Wednesday, 24 Jun 2026 | 07:31 AM

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Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Hindi News Sports Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match Vs Qatar; 2 Red Cards स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘हैट्रिक… आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।’ ये सब कनाडा और कतर मैच में देखने को मिला, जिसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। टीम ने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को हल्के टच से कंट्रोल किया, फिर जोरदार किक लगाकर बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। वे सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। हैट्रिक सेलिब्रेट करते जोनाथन डेविड। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास वे फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बने हैं। डेविड ने मौजूदा वर्ल्ड कप में दूसरी हैट्रिक लगाई है। पहली लियोनेल मेसी ने लगाई थी। होम ग्राउंड पर वर्ल्डकप हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट (1966) पहले हैं। साइल लारिन के गोल से कनाडा को बढ़त कनाडा को 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोलकर स्कोर 3-0 कर दिया। साइल लारिन के गोल ने कनाडा को मैच में बढ़त दिलाई। कतर के 2 प्लेयर्स को रेड कार्ड 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर फाउल के लिए कतर के होमन अहमद को रेड कार्ड मिला। 51वें मिनट में इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल के बाद अस्सिम मादीबो को रेड कार्ड दिखाया गया। मादीबो के खतरनाक टैकल के बाद इस्माइल कोन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस्माइल कोन को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। सालिबा ने इस्माइल कोन की जर्सी दिखाकर अपना गोल उन्हें समर्पित किया। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- ‘हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।’ ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।’ मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

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Hindi News Sports Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match Vs Qatar; 2 Red Cards स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘हैट्रिक… आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।’ ये सब कनाडा और कतर के मैच में देखने को मिला। इसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में पहली जीत हासिल की। टीम ने अपने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को कंट्रोल किया, फिर सटीक किक से बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया और वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। जोनाथन डेविड सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बने हैं। मौजूदा वर्ल्ड कप में दूसरी हैट्रिक लगाई है। पहली लियोनेल मेसी ने लगाई थी। होम ग्राउंड पर वर्ल्ड कप हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट ने 1966 फाइनल में हैट्रिक जमाई थी। कनाडा को साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली कनाडा ने 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त हासिल की। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। साइल लारिन के गोल ने कनाडा को मैच में बढ़त दिलाई। कतर को 2 रेड कार्ड 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर फाउल के लिए कतर के होमन अहमद को रेड कार्ड मिला। 51वें मिनट में इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल के बाद अस्सिम मादीबो को रेड कार्ड दिखाया गया। मादीबो के खतरनाक टैकल के बाद इस्माइल कोन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस्माइल कोन को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। इस जीत के साथ कनाडा नॉकआउट दौर के बेहद करीब पहुंच गया है, जबकि कतर की आगे की राह मुश्किल हो गई है। सालिबा ने इस्माइल कोन की जर्सी दिखाकर अपना गोल उन्हें समर्पित किया। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- ‘हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।’ ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।’ मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada vs Bosnia, USA vs Paraguay Clashes Today

Canada vs Bosnia, USA vs Paraguay Clashes Today

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Canada Vs Bosnia, USA Vs Paraguay Clashes Today स्पोर्ट्स डेस्क35 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे दिन 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच सह-मेजबान कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला जाएगा। यह मैच टोरंटो स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। जबकि, दूसरा मैच सह-मेजबान अमेरिका और पराग्वे के बीच लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 6:30 बजे से शुरु होगा। मैच-3: कनाडा और बोस्निया पहली बार आमने-सामने ग्रुप-B में शामिल कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच यह फुटबॉल इतिहास की पहली भिड़ंत होगी। सह-मेजबान कनाडा को अपने घरेलू दर्शकों के सामने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं, बोस्निया की टीम अपने कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर एडिन जेको के अनुभव के दम पर उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। FIFA रैंकिंग की बात करें तो कनाडा दुनिया की 30वें नंबर की टीम है, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम रैंकिंग में 64वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, कॉर्नेलियस, डेविस, लारेया, इस्टाक्वियो, कोन, मिलर, डेविड, लारिन। बोस्निया-हर्जेगोविना: वासिल, अहमदहोडज़िक, कातिच, राडेलिच, गाज़िबेगोविच, हजराडिनोविच, हुसेिनबासिच, ताहिरोविच, कोलासिनाक, डेमिरोविच, जेको। मैच-4: 96 साल बाद अमेरिका और पराग्वे की वर्ल्ड कप में भिड़ंत ग्रुप-D में शामिल अमेरिका और पराग्वे के बीच कुल 8 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में अमेरिका का पलड़ा भारी है। अमेरिका ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पराग्वे को 2 मैचों में सफलता मिली है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 96 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1930 के पहले वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से शिकस्त दी थी। अमेरिका की नजरें अपने स्टार विंगर क्रिस्टियन पुलिसिक और मिडफील्डर वेस्टन मैकेनी पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, पराग्वे अपने धाकड़ मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन के दम पर अमेरिकी डिफेंस को भेदने की कोशिश करेगी। वर्ल्ड रैंकिंग में अमेरिका 17वें स्थान पर है, जबकि पराग्वे 41वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अमेरिका: फ्रीज, फ्रीमैन, मैकेंजी, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, डेस्ट, टिलमैन, पुलिसिक, बालोगुन। पराग्वे: फर्नांडीज, कासेरेस, जी. गोमेज, अल्डरेटे, अलोंसो, कुबास, डी. गोमेज, अल्मिरोन, बोबाडिला, सोसा, सनाब्रिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada vs Bosnia, USA vs Paraguay Clashes Today

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Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Canada Vs Bosnia, USA Vs Paraguay Clashes Today स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे दिन 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच सह-मेजबान कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला जाएगा। यह मैच टोरंटो स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। जबकि, दूसरा मैच सह-मेजबान अमेरिका और पराग्वे के बीच लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 6:30 बजे से शुरु होगा। मैच-3: कनाडा और बोस्निया पहली बार आमने-सामने ग्रुप-B में शामिल कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच यह फुटबॉल इतिहास की पहली भिड़ंत होगी। सह-मेजबान कनाडा को अपने घरेलू दर्शकों के सामने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं, बोस्निया की टीम अपने कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर एडिन जेको के अनुभव के दम पर उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। FIFA रैंकिंग की बात करें तो कनाडा दुनिया की 30वें नंबर की टीम है, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम रैंकिंग में 64वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, कॉर्नेलियस, डेविस, लारेया, इस्टाक्वियो, कोन, मिलर, डेविड, लारिन। बोस्निया-हर्जेगोविना: वासिल, अहमदहोडज़िक, कातिच, राडेलिच, गाज़िबेगोविच, हजराडिनोविच, हुसेिनबासिच, ताहिरोविच, कोलासिनाक, डेमिरोविच, जेको। मैच-4: 96 साल बाद अमेरिका और पराग्वे की वर्ल्ड कप में भिड़ंत ग्रुप-D में शामिल अमेरिका और पराग्वे के बीच कुल 8 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में अमेरिका का पलड़ा भारी है। अमेरिका ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पराग्वे को 2 मैचों में सफलता मिली है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 96 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1930 के पहले वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से शिकस्त दी थी। अमेरिका की नजरें अपने स्टार विंगर क्रिस्टियन पुलिसिक और मिडफील्डर वेस्टन मैकेनी पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, पराग्वे अपने धाकड़ मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन के दम पर अमेरिकी डिफेंस को भेदने की कोशिश करेगी। वर्ल्ड रैंकिंग में अमेरिका 17वें स्थान पर है, जबकि पराग्वे 41वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अमेरिका: फ्रीज, फ्रीमैन, मैकेंजी, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, डेस्ट, टिलमैन, पुलिसिक, बालोगुन। पराग्वे: फर्नांडीज, कासेरेस, जी. गोमेज, अल्डरेटे, अलोंसो, कुबास, डी. गोमेज, अल्मिरोन, बोबाडिला, सोसा, सनाब्रिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

FIFA World Cup 2026, Football World Cup, New Format, 48 Teams, USA, Canada, Mexico, FIFA World Cup Hosts, Soccer News

FIFA World Cup 2026, Football World Cup, New Format, 48 Teams, USA, Canada, Mexico, FIFA World Cup Hosts, Soccer News

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026, Football World Cup, New Format, 48 Teams, USA, Canada, Mexico, FIFA World Cup Hosts, Soccer News स्पोर्ट्स डेस्क26 मिनट पहले कॉपी लिंक 23वां FIFA मेंस वर्ल्ड कप 12 जून से 20 जुलाई के बीच अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा। 96 साल के इतिहास में पहली बार तीन देश वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। ओपनिंग मैच 12 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा। इसमें मेक्सिको और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। 16 शहरों में 48 टीमों के बीच 104 मैच खेले जाएंगे। इन टीमों को 12 ग्रुप्स में बांटा गया है। हर ग्रुप में चार टीमें हैं। 16 की जगह 32 टीमें नॉकआउट स्टेज में पहुंचेंगी। लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो सहित दुनिया के 1,248 फुटबॉलर्स वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे। स्टोरी में जानिए टूर्नामेंट के बारे में सबकुछ… मेक्सिको तीसरी बार मेजबान 2002 में जापान और कोरिया ने पहली बार मिलकर FIFA वर्ल्ड कप होस्ट किया था। अब 3 देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको हैं। मेक्सिको पहला ऐसा देश है, जिसे तीन बार (1970, 1986 और 2026) मेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी का मौका मिला। पहली बार 48 टीमें खेलेंगी। 1998 से अब तक केवल 32 देश इसमें हिस्सा लेते थे। 16 शहरों में 104 मैच होंगे (पहले 64 होते थे)। फाइनल में पहली बार हाफटाइम शो भी रखा जाएगा। 16 की जगह 32 टीमें नॉकआउट खेलेंगी 48 टीमों को 12 ग्रुप में बांटा गया है और हर ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। ग्रुप स्टेज में हर टीम तीन मैच खेलेगी। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सीधे नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी यानी 24 टीमें। हर ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली 12 टीमों में बेस्ट 8 को भी अगले दौर में जगह मिलेगी। इस तरह 32 टीमें नॉकआउट में एंट्री करेंगी। नॉकआउट में 32 टीमों के मैच के बाद 16 टीमें बचेंगी, इनके मुकाबले के बाद 8 टीमें क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल खेले जाएंगे। इस नए फॉर्मेट के तहत टूर्नामेंट में कुल 104 मैच खेले जाएंगे, जो इसे FIFA इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप बनाता है। फ्रांस और स्पेन का ग्रुप मुश्किल डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। स्पेन ग्रुप एच में है, फ्रांस ग्रुप आई में, जर्मनी ग्रुप ई में, पुर्तगाल ग्रुप के में और इंग्लैंड ग्रुप एल में है। ग्रुप एच, आई, जे, के और एल को ग्रुप ऑफ डेथ माना जा रहा है, क्योंकि इनमें मजबूत टीमें हैं। स्पेन के ग्रुप में उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमें हैं, जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में कई उलटफेर किए थे। फ्रांस के ग्रुप में सेनेगल और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमें हैं। गॉर्डन सबसे उम्रदराज और मोरा सबसे युवा खिलाड़ी FIFA के अनुसार टूर्नामेंट के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन हैं, जिनकी उम्र 43 साल 162 दिन है। सबसे युवा खिलाड़ी मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा हैं, उनकी उम्र 17 साल 240 दिन है। दोनों के बीच 25 साल से ज्यादा का अंतर है। इस वर्ल्ड कप में 20 साल से कम उम्र के 22 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के 7 खिलाड़ी भी मैदान पर नजर आ सकते हैं। क्रेग ने 2004 से अब तक स्कॉटलैंड के लिए 84 मैच खेले हैं। मोरा ने मेक्सिको के लिए 2025 में डेब्यू किया और अब तक 8 मैच खेले हैं। वर्ल्ड कप में चार देश पहली बार काबो वर्डी (68 रैंक), क्यूरोसाओ (82 रैंक), जॉर्डन (66 रैंक), उज्बेकिस्तान (50 रैंक) पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। इसके अलावा, हैती 1974 के बाद पहली बार आया है। ऑस्ट्रिया, नॉर्वे और स्कॉटलैंड 1998 के बाद लौट रहे हैं। चैंपियन को मिलेंगे 429 करोड़ रुपए वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली 48 टीमों के बीच 5,600 करोड़ रुपए से ज्यादा (USD 655 मिलियन) की पुरस्कार राशि बांटी जाएगी, जो पिछले वर्ल्डकप की तुलना में 50% ज्यादा है। टूर्नामेंट की विजेता टीम को करीब 429 करोड़ रुपए (USD 50 मिलियन) मिलेंगे, जबकि उपविजेता को लगभग 283 करोड़ रुपए (USD 33 मिलियन) की राशि दी जाएगी। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 249 करोड़ रुपए और चौथे स्थान की टीम को लगभग 232 करोड़ रुपए मिलेंगे। ब्राजील इतिहास की सबसे सफल टीम FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में ब्राजील सबसे सफल टीम रही है। ब्राजील ने रिकॉर्ड पांच बार (1958, 1962, 1970, 1994 और 2002) वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। जर्मनी और इटली ने चार-चार बार ट्रॉफी अपने नाम की है। अर्जेंटीना तीन बार (1978, 1986 और 2022) चैंपियन बनी है। 1930 में हुई थी शुरुआत FIFA वर्ल्ड कप दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट है। इसकी शुरुआत 1930 में उरुग्वे में हुई थी, जहां मेजबान उरुग्वे ने पहला खिताब जीता था। इसके बाद वर्ल्ड कप हर चार साल में होने लगा। द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 में टूर्नामेंट नहीं खेला गया। शुरुआती सालों में टूर्नामेंट में सीमित टीमें हिस्सा लेती थीं, लेकिन बाद 1998 से 2022 तक वर्ल्ड कप में 32 टीमें खेलती रहीं। यह फोटो 1930 वर्ल्ड कप की है। इस मैच में उरुग्वे ने अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर पहला वर्ल्ड कप जीता था। अर्जेंटीना ने जीता था वर्ल्ड कप 2022 FIFA वर्ल्ड कप 2022 का खिताब अर्जेंटीना ने जीता था। फाइनल मैच में अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया था। मैच में अर्जेंटीना के कप्तान मेसी ने अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा 2 गोल दागे थे। वहीं फ्रांस के लिए एम्बाप्पे ने हैट्रिक लगाई थी। अर्जेंटीना 2022 में मेसी की कप्तानी में वर्ल्ड चैंपियन बना था। कहां देख सकते हैं टूर्नामेंट? FIFA वर्ल्ड कप 2026 का ब्रॉडकास्ट भारत में जी एंटरटेनमेंट के नए लॉन्च किए गए यूनाइट8 स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, टूर्नामेंट की लाइव स्ट्रीमिंग जी5 ऐप और इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। आप दैनिक भास्कर ऐप पर भी मैच की रिपोर्ट्स, मोमेंट्स, रिकॉर्ड्स देख सकते हैं। 12 अलग टाइम जोन में मुकाबले मुकाबले भारतीय समानुसार 12 अलग-अलग समय में खेले जाएंगे। 12:30 AM, 1:30 AM, 2:30 AM, 3:30 AM, 4:30 AM, 6:00 AM, 6:30 AM, 7:30 AM, 8:30 AM, 9:30 AM, 9:30 PM और 10:30 PM। दैनिक भास्कर को

Canada Cricket Suspended by ICC; Players to Play Tournaments with Council Funding

Canada Cricket Suspended by ICC; Players to Play Tournaments with Council Funding

Hindi News Sports Canada Cricket Suspended By ICC; Players To Play Tournaments With Council Funding स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा की क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट कनाडा की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला कनाडा बोर्ड द्वारा सदस्यता के नियमों और जिम्मेदारियों के उल्लंघन के कारण लिया गया है। हालांकि, ICC ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड की कमियों का खामियाजा वहां के खिलाड़ियों को नहीं भुगतना पड़ेगा। काउंसिल ने यह फैसला 1 जून को हुई एनुअल मीटिंग में लिया। ICC टूर्नामेंटों में खेल सकेंगे खिलाड़ी ICC ने पुष्टि की है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान भी कनाडा की नेशनल टीमें ICC टूर्नामेंटों में खेलने के लिए योग्य रहेंगी। काउंसिल का मानना है कि जिन मुद्दों पर खिलाड़ियों का कोई नियंत्रण नहीं है, उनके लिए उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए। ICC मैनेजमेंट की निगरानी में मिलेगी फंडिंग खिलाड़ियों के खेल में कोई रुकावट न आए, इसके लिए क्रिकेट कनाडा को ICC की तरफ से फंडिंग मिलती रहेगी। हालांकि, इस बार फंडिंग का तरीका पूरी तरह से ICC मैनेजमेंट के नियंत्रण में होगा। यह फंड केवल मंजूर किए गए नेशनल टीम प्रोग्राम्स के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकेगा, ताकि इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम की तैयारी और भागीदारी बिना किसी रुकावट के जारी रहे। खिलाड़ियों के लिए फंडिंग ICC करेगा। विवादों में घिरा है कनाडा क्रिकेट बोर्ड क्रिकेट कनाडा पिछले कुछ समय से गवर्नेंस और ईमानदारी से जुड़े कई विवादों का सामना कर रहा है। पिछले दो सालों में बोर्ड खेल से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहा है। इनमें से एक बड़ा मामला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच से जुड़ा है, जिसकी जांच अभी भी ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) कर रही है। एंटी-करप्शन यूनिट टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच की जांच कर रही है। पूर्व हेड कोच के ऑडियो लीक से बढ़े विवाद बोर्ड के सामने एक और बड़ी मुसीबत पूर्व हेड कोच खुर्रम चौहान से जुड़ी है। पिछले साल एक फोन बातचीत का ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आया था, जिसने क्रिकेट जगत में चिंताएं बढ़ा दीं। इस रिकॉर्डिंग में चौहान ने आरोप लगाया था कि क्रिकेट कनाडा के सीनियर अधिकारियों ने नेशनल स्क्वॉड में कुछ पसंदीदा खिलाड़ियों को शामिल कराने की कोशिश की थी। इसके साथ ही बातचीत में मैचों को मैनिपुलेट (फिक्स) करने के प्रयास के आरोप भी थे, जिसके बाद ICC के इंटीग्रिटी अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कर दी। सस्पेंशन हमेशा के लिए नहीं यह सस्पेंशन परमानेंट यानी हमेशा के लिए नहीं है। ICC क्रिकेट कनाडा को कुछ शर्तें सौंपेगी, जिन्हें सदस्यता वापस पाने के लिए पूरा करना होगा। बोर्ड में सुधारों और बदलावों के लिए ICC की नॉर्मलाइजेशन कमेटी और ICC मैनेजमेंट मिलकर नजर रखेंगे। इन शर्तों और आवश्यक गवर्नेंस रिफॉर्म्स से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही ICC सदस्यता बहाल करेगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

खालिस्तान समर्थक ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका:गाड़ी के सामने तिरंगा फाड़ा, पैरों से रौंदने की कोशिश; कनाडा पुलिस ने खदेड़ा

कनाडा में एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी हरकत की है। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह गोसल ने कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक का काफिला रोक दिया। इतना ही नहीं, खालिस्तानी समर्थक ने पुलिस घेरा तोड़कर उनके सामने भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। साथ ही उसने आरोप लगाया कि पटनायक ने उसकी हत्या की सुपारी दी है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खालिस्तानी समर्थक की पूरी हरकत दिख रही है। इस घटना के बाद कनाडा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वैंकूवर में घटना, कार्यक्रम में जा रहे थे उच्चायुक्त यह घटना 26 मई को तब हुई जब वैंकूवर में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक काफिला के साथ एक कार्यक्रम में जा रहे थे। उनके कार्यक्रम की जानकारी खालिस्तानियों को पहले से थी, इसलिए वे प्रदर्शन करने के लिए पहले ही जमा हो गए थे। जैसे ही उन्होंने उच्चायुक्त के काफिले को देखा तो इनमें से एक इंदरजीत सिंह गोसल सुरक्षा घेरा तोड़कर गाड़ियों के सामने आ गया। भारत विरोधी नारेबाजी की गई उच्चायुक्त पटनायक की गाड़ी के सामने खड़े होकर गोसल ने भारतीय ध्वज को फाड़ दिया और उसे पैरों तले रौंदने की कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने भारतीय आतंकवादी वापस जाओ के भड़काऊ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी लगातार हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा उठा रहे थे और चिल्ला रहे थे कि निज्जर को किसने मारा? भारतीय सरकार ने। गोसल ने उच्चायुक्त पर सुपारी देने का आरोप लगाया इंदरजीत सिंह गोसल वही शख्स है जिसे कनाडाई पुलिस ने हाल ही में थ्रेट टू लाइफ के तहत गवाह सुरक्षा की पेशकश की थी। तिरंगा फाड़ने के बाद अपने कृत्य को सही ठहराते हुए गोसल ने एक गंभीर आरोप लगाया। उसने कहा कि उसने भारतीय झंडा इसलिए फाड़ा क्योंकि पटनायक ने उसे जान से मारने के लिए किसी को 50,000 डॉलर की सुपारी दी थी। कनाडाई सरकार का कोई रिएक्शन नहीं इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय समुदाय और राजनयिक हलकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक देश के शीर्ष राजनयिक को कनाडाई धरती पर न्यूनतम सुरक्षा भी क्यों नहीं मिल पा रही है? कनाडाई पुलिस की मौजूदगी में एक चरमपंथी सुरक्षा घेरा तोड़कर उच्चायुक्त की गाड़ी तक कैसे पहुंच गया? उच्चायुक्त के इंटरव्यू पर मचा बवाल मंगलवार को ही कनाडा के एक मीडिया प्लेटफॉर्म द ग्लोब एंड मेल ने एक कथित इंटरव्यू पब्लिश किया, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कनाडा सरकार को चैलेंज किया है। इसमें कहा गया कि पटनायक ने कनाडाई धरती पर अपराधों में भारत सरकार की संलिप्तता के दावों को खारिज किया। साथ ही उन्होंने निज्जर केस से जुड़े आरोपों को कोरी कल्पना करार देते हुए कहा कि कनाडा की खुफिया एजेंसी खालिस्तानी अलगाववादियों के प्रभाव में आ चुकी है। पटनायक ने आरोप लगाया कि कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) के कुछ हिस्से कनाडा से काम कर रहे खालिस्तानी अलगाववादी समूहों के प्रभाव में हैं। हालांकि, बाद में उच्चायुक्त ने आर्टिकल के ये दावे खारिज कर दिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- आज ‘ग्लोब एंड मेल’ के लेख में लगाए गए आरोपों से मैं निराश हूं। भारत ने कनाडा की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ, खासकर पिछले एक साल में, बहुत अच्छा सहयोग बनाया है। हमें कनाडा की संस्थाओं पर पूरा भरोसा है और हम इन भ्रामक आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। कनाडा सरकार ने पलटवार किया कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगारी ने भारतीय दूत के दावों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि CSIS के कॉम्प्रोमाइज्ड होने का दावा झूठा है और यह कनाडाई सुरक्षाकर्मियों के काम को कमतर आंकता है। सिख फॉर जस्टिस और इसके समर्थक गोसल के बारे में जानिए… गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बनाया संगठन सिख फॉर जस्टिस अमेरिका आधारित एक चरमपंथी और अलगाववादी संगठन है, जो भारत के पंजाब राज्य को अलग कर खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र देश बनाने की वकालत करता है। भारत सरकार ने इसे देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा मानते हुए एक गैरकानूनी और आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। इस संगठन की शुरुआत वर्ष 2009 में अमेरिका में हुई थी। इसका मुख्य संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू है, जो पेशे से वकील है और अमेरिका-कनाडा की दोहरी नागरिकता रखता है। भारत सरकार ने पन्नू को व्यक्तिगत रूप से भी आतंकवादी घोषित किया हुआ है। यह संगठन कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में बसे सिख प्रवासियों के बीच कथित खालिस्तान के समर्थन के लिए गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह कराता रहता है। हालांकि, इन आयोजनों की कोई कानूनी या कूटनीतिक मान्यता नहीं होती। SFJ सोशल मीडिया से पंजाब के युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने का प्रयास करता है। खालिस्तान समर्थक है इंदरजीत सिंह गोसल इंदरजीत सिंह गोसल कनाडा में सक्रिय एक प्रमुख खालिस्तान समर्थक और चरमपंथी है। वह भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन SFJ का मुख्य कनाडाई समन्वयक और आयोजक है। उसे घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का बेहद करीबी और राइट हैंड माना जाता है। जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद, गोसल ने कनाडा में SFJ के संचालन और कमान की मुख्य जिम्मेदारी संभाली। वह कनाडा में कथित खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कराने का मुख्य चेहरा बन गया। वह पन्नू के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में भी काम कर चुका है। नवंबर 2024 में कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं पर हुए हिंसक हमले और विरोध प्रदर्शनों में गोसल मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। कनाडाई पुलिस (पील रीजनल पुलिस) ने हिंदू-कनाडाई नागरिकों को डराने-धमकाने और हिंसा फैलाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह शर्तों पर रिहा हो गया। सितंबर 2025 में ओंटारियो पुलिस ने गोसल को उसके साथियों के साथ बिना लाइसेंस के अवैध हथियार रखने के आरोप में दोबारा गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और उनके कनाडाई समकक्ष के बीच हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के ठीक बाद

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

Punjab Chandigarh Top News; Mohali IT Raid | CM Bhagwant Mann | Canada Visa rules

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर मोहाली में IT कारोबारी पर ED रेड की रही। टीम को आत देख 9वीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए, जिससे 500-500 के नोट हवा में उड़ गए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि कि ये रुपए CM मान के OSD के हैं। वहीं, CM ने कहा कि रेड से हमारा कोई संबंध नहीं हैं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. IT कारोबारी पर ED रेड, 9वीं मंजिल से कैश भरे बैग फेंके मोहाली की सोसाइटी में आज (7 मई) ED की टीम ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले एक कारोबारी के घर पर दबिश दी। ED टीम को आता देख पकड़े जाने के डर से रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए गए। नीचे उनका ड्राइवर खड़ा था। ऊपर से 2 बैग फेंके गए, जिनमें 500-500 रुपए के नोटों के बंडल भरे हुए थे। इनमें से एक बैग नीचे गिरते ही फट गया, जिससे कुछ नोट हवा में उड़ते हुए वहीं बिखर गए। एक बैग को वहां खड़ा ड्राइवर गाड़ी में डालकर भाग निकला। ED की टीम ने उसका पीछा किया लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। फटा बैग ED टीम ने जब्त कर लिया। उसमें से 21 लाख रुपए मिले। इस बैग की डबल पैकिंग की गई थी। जिसमें लाल रंग के बैग को सफेद रंग के बैग में पैक किया गया था। ED टीम की रेड होते ही पंजाब की पॉलिटिक्स गर्मा गई। विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि जिस कारोबारी नितिन गोहिल के घर रेड हुई, वह CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन का करीबी है। यह रुपए भी OSD के ही थे। यही है इनकी कट्‌टर ईमानदारी। हालांकि शुकराना यात्रा पर निकले CM भगवंत मान ने अमृतसर में इन आरोपों को नकार दिया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने पर जुर्माना- FIR होगी पंजाब में बढ़ती पावर डिमांड के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर सख्ती करने के आदेश जारी किए हैं। कंज्यूमर्स ने अगर तय लोड से 10% ज्यादा बिजली खर्च की तो 7 दिन के भीतर नोटिस मिल जाएगा। कंज्यूमर्स उसके बाद भी लगातार तय लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करते रहे तो उनसे जुर्माना व अन्य खर्चे वसूले जाएंगे। तीसरी बार में PSPCL कंज्यूमर्स के खिलाफ बिजली चोरी का केस बनाकर FIR दर्ज करवा देगा। PSPCL मैनेजेंट ने अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं कि अगर लगातार लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर कार्रवाई नहीं की तो उनके खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा। पंजाब में बिजली सप्लाई सिस्टम को पटरी पर लाने और रेवेन्यू के नुकसान को बचाने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड-2024 में संशोधन किया है। PSPCL मैनेजमेंट ने सभी चीफ इंजीनियर्स को आदेश जारी किए हैं कि नए संसोधनों को लागू करवाएं।(पढ़ें पूरी खबर) 3. BJP ने CM को मानहानि नोटिस भेजा अमृतसर में आर्मी कैंप और जालंधर में BSF के पंजाब हेडक्वार्टर के बाहर बम ब्लास्ट को लेकर पंजाब की राजनीति गर्माई हुई है। भाजपा ने CM भगवंत मान को मानहानि का नोटिस भेजा है। सीएम भगवंत मान ने कल (6 अप्रैल) कहा था कि यह धमाके BJP ने कराए हैं। इसको लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने यह नोटिस भेजा। उन्होंने सारे प्लेटफॉर्म से बयान हटा 7 दिन में माफी मांगने को कहा है। तरुण चुघ ने कहा- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कल का बयान बेहद अनुचित, बेतुका और आपराधिक मानसिकता से भरा था। अपराधियों को पकड़ने के बजाय, पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। CM मान ने कहा था कि अमृतसर-जालंधर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं। चुनाव से पहले BJP हर स्टेट में ऐसे ब्लास्ट-दंगे कराती है। जालंधर में गुरूवार को CM मान ने फिर कहा कि जालंधर अमृतसर में जो छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं वो बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। ये जहां भी जाते हैं वहां लड़ाई करवाते हैं। ये हिंदू सिख को लड़ाना चाहते हैं लेकिन हम नहीं लड़ते। इसी बीच जालंधर में करीब 6 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद पहले APJ स्कूल को खाली करा दिया गया। BSF स्कूल के भी प्री प्राइमरी सेक्शन में 1 घंटा पहले छुट्टी कर दी गई। (पढ़ें पूरी खबर) 4. प्रॉपर्टी डीलर का सुसाइड, 20 दिन पहले ही मां का निधन हुआ धियाना में प्रॉपर्टी डीलर ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने रात को सल्फास खाई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। यहां पर हालत सही न होने कारण परिवार उन्हें DMC अस्पताल ले गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने कहा कि पति ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने महिला समेत 11 लोगों के नाम लिए। इन लोगों से करोड़ों रुपए लेने थे। पैसे न देने से पति परेशान थे। वीडियो में प्रॉपर्टी डीलर ने कहा कि लेन-देन और आरोपियों की पूरी डिटेल कार में रखी है। उन्होंने रिश्तेदार को कहा कि बेटे-बेटी और पत्नी का ध्यान रखना। मृतक की पहचान परविंदर उर्फ रिंपी अनेजा के रूप में हुई है। वह 52 साल के थे और शहीद भगत सिंह नगर में उनकी कोठी थी। 20 दिन पहले ही उनकी मां का निधन हुआ था। रिंपी का बेटा कनाडा में रहता है। सिविल अस्पताल में गुरुवार को उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. सांसद अमृतपाल की मां CM तक पहुंची, हाथ पकड़ा अमृतसर में खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की मां ने सीएम भगवंत मान की शुकराना यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की। उन्होंने सीएम का हाथ पकड़कर कहा- आप भी किसी मां के बेटे हो, मेरे बेटे को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा। इसी बीच उन्होंने भगवंत मान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। हालांकि सीएम अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार आगे

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को आतंकी पन्नू की धमकी:कहा- कनाडा के बाद अमेरिका में करेंगे विरोध, तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को आतंकी पन्नू की धमकी:कहा- कनाडा के बाद अमेरिका में करेंगे विरोध, तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का वर्ल्ड टूर ऑरा-2026 विवादों में आ गया। कनाडा में लगातार खालिस्तान समर्थक दिलजीत दोसांझ के लाइस कॉन्सर्ट में विरोध कर रहे हैं। दिलजीत भी शो के दौरान ही खालिस्तान समर्थकों को जवाब दे रहे हैं। अब सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख व आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत को धमकी दी है और कहा है कि कनाडा में तेरा विरोध हो रहा है और जब अमेरिका आएगा यहां भी विरोध किया जाएगा। आतंकी पन्नू ने वीडियो मैसेज जारी करके दिलजीत दोसांझ को धमकी दी है। दिलजीत दोसांझ के मेरा भारत महान कहने और अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर आतंकी पन्नू को एतराज है। पन्नू ने दिलजीत को अहंकारी कहा और कहा कि तेरा ये घमंड ही तेरा दुश्मन है। पन्नू ने कहा कि दिलजीत दोसांझ का जमीर मर चुका है। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिलजीत दोसांझ के लिए कही ये दो अहम बातें.. 1.अभी सिर्फ झंडे दिखे हैं डंडा नहीं, तुम्हारा घमंड ही तुम्हें ले डूबेगा दिलजीत ने शो के दौरान उपद्रव मचाने वाले खालिस्तान समर्थकों को बाहर निकालने की बात कही थी जिस पर आतंकी पन्नू तिलमिला गया। उसने दिलजीत दोसांझ को धमकी देते हुए कहा कि “जो खालिस्तान के झंडे खालिस्तान समर्थक आए थे, तुमने अपने अहंकार में उन्हें ‘बाहर मारो’ कहा। याद रखना, उन झंडों में अभी सिर्फ कपड़ा था, डंडा नहीं। अभी तुम्हारे शो कनाडा और अमेरिका में होने हैं। वक्त बताएगा कि तुम्हारा यह घमंड और अहंकार ही तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। इसी के नीचे तुम दबाए जाओगे।” 2.अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर उठाए सवाल आतंकी पन्नू ने दिलजीत दोसांझ को ‘भारतीय दोसांझ’ कहकर संबोधित किया। पन्नू ने पुरानी बातों को कुरेदते हुए कहा कि दिलजीत का जमीर उसी दिन मर या था, जिस दिन उसने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे। पन्नू का तर्क है कि 1984 के दंगों के दौरान बच्चन ने कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए थे। पन्नू ने वीडियो में कहा, “दोसांझ का भारत महान! वही भारत जिसने दरबार साहिब पर हमला किया और सिखों की नस्लकुशी की।” आतंकी पन्नू ने दिलजीत को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो सिर्फ खालिस्तानी झंडे दिखे हैं, अमेरिका और कनाडा के आगामी शोज में उसका घमंड उसे भारी पड़ेगा। जानें क्या है दिलजीत दोसांझ और खालिस्तान समर्थकों का पूरा विवाद… दिलजीत को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई 1. KBC में अमिताभ बच्चन के पैर छूना: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थकों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ छोटे समूहों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: दुनिया के कई बड़े देशों में हो रहे ‘ऑरा’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शोज में खलल डाला जाएगा।

Moga Girl Jasdeep Kaur Brar Appointed Canada Police Peace Officer

Moga Girl Jasdeep Kaur Brar Appointed Canada Police Peace Officer

जसदीप कौर बराड़ कनाडा पुलिस में ऑफिसर बनी (फाइल फोटो) पंजाबी युवती का कनाडा पुलिस में पीस ऑफिसर के पद पर चयन हुआ है। वह मामा के कहने पर 12वीं के बाद कनाडा पहुंची, यहां पर ग्रेजुएशन किया। पहली बार भाई की शादी में आने के कारण उनका का टेस्ट छूट गया था। . इसके बाद दोबारा तैयारी की, अब पुलिस में नौकरी मिली है। उनके पिता गांव के सरपंच हैं। वह कनाडा में मैनीटोवा के विनिपेग शहर में रहती हैं। 3 मई को उन्होंने पुलिस की नौकरी जॉइन की। उनकी टीम 15 से 20 कर्मी होते हैं, शहर में शांति बनाए रखना मुख्य काम होता है। पिता ने कहा कि बेटी का सपना चीफ हेड बनना है, जिसके लिए 7 साल लगाकर नौकरी करने के बाद आवेदन कर सकते हैं। वहीं उनको बधाई देने के लिए घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। घर पर परिवार को बधाई देने पहुंचे लोग। 2012 में मामा के कहने पर कनाडा गईं मोगा के गांव मल्लके के सरपंच राजा मल्लके के अनुसार, उनकी बेटी जसदीप कौर बराड़ ने कड़ी मेहनत और लगन से कनाडा पुलिस में ‘पीस ऑफिसर’ के पद तक का सफर तय किया। जसदीप कौर बराड़ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई 12वीं तक मोगा में पूरी की। इसके बाद बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए साल 2012 में वह कनाडा चली गईं। वहां उनके मामा पहले से रहते थे, जिन्होंने उन्हें कनाडा बुलाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। भाई की शादी में आईं तो टेस्ट छूटा पिता ने कहा कि कनाडा पहुंचकर जसदीप ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने वहां के सिस्टम के अनुसार खुद को तैयार किया और पुलिस विभाग में भर्ती होने का लक्ष्य तय किया। इस दौरान उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा और सख्त चयन प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, जिसमें शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक स्तर पर खुद को साबित करना होता है। साल 2023 में जब उनके भाई की शादी थी, तब जसदीप पंजाब आई थीं। इस दौरान उनका पुलिस का टेस्ट छूट गया, जिससे उनके सफर में थोड़ी रुकावट आई। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी शुरू कर दी। परिवार को गिफ्ट देते हुए लोग। 3 मई को पुलिस की नौकरी ज्वॉइन की आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और 15 मार्च 2026 को उन्होंने पुलिस का टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया। इसके बाद 3 मई 2026 को उन्होंने ‘पीस ऑफिसर’ के पद पर अपनी नौकरी ज्वॉइन कर ली। सरपंच राजा मल्लके ने बताया कि जसदीप की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कनाडा जैसे विकसित देश में पुलिस विभाग में नौकरी पाना आसान नहीं होता, लेकिन जसदीप ने अपने दृढ़ इरादों से यह संभव कर दिखाया। उन्होंने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि जसदीप ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता खासकर युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणादायक है, जो यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पीस ऑफिसर कौन हो सकते हैं? पुलिस अधिकारी: इसमें म्युनिसिपल पुलिस, प्रांतीय पुलिस (जैसे OPP) और RCMP (रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस) के सदस्य शामिल हैं। करेक्शनल ऑफिसर: जेलों और सुधार गृहों में काम करने वाले अधिकारी जो कैदियों की सुरक्षा और अनुशासन देखते हैं। बैलिलिफ और शेरिफ: जो अदालती आदेशों को लागू करते हैं और कोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कस्टम्स और बॉर्डर अधिकारी (CBSA): जो कनाडा की सीमाओं पर सुरक्षा और कानूनों का पालन करवाते हैं। मुख्य जिम्मेदारिया कानून व्यवस्था बनाए रखना: समाज में शांति और व्यवस्था सुनिश्चित करना। गिरफ्तारी की शक्ति: अपराधियों को वारंट के साथ या बिना वारंट के गिरफ्तार करना और आवश्यकता पड़ने पर उचित बल का प्रयोग करना। सार्वजनिक सुरक्षा: आपातकालीन कॉलों का जवाब देना, गश्त करना और यातायात को नियंत्रित करना। समुदाय की सेवा: अपराध रोकने के लिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर काम करना। पीस ऑफिसर कैसे बनें? नागरिकता: कनाडा का नागरिक या स्थायी निवासी (PR) होना अनिवार्य है। आयु: कम से कम 18 या 19 वर्ष (प्रांत के आधार पर)। शिक्षा: कम से कम हाई स्कूल डिप्लोमा; कई पदों के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी की डिग्री प्राथमिकता दी जाती है। टेस्ट: शारीरिक फिटनेस टेस्ट, लिखित परीक्षा, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और बैकग्राउंड चेक पास करना होता है। *********** ये खबर भी पढ़ें: अमृतसर की बेटी कनाडा में बनी ऑफिसर: 3 साल तक सिक्योरिटी का काम किया, 2016 में पढ़ने गई थी बिजनेस मैनेजमेंट अमृतसर के ब्लॉक अजनाला की बेटी ने कनाडा पुलिस में करेक्शनल पीस ऑफिसर बनकर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। कोमल 2016 में पढ़ने के लिए कनाडा गई थी। उन्होंने तीन साल तक सिक्योरिटी के तौर अपर भी काम किया, लेकिन हार नहीं मानी और अपना और माता पिता का सपना पूरा किया। 25 वर्षीय कोमलजीत कौर ने कनाडा पुलिस में सुधारात्मक शांति अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया। (पढ़ें पूरी खबर)