OTT Platforms Blocked | India Govt Action Offensive Content

नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछले एक साल में सरकार ने अश्लील कंटेंट बनाने वाले ऐसे ही 30 से ज्यादा OTT प्लेटफॉर्म को बैन किया है। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक कर दिया है। जिन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई हुई, उनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। यह कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को गलत तरीक से दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया है। पिछले साल जुलाई में Ullu-ALTT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म बैन किए गए थे। ALTT एप अप्रैल 2017 में फिल्म और टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर ने लॉन्च किया था। वहीं ULLu एप को IIT कानपुर से ग्रेजुएट विभु अग्रवाल ने 2018 में बनाया था। इससे पहले मार्च 2024 में सरकार ने अश्लील कंटेंट को लेकर 18 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। साथ ही 19 वेबसाइट्स, 10 एप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स भी ब्लॉक कर दिए थे। चार कानूनों के तहत OTT एप्स पर बैन IT एक्ट, 2000 (धारा 67)- इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट प्रकाशित या फैलाना कानूनी अपराध है। IT एक्ट, 2000 (धारा 67A)- इंटरनेट पर सेक्शुअल एक्टिविटी से जुड़ा वीडियो या कंटेंट पोस्ट करना गैरकानूनी है। BNS 2023 (धारा 294)– सार्वजनिक जगहों पर अश्लील हरकत करना या गंदे शब्दों का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। महिलाओं के अश्लील (निषेध) एक्ट 1986 (धारा 4)- किसी भी माध्यम से महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक रूप में दिखाना कानूनी अपराध है। लॉकडाउन में ALTT और Ullu एप के व्यूअर्स बढ़े 2020 के लॉकडाउन में जब OTT प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा दिया गया, उसी दौरान ALTT और Ullu एप जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट ज्यादा प्रसारित होने लगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2020 में एक एडल्ट कॉमेडी शो के लिए सर्वाधिक स्ट्रीमिंग (1.1 करोड़ ) एक दिन में ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफॉर्म MX प्लेयर पर की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार ALTT की मई 2020 की व्यूअरशिप में 2019 की तुलना में 60% इजाफा हुआ। 2020 में इसके मंथली एक्टिव यूजर्स भी 21% बढ़े। इस ओटीटी पर एडल्ट कंटेंट ज्यादा है। ऑनलाइन कंटेंट को लेकर सरकार की मौजूदा गाइडलाइन भारत सरकार ने 2021 में ‘द इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स’ बनाया था। इसे 6 अप्रैल, 2023 को अपडेट किया गया। 30 पेज की गाइडलाइन में सोशल मीडिया, फिल्म और वेब सीरीज के लिए नियम बताए गए हैं। पेज नंबर-28 पर फिल्म, वेब सीरीज और एंटरटेनमेंट प्रोग्राम के लिए जनरल गाइडलाइंस है। इसमें टारगेट ऑडियंस के आधार पर कैटेगरी तय करना जरूरी है। ये चेतावनी देना भी जरूरी है कि आप क्या कंटेंट दिखा रहे हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक, OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्रीवांस ऑफिसर रखने होंगे। कंटेंट कानून के हिसाब से होना चाहिए। उसमें सेक्स न हो, एंटी नेशनल न हो और बच्चों-महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाला न हो। ———————- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- निर्देशों का पालन करेंगे: विज्ञापन कंपनियों से डेटा शेयर नहीं करेंगे ग्लोबल टेक कंपनियों मेटा और वॉट्सएप ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वे कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की प्राइवेसी और गाइडलाइंस को एडवरटाइजिंग से जुड़े डेटा शेयर करने के मामले में NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AI Content Labels Mandatory; India-US Trade Deal Final Soon; Silver Soars

Hindi News Business AI Content Labels Mandatory; India US Trade Deal Final Soon; Silver Soars नई दिल्ली33 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर AI समिट से जुड़ी रही। यहां पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए। वहीं सेंसेक्स 1236 अंक (1.48%) की गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ। उधर, सोना-चांदी में बढ़त देखी गई। सोना करीब 3 हजार और चांदी 8 हजार रुपए महंगी हो गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… आज शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, नए नियम लागू:सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी:मार्च में हस्ताक्षर होने; 1 अप्रैल से लागू होने की उम्मीद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3.चांदी 5 हजार रुपए महंगी, ₹2.50 लाख पहुंची:इस साल ₹19,894 चढ़ी, सोना ₹500 बढ़कर ₹1.55 लाख हुआ सोना-चांदी की कीमतों में 20 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5 हजार रुपए बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। गुरुवार को ये 2.45 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 496 रुपए बढ़कर ₹1.55 लाख पर आ गया है। 19 फरवरी को ये 1.54 लाख रुपए पर था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. AI समिट में भारत-अमेरिका का ‘पैक्स सिलिका’ समझौता:चिप सेक्टर में 10 लाख नौकरियां आएंगी, मोदी-ट्रम्प की मुलाकात जल्द इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026′ के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹9.69 लाख:इलेक्ट्रिक कार फुल चार्ज में 436km तक चलेगी, सेफ्टी के लिए 360° कैमरा टाटा मोटर्स ने आज 20 फरवरी को अपनी सबसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक माइक्रो SUV ‘पंच EV’ का फेसलिफ्ट मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। नई पंच EV में न सिर्फ डिजाइन और फीचर्स को अपडेट किया गया है, बल्कि कंपनी ने इसकी बैटरी क्षमता को भी बढ़ाया है। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आई है। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360° कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जानिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जानिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
AI Content Labels Mandatory; India-US Trade Deal Final Soon; Silver Soars

Hindi News Business AI Content Labels Mandatory; India US Trade Deal Final Soon; Silver Soars नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर AI समिट से जुड़ी रही। यहां पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए। वहीं सेंसेक्स 1236 अंक (1.48%) की गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ। उधर, सोना-चांदी में बढ़त देखी गई। सोना करीब 3 हजार और चांदी 8 हजार रुपए महंगी हो गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… आज शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, नए नियम लागू:सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी:मार्च में हस्ताक्षर होने; 1 अप्रैल से लागू होने की उम्मीद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3.चांदी 5 हजार रुपए महंगी, ₹2.50 लाख पहुंची:इस साल ₹19,894 चढ़ी, सोना ₹500 बढ़कर ₹1.55 लाख हुआ सोना-चांदी की कीमतों में 20 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5 हजार रुपए बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। गुरुवार को ये 2.45 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 496 रुपए बढ़कर ₹1.55 लाख पर आ गया है। 19 फरवरी को ये 1.54 लाख रुपए पर था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. AI समिट में भारत-अमेरिका का ‘पैक्स सिलिका’ समझौता:चिप सेक्टर में 10 लाख नौकरियां आएंगी, मोदी-ट्रम्प की मुलाकात जल्द इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026′ के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹9.69 लाख:इलेक्ट्रिक कार फुल चार्ज में 436km तक चलेगी, सेफ्टी के लिए 360° कैमरा टाटा मोटर्स ने आज 20 फरवरी को अपनी सबसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक माइक्रो SUV ‘पंच EV’ का फेसलिफ्ट मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। नई पंच EV में न सिर्फ डिजाइन और फीचर्स को अपडेट किया गया है, बल्कि कंपनी ने इसकी बैटरी क्षमता को भी बढ़ाया है। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आई है। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360° कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जानिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जानिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
AI Content Rules 2026; Social Media Deepfake Labelling Regulations

नई दिल्ली14 घंटे पहले कॉपी लिंक अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पीएम बोले- कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत इन नियमों के लागू होने से एक दिन पहले यानी, 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI समिट में भी लेबल को लेकर सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या फैब्रिकेटेड, यानी एआई से बनाया गया है। मेटाडेटा से छेड़छाड़ की तो डिलीट होगा पोस्ट 1. एआई लेबल: वीडियो पर ‘डिजिटल स्टैम्प’ जैसे खाने के पैकेट पर लिखा होता है कि वह ‘शाकाहारी’ है या ‘मांसाहारी’, ठीक वैसे ही अब हर एआई वीडियो, फोटो या ऑडियो पर एक लेबल लगा होगा। मान लीजिए आपने एआई से एक वीडियो बनाया जिसमें कोई नेता भाषण दे रहा है, तो उस वीडियो के कोने में साफ लिखा होना चाहिए- “AI जनरेटेड”। 2. टेक्निकल मार्कर: डिजिटल डीएनए मेटाडेटा को आप उस फाइल का ‘डिजिटल डीएनए’ मान सकते हैं। यह स्क्रीन पर तो नहीं दिखता, लेकिन फाइल की कोडिंग के अंदर छिपा होता है। इसमें यह जानकारी दर्ज होगी कि यह फोटो या वीडियो किस तारीख को बना, किस AI टूल से बना और किस प्लेटफॉर्म पर पहली बार अपलोड हुआ। अगर कोई एआई का इस्तेमाल करके अपराध करता है, तो पुलिस इस ‘टेक्निकल मार्कर’ के जरिए उसके असली सोर्स तक पहुंच सकेगी। 3. छेड़छाड़ पर रोक: मिटाया नहीं जा सकेगा लेबल पहले लोग एआई से बनी फोटो का कोना काटकर या एडिटिंग करके उसका ‘वॉटरमार्क’ हटा देते थे ताकि वह असली लगे। अब सरकार ने इसे गैर-कानूनी बना दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी कि अगर कोई उस लेबल या मेटाडेटा को हटाने की कोशिश करे, तो या तो वह कंटेंट ही डिलीट हो जाए। चाइल्ड पोर्नोग्राफी और डीपफेक पर सख्त एक्शन अगर AI का इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफी, अश्लीलता, धोखाधड़ी, हथियारों से जुड़ी जानकारी या किसी की नकल उतारने के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। नवंबर में रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। सचिन तेंदुलकर का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेमिंग ऐप को प्रमोट करते दिखे थे। 3 घंटे की डेडलाइन, पहले 36 घंटे का समय मिलता था आईटी नियमों में हुए नए बदलाव के बाद अब सोशल मीडिया कंपनियों के पास कार्रवाई के लिए बहुत कम समय होगा। पहले किसी गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने के लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था, जिसे अब घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया गया है। यूजर ने गलत जानकारी दी तो प्लेटफॉर्म जिम्मेदार अब जब भी कोई यूजर सोशल मीडिया पर कुछ अपलोड करेगा, तो प्लेटफॉर्म को उससे यह डिक्लेरेशन लेनी होगी कि क्या यह कंटेंट एआई से बनाया गया है। कंपनियों को ऐसे टूल्स तैनात करने होंगे जो यूजर के इस दावे की जांच कर सकें। अगर कोई प्लेटफॉर्म एआई कंटेंट को बिना डिस्क्लोजर के पब्लिश होने देता है, तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार माना जाएगा। केंद्र ने कहा- इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने के लिए है। यह जनरेटिव AI से आने वाली मिस-इनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। सरकार के नोटिफिकेशन में दिए जरूरी सवालों के जवाब… सेक्शन 1: नए नियम और उनके उद्देश्य 1. आईटी संशोधन नियम, 2026 क्या हैं? यह नियम 2021 के आईटी नियमों को मजबूत करते हैं, ताकि एआई द्वारा बनाई गई जानकारी (SGI) और ऑनलाइन होने वाले नुकसानों को रोका जा सके । 2. इन संशोधनों की जरूरत क्यों पड़ी? एआई के जरिए अब असली दिखने वाले डीपफेक बनाना आसान हो गया है । इनसे गलत सूचनाएं फैलने, पहचान चोरी होने और अश्लीलता (NCII) जैसे खतरों को रोकने के लिए ये नियम लाए गए हैं। ये नियम 20 फरवरी, 2026 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं । सेक्शन 2: मुख्य परिभाषाएं और दायरा 3. ‘ऑडियो, विजुअल या ऑडियो-विजुअल जानकारी’ का क्या मतलब है? कंप्यूटर के जरिए बनाई या बदली गई कोई भी आवाज, फोटो, ग्राफिक या वीडियो कंटेंट। 4. ‘सिंथेटिकली जनरेटेड इंफॉर्मेशन’ (SGI) क्या है? ऐसी जानकारी जिसे एआई या एल्गोरिदम से बनाया गया हो और वह बिल्कुल असली व्यक्ति या घटना की तरह लगे। जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए। 5. किन चीजों को SGI नहीं माना जाएगा? फोटो की ब्राइटनेस बढ़ाना, वीडियो कंप्रेस करना या बैकग्राउंड शोर कम करना । या फिर पीपीटी बनाना, डायग्राम बनाना या रिसर्च के लिए काल्पनिक केस स्टडी बनाना । वीडियो में सबटाइटल जोड़ना, अनुवाद करना या ऑडियो को टेक्स्ट में बदलना। वहीं अगर एआई से फर्जी मार्कशीट या सरकारी लेटर बनाया, तो उसे छूट नहीं मिलेगी। 6. क्या ये नियम सिर्फ वीडियो पर लागू हैं? SGI मुख्य रूप से फोटो, वीडियो और ऑडियो पर केंद्रित है। सिर्फ टेक्स्ट SGI नहीं है, लेकिन अगर टेक्स्ट का इस्तेमाल गैर-कानूनी काम में होता है, तो IT नियमों के दायरे में आएगा । सेक्शन 3: यूजर्स और कंपनियों की जिम्मेदारी 7. क्या प्लेटफॉर्म्स पर ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा बनी रहेगी? हां, अगर कंपनियां इन नियमों का पालन करते हुए एआई कंटेंट को हटाती हैं, तो उनकी कानूनी सुरक्षा (धारा 79) बनी रहेगी । यानी, कंपनी पर कार्रवाई नहीं होगी। सेफ हार्बर’ को आसान भाषा में ऐसे समझें: कानूनी ढाल: यह सोशल मीडिया कंपनियों को मिला एक सुरक्षा कवच है, जो कहता है कि अगर किसी यूजर ने प्लेटफॉर्म पर कोई गलत पोस्ट या वीडियो डाला है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। शर्तिया सुरक्षा: यह सुरक्षा तभी तक मिलती है जब तक कंपनियां सरकार के नियमों को मानती हैं। अगर वे शिकायत मिलने पर 3 घंटे के भीतर SGI नहीं हटातीं, तो
India IT Rules 2026 | Deepfake Video-Photo 3 Hr Removal & AI Content Labeling

Hindi News Tech auto India IT Rules 2026 | Deepfake Video Photo 3 Hr Removal & AI Content Labeling नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को कल 20 जनवरी से अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही अगर कोई डीपफेक वीडियो-फोटो अपलोड करता है, तो उसे 3 में हटाने होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसके लिए IT रूल्स 2021 में बदलाव किया है। इसका ड्राफ्ट 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था। मंत्रालय ने 10 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर प्लेटफॉर्म्स को नए नियम का पालन करने का आदेश जारी किया था। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह असली नहीं, AI की मदद से बनाया गया है। इससे मिस इनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। पीएम बोले- कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पीएम ने आज AI समिट के दौरान सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है। सभी AI ऑडियो-वीडियो में लेबल लगाना होगा नए रूल 3 (3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी ‘सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन’ क्रिएट करेगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नवंबर में रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। सचिन तेंदुलकर का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेमिंग ऐप को प्रमोट करते दिखे थे। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी लेबल हटाना या छिपाना अब मुमकिन नहीं : सोशल मीडिया कंपनियां अब AI लेबल या उसके मेटाडेटा (पहचान की जानकारी) को हटाने या छिपाने की इजाजत नहीं दे सकतीं। एक बार लेबल लग गया, तो उसे वैसे ही रखना होगा। गंदे और भ्रामक कंटेंट पर लगाम : सरकार ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स (सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल करें, जो AI के जरिए बनाए गए गैर-कानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें। हर 3 महीने में चेतावनी देना अनिवार्य : कंपनियों को हर 3 महीने में कम से कम एक बार अपने यूजर्स को वॉर्निंग देनी होगी। उन्हें बताना होगा कि अगर उन्होंने AI का गलत इस्तेमाल किया या नियम तोड़े, तो उन्हें सजा या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे। मिसइनफॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स लेने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने इन नियमों पर क्या कहा? सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने के लिए है। यह जनरेटिव AI से आने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। क्या है डीपफेक? डीपफेक एक तरह की फेक वीडियो होती है, जिसमें किसी शख्स के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन बदले जाते हैं। AI टूल्स के जरिए एडिटिंग इतनी सफाई से होती है कि सही और फेक वीडियो में पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









