‘कांग्रेस ने जमीन पर कब्ज़ा किया, अवैध यात्रा को बढ़ावा दिया’, मारियानी में नारा दिया, ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले अप्रैल वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में मचे सियासी दंगल के बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार (5, 2026) को जनता पार्टी (बीजेपी) के समर्थन में भारतीय रूपज्योति कुर्मी के समर्थन में मारियानी विधानसभा क्षेत्र में एक निवेशक को चुनावी मैदान में उतारा। अपने अर्थशास्त्र में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने असम में पिछले एक दशक में हुए बदलावों को देखते हुए भाजपा सरकार की वकालत की। उन्होंने कहा कि पहले असम की ओर से अवशेषों और दांतों से जुड़े अवशेषों की पहचान की गई थी, लेकिन आज मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में शांति स्थापित हुई है। वर्तमान सरकार ने राज्य के मापदंडों को दी सुरक्षाः माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री ने असम की अपार संपदा का जिक्र करते हुए यहां के पर्यटन और स्मारक क्षेत्रों के बारे में विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने काजीरंगा नेशनल पार्क का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान कई गैंडों का शिकार हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार ने पोटाशों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की थी। माझी ने बड़े पैमाने पर अवैध पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रस्ताव का भी आरोप लगाया, जिससे भूमि व्यवस्था की समस्या गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने इस मुद्दे पर कठोर रुख अपनाया है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में इस पर प्रभावी कार्रवाई की गई है. असम के विकास का कर रहे नेतृत्व माझी उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे न सिर्फ असम के विकास का नेतृत्व कर रहे हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की प्रगति में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हुए कहा कि उनके घोटाले में असम का विकास प्रमुखता से किया जा रहा है, इसी कारण राज्य अब देश के विकास की दृष्टि का केंद्र बन गया है। इसके अलावा, ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि माझी ने चीन पर आक्रमण के समय का ज़िक्र किया था और कहा था कि उस दौर में प्रधानमंत्री सचिवालय नेहरू ने असम के लिए कम्युनिस्ट चिंता की लहर रखी थी, जबकि वर्तमान नेतृत्व ने ठोस विकास कार्य किए हैं। डबल इंजन सरकार ने नाव से मुक्त कराई भूमि माझी असम की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डाला गया ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने असम चाय की वैश्विक पहचान और मुगा और एरी रेशम की अंतर्राष्ट्रीय ख्याति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की शेष भूमि को मुक्त कराया गया है। माझी ने कहा कि भाजपा सरकार की विभिन्न योजनाओं से गरीबों, महिलाओं को लाभ मिला है और उनकी सरकार में सुधार हुआ है। चाय बागानों के बागानों को, जो लंबे समय से भूमि अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे, अब भूमि आवंटन दिए जा रहे हैं और उनके दैनिक स्वामित्व में भी वृद्धि हुई है। ओडिशा के सीएम ने मारियानी से बीजेपी की ओर से समर्थन मांगा हालाँकि, मारियानी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित मिश्रा के दौरान भाजपा प्रत्याशी रूपज्योति कुर्मी उपस्थित नहीं थे, फिर भी माझी ने आगामी चुनाव में जनता से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत से क्षेत्र में शांति और विकास की शांति बनी रहेगी। उन्होंने मारियानी की जनता से भाजपा उम्मीदवार को स्थिरता और प्रगति के लिए समर्थन देने की अपील की। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?’ कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर… (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)ओडिशा(टी)मोहन चरण माझी(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)पीएम मोदी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)ओडिशा(टी)मोहन चरण माझी(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस(टी)पीएम मोदी
Haryana Congress MLAs Cross-Voting | Suspension Decision Likely

चंडीगढ़ में 3 अप्रैल को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की डिसिप्लिनरी कमेटी की मीटिंग हुई थी। इस कमेटी ने 4 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को भेज दी। हरियाणा कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DAC) ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोट करने वाले पांचों विधायकों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को सौंप दी है। DAC ने अपनी रिपोर्ट ई-मेल के जरिए भेजी। इसमें पांचों विधायकों को सस्प . अब हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह इस रिपोर्ट को पार्टी हाईकमान को भेजेंगे। उसके बाद आखिरी फैसला हाईकमान के लेवल से लिया जाएगा। अगर पार्टी इन विधायकों को सस्पेंड करती है तो उस सूरत में ये MLA आगे भी सदन के अंदर पार्टी व्हिप मानने को बाध्य होंगे। शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई DAC की मीटिंग में इस बात पर गंभीरता से चर्चा हुई थी कि पांचों विधायकों को ऐसी सजा दी जाए कि उन्हें फ्यूचर में सदन के अंदर व्यवहार करने की किसी तरह की खुली छूट न मिल पाए। कोशिश यही रखी जाए कि ये विधायक न इधर के रहें और न उधर के। और अंतत: खुद ही पार्टी छोड़ने को मजबूर हो जाएं। अब जानिए DAC की सवा घंटे चली की मीटिंग में क्या-क्या हुआ… सुबह 10 बजे दो विधायकों ने वॉट्सएप पर मांगा मौका: नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और साढौरा विधायक रेनू बाला की ओर से अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक को वॉट्सएप पर टाइप्ड लेटर भेजा गया। जिसमें कोई भी फैसला लेने से पहले व्यक्तिगत पेशी (पर्सनल हियरिंग) का मौका मांगा। जिसे स्वीकार कर लिया गया। 4 बजे दोनों विधायक पहुंचीं मीटिंग मेंः चंडीगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय में अनुशासन समिति की बैठक शुरू होने का समय शाम 4 बजे निर्धारित था। उससे पहले ही शैली चौधरी और रेनू बाला वहां पहुंच गईं। रेनू ने मीडिया से बात किए बगैर अंदर चली गईं, जबकि शैली ने कहा कि उन्हें बुलाया गया था, इसलिए आईं। 10-10 मिनट दोनों को पक्ष रखने का मौका मिलाः दोनों विधायकों को कमेटी के साथ बात रखने के लिए 10-10 मिनट मिले। पहले रेनू बाला ने अपनी बात रखी। उन्होंने दोहराया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को ही वोट दिया। उसके बाद शैली चौधरी अंदर गईं, उन्होंने भी यही बात कही। सूत्रों के मुताबिक एक विधायक ने कहा कि उन्होंने CLP भूपेंद्र सिंह हुड्डा को वोट दिखाया था, जबकि दूसरी ने कहा कि उन्होंने पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद को वोट दिखाया था। एक घंटा कमेटी सदस्यों ने आपस में चर्चा कीः दोनों विधायकों का पक्ष सुनने के बाद कमेटी ने करीब 1 घंटे तक आपस में चर्चा की। इस दौरान तीनों विधायकों के लिखित जवाबों को पढ़ा गया। सूत्रों के मुताबिक कमेटी इस बात पर एकमत है कि सख्त संदेश दिया जाए, लेकिन टेक्निकल पेचिदगियों पर भी चर्चा हुई। पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास व हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल के शोकॉज नोटिस का जवाब न देने पर प्राइमा-फेसिया माना गया कि उन्होंने क्रॉस वोटिंग की है। पार्टी से नहीं निकालेंगे, निलंबन का फैसला संभव पार्टी सूत्रों के मुताबिक क्रॉस वोटिंग के आरोपी विधायकों को लेकर 2 ही विकल्पों पर चर्चा हुई। निलंबित किया जाए या पार्टी से बाहर निकाला जाए। दोनों ही स्थितियों में MLA की विधानसभा सदस्यता पर खतरा नहीं होगा। निलंबन की स्थिति में पार्टी का व्हिप मान्य होगा, यानी उन्हें सदन में यदि कांग्रेस किसी मामले में व्हिप जारी करती है, तो इन विधायकों का मानना पड़ेगा। टेक्निकल आधार पर अयोग्य ठहराने का मौका देखेंगे कांग्रेस की मंशा है कि इन विधायकों को किसी तरह टेक्निकल आधार पर अयोग्य ठहराया जा सके। यदि पार्टी किसी बिल या प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में वोट करने का व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है और विधायक इसका उल्लंघन करते हैं तो एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है। ऐसे में उनका विधायक पद चला जाता है। कमेटी ने 4 नेताओं को भी नोटिस भेजा कमेटी ने 2024 विधानसभा चुनाव में पंचकूला से कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रमोहन के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहने के आरोप में कांग्रेस नेता उपेंद्र वालिया, नरेश रावल, रविंद्र रावल और धनेंद्र वालिया को शोकॉज नोटिस जारी किया है। चारों नेताओं को 7 दिन में जवाब देने को कहा गया है। ————————— ये खबर भी पढ़ें :- कांग्रेस ने 2 विधायकों को क्रॉस वोटिंग का दोषी माना:डिसिप्लिनरी कमेटी अध्यक्ष बोले- 3 MLA ने अपना पक्ष रखा, आखिरी फैसला हाईकमान करेगा हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर शुक्रवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DPC) की बैठक हुई। क्रॉस वोटिंग के आरोपों में घिरीं नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और साढौरा विधायक रेनू बाला भी बैठक में पहुंचीं। पढ़ें पूरी खबर…
कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।
असम चुनाव 2026: ‘डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार’, असम में नाकाम दंगल से पहले कांग्रेस का बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम के जोरहाट में उग्रवादियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को राज्य की सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर उग्र दबाव बनाया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार को लेकर कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जो जनता के विश्वास को पहुंचाती है। बीजेपी पर जनता की आवाज का आरोप बिहार के ज़ोराहाट स्थित कांग्रेस भवन में शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में राजस्थान के पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा ने राज्य की अंतिम स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उनके साथ एआईसीसी के मीडिया को-ऑर्डिनेटर हरमीत बवेजा और जोरहाट मीडिया के सुपरस्टार त्रिशंकु शर्मा भी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता को स्पष्ट करते हुए दिव्या मदेरणा ने असम के संकल्प को दोगुना करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि डबल लूट और डबल धोखे की सरकार बनी है, जिसे जनता का विश्वास दिलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की करीब 3.5 करोड़ जनता की आवाज छीनी जा रही है। विशेष रूप से युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं, भविष्य का साथ दे रहे हैं। उन्होंने राज्य में मजबूत स्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इसे समेकित करने के बजाय निजीकरण में लगी है। शासन व्यवस्था एवं विकास पर प्रश्न उन्होंने पिछले एक दशक से राज्य में बीजेपी सरकार के शासनकाल में पार्टी की हिस्सेदारी पर कहा कि असम का ढांचा कमजोर हो गया है और सरकार केवल जुमलेबाजी तक सीमित रह गई है. उनके अनुसार, राज्य में गुड कन्वेंशन की कमी है और विकास के सिद्धांतों के बजाय धार्मिक और राजनीतिक विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वास्तविक उद्देश्यों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है। सिंडिकेट राज और विकास स्टूडियो में गिरावट दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में सिंडिकेट राज का कब्जा है, जहां क्षेत्र में कोयला, सुपारी और रेत जैसे अवैध नेटवर्क सक्रिय हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि असम के 23 वें स्थान पर पहुंच वाले राज्य की वास्तविक स्थिति का विवरण दिया गया है। आर्थिक संकट और भारी कर्ज राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि असम की इंडस्ट्री आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में है। राज्य पर कर्ज़ का बोझ लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नवजात बच्चे पर औसतन 57,000 रुपये का कर्ज है, जो सरकार की आर्थिक अर्थव्यवस्था की विफलता है। बेरोजगारी और सामाजिक संकट रोज़गार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 21 लाख से अधिक युवा आबाद हैं, जबकि रोज़गार के अवसर बहुत सीमित हैं। उन्होंने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता जताई और इसे गंभीर सामाजिक संकट के बारे में बताया। शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि असम में 8,000 से 9,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इससे गरीब और ग्रामीण छात्र शिक्षा प्रभावित हो रहे हैं। इसके निजी दस्तावेजों का विखंडन बढ़ रहा है और शैक्षिक दस्तावेजों का चलन जारी है। स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मियों में 97% तक मेडिकल स्टाफ की कमी है। साथ ही, मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को दर्शाता है। चाय बागान की स्थिति उन्होंने कहा कि चाइ लेबल्स के लेबल 351 रुपये प्रतिदिन के होते हैं, लेकिन आज भी वे लगभग 250 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाय बागानों में 57% महिलाएँ विकलांग हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या है। प्रधानमंत्री के दौरे और मधुमेह समस्या पर प्रश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये केवल फोटो सत्र तक सीमित रह जाते हैं और ज़मीन पर स्तर की समस्याओं का समाधान नहीं होता। बाढ़ के मुद्दे पर उन्होंने सरकार के 2031 तक असम को बाढ़ मुक्त बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तब तक बाढ़ प्रभावित लोग इंतजार करना चाहेंगे? बदलाव की मांग और सुरक्षित असम का संकल्प कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थिर सरकार ने असम के विकास और जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने असम के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका स्पष्ट जवाब है। कांग्रेस पार्टी के इस बयान में कहा गया है कि असम की राजनीति में एक बार फिर विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे समर्थकों को केंद्र में लाया गया है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और गरमी की संभावना है। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘कांग्रेस की सरकार आई तो घुसपैठिये भी आएंगे’, ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)गौरव गोगोई(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)गौरव गोगोई
Datia MLA Rajendra Bharti Assembly Membership Terminated

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी रात में ही विधानसभा सचिवालय पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराई। विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है। गुरुवार देर रात रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भ . इधर, घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक पीसी शर्मा भी रात में ही विधानसभा पहुंच गए। दोनों नेता सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई? शर्मा के बिना जवाब दिए वहां से निकलने के बाद पटवारी ने आरोप लगाया कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है। देखिए, तीन तस्वीरें… गुरुवार देर रात विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने ये आदेश जारी किया। सचिवालय खुलने की सूचना मिलते ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, दूसरे कांग्रेसी नेताओं के साथ विधानसभा पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा से सवाल किए लेकिन वे बिना जवाब दिए ही विधानसभा से चले गए। 27 साल पुराने मामले में मिली सजा दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार सुबह 11 बजे भारती को सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू की और दोपहर 12:41 बजे 3 साल की सजा का फैसला सार्वजनिक हुआ। हालांकि, कोर्ट ने अपील के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए सजा निलंबित रखी है। सहआरोपी बैंक क्लर्क रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने भारती को आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना। उन्हें दो धाराओं में 3-3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। इससे उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार, अपील के लिए उन्हें 60 दिन मिलेंगे। अगर हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन (स्टे) मिल जाता है, तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है। फर्जी दस्तावेजों से FD का ब्याज निकाला घटनाक्रम की शुरुआत 1998 में तब हुई, जब श्याम सुंदर संस्थान की अध्यक्ष और राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपए की एफडी की थी। साल 1998 से 2001 के बीच राजेंद्र भारती उसी बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे। वे श्याम सुंदर संस्थान के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी थे। भारती ने क्लर्क रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के रिकॉर्ड में हेरफर की और एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद सालाना 13.5% की दर से ब्याज के 1,35,000 रुपए साल 1999 से 2011 के बीच निकाले गए। बीजेपी नेता ने किया मामले को उजागर 3 मार्च 2011 को बैंक अध्यक्ष बने भाजपा नेता पप्पू पुजारी मामले को सामने लाए। सहकारिता विभाग के तत्कालीन संयुक्त पंजीयक अभय खरे ने जांच की, जिसमें एफडी पर ऑडिट आपत्ति दर्ज हुई। 2012 में भारती ने बैंक से एफडी की राशि मांगी, लेकिन ऑडिट आपत्ति के चलते भुगतान से इनकार किया गया। भुगतान न मिलने पर भारती उपभोक्ता फोरम पहुंचे, जहां से राहत नहीं मिली। राज्य उपभोक्ता फोरम से राहत मिलने के बाद मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम और फिर सुप्रीम कोर्ट तक गया, जहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद 2015 में तत्कालीन कलेक्टर प्रकाशचंद्र जांगड़े ने आपराधिक मामला दर्ज कराने की पहल की। कोर्ट के आदेश पर आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज हुआ। एमपी-एमएलए कोर्ट के गठन के बाद मामला ग्वालियर पहुंचा और अक्टूबर 2025 में इसे दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट ट्रांसफर किया गया। 2 साल या ज्यादा सजा पर विधायकी जाने का प्रावधान कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायकी स्वत: जा सकती है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा हुई है। सीट खाली होने पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।हालांकि, हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिलने पर राहत संभव है। विधायक के बेटे अनुज भारती ने बताया कि उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे और जमानत के लिए आवेदन देंगे। ये खबर भी पढ़ें… फर्जीवाड़े में फंसे विधायक, कोर्ट ने भेजा जेल दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की फाइल तस्वीर । मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली MP-MLA कोर्ट ने भूमि विकास बैंक से जुड़े मामले में बुधवार को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उन्हें IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तिहाड़ जेल भेज दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
Congress MLA Rajendra Bharti Disqualification Case Stir in Bhopal

जीतू पटवारी प्रमुख सचिव से मिलने पहुंचे। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली की एमपी एमएलए कोर्ट से तीन साल की सजा होने के बाद विधानसभा में गुरुवार रात को अचानक प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा के पहुंचने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जी . कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को सजा के बाद रात में विधानसभा पहुंचे जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने कहा कि हम लोगों के आने के बाद विधानसभा के पीएस चले गए। इनका कहना है कि रात में 10:30 बजे विधानसभा सचिवालय खोलकर राजेन्द्र भारती के मामले में आदेश जारी करने की तैयारी हो रही थी, जबकि भारती को कोर्ट से अपील करने के लिए 60 दिन का टाइम मिला हुआ है। पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा कि विधायक भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए तैयारी की जा रही है। इस कारण प्रमुख सचिव आए थे, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। हम लोगों के आने के बाद प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा चले गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैसे तो विधानसभा पूरे टाइम तक चलती नहीं है, फिर रात में दफ्तर खोलने की वजह और क्या हो सकती है? जीतू पटवारी व अन्य कांग्रेसी भी विधानसभा पहुंचे। इसके बाद प्रमुख सचिव वहां से चले गए। दिल्ली से लौटे थे पीएस, सदस्यता पर निर्णय ले सकते हैं स्पीकर विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा गुरुवार को दिन में दिल्ली में थे और लोकसभा की एक बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद वे शाम को भोपाल आए हैं। दूसरी ओर गुरुवार को रात में सामने आए घटनाक्रम के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता के मामले में निर्णय ले सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया है। गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई और जमानत दे दी। उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना गया है। सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।पूरी खबर पढ़ें
असम चुनाव 2026: ‘मोहब्बत और नफरत की सोच के बीच…’, टाटा में सीएम हिमंत बिस्बा सरमा पर राहुल गांधी का वार, कांग्रेस की पांच गारंटी का ऐलान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इस बीच विपक्ष में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के कम्युनिस्ट नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को असम के तिताबर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल ओझा को संबोधित किया। राहुल गांधी यहां समिति प्राण कुर्मी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। तिताबर को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री युवा गोगोई ने असम का नेतृत्व करते हुए कई बार नामांकन जीता था। राहुल गांधी को संबोधित करते हुए बोले राहुल गांधी सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता से जो कुछ छीना है, उसे वापस लाना होगा और मुख्यमंत्री को इसके लिए माफ़ी मांगनी होगी। उन्होंने कहा, ‘जो भी जनता ने लिया है, वह वापस आएगा।’ मुख्यमंत्री को माफ़ी माँगनी उपज, लेकिन केवल माफ़ी से काम नहीं मिलता- हम क़ानून का सहारा। वह कहीं भी, पास या दूर, उन्हें उत्तरदेह दोषी ठहराएगा। कितना भी हिल लें या उछल लें, कानून से बच नहीं सकते।’ भारत जोड़ो यात्रा का ज़िक्र कर बोले राहुल गांधी राहुल गांधी ने असम की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि श्रीमंत शंकरदेव, भूपेन हजारिका, ज्योति प्रसाद अघारा और जुबिन गर्ग जैसे महान व्यक्तित्वों की है, जो हमेशा प्रेम, एकता और विश्वसनीयता का संदेश देते हैं। उन्होंने अपनी यात्रा में भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैसाबोल में मोहब्बत की बात की। असम के लोग भी इसी भावना में विश्वास करते हैं, लेकिन यहां के मुख्यमंत्री इससे बिल्कुल दूर हैं और केवल नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।’ जुबिन गर्ग का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे असम की असली भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जो भी गरीब व्यक्ति उनके पास जाता था, वह मुस्कान के साथ लौट आता था।’ वे हमेशा एकता और इंसानियत की बात करते थे।’ राहुल ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को सैद्धांतिक विश्लेषण दिया राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व मुख्यमंत्री युवा गोगोई के साथ मिलकर काम किया और भाजपा सरकार अपने पिछले वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने 500 रुपये के प्रॉमिस को पूरी तरह से हिट करने का वादा किया। साथ ही, छह सेट किए गए वादों को भी अधूरा बताया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की जमीन पर कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों का कब्जा है और राज्य सरकार दिल्ली से तय हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार के दबाव में असम के हालात प्रभावित हो रहे हैं। सभा के अंत में राहुल गांधी ने कहा, ‘यह चुनावी मोहभंग और अधर्म की सोच के बीच की लड़ाई है। कांग्रेस को वोट और गरीब व आम जनता की सरकार का समर्थन।’ कांग्रेस पार्टी की प्रमुख पाँच गारंटियाँ क्या हैं? इस दौरान कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने अपनी ओर से पांच प्रमुख पार्टियों की घोषणा कर दी। जिसमें, महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता और सहायता के लिए 50 हजार रुपये ज़ुबीन गर्ग से जुड़े 100 दिनों के भीतर न्याय पर 10 लाख लोगों को भूमि पट्टा वृद्ध नागरिकों को 1,250 रुपये की मासिक सहायता गंभीर के लिए 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा यह भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट ने रेत माफिया को ‘चंबल के नए डकैत’ कहा; राजस्थान, एमपी और यूपी के लिए कड़ी चुनौती (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)तिताबर(टी)गुवाहाटी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)तिताबार(टी)गुवाहाटी
बंगाल में 35 दिनों में ₹274 करोड़ का सामान जब्त:राहुल गांधी ने बस में यमराज से मुलाकात का वीडियो शेयर किया

पश्चिम बंगाल में 26 फरवरी से 1 अप्रैल तक पुलिस ने ₹274 करोड़ से ज्यादा के कैश, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य सामान जब्त किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इन जब्तियों में ₹6.56 करोड़ कैश और ₹43.37 करोड़ की शराब शामिल हैं। इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को X पर यमराज से मुलाकात का वीडियो शेयर किया है। राहुल गांधी ने बताया कि यह मुलाकात केरल के बालुस्सेरी में बस यात्रा के दौरान हुई। वीडियो में यमराज के वेश में एक व्यक्ति उनसे बातचीत करता नजर आता है। राहुल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि UDF की ₹25 लाख रुपए तक की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से यमराज खुश नहीं हैं, क्योंकि इससे उनका काम कम हो जाएगा, लेकिन उनके लिए कोई दूसरा काम खोज लिया जाएगा। चुनाव से जुड़े बड़े अपडेट्स:
रेलवे ने जेसीबी से मंदिर तोड़ा, मूर्ति को फेंका:खंडवा में 500 से ज्यादा मकान तोड़े; कांग्रेस बोलीं- कहा गए हिंदुत्व पर वोट मांगने वाले?

खंडवा में रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर अब तक 500 से ज्यादा मकान तोड़ दिए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, इसी बीच नौवें दिन मंदिर तोड़े जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया। रेलवे की जेसीबी ने एक भीलटदेव के मंदिर को तोड़ दिया। इससे पहले मूर्ति को पानी की टंकी में फेंक दिया। घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने हिंदुत्व की पहरेदारी करने वाली भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। सूरजकुंड क्षेत्र में मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया तो मौके पर हिंदू जागरण मंच के संयोजक माधव झा सहित कई लोग पहुंचे और विरोध जताया। माधव झा ने कहा कि रेलवे की जमीन में मंदिर से पहले चर्च और दरगाह हैं, लेकिन उन्हें तोड़ने की हिमाकत तक नहीं की जा रही। मंदिर को तोड़ा गया और मूर्तियों सहित मलबे को पानी के टैंक में बहा दिया। इधर, रेलवे अधिकारियों से कहासुनी के बीच तय किया गया कि अब पहले चर्च और दरगाह टूटेगी, उसके बाद बाकी का अतिक्रमण तोड़ जाएगा। इसके अलावा हिंदूवादी नेता डॉ. अनीस अरझरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खंडवा को पाकिस्तान बना दिया गया हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- कहां है? बीजेपी नेता खंडवा में बुधवार को मंदिर तोड़ने के दो घटनाक्रम हुए हैं। सुबह नागचून रोड़ पर भी भीलटदेव का मंदिर तोड़ा गया। इस घटना को कारोबारी श्याम हेमवानी द्वारा एक मुस्लिम कॉलोनाइजर को जमीन बेचने के लिए अंजाम दिया गया। वहीं शाम को रेलवे ने भीलटदेव मंदिर तोड़ दिया। मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर ने कहा कि, यह घटनाएं भाजपा की सरकार में हो रही हैं। जो हिंदूत्व के नाम पर वोट मांगती हैं। अब भाजपा के नेता कहां छिप गए हैं।









