Tuesday, 28 Jul 2026 | 07:18 AM

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आज भोपाल में बीजेपी की नारी आक्रोश रैली:सीएम सहित महिला मंत्री होंगी शामिल, 30 हजार महिलाएं जुटेंगी

आज भोपाल में बीजेपी की नारी आक्रोश रैली:सीएम सहित महिला मंत्री होंगी शामिल, 30 हजार महिलाएं जुटेंगी

महिलाओं को लोकसभा, विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर संसद में लाए गए तीन विधेयक पारित न हो पाने के विरोध में आज भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड पर सुबह 11 बजे से बीजेपी की नारी आक्रोश रैली का आयोजन हो रहा है। इस रैली में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अलावा मध्य प्रदेश सरकार की महिला मंत्रीगण मुख्य रूप से मौजूद रहेंगी। इस आक्रोश रैली में करीब 30 हजार महिलाएं शामिल होने का अनुमान है। तीन विधेयक लोकसभा में किए गए थे पेश बता दें कि 16 अप्रैल को लोकसभा में केन्द्र सरकार ने तीन विधेयक पेश किए थे। इनमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केन्द्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किए गए थे। लेकिन ये विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाए। कांग्रेस, टीएम, डीएमके, समाजवादी पार्टी ने इन विधयकों के विरोध में वोट दिए इससे ये संसद में पास नहीं हो सके। मंत्री निर्मला बोलीं: कांग्रेस ने महिलाओं का रास्ता रोकने का काम किया महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा 16-17 अप्रैल को लोकसभा में महिला बिल संसद में आया था उसे कांग्रेस ने रोकने का काम किया। एक समय था जब मां अपनी बेटियों से कहती थी तुम्हें घर में चौका-चूल्हा ही करना है। लेकिन, समय बदला अब माताएं सोचतीं हैं कि बेटी पढ़ेगी और कुछ करके दिखाएगी। डॉक्टर इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस तो बनेगी ही। साथ में आज बेटी लोकसभा, विधानसभा में जाकर कानून बनाने का काम कर सकती है। इस विचारधारा और आशा को रोकने का काम कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने किया है। आने वाली पीढ़ी के साथ यह विश्वासघात किया है। आयोजन को लेकर रूट डायवर्ट रहेगा नारी सशक्तिकरण सम्मेलन के मद्देनजर नगरीय यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन और पार्किंग के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई है सम्मेलन के लिए आने वाले वाहनों का रूट और पार्किंग बाहर से आने वाली बसों और चार पहिया वाहनों के लिए उनके जिले के आधार पर मार्ग तय किए गए हैं। अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था आम नागरिक इन वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें:

तमिलनाडु परिसीमन पर बहस विस्फोटक हो गई: राहुल गांधी, निर्मला सीतारमण और ईपीएस व्यापार आरोप | राजनीति समाचार

Follow SRH vs CSK live from the Rajiv Gandhi International Stadium.(AP)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 18:10 IST जहां कांग्रेस और द्रमुक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने का जश्न मना रहे हैं, वहीं भाजपा और अन्नाद्रमुक छूटे हुए ऐतिहासिक मील के पत्थर और आसन्न चुनावी अप्रासंगिकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। फ़ाइल छवि/एक्स संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पतन के बाद राजनीतिक नतीजों ने इंडिया ब्लॉक और एनडीए के बीच एक भयंकर बयानबाजी युद्ध को जन्म दिया है, विशेष रूप से तमिलनाडु के मतदाताओं को लक्षित करते हुए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बिल की हार को संघवाद और क्षेत्रीय पहचान की जीत बताया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व को कम करने के लिए भाजपा द्वारा एक सोचा-समझा प्रयास था। महिला आरक्षण कोटा को नए सीट-बंटवारे के नक्शे से जोड़कर, गांधी ने दावा किया कि सरकार “भारत के विचार पर हमला” कर रही है, यह कहते हुए कि इंडिया ब्लॉक के हस्तक्षेप ने तमिलनाडु को उसके सफल जनसंख्या नियंत्रण उपायों के लिए दंडित होने से बचाया। इस आख्यान को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के तीखे जवाबी हमले का सामना करना पड़ा। सीतारमण ने द्रमुक के नेतृत्व वाले गुट पर “अंध घृणा” और “अदूरदर्शिता” का आरोप लगाया, यह सुझाव देते हुए कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तमिलनाडु की महिलाओं से प्रतिनिधित्व के ऐतिहासिक अवसर को प्रभावी ढंग से छीन लिया है। उन्होंने विपक्ष के रुख को एक महिला विरोधी पैंतरेबाज़ी के रूप में पेश किया, जिसने दक्षिण के लिए “जीत-जीत” प्रस्ताव के संबंध में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत आश्वासनों को नजरअंदाज कर दिया। सीतारमण के अनुसार, तत्काल राजनीतिक रुख के बदले सुधार में शामिल होने से इनकार करने से राज्य की दीर्घकालिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है। सीतारमण ने एआईएडीएमके के एडप्पादी करुप्पा पलानीस्वामी (ईपीएस) की एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की, जिन्होंने आने वाले वर्षों में तमिलनाडु के लिए संभावित गणितीय नुकसान को उजागर करके आलोचना को गहरा कर दिया। उन्होंने बताया कि हालांकि 2011 की जनगणना-आधारित परिसीमन से राज्य को नौ एमपी सीटें गंवानी पड़ सकती हैं, लेकिन बिल की हार के कारण हुई देरी का मतलब है कि अब यह अभ्यास संभवतः 2026 की जनगणना पर आधारित होगा, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से राज्य के प्रभाव में और भी भारी कमी आएगी। ईपीएस ने एमके स्टालिन को भारतीय गुट के भीतर एक “कठपुतली” करार दिया और द्रमुक पर महिला सशक्तीकरण की भावना को मारने का आरोप लगाया, जिसका समर्थन 1998 में दिवंगत जे जयललिता ने किया था। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार वास्तव में किस बात का जश्न मना रही है, विधायी गतिरोध को एक “महान अन्याय” के रूप में परिभाषित किया गया है, जो एक अस्थायी प्रतीकात्मक जीत के लिए भविष्य के राजनीतिक लाभ का व्यापार करता है। जबकि कांग्रेस और द्रमुक मौजूदा सीट अनुपात के संरक्षण को “भारत की एकता और विविधता” की जीत के रूप में मनाते हैं, भाजपा और अन्नाद्रमुक छूटे हुए ऐतिहासिक मील के पत्थर और आसन्न चुनावी अप्रासंगिकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह हाई-ऑक्टेन एक्सचेंज तमिलनाडु में एक गहरे ध्रुवीकृत अभियान के लिए मंच तैयार करता है, जहां 2029 के आम चुनाव संभवतः इस बात पर लड़े जाएंगे कि क्या 131वें संशोधन की हार राज्य के अधिकारों के लिए एक ढाल थी या लैंगिक न्याय और क्षेत्रीय विकास के लिए खुद को दिया गया घाव था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 18:10 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु परिसीमन पर बहस विस्फोटक हो गई: राहुल गांधी, निर्मला सीतारमण और ईपीएस व्यापार आरोप अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण(टी)संसद(टी)नारी शक्ति(टी)लोकसभा(टी)परिसीमन(टी)राहुल गांधी(टी)निर्मला सीतारमण(टी)डीएमके(टी)एआईएडीएमके(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस

राहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला:बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे

राहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला:बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का अपना ही आदेश बदल दिया है। मामला दोहरी नागरिकता से जुड़ा है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर नया आदेश जारी किया। कोर्ट ने बताया कि शुक्रवार (17 अप्रैल) को सुनवाई हुई थी। इसमें याचिकाकर्ता समेत केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों से पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की जरूरत है? वकीलों ने नोटिस जारी करने की कोई जरूरत नहीं बताई थी। इसके बाद FIR दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया गया था। हालांकि, आदेश टाइप होने से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने फिर से फैसले को परखा। उन्होंने पुराने केसों की स्टडी में पाया कि ऐसे मामलों में नोटिस भेजना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को नोटिस जारी किए बिना फैसला करना उचित नहीं है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। यह याचिका कर्नाटक में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप लगाते हुए विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम आदि में केस दर्ज होने की मांग की है। कोर्ट का फैसला आने के बाद विग्नेश ने कहा- राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का फैसला वापस लेने की शिकायत हम CJI से करेंगे। कल केस दर्ज करने और CBI से जांच के आदेश दिए थे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा था- FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। हालांकि, इससे पहले 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली थीं सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश की थीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए। इनसे संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट पहुंचे थे। रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर हुआ था केस 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 केस मोदी सरनेम केस में गई थी सांसदी मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…

महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।

कंगना ने कांग्रेस पर निशाना साधा:कहा- जब मुझे टिकट मिला, तब मेरे लिए इनके प्रवक्ता ने लिखा, मंडी में क्या भाव चल रहा है

कंगना ने कांग्रेस पर निशाना साधा:कहा- जब मुझे टिकट मिला, तब मेरे लिए इनके प्रवक्ता ने लिखा, मंडी में क्या भाव चल रहा है

बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला। कंगना ने कहा, ‘2024 में जब मुझे टिकट मिला, तब मेरी एक फोटो लगाकर और उसके नीचे कांग्रेस के प्रवक्ता ने लिखा- मंडी में क्या भाव चल रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘अध्यक्ष जी, मैं एक कलाकार हूं। मैंने रानी लक्ष्मीबाई जैसी योद्धा से लेकर गैंगस्टर में भटकी हुई लड़की, फैशन में ड्रग एडिक्ट, रज्जो में सेक्स वर्कर और थलाइवी में एक लीडर तक हर तरह के किरदार निभाए हैं, जिनके लिए मुझे राष्ट्रीय सम्मान भी मिले हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक कलाकार का धर्म होता है कि वह हर कला और किरदार में पूरी तरह ढल जाए। लेकिन इन्होंने मेरे फिल्मी किरदार और तस्वीर का इस्तेमाल करके नीचे लिखा, मंडी की लड़कियों के क्या भाव हैं।’ कंगना मंडी से सांसद हैं कंगना रनोट हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से 2024 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हैं। बता दें कि साल 2024 में 24 मार्च को कंगना को प्रत्याशी घोषित किए जाने के अगले दिन कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के इंस्टाग्राम हैंडल से कंगना की तस्वीर के साथ लिखा गया था, ‘क्या भाव चल रहा है, मंडी में कोई बताएगा।’ सुप्रिया की पोस्ट के बाद कंगना ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए X पर लिखा था, ‘प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में मैंने अपने करियर के पिछले 20 साल में हर तरह की महिलाओं का किरदार निभाया। क्वीन में एक भोली-भाली लड़की से लेकर धाकड़ में जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस तक।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘रज्जो में एक प्रॉस्टिट्यूट से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक। हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए। हमें महिला के शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा रखने से ऊपर उठना चाहिए। साथ ही हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को लेकर इस प्रकार के अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार है…।’ सुप्रिया ने सफाई दी थी वहीं, इस पोस्ट को लेकर सुप्रिया ने कहा था, ‘मेरे फेसबुक और इंस्टा के अकाउंट पर कई लोगों का एक्सेस है। इसमें से किसी व्यक्ति ने आज एक बेहद घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट किया था। मुझे जैसे ही इसकी जानकारी हुई, मैंने वह पोस्ट हटा दिया। जो भी मुझे जानते हैं, वह यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं किसी भी महिला के लिए व्यक्तिगत बात नहीं करती हूं।’ ‘मेरी जानकारी में आया है कि यह पोस्ट पहले एक पैरोडी अकाउंट (@Supriyaparody) पर चल रहा था। यहां से किसी ने यह पोस्ट उठाकर मेरे अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। मैं ऐसा करने वाले की पहचान में लगी हूं। मेरे नाम का दुरुपयोग कर बनाए गए पैरोडी अकाउंट को भी X में रिपोर्ट किया है।’

पश्चिम बंगाल चुनाव: 19 पर हत्या से जुड़े मामले की जानकारी… जानें पश्चिम बंगाल के पहले चरण में कितने करोड़पति

पश्चिम बंगाल चुनाव: 19 पर हत्या से जुड़े मामले की जानकारी... जानें पश्चिम बंगाल के पहले चरण में कितने करोड़पति

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले सभी आश्रमों ने प्रचार प्रसार तेज कर दिया है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को है, इससे पहले एक इंटरव्यू वाली रिपोर्ट सामने आई है। एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) के अनुसार पहले चरण में उतरने वाले प्रतियोगी में लगभग हर 4 साल में एक पर आपराधिक मामला दर्ज है। इसी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लगभग हर पांचवां उम्मीदवार करोड़पति है। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, 1475 बदमाशों में 23 प्रतिशत (345) बदमाशों के मुताबिक ऊपर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 20 प्रतिशत (294) पर तो गंभीर मामले दर्ज हैं. हत्‍या के प्रयास के मामले में 100 से अधिक लाभार्थी दर्ज हैं। 6 उम्मीदवार तो ऐसे हैं, जिन पर ऊपर अपवित्रता के आरोप हैं। 19 पर हत्या से जुड़ा मामला रिपोर्ट में सबसे डेट्स वाली बात ये है कि 19 कैंडिडेट्स ऐसे हैं, जिनके ऊपर हत्या से जुड़े मामले हैं। 105 पर हत्या के प्रयास का आरोप है. 98 दावेदार ऐसे हैं, जो महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज करते हैं। प्रमुखों में सबसे बड़ा मामला भाजपा के ऊपर है। उन्होंने 152 में से 106 में इन मामलों की जानकारी दी है. इस सूची में कांग्रेस के 63, सीपीएम के 43 और कांग्रेस के 39 उम्मीदवार शामिल हैं। यह भी पढ़ें- बंगाल चुनाव से पहले EC सख्त! बर्नोल-बोरोलीन का ज़िक्र क्या कहा जानिए गंभीर आरोप की बात करें तो बीजेपी के 63 प्रतिशत, सीपीएम के 37 प्रतिशत, औद्योगिक के 32 और कांग्रेस के 22 प्रतिशत पर गंभीर आरोप हैं। रिपोर्ट में 66 रेज़्यूमे को ‘रेड इलैक्ट्रोनिक क्षेत्र’ के बारे में बताया गया है। ये वो इलाका है, जहां 3 या उससे ज्यादा लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अभ्यर्थी कितने करोड़पति? पहले चरण में 309 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो करोड़पति हैं। ऑलवेज की एवरेज प्रॉपर्टी 1.34 करोड़ रुपये आंकी गई है। पार्टी को देखें तो लैंडस्केप एवरेज प्रॉपर्टी में सबसे आगे है। उनकी एबेज प्रॉपर्टी 5.70 करोड़ रुपये है। 2.57 करोड़ के साथ बीजेपी दूसरे और 2.06 करोड़ रुपये के साथ कांग्रेस तीसरे स्थान पर है. रिपोर्ट में बताया गया है कि जमीन के 72 फीसदी, भारतीय जनता पार्टी के 47 फीसदी, सीपीएम के 24 और कांग्रेस के 33 फीसदी दावेदार हैं, संपत्ति एक करोड़ रुपये से ज्यादा है. यह भी पढ़ें- ‘दीदी को बयान का समय’, अमित शाह की ममता सरकार पर हमले, घुसपैठ और सीमा बाड़ लगाने को लेकर लेकर आए ये बड़े वादे सबसे अमीर और सबसे गरीब आंध्र के जाकिर हुसैन सबसे अमीर दावेदार हैं, कुल संपत्ति 133 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। सबसे गरीब उम्मीदवार रुबिया बटम (500 रुपये) है, जिसके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। इनमें सुश्रता सारेन (700 रुपए) और जशोदा बर्मन भी शामिल हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)टीएमसी(टी)कांग्रेस(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 तारीख(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव बीजेपी उम्मीदवार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव बीजेपी उम्मीदवार(टी)टीएमसी उम्मीदवार(टी)पश्चिम बंगाल कांग्रेस उम्मीदवार

Haryana Congress MLAs Face Suspension Over Rajya Sabha Cross-Voting Allegations

Haryana Congress MLAs Face Suspension Over Rajya Sabha Cross-Voting Allegations

केंद्रीय नेतृत्व ने हरियाणा कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की रिपोर्ट पर यह एक्शन लिया है। हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय कैंडिडेट के पक्ष में वोटिंग करने वाले कांग्रेस के पांच विधायकों शैली चौधरी (नारायणगढ़), रेनू बाला (साढ़ौरा), मोहम्मद इलियास (पुन्हाना), मोहम्मद इजराइल (हथीन) और जरनैल सिंह (रतिया) को निलंबित कर दिया है . 16 मार्च को हुए इस चुनाव में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध हारते-हारते बचे थे। हरियाणा कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DAC) ने विधायकों को निलंबित करने की सिफारिश की थी। इस रिपोर्ट को केंद्रीय नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया गया। सस्पेंशन के आदेश पर दैनिक भास्कर एप ने सभी विधायकों से पहला रिएक्शन लिया। शैली चौधरी ने कहा कि निलंबन की जानकारी नहीं है, अभी बाहर हैं। जरनैल सिंह ने कहा-एक तरफा कार्रवाई हुई है। विधायक मोहम्मद इजराइल व मोहम्मद इलियास ने कहा पार्टी का फैसला मंजूर है। रेनू बाला के पीए ने कहा-मैडम पारिवारिक समारोह में व्यस्त हैं। हरियाणा कांग्रेस की ओर से जारी किया गया लेटर… पार्टी से सस्पेंड होने से पांचों विधायकों का क्या होगा… विधायक बने रहेंगेः कानून मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार के मुताबिक कांग्रेस ने जिन विधायकों को सस्पेंड किया है, उनके विधायक पद को कोई खतरा नहीं है। यानी वो विधायक बने रहेंगे। उनका पद तभी खतरे में होगा, यदि वो खुद पार्टी छोड़ते हैं। व्हिप मानना होगाः विधानसभा सदन में कांग्रेस यदि व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है, तो ये निलंबित विधायक उसे मानने को बाध्य होंगे। किसी महत्वपूर्ण बिल पर वोटिंग की स्थिति में पार्टी व्हिप जारी करती है। पार्टी मीटिंग में नहीं बुलाया जाएगाः आमतौर पर निलंबन की स्थिति में कांग्रेस विधायक दल या पार्टी की मीटिंग में इन विधायकों को नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि कांग्रेस विधायक ही कहलाएंगे। निलंबन पर विधायकों ने इस तरह दी प्रतिक्रिया… रतिया विधायक बोले- बहुत धक्का हुआ, हमारी सुनवाई नहीं हई रतिया से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि मुझे मीडिया के जरिए ही पता चला है कि पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है। यह हमारे साथ बहुत धक्का हुआ है। हमारी सुनवाई नहीं हुई। जवाब मांगा था, मैंने लिखित में दे दिया था। मगर, बाद में हमें बुलाना चाहिए था। एक तरफा कार्रवाई हुई है, जिसका हमें बहुत दुख हुआ है। आगे कहा कि रतिया में कांग्रेस को जिंदा रखा तो जरनैल सिंह ने रखा है। मैं और मेरे साथी बहुत समय तक कांग्रेस के लिए लगे रहे। रतिया में कभी कांग्रेस नहीं जीती, हमने जिताया। मेरे इलाके के 87 हजार वोटर्स ने मुझे विधायक चुना। उन सबके साथ राय-मशविरा करूंगा। दुख तो इसी बात का है कि जिस आदमी की वफादारी की है, उसी ने यह सिला दिया है। पार्टी हाईकमान ने गलत किया है, हमें बुलाकर पूछना चाहिए था। सारी जांच करनी चाहिए थी। शैली चौधरी बोलीं- हमें कोई चिट्‌ठी प्राप्त नहीं हुई कांग्रेस पार्टी से निलंबन किए जाने पर नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने बताया कि अभी उन्हें इस मामले में कोई चिट्‌ठी पार्टी की ओर से प्राप्त नहीं हुई है। जब तक वह उन्हें नहीं मिल जाती, तब तक वह इस मामले में कुछ नहीं कह पाएंगी। कहा कि वह अभी अपने परिवार के साथ हरियाणा से बाहर आई हुई हैं। संडे को उन्होंने लौटने की बात कही है। इजराइल बोले-हलके के लिए क्रॉस वोट किया हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल ने कहा-इलाके के लोगों की भलाई के लिए क्रॉस वोट किया था। कांग्रेस का राज्यसभा का उम्मीदवार पसंद नहीं था। देश में लोकतंत्र है और कोई किसी को भी अपना वोट दे सकता है। हाईकमान का फैसला मंजूर है। पार्टी ने भले ही उनको निलंबित कर दिया हो, लेकिन मैं लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा। किसी दूसरी पार्टी में जाने का मन में विचार नहीं है। इलाके के लोगों को एकत्रित करूंगा। जनता जो फैसला लेगी उसी से आगे बढ़ेंगे। इलियास बोले-कुछ नहीं कहूंगा, रेनू बाला का फोन बंद पुन्हाना विधानसभा मोहम्मद इलियास ने कहा-पार्टी का अधिकार है, हम इसमें कुछ नहीं कह सकते, वह चाहे जो कर सकते हैं। BJP या दूसरी किसी पार्टी में शामिल होने वाले सवाल पर वे चुप्पी साध गए। उधर, साढौरा की विधायक रेनू बाला का मोबाइल फोन फिलहाल स्विच ऑफ है। उनके निजी सहायक (पीए) रवि ने बताया कि मैडम आज एक पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। सस्पेंशन का आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। सस्पेंड होने वाले विधायकों के बारे में जानिए… सस्पेंड की गईं रेनू बाला और शैली चौधरी सांसद कुमारी सैलजा की करीबी हैं। दोनों दूसरी बार विधायक बनी हैं। इन दोनों को टिकट दिलाने में सैलजा की ही भूमिका रही थी। 16 मार्च को वोटिंग के दिन शैली चौधरी विधानसभा के गेट पर सीएम नायब सैनी की टीम से जुड़े तरूण भंडारी के साथ दिखी थीं। वोटिंग के बाद मोहम्मद इलियास सीएम नायब सैनी से मिलने गए थे। इलियास लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। दिलचस्प है कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर विधानसभा तक पहुंचे थे। इससे अंदाजा लगाया गया कि हुड्डा को पहले से ही उन पर संदेह था। इलियास पांचवीं बार के विधायक हैं। पहले इनेलो में भी रहे हैं। मोहम्मद इजराइल भी दूसरी बार विधायक बने हैं। उनके पिता जलेब खान हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे। अब यहां जानिए राज्यसभा चुनाव में क्या हुआ था… कुल 90 वोट थे, इनेलो के 2 विधायकों ने बनाई थी दूरी : 16 मार्च को हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कुल 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से इनेलो के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला था, जबकि 5 वोट रद्द हो गए थे। इस प्रकार, कुल 83 वोट बचे। भाजपा के 48 विधायकों में से 1 का वोट रद्द हो गया, जिससे 47 वोट बचे। कांग्रेस के चार और भाजपा को एक वोट रद्द हुआ था: पहली प्राथमिकता वाले वोट संजय भाटिया को 39 और सतीश नांदल को 8 मिले थे। कांग्रेस के 37 विधायकों में से 4 वोट रद्द हो गए थे, जबकि 5 ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिससे 28 वोट बचे। इससे कर्मवीर बौद्ध की जीत हुई थी। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को पहली प्राथमिकता के

MP Minister Kailash Vijayvargiya Bengal Fake Cases

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मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने ही एक बयान के कारण मुसीबत में घिर गए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता . मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव शून्य करने की मांग की है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक। मुकेश नायक बोले: विजयवर्गीय की सदस्यता शून्य हो कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा- पिछले दिनों कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि वो बंगाल के प्रभारी रहे हैं अब वहां प्रचार करने क्यों नहीं जा रहे हैं? तो उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं उनका वॉरंट निकला हुआ है इस कारण वे चुनाव प्रचार करने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन पर 30-35 केस उन पर दर्ज हैं। लेकिन, इन मुकदमों की जानकारी उन्होंने अपने निर्वाचन के समय फॉर्म में नहीं दी। तो जिस आधार पर मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित किया गया है उसी आधार पर कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव को भी शून्य घोषित करना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी अपने ऊपर चल रहे मुकदमों की जानकारी छिपाई है। हमारे अधिवक्ता और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग से तथ्यों के साथ इसकी शिकायत की है कि इन्होंने निर्वाचन के समय मुकदमों की जानकारी छिपाई है इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई शिकायत। कांग्रेस प्रवक्ता ने निर्वाचन आयोग से की लिखित शिकायत एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक लिखित शिकायत भेजी है। प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा कि मप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में कहा कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज हैं जो ममता बनर्जी की सरकार ने लगाए हैं। जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। क्या कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी हलफनामे में इन केसों का उल्लेख किया है? यदि उल्लेख नहीं किया है तो चुनाव आयोग स्वयं उनके हलफनामे की जांच करे और मुकद्मे छिपाने के अपराध के तहत उनका निर्वाचन निरस्त करवाया जाए। अगर एक आपराधिक मामले को छिपाने पर कांग्रेस के दो विधायक दोषी करार दिए गए तो विजयवर्गीय ने स्वयं स्वीकार किया है। ये खबर भी पढ़ें… कैलाश विजयवर्गीय बोले- बंगाल गया तो गिरफ्तार हो जाऊंगा मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के राजबाग स्थित निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। पढ़ें पूरी खबर…

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भोपाल7 घंटे पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने ही एक बयान के कारण मुसीबत में घिर गए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा था कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव शून्य करने की मांग की है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक। मुकेश नायक बोले: विजयवर्गीय की सदस्यता शून्य हो कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा- पिछले दिनों कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि वो बंगाल के प्रभारी रहे हैं अब वहां प्रचार करने क्यों नहीं जा रहे हैं? तो उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं उनका वॉरंट निकला हुआ है इस कारण वे चुनाव प्रचार करने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन पर 30-35 केस उन पर दर्ज हैं। लेकिन, इन मुकदमों की जानकारी उन्होंने अपने निर्वाचन के समय फॉर्म में नहीं दी। तो जिस आधार पर मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित किया गया है उसी आधार पर कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव को भी शून्य घोषित करना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी अपने ऊपर चल रहे मुकदमों की जानकारी छिपाई है। हमारे अधिवक्ता और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग से तथ्यों के साथ इसकी शिकायत की है कि इन्होंने निर्वाचन के समय मुकदमों की जानकारी छिपाई है इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई शिकायत। कांग्रेस प्रवक्ता ने निर्वाचन आयोग से की लिखित शिकायत एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक लिखित शिकायत भेजी है। प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा कि मप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में कहा कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज हैं जो ममता बनर्जी की सरकार ने लगाए हैं। जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। क्या कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी हलफनामे में इन केसों का उल्लेख किया है? यदि उल्लेख नहीं किया है तो चुनाव आयोग स्वयं उनके हलफनामे की जांच करे और मुकद्मे छिपाने के अपराध के तहत उनका निर्वाचन निरस्त करवाया जाए। अगर एक आपराधिक मामले को छिपाने पर कांग्रेस के दो विधायक दोषी करार दिए गए तो विजयवर्गीय ने स्वयं स्वीकार किया है। ये खबर भी पढ़ें… कैलाश विजयवर्गीय बोले- बंगाल गया तो गिरफ्तार हो जाऊंगा मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के राजबाग स्थित निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

श्योपुर में डॉ. अंबेडकर की भव्य शोभायात्रा:भाजपा-कांग्रेस ने अलग-अलग कार्यक्रमों में किया बाबा साहेब को नमन

श्योपुर में डॉ. अंबेडकर की भव्य शोभायात्रा:भाजपा-कांग्रेस ने अलग-अलग कार्यक्रमों में किया बाबा साहेब को नमन

संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को श्योपुर जिले में उत्साह और सामाजिक समरसता के साथ मनाई गई। जिलेभर में शोभायात्राएं, माल्यार्पण और संगोष्ठियों का आयोजन कर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्योपुर नगर के वार्ड क्रमांक 11 स्थित अंबेडकर नगर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए, जो डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। यह शोभायात्रा मुख्य बाजार, गणेश गली, पुल दरवाजा और पटेल चौक से होते हुए अंबेडकर पार्क में समाप्त हुई। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया। भाजपा पांडोला मंडल के तहत पांडोला और लुहाड़ ग्राम में भी बाबा साहेब की जयंती मनाई गई। लुहाड़ स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण और पूर्व जिला महामंत्री गिरधारीलाल बैरवा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर डॉ. अंबेडकर ने देश के पहले कानून मंत्री और संविधान निर्माता के रूप में अतुलनीय योगदान दिया। कार्यक्रम से पूर्व कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शिवकरण मीणा ने संचालन किया और रघुनंदन शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कार्यालय श्योपुर में भी डॉ. अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाई गई। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों को याद किया तथा संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। इस दौरान वक्ताओं ने समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों को समाज में स्थापित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी, विधायक बाबू जंडेल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस प्रकार श्योपुर जिले में डॉ. अंबेडकर की जयंती सामाजिक समरसता और जागरूकता के साथ मनाई गई, जहां सभी वर्गों के लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।