Canada to Join EU as First Associate Member

9 मिनट पहले कॉपी लिंक स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच कनाडा अब यूरोप के करीब जाने की तैयारी में है। यूरोपीय संघ (EU) कनाडा को अपना पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने पर काम कर रहा है। एसोसिएट मेंबर के तौर पर कनाडा यूरोपीय संघ के 27 देशों में शामिल नहीं होगा और उसे वोटिंग का अधिकार भी नहीं मिलेगा, लेकिन रक्षा, AI, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, जरूरी खनिज और व्यापार जैसे मामलों में यूरोपीय संघ के साथ उसका सहयोग बढ़ेगा। इसके साथ ही कनाडा ब्रिटेन और यूक्रेन जैसे EU से बाहर के देशों के साथ यूरोप की सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक नई सिक्योरिटी काउंसिल में भी शामिल हो सकता है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ के साथ जुड़ने की इच्छा जताई थी EU कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कहा कि यूरोपीय संघ कनाडा के लिए अपने दरवाजे खोलना चाहता है। इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी मौजूद थे। कार्नी ने पिछले हफ्ते EU के साथ एक ‘अनोखा गठबंधन’ बनाने की इच्छा जताई थी। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि कनाडा और यूरोप दुनिया को एक जैसी नजर से देखते हैं और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। कनाडा के लिए यूरोपीय संघ को नई व्यवस्था बनानी पड़ेगी यूरोपीय संघ की मौजूदा संधियों में ‘एसोसिएट मेंबर’ बनने का कोई प्रावधान नहीं है। यानी कनाडा को इस तरह का दर्जा देने के लिए नई व्यवस्था बनानी पड़ सकती है। ऐसा प्रस्ताव इस साल जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने यूक्रेन के लिए दिया था। हालांकि यूक्रेन ने इस विचार को ज्यादा समर्थन नहीं दिया, क्योंकि वह यूरोपीय संघ की पूर्ण सदस्यता चाहता है। उस प्रस्ताव के तहत यूक्रेन को यूरोपीय संघ की बैठकों में शामिल होने और यूरोपीय आयोग में अपना प्रतिनिधि भेजने की अनुमति मिल सकती थी। उसे यूरोपीय संघ के बजट के कुछ हिस्से का लाभ भी मिलता, लेकिन पूर्ण सदस्य देशों की तरह वोटिंग अधिकार नहीं होते। यूरोपीय संघ और कनाडा के बीच व्यापार बढ़ा अमेरिकी टैरिफ और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यूरोपीय संघ और कनाडा पहले से ही कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। दोनों के बीच CETA नाम का मुक्त व्यापार समझौता है। इसके तहत दोनों पक्षों के बीच लगभग सभी आयात शुल्क हटा दिए गए हैं। 2016 के बाद से यूरोपीय संघ और कनाडा के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार 80% से ज्यादा बढ़ा है। इस साल कनाडा EU के एक प्रमुख रक्षा ऋण कार्यक्रम में शामिल होने वाला पहला गैर-EU देश भी बना। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ताकत सिर्फ सबसे शक्तिशाली, अमीर या सबसे ज्यादा आवाज उठाने वाले देशों के पास नहीं होनी चाहिए। लोकतांत्रिक देशों को यह आजादी होनी चाहिए कि वे तय कर सकें कि उन्हें किसके साथ काम करना है। उन्होंने कहा, “इसलिए हम स्वेच्छा से एक साथ आ रहे हैं।” ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका का कनाडा के डेयरी प्रोडक्ट और शराब पर बैन: मोटरसाइकिलों पर भी रोक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले डेयरी प्रोडक्ट, शराब और मोटरसाइकिलों पर रोक लगाने का फैसला किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Canada Mark Carney Statement | US Trade Talks Fail Tariff Decision

11 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को कहा कि कनाडा 8 सितंबर से अमेरिकी सामान पर जवाबी टैरिफ लगाएगा। यह फैसला अमेरिका की ओर से कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद लिया गया है। दोनों देशों के बीच आखिरी दौर की बातचीत भी शुक्रवार को बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। कनाडा का जवाबी टैरिफ स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प एंड पेपर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अमेरिकी सामान पर लगेगा। किन-किन उत्पादों पर कितना टैरिफ लगेगा, इसकी पूरी जानकारी आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। दोनों देशों के बीच 3 दिन चली बातचीत बेनतीजा रही अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। अमेरिका बोला- अच्छा ऑफर दिया था, उन्होंने मौका गंवाया दोनो देशों के बीच ट्रेड डील नहीं हो पाने के बाद अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कनाडा ने अमेरिका के साथ पार्टनशिप का बहुत अच्छा मौका गंवा दिया है। USTR के मुताबिक, उन्होंने कनाडा को किसी भी बड़े एक्सपोर्टर के मुकाबले सबसे अच्छा ऑफर दिया था। लेकिन कनाडा की नई मांगों और पहले किए गए वादों से पीछे हटने की वजह से यह डील नहीं हो पाई। USTR ने आगे कहा कि अगर यह डील होती तो इससे एयरोस्पेस में सप्लाई चेन कोऑर्डिनेशन, गलत ट्रेड प्रैक्टिस से निपटने के लिए जरूरी कदम, खनिजों पर सहयोग, और US-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) बातचीत की घोषणा जैसे नतीजे सामने आते। अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप अमेरिका लंबे समय से शिकायत करता रहा है कि कनाडा की ट्रेड पॉलिसी अमेरिकी कार कंपनियों को कनाडा के बाजार में बराबर मौका नहीं देती। अमेरिका चाहता है कि उसकी कारों और दूसरे सामान के लिए कनाडा का बाजार ज्यादा खुले। कनाडा ने बदले में अमेरिका से स्टील, एल्युमिनियम, कारों और लकड़ी पर लगाए गए टैरिफ में राहत मांगी थी। लेकिन अमेरिका इन टैरिफ को हटाने पर तैयार नहीं हुआ। 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन कनाडा अपने डेयरी बाजार को विदेशी कंपनियों और सस्ते डेयरी प्रोडक्ट्स से बचाने के लिए लंबे समय से कई नियम लागू करता रहा है। अमेरिका चाहता है कि उसके दूध, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से बेचने का मौका मिले। लेकिन कनाडा अपने डेयरी सेक्टर को लेकर ज्यादा रियायत देने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने रहे। 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के कुछ हिस्सों में अमेरिकी शराब की बिक्री को लेकर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। अमेरिका इसे अपने सामान के साथ भेदभाव के तौर पर देखता है। अमेरिका चाहता है कि उसकी शराब को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से बेचने की इजाजत मिले। इसके अलावा दोनों देशों के बीच कनाडा की सॉफ्टवुड लंबर यानी लकड़ी को लेकर भी लंबे समय से विवाद है। अमेरिका कनाडा से आने वाली लकड़ी पर कई तरह के व्यापारिक प्रतिबंध और शुल्क लगाता रहा है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Canada Edmonton Gurudwara Beadbi Incident

कनाडा स्थित गुरुद्वारा नानकसर साहिब में बेअदबी की घटना हुई है। कनाडा के एडमंटन स्थित गुरुद्वारा नानकसर साहिब में बेअदबी की घटना हुई है। 27 साल का एक व्यक्ति पेंचकस लेकर गुरुद्वारे के अंदर घुस गया। अंदर आते ही बिछाई साहब पर चढ़ गया और गुरु साहब का रूमाला उतार लिया। इससे पहले कि वह गुरु ग्रंथ साहिब को नुकसान पहुंच . प्रधान जोरा सिंह ने बताया कि 21 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे एक स्थानीय युवक अंदर आया तो उत्पाद मचाने लगा। जैसे ही वह गुरु ग्रंथ साहिब की तरफ बढ़ा तो सिंहों ने उसे रोक लिया। इस पर उसने 2 सिंहों को पेंचकस माकर घायल कर लिया। नीली टी-शर्ट पहने युवक को संगत ने पकड़ लिया। इसके बाद गुरुदारे की एक लड़की ने पुलिस को फोन कर लिया। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अरेस्ट कर लिया। वहीं, पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल भर्ती करवाया गया। एक को छुट्टी मिल गई है, जबकि दूसरे का इलाज चल रहा है। आरोपी की पहले से वांटेड था। पुलिस ने बताया कि आरोपी मेंटली डिस्टर्ब है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गुरुद्वारा प्रधान जोरा सिंह मामले की जानकारी देते हुए। जानें प्रधान जोरा सिंह ने क्या बताया… दीवान के दौरान सिरफिरा गुरुद्वारे में घुसा: प्रधान जोरा सिंह ने बताया कि सुबह के दीवान के दौरान एक सिरफिरे युवक ने हमला कर दिया। नीली टी-शर्ट पहने कनाडा मूल के युवक ने अचानक गुरुद्वारा परिसर में घुसकर मर्यादा का उल्लंघन करने का प्रयास किया और रोकने आए सेवादारों पर पेचकश से हमला बोल दिया। 2 सेवादार घायल हुए: जोरा सिंह ने बताया कि सुबह लगभग 5 बजे दरबार साहिब में आरोपी सीधे रुमाले और बिछौने की तरफ बढ़ा। गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी और एक बुजुर्ग सेवादार (75 वर्ष) ने जब उसे मर्यादा का पालन करने और अंदर जाने से रोका, तो आरोपी उग्र हो गया। उसने पेचकश से लगातार वार करना शुरू कर दिया, जिससे 2 सेवादार घायल हो गए। संगत की मुस्तैदी से हादसा टला: दरबार में मौजूद संगत और युवाओं ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया। संगत में मौजूद एक युवती ने तत्काल आपातकालीन नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस की तलाश में पहले से था आरोपी: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वह पहले से ही पुलिस की वांटेड लिस्ट में था। गुरुद्वारे में घुसने से पहले उसने किसी अन्य स्थान पर भी हमला करने की कोशिश की थी। प्रधान जोरा सिंह ने स्पष्ट किया कि गुरु ग्रंथ साहिब पूरी तरह सुरक्षित हैं। घायल हुए सेवादार भी खतरे से बाह हैं। सड़क पर भी किया हंगामा: तड़के करीब 5 बजे पुलिस को पहली कॉल मिली कि नीली टी-शर्ट में एक व्यक्ति हाथ में पेचकश लिए ट्रैफिक के बीच चल रहा है और संदिग्ध हरकतें कर रहा है। इसके तुरंत बाद आरोपी गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुआ और जहां कीर्तन चल रहा था, उस मुख्य हॉल की तरफ बढ़ने लगा। गुरुद्वारे के प्रार्थना हॉल तक आ गया था हमलावर। संगत ने उठाए सवाल- हर बार आरोपी मेंटली डिस्टर्ब क्यों? इस घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय में भारी रोष है। लोगों ने सवाल उठाया है कि चाहे भारत हो या विदेश, धार्मिक स्थलों पर होने वाले हमलों के बाद आरोपियों को मानसिक रूप से बीमार बताकर जांच की दिशा क्यों बदल दी जाती है? सिख संगत ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। फिलहाल, गुरुद्वारा साहिब को संगत के लिए दोबारा पूरी तरह से खोल दिया गया है। गुरुद्वारे में जांच के लिए पहुंची एडमंटन पुलिस। जेल से रिहाई के कुछ घंटे बाद ही हमला पुलिस की प्राथमिक जांच और CBC न्यूज के अनुसार, 27 वर्षीय आरोपी कोई आम राहगीर नहीं, बल्कि एक पुराना हिंसक अपराधी है। वह घटना से ठीक एक दिन पहले ही एक गंभीर हमले और पुलिस अधिकारी पर हमला करने के जुर्म में जेल की सजा काटकर रिहा हुआ था। रिहाई के बाद उसे तय रिहाइश हाफवे हाउस जाना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा और गायब हो गया। पुलिस ने अभी घायलों और आरोपी की पहचान नहीं बताई है। पुलिस का कहना है कि मामले के निपटारे के बाद पहचान उजागर की जाएगी। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में 2 गुरुद्वारों को गिराने की धमकी:एक ही नंबर से 2 बार धमकी भरी कॉल आई, कैलगरी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई कनाडा के कैलगरी स्थित प्रमुख सिख धार्मिक स्थल दशमेश कल्चर सेंटर को अज्ञात लोगों ने इमारत गिराने की धमकी दी है। लगातार आ रहे इन नस्ली और धमकी भरे फोन कॉल्स के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई है। पढ़ें पूरी खबर…
Karnal Youth Rajat Dies in Canada

रजत की करीब 2 साल पहले ही शादी हुई थी। कनाडा में रह रहे हरियाणा के करनाल के एक 27 वर्षीय युवक की अचानक हार्ट फेल होने से मौत हो गई। युवक अपनी गर्भवती पत्नी के साथ सैर पर निकला था। इसी दौरान उसने एक दुकान से लेकर नमकीन खाई, जिसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया ग . परिवार के मुताबिक, युवक को कनाडा की नागरिकता (PR) मिल चुकी थी। उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। दोनों की करीब दो साल पहले शादी हुई थी। दोनों अपने आने वाले बच्चे को लेकर बेहद खुश था, अचानक खुशियां गम में बदल गईं। बेटे की मौत की खबर के बाद से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब शव को भारत लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। बताया गया कि गुरुवार को कनाडा में पोस्टमॉर्टम हुआ। कपल के कई रिश्तेदार कनाडा और अमेरिका से मौके पर पहुंचे हैं। रजत नरवाल की फाइल फोटो। 9 साल पहले स्टडी वीजा पर गया कनाडा करनाल के गांव नरूखेड़ी के गुरमेल नरवाल का बेटा रजत वर्ष 2017-18 में स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। परिजन दिलबाग ने बताया कि रजत वहां पढ़ाई के साथ प्लंबरिंग का काम भी करता था। वह काफी मेहनती थी और उसे स्थाई नागरिकता (PR) मिल गई थी। फिलहाल वह कनाडा के ब्रैम्पटन, ओंटारियो में रह रहा था। रजत का भाई पम्मी भी वर्ष 2017-18 में अमेरिका गया था और वहां काम करता है। शादी के 2 माह बाद पत्नी को कनाडा ले गया रजत की शादी 4 जनवरी 2025 को पानीपत के मॉडल टाउन निवासी अक्षिता के साथ हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद ही वह पत्नी को लेकर कनाडा चला गया। अक्षिता अभी सात महीने की गर्भवती है। रजत और अक्षिता अपने होने वाले बच्चे को लेकर बेहद उत्साहित थे। अकसर परिवार के साथ होने वाले बच्चे की परवरिश को लेकर चर्चा करते थे। परिजनों के अनुसार, रजत ने मौत से एक दिन पहले ही अपनी मां सुनीता से फोन पर बात की थी। उसने परिवार को बताया था कि सब ठीक-ठाक है। शादी के 2 महीने बाद पत्नी अक्षिता भी रजत के साथ कनाडा चली गई थी। सैर पर निकले थे कपल, तबीयत खराब हुई परिजनों ने बताया कि 18 अगस्त की शाम दोनों रोजाना की तरह सैर पर निकले थे। इस दौरान नमकीन खाने का मन हुआ तो एक दुकान से नमकीन ली। रजत ने जैसे ही नमकीन खाई, अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। पत्नी घबरा गई। उसकी हालत बिगड़ती देखकर आसपास के लोग मौके पर जुटे और अस्पताल पहुंचाने में मदद की। परिजन दिलबाग के अनुसार, अस्पताल पहुंचने तक रजत का शरीर नीला पड़ चुका था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का कहना है कि मौत का कारण हार्ट फेल्योर बताया गया है। बहन ने फोन पर दी परिवार को खबर रजत की चचेरी बहन अंशुल भी कनाडा में रहती है। उसने फोन कर परिवार को घटना की जानकारी दी। अचानक उसकी मौत की खबर आने से माता-पिता गुरमेल और सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रजत का भाई पम्मी भी मौत की सूचना मिलने के बाद वह अपने साथियों के साथ अमेरिका से कनाडा पहुंचा है। परिवार ने अब रजत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माता-पिता भी जाने वाले थे कनाडा परिजनों ने बताया कि अक्षिता सात महीने की गर्भवती होने के कारण रजत के माता-पिता को भी कनाडा जाना था, ताकि वे उसकी देखभाल में साथ रह सकें। दोनों के पासपोर्ट रिन्यू होने के लिए गए हुए थे। पासपोर्ट मिलते ही उन्हें कनाडा रवाना होना था, लेकिन इससे पहले ही रजत की मौत हो गई। परिवार के लोग अब शव भारत लाने की तैयारी में जुटे हैं। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। —————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में करनाल के युवक की मौत:5 साल पहले काम करने गया था, परिजन कर रहे शव को भारत लाने का प्रयास करनाल के चोरकारसा गांव के एक युवक की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई। युवक पांच साल पहले बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका गया था और वहीं ग्रीन कार्ड होल्डर बनकर काम कर रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
कनाडा में पंजाबी युवक को नाक पर मारा मुक्का:20 मिनट फर्श पर तड़पता रहा, दस्तार उतरी; लोग इकट्ठे हुए तो भागा कनाडियन

कनाडा के एडमंटन में वॉल्मार्ट स्टोर में शॉपिंग पर आए पंजाबी युवक को कनाडियन युवक ने मुक्का जड़ दिया। इससे पंजाबी युवक फर्श पर गिर गया। वह करीब 20 मिनट तक फर्श पर गिरा रहा। झगड़े के बीच उसकी दस्तार भी उतर गई। यादविंदर सिंह नाम के युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर किया है। युवक ने बताया कि कनाडा में पंजाबियों के साथ मारपीट अब आम होने लगी है। हालांकि जिस युवक को पीटा, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। वीडियों में लोग पुलिस को फोन लगाते हुए नजर आए। लोगों ने कहा कि 1 घंटे से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन कनाडा पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना को लेकर पुलिस का कोई आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है। वीडियो में क्या दिख रहा है, विस्तार से पढ़िए… लोग बोले- कृपाण क्यों नहीं निकाली मुक्के का वीडियो सामने आने के बाद पंजाब कम्युनिटी के लोगों ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा की और कहा कि सिख व्यक्ति ने कृपाण डाल रखी है। जब कनाडियन ने हमला किया तो उसे कृपाण निकालनी चाहिए थी। वहीं कुछ यूजर्स ने युवक की सपोर्ट में लिखा कि ठीक किया नहीं निकाला नहीं तो स्थानीय लोग इसको लेकर भी इश्यू बना लेते। ट्रक ड्राइवर बताया जा रहा पंजाबी युवक पंजाबी कम्युनिटी के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर युवक को पंजाबी ट्रक ड्राइवर बताया। परविंदर नाम के युवक ने कहा कि हमारे पंजाबी ने भी गोरे को थप्पड़ मारे हैं। गोरे ने पहले नस्लीय टिप्पणी की थी। इसके बाद उसे ऐसे करने से रोका गया था, जिस पर गोरा भड़क गया और उसने अटैक कर दिया। 10 बार पुलिस को कॉल की गई परविंदर ने बताया कि घटना को लेकर कनाडा पुलिस को आधे घंटे के अंदर 10 बार कॉल की, लेकिन कोई नहीं आया। अगर यही घटना गोरे के साथ हुई होती तो 2 मिनट में पुलिस टूं-टूं करते हुए पहुंच जाती। उनसे कहा कि यहां पर केवल युवक ही नहीं महिलाएं भी हमारी दाढ़ियों को हाथ डाल रही हैं। पुलिस का बयान नहीं आया सामने उसने कहा कि जब ब्राउन कम्युनिटी कानून के लूपहोल्स सीख लेगी तो रेसिस्ट्स पर हमले हो सकते हैं। एडमंटन पुलिस सेवा की ओर से कोई प्रेस रिलीज नहीं आई। न तो घायल व्यक्ति की पहचान बताई गई, न चोट की स्थिति और न ही किसी गिरफ्तारी की जानकारी। स्टोर के कैमरे भी फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए।
Punjabi Liquor Businessman Sukhjit Randhawa Murder in Edmonton Canada

पंजाबी मूल का सुखजीत रंधावी, जिसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। कनाडा के एडमंटन में पंजाबी मूल के शराब कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में दोपहर करीब 1 बजे हुई। . 22 वर्षीय युवक स्टोर में आया और शराब की कुछ बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा। इसके बाद कारोबारी ने उसे रोकने की कोशिश की और स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। इसी दौरान युवक ने उनकी छाती पर गोली चला दी। मृतक की पहचान सुखजीत रंधावा उर्फ सनी (48) के रूप में हुई है। घटना 6 अगस्त की है, जो अब सामने आई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो कनाडाई नागरिक बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद पुलिस ने स्टोर को सील कर दिया और सीसीटीवी फुजेट जुटाकर आरोपी को अरेस्ट कर लिया। शराब की बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा युवक जानकारी के अनुसार, कनाडा के एडमंटन में 22 वर्षीय युवक 6 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में पहुंचा। उसने शराब की कुछ बोतलें उठाईं और बिना पेमेंट किए दुकान से बाहर जाने लगा। स्टोर में मौजूद 48 वर्षीय सुखजीत रंधावा उर्फ सनी ने उसे रोकने की कोशिश की। युवक ने बोतलों के पैसे नहीं दिए। इसके बाद सनी ने उसे रोकने के लिए स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही कारोबारी पर चलाई गोली दरवाजा बंद किए जाने के बाद युवक ने सनी की छाती पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एडमंटन पुलिस सर्विस (EPS) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सनी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत को हत्या करार दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया मामले की जांच के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस की जांच शाखा ने 22 वर्षीय निकलस बटलर-चोवेस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। आरोपी कनाडाई नागरिक है। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं है। दक्षिण एशियाई समुदाय और दुकानदारों में आक्रोश घटना के बाद दक्षिण एशियाई समुदाय और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश है। एडमंटन के मेयर अमरजीत सोही और स्थानीय नेताओं ने घटना को गंभीर त्रासदी बताया है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शहर में छोटे दुकानदारों की सुरक्षा चिंताजनक होती जा रही है। उनका कहना है कि कारोबारियों और कर्मचारियों को अक्सर आपराधिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायी संघ ने की सुरक्षा की मांग सुखजीत रंधावा को याद करते हुए उनके ग्राहकों और दोस्तों ने बंद दुकान के बाहर मोमबत्तियां, फूल और अगरबत्तियां रखकर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने बताया कि सुखजीत बेहद मिलनसार और दयालु इंसान थे और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहते थे। घटना के बाद स्थानीय व्यवसायी संघ ने प्रशासन से रिटेल स्टोर्स और कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। ************ ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में पंजाबी युवक को फेंटानिल पिलाकर मारा: कफ सिरप में मिलाया, किसी और को देना था; 5 साल पुराने मामले में खुलासा कनाडा के चेस्टर्मेयर में रहने वाले पंजाबी युवक की मौत मामले में अल्बर्टा पुलिस ने पांच साल लंबी जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि साहिल की मौत कफ सिरप में जानलेवा दवा फेंटानिल मिलाकर पिलाने से हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर)
Canada Gurdwara Clash | Management Committee Dispute & CCTV Footage

कनाडा के मॉन्ट्रियाल के गुरुद्वारा साहिब में झगड़े के दौरान बरछे से मेंबर पर हमले की कोशिश करते प्रधान को रोकते लोग। कनाडा के गुरुद्वारे में गोलक के हिसाब को लेकर 2 गुट आपस में भिड़ गए। जिस वक्त ये घटना हुई, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मीटिंग चल रही थी। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एक मेंबर की तरफ बरछा (भाला) ताने हुए नजर आए। मेहर सिंह गुट के लोगों ने . इस झगड़े का CCTV फुटेज सामने आया है। जिसे 2 अगस्त को ‘जट्ट वी लाइक कनाडा’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया। इसी पेज पर प्रधान का एक कथित ऑडियो भी पोस्ट किया गया, जिसमें उन पर लड़कियों को फोन करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह, जिन पर हमला करने के आरोप लगे हैं। 5 पॉइंट में जानें, CCTV में क्या दिख रहा… 1. बैठक के दौरान हिसाब पर शुरू हुई बहस: कनाडा के मॉन्ट्रियाल स्थित लसाल गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हॉल में प्रबंधन कमेटी की बैठक चल रही थी। इसी दौरान गोलक के पैसों के हिसाब-किताब और मर्यादा के उल्लंघन का मुद्दा उठा। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया। 2. सवाल सुनते ही गुस्से में उठे प्रधान: वीडियो में सफेद कुर्ता पहने प्रधान सुरजीत सिंह कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं। हाल के एक कोने में बैठे सदस्य मेहर सिंह के सवाल उठाते ही प्रधान गले से सिरोपा उतारकर टेबल पर रखते हैं और तेजी से उनकी ओर बढ़ जाते हैं। सवाल पूछते ही उठकर मेंबर मेहर सिंह की तरफ बढ़ते प्रधान सुरजीत सिंह। 3. दोनों के बीच हुई हाथापाई: मेहर सिंह भी तुरंत उठकर अपनी पगड़ी उतारकर एक तरफ रख देते हैं। इसके बाद प्रधान उन्हें थप्पड़ मारते हैं। जवाब में मेहर सिंह भी पलटवार की कोशिश करते हैं और दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है। इस दौरान दोनों एक-दूसरे का गला पकड़ लेते हैं। प्रधान ने जाते ही मेहर सिंह को थप्पड़ जड़ने की कोशिश की। 4. बीच-बचाव के दौरान बरछा उठा लिया: मौके पर मौजूद सदस्य दोनों को अलग करने की कोशिश करते हैं। इसी बीच प्रधान लोगों की पकड़ से छूटकर दरवाजे के पास रखा बरछा उठा लेते हैं और मेहर सिंह की ओर तान देते हैं। हालांकि, मौजूद लोग उन्हें रोक लेते हैं और दूसरी तरफ ले जाते हैं। इसके बाद गुस्से में आकर प्रधान ने हाल में रखा बरछा उठाकर हमले की कोशिश की। 5. मामला शांत, संगत ने कार्रवाई की मांग की: दोनों गुटों के बीच करीब 10 मिनट तक धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में अन्य सदस्यों ने मामला शांत कराया और मेहर सिंह को उनकी पगड़ी वापस पहनाई। गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी के लोगों ने बीच बचाव किया और मेहर सिंह को पगड़ी दी। प्रधान पर क्या आरोप हैं? गुरुद्वारे के प्रधान सुरजीत सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के चिट्टा गांव के रहने वाले हैं। वह पिछले करीब 10 साल से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से जुड़े हैं। आरोप है कि गोलक का हिसाब मांगने पर उन्होंने गुस्से में हमला करने की कोशिश की। गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हाल में हो रहे झगड़े को छुड़वाने अन्य मेंबर। पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं खबर लिखे जाने तक मॉन्ट्रियाल पुलिस की ओर से इस मामले में किसी शिकायत, केस दर्ज होने या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना का CCTV सोशल मीडिया पर वायरल है। घटना के बाद संगत में नाराजगी वीडियो सामने आने के बाद कनाडा में सिख संगत और भारतीय समुदाय में नाराजगी है। श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थल पर हिंसा और हथियार निकालने को गुरु घर की मर्यादा के खिलाफ बताया। संगत ने गोलक के पैसों की निष्पक्ष जांच, प्रधान को पद से हटाने और नए प्रबंधक की नियुक्ति की मांग की है। ************** ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी पुलिस गुरुद्वारे में जूते पहनकर घुसी, VIDEO:सिर भी नंगा; गोलक को लेकर हुआ था झगड़ा अमेरिका की पुलिस एक गुरुद्वारे में जूते पहनकर ही अंदर घुस गई। जिस जगह पुलिस वाले खड़े थे, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पवित्र स्वरूप भी रखा हुआ था। इसका वीडियो सामने आते ही पंजाब में सिख संगठनों में गुस्सा है। उन्होंने इसे मर्यादा के उलट बताया है। पुलिस यहां गोलक को लेकर हुए विवाद के बाद आई थी (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाबी युवक ने 280 की स्पीड में दौड़ाई कार,VIDEO:कनाडा में 81 लाख की कार्वेट गाड़ी से स्टंट, टायरों से धुआं भी निकला

कनाडा के कैलगिरी में पंजाबी युवक की रैश ड्राइविंग का एक वीडियो सामने आया है। युवक ने 280 की स्पीड में अपनी कार्वेट कार को ट्रैफिक भरे रोड पर भगाया। वीडियो में कार का स्पीडोमीटर भी दिखाया गया है। युवक ने कार के टायरों से धुआं निकालने का एक अन्य वीडियो भी शेयर किया है। कनाडा के लोगों ने इस युवक का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर कर इसे डिपोर्ट करने और कार्रवाई करने की मांग की है। कार चला रहे युवक की पहचान जस सिंह के रूप में हुई है। युवक पंजाब में कहां का रहने वाला है, इसके बारे में पता नहीं लग पाया है। युवक ने इंस्टाग्राम पर अपने अकाउंट jas_singh_25 से 2 अगस्त को वीडियो अपलोड किया। वीडियो के साथ युवक ने अपने फोटो भी शेयर किए हैं। इसमें गोल्डन टेंपल में माथा टेकते दिख रहा है। फिल्हाल युवक के खिलाफ अभी कनाडा पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। बता दें कि कनाडा में इस तरह से रैश ड्राइविंग पर लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल का भी प्रावधान है। अब पढ़िए वीडियों में क्या दिख रहा है… युवक को डिपोर्ट करने की उठी मांग सोशल मीडिया यूजर्स ने जस सिंह को कनाडा में पढ़ाई का मौका मिलने के बावजूद कानून और जनसुरक्षा का अनादर करने का आरोप लगाया। कई पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कि कोई गंभीर दुर्घटना हो, उसे देश से बाहर भेज दिया जाए। अभी तक कैलगरी पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की बढ़ रही शिकायतों पर चिंता कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के साथ कई शहरों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और खतरनाक ड्राइविंग की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। स्थानीय प्रशासन से इस वीडियो की जांच की मांग की जा रही है। रैश ड्राइविंग पर कनाडा में 2 साल जेल हो सकती है कनाडा में खतरनाक ड्राइविंग (क्रिमिनल कोड धारा 320.13) गंभीर अपराध है। चोट और मौत न होने पर अधिकतम 10 साल की जेल या 2 साल से कम या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चोट लगने पर अधिकतम 14 साल जेल, मौत होने पर आजीवन कारावास तक सजा संभव है। पहले अपराध पर न्यूनतम 1000 डॉलर जुर्माना, दोहराए जाने पर जेल की अवधि बढ़ती है। लाइसेंस रद्द, आपराधिक रिकॉर्ड और गैर-नागरिकों के लिए डिपोर्टेशन भी हो सकता है।
Canada Portage College Students Protest

प्रदर्शन के दौरान अपनी बात बताते हुए छात्रा रो पड़ी। उसने बताया कि उसके ससुराल वालों ने उसे जमीन बेचकर कनाडा भेजा था। कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। . छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। जबकि, पोटाज कॉलेज ने एडमिशन के वक्त वादा किया था कि उन्हें PGWP मिलेगा और उनकी डिग्री वैध होगी। अब जब उनके लाखों रुपए कोर्स पर बर्बाद हो गए तो घर जाने के लिए कह रहे हैं। पंजाब की एक छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि रेंट मांगकर भरना पड़ रहा है। 3 दिन भूखी रही। हफ्तों आटा नहीं आ पा रहा। मुझे भेजने के लिए ससुरालवालों ने जमीन तक बेच दी। 22 से 25 लाख रुपए बर्बाद हो गए। अब ससुराल वालों को क्या बताऊं, कैसे घर जाऊं? जो लोग सोचते हैं कि कनाडा में मजे हैं, वे देखे लें, ये यहां की कड़वी सच्चाई है। एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि कनाडा में वर्क परमिट के चक्कर में वह दादा की मौत पर नहीं जा पाई। अब पैसा बर्बाद हो चुका है। घरवालों को क्या बताएं? यह कहते ही वह रोने लगी। पिता की मौत पर 1 साल पहले घर गई छात्रा को कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने यह कहते हुए वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया कि उसकी एंट्री 2024 में नहीं हुई है। धरना दे रहे स्टूडेंट्स की ऐसी ही दर्द भरी कहानियां हैं। कुछ पर कर्ज का बोझ है तो कई पेरेंट्स को न बता पाने से डिप्रेशन में हैं। आइए जानते हैं, उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी… कनाडा में कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रवासी छात्र। सड़कों पर धरना दे रहे स्टूडेंट्स ने परेशानियां बताईं… ससुरालवालों ने जमीन बेचकर भेजा, यहां भूखी रह रही हूं अपना नाम न बताते हुए एक मैरिड छात्रा ने बताया कि वह 2 साल से ज्यादा वक्त से कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रही है। ससुराल वालों ने अपनी जमीन बेचकर उसे यहां भेजा था। अब इमिग्रेशन विभाग ने कहा कि उनकी डिग्री मान्य नहीं है। छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि किराए तक के पैसे नहीं हैं। गैस स्टेशन पर काम तक नहीं मिल रहा। मैं 3 दिन भूखी रही। 7-7 दिन घर पर आटा नहीं आ रहा है। अब मैं अपने ससुरालवालों से क्या कहूं और उनका 22 लाख रुपए का कर्ज कैसे लौटाऊं? जब यहां कोई काम ही नहीं मिल रहा है। 32 हजार डॉलर फीस भरी गई। हम 24 घंटे नियमों और कायदों के दायरे में रहे और कभी कोई गलत काम नहीं किया। मुझे पता है कि उन्होंने फीस के पैसे कैसे जुटाए थे। कनाडा में वर्क परमिट के लिए आंदोलन कर रहे छात्र। कॉलेज के खिलाफ वकील तक नहीं कर सकते पंजाबी स्टूडेंट जशन सिंह ने बताया कि किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी। वह अपना 2 साल का डिप्लोमा पूरा कर वर्क परमिट के लिए आए थे, लेकिन हाल ही में नियम बदलने के कारण बड़ी संख्या में रिजेक्शन मिलने लगे हैं। उनका सवाल यह है कि अगर मंजूरी या रिजेक्शन मिल रहा है, तो वह किस आधार पर दिया जा रहा है? जशन ने कहा- हम मुख्य कैंपस भी गए थे और इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। कॉलेज प्रशासन का साफ कहना था कि वे न तो वकील कर सकते हैं और न ही किसी तरह की मदद कर सकते हैं। दादा की मौत पर पंजाब नहीं जा पाई, यहां भी सब बर्बाद हो गया पंजाबी छात्रा जसमीत कौर ने रोते हुए बताया कि वह यहां 3 साल पहले एल्गोमा यूनिवर्सिटी आई थी, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण उसने अपनी पढ़ाई बदल ली। उसने यहां सब पता किया था कि कोर्स के बाद PGWP मिलेगा और इसका भविष्य में अच्छा स्कोप है। 2 साल पढ़ाई करने के बाद अब सब कुछ बेकार लग रहा है। जसमीत कौर ने कहा- मेरे लगभग 32 हजार डॉलर डूब गए हैं। इसी दौरान मेरे दादा की मौत हो गई। अगर मुझे पहले से पता होता कि ऐसा सब होने वाला है, तो मैं सब कुछ छोड़कर तुरंत वापस चली जाती, ताकि कम से कम आखिरी बार अपने दादा को देख पाती। अब न तो वे वापस आ सकते हैं और न ही पैसे वापस मिल सकते हैं। जसमीत कौर और उसकी दोस्त अपने दादा की मौत के बारे में बताकर भावुक हो गई। कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी, फिर भी नहीं मान रहे एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि उनके कॉलेज की तरफ से उन्हें साफ कहा गया था कि वे PGWP के लिए एलिजिबल हैं। इसके लिए उनके पास कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी है। कॉलेज ने उन्हें एक पत्र भी दिया था, ताकि वे उसका उपयोग कर वर्क परमिट ले सकें, लेकिन अब इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) उस पत्र को भी खारिज कर रही है और कह रही है कि यह मान्य कारण नहीं है। छात्र मई 2023 में पढ़ाई के लिए आए थे और जब नवंबर 2024 में नया नियम लागू हुआ, तब तक उनकी पढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी थी। आशीष बोले- सांसद और विधायक प्रदर्शन में साथ दें स्टूडेंट आशीष बूरा ने कहा कि सभी छात्र आज अपनी मांग उठाने के लिए एकत्र हुए हैं। पहले वे सिटी हॉल गए थे, लेकिन वहां ज्यादा देर रुकने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए फिर उन्होंने इस जगह पर इकट्ठा होने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि अब उनके कई साथी भाई-बहन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहां काफी संख्या में छात्र जमा हैं और उन्होंने लोगों से समर्थन मांगने के लिए हॉर्न बजाने की अपील करने वाले पोस्टर लगाए हैं, जिस पर सड़कों से गुजरने वाले लोग लगातार हॉर्न बजाकर अपना पूरा समर्थन दिखा रहे हैं। आशीष ने स्थानीय सांसदों (MP) और विधायकों (MLA) से भी इस प्रदर्शन में साथ देने की अपील की है, क्योंकि यह पूरी बिरादरी और
Canada Punjabi Students Protest Against Deportation Risk

अल्बर्टा के कैलगरी में सड़क पर प्रदर्शन करते हुए छात्र कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 500 पंजाबी छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। इसके विरोध में करीब 1,000 भारतीय छात्र पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छ . कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए कुछ छात्रों ने 29 जुलाई से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जिन नियमों और भरोसे के आधार पर उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई पूरी की, अब उसी पढ़ाई को नॉन-क्रेडिटेबल बताकर वर्क परमिट से इनकार किया जा रहा है। इससे कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं, सिर पर परिवार का कर्ज है। उन्होंने कनाडा में पढ़ाई की है, इसलिए उन्हें वहां काम करने का मौका मिलना चाहिए। वे चाहते हैं कि कनाडाई अधिकारी उनके मामलों की दोबारा समीक्षा करें। इधर, कनाडा सरकार और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा कि वह पोर्टेज कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी डिग्री देने वाला संस्थान नहीं कहेंगी, लेकिन उनका मानना है कि संस्थान ने स्थायी निवास (PR) को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों का वीजा खत्म हो जाएगा और जिनके पास स्थायी निवास (PR) नहीं होगा, उन्हें अपने देश वापस लौटना होगा। पोस्ट ग्रेजुएट वर्क परमिट रिफ्यूज होने के बाद कैलगिरी के गुरुद्वारा पहुंचे स्टूडेंट्स। छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे, 4 पॉइंट में जानिए… पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को थमाए रिफ्यूजल- एक छात्रा ने कहा कि वह 10 जुलाई 2024 को पहली बार कनाडा आई थी। इस बीच उसने अपनी पढ़ाई पूरी की। किसी भी पेपर में वह फेल नहीं है। कॉलेज ने 15 मई से पहले रजिस्ट्रेशन वालों को पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट देने की बात कही थी। 16 जुलाई 2026 को उसे वर्क परमिट की रिफ्यूजल भेज दी गई। रिफ्यूजल का कारण ये आया कि 23 नवंबर 2025 को मेरी कनाडा में एंट्री दिखाई गई। मेरे साथ आई और लड़कियों को वर्क परमिट मिल गया, लेकिन मुझे नहीं मिला। स्टूडेंट्स को मिला रिजेक्शन लेटर: स्टूडेंट्स ने कहा कि उन्होंने इस विश्वास के साथ इन कार्यक्रमों में प्रवेश लिया था कि पढ़ाई पूरी होने के बाद वे पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के लिए पात्र होंगे। हालांकि, बाद में कई लोगों को इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) से रिजेक्शन लेटर मिले, जिससे वे ग्रेजुएशन के बाद कनाडा में काम करने में असमर्थ हो गए। कई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में गए- स्टूडेंट्स ने कहा कि अचानक पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट रिफ्यूजल के कारण कई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में हैं। इन पर परिवार का कर्ज उतारने का बोझ है। अल्बर्टा के कैलगरी स्थित पोटाज कॉलेज के लगभग 250 छात्रों की वर्क परमिट फाइलें 2 दिनों में रिजेक्ट कर दी गई हैं। यह आंकड़ा 2000 तक पहुंच सकता है। 20 लाख रुपए खर्च कर हाथ खाली- पीड़ित छात्रों और इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने बताया कि 15 मई 2024 से पहले जिन छात्रों ने कॉलेज में पढ़ाई पूरी की थी, उन्हें वर्क परमिट मिलना चाहिए था। हमने 32 हजार डॉलर यानी 20 लाख रुपए की फीस भरकर पढ़ाई पूरी की। 7 जुलाई 2024 से पहले हमारे साथ ही एक ही बेंच पर बैठे दोस्तों को 3-3 साल के वर्क परमिट मिले हैं, लेकिन 7 जुलाई के बाद अचानक हमारी फाइलें खारिज की जाने लगीं। रिजेक्शन का कारण बताया जा रहा है कि हमारा कोर्स नॉन-क्रेडिटेबल है। जब 15 मई से पहले सब सही था, तो अब हमारे साथ यह भेदभाव क्यों? न हेल्थ कार्ड, न काम करने का अधिकार- स्टूडेंट्स ने कहा कि वर्क परमिट रिजेक्ट होते ही छात्रों का कानूनी स्टेटस खत्म हो गया है। पढ़ाई खत्म होते ही छात्रों के हेल्थ कार्ड रद्द हो चुके हैं। कई छात्र गंभीर बीमारियों के बावजूद डॉक्टर के पास नहीं जा पा रहे हैं। स्टूडेंट्स ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि खत्म हो रही है, जिससे उनके पास कोई पहचान पत्र भी नहीं बचा है। रिजेक्शन की खबर से डरकर कई छात्र डिप्रेशन में हैं। माता-पिता के डर से वे अपने घरों और हॉस्टल के कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। कैलगरी के गुरुद्वारा में प्रबंधक कमेटी के सदस्य स्टूडेंट्स को हिम्मत देते हुए। गुरुद्वारा कमेटी आई आगे, कहा- लंगर की फिक्र न करें, हिम्मत रखें कैलगरी के लोकल गुरुद्वारा साहिब ने छात्रों के लिए दरवाजे खोले हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समय बहुत कठिन है, लेकिन कोई भी बच्चा पैनिक होकर गलत कदम न उठाए। परिवार से कोई बात न छुपाएं। गुरु घर के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। किसी को राशन, लंगर या रहने की दिक्कत हो तो निसंकोच आएं, पूरी मदद की जाएगी। लीगल एक्सपर्ट्स बोले- री-अप्लाई न करें, कोर्ट जाएं बैठक में पहुंचे कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने छात्रों को कानूनी रास्ते समझाए। वकीलों ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग को तुरंत वेब-फॉर्म के जरिए री-कंसीडरेशन की रिक्वेस्ट भेजी जाए। CS इमिग्रेशन ने ऐलान किया है कि वे सभी छात्रों के लिए यह काम मुफ्त करेंगे। रिफ्यूजल मिलने के 15 दिनों के अंदर छात्रों को फेडरल कोर्ट में मामले को चुनौती देनी होगी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि छात्र दोबारा वर्क परमिट के लिए री-अप्लाई न करें। अगर फाइल दोबारा रिजेक्ट हुई, तो तुरंत देश छोड़ने का नोटिस आ सकता है। 90 दिनों में नए कॉलेज में एडमिशन से बचा सकते स्टेटस कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने कहा कि छात्रों को सलाह दी गई है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ 90 दिनों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉलेज में नया कोर्स लेकर अपना स्टूडेंट स्टेटस रीस्टोर करें, ताकि वे कनाडा में लीगल रह सकें। **************** ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी: नए इमिग्रेशन कानून से शरणार्थी की मान्यता खत्म, 30 हजार स्टूडेंट्स को मिला नोटिस कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता






