South Africa vs Canada; Jonathan David Eyes Goals

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: South Africa Vs Canada; Jonathan David Eyes Goals लॉस एंजिल्स5 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात से नॉकआउट मुकाबले शुरु होंगे। राउंड ऑफ 32 में 16 मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच होगा। यह मुकाबला रात 12:30 बजे से लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ग्रुप-A में 3 मैचों में 4 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रही थी। कनाडा के भी ग्रुप-B में 3 मैचों में 4 अंक थे। वह भी दूसरे स्थान के साथ नॉकआउट में पहुंची है। अब एक भी हार किसी भी टीम के लिए टूर्नामेंट का आखिरी मैच बन जाएगा। पहली बार वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका Vs कनाडा FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह पहला मुकाबला होगा। इससे पहले 2007 में इनके बीच एकमात्र इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेला गया था। इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 2-0 से जीत दर्ज की थी। साउथ अफ्रीका मुश्किल से नॉकआउट में पहुंची साउथ अफ्रीका का ग्रुप स्टेज में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। टीम को अपने पहले मैच में मैक्सिको से 2-0 से हार झेलनी पड़ी। दूसरे मुकाबले में टीम ने चेकिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। साउथ अफ्रीका को नॉकआउट में पहुंचने के लिए आखिरी मुकाबला जीतना जरुरी थी। इस मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर टीम राउंड ऑफ 32 में पहुंची। कनाडा ने पिछले मैच में बड़ी जीत दर्ज की थी कनाडा ने ग्रुप स्टेज में अपने अभियान की शुरुआत बोस्निया के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से की। दूसरे मैच में स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हरा दिया। हालांकि आखिरी मुकाबले में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर नॉकआउट में इंट्री पाई। साउथ अफ्रीका को कप्तान और गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स से सॉलिड डिफेंस की उम्मीद होगी। वहीं कनाडा के लिए फॉरवर्ड जोनाथन डेविड सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी होंगे। डेविड टूर्नामेंट में अब तक 3 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: साउथ अफ्रीका: विलियम्स, मुदाउ, ककुआना, म्वला, मोदिएबा, मोकोएना, सितोले, मोरेना, जवाने, मासेको, लेपासा। कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, मिलर, डेविस, कोने, युस्टाक्वियो, बकैनन, डेविड, मिलर, लारिन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
South Africa vs Canada; Jonathan David Eyes Goals

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: South Africa Vs Canada; Jonathan David Eyes Goals लॉस एंजिल्स2 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात से नॉकआउट मुकाबले शुरु होंगे। राउंड ऑफ 32 में 16 मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच होगा। यह मुकाबला रात 12:30 बजे से लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ग्रुप-A में 3 मैचों में 4 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रही थी। कनाडा के भी ग्रुप-B में 3 मैचों में 4 अंक थे। वह भी दूसरे स्थान के साथ नॉकआउट में पहुंची है। अब एक भी हार किसी भी टीम के लिए टूर्नामेंट का आखिरी मैच बन जाएगा। पहली बार वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका Vs कनाडा FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह पहला मुकाबला होगा। इससे पहले 2007 में इनके बीच एकमात्र इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेला गया था। इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 2-0 से जीत दर्ज की थी। साउथ अफ्रीका मुश्किल से नॉकआउट में पहुंची साउथ अफ्रीका का ग्रुप स्टेज में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। टीम को अपने पहले मैच में मैक्सिको से 2-0 से हार झेलनी पड़ी। दूसरे मुकाबले में टीम ने चेकिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। साउथ अफ्रीका को नॉकआउट में पहुंचने के लिए आखिरी मुकाबला जीतना जरुरी थी। इस मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर टीम राउंड ऑफ 32 में पहुंची। कनाडा ने पिछले मैच में बड़ी जीत दर्ज की थी कनाडा ने ग्रुप स्टेज में अपने अभियान की शुरुआत बोस्निया के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से की। दूसरे मैच में स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हरा दिया। हालांकि आखिरी मुकाबले में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर नॉकआउट में इंट्री पाई। साउथ अफ्रीका को कप्तान और गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स से सॉलिड डिफेंस की उम्मीद होगी। वहीं कनाडा के लिए फॉरवर्ड जोनाथन डेविड सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी होंगे। डेविड टूर्नामेंट में अब तक 3 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: साउथ अफ्रीका: विलियम्स, मुदाउ, ककुआना, म्वला, मोदिएबा, मोकोएना, सितोले, मोरेना, जवाने, मासेको, लेपासा। कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, मिलर, डेविस, कोने, युस्टाक्वियो, बकैनन, डेविड, मिलर, लारिन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कनाडा ने माना- एअर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट खालिस्तानियों ने किया:41 साल पहले आतंकी हमले में 329 लोगों की मौत हुई, ज्यादातर भारतीय मूल के थे

कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है। 23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा, आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, “41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।” जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ। कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया। कनाडा ने यह बात कहने में 41 साल क्यों लगा दिए? भारत शुरू से कहता रहा कि इस हमले की साजिश कनाडा की जमीन से सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों ने रची थी। लेकिन कनाडा की सरकार और सरकारी संस्थाएं कई दशकों तक सार्वजनिक तौर पर ‘खालिस्तानी’ शब्द इस्तेमाल करने से बचती रहीं। इसके पीछे कई वजह रहे हैं। 1. जांच एजेंसियों की बड़ी नाकामी 2010 में कनाडा के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जॉन मेजर की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक जांच में कहा गया कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों की कई गंभीर गलतियों ने जांच को कमजोर कर दिया। सबसे बड़ी चूक यह थी कि CSIS ने बब्बर खालसा के नेता तलविंदर सिंह परमार की निगरानी तो की, लेकिन बाद में उसकी सैकड़ों घंटे की फोन रिकॉर्डिंग नष्ट कर दी। इससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए और मुकदमा कमजोर पड़ गया। 2. CSIS और RCMP के बीच तालमेल की कमी कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS और पुलिस एजेंसी RCMP के बीच जानकारी साझा करने को लेकर मतभेद थे। इसका असर जांच पर पड़ा। 3. हमले को भारत का मामला समझा गया जांच आयोग ने कहा कि चूंकि विमान एयर इंडिया का था, इसलिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे मुख्य रूप से भारत से जुड़ा मामला माना गया। जबकि मारे गए अधिकांश लोग कनाडा के नागरिक थे। इससे इस हमले को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में उतनी गंभीरता नहीं मिली। 4. अदालत में केस कमजोर पड़ गया मुख्य गवाहों को धमकियां मिलीं, कुछ की हत्या भी कर दी गई। सबूत कमजोर होने के कारण 2005 में मुख्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। 5. सरकार ने माफी तो मांगी, लेकिन नाम लेने से बचती रही 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी और माना कि सरकार इस मामले को संभालने में विफल रही। इसके बावजूद कई वर्षों तक कनाडा की सरकारी संस्थाएं चरमपंथी या उग्रवादी जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करती रहीं और सीधे खालिस्तानी चरमपंथी नहीं कहा।
Canada admits Khalistanis planted bomb on Air India Kanishka Flight 182

ओटावा37 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है। 23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा, आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे। कनिष्क विमान का मलबा इकठ्ठा करते आयरिश नेवल अथॉरिटी के जवान। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, “41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।” जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ। कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया। एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर हुआ हमला आज भी किसी यात्री विमान पर हुआ दुनिया का सबसे घातक बम धमाका माना जाता है। हालांकि 2001 के 9/11 हमलों के बाद यह घटना वैश्विक स्तर पर कुछ हद तक चर्चा से बाहर हो गई, लेकिन कनाडा, भारत और आयरलैंड में इसे आज भी नहीं भुलाया गया है। इस तस्वीर में आयरलैंड में एयर इंडिया बॉम्बिंग के बाद शवों को निकालते हुए रेस्क्यू वर्कर्स को देखा जा सकता है। कनाडा ने यह बात कहने में 41 साल क्यों लगा दिए? भारत शुरू से कहता रहा कि इस हमले की साजिश कनाडा की जमीन से सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों ने रची थी। लेकिन कनाडा की सरकार और सरकारी संस्थाएं कई दशकों तक सार्वजनिक तौर पर ‘खालिस्तानी’ शब्द इस्तेमाल करने से बचती रहीं। इसके पीछे कई वजह रहे हैं। 1. जांच एजेंसियों की बड़ी नाकामी 2010 में कनाडा के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जॉन मेजर की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक जांच में कहा गया कि कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों की कई गंभीर गलतियों ने जांच को कमजोर कर दिया। सबसे बड़ी चूक यह थी कि CSIS ने बब्बर खालसा के नेता तलविंदर सिंह परमार की निगरानी तो की, लेकिन बाद में उसकी सैकड़ों घंटे की फोन रिकॉर्डिंग नष्ट कर दी। इससे महत्वपूर्ण सबूत खत्म हो गए और मुकदमा कमजोर पड़ गया। 2. CSIS और RCMP के बीच तालमेल की कमी कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS और पुलिस एजेंसी RCMP के बीच जानकारी साझा करने को लेकर मतभेद थे। इसका असर जांच पर पड़ा। 3. हमले को भारत का मामला समझा गया जांच आयोग ने कहा कि चूंकि विमान एयर इंडिया का था, इसलिए कई राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इसे मुख्य रूप से भारत से जुड़ा मामला माना गया। जबकि मारे गए अधिकांश लोग कनाडा के नागरिक थे। इससे इस हमले को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे के रूप में उतनी गंभीरता नहीं मिली। 4. अदालत में केस कमजोर पड़ गया मुख्य गवाहों को धमकियां मिलीं, कुछ की हत्या भी कर दी गई। सबूत कमजोर होने के कारण 2005 में मुख्य आरोपियों को अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। 5. सरकार ने माफी तो मांगी, लेकिन नाम लेने से बचती रही 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी और माना कि सरकार इस मामले को संभालने में विफल रही। इसके बावजूद कई वर्षों तक कनाडा की सरकारी संस्थाएं चरमपंथी या उग्रवादी जैसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करती रहीं और सीधे खालिस्तानी चरमपंथी नहीं कहा। धमाके से करीब 2 हफ्ते पहले एअर इंडिया के कनिष्क विमान की तस्वीर अब हालात कैसे बदले हाल के कुछ साल में भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कनाडा अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक गतिविधियों के नाम पर खालिस्तान समर्थक नेटवर्क को खुलकर काम करने देता है। इसी बीच CSIS ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार कनाडा बेस्ट खालिस्तानी एक्सट्रीमिस्ट (CBKE) को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे कुछ नेटवर्क कनाडा की संस्थाओं का इस्तेमाल कर धन जुटाते हैं और उसे हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ते हैं। यह भी कहा गया कि इनकी हिंसक गतिविधियां कनाडा और उसके हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बनी हुई हैं। ———————————– कनिष्क प्लेन क्रैश से जुड़े मामले को यहां विस्तार से पढ़ें… जब खालिस्तानियों ने हवा में उड़ा दिया भारतीय विमान:329 लोग सवार थे, कोई नहीं बचा 23 जून 1985 की सुबह एअर इंडिया की फ्लाइट नंबर ‘182′ कनाडा से लंदन होते हुए भारत आ रही थी। इसमें 307 पैंसेजर्स और 22 क्रू मेंबर सवार थे। यह बोइंग 747 विमान था, जिसे एयर इंडिया ने कनिष्क नाम दिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर
Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Hindi News Sports Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match Vs Qatar; 2 Red Cards स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘हैट्रिक… आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।’ ये सब कनाडा और कतर मैच में देखने को मिला, जिसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। टीम ने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को हल्के टच से कंट्रोल किया, फिर जोरदार किक लगाकर बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। वे सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। हैट्रिक सेलिब्रेट करते जोनाथन डेविड। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास वे फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बने हैं। डेविड ने मौजूदा वर्ल्ड कप में दूसरी हैट्रिक लगाई है। पहली लियोनेल मेसी ने लगाई थी। होम ग्राउंड पर वर्ल्डकप हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट (1966) पहले हैं। साइल लारिन के गोल से कनाडा को बढ़त कनाडा को 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोलकर स्कोर 3-0 कर दिया। साइल लारिन के गोल ने कनाडा को मैच में बढ़त दिलाई। कतर के 2 प्लेयर्स को रेड कार्ड 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर फाउल के लिए कतर के होमन अहमद को रेड कार्ड मिला। 51वें मिनट में इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल के बाद अस्सिम मादीबो को रेड कार्ड दिखाया गया। मादीबो के खतरनाक टैकल के बाद इस्माइल कोन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस्माइल कोन को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। सालिबा ने इस्माइल कोन की जर्सी दिखाकर अपना गोल उन्हें समर्पित किया। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- ‘हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।’ ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।’ मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match vs Qatar; 2 Red Cards

Hindi News Sports Jonathan David Hattrick | Canada Wins World Cup Match Vs Qatar; 2 Red Cards स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘हैट्रिक… आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।’ ये सब कनाडा और कतर के मैच में देखने को मिला। इसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में पहली जीत हासिल की। टीम ने अपने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को कंट्रोल किया, फिर सटीक किक से बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया और वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। जोनाथन डेविड सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास फुटबॉल वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बने हैं। मौजूदा वर्ल्ड कप में दूसरी हैट्रिक लगाई है। पहली लियोनेल मेसी ने लगाई थी। होम ग्राउंड पर वर्ल्ड कप हैट्रिक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट ने 1966 फाइनल में हैट्रिक जमाई थी। कनाडा को साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली कनाडा ने 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त हासिल की। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। साइल लारिन के गोल ने कनाडा को मैच में बढ़त दिलाई। कतर को 2 रेड कार्ड 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर फाउल के लिए कतर के होमन अहमद को रेड कार्ड मिला। 51वें मिनट में इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल के बाद अस्सिम मादीबो को रेड कार्ड दिखाया गया। मादीबो के खतरनाक टैकल के बाद इस्माइल कोन गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस्माइल कोन को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। इस जीत के साथ कनाडा नॉकआउट दौर के बेहद करीब पहुंच गया है, जबकि कतर की आगे की राह मुश्किल हो गई है। सालिबा ने इस्माइल कोन की जर्सी दिखाकर अपना गोल उन्हें समर्पित किया। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- ‘हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।’ ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।’ मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Canada vs Bosnia, USA vs Paraguay Clashes Today

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Canada Vs Bosnia, USA Vs Paraguay Clashes Today स्पोर्ट्स डेस्क35 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे दिन 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच सह-मेजबान कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला जाएगा। यह मैच टोरंटो स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। जबकि, दूसरा मैच सह-मेजबान अमेरिका और पराग्वे के बीच लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 6:30 बजे से शुरु होगा। मैच-3: कनाडा और बोस्निया पहली बार आमने-सामने ग्रुप-B में शामिल कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच यह फुटबॉल इतिहास की पहली भिड़ंत होगी। सह-मेजबान कनाडा को अपने घरेलू दर्शकों के सामने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं, बोस्निया की टीम अपने कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर एडिन जेको के अनुभव के दम पर उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। FIFA रैंकिंग की बात करें तो कनाडा दुनिया की 30वें नंबर की टीम है, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम रैंकिंग में 64वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, कॉर्नेलियस, डेविस, लारेया, इस्टाक्वियो, कोन, मिलर, डेविड, लारिन। बोस्निया-हर्जेगोविना: वासिल, अहमदहोडज़िक, कातिच, राडेलिच, गाज़िबेगोविच, हजराडिनोविच, हुसेिनबासिच, ताहिरोविच, कोलासिनाक, डेमिरोविच, जेको। मैच-4: 96 साल बाद अमेरिका और पराग्वे की वर्ल्ड कप में भिड़ंत ग्रुप-D में शामिल अमेरिका और पराग्वे के बीच कुल 8 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में अमेरिका का पलड़ा भारी है। अमेरिका ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पराग्वे को 2 मैचों में सफलता मिली है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 96 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1930 के पहले वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से शिकस्त दी थी। अमेरिका की नजरें अपने स्टार विंगर क्रिस्टियन पुलिसिक और मिडफील्डर वेस्टन मैकेनी पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, पराग्वे अपने धाकड़ मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन के दम पर अमेरिकी डिफेंस को भेदने की कोशिश करेगी। वर्ल्ड रैंकिंग में अमेरिका 17वें स्थान पर है, जबकि पराग्वे 41वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अमेरिका: फ्रीज, फ्रीमैन, मैकेंजी, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, डेस्ट, टिलमैन, पुलिसिक, बालोगुन। पराग्वे: फर्नांडीज, कासेरेस, जी. गोमेज, अल्डरेटे, अलोंसो, कुबास, डी. गोमेज, अल्मिरोन, बोबाडिला, सोसा, सनाब्रिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Canada vs Bosnia, USA vs Paraguay Clashes Today

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Canada Vs Bosnia, USA Vs Paraguay Clashes Today स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे दिन 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच सह-मेजबान कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला जाएगा। यह मैच टोरंटो स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। जबकि, दूसरा मैच सह-मेजबान अमेरिका और पराग्वे के बीच लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 6:30 बजे से शुरु होगा। मैच-3: कनाडा और बोस्निया पहली बार आमने-सामने ग्रुप-B में शामिल कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच यह फुटबॉल इतिहास की पहली भिड़ंत होगी। सह-मेजबान कनाडा को अपने घरेलू दर्शकों के सामने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं, बोस्निया की टीम अपने कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर एडिन जेको के अनुभव के दम पर उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। FIFA रैंकिंग की बात करें तो कनाडा दुनिया की 30वें नंबर की टीम है, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम रैंकिंग में 64वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, कॉर्नेलियस, डेविस, लारेया, इस्टाक्वियो, कोन, मिलर, डेविड, लारिन। बोस्निया-हर्जेगोविना: वासिल, अहमदहोडज़िक, कातिच, राडेलिच, गाज़िबेगोविच, हजराडिनोविच, हुसेिनबासिच, ताहिरोविच, कोलासिनाक, डेमिरोविच, जेको। मैच-4: 96 साल बाद अमेरिका और पराग्वे की वर्ल्ड कप में भिड़ंत ग्रुप-D में शामिल अमेरिका और पराग्वे के बीच कुल 8 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में अमेरिका का पलड़ा भारी है। अमेरिका ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पराग्वे को 2 मैचों में सफलता मिली है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 96 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1930 के पहले वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से शिकस्त दी थी। अमेरिका की नजरें अपने स्टार विंगर क्रिस्टियन पुलिसिक और मिडफील्डर वेस्टन मैकेनी पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, पराग्वे अपने धाकड़ मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन के दम पर अमेरिकी डिफेंस को भेदने की कोशिश करेगी। वर्ल्ड रैंकिंग में अमेरिका 17वें स्थान पर है, जबकि पराग्वे 41वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अमेरिका: फ्रीज, फ्रीमैन, मैकेंजी, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, डेस्ट, टिलमैन, पुलिसिक, बालोगुन। पराग्वे: फर्नांडीज, कासेरेस, जी. गोमेज, अल्डरेटे, अलोंसो, कुबास, डी. गोमेज, अल्मिरोन, बोबाडिला, सोसा, सनाब्रिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
FIFA World Cup 2026, Football World Cup, New Format, 48 Teams, USA, Canada, Mexico, FIFA World Cup Hosts, Soccer News

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026, Football World Cup, New Format, 48 Teams, USA, Canada, Mexico, FIFA World Cup Hosts, Soccer News स्पोर्ट्स डेस्क26 मिनट पहले कॉपी लिंक 23वां FIFA मेंस वर्ल्ड कप 12 जून से 20 जुलाई के बीच अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा। 96 साल के इतिहास में पहली बार तीन देश वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। ओपनिंग मैच 12 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में खेला जाएगा। इसमें मेक्सिको और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। 16 शहरों में 48 टीमों के बीच 104 मैच खेले जाएंगे। इन टीमों को 12 ग्रुप्स में बांटा गया है। हर ग्रुप में चार टीमें हैं। 16 की जगह 32 टीमें नॉकआउट स्टेज में पहुंचेंगी। लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो सहित दुनिया के 1,248 फुटबॉलर्स वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे। स्टोरी में जानिए टूर्नामेंट के बारे में सबकुछ… मेक्सिको तीसरी बार मेजबान 2002 में जापान और कोरिया ने पहली बार मिलकर FIFA वर्ल्ड कप होस्ट किया था। अब 3 देश अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको हैं। मेक्सिको पहला ऐसा देश है, जिसे तीन बार (1970, 1986 और 2026) मेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी का मौका मिला। पहली बार 48 टीमें खेलेंगी। 1998 से अब तक केवल 32 देश इसमें हिस्सा लेते थे। 16 शहरों में 104 मैच होंगे (पहले 64 होते थे)। फाइनल में पहली बार हाफटाइम शो भी रखा जाएगा। 16 की जगह 32 टीमें नॉकआउट खेलेंगी 48 टीमों को 12 ग्रुप में बांटा गया है और हर ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। ग्रुप स्टेज में हर टीम तीन मैच खेलेगी। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सीधे नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी यानी 24 टीमें। हर ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली 12 टीमों में बेस्ट 8 को भी अगले दौर में जगह मिलेगी। इस तरह 32 टीमें नॉकआउट में एंट्री करेंगी। नॉकआउट में 32 टीमों के मैच के बाद 16 टीमें बचेंगी, इनके मुकाबले के बाद 8 टीमें क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल खेले जाएंगे। इस नए फॉर्मेट के तहत टूर्नामेंट में कुल 104 मैच खेले जाएंगे, जो इसे FIFA इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप बनाता है। फ्रांस और स्पेन का ग्रुप मुश्किल डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। स्पेन ग्रुप एच में है, फ्रांस ग्रुप आई में, जर्मनी ग्रुप ई में, पुर्तगाल ग्रुप के में और इंग्लैंड ग्रुप एल में है। ग्रुप एच, आई, जे, के और एल को ग्रुप ऑफ डेथ माना जा रहा है, क्योंकि इनमें मजबूत टीमें हैं। स्पेन के ग्रुप में उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमें हैं, जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में कई उलटफेर किए थे। फ्रांस के ग्रुप में सेनेगल और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमें हैं। गॉर्डन सबसे उम्रदराज और मोरा सबसे युवा खिलाड़ी FIFA के अनुसार टूर्नामेंट के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन हैं, जिनकी उम्र 43 साल 162 दिन है। सबसे युवा खिलाड़ी मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा हैं, उनकी उम्र 17 साल 240 दिन है। दोनों के बीच 25 साल से ज्यादा का अंतर है। इस वर्ल्ड कप में 20 साल से कम उम्र के 22 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के 7 खिलाड़ी भी मैदान पर नजर आ सकते हैं। क्रेग ने 2004 से अब तक स्कॉटलैंड के लिए 84 मैच खेले हैं। मोरा ने मेक्सिको के लिए 2025 में डेब्यू किया और अब तक 8 मैच खेले हैं। वर्ल्ड कप में चार देश पहली बार काबो वर्डी (68 रैंक), क्यूरोसाओ (82 रैंक), जॉर्डन (66 रैंक), उज्बेकिस्तान (50 रैंक) पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। इसके अलावा, हैती 1974 के बाद पहली बार आया है। ऑस्ट्रिया, नॉर्वे और स्कॉटलैंड 1998 के बाद लौट रहे हैं। चैंपियन को मिलेंगे 429 करोड़ रुपए वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली 48 टीमों के बीच 5,600 करोड़ रुपए से ज्यादा (USD 655 मिलियन) की पुरस्कार राशि बांटी जाएगी, जो पिछले वर्ल्डकप की तुलना में 50% ज्यादा है। टूर्नामेंट की विजेता टीम को करीब 429 करोड़ रुपए (USD 50 मिलियन) मिलेंगे, जबकि उपविजेता को लगभग 283 करोड़ रुपए (USD 33 मिलियन) की राशि दी जाएगी। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 249 करोड़ रुपए और चौथे स्थान की टीम को लगभग 232 करोड़ रुपए मिलेंगे। ब्राजील इतिहास की सबसे सफल टीम FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में ब्राजील सबसे सफल टीम रही है। ब्राजील ने रिकॉर्ड पांच बार (1958, 1962, 1970, 1994 और 2002) वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। जर्मनी और इटली ने चार-चार बार ट्रॉफी अपने नाम की है। अर्जेंटीना तीन बार (1978, 1986 और 2022) चैंपियन बनी है। 1930 में हुई थी शुरुआत FIFA वर्ल्ड कप दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट है। इसकी शुरुआत 1930 में उरुग्वे में हुई थी, जहां मेजबान उरुग्वे ने पहला खिताब जीता था। इसके बाद वर्ल्ड कप हर चार साल में होने लगा। द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 में टूर्नामेंट नहीं खेला गया। शुरुआती सालों में टूर्नामेंट में सीमित टीमें हिस्सा लेती थीं, लेकिन बाद 1998 से 2022 तक वर्ल्ड कप में 32 टीमें खेलती रहीं। यह फोटो 1930 वर्ल्ड कप की है। इस मैच में उरुग्वे ने अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर पहला वर्ल्ड कप जीता था। अर्जेंटीना ने जीता था वर्ल्ड कप 2022 FIFA वर्ल्ड कप 2022 का खिताब अर्जेंटीना ने जीता था। फाइनल मैच में अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया था। मैच में अर्जेंटीना के कप्तान मेसी ने अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा 2 गोल दागे थे। वहीं फ्रांस के लिए एम्बाप्पे ने हैट्रिक लगाई थी। अर्जेंटीना 2022 में मेसी की कप्तानी में वर्ल्ड चैंपियन बना था। कहां देख सकते हैं टूर्नामेंट? FIFA वर्ल्ड कप 2026 का ब्रॉडकास्ट भारत में जी एंटरटेनमेंट के नए लॉन्च किए गए यूनाइट8 स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, टूर्नामेंट की लाइव स्ट्रीमिंग जी5 ऐप और इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। आप दैनिक भास्कर ऐप पर भी मैच की रिपोर्ट्स, मोमेंट्स, रिकॉर्ड्स देख सकते हैं। 12 अलग टाइम जोन में मुकाबले मुकाबले भारतीय समानुसार 12 अलग-अलग समय में खेले जाएंगे। 12:30 AM, 1:30 AM, 2:30 AM, 3:30 AM, 4:30 AM, 6:00 AM, 6:30 AM, 7:30 AM, 8:30 AM, 9:30 AM, 9:30 PM और 10:30 PM। दैनिक भास्कर को
Canada Cricket Suspended by ICC; Players to Play Tournaments with Council Funding

Hindi News Sports Canada Cricket Suspended By ICC; Players To Play Tournaments With Council Funding स्पोर्ट्स डेस्क12 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा की क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट कनाडा की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला कनाडा बोर्ड द्वारा सदस्यता के नियमों और जिम्मेदारियों के उल्लंघन के कारण लिया गया है। हालांकि, ICC ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड की कमियों का खामियाजा वहां के खिलाड़ियों को नहीं भुगतना पड़ेगा। काउंसिल ने यह फैसला 1 जून को हुई एनुअल मीटिंग में लिया। ICC टूर्नामेंटों में खेल सकेंगे खिलाड़ी ICC ने पुष्टि की है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान भी कनाडा की नेशनल टीमें ICC टूर्नामेंटों में खेलने के लिए योग्य रहेंगी। काउंसिल का मानना है कि जिन मुद्दों पर खिलाड़ियों का कोई नियंत्रण नहीं है, उनके लिए उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए। ICC मैनेजमेंट की निगरानी में मिलेगी फंडिंग खिलाड़ियों के खेल में कोई रुकावट न आए, इसके लिए क्रिकेट कनाडा को ICC की तरफ से फंडिंग मिलती रहेगी। हालांकि, इस बार फंडिंग का तरीका पूरी तरह से ICC मैनेजमेंट के नियंत्रण में होगा। यह फंड केवल मंजूर किए गए नेशनल टीम प्रोग्राम्स के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकेगा, ताकि इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम की तैयारी और भागीदारी बिना किसी रुकावट के जारी रहे। खिलाड़ियों के लिए फंडिंग ICC करेगा। विवादों में घिरा है कनाडा क्रिकेट बोर्ड क्रिकेट कनाडा पिछले कुछ समय से गवर्नेंस और ईमानदारी से जुड़े कई विवादों का सामना कर रहा है। पिछले दो सालों में बोर्ड खेल से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहा है। इनमें से एक बड़ा मामला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच से जुड़ा है, जिसकी जांच अभी भी ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) कर रही है। एंटी-करप्शन यूनिट टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच की जांच कर रही है। पूर्व हेड कोच के ऑडियो लीक से बढ़े विवाद बोर्ड के सामने एक और बड़ी मुसीबत पूर्व हेड कोच खुर्रम चौहान से जुड़ी है। पिछले साल एक फोन बातचीत का ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आया था, जिसने क्रिकेट जगत में चिंताएं बढ़ा दीं। इस रिकॉर्डिंग में चौहान ने आरोप लगाया था कि क्रिकेट कनाडा के सीनियर अधिकारियों ने नेशनल स्क्वॉड में कुछ पसंदीदा खिलाड़ियों को शामिल कराने की कोशिश की थी। इसके साथ ही बातचीत में मैचों को मैनिपुलेट (फिक्स) करने के प्रयास के आरोप भी थे, जिसके बाद ICC के इंटीग्रिटी अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कर दी। सस्पेंशन हमेशा के लिए नहीं यह सस्पेंशन परमानेंट यानी हमेशा के लिए नहीं है। ICC क्रिकेट कनाडा को कुछ शर्तें सौंपेगी, जिन्हें सदस्यता वापस पाने के लिए पूरा करना होगा। बोर्ड में सुधारों और बदलावों के लिए ICC की नॉर्मलाइजेशन कमेटी और ICC मैनेजमेंट मिलकर नजर रखेंगे। इन शर्तों और आवश्यक गवर्नेंस रिफॉर्म्स से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही ICC सदस्यता बहाल करेगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








