कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस का दिया:लोकसभा स्पीकर को लिखा लेटर; कहा- सांसदों के वोट पर टिप्पणी नियमों के खिलाफ

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए, जो नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने अपने पत्र में लिखा कि 17 अप्रैल 2026 को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। इसके अगले दिन 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने टीवी पर देश को संबोधित किया। लेटर के मुताबिक प्रधानमंत्री ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर बिल रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सीधे सवाल उठाए और उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। वेणुगोपाल ने नियम 222 के तहत यह नोटिस दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में इसके खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। —————
कांग्रेस का पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस:आरोप- राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट पर सवाल उठाए, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि पीएम ने ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए थे। यह नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने लिखा कि पीएम ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण बिल रोकने का आरोप लगाया। सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सवाल उठाए। उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस सांसद ने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। PM ने कहा था- विपक्ष ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी पीएम नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल को देश को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके जैसे विपक्षी दल इस भ्रूणहत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। नारी शक्ति के अपराधी हैं। जिन लोगों ने आधी आबादी का अधिकार छीना, उन्हें इस पाप की सजा मिलेगी। दरअसल, लोकसभा में 17 अप्रैल को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। बिल में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। पूरी खबर पढ़ें…
‘भगवान राम का नाम लेने से मानी जाती हैं ‘नमस्ते’, बंगाल में योगी आदित्यनाथ ने कहा कासा टीएमसी पर तंज, कहा- यहां होती है नमाज…

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव में अपने रंग में पहुंच गया है. एक तरफ बीजेपी इस बार पूरे जोर शोर के साथ जीत का दावा कर रही है, साथ ही लक्ष्य रैली को अंजाम दे रही है। तो वहीं ममता बनर्जी की पार्टी बीजेपी भी कड़ी टक्कर देने को तैयार है। दोनों उपकरणों को उपकरणों में शामिल किया गया है। इसी तरह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रचार के मैदान में उतारा गया है। उन्होंने सोमवार को पश्चिमी मेदिनीपुर के गरबेटा में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने रोबोट और अपने 15 साल के शासन काल को कटघरे में खड़ा किया। एक समय बंगाल भारत की आर्थिक विकास का आधार था: योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय बंगाल भारत के आर्थिक विकास का आधार था। भारत की सभ्यता में बंगाल की एक प्रमुख भूमिका थी। इसके अलावा योगी ने कहा था कि जब कोई जय श्रीराम बोलता है तो ममता दीदी को परेशानी होती है. यहां दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वेन्डेयज़ पर इफ्तार पार्टी कराती हैं। आज से 9 साल पहले यूपी में भी ऐसा ही अराजकता था। श्रीराम का नाम लेने से रोकती है मैत्री मित्र: योगी सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब हालात बदल गए हैं. न विचार है, न दंगा है। यूपी में सब चंगा है. यूपी में अब अछूता उत्सव नहीं है। बंगाल में राम का नाम लेने से लेकर वहां तक जाने का कोई मतलब नहीं है। वहीं यूपी में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैत्री प्रभु श्री राम का नाम लेने पर रोक लगाती हैं, लेकिन विक्की पर इफ्तार पार्टी करवाती हैं। यूपी में मस्जिदों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से अजान की आवाज नहीं आती। टीएमसी का मतलब- टेरर, माफिया राज और भ्रष्टाचार है. इसे केवल डबल इंजन की भाजपा सरकार ने समाप्त किया। इसे भी पढ़ें: बंगाल में पीएम मोदी की रैली के बाद बोले बीजेपी समर्थक- हमारी जीत पक्की है, टीएमसी की विदाई तय (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)योगी आदित्यनाथ(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मेदिनीपुर गरबेटा रैली(टी)यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बंगाल में रैली(टी)ताजा खबर(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बीजेपी विजय संकल्प सभा(टी)पश्चिम बंगाल(टी)योगी गोस्वामी(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मेदिनीपुर गरबेटा रैली(टी)यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बंगाल में रैली(टी)ताजा खबर(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)भाजपा विजय संकल्प सभा
AIMIM Owaisi TMC Congress Attack; BJP B Team Allegation

Hindi News National AIMIM Owaisi TMC Congress Attack; BJP B Team Allegation | Mamata Banerjee लिंबायत15 मिनट पहले कॉपी लिंक ओवैसी ने कहा- 11 सीटों को छोड़िए, 270 सीटें जीतिए और भाजपा को हराइए। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि 1947 के विभाजन के लिए मुसलमान नहीं, बल्कि कांग्रेस जिम्मेदारों में शामिल थी। ओवैसी गुजरात के लिंबायत में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुस्तक इंडिया विन्स फ्रीडम का हवाला देते हुए कहा कि आजाद ने गांधी और नेहरू से भारत के विभाजन को रोकने की अपील की थी। भाजपा की ‘B टीम’ कहने पर विपक्ष पर निशाना साधा उन्होंने पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी को भाजपा की “बी टीम” कहे जाने पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और 11 सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर हो रही आलोचना का विरोध किया। AIMIM बंगाल में 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही उन्होंने कहा, “कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि जब ओवैसी चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा को फायदा होता है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस 294 सीटों पर, टीएमसी 294 सीटों पर, लेफ्ट फ्रंट 250 सीटों पर और मेरी पार्टी 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा भी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्हें मेरे चुनाव लड़ने से समस्या है। 11 को छोड़िए, 270 सीटें जीतिए और भाजपा को हराइए। बंगाल में भाजपा मजबूत इसके लिए ममता जिम्मेदार इससे पहले, आसनसोल में एक रैली के दौरान ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए राज्य में भाजपा के मजबूत होने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया, “अगर बंगाल में भाजपा मजबूत है, तो उसके लिए टीएमसी और ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। भारत के संविधान और मुसलमानों, खासकर गरीबों को जो नुकसान भाजपा और PM नरेंद्र मोदी पहुंचाते हैं, वही नुकसान टीएमसी भी पहुंचाती है।” —————————————– ये खबर भी पढ़ें … जम्मू के उधमपुर में सड़क हादसा, 16 की मौत:यात्री बोले- तेज रफ्तार बस का टायर फटा, ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर सका; 100 फीट नीचे गिरी उधमपुर के कगोट इलाके में हादसे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जम्मू के उधमपुर में सोमवार सुबह एक बस हादसे का शिकार हो गई। रामनगर से आ रही बस जालो के पास सड़क से 100 फीट नीचे गिरकर पलट गई। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। घायलों को इलाज के लिए GMC ऊधमपुर लाया जा रहा है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AIMIM Owaisi TMC Congress Attack; BJP B Team Allegation

Hindi News National AIMIM Owaisi TMC Congress Attack; BJP B Team Allegation | Mamata Banerjee लिंबायत6 घंटे पहले कॉपी लिंक ओवैसी ने कहा- 11 सीटों को छोड़िए, 270 सीटें जीतिए और भाजपा को हराइए। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि 1947 के विभाजन के लिए मुसलमान नहीं, बल्कि कांग्रेस जिम्मेदारों में शामिल थी। ओवैसी गुजरात के लिंबायत में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुस्तक इंडिया विन्स फ्रीडम का हवाला देते हुए कहा कि आजाद ने गांधी और नेहरू से भारत के विभाजन को रोकने की अपील की थी। भाजपा की ‘B टीम’ कहने पर विपक्ष पर निशाना साधा उन्होंने पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी को भाजपा की “बी टीम” कहे जाने पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और 11 सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर हो रही आलोचना का विरोध किया। AIMIM बंगाल में 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही उन्होंने कहा, “कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि जब ओवैसी चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा को फायदा होता है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस 294 सीटों पर, टीएमसी 294 सीटों पर, लेफ्ट फ्रंट 250 सीटों पर और मेरी पार्टी 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा भी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्हें मेरे चुनाव लड़ने से समस्या है। 11 को छोड़िए, 270 सीटें जीतिए और भाजपा को हराइए। बंगाल में भाजपा मजबूत इसके लिए ममता जिम्मेदार इससे पहले, आसनसोल में एक रैली के दौरान ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए राज्य में भाजपा के मजबूत होने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया, “अगर बंगाल में भाजपा मजबूत है, तो उसके लिए टीएमसी और ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। भारत के संविधान और मुसलमानों, खासकर गरीबों को जो नुकसान भाजपा और PM नरेंद्र मोदी पहुंचाते हैं, वही नुकसान टीएमसी भी पहुंचाती है।” —————————————– ये खबर भी पढ़ें … जम्मू के उधमपुर में सड़क हादसा, 16 की मौत:यात्री बोले- तेज रफ्तार बस का टायर फटा, ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर सका; 100 फीट नीचे गिरी उधमपुर के कगोट इलाके में हादसे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जम्मू के उधमपुर में सोमवार सुबह एक बस हादसे का शिकार हो गई। रामनगर से आ रही बस जालो के पास सड़क से 100 फीट नीचे गिरकर पलट गई। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। घायलों को इलाज के लिए GMC ऊधमपुर लाया जा रहा है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
आज भोपाल में बीजेपी की नारी आक्रोश रैली:सीएम सहित महिला मंत्री होंगी शामिल, 30 हजार महिलाएं जुटेंगी

महिलाओं को लोकसभा, विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर संसद में लाए गए तीन विधेयक पारित न हो पाने के विरोध में आज भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड पर सुबह 11 बजे से बीजेपी की नारी आक्रोश रैली का आयोजन हो रहा है। इस रैली में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अलावा मध्य प्रदेश सरकार की महिला मंत्रीगण मुख्य रूप से मौजूद रहेंगी। इस आक्रोश रैली में करीब 30 हजार महिलाएं शामिल होने का अनुमान है। तीन विधेयक लोकसभा में किए गए थे पेश बता दें कि 16 अप्रैल को लोकसभा में केन्द्र सरकार ने तीन विधेयक पेश किए थे। इनमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केन्द्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किए गए थे। लेकिन ये विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाए। कांग्रेस, टीएम, डीएमके, समाजवादी पार्टी ने इन विधयकों के विरोध में वोट दिए इससे ये संसद में पास नहीं हो सके। मंत्री निर्मला बोलीं: कांग्रेस ने महिलाओं का रास्ता रोकने का काम किया महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा 16-17 अप्रैल को लोकसभा में महिला बिल संसद में आया था उसे कांग्रेस ने रोकने का काम किया। एक समय था जब मां अपनी बेटियों से कहती थी तुम्हें घर में चौका-चूल्हा ही करना है। लेकिन, समय बदला अब माताएं सोचतीं हैं कि बेटी पढ़ेगी और कुछ करके दिखाएगी। डॉक्टर इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस तो बनेगी ही। साथ में आज बेटी लोकसभा, विधानसभा में जाकर कानून बनाने का काम कर सकती है। इस विचारधारा और आशा को रोकने का काम कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने किया है। आने वाली पीढ़ी के साथ यह विश्वासघात किया है। आयोजन को लेकर रूट डायवर्ट रहेगा नारी सशक्तिकरण सम्मेलन के मद्देनजर नगरीय यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन और पार्किंग के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई है सम्मेलन के लिए आने वाले वाहनों का रूट और पार्किंग बाहर से आने वाली बसों और चार पहिया वाहनों के लिए उनके जिले के आधार पर मार्ग तय किए गए हैं। अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था आम नागरिक इन वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें:
तमिलनाडु परिसीमन पर बहस विस्फोटक हो गई: राहुल गांधी, निर्मला सीतारमण और ईपीएस व्यापार आरोप | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 18:10 IST जहां कांग्रेस और द्रमुक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिरने का जश्न मना रहे हैं, वहीं भाजपा और अन्नाद्रमुक छूटे हुए ऐतिहासिक मील के पत्थर और आसन्न चुनावी अप्रासंगिकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। फ़ाइल छवि/एक्स संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पतन के बाद राजनीतिक नतीजों ने इंडिया ब्लॉक और एनडीए के बीच एक भयंकर बयानबाजी युद्ध को जन्म दिया है, विशेष रूप से तमिलनाडु के मतदाताओं को लक्षित करते हुए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बिल की हार को संघवाद और क्षेत्रीय पहचान की जीत बताया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व को कम करने के लिए भाजपा द्वारा एक सोचा-समझा प्रयास था। महिला आरक्षण कोटा को नए सीट-बंटवारे के नक्शे से जोड़कर, गांधी ने दावा किया कि सरकार “भारत के विचार पर हमला” कर रही है, यह कहते हुए कि इंडिया ब्लॉक के हस्तक्षेप ने तमिलनाडु को उसके सफल जनसंख्या नियंत्रण उपायों के लिए दंडित होने से बचाया। इस आख्यान को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के तीखे जवाबी हमले का सामना करना पड़ा। सीतारमण ने द्रमुक के नेतृत्व वाले गुट पर “अंध घृणा” और “अदूरदर्शिता” का आरोप लगाया, यह सुझाव देते हुए कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तमिलनाडु की महिलाओं से प्रतिनिधित्व के ऐतिहासिक अवसर को प्रभावी ढंग से छीन लिया है। उन्होंने विपक्ष के रुख को एक महिला विरोधी पैंतरेबाज़ी के रूप में पेश किया, जिसने दक्षिण के लिए “जीत-जीत” प्रस्ताव के संबंध में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत आश्वासनों को नजरअंदाज कर दिया। सीतारमण के अनुसार, तत्काल राजनीतिक रुख के बदले सुधार में शामिल होने से इनकार करने से राज्य की दीर्घकालिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है। सीतारमण ने एआईएडीएमके के एडप्पादी करुप्पा पलानीस्वामी (ईपीएस) की एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की, जिन्होंने आने वाले वर्षों में तमिलनाडु के लिए संभावित गणितीय नुकसान को उजागर करके आलोचना को गहरा कर दिया। उन्होंने बताया कि हालांकि 2011 की जनगणना-आधारित परिसीमन से राज्य को नौ एमपी सीटें गंवानी पड़ सकती हैं, लेकिन बिल की हार के कारण हुई देरी का मतलब है कि अब यह अभ्यास संभवतः 2026 की जनगणना पर आधारित होगा, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से राज्य के प्रभाव में और भी भारी कमी आएगी। ईपीएस ने एमके स्टालिन को भारतीय गुट के भीतर एक “कठपुतली” करार दिया और द्रमुक पर महिला सशक्तीकरण की भावना को मारने का आरोप लगाया, जिसका समर्थन 1998 में दिवंगत जे जयललिता ने किया था। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार वास्तव में किस बात का जश्न मना रही है, विधायी गतिरोध को एक “महान अन्याय” के रूप में परिभाषित किया गया है, जो एक अस्थायी प्रतीकात्मक जीत के लिए भविष्य के राजनीतिक लाभ का व्यापार करता है। जबकि कांग्रेस और द्रमुक मौजूदा सीट अनुपात के संरक्षण को “भारत की एकता और विविधता” की जीत के रूप में मनाते हैं, भाजपा और अन्नाद्रमुक छूटे हुए ऐतिहासिक मील के पत्थर और आसन्न चुनावी अप्रासंगिकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह हाई-ऑक्टेन एक्सचेंज तमिलनाडु में एक गहरे ध्रुवीकृत अभियान के लिए मंच तैयार करता है, जहां 2029 के आम चुनाव संभवतः इस बात पर लड़े जाएंगे कि क्या 131वें संशोधन की हार राज्य के अधिकारों के लिए एक ढाल थी या लैंगिक न्याय और क्षेत्रीय विकास के लिए खुद को दिया गया घाव था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 18:10 IST समाचार राजनीति तमिलनाडु परिसीमन पर बहस विस्फोटक हो गई: राहुल गांधी, निर्मला सीतारमण और ईपीएस व्यापार आरोप अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण(टी)संसद(टी)नारी शक्ति(टी)लोकसभा(टी)परिसीमन(टी)राहुल गांधी(टी)निर्मला सीतारमण(टी)डीएमके(टी)एआईएडीएमके(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस
राहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला:बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का अपना ही आदेश बदल दिया है। मामला दोहरी नागरिकता से जुड़ा है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर नया आदेश जारी किया। कोर्ट ने बताया कि शुक्रवार (17 अप्रैल) को सुनवाई हुई थी। इसमें याचिकाकर्ता समेत केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों से पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की जरूरत है? वकीलों ने नोटिस जारी करने की कोई जरूरत नहीं बताई थी। इसके बाद FIR दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया गया था। हालांकि, आदेश टाइप होने से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने फिर से फैसले को परखा। उन्होंने पुराने केसों की स्टडी में पाया कि ऐसे मामलों में नोटिस भेजना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को नोटिस जारी किए बिना फैसला करना उचित नहीं है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। यह याचिका कर्नाटक में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप लगाते हुए विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम आदि में केस दर्ज होने की मांग की है। कोर्ट का फैसला आने के बाद विग्नेश ने कहा- राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का फैसला वापस लेने की शिकायत हम CJI से करेंगे। कल केस दर्ज करने और CBI से जांच के आदेश दिए थे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा था- FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। हालांकि, इससे पहले 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली थीं सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश की थीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए। इनसे संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट पहुंचे थे। रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर हुआ था केस 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 केस मोदी सरनेम केस में गई थी सांसदी मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।
कंगना ने कांग्रेस पर निशाना साधा:कहा- जब मुझे टिकट मिला, तब मेरे लिए इनके प्रवक्ता ने लिखा, मंडी में क्या भाव चल रहा है

बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला। कंगना ने कहा, ‘2024 में जब मुझे टिकट मिला, तब मेरी एक फोटो लगाकर और उसके नीचे कांग्रेस के प्रवक्ता ने लिखा- मंडी में क्या भाव चल रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘अध्यक्ष जी, मैं एक कलाकार हूं। मैंने रानी लक्ष्मीबाई जैसी योद्धा से लेकर गैंगस्टर में भटकी हुई लड़की, फैशन में ड्रग एडिक्ट, रज्जो में सेक्स वर्कर और थलाइवी में एक लीडर तक हर तरह के किरदार निभाए हैं, जिनके लिए मुझे राष्ट्रीय सम्मान भी मिले हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक कलाकार का धर्म होता है कि वह हर कला और किरदार में पूरी तरह ढल जाए। लेकिन इन्होंने मेरे फिल्मी किरदार और तस्वीर का इस्तेमाल करके नीचे लिखा, मंडी की लड़कियों के क्या भाव हैं।’ कंगना मंडी से सांसद हैं कंगना रनोट हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से 2024 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हैं। बता दें कि साल 2024 में 24 मार्च को कंगना को प्रत्याशी घोषित किए जाने के अगले दिन कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के इंस्टाग्राम हैंडल से कंगना की तस्वीर के साथ लिखा गया था, ‘क्या भाव चल रहा है, मंडी में कोई बताएगा।’ सुप्रिया की पोस्ट के बाद कंगना ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए X पर लिखा था, ‘प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में मैंने अपने करियर के पिछले 20 साल में हर तरह की महिलाओं का किरदार निभाया। क्वीन में एक भोली-भाली लड़की से लेकर धाकड़ में जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस तक।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘रज्जो में एक प्रॉस्टिट्यूट से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक। हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए। हमें महिला के शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा रखने से ऊपर उठना चाहिए। साथ ही हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को लेकर इस प्रकार के अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार है…।’ सुप्रिया ने सफाई दी थी वहीं, इस पोस्ट को लेकर सुप्रिया ने कहा था, ‘मेरे फेसबुक और इंस्टा के अकाउंट पर कई लोगों का एक्सेस है। इसमें से किसी व्यक्ति ने आज एक बेहद घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट किया था। मुझे जैसे ही इसकी जानकारी हुई, मैंने वह पोस्ट हटा दिया। जो भी मुझे जानते हैं, वह यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं किसी भी महिला के लिए व्यक्तिगत बात नहीं करती हूं।’ ‘मेरी जानकारी में आया है कि यह पोस्ट पहले एक पैरोडी अकाउंट (@Supriyaparody) पर चल रहा था। यहां से किसी ने यह पोस्ट उठाकर मेरे अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। मैं ऐसा करने वाले की पहचान में लगी हूं। मेरे नाम का दुरुपयोग कर बनाए गए पैरोडी अकाउंट को भी X में रिपोर्ट किया है।’









