Wednesday, 24 Jun 2026 | 08:55 AM

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Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

कैलगरी शो में खालिस्तानियों के झंडे दिखाने पर दिलजीत दोसांझ ने थापी देकर गुस्सा दिखाया। – फाइल फोटो पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का ऑरा वर्ल्ड टूर 2026 विवादों में घिर गया गया है। 30 अप्रैल को कनाडा में कैलगरी शो के दौरान खालिस्तानी झंडे दिखाए गए। इसके जवाब में दिलजीत ने जांघ पर थापी देकर कहा था- मैं बाहर उठाकर फेंकूंगा। . अब दिलजीत की इस थापी को लेकर खालिस्तानी चिढ़ गए हैं। इसे लेकर 3 मई को @बब्बर अकाउंट से दिलजीत को चैलेंज किया गया कि अब सामने खड़े रहना। यह थापी खालिस्तान को नहीं पंथ को मारी गई है। खालिस्तानी ने धमकाते हुए कहा- तुम्हें नत्थ डालेंगे। थापी मारकर तुमने सिख होने का मुखौटा उतार दिया है। बब्बू मान और गुरदास मान का अहंकार भी इसी तरह से तोड़ा था। खालिस्तानियों ने यह भी दावा किया कि कैलगरी में दिलजीत के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि दिलजीत ने उठाकर बाहर फेंकने की बात कहकर ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के कानून का उल्लंघन किया है। हालांकि, कैलगरी पुलिस ने इस संबंध में ऑफिशियल नोट जारी नहीं किया है। @बब्बर हैंडल से दिलजीत दोसांझ को खालिस्तानी धमकाता हुआ। खालिस्तानी ने वीडियो में ये धमकी दी… यह थापी पंथ को मारी है: खालिस्तानी हैंडल @बब्बर से शेयर वीडियो में खालिस्तानी ने कहा- दिलजीत ने जो थापी अपने शो में मारी है वह हमें नहीं सिख पंथ को मारी है। इससे पहले ऐसा ही अहंकार गुरदास मान और बब्बू मान को हुआ था। इसके बाद क्या हुआ, सब जानते हैं। अब माफियां मांगते हैं। दिलजीत का भी अहंकार इसी तरह निकालेंगे और इस थापी का जवाब देंगे। अमिताभ बच्चन के पांव क्यों छुए: खालिस्तानी ने कहा कि दिलजीत ने इससे पहले केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शो में अमिताभ बच्चने के पैर छूकर गलत किया। हालांकि, दिलजीत इस मसले पर कह चुके हैं कि वह अमिताभ के शो में पंजाबियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने गए थे, न कि अपने प्रमोशन के लिए। चमकीला को जानबूझकर बच्चे-बच्चे तक पहुंचाया: खालिस्तानी ने दिवंगत पंजाबी सिंगर अमरजीत चमकीला को लेकर बनाई गई फिल्म को लेकर भी दिलजीत दोसांझ को धमकाया। खालिस्तानी ने कहा कि जिस चमकीला का पंजाब से नाम मिटा दिया गया था, उसे दिलजीत ने फिर से बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। दिलजीत बोले- मैं तो बीच में फंस गया दिलजीत ने खालिस्तानी झंडे दिखाने को लेकर हुए विवाद पर 2 मई को एडमंटन (कनाडा) में शो के दौरान कहा- मैं तो बीच में फंस गया हूं। भारत जाता हूं तो वहां कई लोग कहते हैं कि खालिस्तानी आ गया। जब मैं विदेश में आता हूं तो ये कहते हैं कि भारत का बंदा आ गया। ऐसे में मैं क्या करूं? कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर भी खालिस्तानियों ने खड़ी की थी कंट्रोवर्सी। जानें क्या है पूरा विवाद… 30 अप्रैल को खालिस्तानियों ने दिखाए झंडे: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ को ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में शो के दौरान खालिस्तानियों ने झंडे दिखाए। इस पर दिलजीत दिलजीत भड़क गए और पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है, मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। इससे खालिस्तानी भड़क गए और दिलजीत के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर दी। दिलजीत बोले- हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे। इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वह पंजाब की बात रखेंगे तभी वह वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वह शौक से करे। वह इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानियों को भगाया:अमेरिका में शो के दौरान मूसेवाला स्टाइल में थापी मारी, बोले- भागो वर्ना उठाकर बाहर मारूंगा पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। पढ़ें पूरी खबर…

खन्ना के युवक की अमेरिका में मौत:हार्टअटैक आया, दो साल पहले गया था विदेश, स्टोर पर करता था काम

खन्ना के युवक की अमेरिका में मौत:हार्टअटैक आया, दो साल पहले गया था विदेश, स्टोर पर करता था काम

लुधियाना जिले के खन्ना के पास स्थित गांव घणगस के एक युवक की अमेरिका में मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव घणगस निवासी 29 वर्षीय महक सिंह, बेहतर भविष्य की तलाश में 1 अप्रैल 2024 को कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। अमेरिका के इंडियाना में वह एक स्टोर पर काम कर रहा था। मृतक के पिता उदय सिंह ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार 15 अप्रैल को बात हुई थी। उस समय महक सिंह ठीक था और परिवार की चिंता कर रहा था। महक की बुआ सुखविंदर कौर ने बताया कि 21 अप्रैल को भी महक से बातचीत हुई थी। वह सामान्य रूप से बात कर रहा था और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी के बारे में चर्चा कर रहा था। जिसके बाद परिजनों को 22 अप्रैल की सुबह परिवार को फोन पर महक सिंह की मौत की सूचना मिली। बताया जाता है कि हार्टअटैक आने से महक सिंह मौत हुई। केंद्र और पंजाब सरकार से मदद की अपील इस घटना के बाद परिवार के सामने महक का शव भारत लाने की चुनौती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे शव को वापस लाने का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं। परिवार चाहता है कि महक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में हो। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज मनजीत सिंह मदनीपुर ने भी परिवार के साथ दुख सांझा किया और सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए तथा महक के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि वे सीएम भगवंत मान के माध्यम से केंद्र सरकार से राबता करके महक का शव भारत लाने में पूरी मदद करेंगे। इस समय गांव घणगस का माहौल बेहद गमगीन है। हर आंख नम है और परिवार अपने लाडले की अंतिम झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

कनाडा में निहंग को पीटा, दाढ़ी खींची,VIDEO:ड्राइवर की हिमायत में पैसे मांगने गया था, बहस के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने हमला किया

कनाडा में निहंग को पीटा, दाढ़ी खींची,VIDEO:ड्राइवर की हिमायत में पैसे मांगने गया था, बहस के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने हमला किया

कनाडा में ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में निहंग के साथ मारपीट की गई। इस दौरान निहंग की दाढ़ी खींची गई। ्इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो लोगों के बीच झड़प होते हुए दिख रही है। मारपीट का करण एक ट्रक ड्राइवर के पैसों को लेकर बताया जा रहा है। ड्राइवर का आरोप कि हाल ही में हुए एक्सीडेंट में उसकी गलती न होने के बावजूद कंपनी ने पैसे काटने की बात कही। इसके बाद उसने निहंग को मामला बताया। ड्राइवर के मुताबिक, बातचीत के दौरान कंपनी मालिक ने निहंग की दाढ़ी पकड़ ली और उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक भी सामने आया है। उसने विवाद बढ़ने पर माफी मांग ली है। ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने कहा कि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था कि निहंग के केशों को छुएं या किसी भी तरह की बेअदबी करें। उसने ट्रक ड्राइवर के आरोपों भी गलत बताया है। पहले जानिए विवाद क्यों हुआ… मारपीट की इस घटना का कारण ट्रक ड्राइवर के पैसे न मिलने को बताया जा रहा है। इसी कंपनी में काम करने वाले एक ट्रक ड्राइवर ने कहा कि वह दिसंबर से इस कंपनी में काम कर रहा था, लेकिन कंपनी उसे उसका पैसा नहीं दे रही। ड्राइवर ने बताया कि कुछ दिन पहले ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसी कंपनी का दूसरा ड्राइवर ट्रक चला रहा था और वह खुद ट्रक के पीछे सो रहा था। नियमों के अनुसार उसकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी कंपनी ने कहा कि उसके पैसे भी काट लिए जाएंगे। इसके बाद मैंनें यह बात निहंग सिंह को बताई। जब वह इस मामले में बात करने गया, तो वहां के मालिक रमन ने उस निहंग की दाढ़ी को पकड़ लिया और साथ ही मेरी पत्नी के साथ भी मारपीट की। ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने सफाई में क्या कहा.. वीडियो बनाने के बाद कहासुनी हुई: रैपिडएक्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक रमन ने वीडियो जारी कर कहा- 23 अप्रैल को जब मैं अपने ऑफिस से बाहर जा रहा, इस वक्त अपने ड्राइवर के साथ बातचीत कर रहा था। तभी निहंग वहां आया और वीडियो बनाने लगा, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। ऑफिस में महिलाओं से अभद्रता की: रमन ने कहा कि इसके बाद मैं वहां से चला गया। इसके बाद वही निहंग उनके ऑफिस आया और वहां गलत व्यवहार करने लगा। उसने ऑफिस के फ्रंट गेट को भी नुकसान पहुंचाया और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। रोकने की कोशिश, पर झड़प हो गई: रमन ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए मैंने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान हम दोनों के बीच झड़प हो गई। वे उस व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही पहचानते हैं। अगर कोई इस तरह से ऑफिस में आकर हंगामा करेगा, तो कोई भी व्यक्ति आत्मरक्षा में कदम उठाएगा। ट्रक ड्राइवर के आरोप झूठे: रमन ने ट्रक ड्राइवर के पैसों के विवाद को लेकर कहा कि ये सक झूठ है और कहा कि मैंने कभी भी यह नहीं कहा कि मैं तुम्हारे पैसे काटूगा। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि घटना की रिपोर्ट भर दो। क्योंकि जो ट्रक चलाया जा रहा था, उसके अंदर लगा कैमरा टूटकर गिर गया था, जिसकी वजह से हमें कोई वीडियो या फोटो नहीं मिल पाई। ड्राइवर को सिर्फ रिपोर्ट भरने के लिए कहा: रमन ने कहा कि मैंने ड्राइवर भाई से कहा था कि आप रिपोर्ट भर दें और उसमें लिख दें कि मैं पीछे सो रहा था। यह सब बीमा (इंश्योरेंस) के उद्देश्य के लिए जरूरी था, क्योंकि ड्राइवर का बयान होना आवश्यक होता है। मैंने केवल इतना ही कहा था कि आप अपना बयान दे दें और जो आपके बनते पैसे हैं, उनका चेक ले लें। मैंने इसके अलावा कोई भी गलत बात नहीं कही। मुझे समझ नहीं आया कि यह मुद्दा इतना बड़ा कैसे बन गया। और जो ड्राइवर उस समय ट्रक चला रहा था, वह आज भी मेरी कंपनी में काम कर रहा है।

Khalistan Supporters Protest BJP-RSS Agent Poster

Khalistan Supporters Protest BJP-RSS Agent Poster

दिलजीत के कार्यक्रम में खालिस्तानी झंडा। पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ के कनाडा में हुए लाइव कॉन्सर्ट में हंगामा खड़ा हो गया। वैंकूवर में हुए ‘औरा-2026’ लाइव कॉन्सर्ट में खालिस्तान समर्थक पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। . खालिस्तानी सपोर्टर झंडे दिखाकर नारेबाजी करने लगे। सिक्योरिटी ने उन्हें रोका तो खालिस्तान समर्थक उनके साथ भी बहस करने लगे। खालिस्तान समर्थकों ने फिर एक पोस्टर जारी कर दिलजीत दोसांझ को BJP-RSS का एजेंट बताया। उनका आरोप है कि दिलजीत विदेश में रहने वाले सिखों को अपनी बातों में फंसाकर भाजपा-आरएसएस से सेटिंग करवा रहे हैं। खालिस्तान समर्थक यहीं नहीं रुके। सपोर्ट्स ने दिलजीत के आगे के कार्यक्रमों में भी हंगामा करने की चेतावनी है। जानकारी के अनुसार वैंकूवर में नारेबाजी करने वालों में पवनदीप सिंह बस्सी व मनदीप सिंह रवि नारेबाजी करने वालों की अगुवाई कर रहे थे, जो कि आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के सिख फॉर जस्टिस से जुड़े हैं। दरअसल, दिलजीत दोसांझ का लाइव कॉन्सर्ट 23 अप्रैल को बैंकूवर में था। यहां खालिस्तान समर्थकों ने खालिस्तान जिंदाबाद के अलावा भारत विरोधी नारेबाजी की और बाद में एक वीडियो बनाकर जारी की। जिसमें दिलजीत दोसांझ पर तीखे हमले किए गए। दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी झंडा फहराते हुए खालिस्तान समर्थक। जानिए 1 मिनट 24 सेकंड के वीडियो में क्या है… दलजीत मंच पर गा रहे हैं: वीडियो की शुरुआत में दिलजीत दोसांझ अपने वैंकूवर शो में परफॉर्म कर रहे हैं। दिलजीत अपनी टीम के साथ स्टेज पर गाना गाते हैं। गीत के साथ दर्शक भी डांस करते नजर आ रहे हैं। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे: दिलजीत दोसांझ के गाना गाने के बीच पब्लिक में कुछ लोगों ने खालिस्तान के झंडे निकाले और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वो जोर-जोर से चिल्लाने लगे। लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की लेकिन वो नहीं रुके। सिक्योरिटी से भिड़े: वीडियो में देखा जा सकता है कि खालिस्तान समर्थक भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं और उनके हाथ में में खालिस्तान के बैनर थे। सिक्योरिटी वालों की नजर पड़ी तो उन्होंने खालिस्तान समर्थकों को रोका। इस बात को लेकर वो सुरक्षा कर्मियों के साथ भिड़ने लगे। उसके बाद सिक्योरिटी ने उन्हें बाहर निकाल दिया। मोदी समर्थक होने का आरोप: वीडियो में दिलजीत दोसांझ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमिताभ बच्चन के साथ दिखाकर उन्हें “भारत सरकार का समर्थक” बताया गया है। खालिस्तान समर्थक ने कहा कि सिंगर आरएसएस-भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए वो दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं। कार्यक्रमों में विरोध की चेतावनी: खालिस्तान समर्थकों ने वीडियो में दिलजीत दोसांझ को सीधी धमकी दी है कि अगले कार्यक्रमों में भी उनका विरोध किया जाएगा। उन्होंने बाकायदा दोसांझ के आगामी कार्यक्रमों की तिथियां भी बताई हैं। खालिस्तान समर्थकों द्वारा जारी पोस्टर अगले शो में हंगामा करने की धमकी खालिस्तान समर्थकों ने दिलजीत दोसांझ पर हमला बोलते हुए कहा कि वह पीएम मोदी के लिए देश-विदेश में आरएसएस-बीजेपी का बेस सेटअप कर रहे हैं। खालिस्तान समर्थकों ने धमकी देकर कहा कि वो दिलजीत के बाकी शो में भी जाकर ऐसे ही हंगामा करेंगे। खालिस्तान समर्थकों ने कहा कि वैंकूवर में शुरू विरोध बाकी के कार्यक्रमों में भी जारी रखा जाएगा। खालिस्तान समर्थकों का कहना है कि कैलगरी, एडमोंटन, विनीपेग, टोरंटो, इलिनोइस, फ्लोरिडा, टेक्सास, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया में भी विरोध किया जाएगा। दिलजीत दोसांझ को लेकर पहले भी कंट्रोवर्सी हुई 1. केबीसी (KBC) में अमिताभ बच्चन के पैर छूना: साल 2025 का सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब दिलजीत दोसांझ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के सेट पर पहुंचे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए व उनका आशीर्वाद लिया। आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) और गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिलजीत उन लोगों का सम्मान कर रहे हैं, जिनका नाम 1984 के सिख दंगों के दौरान विवादों में आया था। इसके बाद से ही पन्नू ने दिलजीत को ‘टारगेट’ करना शुरू किया। 2. ‘भारत का पोस्टर बॉय’ होने का आरोप: 2025 के टूर के दौरान कई कट्टरपंथी संगठनों ने सोशल मीडिया पर दिलजीत के खिलाफ मुहिम चलाई। उन्हें “भारत सरकार का एजेंट” और “बीजेपी-आरएसएस का समर्थक” कहा गया। संगठनों का आरोप था कि दिलजीत अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल विदेशों में भारत सरकार की छवि सुधारने व सिख समुदाय के बीच केंद्र सरकार की पैठ बनाने के लिए कर रहे हैं। 3. तिरंगे और राष्ट्रवाद को लेकर विवाद: पिछले टूर के कुछ शो के दौरान दिलजीत ने गर्व के साथ भारतीय तिरंगा लहराया और गर्व जताया। खालिस्तान समर्थक तत्वों ने इसे “सिख विरोधी” कृत्य करार देने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि दिलजीत को केवल पंजाबी पहचान को प्रमोट करना चाहिए, न कि भारतीय राष्ट्रवाद को। 4. सिडनी और मेलबर्न शो के दौरान नारेबाजी: 2025 के अंत में जब दिलजीत ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर रहे थे, तब स्टेडियम के बाहर कुछ छोटे समूहों ने खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन किया था। विरोध की सुगबुगाहट वहीं से शुरू हो गई थी। 5. सोशल मीडिया वॉर और धमकियां: पूरी दुनिया में फैले ‘Aura’ टूर के दौरान पन्नू ने कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में दिलजीत को चेतावनी दी गई कि वे “भारत के एजेंडे” को आगे बढ़ाना बंद करें, वरना उनके ग्लोबल शोज में खलल डाला जाएगा।

Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार का फोकस ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय ऐसे लोगों पर है, जो देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत योगदान दे सकें। . नई नीति के मुताबिक, कनाडा में पहले से रहकर करीब 70 लाख रुपए सालाना कमाने वाले लोग अगर PR (परमानेंट रेजिडेंसी) के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 1 हफ्ते के भीतर PR मिल सकती है। जबकि अवैध तरीके से आए लोगों तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। सरकार ने 2025 से 2027 के बीच दिए जाने वाले PR के कुल कोटे में भी कटौती की है। अब प्राथमिकता उन लोगों को दी जा रही है, जो पहले से कनाडा में वर्क परमिट या स्टडी परमिट पर रह रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे करीब 40% लोगों को वहीं से PR देकर स्थायी किया जाए। इसका मतलब है कि अगर आप पहले से कनाडा में काम या पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपके लिए PR पाना अब पहले से आसान हो सकता है। वहीं, बाहर से नए लोगों को बुलाने की रफ्तार कम की गई है। यह नियम 26 मार्च से लागू हैं। अब प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया जा रहा है। साथ ही, जिन लोगों के पास हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाली नौकरी का ऑफर है, उन्हें वीजा में प्राथमिकता मिल रही है। खासतौर पर हेल्थकेयर (डॉक्टर, नर्स), इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर (प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन) से जुड़े पेशों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कनाड़ा में पहले से काम करने वालों को जल्दी PR मिलेगी (फाइल फोटो) जानिए नए बिल में क्या है खास? कनाडा को बढ़ते हाउसिंग संकट से उबरने का प्रेशर: कनाडा के नए इमीग्रेशन बिल सी-12 और नागरिकता कानून सी-3 में बड़े बदलाव किए गए हैं। कनाडा सरकार अब संख्या के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। नए कानून के तहत अगले 3 सालों के लिए पक्की पीआर (PR) के लक्ष्यों में भारी कटौती की गई है। सरकार का मकसद देश में बढ़ते हाउसिंग संकट और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। अब कनाडा में जाते ही 1 साल के अंदर मांगनी होगी शरण: नए बिल सी-12 के अनुसार, अब शरण मांगने के नियम बहुत सख्त हो गए हैं। अगर कोई व्यक्ति कनाडा में घुसने के बाद एक साल के भीतर या सीमा पार करने के 14 दिन के अंदर क्लेम नहीं करता तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है। यह फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है। 40 फीसदी अस्थायी लोग किए जाएंगे पक्के: पीआर (PR) के लिए अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पहले से कनाडा में रहकर काम कर रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि वह बाहर से नए लोगों को बुलाने के बजाय, वहां पहले से मौजूद 40 फीसदी अस्थायी निवासियों को ही पक्का (स्थायी निवासी) करने पर जोर देगी। वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल की जरूरत: वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाले कोर्सेज को तवज्जो दी जा रही है। हर कॉलेज या साधारण कोर्स के बाद अब वर्क परमिट मिलना आसान नहीं होगा। केवल वे कोर्सेज प्राथमिकता में रहेंगे, जो स्वास्थ्य या कंस्ट्रक्शन जैसे जरूरी क्षेत्रों से जुड़े हैं। कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे: नागरिकता कानून सी-3 में बड़ा बदलाव हुआ है। अब विदेश में पैदा हुए कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों। यह बदलाव उन खोए हुए कनाडाई परिवारों को राहत देने के लिए लाया गया है। डॉक्टर, नर्स पर सरकार का ज्यादा फोकस। ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए PR आसान जानकारी के अनुसार, ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाने का सबसे सीधा रास्ता एक्सप्रेस एंट्री और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) है। सरकार अब ऐसे ड्रॉ निकाल रही है, जो केवल उन लोगों के लिए हैं, जिनके पास जॉब ऑफर हैं। जो लोग पहले से कनाडा में हाई-वेज पर काम कर रहे हैं, उन्हें कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त अंक मिलेंगे। आपकी सैलरी जितनी ज्यादा होगी, आपके आर्थिक योगदान को उतना ही बेहतर माना जाएगा और पीआर की संभावना बढ़ जाएगी। इमीग्रेशन विभाग उन प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा, जिनकी सालाना इनकम करीब 70 लाख रुपए या उससे अधिक है। स्टूडेंट वीजा के लिए सख्य किए नियम पंजाब से कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने नए इमीग्रेशन बिल में नियम अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए हैं। अब हर कॉलेज या हर कोर्स करने के बाद वर्क परमिट मिलना पक्का नहीं है। सरकार ने कोर्सेज की लिस्ट तैयार की है। केवल उन्हीं क्षेत्रों में पढ़ाई करने वालों को आगे काम करने की परमिशन मिलेगी, जिनकी मार्केट में डिमांड होगी। अवैध तरीके से आने वालों पर रोक के लिए सी-12 बिल नए कानून बिल C-12 की बात करें, तो यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जो गलत तरीके से कनाडा में घुसने की कोशिश करते हैं। अब शरण मांगने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति वैध तरीके के बजाय शॉर्टकट अपनाता है, तो उसे तुरंत डिपोर्ट करने के अधिकार सरकार ने अपने पास ले लिए हैं। पहले ये रिफ्यूजी बोर्ड के पास होते थे। पीआर के लिए भी उन लोगों को राहत दी गई है, जिनके माता-पिता कनाडाई हैं, लेकिन वे खुद बाहर पैदा हुए हैं। अब वे अपने बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों।

India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

Hindi News Sports Thomas Cup: India Beats Canada 3 1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win स्पोर्ट्स डेस्क20 मिनट पहले कॉपी लिंक सात्विक-चिराग जोड़ी ने जीत हासिल की। भारत ने थॉमस कप बैटमिंटन टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए शुक्रवार को कनाडा को 3-1 से हरा दिया। इस मुकाबले में भारतीय डबल्स के सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने जीत दर्ज की। वहीं एकमात्र हार लक्ष्य सेन के नाम रही। पहले मैच में लक्ष्य सेन हारे मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। पहले सिंगल्स मुकाबले में लक्ष्य सेन को कनाडा के विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य ने पहला गेम 21-18 से जीता, लेकिन इसके बाद विक्टर लाई ने शानदार वापसी करते हुए 21-19, 21-10 से मैच जीत लिया। लक्ष्य को विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सात्विक और चिराग ने वापसी कराई भारत की स्टार डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने टीम को बराबरी दिलाई। उन्होंने कनाडाई जोड़ी को एकतरफा मुकाबले में 21-10, 21-11 से हराया। यह मैच सिर्फ 29 मिनट में खत्म हो गया। तीसरे सिंगल्स मुकाबले में आयुष शेट्टी ने ब्रायन यांग को 21-13, 21-17 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। दूसरे डबल्स ने भारत की जीत पक्की की दूसरे डबल्स और में हरिहरन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने 21-7, 21-15 से मैच जीतकर 3-1 की निर्णायक बढ़त दिलाई। 5वें मैच में किदांबी श्रीकांत ने 21-17 और 21-12 से जीत हासिल की। भारत ने 4-1 से मैच जीतकर टूर्नामेंट की विजयी शुरुआत की है। भारत का दूसरा मुकाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया और तीसरा मैच 29 अप्रैल को चीन से होगा। ——————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ओलिंपिक-कॉमनवेल्थ के बाद अब 2038 एशियन गेम्स की तैयारी:भारत ने प्रस्ताव भेजा; अहमदाबाद होगा मुख्य सेंटर, OCA की टीम जल्द करेगी दौरा 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Canada Punjabi Elder Attacked | Hate Crime Arrest; Cars Burned

Canada Punjabi Elder Attacked | Hate Crime Arrest; Cars Burned

बुजुर्ग को धक्के मारता कनाडा का स्थानीय युवक। कनाडा में पंजाबियों के प्रति हेट क्राइम का मामला सामने आया है। यहां एक लोकल युवक ने पंजाबी बुजुर्ग को धक्के मारे। उसने बुजुर्ग को कनाडा से पंजाब जाने को कहा। उसने ये भी कहा कि तुम मेरे देश में क्या कर रहे हो। यह घटना शुक्रवार को कनाडा के वुडस्टाक की . जिस वक्त युवक ने बुजुर्ग के साथ बदतमीजी की, वह घर के बाहर घूम रहे थे। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आरोपी युवक ने मास्क लगा रखा है। वह बुजुर्ग पर नस्लीय टिप्पणियां करता हुआ दिख रहा है। इस घटना को देख वहां मौजूद दूसरे लोगों ने तुरंत पुलिस को कॉल कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को जमीन पर गिराकर अरेस्ट कर लिया है। रोड पर खड़ा होकर पंजाबी बुजुर्ग के लिए भद्दी शब्दावली यूज करता युवक। बुजुर्ग को उकसाया, जानिए वीडियो में क्या दिख रहा मास्क पहना युवक वीडियो में बुजुर्ग को उकसाता हुआ नजर आता है। वुडस्टाक पुलिस का कहना है कि अभी प्राथमिक जांच में यही सामने आया है कि युवक ने ये काम अपनी मर्जी से किया है। इसके पीछे कोई ग्रुप या शरारती तत्व नहीं है। सिख समुदाय इसे कनाडा में बढ़ते एंटी सिख हेट क्राइम का हिस्सा मान रहा है। युवक को अरेस्ट करती पुलिस। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर ले जाती कनाडा की पुलिस। पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने नहीं बताई पहचान वुडस्टाक पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी और पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने पहचान उजागर नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, कनाडा के कानून अनुसार पहचान नहीं बताई जा सकती। बुजुर्ग के परिवार की तरफ से भी कोई बयान नहीं आया। हालांकि लोगों ने पुलिस के तुरंत एक्शन पर शुक्रिया अदा किया है। अमृतसर के युवक की गाड़ियां फूंकी, ‘गो बैक’ के नारे लिखे 3 दिन पहले कनाडा के ओंटारियो में अमृतसर के एक युवक के घर के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को अज्ञात हमलावरों ने आग लगा दी। देखते ही देखते दोनों कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे घर को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। इस घटना में एक आरोपी सीसीटीवी में आग लगाते समय झुलसता हुआ भी दिखाई दे रहा है। हमलावरों द्वारा गो बैक जैसे नारे भी घर की दीवार पर लिखे गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह केवल आगजनी की घटना नहीं, बल्कि एक संभावित नफरत से प्रेरित हमला भी हो सकता है। कनाडा में रह रहे 9 लाख के करीब पंजाबी बता दें कि कनाडा की कुल आबादी का लगभग 2.1% हिस्सा सिखों का है। ये करीब 9 लाख बनता है। कनाडाई पंजाबियों में लगभग 81.4 फीसदी सिख, 6.9 फीसदी हिंदू और 6.8 फीसदी मुस्लिम हैं। कनाडा में अंग्रेजी और फ्रेंच के बाद पंजाबी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। अगर बात ब्रैम्पटन की करें तो यहां पर लगभग 1 लाख 44 हजार के लगभग पंजाबी लोग हैं। यह शहर की कुल आबादी का लगभग 22 फीसदी हिस्सा है। कनाडा की जनगणना 2021 के अनुसार इस वक्त यहां 60 से 70 के करीब पंजाबी परिवार रह रहे हैं। 5 साल में कनाडा में हेट स्पीच बढ़ी 80 फीसदी सिखों ने हेट स्पीच झेली- 20 अप्रैल 2026 को वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन (WSO) ने कनाडा की पहली एंटी-सिख हेट रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार 80 फीसदी सिखों का मानना है कि पिछले 5 वर्षों में उनके खिलाफ नफरत बढ़ी है। 65 फीसदी सिखों ने हाल के महीनों में नस्लीय टिप्पणियों का सामना करने की बात कही है। पंजाबियों के खिलाफ ऑनलाइन हेट स्पीच बढ़ी- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पंजाबी छात्रों और प्रवासियों को निशाना बनाकर नस्लीय मीम्स और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बढ़ा है। विशेष रूप से इमीग्रेशन नीतियों में बदलाव के बाद। ऑनलाइन हेट स्पीच में पंजाबियों को कनाडा के संसाधनों पर बोझ बताकर नफरत फैलाई जा रही है, जिससे समुदाय में असुरक्षा का माहौल है। पगड़ी और धार्मिक पहचान से बने साफ्ट टारगेट- WSO की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पगड़ी पहनने वाले 91 फीसदी सिखों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अपमानजनक टिप्पणियों या हेट स्पीच का सामना करना पड़ा। अप्रैल में ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया में ऐसी कई घटनाएं दर्ज की गईं जहां सिखों को उनके पहनावे के कारण विदेशी कहकर निशाना बनाया गया। वर्क परमिट न बढ़ने के हुए प्रदर्शनों से हेट स्पीच बढ़ी- अप्रैल 2026 में कनाडा द्वारा शरण के नियमों को सख्त करने और 9 हजार से अधिक पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकने के बाद स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ नफरत भरी बयानबाजी बढ़ी है। सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान पंजाबी छात्रों को वापस जाओ जैसे नारों और नफरत भरे भाषणों का सामना करना पड़ रहा है। कनाडा में पंजाबियों का क्या है योगदान… ट्रकिंग इंडस्ट्री में 20 फीसदी हिस्सेदारीः कनाडा की अर्थव्यवस्था में पंजाबियों का बड़ा हाथ है। कनाडा के ट्रकिंग उद्योग में लगभग 20 फीसदी हिस्सेदारी अकेले पंजाबी समुदाय की है। वे कनाडा की सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। इसके अलावा कनाडा में लगभग 1.2 लाख से अधिक व्यवसाय पंजाबियों के हाथ में हैं, जो स्थानीय स्तर पर हजारों नौकरियां पैदा करते हैं। ब्लूबेरी की खेती में 70 फीसदी हिस्सा पंजाबियों काः ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफ़ोर्ड जैसे क्षेत्रों में ब्लू बेरी की खेती होती है। इसें पंजाबियों का 70 फीसदी से ज्यादा का हिस्सा है। पंजाबी किसानों ने यहां की बंजर जमीनों को उपजाऊ बनाकर कनाडा को कृषि निर्यात में वैश्विक पहचान दिलाने में मदद की है। राजनीतिक में भी योगदान दे रहे पंजाबीः कनाडा की संसद हाउस आफ कॉमन में पंजाबियों का प्रतिनिधित्व उनकी आबादी के अनुपात से भी अधिक है। वर्तमान में लगभग 15 से 18 पंजाबी सांसद कनाडा की नीतियों को आकार दे रहे हैं। हरजीत सिंह सज्जन और अनीता आनंद जैसे नेताओं ने राष्ट्रीय रक्षा और सार्वजनिक सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला है। गुरुद्वारे भूखों को अन्न दे रहेः 2023-2024 के आंकड़ों के अनुसार, कनाडा के फूड बैंकों

T20 World Cup NZ vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe

T20 World Cup NZ vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe

Hindi News Sports T20 World Cup NZ Vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा और न्यूजीलैंड के कप्तान डेरियल मिचेल टी-20 वर्ल्ड कप में टॉस के दौरान। , ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) क्रिकेट कनाडा से जुड़े भ्रष्टाचार के दो मामलों की जांच कर रही है। इस जांच के दायरे में हाल ही में भारत और श्रीलंका में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप का एक मैच भी शामिल है। इसके अलावा, इंटरनेशनल और घरेलू लेवल पर एंटी-करप्शन कोड के संभावित उल्लंघनों की भी पड़ताल की जा रही है। ICC ने यह जांच कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर CBC के कार्यक्रम में प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘करप्शन, क्राइम एंड क्रिकेट’ में लगाए गए आरोपों के बाद शुरू की। 43 मिनट की इस फिल्म में कनाडा क्रिकेट के प्रशासन और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच का एक ओवर शक के घेरे में डॉक्यूमेंट्री में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच का जिक्र किया गया है। मैच में कनाडा ने तेज गेंदबाजों से शुरुआत की थी, लेकिन तीसरे ओवर में ही स्पिनर साद बिन जफर को ले आए। इसके बाद अगले स्पिनर के तौर पर रविंदरपाल सिंह बाजवा आए। बाजवा ने अपने ओवर की शुरुआत नो-बॉल से की, फिर लेग साइड पर एक वाइड फेंकी और अंत में उस ओवर में 15 रन दिए। बाजवा बल्लेबाज हैं जो पार्ट-टाइम ऑफ स्पिन करते हैं। उनके इसी ओवर की गेंदबाजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह मैच भारत में 17 फरवरी को चेन्नई में खेला गया था। इस मैच में कनाडा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। कनाडा ने 4 विकेट पर 173 रन बनाए थे। इस मैच को न्यूजीलैंड ने 28 गेंद शेष रहते हुए टारगेट हासिल कर लिया और मैच को 8 विकेट से जीत लिया था। पूर्व कोच का दावा- ‘पसंदीदा प्लेयर्स को चुनने का दबाव था’ ICC की एंटी-करप्शन यूनिट जिस दूसरे मामले की जांच कर रही है, वह टीम चयन को लेकर कोच पर कथित दबाव से जुड़ा है। आरोप है कि टीम मैनेजमेंट की ओर से कोच पर कुछ खास खिलाड़ियों को चुनने के लिए दबाव बनाया गया। ICC एक लीक हुए ऑडियो कॉल की भी जांच कर रही है, जिसमें तत्कालीन कोच खुर्रम चौहान यह दावा करते सुनाई देते हैं कि बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य उन पर पसंदीदा खिलाड़ियों को नेशनल टीम में शामिल करने का दबाव बना रहे थे। यह ऑडियो पिछले साल सामने आया था। इसके अलावा, पूर्व कोच पुबुदु दसानायके ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चयन के दौरान उन पर दबाव डाला गया और बात न मानने पर उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी गई। ICC ने कहा- मामले की जानकारी है, जांच जारी है ICC की इंटीग्रिटी यूनिट के अंतरिम जनरल मैनेजर एंड्रयू एफग्रेव ने कहा कि वे इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए मामलों से वाकिफ हैं। हालांकि, अपनी कार्यप्रणाली के तहत वे फिलहाल किसी भी आरोप पर विस्तार से टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ICC की एंटी करप्शन यूनिट इंटेलिजेंस और प्रिवेंशन पर काम कर रही है और जहां भी खेल की गरिमा को खतरा लगेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। CEO पर चोरी और धोखाधड़ी के आरोप कनाडा क्रिकेट पिछले एक साल से प्रशासनिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। पूर्व CEO सलमान खान की नियुक्ति पहले से ही विवादों में थी क्योंकि उन्होंने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाई थी। उन पर कैलगरी पुलिस ने चोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। हाल ही में अमजद बाजवा की जगह अरविंदर खोसा को बोर्ड का नया अध्यक्ष चुना गया है। खिलाड़ियों को सैलरी और इनामी राशि मिलने में देरी डॉक्यूमेंट्री में यह भी दावा किया गया है कि टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में हिस्सा लेने वाले कनाडा के खिलाड़ियों को इनामी राशि मिलने में काफी देरी हुई। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी जुलाई 2023 से बिना किसी कॉन्ट्रैक्ट के थे और वर्ल्ड कप से ठीक चार महीने पहले उन्हें बहुत कम रिटेनर फीस पर रखा गया था। इसमें संगठित अपराध के लिंक होने की बात भी सामने आई है, जिस पर आईसीसी का कहना है कि यह स्थानीय पुलिस और कानून व्यवस्था का मामला है। ———————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज गुजरात vs कोलकाता:KKR ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता, GT ने दिल्ली-लखनऊ को हराया IPL 2026 का 25वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला जाएगा। मैच गुजरात के होम ग्राउंड अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मुकाबले का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Khalistan Supporters Threaten Hindus, Target Temples in Canada April 5, 2026

Khalistan Supporters Threaten Hindus, Target Temples in Canada April 5, 2026

कनाडा के मंदिर जिनके बाहर खालिस्तान समर्थकों ने 5 अप्रैल को प्रदर्शन करने की धमकी दी है। खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में फिर से हिंदुओं को धमकियां देनी शुरू कर दी। खालिस्तान चरमपंथी संगठनों(CBKE) ने 5 अप्रैल 2026 को 2 बड़े हिंदू मंदिरों के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ रैलियां और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। . खालिस्तान समर्थक ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को टारगेट कर रहे हैं। खालिस्तानियों ने बकायदा सोशल मीडिया पर इन मंदिरों के गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। वहीं, हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन (HCF) ने इस पर तुरंत सख्त बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है “हमारे मंदिर पूजा के पवित्र स्थान हैं, ये प्रदर्शन के मैदान नहीं हैं। हम धमकी के आगे नहीं झुकेंगे।” HCF ने पूरे कनाडा की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इन चरमपंथियों को रोको, वरना हिंदू समुदाय का भरोसा कनाडा की पुलिस और सरकार से टूट जाएगा। खालिस्तान समर्थकों की तरफ से जारी पोस्टर। खालिस्तान समर्थकों की धमकी पर हिंदुओं जवाब, जानिए.. खालिस्तानियों की धमकी: CBKE ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ ऐलान किया कि 5 अप्रैल को ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद रैली’ निकाली जाएगी। ये रैलियां सीधे मंदिर के गेट पर होगी। हिंदुओं को सुनने पड़ेंगे नारे: खालिस्तान समर्थकों ने धमकी देते हुए कहा है कि हिंदू जब पूजा करने आएंगे तो उन्हें नारे सुनने पड़ेंगे, धक्का-मुक्की हो सकती है। खालिस्तान समर्थक कनाडा में पहले भी मंदिरों के बाहर माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं।खालिस्तान समर्थक एसजेएफ की तरफ से सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट। हिंदुओं को उकसाने की साजिश: खालिस्तानियों की धमकी के बाद HCF का कहना है कि ये कोई शांतिपूर्ण विरोध नहीं, बल्कि जानबूझकर उकसावे की साजिश है। मंदिर को राजनीतिक स्टेज बनाने की कोशिश की जा रही है। 2024 में हिंदुओं पर लाठियां चलाई थी: HCF का कहना है कि 3 नवंबर 2024 को ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों ने दिन-दहाड़े हमला बोल दिया था। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्गों पर लाठियां चलाई थी। सिर्फ इसलिए क्योंकि वे शांतिपूर्वक पूजा कर रहे थे। HCF कहता है कि वो हमला अकेला नहीं था, लगातार मंदिरों को टारगेट किया जा रहा है, भक्तों को डराया जा रहा है। महिलाओं-बच्चों को धमकाया जा रहा है। अब की बार पीछे नहीं हटेंगे: HCF ने अपने बयान में बहुत साफ-साफ शब्दों में जवाब दिया है और कहा है कि हमारे मंदिर पवित्र हैं। ये विरोध प्रदर्शन के स्थल नहीं, न ही राजनीतिक मंच हैं। अगर इस बार कोई हरकत हुई तो हम डरकर पीछे नहीं हटेंगे। HCF का कहना है कि हम चुप नहीं रहेंगे। हम डरेंगे नहीं। हम अपने मंदिरों से नहीं भागेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय कनाडा का अभिन्न हिस्सा है। वे शांतिप्रिय हैं, लोकतंत्र और प्लूरलिज्म में विश्वास रखते हैं। लेकिन अब काफी हो चुका। सरकार हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।नवंबर 2024 में मंदिर के बाहर खालिस्तान समर्थकों का हंगामा और हिंदुओं पर हमला करते हुए। फाइल फोटो मंदिरों के आसपास बने बबल जोन: HCF कहना है कि कनाडा की संसद ने पहले ही बिल C-9 पास किया है। इसमें पूजा स्थलों पर घृणा, धमकी और बाधा डालने को सख्त सजा का प्रावधान है। ब्रैम्पटन में पहले से ही मंदिरों के आसपास ‘बबल जोन’ बना दिए गए हैं, जहां प्रदर्शन करना मना है। टारगेट करना प्रोस्टेस्ट नहीं, धमकी है: हिंदू संगठन ने साफ कहा किटारगेट करना कोई प्रोटेस्ट नहीं, ये धमकी है। पूजा में बाधा डालना कोई फ्री स्पीच नहीं, ये जबरदस्ती है। खालिस्तान समर्थक हिंदू समुदाय को चुप कराने की कोशिश कर रहा है। HCF ने चेतावनी दी कि ये सिर्फ हिंदुओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे कनाडा की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भाईचारे के लिए खतरा है। खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ करें कार्रवाई: HCF ने कनाडा के अलग-अलग शहरों की पुलिस को पोसट टैग करते हुए लिखा है कि खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। हिंसा भड़काने वालों की जवाबदेही तय हो: HCF ने कहा है कि कनाडा की खुफिया एजेंसी ने कई बार चेतावनी दी है कि कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथी घरेलू सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। HCF का कहना है कि जो लोग हिंसा को भड़काते हैं, उनकी पहचानकर जवाबदेही तय की जाए।

कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन:संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन:संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

कनाडा की संसद के निचले सदन में खालिस्तानी गतिविधियों पर सख्ती से जुड़ा बड़ा बिल पास किया है। ‘कॉम्बैटिंग हेट एक्ट’ नाम के इस विधेयक के तहत बब्बर खालसा जैसे संगठनों के झंडे और प्रचार सामग्री के सार्वजनिक प्रदर्शन को गैरकानूनी बनाया जाएगा। साथ ही धार्मिक स्थलों के बाहर लोगों को डराने या बाधा डालने को भी अपराध माना जाएगा। हालांकि, कंजर्वेटिव और एनडीपी पार्टियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इसका विरोध किया है। अब यह बिल अंतिम मंजूरी के लिए कनाडा की सीनेट में भेजा गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का मकसद अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा देने से रोकना है, जैसे कि खालिस्तानी झंडे लहराना या उनसे जुड़ी सामग्री बांटना। बुधवार को ये बिल पास किया गया। बिल से जुड़ी अहमें बातें… सरकार का पक्ष और अगला कदम इस बिल को पेश करने वाले और ब्लॉक क्यूबेकॉइस के साथ समझौता कराने वाले न्याय मंत्री सीन फ्रेजर ने विरोधियों की आलोचनाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि नया कानून किसी की आस्था को अपराध नहीं बनाएगा। अब यह बिल सीनेट (उच्च सदन) के पास जाएगा, जहां कानून बनने से पहले इसका गहन अध्ययन किया जाएगा। सीनेट के पास अभी भी इस कानून में बदलाव के लिए अपने सुझाव देने का अधिकार है। धार्मिक छूट हटाने पर हुआ समझौता लिबरल पार्टी को ब्लॉक क्यूबेकॉइस का समर्थन एक विशेष शर्त पर मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, लिबरल्स ने बिल में एक ऐसा क्लॉज शामिल किया है जो कनाडा के हेट स्पीच (घृणा भाषण) कानून से धार्मिक छूट को खत्म कर सकता है। वर्तमान में आपराधिक संहिता में हेट स्पीच के लिए एक छूट का प्रावधान है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सद्भावपूर्ण तरीके से किसी धार्मिक विषय पर अपनी राय रखता है या किसी धार्मिक ग्रंथ में अपने विश्वास के आधार पर तर्क देकर अपनी बात स्थापित करता है, तो उसे हेट स्पीच नहीं माना जाता। नया बिल इस छूट को खत्म करने का प्रस्ताव रखता है। कंजरवेटिव्स ने इस धार्मिक छूट को हटाने वाले प्रावधान का विरोध करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। कई धार्मिक समूहों ने भी इस पर चिंता जताई है। वहीं, कैनेडियन सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन जैसे नागरिक अधिकार समूहों का मानना है कि इससे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर असर पड़ सकता है और सरकार से असहमति जताने वाली आवाजों पर दबाव बन सकता है। ——— ये खबर भी पढ़ें… कनाडा पुलिस का पंजाबी को ‘ड्यूटी टू वॉर्न’ नोटिस, परिवार समेत जान का खतरा, निज्जर के साथी रहे खालिस्तान समर्थक, लॉरेंस गैंग पर शक सिख फेडरेशन ऑफ कनाडा के हेड खालिस्तान समर्थक मोनिंदर सिंह व उनके परिवार के लिए पुलिस ने खतरे का अलर्ट जारी किया है। इसके लिए ड्यूटी टू वॉर्न एडवाइजरी जारी की गई है। मोनिंदर कनाडा में गुरुद्वारे के बाहर कत्ल किए गए हरदीप निज्जर के साथी हैं। (पढ़ें पूरी खबर)