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एक्ट्रेस के थलापति विजय पर संगीन आरोप:प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मेरे मिसकैरेज के जिम्मेदार विजय, पार्टी के खिलाफ बोलने पर किडनी घोटाले से नाम जोड़ा

एक्ट्रेस के थलापति विजय पर संगीन आरोप:प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मेरे मिसकैरेज के जिम्मेदार विजय, पार्टी के खिलाफ बोलने पर किडनी घोटाले से नाम जोड़ा

साउथ एक्ट्रेस और बिग बॉस साउथ में नजर आ चुकीं जूली ने एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने मिसकैरेज के लिए विजय और उनकी पार्टी टीएमके को जिम्मेदार ठहराया है। जूली ने रविवार को चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख थलापति विजय पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। जूली के अनुसार, बीते कुछ महीनों से उन्हें और उनके पति को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। मार्च में एक्ट्रेस ने 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। तब तमिलनाडू में डीएमके की पार्टी सत्ता में थी। हालांकि विजय की सरकार बनने के बाद एक दिन अचानक उन्हें नोटिस आया कि उनकी शिकायत क्रिमिनल केस की नहीं बल्कि मानहानि की है। एक्ट्रेस ने दावा किया है कि उनके केस को सिर्फ इसलिए क्रिमिनल केस नहीं माना गया, क्योंकि उन्होंने जिन 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, वो थलापति विजय की पार्टी टीवीके के सपोर्टर्स हैं। इसके बाद उनकी ट्रोलिंग और बढ़ गई और बाद में उनका नाम 15 लाख रुपए के किडनी घोटाले से जोड़ा जाने लगा। मिसकैरेकज के लिए विजय अन्ना जिम्मेदार- जूली जूली ने दावा किया है कि उन्होंने हाल ही में शादी की है, वो कुछ महीनों की प्रेग्नेंट थीं, लेकिन लगाता हो रही मानसिक प्रताड़ना के चलते उनका मिसकैरेज हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जूली ने थलापति विजय पर निशाना साधते हुए कहा, मेरे और मेरे पति के बारे में अपमानजनक और झूठी बातें फैलाई गईं। इस भयानक मानसिक प्रताड़ना से मेरा मिसकैरेज हुआ। इसके लिए विजय अन्ना जिम्मेदार हैं। उन्होंने सीधे तौर पर ऐसा नहीं किया, लेकिन अगर वह सिर्फ एक बार अपने सपोर्टर्स से कह देते कि ट्रोलिंग बंद करें, तो मेरा बच्चा जिंदा होता। जूली का दावा है कि विजय और उनकी पार्टी के बारे में बोलने के बाद ही उनके सपोर्टर्स ने ट्रोलिंग शुरू की है। कौन हैं एक्ट्रेस जूली? जूली का पूरा नाम मारिया जूलियाना है। वो सालों पहले नर्स हुआ करती थीं, हालांकि 2017 के बाद तमिलनाडु में जल्लीकट्टू आंदोलन के दौरान वह चर्चा में आ गई थीं। इसके बाद उन्होंने बिग बॉस तमिल के पहले सीजन में हिस्सा लिया। शो से उन्हें साउथ इंडस्ट्री में काफी पहचान मिली, जिसके बाद वो कई टीवी शोज और फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। सीएम कैसे बने विजय? विजय की राजनीति में एंट्री के बाद TVK ने तेजी से अपना जनाधार बढ़ाया। युवाओं, फर्स्ट टाइम वोटर्स और उनके मजबूत फैन नेटवर्क ने पार्टी को जमीनी स्तर पर फायदा पहुंचाया। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने भ्रष्टाचार, शिक्षा, बेरोजगारी और क्लीन पॉलिटिक्स को मुख्य मुद्दा बनाया। चुनाव में TVK को बड़ी सफलता मिली और पार्टी तमिलनाडु की सत्ता तक पहुंच गई। इसके बाद TVK विधायक दल की बैठक में विजय को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। फिर उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने कहा कि उनकी राजनीति का मकसद जनता के लिए काम करना है और वह युवाओं व आम लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। तमिलनाडु की राजनीति में फिल्म स्टार्स का लंबा इतिहास रहा है। एम. जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एन. टी. रामा राव जैसे सितारे सत्ता तक पहुंच चुके हैं। थलापति विजय के बारे में-

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। मोहिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह बेसंत नगर श्मशान घाट में संपन्न हुआ। उनका पार्थिव शरीर इंजामबक्कम स्थित आवास से बेसंत नगर श्मशान घाट लाया गया। अजित ने मां के पार्थिव शरीर को अंतिम बार अपने कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में अजित कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा संपन्न कराई गईं। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद अजित कुमार चेन्नई पहुंचे और शहर के बाहरी इलाके इंजामबक्कम-पालवक्कम स्थित अपने आवास पहुंचे। मोहिनी मणि के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सेलेब्स ने अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शनिवार शाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अजित कुमार के आवास पहुंचे। दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्टर सरथकुमार, नासिर, निर्देशक शंकर, ए.एल. विजय, शिवा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्हें अपने प्रिय मित्र और एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी अम्मैयार के निधन की खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

चेन्नई (तमिलनाडु) में एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और उम्र संबंधी बीमारियों व स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही थीं। मोहिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह बेसंत नगर श्मशान घाट में संपन्न हुआ। उनका पार्थिव शरीर इंजामबक्कम स्थित आवास से बेसंत नगर श्मशान घाट लाया गया। अजित ने मां के पार्थिव शरीर को अंतिम बार अपने कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में अजित कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा संपन्न कराई गईं। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद अजित कुमार चेन्नई पहुंचे और शहर के बाहरी इलाके इंजामबक्कम-पालवक्कम स्थित अपने आवास पहुंचे। मोहिनी मणि के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सेलेब्स ने अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शनिवार शाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अजित कुमार के आवास पहुंचे। दोनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक्टर सरथकुमार, नासिर, निर्देशक शंकर, ए.एल. विजय, शिवा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्हें अपने प्रिय मित्र और एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी अम्मैयार के निधन की खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए अजित कुमार और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अजित के पिता का 2023 में निधन हुआ था अजित कुमार तमिल सिनेमा के बेहद फेमस एक्टर हैं। उन्होंने ‘काधल कोट्टई’, ‘वाली’, ‘दीना’, ‘बिल्ला’, ‘मंकथा’, ‘विश्वासम’ और ‘वलिमै’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। अजित के पिता पी. सुब्रमण्यम केरलम के पलक्कड़ के रहने वाले तमिल ब्राह्मण थे। उनका निधन साल 2023 में हुआ था। वहीं उनकी मां मोहिनी सिंधी समुदाय से थीं और कोलकाता की रहने वाली थीं। अजित तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई अनूप कुमार न्यूयॉर्क में स्टॉकब्रोकर हैं, जबकि छोटे भाई अनिल कुमार एक बिजनेसमैन हैं। अजित ने साल 2000 में एक्ट्रेस शालिनी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘अमरकलम’ के सेट पर हुई थी। उनके दो बच्चे बेटी अनुष्का और बेटा अद्विक हैं।

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK headquarter

CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK headquarter

Hindi News National Tamil Nadu AIADMK Rift: CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK Headquarter चेन्नई22 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई है। एक गुट पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी का है, जबकि दूसरा बागी गुट षणमुगम और वेलुमणि में बंट गया है। तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार के फ्लोर टेस्ट में TVK की सीटों की संख्या बढ़कर 144 हो गई। बागी खेमे से जुड़े AIADMK के 25 विधायकों ने CM विजय के पक्ष में क्रॉस-वोट किया। इसके बाद पलानीस्वामी ने षणमुगम और वेलुमणि को पार्टी में उनके पदों से हटा दिया। पलानीस्वामी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए आवेदन किया है। AIADMK के कार्यकर्ता आज सुबह से ही पलानीस्वामी के घर समर्थन देने के लिए जुटने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए चेन्नई में पार्टी हेडक्वॉर्टर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई। इसे एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, 2022 में विरोधी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। तब पन्नीरसेल्व और पलानीस्वामी के समर्थकों ने दौरान पार्टी परिसर में तोड़फोड़ की थी। विधायकों की अयोग्यता के लिए विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देंगे AIADMK सूत्रों के अनुसार पलानीस्वामी अपने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे। इसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। AIADMK के एक सीनियर नेता के मुताबिक पार्टी के वकील आईएस इनबादुराई भी विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर से मुलाकात कर सकते हैं, ताकि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सके। दलबदल विरोधी कानून लागू होता है तो बागी विधायकों को विधायक पद से भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है, जिसके चलते सभी 24 सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ सकता है। षणमुगम बोले- महासचिव सीधे व्हिप की नियुक्ति नहीं कर सकते इधर, षणमुगम गुट ने विद्रोही समूह ने अपना रुख कड़ा कर लिया है और उनका तर्क है कि नव निर्वाचित विधायकों से व्हिप की नियुक्ति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। इसलिए नियुक्ति अवैध थी और व्हिप का पालन करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। षणमुगम ने कहा कि महासचिव सीधे तौर पर व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। विधायकों की बैठक में विधानसभा नेता, उप विधानसभा नेता और व्हिप का चुनाव होगा। यही कानून है। लेकिन ईपीएस का कहना है कि उन्होंने व्हिप नियुक्त किया है। वे व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। पलानीस्वामी ने एग्री कृष्णमूर्ति को व्हिप नियुक्त किया है, जिन्हें नए स्पीकर से भी मान्यता मिलनी चाहिए। 2022 में लीडरशिप को लेकर झगड़े थे पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी गुट AIADMK की अंदरूनी लड़ाई के दौरान चेन्नई में पार्टी मुख्यालय पर हिंसक झड़प, पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक की नौबत आ गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 जुलाई 2022 को पार्टी में सिंगल लीडरशिप हो या नहीं, इसे लेकर ही पूरा विवाद हुआ था। EPS को पार्टी का मुख्य नेता बनाया जाए या OPS को बराबर भूमिका मिले। आखिरकार EPS गुट मजबूत होकर उभरा और OPS को पार्टी से बाहर कर दिया गया। हिंसा और तोड़फोड़ के बाद तमिलनाडु प्रशासन ने AIADMK मुख्यालय को सील कर दिया था। साथ ही पुलिस तैनात की थी। EPS गुट ने आरोप लगाया कि OPS समर्थकों ने जयललिता के कमरे का ताला तोड़ा और कुछ दस्तावेज ले गए। इसे लेकर दोनों गुटों के समर्थकों ने पत्थरबाजी की, एक-दूसरे पर डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। वाहनों में तोड़फोड़ की। इन झड़पों में कई लोग घायल हुए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

चेन्नई16 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)। TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है। इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे। AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता। शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास। AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं। DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी। AIADMK में फूट की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। 10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu CM Vijay to Prove Majority

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चेन्नई2 घंटे पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)। TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। हालांकि मंगलवार को खबर आई कि AIADMK के 30 विधायकों का एक गुट विजय को समर्थन दे सकता है। इस बीच AIADMK ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया। जिसमें कहा गया कि फ्लोर टेस्ट में TVK के खिलाफ वोट दें। जो विधायक पार्टी के निर्देश के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। दरअसल AIADMK के दो गुटों में बंटने की चर्चा है। एक गुट पलासामी का है, दूसरा सीवी षणमुगम का। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे। AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता। शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए, इनबादुराई ने कहा कि कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास। AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी। AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं। DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी। AIADMK में फूट की 4 वजहें… पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है। पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए। 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी। 10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है। विजय ने ज्योतिषी को OSD बनाया; 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश विजय ने ‘रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल’ को अपना विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस सांसद ससिकांत सेंथिल ने कहा, ‘समझ नहीं आता ज्योतिषी को ओएसडी पद क्यों चाहिए है?’ विजय सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें मंदिरों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंड के पास हैं। टीवीके ने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर-बैनर न लगाने का निर्देश भी जारी किया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session – TASMAC Liquor Shops Closure

Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session - TASMAC Liquor Shops Closure

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay LIVE Updates; TN Assembly Session TASMAC Liquor Shops Closure | TVK DMK MLAs चेन्नई12 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीनिवास सेतुपति को सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति पर 17वीं विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव समेत किसी भी वोटिंग में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। सेतुपति ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर DMK उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था। सेतुपति को 83,365 वोट मिले, वहीं पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे। पेरियाकरुप्पन ने वोटों की दोबारा गिनती और श्रीनिवासा सेतुपति को विधायक के तौर पर शपथ लेने से रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश की भी मांग की थी। जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी और एन सेंथिलकुमार की वेकेशन बेंच की तरफ से लगाई गई रोक के बाद सेतुपति किसी भी अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोट नहीं दे सकते। संयोग से CM जोसेफ विजय की TVK सरकार को 13 मई को अपना फ्लोर टेस्ट देना है। जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होने वाला है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay Oath Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Oath Controversy

3 मिनट पहले कॉपी लिंक विजय के शपथ ग्रहण में पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन और तमिल राज्य गीत बजे। तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। इसपर विजय की पार्टी (TVK) ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। लेकिन डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा कि राज्य की परंपरा तमिल राज्य गीत को पहले और राष्ट्रगान को अंत में बजाने की रही है। विजय अब बीजेपी की विचारधारा की ओर झुक रहे हैं। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले 2 मिनट 52 सेकेंड तक वंदे मातरम बजा। फिर 52 सेकेंड के लिए जन गण मन बजा। इसके बाद 65 सेकेंड तक तमिल राज्य गीत बजाया गया। राष्ट्रगान, विंदे मातरम और तमिल राज्य गीत के दौरान खड़े राहुल गांधी, विजय और गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर। सहयोगी दलों ने भी विरोध किया शपथग्रहण में तमिल राज्य गीत तीसरे नंबर पर बजने पर CPI, CPIM और VKC ने भी आलोचना की है। CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों के प्रोटोकॉल में तमिल राज्य गीत को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। तमिलनाडु चुनावों में विजय की पार्टी 108 सीटें जीती थी। विजय की सरकार कांग्रेस, CPI, CPIM, IUML और VKC का समर्थन मिला हुआ है। वहीं, डीएमके की आईटी विंग ने विजय से पूछा कि क्या तमिल राज्य गीत को किनारे करना ही TVK के नए बदलाव का हिस्सा है। 1891 में लिखा गया तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ तमिलनाडु का राज्य गीत है। इसे 1891 में मनोन्मनीयम सुंदरम पिल्लई ने अपने नाटक ‘मनोन्मनीयम’ के शुरुआती भाग में तमिल देवी की स्तुति के रूप में लिखा था। बाद में एम.एस. विश्वनाथन ने इस गीत के लिए संगीत बनाया। यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि इसे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में सबसे पहले गाने की परंपरा रही है। 18 दिसंबर 2021 को DMK की तमिलनाडु सरकार ने ‘तमिल थाई वाजथु’ को आधिकारिक तौर पर स्टेट एंथम घोषित कर दिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि इसके गायन के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों को सम्मान में खड़ा होना होगा। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि ‘तमिल थाई वाजथु’ केवल एक प्रार्थना गीत है, न कि कोई राष्ट्रगान या राज्य गान। —————————————————— ये खबर भी पढ़ें…. एक्टर विजय की शपथ में माता-पिता हाथ जोड़े रहे:पहली बार किसी तमिल नेता की कोट-पैंट में शपथ, राहुल के साथ सेल्फी ली; 7 मोमेंट्स तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए। एक्टर से नेता बने विजय की शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र न पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- ‘मैं जोसेफ विजय…..’ समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…