एनटीए का मनोबल बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने छात्रों का तनाव कम करने और एनटीए-एनएमसी के बीच तालमेल पर जोर दिया ताकि सीटें खाली न रहें। सदस्यों ने छात्रों के बीच आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से उन छात्रों के परिवारों की मदद करने को भी कहा जिन्होंने आत्महत्या की थी। साल में 2-3 बार करवाया जाए एग्जाम भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG फिलहाल साल में एक बार एक ही सेशन में होती है। संसदीमय समिति के सदस्यों ने साल में 2-3 बार NEET-UG करवाने का सुझाव भी दिया ताकि छात्रों को परीक्षा पास करने के कई मौके मिलें। वे ऐसी वजहों से परेशान न हों जो उनके नियंत्रण से बाहर हों। साल में कई बार NEET आयोजित करने की मांग भी बार-बार उठाई जाती रही है। जुलाई 2018 में, तत्कालीन केंद्रीय HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि NTA साल में दो बार JEE Main और NEET-UG आयोजित करेगा। हालाँकि, इसे कभी लागू नहीं किया गया। हालांकि, 2023 में नेशनल मेडिकल कमीशन ने कहा था कि साल में दो बार NEET-UG आयोजित करना व्यावहारिक नहीं होगा क्योंकि सभी MBBS सीटें एक ही काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए भरी जाती हैं। NEET पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तार, 21 जून को परीक्षा NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक करवाने वाले 5 आरोपियों के घर पहुंचा भास्कर: कोई बेटे को टॉपर बनाना चाहता था था, कोई 2BHK फ्लैट में रह रहा 3 मई को NEET एग्जाम हुआ। अगले दिन पेपर लीक की बात सामने आने लगी। हालांकि, एग्जाम कराने वाली एजेंसी NTA दावा कर रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं। 8 मई को जांच CBI को सौंपी गई।12 मई को एग्जाम रद्द कर दिया गया। इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार किए गए। 9 महाराष्ट्र के हैं। दैनिक भास्कर की टीम इनमें से 5 प्रमुख किरदारों के घर और संस्थानों तक पहुंची। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
'बच्चे के डायपर से ज्यादा पेपर लीक हो जाता है':NEET पेपर लीक पर बोले खान सर, सोशल मीडिया पर फनी मीम्स की बाढ़

NTA ने 3 मई को हए NEET UG 2026 का एग्जाम को रद्द कर दिया। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह के मुताबिक, 7-10 दिन में रि-एग्जाम के लिए शेड्यूल जारी किया जाएगा। किसी भी कैंडिडेट को इसके लिए वापस से रजिस्टर या एग्जाम फीस नहीं देना होगा। दोबारा से सभी के लिए एडमिट कार्ड जारी होंगा। कैंडिडेट्स को पिछले सेंटर ही एलॉट होंगे। NTA के इस फैसले पर कई टीचर्स और पॉलिटिशियंस के रिएक्शंस सामने आए हैं। खान सर बोले- NTA मतलब ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’ मशहूर एजुकेटर और यूट्यूबर खान सर ने कहा, ‘2024 में भी ऐसी घटना हुई, CBI जांच हुआ पर कोई नतीजा नहीं निकला। उनका मनोबल बढ़ गया और ये फिर हुआ। सबसे हास्यास्पद है कि पेपर लीक की जानकारी खुद बच्चों ने सरकार को दी, जबकि सरकारी एजेंसियों को पहले पता चलना चाहिए था।’ उन्होंने कहा, ‘समझ नहीं आता NTA को ये जिम्मेदारी पेपर कराने की दी गई है या पेपर लीक कराने के लिए। NTA का नाम होना चाहिए ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’।’ ‘CBI इज लाइक अ नोकिया मोबाइल’ खान सर ने आगे कहा कि अगर CBI को जांच की जिम्मेदारी दी है, तो बच्चों का MBBS कंप्लीट होने तक इनकी जांच ही चलती रहेगी। CBI इज लाइक अ नोकिया मोबाइल। 1946 में अंग्रेजों ने मुद्दों को दबाने के लिए CBI बनाया था। सरकार भी वही कर रही। प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को भी इसमें इन्वॉल्व होना चाहिए और गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए। इससे राष्ट्रीय छवि खराब होती है। बच्चों का मनोबल भी टूटता है। NTA वाले करोड़पति हैं, लेकिन बच्चे कर्ज लेकर एग्जाम देने पहुंचते हैं। ऐसे में फीस नहीं लेंगे कह देना आसान है। अलख पांडे बोले- ‘कोचिंग वाला शामिल हो तो फांसी पर चढ़ाएं’ NEET 2026 के कैंसिलेशन पर एजुकेटर और ‘फिजिक्स वाला’ के को-फाउंडर अलख पांडे बोले, ‘इससे अच्छा तो स्कूल का एग्जाम होता है। मैंने नहीं सुना स्कूल का कोई एग्जाम इतनी आसानी से लीक होते।’ ‘एग्जाम से 2-3 दिन पहले NTA ने स्टेटमेंट जारी कर कहा था कि ये कोई स्कूल का एग्जाम नहीं है। ये नेशनल लेवल का एग्जाम है। आप चैन से सो जाओ। हम इसे संभाल लेंगे। फूल-प्रूफ सिस्टम है।’ ‘ऐसा बार-बार होने से बच्चों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठता है। अगर पहले से पेपर लीक का अंदेशा हो गया था तो पेपर क्यों नहीं बदला गया?’ ‘ढीले कपड़े पहनो, पजामा पहनो, जूता-घड़ी नहीं पहनो। जैकेट नहीं पहनो, जेब नहीं होनी चाहिए, प्लास्टिक की बोतल होनी चाहिए। सारी चेकिंग, सारी पोलिसिंग बच्चों पर कर रहे थे, और इनके सिस्टम के अंदर बैठकर जो पेपर लीक कर रहा था, वो इनको पता नहीं चल रहा था।’ ‘ये नेशनल लेवल पर बहुत बड़ा लीक है और इसमें सिस्टम के लोग इसमें शामिल हैं। जिन अमीरों ने पेपर खरीदा, उन अमीरों को सजा मिले। ये कौन अमीर लोग थे जो अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदकर लाए थे, गरीब बच्चों के साथ अन्याय कर रहे थे। कोई कोचिंग वाला शामिल है तो उसे फांसी पर चढ़ाएं।’ सचिन पायलट बोले- ‘जांच के नाम पर मामले को टालना चाहते हैं’ कांग्रेस लीडर और राजस्थान के फॉर्मर डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा, ‘केंद्र सरकार ने CBI के नाम पर एक बार फिर खुद को बचाने की कोशिश की है। जांच के नाम पर मामले को टालना चाहते हैं। दो साल पहले भी जांच बिठाई थी, उसकी रिपोर्ट कहां है? किसको सजा हुई? जांच के नाम पर पल्ला झाड़ दें, ये नाकाफी है।’ उन्होंने कहा कि लगभग 9-10 दिन बाद परीक्षा को रद्द किया। सोशल मीडिया पर पूरा खुलासा होने के बाद मजबूरन सरकार को परीक्षा को रद्द करना पड़ा है। उन्होंने सवाल किया, ‘कब तक जांच बिठाकर बात को दरी के नीचे डालते रहेंगे?’ ‘CBI को जांच सौंपी है। CBI को फुरसत कहां है? CBI को तो विपक्षी नेताओं की जांच करना है, उनके यहां छापे डालने हैं, उनका मुंह बंद करना है।’ सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने इसको अपने हाल पर छोड़ रखा है वरना इतने व्यापक स्तर पर पेपर लीक नहीं हो सकता। उन्होंने आगे कहा, ‘NTA बनाई गई थी ताकि पेपर लीक को बंद कर सकें। एक एयर टाइट मेकेनिज्म हो ताकि व्यवस्था को नियंत्रित कर सकें। अब वो एजेंसी कोलैप्स कर गई है, इसके लिए जिम्मेदार कौन है?’ इसमें एक ज्युडिशियल प्रोब हो जो सरकार के दायरे के बाहर हो। साथ ही टाइम बाउंड हो। राहुल गांधी बोले- ‘पीएम का अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बना’ कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्रों को इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। उन्होंने कहा, ‘अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर मेहनत से नहीं, पैसे और पहुंच से तय होगी, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?’ ‘जेन-Z , ऐसे ही चलेगा या कुछ करना है?’- केजरीवाल AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘2017, 2021, 2024 में पेपर लीक हुए थे। उस समय CBI को जांच सौंप दी गई। क्या CBI ने कुछ किया? इस बार भी CBI को जांच सौंपी गई है। क्या CBI कुछ करेगी?’ उन्होंने कहा, ‘2024 में तो हद हो गई। पेपर लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। 90 दिन के अंदर चार्जशीट फाइल होनी थी, पर नहीं किया। तथाकथित मास्टरमाइंड को बेल मिल गई।’ आगे बताया, ‘आपको लगता है CBI ने इतनी इनएफिशिएंट है? तो CBI इनएफिशिएंट नहीं है, उसमें बहुत अच्छे लोग हैं। CBI उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो पेपर लीक करवा रहे हैं। CBI इसमें किसी को सजा दिलवा ही नहीं सकती।’ देश के जेन-Z से पूछना है, ऐसे ही चलेगा या कुछ करना है? अगर नेपाल-बांग्लादेश का जेन-Z सड़कों पर उतरकर अपने देश की सरकारों को बदल सकता है, तो हमारे देश का जेन-Z, पेपर लीक करने वालों को जेल नहीं भेज सकता? भेज सकता है। मुझे अपने देश के जेन-Z पर पूरा भरोसा है। ये देश आपका है। इस देश के नेताओं को इस देश में कोई इंट्रस्ट नहीं है। नेताओं के बच्चे









