Friday, 10 Jul 2026 | 11:09 PM

Trending :

लौकी सोया पराठा रेसिपी: कैसे बनाएं हाई प्रोटीन? क्लासिक लोकी-सोया का पराठा, भूल जायेंगे आलू-पनीर का स्वाद जामुन स्मूथी रेसिपी: घर में आसानी से बनी जैमी जैमीन से बनी ये पैमाइश, इनके भी बच्चे होंगे फैन फिल्म प्रोमोशन के लिए देहरादून पहुंचीं हुमा कुरैशी:बोलीं-छोटे बजट की फिल्म 'बेबी डू डाई डू', दर्शकों का प्यार ही फिल्म का प्रचार E20 Petrol Damage? Companies Must Replace Parts Free! कनखजूरा भगाने के उपाय: बारिश शुरू ही किचन-बाथरूम में आ गई कनखजूरा? 2 रुपये के देसी उपाय बिना किसी रुकावट के हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा
EXCLUSIVE

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Round Of 16 Starts; Canada Vs Morocco, France Vs Paraguay स्पोर्ट्स डेस्क7 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले आज रात से शुरु हो रहे हैं। पहले मैच में मेजबान कनाडा का मुकाबला मोरक्को से होगा। यह मैच रात 10:30 बजे से ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद किलियन एम्बापे की फ्रांस टीम की भिड़ंत पैराग्वे से होगी। एम्बापे इस टूर्नामेंट में 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे है। टीम को उनसे फिर गोल की उम्मीद होगी। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में रात 2:30 बजे से शुरु होगा। मैच 89: कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती कनाडा और मोरक्को के बीच अब तक कुल 2 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार और दोनों में मोरक्को का दबदबा रहा है। मोरक्को ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। मोरक्को पेनाल्टी शूटआउट में जीता, कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराया कनाडा ने राउंड ऑफ 32 में साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया था। बोस्निया से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। वहीं स्विट्जरलैंड से उसे 2-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में रोमांचक जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में उसने 3-2 जीत हासिल की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं ब्राजील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से अच्छे खेल की उम्मीद होगी। वहीं मोरक्को स्टार विंगर हाकिम जियेच और डिफेंडर अचराफ हकीमी के अनुभव पर भरोसा करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल। मैच 90: फ्रांस और पैराग्वे की वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पैराग्वे और फ्रांस के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से हराया था। वहीं 1998 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में ही फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस अब तक नहीं हारी, पैराग्वे ने जर्मनी को हराया फ्रांस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में टीम ने शानदार जीत हासिल की। उसने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। फुल टाइम तक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया। ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वहीं अमेरिका के खिलाफ 4-1 से हार मिली। पैराग्वे को स्टार खिलाड़ी जूलियो एनसिसो और जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी बचाने वाले गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं फ्रांस एम्बापे के आक्रामक खेल के दम पर मैच को डोमिनेट कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पैराग्वे : ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो, एवलोस। फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Round Of 16 Starts; Canada Vs Morocco, France Vs Paraguay स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले आज रात से शुरु हो रहे हैं। पहले मैच में मेजबान कनाडा का मुकाबला मोरक्को से होगा। यह मैच रात 10:30 बजे से ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद किलियन एम्बापे की फ्रांस टीम की भिड़ंत पैराग्वे से होगी। एम्बापे इस टूर्नामेंट में 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे है। टीम को उनसे फिर गोल की उम्मीद होगी। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में रात 2:30 बजे से शुरु होगा। मैच 89: कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती कनाडा और मोरक्को के बीच अब तक कुल 2 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार और दोनों में मोरक्को का दबदबा रहा है। मोरक्को ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। मोरक्को पेनाल्टी शूटआउट में जीता, कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराया कनाडा ने राउंड ऑफ 32 में साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया था। बोस्निया से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। वहीं स्विट्जरलैंड से उसे 2-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में रोमांचक जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में उसने 3-2 जीत हासिल की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं ब्राजील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से अच्छे खेल की उम्मीद होगी। वहीं मोरक्को स्टार विंगर हाकिम जियेच और डिफेंडर अचराफ हकीमी के अनुभव पर भरोसा करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल। मैच 90: फ्रांस और पैराग्वे की वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पैराग्वे और फ्रांस के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से हराया था। वहीं 1998 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में ही फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस अब तक नहीं हारी, पैराग्वे ने जर्मनी को हराया फ्रांस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में टीम ने शानदार जीत हासिल की। उसने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। फुल टाइम तक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया। ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वहीं अमेरिका के खिलाफ 4-1 से हार मिली। पैराग्वे को स्टार खिलाड़ी जूलियो एनसिसो और जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी बचाने वाले गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं फ्रांस एम्बापे के आक्रामक खेल के दम पर मैच को डोमिनेट कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पैराग्वे : ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो, एवलोस। फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Hindi News Sports Canada Beats South Africa 1 0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores In Injury Time लॉस एंजिल्स8 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। उसने सोमवार को साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया। कनाडा ने पहली बार इस टूर्नामेंट का कोई नॉकआउट मैच जीता है। अब उसका सामना 4 जुलाई को नीदरलैंड और मोरक्को के विनर से होगा। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मैच के 90 मिनट तक कोई गोल नहीं आया। यहां तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। इसके बाद एलिस्टेयर जॉनस्टन ने इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में डी के बाहर से गोल करके कनाडा को जीत दिला दी। उन्हें सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गोल सेलिब्रेट करते एलिस्टेयर जॉनस्टन। खास बात 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में मैच कोचिंग करने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने ओस्कर तबारेज का रिकॉर्ड तोड़ा। तबारेज ने 2018 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में 71 साल की उम्र में उरुग्वे को कोच किया था। 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस ने साउथ अफ्रीका को कोच किया। कनाडा के कोच जेसी ने प्लेयर्स को नेशनल हीरो बताया मैच के बाद कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श इमोशनल हो गए। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों को नेशनल हीरो बताया। उन्होंने कहा कि वे देश के भविष्य के लिए प्रेरणा बन गए हैं। अब कनाडा में फुटबॉल का भविष्य और उज्ज्वल होगा। जीत सेलिब्रेट करते कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श। डेविस की वापसी से बढ़ी टीम की ताकत स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस ने 75वें मिनट में चोट से वापसी की। उन्होंने मैदान पर उतरते ही प्रॉमिस डेविड के लिए शानदार मौका बनाया, हालांकि उसे गोल में नहीं बदला जा सका। आखिरकार यूस्टाक्वियो ने टीम को अतिरिक्त समय में जाने से बचा लिया। साउथ अफ्रीका ने किया कड़ा मुकाबला साउथ अफ्रीका ने पूरे मैच में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और गोल होने तक कनाडा को लगातार रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने पांच शानदार बचाव किए, लेकिन अंतिम क्षणों में टीम को हार से नहीं बचा सके। —————————————- फुटबॉल वर्ल्डकप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ब्राजील ने जापान को 11 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप में आज आमने-सामने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में के ‘राउंड ऑफ 32’ में आज रात 5 बार की चैंपियन ब्राजील का मुकाबला जर्मनी से होगा। दोनों टीमों के बीच हुए 14 मुकाबलों में ब्राजील 11 बार जीती है। वहीं जापान को सिर्फ 1 जीत हासिल हुई है। यह मैच आज रात 10:30 बजे से ह्युस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Hindi News Sports Canada Beats South Africa 1 0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores In Injury Time लॉस एंजिल्स25 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। उसने सोमवार को साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया। कनाडा ने पहली बार इस टूर्नामेंट का कोई नॉकआउट मैच जीता है। अब उसका सामना 4 जुलाई को नीदरलैंड और मोरक्को के विनर से होगा। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मैच के 90 मिनट तक कोई गोल नहीं आया। यहां तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। इसके बाद एलिस्टेयर जॉनस्टन ने इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में डी के बाहर से गोल करके कनाडा को जीत दिला दी। उन्हें सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गोल सेलिब्रेट करते एलिस्टेयर जॉनस्टन। खास बात 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में मैच कोचिंग करने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने ओस्कर तबारेज का रिकॉर्ड तोड़ा। तबारेज ने 2018 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में 71 साल की उम्र में उरुग्वे को कोच किया था। 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस ने साउथ अफ्रीका को कोच किया। कनाडा के कोच जेसी ने प्लेयर्स को नेशनल हीरो बताया मैच के बाद कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श इमोशनल हो गए। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों को नेशनल हीरो बताया। उन्होंने कहा कि वे देश के भविष्य के लिए प्रेरणा बन गए हैं। अब कनाडा में फुटबॉल का भविष्य और उज्ज्वल होगा। जीत सेलिब्रेट करते कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श। डेविस की वापसी से बढ़ी टीम की ताकत स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस ने 75वें मिनट में चोट से वापसी की। उन्होंने मैदान पर उतरते ही प्रॉमिस डेविड के लिए शानदार मौका बनाया, हालांकि उसे गोल में नहीं बदला जा सका। आखिरकार यूस्टाक्वियो ने टीम को अतिरिक्त समय में जाने से बचा लिया। साउथ अफ्रीका ने किया कड़ा मुकाबला साउथ अफ्रीका ने पूरे मैच में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और गोल होने तक कनाडा को लगातार रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने पांच शानदार बचाव किए, लेकिन अंतिम क्षणों में टीम को हार से नहीं बचा सके। —————————————- फुटबॉल वर्ल्डकप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ब्राजील ने जापान को 11 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप में आज आमने-सामने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में के ‘राउंड ऑफ 32’ में आज रात 5 बार की चैंपियन ब्राजील का मुकाबला जर्मनी से होगा। दोनों टीमों के बीच हुए 14 मुकाबलों में ब्राजील 11 बार जीती है। वहीं जापान को सिर्फ 1 जीत हासिल हुई है। यह मैच आज रात 10:30 बजे से ह्युस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

South Africa vs Canada; Jonathan David Eyes Goals

South Africa vs Canada; Jonathan David Eyes Goals

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: South Africa Vs Canada; Jonathan David Eyes Goals लॉस एंजिल्स5 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात से नॉकआउट मुकाबले शुरु होंगे। राउंड ऑफ 32 में 16 मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच होगा। यह मुकाबला रात 12:30 बजे से लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ग्रुप-A में 3 मैचों में 4 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रही थी। कनाडा के भी ग्रुप-B में 3 मैचों में 4 अंक थे। वह भी दूसरे स्थान के साथ नॉकआउट में पहुंची है। अब एक भी हार किसी भी टीम के लिए टूर्नामेंट का आखिरी मैच बन जाएगा। पहली बार वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका Vs कनाडा FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह पहला मुकाबला होगा। इससे पहले 2007 में इनके बीच एकमात्र इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेला गया था। इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 2-0 से जीत दर्ज की थी। साउथ अफ्रीका मुश्किल से नॉकआउट में पहुंची साउथ अफ्रीका का ग्रुप स्टेज में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। टीम को अपने पहले मैच में मैक्सिको से 2-0 से हार झेलनी पड़ी। दूसरे मुकाबले में टीम ने चेकिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। साउथ अफ्रीका को नॉकआउट में पहुंचने के लिए आखिरी मुकाबला जीतना जरुरी थी। इस मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर टीम राउंड ऑफ 32 में पहुंची। कनाडा ने पिछले मैच में बड़ी जीत दर्ज की थी कनाडा ने ग्रुप स्टेज में अपने अभियान की शुरुआत बोस्निया के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से की। दूसरे मैच में स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हरा दिया। हालांकि आखिरी मुकाबले में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर नॉकआउट में इंट्री पाई। साउथ अफ्रीका को कप्तान और गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स से सॉलिड डिफेंस की उम्मीद होगी। वहीं कनाडा के लिए फॉरवर्ड जोनाथन डेविड सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी होंगे। डेविड टूर्नामेंट में अब तक 3 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: साउथ अफ्रीका: विलियम्स, मुदाउ, ककुआना, म्वला, मोदिएबा, मोकोएना, सितोले, मोरेना, जवाने, मासेको, लेपासा। कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, मिलर, डेविस, कोने, युस्टाक्वियो, बकैनन, डेविड, मिलर, लारिन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

South Africa vs Canada; Jonathan David Eyes Goals

South Africa vs Canada; Jonathan David Eyes Goals

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: South Africa Vs Canada; Jonathan David Eyes Goals लॉस एंजिल्स2 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात से नॉकआउट मुकाबले शुरु होंगे। राउंड ऑफ 32 में 16 मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच होगा। यह मुकाबला रात 12:30 बजे से लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ग्रुप-A में 3 मैचों में 4 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रही थी। कनाडा के भी ग्रुप-B में 3 मैचों में 4 अंक थे। वह भी दूसरे स्थान के साथ नॉकआउट में पहुंची है। अब एक भी हार किसी भी टीम के लिए टूर्नामेंट का आखिरी मैच बन जाएगा। पहली बार वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका Vs कनाडा FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह पहला मुकाबला होगा। इससे पहले 2007 में इनके बीच एकमात्र इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेला गया था। इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 2-0 से जीत दर्ज की थी। साउथ अफ्रीका मुश्किल से नॉकआउट में पहुंची साउथ अफ्रीका का ग्रुप स्टेज में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। टीम को अपने पहले मैच में मैक्सिको से 2-0 से हार झेलनी पड़ी। दूसरे मुकाबले में टीम ने चेकिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। साउथ अफ्रीका को नॉकआउट में पहुंचने के लिए आखिरी मुकाबला जीतना जरुरी थी। इस मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर टीम राउंड ऑफ 32 में पहुंची। कनाडा ने पिछले मैच में बड़ी जीत दर्ज की थी कनाडा ने ग्रुप स्टेज में अपने अभियान की शुरुआत बोस्निया के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से की। दूसरे मैच में स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हरा दिया। हालांकि आखिरी मुकाबले में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर नॉकआउट में इंट्री पाई। साउथ अफ्रीका को कप्तान और गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स से सॉलिड डिफेंस की उम्मीद होगी। वहीं कनाडा के लिए फॉरवर्ड जोनाथन डेविड सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी होंगे। डेविड टूर्नामेंट में अब तक 3 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: साउथ अफ्रीका: विलियम्स, मुदाउ, ककुआना, म्वला, मोदिएबा, मोकोएना, सितोले, मोरेना, जवाने, मासेको, लेपासा। कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, मिलर, डेविस, कोने, युस्टाक्वियो, बकैनन, डेविड, मिलर, लारिन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कनाडा ने माना- एअर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट खालिस्तानियों ने किया:41 साल पहले आतंकी हमले में 329 लोगों की मौत हुई, ज्यादातर भारतीय मूल के थे

कनाडा ने माना- एअर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट खालिस्तानियों ने किया:41 साल पहले आतंकी हमले में 329 लोगों की मौत हुई, ज्यादातर भारतीय मूल के थे

कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है। 23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा, आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, “41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।” जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ। कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया। कनाडा ने यह बात कहने में 41 साल क्यों लगा दिए? भारत शुरू से कहता रहा कि इस हमले की साजिश कनाडा की जमीन से सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों ने रची थी। लेकिन कनाडा की सरकार और सरकारी संस्थाएं कई दशकों तक सार्वजनिक तौर पर ‘खालिस्तानी’ शब्द इस्तेमाल करने से बचती रहीं। इसके पीछे कई वजह रहे हैं। 1. जांच एजेंसियों की बड़ी नाकामी 2010 में कनाडा के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जॉन मेजर की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक जांच में कहा गया कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों की कई गंभीर गलतियों ने जांच को कमजोर कर दिया। सबसे बड़ी चूक यह थी कि CSIS ने बब्बर खालसा के नेता तलविंदर सिंह परमार की निगरानी तो की, लेकिन बाद में उसकी सैकड़ों घंटे की फोन रिकॉर्डिंग नष्ट कर दी। इससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए और मुकदमा कमजोर पड़ गया। 2. CSIS और RCMP के बीच तालमेल की कमी कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS और पुलिस एजेंसी RCMP के बीच जानकारी साझा करने को लेकर मतभेद थे। इसका असर जांच पर पड़ा। 3. हमले को भारत का मामला समझा गया जांच आयोग ने कहा कि चूंकि विमान एयर इंडिया का था, इसलिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे मुख्य रूप से भारत से जुड़ा मामला माना गया। जबकि मारे गए अधिकांश लोग कनाडा के नागरिक थे। इससे इस हमले को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में उतनी गंभीरता नहीं मिली। 4. अदालत में केस कमजोर पड़ गया मुख्य गवाहों को धमकियां मिलीं, कुछ की हत्या भी कर दी गई। सबूत कमजोर होने के कारण 2005 में मुख्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। 5. सरकार ने माफी तो मांगी, लेकिन नाम लेने से बचती रही 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी और माना कि सरकार इस मामले को संभालने में विफल रही। इसके बावजूद कई वर्षों तक कनाडा की सरकारी संस्थाएं चरमपंथी या उग्रवादी जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करती रहीं और सीधे खालिस्तानी चरमपंथी नहीं कहा।

Canada admits Khalistanis planted bomb on Air India Kanishka Flight 182

Canada admits Khalistanis planted bomb on Air India Kanishka Flight 182

ओटावा37 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है। 23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा, आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे। कनिष्क विमान का मलबा इकठ्ठा करते आयरिश नेवल अथॉरिटी के जवान। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, “41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।” जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ। कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया। एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर हुआ हमला आज भी किसी यात्री विमान पर हुआ दुनिया का सबसे घातक बम धमाका माना जाता है। हालांकि 2001 के 9/11 हमलों के बाद यह घटना वैश्विक स्तर पर कुछ हद तक चर्चा से बाहर हो गई, लेकिन कनाडा, भारत और आयरलैंड में इसे आज भी नहीं भुलाया गया है। इस तस्वीर में आयरलैंड में एयर इंडिया बॉम्बिंग के बाद शवों को निकालते हुए रेस्क्यू वर्कर्स को देखा जा सकता है। कनाडा ने यह बात कहने में 41 साल क्यों लगा दिए? भारत शुरू से कहता रहा कि इस हमले की साजिश कनाडा की जमीन से सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों ने रची थी। लेकिन कनाडा की सरकार और सरकारी संस्थाएं कई दशकों तक सार्वजनिक तौर पर ‘खालिस्तानी’ शब्द इस्तेमाल करने से बचती रहीं। इसके पीछे कई वजह रहे हैं। 1. जांच एजेंसियों की बड़ी नाकामी 2010 में कनाडा के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जॉन मेजर की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक जांच में कहा गया कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों की कई गंभीर गलतियों ने जांच को कमजोर कर दिया। सबसे बड़ी चूक यह थी कि CSIS ने बब्बर खालसा के नेता तलविंदर सिंह परमार की निगरानी तो की, लेकिन बाद में उसकी सैकड़ों घंटे की फोन रिकॉर्डिंग नष्ट कर दी। इससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए और मुकदमा कमजोर पड़ गया। 2. CSIS और RCMP के बीच तालमेल की कमी कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS और पुलिस एजेंसी RCMP के बीच जानकारी साझा करने को लेकर मतभेद थे। इसका असर जांच पर पड़ा। 3. हमले को भारत का मामला समझा गया जांच आयोग ने कहा कि चूंकि विमान एयर इंडिया का था, इसलिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे मुख्य रूप से भारत से जुड़ा मामला माना गया। जबकि मारे गए अधिकांश लोग कनाडा के नागरिक थे। इससे इस हमले को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में उतनी गंभीरता नहीं मिली। 4. अदालत में केस कमजोर पड़ गया मुख्य गवाहों को धमकियां मिलीं, कुछ की हत्या भी कर दी गई। सबूत कमजोर होने के कारण 2005 में मुख्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। 5. सरकार ने माफी तो मांगी, लेकिन नाम लेने से बचती रही 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी और माना कि सरकार इस मामले को संभालने में विफल रही। इसके बावजूद कई वर्षों तक कनाडा की सरकारी संस्थाएं चरमपंथी या उग्रवादी जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करती रहीं और सीधे खालिस्तानी चरमपंथी नहीं कहा। धमाके से करीब 2 हफ्ते पहले एअर इंडिया के कनिष्क विमान की तस्वीर अब हालात कैसे बदले हाल के कुछ साल में भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कनाडा अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक गतिविधियों के नाम पर खालिस्तान समर्थक नेटवर्क को खुलकर काम करने देता है। इसी बीच CSIS ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार कनाडा बेस्ट खालिस्तानी एक्सट्रीमिस्ट (CBKE) को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे कुछ नेटवर्क कनाडा की संस्थाओं का इस्तेमाल कर धन जुटाते हैं और उसे हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ते हैं। यह भी कहा गया कि इनकी हिंसक गतिविधियां कनाडा और उसके हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बनी हुई हैं। ———————————– कनिष्क प्लेन क्रैश से जुड़े मामले को यहां विस्तार से पढ़ें… जब खालिस्तानियों ने हवा में उड़ा दिया भारतीय विमान:329 लोग सवार थे, कोई नहीं बचा 23 जून 1985 की सुबह एअर इंडिया की फ्लाइट नंबर ‘182′ कनाडा से लंदन होते हुए भारत आ रही थी। इसमें 307 पैंसेजर्स और 22 क्रू मेंबर सवार थे। यह बोइंग 747 विमान था, जिसे एयर इंडिया ने कनिष्क नाम दिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर

Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Hindi News Sports Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match Vs Qatar; 2 Red Cards स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘हैट्रिक… आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।’ ये सब कनाडा और कतर मैच में देखने को मिला, जिसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। टीम ने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को हल्के टच से कंट्रोल किया, फिर जोरदार किक लगाकर बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। वे सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। हैट्रिक सेलिब्रेट करते जोनाथन डेविड। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास वे फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बने हैं। डेविड ने मौजूदा वर्ल्ड कप में दूसरी हैट्रिक लगाई है। पहली लियोनेल मेसी ने लगाई थी। होम ग्राउंड पर वर्ल्डकप हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट (1966) पहले हैं। साइल लारिन के गोल से कनाडा को बढ़त कनाडा को 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोलकर स्कोर 3-0 कर दिया। साइल लारिन के गोल ने कनाडा को मैच में बढ़त दिलाई। कतर के 2 प्लेयर्स को रेड कार्ड 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर फाउल के लिए कतर के होमन अहमद को रेड कार्ड मिला। 51वें मिनट में इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल के बाद अस्सिम मादीबो को रेड कार्ड दिखाया गया। मादीबो के खतरनाक टैकल के बाद इस्माइल कोन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस्माइल कोन को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। सालिबा ने इस्माइल कोन की जर्सी दिखाकर अपना गोल उन्हें समर्पित किया। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- ‘हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।’ ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।’ मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Hindi News Sports Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match Vs Qatar; 2 Red Cards स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘हैट्रिक… आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।’ ये सब कनाडा और कतर के मैच में देखने को मिला। इसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में पहली जीत हासिल की। टीम ने अपने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को कंट्रोल किया, फिर सटीक किक से बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया और वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। जोनाथन डेविड सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बने हैं। मौजूदा वर्ल्ड कप में दूसरी हैट्रिक लगाई है। पहली लियोनेल मेसी ने लगाई थी। होम ग्राउंड पर वर्ल्ड कप हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट ने 1966 फाइनल में हैट्रिक जमाई थी। कनाडा को साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली कनाडा ने 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त हासिल की। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। साइल लारिन के गोल ने कनाडा को मैच में बढ़त दिलाई। कतर को 2 रेड कार्ड 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर फाउल के लिए कतर के होमन अहमद को रेड कार्ड मिला। 51वें मिनट में इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल के बाद अस्सिम मादीबो को रेड कार्ड दिखाया गया। मादीबो के खतरनाक टैकल के बाद इस्माइल कोन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस्माइल कोन को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। इस जीत के साथ कनाडा नॉकआउट दौर के बेहद करीब पहुंच गया है, जबकि कतर की आगे की राह मुश्किल हो गई है। सालिबा ने इस्माइल कोन की जर्सी दिखाकर अपना गोल उन्हें समर्पित किया। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- ‘हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।’ ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।’ मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…