Monday, 10 Aug 2026 | 05:06 PM

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Punjabi Liquor Businessman Sukhjit Randhawa Murder in Edmonton Canada

Punjabi Liquor Businessman Sukhjit Randhawa Murder in Edmonton Canada

पंजाबी मूल का सुखजीत रंधावी, जिसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। कनाडा के एडमंटन में पंजाबी मूल के शराब कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में दोपहर करीब 1 बजे हुई। . 22 वर्षीय युवक स्टोर में आया और शराब की कुछ बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा। इसके बाद कारोबारी ने उसे रोकने की कोशिश की और स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। इसी दौरान युवक ने उनकी छाती पर गोली चला दी। मृतक की पहचान सुखजीत रंधावा उर्फ सनी (48) के रूप में हुई है। घटना 6 अगस्त की है, जो अब सामने आई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो कनाडाई नागरिक बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद पुलिस ने स्टोर को सील कर दिया और सीसीटीवी फुजेट जुटाकर आरोपी को अरेस्ट कर लिया। शराब की बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा युवक जानकारी के अनुसार, कनाडा के एडमंटन में 22 वर्षीय युवक 6 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में पहुंचा। उसने शराब की कुछ बोतलें उठाईं और बिना पेमेंट किए दुकान से बाहर जाने लगा। स्टोर में मौजूद 48 वर्षीय सुखजीत रंधावा उर्फ सनी ने उसे रोकने की कोशिश की। युवक ने बोतलों के पैसे नहीं दिए। इसके बाद सनी ने उसे रोकने के लिए स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही कारोबारी पर चलाई गोली दरवाजा बंद किए जाने के बाद युवक ने सनी की छाती पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एडमंटन पुलिस सर्विस (EPS) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सनी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत को हत्या करार दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया मामले की जांच के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस की जांच शाखा ने 22 वर्षीय निकलस बटलर-चोवेस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। आरोपी कनाडाई नागरिक है। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं है। दक्षिण एशियाई समुदाय और दुकानदारों में आक्रोश घटना के बाद दक्षिण एशियाई समुदाय और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश है। एडमंटन के मेयर अमरजीत सोही और स्थानीय नेताओं ने घटना को गंभीर त्रासदी बताया है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शहर में छोटे दुकानदारों की सुरक्षा चिंताजनक होती जा रही है। उनका कहना है कि कारोबारियों और कर्मचारियों को अक्सर आपराधिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायी संघ ने की सुरक्षा की मांग सुखजीत रंधावा को याद करते हुए उनके ग्राहकों और दोस्तों ने बंद दुकान के बाहर मोमबत्तियां, फूल और अगरबत्तियां रखकर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने बताया कि सुखजीत बेहद मिलनसार और दयालु इंसान थे और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहते थे। घटना के बाद स्थानीय व्यवसायी संघ ने प्रशासन से रिटेल स्टोर्स और कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। ************ ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में पंजाबी युवक को फेंटानिल पिलाकर मारा: कफ सिरप में मिलाया, किसी और को देना था; 5 साल पुराने मामले में खुलासा कनाडा के चेस्टर्मेयर में रहने वाले पंजाबी युवक की मौत मामले में अल्बर्टा पुलिस ने पांच साल लंबी जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि साहिल की मौत कफ सिरप में जानलेवा दवा फेंटानिल मिलाकर पिलाने से हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर)

Canada Gurdwara Clash | Management Committee Dispute & CCTV Footage

Canada Gurdwara Clash | Management Committee Dispute & CCTV Footage

कनाडा के मॉन्ट्रियाल के गुरुद्वारा साहिब में झगड़े के दौरान बरछे से मेंबर पर हमले की कोशिश करते प्रधान को रोकते लोग। कनाडा के गुरुद्वारे में गोलक के हिसाब को लेकर 2 गुट आपस में भिड़ गए। जिस वक्त ये घटना हुई, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मीटिंग चल रही थी। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एक मेंबर की तरफ बरछा (भाला) ताने हुए नजर आए। मेहर सिंह गुट के लोगों ने . इस झगड़े का CCTV फुटेज सामने आया है। जिसे 2 अगस्त को ‘जट्ट वी लाइक कनाडा’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया। इसी पेज पर प्रधान का एक कथित ऑडियो भी पोस्ट किया गया, जिसमें उन पर लड़कियों को फोन करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह, जिन पर हमला करने के आरोप लगे हैं। 5 पॉइंट में जानें, CCTV में क्या दिख रहा… 1. बैठक के दौरान हिसाब पर शुरू हुई बहस: कनाडा के मॉन्ट्रियाल स्थित लसाल गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हॉल में प्रबंधन कमेटी की बैठक चल रही थी। इसी दौरान गोलक के पैसों के हिसाब-किताब और मर्यादा के उल्लंघन का मुद्दा उठा। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया। 2. सवाल सुनते ही गुस्से में उठे प्रधान: वीडियो में सफेद कुर्ता पहने प्रधान सुरजीत सिंह कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं। हाल के एक कोने में बैठे सदस्य मेहर सिंह के सवाल उठाते ही प्रधान गले से सिरोपा उतारकर टेबल पर रखते हैं और तेजी से उनकी ओर बढ़ जाते हैं। सवाल पूछते ही उठकर मेंबर मेहर सिंह की तरफ बढ़ते प्रधान सुरजीत सिंह। 3. दोनों के बीच हुई हाथापाई: मेहर सिंह भी तुरंत उठकर अपनी पगड़ी उतारकर एक तरफ रख देते हैं। इसके बाद प्रधान उन्हें थप्पड़ मारते हैं। जवाब में मेहर सिंह भी पलटवार की कोशिश करते हैं और दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है। इस दौरान दोनों एक-दूसरे का गला पकड़ लेते हैं। प्रधान ने जाते ही मेहर सिंह को थप्पड़ जड़ने की कोशिश की। 4. बीच-बचाव के दौरान बरछा उठा लिया: मौके पर मौजूद सदस्य दोनों को अलग करने की कोशिश करते हैं। इसी बीच प्रधान लोगों की पकड़ से छूटकर दरवाजे के पास रखा बरछा उठा लेते हैं और मेहर सिंह की ओर तान देते हैं। हालांकि, मौजूद लोग उन्हें रोक लेते हैं और दूसरी तरफ ले जाते हैं। इसके बाद गुस्से में आकर प्रधान ने हाल में रखा बरछा उठाकर हमले की कोशिश की। 5. मामला शांत, संगत ने कार्रवाई की मांग की: दोनों गुटों के बीच करीब 10 मिनट तक धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में अन्य सदस्यों ने मामला शांत कराया और मेहर सिंह को उनकी पगड़ी वापस पहनाई। गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी के लोगों ने बीच बचाव किया और मेहर सिंह को पगड़ी दी। प्रधान पर क्या आरोप हैं? गुरुद्वारे के प्रधान सुरजीत सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के चिट्टा गांव के रहने वाले हैं। वह पिछले करीब 10 साल से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से जुड़े हैं। आरोप है कि गोलक का हिसाब मांगने पर उन्होंने गुस्से में हमला करने की कोशिश की। गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हाल में हो रहे झगड़े को छुड़वाने अन्य मेंबर। पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं खबर लिखे जाने तक मॉन्ट्रियाल पुलिस की ओर से इस मामले में किसी शिकायत, केस दर्ज होने या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना का CCTV सोशल मीडिया पर वायरल है। घटना के बाद संगत में नाराजगी वीडियो सामने आने के बाद कनाडा में सिख संगत और भारतीय समुदाय में नाराजगी है। श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थल पर हिंसा और हथियार निकालने को गुरु घर की मर्यादा के खिलाफ बताया। संगत ने गोलक के पैसों की निष्पक्ष जांच, प्रधान को पद से हटाने और नए प्रबंधक की नियुक्ति की मांग की है। ************** ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी पुलिस गुरुद्वारे में जूते पहनकर घुसी, VIDEO:सिर भी नंगा; गोलक को लेकर हुआ था झगड़ा अमेरिका की पुलिस एक गुरुद्वारे में जूते पहनकर ही अंदर घुस गई। जिस जगह पुलिस वाले खड़े थे, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पवित्र स्वरूप भी रखा हुआ था। इसका वीडियो सामने आते ही पंजाब में सिख संगठनों में गुस्सा है। उन्होंने इसे मर्यादा के उलट बताया है। पुलिस यहां गोलक को लेकर हुए विवाद के बाद आई थी (पढ़ें पूरी खबर)

पंजाबी युवक ने 280 की स्पीड में दौड़ाई कार,VIDEO:कनाडा में 81 लाख की कार्वेट गाड़ी से स्टंट, टायरों से धुआं भी निकला

पंजाबी युवक ने 280 की स्पीड में दौड़ाई कार,VIDEO:कनाडा में 81 लाख की कार्वेट गाड़ी से स्टंट, टायरों से धुआं भी निकला

कनाडा के कैलगिरी में पंजाबी युवक की रैश ड्राइविंग का एक वीडियो सामने आया है। युवक ने 280 की स्पीड में अपनी कार्वेट कार को ट्रैफिक भरे रोड पर भगाया। वीडियो में कार का स्पीडोमीटर भी दिखाया गया है। युवक ने कार के टायरों से धुआं निकालने का एक अन्य वीडियो भी शेयर किया है। कनाडा के लोगों ने इस युवक का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर कर इसे डिपोर्ट करने और कार्रवाई करने की मांग की है। कार चला रहे युवक की पहचान जस सिंह के रूप में हुई है। युवक पंजाब में कहां का रहने वाला है, इसके बारे में पता नहीं लग पाया है। युवक ने इंस्टाग्राम पर अपने अकाउंट jas_singh_25 से 2 अगस्त को वीडियो अपलोड किया। वीडियो के साथ युवक ने अपने फोटो भी शेयर किए हैं। इसमें गोल्डन टेंपल में माथा टेकते दिख रहा है। फिल्हाल युवक के खिलाफ अभी कनाडा पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। बता दें कि कनाडा में इस तरह से रैश ड्राइविंग पर लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल का भी प्रावधान है। अब पढ़िए वीडियों में क्या दिख रहा है… युवक को डिपोर्ट करने की उठी मांग सोशल मीडिया यूजर्स ने जस सिंह को कनाडा में पढ़ाई का मौका मिलने के बावजूद कानून और जनसुरक्षा का अनादर करने का आरोप लगाया। कई पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कि कोई गंभीर दुर्घटना हो, उसे देश से बाहर भेज दिया जाए। अभी तक कैलगरी पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की बढ़ रही शिकायतों पर चिंता कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के साथ कई शहरों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और खतरनाक ड्राइविंग की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। स्थानीय प्रशासन से इस वीडियो की जांच की मांग की जा रही है। रैश ड्राइविंग पर कनाडा में 2 साल जेल हो सकती है कनाडा में खतरनाक ड्राइविंग (क्रिमिनल कोड धारा 320.13) गंभीर अपराध है। चोट और मौत न होने पर अधिकतम 10 साल की जेल या 2 साल से कम या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चोट लगने पर अधिकतम 14 साल जेल, मौत होने पर आजीवन कारावास तक सजा संभव है। पहले अपराध पर न्यूनतम 1000 डॉलर जुर्माना, दोहराए जाने पर जेल की अवधि बढ़ती है। लाइसेंस रद्द, आपराधिक रिकॉर्ड और गैर-नागरिकों के लिए डिपोर्टेशन भी हो सकता है।

Canada Portage College Students Protest

Canada Portage College Students Protest

प्रदर्शन के दौरान अपनी बात बताते हुए छात्रा रो पड़ी। उसने बताया कि उसके ससुराल वालों ने उसे जमीन बेचकर कनाडा भेजा था। कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। . छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। जबकि, पोटाज कॉलेज ने एडमिशन के वक्त वादा किया था कि उन्हें PGWP मिलेगा और उनकी डिग्री वैध होगी। अब जब उनके लाखों रुपए कोर्स पर बर्बाद हो गए तो घर जाने के लिए कह रहे हैं। पंजाब की एक छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि रेंट मांगकर भरना पड़ रहा है। 3 दिन भूखी रही। हफ्तों आटा नहीं आ पा रहा। मुझे भेजने के लिए ससुरालवालों ने जमीन तक बेच दी। 22 से 25 लाख रुपए बर्बाद हो गए। अब ससुराल वालों को क्या बताऊं, कैसे घर जाऊं? जो लोग सोचते हैं कि कनाडा में मजे हैं, वे देखे लें, ये यहां की कड़वी सच्चाई है। एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि कनाडा में वर्क परमिट के चक्कर में वह दादा की मौत पर नहीं जा पाई। अब पैसा बर्बाद हो चुका है। घरवालों को क्या बताएं? यह कहते ही वह रोने लगी। पिता की मौत पर 1 साल पहले घर गई छात्रा को कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने यह कहते हुए वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया कि उसकी एंट्री 2024 में नहीं हुई है। धरना दे रहे स्टूडेंट्स की ऐसी ही दर्द भरी कहानियां हैं। कुछ पर कर्ज का बोझ है तो कई पेरेंट्स को न बता पाने से डिप्रेशन में हैं। आइए जानते हैं, उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी… कनाडा में कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते प्रवासी छात्र। सड़कों पर धरना दे रहे स्टूडेंट्स ने परेशानियां बताईं… ससुरालवालों ने जमीन बेचकर भेजा, यहां भूखी रह रही हूं अपना नाम न बताते हुए एक मैरिड छात्रा ने बताया कि वह 2 साल से ज्यादा वक्त से कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रही है। ससुराल वालों ने अपनी जमीन बेचकर उसे यहां भेजा था। अब इमिग्रेशन विभाग ने कहा कि उनकी डिग्री मान्य नहीं है। छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि किराए तक के पैसे नहीं हैं। गैस स्टेशन पर काम तक नहीं मिल रहा। मैं 3 दिन भूखी रही। 7-7 दिन घर पर आटा नहीं आ रहा है। अब मैं अपने ससुरालवालों से क्या कहूं और उनका 22 लाख रुपए का कर्ज कैसे लौटाऊं? जब यहां कोई काम ही नहीं मिल रहा है। 32 हजार डॉलर फीस भरी गई। हम 24 घंटे नियमों और कायदों के दायरे में रहे और कभी कोई गलत काम नहीं किया। मुझे पता है कि उन्होंने फीस के पैसे कैसे जुटाए थे। कनाडा में वर्क परमिट के लिए आंदोलन कर रहे छात्र। कॉलेज के खिलाफ वकील तक नहीं कर सकते पंजाबी स्टूडेंट जशन सिंह ने बताया कि किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी। वह अपना 2 साल का डिप्लोमा पूरा कर वर्क परमिट के लिए आए थे, लेकिन हाल ही में नियम बदलने के कारण बड़ी संख्या में रिजेक्शन मिलने लगे हैं। उनका सवाल यह है कि अगर मंजूरी या रिजेक्शन मिल रहा है, तो वह किस आधार पर दिया जा रहा है? जशन ने कहा- हम मुख्य कैंपस भी गए थे और इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। कॉलेज प्रशासन का साफ कहना था कि वे न तो वकील कर सकते हैं और न ही किसी तरह की मदद कर सकते हैं। दादा की मौत पर पंजाब नहीं जा पाई, यहां भी सब बर्बाद हो गया पंजाबी छात्रा जसमीत कौर ने रोते हुए बताया कि वह यहां 3 साल पहले एल्गोमा यूनिवर्सिटी आई थी, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण उसने अपनी पढ़ाई बदल ली। उसने यहां सब पता किया था कि कोर्स के बाद PGWP मिलेगा और इसका भविष्य में अच्छा स्कोप है। 2 साल पढ़ाई करने के बाद अब सब कुछ बेकार लग रहा है। जसमीत कौर ने कहा- मेरे लगभग 32 हजार डॉलर डूब गए हैं। इसी दौरान मेरे दादा की मौत हो गई। अगर मुझे पहले से पता होता कि ऐसा सब होने वाला है, तो मैं सब कुछ छोड़कर तुरंत वापस चली जाती, ताकि कम से कम आखिरी बार अपने दादा को देख पाती। अब न तो वे वापस आ सकते हैं और न ही पैसे वापस मिल सकते हैं। जसमीत कौर और उसकी दोस्त अपने दादा की मौत के बारे में बताकर भावुक हो गई। कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी, फिर भी नहीं मान रहे एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि उनके कॉलेज की तरफ से उन्हें साफ कहा गया था कि वे PGWP के लिए एलिजिबल हैं। इसके लिए उनके पास कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी है। कॉलेज ने उन्हें एक पत्र भी दिया था, ताकि वे उसका उपयोग कर वर्क परमिट ले सकें, लेकिन अब इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) उस पत्र को भी खारिज कर रही है और कह रही है कि यह मान्य कारण नहीं है। छात्र मई 2023 में पढ़ाई के लिए आए थे और जब नवंबर 2024 में नया नियम लागू हुआ, तब तक उनकी पढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी थी। आशीष बोले- सांसद और विधायक प्रदर्शन में साथ दें स्टूडेंट आशीष बूरा ने कहा कि सभी छात्र आज अपनी मांग उठाने के लिए एकत्र हुए हैं। पहले वे सिटी हॉल गए थे, लेकिन वहां ज्यादा देर रुकने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए फिर उन्होंने इस जगह पर इकट्ठा होने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि अब उनके कई साथी भाई-बहन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहां काफी संख्या में छात्र जमा हैं और उन्होंने लोगों से समर्थन मांगने के लिए हॉर्न बजाने की अपील करने वाले पोस्टर लगाए हैं, जिस पर सड़कों से गुजरने वाले लोग लगातार हॉर्न बजाकर अपना पूरा समर्थन दिखा रहे हैं। आशीष ने स्थानीय सांसदों (MP) और विधायकों (MLA) से भी इस प्रदर्शन में साथ देने की अपील की है, क्योंकि यह पूरी बिरादरी और

Canada Punjabi Students Protest Against Deportation Risk

Canada Punjabi Students Protest Against Deportation Risk

अल्बर्टा के कैलगरी में सड़क पर प्रदर्शन करते हुए छात्र कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 500 पंजाबी छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। इसके विरोध में करीब 1,000 भारतीय छात्र पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छ . कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए कुछ छात्रों ने 29 जुलाई से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जिन नियमों और भरोसे के आधार पर उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई पूरी की, अब उसी पढ़ाई को नॉन-क्रेडिटेबल बताकर वर्क परमिट से इनकार किया जा रहा है। इससे कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं, सिर पर परिवार का कर्ज है। उन्होंने कनाडा में पढ़ाई की है, इसलिए उन्हें वहां काम करने का मौका मिलना चाहिए। वे चाहते हैं कि कनाडाई अधिकारी उनके मामलों की दोबारा समीक्षा करें। इधर, कनाडा सरकार और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा कि वह पोर्टेज कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी डिग्री देने वाला संस्थान नहीं कहेंगी, लेकिन उनका मानना है कि संस्थान ने स्थायी निवास (PR) को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों का वीजा खत्म हो जाएगा और जिनके पास स्थायी निवास (PR) नहीं होगा, उन्हें अपने देश वापस लौटना होगा। पोस्ट ग्रेजुएट वर्क परमिट रिफ्यूज होने के बाद कैलगिरी के गुरुद्वारा पहुंचे स्टूडेंट्स। छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे, 4 पॉइंट में जानिए… पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को थमाए रिफ्यूजल- एक छात्रा ने कहा कि वह 10 जुलाई 2024 को पहली बार कनाडा आई थी। इस बीच उसने अपनी पढ़ाई पूरी की। किसी भी पेपर में वह फेल नहीं है। कॉलेज ने 15 मई से पहले रजिस्ट्रेशन वालों को पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट देने की बात कही थी। 16 जुलाई 2026 को उसे वर्क परमिट की रिफ्यूजल भेज दी गई। रिफ्यूजल का कारण ये आया कि 23 नवंबर 2025 को मेरी कनाडा में एंट्री दिखाई गई। मेरे साथ आई और लड़कियों को वर्क परमिट मिल गया, लेकिन मुझे नहीं मिला। स्टूडेंट्स को मिला रिजेक्शन लेटर: स्टूडेंट्स ने कहा कि उन्होंने इस विश्वास के साथ इन कार्यक्रमों में प्रवेश लिया था कि पढ़ाई पूरी होने के बाद वे पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के लिए पात्र होंगे। हालांकि, बाद में कई लोगों को इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) से रिजेक्शन लेटर मिले, जिससे वे ग्रेजुएशन के बाद कनाडा में काम करने में असमर्थ हो गए। कई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में गए- स्टूडेंट्स ने कहा कि अचानक पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट रिफ्यूजल के कारण कई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में हैं। इन पर परिवार का कर्ज उतारने का बोझ है। अल्बर्टा के कैलगरी स्थित पोटाज कॉलेज के लगभग 250 छात्रों की वर्क परमिट फाइलें 2 दिनों में रिजेक्ट कर दी गई हैं। यह आंकड़ा 2000 तक पहुंच सकता है। 20 लाख रुपए खर्च कर हाथ खाली- पीड़ित छात्रों और इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने बताया कि 15 मई 2024 से पहले जिन छात्रों ने कॉलेज में पढ़ाई पूरी की थी, उन्हें वर्क परमिट मिलना चाहिए था। हमने 32 हजार डॉलर यानी 20 लाख रुपए की फीस भरकर पढ़ाई पूरी की। 7 जुलाई 2024 से पहले हमारे साथ ही एक ही बेंच पर बैठे दोस्तों को 3-3 साल के वर्क परमिट मिले हैं, लेकिन 7 जुलाई के बाद अचानक हमारी फाइलें खारिज की जाने लगीं। रिजेक्शन का कारण बताया जा रहा है कि हमारा कोर्स नॉन-क्रेडिटेबल है। जब 15 मई से पहले सब सही था, तो अब हमारे साथ यह भेदभाव क्यों? न हेल्थ कार्ड, न काम करने का अधिकार- स्टूडेंट्स ने कहा कि वर्क परमिट रिजेक्ट होते ही छात्रों का कानूनी स्टेटस खत्म हो गया है। पढ़ाई खत्म होते ही छात्रों के हेल्थ कार्ड रद्द हो चुके हैं। कई छात्र गंभीर बीमारियों के बावजूद डॉक्टर के पास नहीं जा पा रहे हैं। स्टूडेंट्स ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि खत्म हो रही है, जिससे उनके पास कोई पहचान पत्र भी नहीं बचा है। रिजेक्शन की खबर से डरकर कई छात्र डिप्रेशन में हैं। माता-पिता के डर से वे अपने घरों और हॉस्टल के कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। कैलगरी के गुरुद्वारा में प्रबंधक कमेटी के सदस्य स्टूडेंट्स को हिम्मत देते हुए। गुरुद्वारा कमेटी आई आगे, कहा- लंगर की फिक्र न करें, हिम्मत रखें कैलगरी के लोकल गुरुद्वारा साहिब ने छात्रों के लिए दरवाजे खोले हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समय बहुत कठिन है, लेकिन कोई भी बच्चा पैनिक होकर गलत कदम न उठाए। परिवार से कोई बात न छुपाएं। गुरु घर के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। किसी को राशन, लंगर या रहने की दिक्कत हो तो निसंकोच आएं, पूरी मदद की जाएगी। लीगल एक्सपर्ट्स बोले- री-अप्लाई न करें, कोर्ट जाएं बैठक में पहुंचे कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने छात्रों को कानूनी रास्ते समझाए। वकीलों ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग को तुरंत वेब-फॉर्म के जरिए री-कंसीडरेशन की रिक्वेस्ट भेजी जाए। CS इमिग्रेशन ने ऐलान किया है कि वे सभी छात्रों के लिए यह काम मुफ्त करेंगे। रिफ्यूजल मिलने के 15 दिनों के अंदर छात्रों को फेडरल कोर्ट में मामले को चुनौती देनी होगी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि छात्र दोबारा वर्क परमिट के लिए री-अप्लाई न करें। अगर फाइल दोबारा रिजेक्ट हुई, तो तुरंत देश छोड़ने का नोटिस आ सकता है। 90 दिनों में नए कॉलेज में एडमिशन से बचा सकते स्टेटस कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने कहा कि छात्रों को सलाह दी गई है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ 90 दिनों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉलेज में नया कोर्स लेकर अपना स्टूडेंट स्टेटस रीस्टोर करें, ताकि वे कनाडा में लीगल रह सकें। **************** ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी: नए इमिग्रेशन कानून से शरणार्थी की मान्यता खत्म, 30 हजार स्टूडेंट्स को मिला नोटिस कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता

Toronto Murder Case | Sharanjit Singh Arrested for Navneet Kaur Killing

Toronto Murder Case | Sharanjit Singh Arrested for Navneet Kaur Killing

कनाडा के टोरंटो शहर में पंजाबी युवती नवनीत कौर(26) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। जिस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर और कोर्ट की अंडरटेकिंग का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। . पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई। उसके बाद युवक ने युवती पर गोली चला दी। फिर वह मौके से फरार हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने इसे टारगेट किलिंग करार दिया है। वहीं परिजनों का आरोप है कि युवक शादीशुदा होने के बावजूद युवती पर जबरन शादी का दबाव बना रहा था। इसी वजह से वह कुछ महीने पहले पंजाब भी लौट आई थी। इनकार करने पर उसने युवती की हत्या कर दी। कत्ल को लेकर कनाडा पुलिस की 3 अहम बातें… सुबह हुई वारदात, युवती की मौके पर मौत हुई: पुलिस के मुताबिक टोरंटो के हंबरवुड बुलेवार्ड और रेक्सडेल बुलेवार्ड (आर्बरवुड ड्राइव) इलाके में यह वारदात 24 जुलाई की सुबह करीब 7:23 बजे हुई। आरोपी का नाम शरणदीप सिंह (37) है। पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले आरोपी और नवनीत कौर के बीच कुछ देर बातचीत हुई। इसके बाद उसने युवती पर गोली चला दी। सूचना मिलते ही आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आरोपी वहां से भागा, ब्रैम्पटन का रहने वाला: वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। बाद में ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ब्रैम्पटन का रहने वाला है। उसे 25 जुलाई 2026 को ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस में पेश किया गया। टारगेट किलिंग का मामला, जांच की जा रही: पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह टारगेटेड शूटिंग (निशाना बनाकर किया गया हमला) प्रतीत होती है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे की वजह या आरोपी और मृतका के रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। मामले की जांच जारी है। परिवार का दावा- शादी के लिए बना रहा था दबाव जर्मनी में रह रहे मृतका के अमृतसर निवासी चचेरे भाई मलकीत सिंह ने बताया कि नवनीत और आरोपी पहले एक ही जगह काम करते थे और एक-दूसरे को जानते थे। हालांकि, दोनों के बीच किसी तरह का प्रेम संबंध नहीं था। परिवार के मुताबिक, आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह लगातार अपनी पत्नी को तलाक देकर नवनीत से शादी करने का दबाव बना रहा था। युवती द्वारा इनकार करने पर उसने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। कनाडा पुलिस और आरोपी के परिवार से भी की थी शिकायत परिजनों का दावा है कि नवनीत ने आरोपी की हरकतों की शिकायत कनाडा पुलिस से भी की थी। इसके अलावा भारत में आरोपी के परिवार से संपर्क कर बताया गया था कि उनका बेटा युवती को लगातार परेशान कर रहा है। परिवार के अनुसार, आरोपी के परिजनों ने भी माना था कि वे खुद उसके व्यवहार से परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायत को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। डर के कारण दो-तीन महीने पहले भारत आई थी परिजनों के मुताबिक, आरोपी की लगातार हरकतों से परेशान होकर नवनीत करीब दो-तीन महीने पहले भारत आई थी। उसने कुछ समय पंजाब में अपने परिवार के साथ डर के माहौल में बिताया और बाद में वापस कनाडा लौट गई थी। परिवार का कहना है कि वह अच्छी नौकरी कर रही थी और अपने करियर पर ध्यान दे रही थी। पुलिस ने लोगों से मांगी मदद टोरंटो पुलिस ने घटना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी रखने वाले लोगों से आगे आने की अपील की है। पुलिस ने आसपास के इलाके की CCTV और डैशकैम फुटेज रखने वाले लोगों से भी जांच में सहयोग करने को कहा है। इसके अलावा, क्राइम स्टॉपर्स के जरिए भी सूचना देने की अपील की गई है। टोरंटो पुलिस के मुताबिक, यह वर्ष 2026 में शहर का 22वां हत्या का मामला है। ******************** ये खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड में पंजाबी लड़की की हत्या, पेट-छाती पर 5 वार पंजाब के तरनतारन की युवती की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। उसके पेट-छाती में 5 बार चाकू से वार किए गए। युवती करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे वर्क परमिट मिल गया था और वह वहीं रहकर नौकरी कर रही थी। युवती की हत्या के बाद आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो चाकू लेकर जाता हुआ दिख रहा है। वीडियो घर के गेट के कैमरे में कैद हुआ(पढ़ें पूरी खबर)

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Round Of 16 Starts; Canada Vs Morocco, France Vs Paraguay स्पोर्ट्स डेस्क7 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले आज रात से शुरु हो रहे हैं। पहले मैच में मेजबान कनाडा का मुकाबला मोरक्को से होगा। यह मैच रात 10:30 बजे से ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद किलियन एम्बापे की फ्रांस टीम की भिड़ंत पैराग्वे से होगी। एम्बापे इस टूर्नामेंट में 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे है। टीम को उनसे फिर गोल की उम्मीद होगी। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में रात 2:30 बजे से शुरु होगा। मैच 89: कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती कनाडा और मोरक्को के बीच अब तक कुल 2 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार और दोनों में मोरक्को का दबदबा रहा है। मोरक्को ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। मोरक्को पेनाल्टी शूटआउट में जीता, कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराया कनाडा ने राउंड ऑफ 32 में साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया था। बोस्निया से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। वहीं स्विट्जरलैंड से उसे 2-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में रोमांचक जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में उसने 3-2 जीत हासिल की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं ब्राजील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से अच्छे खेल की उम्मीद होगी। वहीं मोरक्को स्टार विंगर हाकिम जियेच और डिफेंडर अचराफ हकीमी के अनुभव पर भरोसा करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल। मैच 90: फ्रांस और पैराग्वे की वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पैराग्वे और फ्रांस के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से हराया था। वहीं 1998 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में ही फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस अब तक नहीं हारी, पैराग्वे ने जर्मनी को हराया फ्रांस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में टीम ने शानदार जीत हासिल की। उसने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। फुल टाइम तक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया। ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वहीं अमेरिका के खिलाफ 4-1 से हार मिली। पैराग्वे को स्टार खिलाड़ी जूलियो एनसिसो और जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी बचाने वाले गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं फ्रांस एम्बापे के आक्रामक खेल के दम पर मैच को डोमिनेट कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पैराग्वे : ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो, एवलोस। फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

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Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Round Of 16 Starts; Canada Vs Morocco, France Vs Paraguay स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले आज रात से शुरु हो रहे हैं। पहले मैच में मेजबान कनाडा का मुकाबला मोरक्को से होगा। यह मैच रात 10:30 बजे से ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद किलियन एम्बापे की फ्रांस टीम की भिड़ंत पैराग्वे से होगी। एम्बापे इस टूर्नामेंट में 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे है। टीम को उनसे फिर गोल की उम्मीद होगी। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में रात 2:30 बजे से शुरु होगा। मैच 89: कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती कनाडा और मोरक्को के बीच अब तक कुल 2 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार और दोनों में मोरक्को का दबदबा रहा है। मोरक्को ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। मोरक्को पेनाल्टी शूटआउट में जीता, कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराया कनाडा ने राउंड ऑफ 32 में साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया था। बोस्निया से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। वहीं स्विट्जरलैंड से उसे 2-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में रोमांचक जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में उसने 3-2 जीत हासिल की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं ब्राजील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से अच्छे खेल की उम्मीद होगी। वहीं मोरक्को स्टार विंगर हाकिम जियेच और डिफेंडर अचराफ हकीमी के अनुभव पर भरोसा करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल। मैच 90: फ्रांस और पैराग्वे की वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पैराग्वे और फ्रांस के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से हराया था। वहीं 1998 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में ही फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस अब तक नहीं हारी, पैराग्वे ने जर्मनी को हराया फ्रांस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में टीम ने शानदार जीत हासिल की। उसने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। फुल टाइम तक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया। ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वहीं अमेरिका के खिलाफ 4-1 से हार मिली। पैराग्वे को स्टार खिलाड़ी जूलियो एनसिसो और जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी बचाने वाले गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं फ्रांस एम्बापे के आक्रामक खेल के दम पर मैच को डोमिनेट कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पैराग्वे : ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो, एवलोस। फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Hindi News Sports Canada Beats South Africa 1 0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores In Injury Time लॉस एंजिल्स8 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। उसने सोमवार को साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया। कनाडा ने पहली बार इस टूर्नामेंट का कोई नॉकआउट मैच जीता है। अब उसका सामना 4 जुलाई को नीदरलैंड और मोरक्को के विनर से होगा। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मैच के 90 मिनट तक कोई गोल नहीं आया। यहां तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। इसके बाद एलिस्टेयर जॉनस्टन ने इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में डी के बाहर से गोल करके कनाडा को जीत दिला दी। उन्हें सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गोल सेलिब्रेट करते एलिस्टेयर जॉनस्टन। खास बात 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में मैच कोचिंग करने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने ओस्कर तबारेज का रिकॉर्ड तोड़ा। तबारेज ने 2018 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में 71 साल की उम्र में उरुग्वे को कोच किया था। 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस ने साउथ अफ्रीका को कोच किया। कनाडा के कोच जेसी ने प्लेयर्स को नेशनल हीरो बताया मैच के बाद कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श इमोशनल हो गए। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों को नेशनल हीरो बताया। उन्होंने कहा कि वे देश के भविष्य के लिए प्रेरणा बन गए हैं। अब कनाडा में फुटबॉल का भविष्य और उज्ज्वल होगा। जीत सेलिब्रेट करते कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श। डेविस की वापसी से बढ़ी टीम की ताकत स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस ने 75वें मिनट में चोट से वापसी की। उन्होंने मैदान पर उतरते ही प्रॉमिस डेविड के लिए शानदार मौका बनाया, हालांकि उसे गोल में नहीं बदला जा सका। आखिरकार यूस्टाक्वियो ने टीम को अतिरिक्त समय में जाने से बचा लिया। साउथ अफ्रीका ने किया कड़ा मुकाबला साउथ अफ्रीका ने पूरे मैच में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और गोल होने तक कनाडा को लगातार रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने पांच शानदार बचाव किए, लेकिन अंतिम क्षणों में टीम को हार से नहीं बचा सके। —————————————- फुटबॉल वर्ल्डकप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ब्राजील ने जापान को 11 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप में आज आमने-सामने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में के ‘राउंड ऑफ 32’ में आज रात 5 बार की चैंपियन ब्राजील का मुकाबला जर्मनी से होगा। दोनों टीमों के बीच हुए 14 मुकाबलों में ब्राजील 11 बार जीती है। वहीं जापान को सिर्फ 1 जीत हासिल हुई है। यह मैच आज रात 10:30 बजे से ह्युस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Canada Beats South Africa 1-0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores in Injury Time

Hindi News Sports Canada Beats South Africa 1 0, Reaches Top 16; Eustáquio Scores In Injury Time लॉस एंजिल्स25 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। उसने सोमवार को साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया। कनाडा ने पहली बार इस टूर्नामेंट का कोई नॉकआउट मैच जीता है। अब उसका सामना 4 जुलाई को नीदरलैंड और मोरक्को के विनर से होगा। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मैच के 90 मिनट तक कोई गोल नहीं आया। यहां तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं। इसके बाद एलिस्टेयर जॉनस्टन ने इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में डी के बाहर से गोल करके कनाडा को जीत दिला दी। उन्हें सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गोल सेलिब्रेट करते एलिस्टेयर जॉनस्टन। खास बात 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में मैच कोचिंग करने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने ओस्कर तबारेज का रिकॉर्ड तोड़ा। तबारेज ने 2018 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में 71 साल की उम्र में उरुग्वे को कोच किया था। 74 साल और 79 दिन के ह्यूगो ब्रूस ने साउथ अफ्रीका को कोच किया। कनाडा के कोच जेसी ने प्लेयर्स को नेशनल हीरो बताया मैच के बाद कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श इमोशनल हो गए। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों को नेशनल हीरो बताया। उन्होंने कहा कि वे देश के भविष्य के लिए प्रेरणा बन गए हैं। अब कनाडा में फुटबॉल का भविष्य और उज्ज्वल होगा। जीत सेलिब्रेट करते कनाडा के हेड कोच जेसी मार्श। डेविस की वापसी से बढ़ी टीम की ताकत स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस ने 75वें मिनट में चोट से वापसी की। उन्होंने मैदान पर उतरते ही प्रॉमिस डेविड के लिए शानदार मौका बनाया, हालांकि उसे गोल में नहीं बदला जा सका। आखिरकार यूस्टाक्वियो ने टीम को अतिरिक्त समय में जाने से बचा लिया। साउथ अफ्रीका ने किया कड़ा मुकाबला साउथ अफ्रीका ने पूरे मैच में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और गोल होने तक कनाडा को लगातार रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने पांच शानदार बचाव किए, लेकिन अंतिम क्षणों में टीम को हार से नहीं बचा सके। —————————————- फुटबॉल वर्ल्डकप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ब्राजील ने जापान को 11 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप में आज आमने-सामने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में के ‘राउंड ऑफ 32’ में आज रात 5 बार की चैंपियन ब्राजील का मुकाबला जर्मनी से होगा। दोनों टीमों के बीच हुए 14 मुकाबलों में ब्राजील 11 बार जीती है। वहीं जापान को सिर्फ 1 जीत हासिल हुई है। यह मैच आज रात 10:30 बजे से ह्युस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…