Shatrughan Sinha Defends Sonakshi Amid Jharkhand Controversy

31 मिनट पहले कॉपी लिंक शत्रुघ्न सिन्हा की सोनाक्षी सबसे छोटी यानी तीसरी संतान हैं। उनके दो बड़े जुड़वां भाई हैं, जिनके नाम लव सिन्हा और कुश सिन्हा हैं। एक्टर और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में कहा है कि उनकी बेटी सोनाक्षी सिन्हा की ऑनलाइन ट्रोलिंग के पीछे बीजेपी का IT सेल है। एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उनसे सोनाक्षी के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर सिन्हा ने कहा कि सोनाक्षी एक समझदार लड़की हैं और उन्हें पता है कि कब और किस मुद्दे पर अपनी बात रखनी है। इंटरव्यू में शत्रुघ्न सिन्हा से पूछा गया कि सोनाक्षी पर आरोप लगे कि उन्होंने CJP के जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर खुलकर राय रखी थी, लेकिन झारखंड में छात्रों से जुड़े हालिया मामले में वह चुप नजर आईं। इस पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कुछ ही दिन पहले सोनाक्षी की ओर से झारखंड के बच्चों के समर्थन में बहुत जबरदस्त, बहुत वोकल और बहुत स्ट्रॉन्ग सपोर्ट आया था। सोनाक्षी के राजनीति में आने पर भी रिएक्ट किया सोनाक्षी के भविष्य में राजनीति में आने के सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैं कह नहीं सकता, लेकिन उन्होंने आगे कहा कि सोनाक्षी वर्थी फादर (काबिल पिता) की मोस्ट वर्थी डॉटर (सबसे काबिल बेटी) हैं। सोनाक्षी की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया कि उनकी बेटी के खिलाफ होने वाली ट्रोलिंग पेड ट्रोल्स की तरफ से होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ लोग और IT सेल ऐसे ट्रोल्स के जरिए विरोध करने वालों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे ट्रोल्स को खुद नहीं पता होता कि उन्हें क्या लिखना है। उनके मुताबिक, उन्हें तैयार कंटेंट या ड्राफ्ट दिया जाता है और वे उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने पुराने सोशल मीडिया ट्रेंड्स का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहले भी कई फिल्म स्टार्स और स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों के ट्वीट एक जैसे नजर आते थे। उन्होंने कहा कि कई बार उनके शब्द, विराम चिह्न और यहां तक कि डॉट-कॉमा तक एक जैसे होते थे। उन्होंने कहा कि सोनाक्षी इन ट्रोल्स को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेतीं। शत्रुघ्न के मुताबिक, सोनाक्षी ने भी कहा है कि वह ट्रोलिंग को देखती ही नहीं हैं। बता दें कि सोनाक्षी ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में कई पोस्ट किए थे। वहीं अभिनेत्री ने झारखंड के छात्र प्रदर्शन को लेकर भी समर्थन जताया था। रांची में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे थे। तब सोनाक्षी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “हमारे देश के छात्रों को इस तरह परेशान होते देख दुख होता है। ये कब रुकेगा?” सोनाक्षी की पोस्ट। …………… सोनाक्षी सिन्हा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सोनाक्षी सिन्हा ने कान पकड़कर लगाई दंड-बैठक:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जेन Z से माफी मांगी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर जेन Z की तारीफ की थी। वीडियो में सोनाक्षी ने कहा था कि उन्होंने पहले जेन Z को हल्के में लिया था, लेकिन अब उनकी सोच बदल गई है। उन्होंने कैमरे के सामने कान पकड़कर दंड-बैठक भी की और कहा कि अब वह भी जेन Z जैसी बनना चाहती हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Shatrughan Sinha Defends Sonakshi Amid Jharkhand Controversy

1 घंटे पहले कॉपी लिंक शत्रुघ्न सिन्हा की सोनाक्षी सबसे छोटी यानी तीसरी संतान हैं। उनके दो बड़े जुड़वां भाई हैं, जिनके नाम लव सिन्हा और कुश सिन्हा हैं। एक्टर और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में कहा है कि उनकी बेटी सोनाक्षी सिन्हा की ऑनलाइन ट्रोलिंग के पीछे बीजेपी का IT सेल है। एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उनसे सोनाक्षी के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर सिन्हा ने कहा कि सोनाक्षी एक समझदार लड़की हैं और उन्हें पता है कि कब और किस मुद्दे पर अपनी बात रखनी है। इंटरव्यू में शत्रुघ्न सिन्हा से पूछा गया कि सोनाक्षी पर आरोप लगे कि उन्होंने CJP के जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर खुलकर राय रखी थी, लेकिन झारखंड में छात्रों से जुड़े हालिया मामले में वह चुप नजर आईं। इस पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कुछ ही दिन पहले सोनाक्षी की ओर से झारखंड के बच्चों के समर्थन में बहुत जबरदस्त, बहुत वोकल और बहुत स्ट्रॉन्ग सपोर्ट आया था। सोनाक्षी के राजनीति में आने पर भी रिएक्ट किया सोनाक्षी के भविष्य में राजनीति में आने के सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैं कह नहीं सकता, लेकिन उन्होंने आगे कहा कि सोनाक्षी वर्थी फादर (काबिल पिता) की मोस्ट वर्थी डॉटर (सबसे काबिल बेटी) हैं। सोनाक्षी की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया कि उनकी बेटी के खिलाफ होने वाली ट्रोलिंग पेड ट्रोल्स की तरफ से होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ लोग और IT सेल ऐसे ट्रोल्स के जरिए विरोध करने वालों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे ट्रोल्स को खुद नहीं पता होता कि उन्हें क्या लिखना है। उनके मुताबिक, उन्हें तैयार कंटेंट या ड्राफ्ट दिया जाता है और वे उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने पुराने सोशल मीडिया ट्रेंड्स का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहले भी कई फिल्म स्टार्स और स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों के ट्वीट एक जैसे नजर आते थे। उन्होंने कहा कि कई बार उनके शब्द, विराम चिह्न और यहां तक कि डॉट-कॉमा तक एक जैसे होते थे। उन्होंने कहा कि सोनाक्षी इन ट्रोल्स को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेतीं। शत्रुघ्न के मुताबिक, सोनाक्षी ने भी कहा है कि वह ट्रोलिंग को देखती ही नहीं हैं। बता दें कि सोनाक्षी ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में कई पोस्ट किए थे। वहीं अभिनेत्री ने झारखंड के छात्र प्रदर्शन को लेकर भी समर्थन जताया था। रांची में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे थे। तब सोनाक्षी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “हमारे देश के छात्रों को इस तरह परेशान होते देख दुख होता है। ये कब रुकेगा?” सोनाक्षी की पोस्ट। …………… सोनाक्षी सिन्हा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सोनाक्षी सिन्हा ने कान पकड़कर लगाई दंड-बैठक:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जेन Z से माफी मांगी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर जेन Z की तारीफ की थी। वीडियो में सोनाक्षी ने कहा था कि उन्होंने पहले जेन Z को हल्के में लिया था, लेकिन अब उनकी सोच बदल गई है। उन्होंने कैमरे के सामने कान पकड़कर दंड-बैठक भी की और कहा कि अब वह भी जेन Z जैसी बनना चाहती हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Baba Ramdev Slams Kangana Ranaut Over Gen Z Gutter Generation Remark

5 मिनट पहले कॉपी लिंक योग गुरु बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को ‘गटर जेनरेशन’ कहना खराब मानसिकता को दर्शाता है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” साल 2006 में बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ मिलकर ‘पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड’ की स्थापना की थी। जब सवाल पूछा गया कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, “सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं ‘जनरेशन गटर’ कहती हूं।” …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Malavika Sharma Keralam Controversy | Actress Uncomfortable Over Beef Question

9 मिनट पहले कॉपी लिंक मालविका शर्मा की फिल्म खलीफा: द इंट्रो 20 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। एक्ट्रेस मालविका शर्मा हाल ही में केरलम में एक रिपोर्टर के सवाल से असहज हो गईं, जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बीफ पसंद आया। जिस पर एक्ट्रेस ने कहा कि वह शाकाहारी हैं। रिपोर्टर के सवाल को लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने नाराजगी जताई। दरअसस एक्ट्रेस मालविका शर्मा अपनी अपकमिंग फिल्म ‘खलीफा’ के प्रमोशन के दौरान केरलम में मीडिया से बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि केरलम में उन्हें कौन सा खाना पसंद आया? जिस पर उन्होंने कहा कि मुझे बहुत सारा खाना चखने का समय नहीं मिला, लेकिन आमतौर पर मुझे लगता है कि मैंने काफी सारा चावल, ग्रेवी और करी जैसी चीजें खाई हैं। लास्ट में एक्ट्रेस मालविका शर्मा ने रिपोर्टर को धन्यवाद भी किया। इसके बाद उनसे एक रिपोर्टर ने पूछा, क्या आपको बीफ पसंद आया? इस सवाल पर मालविका थोड़ी असहज नजर आईं और उन्होंने जवाब दिया, “मैं शाकाहारी हूं, इसलिए मैंने बीफ नहीं चखा है।” कई यूजर्स ने रिपोर्टर के सवाल पर नाराजगी जताई सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने रिपोर्टर के इस सवाल को लेकर नाराजगी जताई। एक एक्स यूजर ने लिखा, “क्या ऐसा बेवकूफी भरा सवाल पूछना वाकई जरूरी था?” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “वे सिर्फ विवाद पैदा करना चाहते हैं।” यूजर का कमेंट। एक अन्य यूजर ने दावा किया कि इसी केरलम मीडिया ने फिल्म प्रमोशन के दौरान प्रिय प्रकाश को भगवा रंग के कपड़े पहनने को लेकर भी ताना मारा था। मालविका शर्मा के इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन फॉलोअर्स हैं। कौन हैं मालविका शर्मा? मालविका शर्मा एक एक्ट्रेस और मॉडल हैं, जो मुख्य रूप से तेलुगु फिल्मों में काम करती हैं। उनका जन्म 26 जनवरी 1999 को मुंबई में हुआ। उन्होंने साल 2018 में रवि तेजा के साथ फिल्म ‘नेला टिकट’ से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इसके बाद 2021 में वह फिल्म ‘रेड’ में नजर आईं। इस फिल्म में उन्होंने महिमा का किरदार निभाया था। मालविका ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी काम किया। 2022 में वह ‘कॉफी विद काधल’ में दिखाई दीं। इसके बाद 2024 में उन्होंने तेलुगु फिल्मों ‘भीमा’ और ‘हरोम हारा’ में काम किया। बता दें कि मालविका ने रिजवी लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की, जिसमें क्रिमिनोलॉजी उनकी स्पेशलाइजेशन रही। मालविका की अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वह मलयालम फिल्म ‘खलीफा’ और कन्नड़ फिल्म ‘बृंदाविहारी’ में नजर आएंगी। पृथ्वीराज सुकुमारन स्टारर फिल्म ‘खलीफा’ में मालविका शर्मा फिजा के रोल में नजर आएंगी। गौरतलब है कि हाल ही में फिल्म ‘ओरु अदार लव’ में अपनी मशहूर विंक से चर्चा में आईं एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर केरलम में एक इवेंट में शामिल हुईं। जहां पर उनके कपड़ों के रंग को लेकर सवाल किया गया था। इवेंट में प्रिया ने नारंगी यानी केसरिया रंग की ड्रेस पहनी थी। मीडिया से बातचीत के दौरान एक यूट्यूबर ने उनसे पूछा था कि क्या उन्होंने किसी खास वजह से केसरिया रंग की ड्रेस चुनी है। इस पर प्रिया ने शांति से जवाब देते हुए पूछा, “ड्रेस में समस्या क्या है?” पूरी खबर यहां पढ़ें…. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Malavika Sharma Keralam Controversy | Actress Uncomfortable Over Beef Question

44 मिनट पहले कॉपी लिंक मालविका शर्मा की फिल्म खलीफा: द इंट्रो 20 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। एक्ट्रेस मालविका शर्मा हाल ही में केरलम में एक रिपोर्टर के सवाल से असहज हो गईं, जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बीफ पसंद आया। जिस पर एक्ट्रेस ने कहा कि वह शाकाहारी हैं। रिपोर्टर के सवाल को लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने नाराजगी जताई। दरअसस एक्ट्रेस मालविका शर्मा अपनी अपकमिंग फिल्म ‘खलीफा’ के प्रमोशन के दौरान केरलम में मीडिया से बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि केरलम में उन्हें कौन सा खाना पसंद आया? जिस पर उन्होंने कहा कि मुझे बहुत सारा खाना चखने का समय नहीं मिला, लेकिन आमतौर पर मुझे लगता है कि मैंने काफी सारा चावल, ग्रेवी और करी जैसी चीजें खाई हैं। लास्ट में एक्ट्रेस मालविका शर्मा ने रिपोर्टर को धन्यवाद भी किया। इसके बाद उनसे एक रिपोर्टर ने पूछा, क्या आपको बीफ पसंद आया? इस सवाल पर मालविका थोड़ी असहज नजर आईं और उन्होंने जवाब दिया, “मैं शाकाहारी हूं, इसलिए मैंने बीफ नहीं चखा है।” कई यूजर्स ने रिपोर्टर के सवाल पर नाराजगी जताई सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने रिपोर्टर के इस सवाल को लेकर नाराजगी जताई। एक एक्स यूजर ने लिखा, “क्या ऐसा बेवकूफी भरा सवाल पूछना वाकई जरूरी था?” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “वे सिर्फ विवाद पैदा करना चाहते हैं।” यूजर का कमेंट। एक अन्य यूजर ने दावा किया कि इसी केरलम मीडिया ने फिल्म प्रमोशन के दौरान प्रिय प्रकाश को भगवा रंग के कपड़े पहनने को लेकर भी ताना मारा था। मालविका शर्मा के इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन फॉलोअर्स हैं। कौन हैं मालविका शर्मा? मालविका शर्मा एक एक्ट्रेस और मॉडल हैं, जो मुख्य रूप से तेलुगु फिल्मों में काम करती हैं। उनका जन्म 26 जनवरी 1999 को मुंबई में हुआ। उन्होंने साल 2018 में रवि तेजा के साथ फिल्म ‘नेला टिकट’ से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इसके बाद 2021 में वह फिल्म ‘रेड’ में नजर आईं। इस फिल्म में उन्होंने महिमा का किरदार निभाया था। मालविका ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी काम किया। 2022 में वह ‘कॉफी विद काधल’ में दिखाई दीं। इसके बाद 2024 में उन्होंने तेलुगु फिल्मों ‘भीमा’ और ‘हरोम हारा’ में काम किया। बता दें कि मालविका ने रिजवी लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की, जिसमें क्रिमिनोलॉजी उनकी स्पेशलाइजेशन रही। मालविका की अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वह मलयालम फिल्म ‘खलीफा’ और कन्नड़ फिल्म ‘बृंदाविहारी’ में नजर आएंगी। पृथ्वीराज सुकुमारन स्टारर फिल्म ‘खलीफा’ में मालविका शर्मा फिजा के रोल में नजर आएंगी। गौरतलब है कि हाल ही में फिल्म ‘ओरु अदार लव’ में अपनी मशहूर विंक से चर्चा में आईं एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर केरलम में एक इवेंट में शामिल हुईं। जहां पर उनके कपड़ों के रंग को लेकर सवाल किया गया था। इवेंट में प्रिया ने नारंगी यानी केसरिया रंग की ड्रेस पहनी थी। मीडिया से बातचीत के दौरान एक यूट्यूबर ने उनसे पूछा था कि क्या उन्होंने किसी खास वजह से केसरिया रंग की ड्रेस चुनी है। इस पर प्रिया ने शांति से जवाब देते हुए पूछा, “ड्रेस में समस्या क्या है?” पूरी खबर यहां पढ़ें…. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bombay High Court Clerk Exam Controversy

Hindi News Career Bombay High Court Clerk Exam Controversy | Chhatrapati Sambhaji Nagar कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 16 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती का टाइपिंग एग्जाम आयोजित किया गया था। इस परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों का आरोप है कि एग्जाम के दौरान कई कम्प्यूटर, माउस और की-बोर्ड ने काम करना बंद कर दिया। यह एग्जाम मुंबई के कई परीक्षा केंद्रों पर हुआ था। कल्याण में 600 से अधिक उम्मीदवारों का प्रदर्शन परीक्षा 10 मिनट की थी, जिसमें 400 शब्दों का टाइपिंग पैसेज था। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद सिस्टम ने उन्हें लॉग आउट कर दिया। कल्याण, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड, वाशिम और भंडारा समेत कई केंद्रों से तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें सामने आईं। कल्याण में 600 से अधिक उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ केंद्रो से मिली तकनीकी खामियों की शिकायत बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने कहा कि महाराष्ट्र में परीक्षा सामान्य रूप से आयोजित हुई, लेकिन कुछ केंद्रों, खासकर कल्याण और छत्रपति संभाजीनगर में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें मिली हैं। एजेंसी की प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं की जांच की जा रही है हालांकि छात्रों का कहना है कि ये हमारा फेलियर नहीं है, ये सिस्टम की गलती है। उम्मीदवारों ने कहा कि जब इसकी कंप्लेंट की गई तो अथॉरिटीज ने कहा कि इन बच्चों में अक्ल नहीं है एग्जाम कैसे दिया जाता है। दीपके छात्रों के पक्ष में बोले छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के प्रदर्शन में अभिजीत दीपके भी शामिल होने पहुंचे। दीपके ने कहा – यह सिस्टम और सरकार की विफलता है, जो ऑनलाइन परीक्षा ठीक से कराने में सक्षम नहीं है। जब छात्रों ने अंदर अधिकारियों से शिकायत की तो उनसे कहा गया कि उनमें परीक्षा ठीक से देने की समझ नहीं है। अगर अधिकारियों के पास इन छात्रों से ज्यादा समझ थी तो उन्हें इसका इस्तेमाल बेहतर कंप्यूटर और काम करने वाले कीबोर्ड लगाने के साथ परीक्षा से पहले सर्वर को ठीक से चलने की स्थिति में रखने के लिए करना चाहिए था। दीपके ने कहा – परीक्षा केंद्र में एक जिला अदालत के जज मौजूद थे। उन्हें बाहर आकर लिखित आश्वासन देना चाहिए कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और आज इस्तेमाल किए गए खराब कंप्यूटरों पर नहीं कराई जाएगी। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। छात्रों का भविष्य दांव पर है। अगर जिला न्यायाधीश बात करना चाहते हैं तो उन्हें यहां आना चाहिए परीक्षाएं ठीक से नहीं करा पाते तो आयोजित ही क्यों करते हो दीपके ने आगे कहा – अगर आपके पास जरूरी बुनियादी ढांचा नहीं है और आप ऑनलाइन परीक्षाएं ठीक से नहीं करा सकते तो इन्हें आयोजित ही क्यों करते हैं? यह पहली बार नहीं है। पूरे देश में और महाराष्ट्र में ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान सर्वर क्रैश होने या कीबोर्ड और माउस जैसे हार्डवेयर के काम नहीं करने की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा हर परीक्षा में होता है। एक ऑनलाइन परीक्षा का नाम बताइए जो बिना किसी समस्या के हुई हो। जब आपको अच्छी तरह पता है कि आप इन ऑनलाइन परीक्षाओं को संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो फिर इन्हें आयोजित करके छात्रों का भविष्य खतरे में क्यों डालते हैं। परीक्षा तीन सेशन में हाईकोर्ट की नागपुर और औरंगाबाद बेंच के तहत 1,300 क्लर्क पदों के लिए आयोजित की गई थी। तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत सुबह 10 बजे से 11:15 बजे वाले सेशन में सामने आई। —————————————————————————— ये खबर भी पढ़ें एग्जाम रूम में पंखे न होने से 2 छात्राएं बेहोश:गुस्से में छात्राओं ने प्रिंसिपल के कमरे का पंखा बंद किया, दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा दरभंगा के बहेड़ा में 12 अगस्त को ग्रेजुएशन के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। उस दौरान भीषण गर्मी और उमस के चलते दो छात्राएं बेहोश हो गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Actor Ashwin Mushran Goa Road Accident Controversy

3 मिनट पहले कॉपी लिंक फैशन और लगे रहो मुन्नाभाई जैसी बड़ी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर अश्विन मुशरान का गोवा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भीड़ ने उन्हें घेर लिया। दावा किया जा रहा है कि एक्टर की कार ने बाइक सवार पिता-बेटे को टक्कर मारी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए। एक्सीडेंट के बाद विवाद खड़ा हुआ। सामने आए वीडियो में एक्टर भीड़ की नाराजगी के बीच बहस करते दिखे। वहां बीच-बचाव करने पहुंचे नेता ने दावा किया है कि एक्टर की पत्नी रेबेका ने उन पर थूका है। दैनिक भास्कर से बातचीत में एक्टर अश्विन ने कहा है कि मामले को गलत तरह पेश किया जा रहा है, वो जल्द ही इस पर बयान जारी करेंगे। घटना कथित तौर पर रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे मडगांव के कुसमन, क्वेपेम इलाके में हुई। हादसे में बाइक सवार पिता को गंभीर चोटें आई हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सामने आए वीडियो में अश्विन मुशरान और उनकी पत्नी रेबेका को स्थानीय लोगों से बहस करते देखा जा सकता है। एक्टर अश्विन मुशरान ने दैनिक भास्कर से हादसे के वीडियो पर कहा है, ये मामला कुछ और है। मैं इस पर बयान जारी कर रहा हूं और जल्द ही इसे आपसे शेयर करूंगा। हादसे को लेकर अलग-अलग दावे घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, 54 साल के अश्विन मुशरान गलत दिशा से आ रहे थे। इस दौरान उनकी गाड़ी टू-व्हीलर से टकरा गई। हालांकि, दुर्घटना की असल वजह और पूरा घटनाक्रम अभी साफ नहीं है। स्थानीय नेता अमोल कनेकर ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद एक्टर और उनकी पत्नी बिना घायलों की सुध लिए वहां से चले गए। वीडियो में अश्विन मुशरान और रेबेका बाइक सवार को दोषी ठहराते दिख रहे हैं। इसके बाद दोनों की स्थानीय लोगों के साथ बहस शुरू हो गई। अश्वित मुशरान का बचाव करती हुईं पत्नी रेबेका। बाइक सवार की हड्डी टूटकर कार में फंसी- नेता अमोल कनेकर ने हादसे के बाद अश्विन मुशरान के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंने इन गोवा 24×7 से बात करते हुए दुर्घटना की गंभीरता के बारे में बताया। अमोल कनेकर का दावा है कि बाइक सवार को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित की हड्डी का एक टुकड़ा मुशरान की गाड़ी के ऊपर-दाहिनी ओर वाले टायर फेंडर में फंसा मिला। पत्नी पर थूकने का भी आरोप अमोल कनेकर ने कहा कि हादसे के बाद माफी मांगने के बजाय अश्विन मुशरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों से बहस करने लगे। इसके बाद एक्टर कथित तौर पर एक पार्टी में शामिल होने के लिए चले गए। नेता का यह भी आरोप है कि बहस के दौरान अश्विन मुशरान की पत्नी रेबेका ने उन पर थूका। इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं आया है। अमोल कनेकर और मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे में गलती एक्टर की ही थी। फिलहाल, अश्विन मुशरान ने भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फैशन, शहजादा जैसी कई फिल्मों में किया काम अश्विन मुशरान एक्टर और वॉइस-ओवर आर्टिस्ट हैं। वह फिल्म ‘क्विक गन मुरुगन’ में डॉ. जैंगो के रोल से चर्चा में आए थे। उन्होंने ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘फैशन’, ‘देसी बॉयज’, ‘मैं तेरा हीरो’ और ‘शहजादा’ जैसी फिल्मों में काम किया है। वह पिछले दिनों ‘हैप्पी पटेल’ में भी नजर आए थे। पिता कश्मीरी पंडित, मां ब्रिटिश महिला अश्विन मुशरान के पिता कश्मीरी पंडित और मां ब्रिटिश महिला थीं। 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौरान इस्लामिक उग्रवाद की वजह से उनका परिवार कश्मीर से विस्थापित हुआ। अश्विन ने देहरादून के दून स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर वह एक्टिंग की पढ़ाई करने इंग्लैंड चले गए। वहां उन्होंने वेस्ट लंदन के ईलिंग में ‘ड्रामा स्टूडियो लंदन’ में पढ़ाई की। अश्विन मुशरान ने करियर की शुरुआत टीवी विज्ञापनों से की थी। इसके बाद वह मशहूर टीवी शो ‘द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो’ का हिस्सा बने। फिर उन्होंने फिल्मों का रुख किया और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ में नजर आए। अश्विन थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। वह वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के तौर पर कई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स के लिए डबिंग कर चुके हैं। अश्विन मुशरान की फिल्म हैप्पी पटेलः खतरनाक जासूस इसी साल रिलीज हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Actor Ashwin Mushran Goa Road Accident Controversy

6 मिनट पहले कॉपी लिंक फैशन और लगे रहो मुन्नाभाई जैसी बड़ी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर अश्विन मुशरान का गोवा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भीड़ ने उन्हें घेर लिया। दावा किया जा रहा है कि एक्टर की कार ने बाइक सवार पिता-बेटे को टक्कर मारी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए। एक्सीडेंट के बाद विवाद खड़ा हुआ। सामने आए वीडियो में एक्टर भीड़ की नाराजगी के बीच बहस करते दिखे। वहां बीच-बचाव करने पहुंचे नेता ने दावा किया है कि एक्टर की पत्नी रेबेका ने उन पर थूका है। दैनिक भास्कर से बातचीत में एक्टर अश्विन ने कहा है कि मामले को गलत तरह पेश किया जा रहा है, वो जल्द ही इस पर बयान जारी करेंगे। घटना कथित तौर पर रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे मडगांव के कुसमन, क्वेपेम इलाके में हुई। हादसे में बाइक सवार पिता को गंभीर चोटें आई हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सामने आए वीडियो में अश्विन मुशरान और उनकी पत्नी रेबेका को स्थानीय लोगों से बहस करते देखा जा सकता है। एक्टर अश्विन मुशरान ने दैनिक भास्कर से हादसे के वीडियो पर कहा है, ‘ये मामला कुछ और है। मैं इस पर बयान तैयार कर रहा हूं और जल्द ही इसे आपसे शेयर करूंगा।’ हादसे को लेकर अलग-अलग दावे घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, 54 साल के अश्विन मुशरान गलत दिशा से आ रहे थे। इस दौरान उनकी गाड़ी टू-व्हीलर से टकरा गई। हालांकि, दुर्घटना की असल वजह और पूरा घटनाक्रम अभी साफ नहीं है। स्थानीय नेता अमोल कनेकर ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद एक्टर और उनकी पत्नी बिना घायलों की सुध लिए वहां से चले गए। वीडियो में अश्विन मुशरान और रेबेका बाइक सवार को दोषी ठहराते दिख रहे हैं। इसके बाद दोनों की स्थानीय लोगों के साथ बहस शुरू हो गई। अश्वित मुशरान का बचाव करती हुईं पत्नी रेबेका। बाइक सवार की हड्डी टूटकर कार में फंसी- नेता अमोल कनेकर ने हादसे के बाद अश्विन मुशरान के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंने इन गोवा 24×7 से बात करते हुए दुर्घटना की गंभीरता के बारे में बताया। अमोल कनेकर का दावा है कि बाइक सवार को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित की हड्डी का एक टुकड़ा मुशरान की गाड़ी के ऊपर-दाहिनी ओर वाले टायर फेंडर में फंसा मिला। पत्नी पर थूकने का भी आरोप अमोल कनेकर ने कहा कि हादसे के बाद माफी मांगने के बजाय अश्विन मुशरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों से बहस करने लगे। इसके बाद एक्टर कथित तौर पर एक पार्टी में शामिल होने के लिए चले गए। नेता का यह भी आरोप है कि बहस के दौरान अश्विन मुशरान की पत्नी रेबेका ने उन पर थूका। इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं आया है। अमोल कनेकर और मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे में गलती एक्टर की ही थी। फिलहाल, अश्विन मुशरान ने भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फैशन, शहजादा जैसी कई फिल्मों में किया काम अश्विन मुशरान एक्टर और वॉइस-ओवर आर्टिस्ट हैं। वह फिल्म ‘क्विक गन मुरुगन’ में डॉ. जैंगो के रोल से चर्चा में आए थे। उन्होंने ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘फैशन’, ‘देसी बॉयज’, ‘मैं तेरा हीरो’ और ‘शहजादा’ जैसी फिल्मों में काम किया है। वह पिछले दिनों ‘हैप्पी पटेल’ में भी नजर आए थे। पिता कश्मीरी पंडित, मां ब्रिटिश महिला अश्विन मुशरान के पिता कश्मीरी पंडित और मां ब्रिटिश महिला थीं। 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौरान इस्लामिक उग्रवाद की वजह से उनका परिवार कश्मीर से विस्थापित हुआ। अश्विन ने देहरादून के दून स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में बैचलर ऑफ आर्ट्स ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर वह एक्टिंग की पढ़ाई करने इंग्लैंड चले गए। वहां उन्होंने वेस्ट लंदन के ईलिंग में ‘ड्रामा स्टूडियो लंदन’ में पढ़ाई की। अश्विन मुशरान ने करियर की शुरुआत टीवी विज्ञापनों से की थी। इसके बाद वह मशहूर टीवी शो ‘द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो’ का हिस्सा बने। फिर उन्होंने फिल्मों का रुख किया और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ में नजर आए। अश्विन थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। वह वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के तौर पर कई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स के लिए डबिंग कर चुके हैं। अश्विन मुशरान की फिल्म हैप्पी पटेलः खतरनाक जासूस इसी साल रिलीज हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
मुकेश खन्ना बोले- जन गण मन हटाओ वंदे मारतम लाओ:राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में फर्क भूले, पंजाब सिंध को कहा पंजाब सिंग, 2 और गड़बड़ की

शक्तिमान एक्टर मुकेश खन्ना ने हाल ही में राष्ट्रगान जन गण मन को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इसकी जगह वंदे मातरम को देनी चाहिए। हालांकि ये बयान देते हुए उनसे बड़ी गड़बड़ हो गई। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत बनाना चाहिए, जबकि ये पहले से ही राष्ट्रगीत है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रगान जन गण मन हाते हुए भी गड़बड़ कर दी। हाल ही में आईएएनएस को दिए बयान में मुकेश खन्ना ने कहा, ‘मैं तीन साल पहले बोल चुका हूं कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत बनाओ (ये राष्ट्रगीत ही है)। ये जन मन गण (जन गण मन) हमारे देश का नहीं है। ये जो क्वीन एलिजाबेथ थीं, उनके मान में रवींद्रनाथ टेगौर ने एक स्तुति गान लिखा था, उसको हमने मान लिया, भाग्य विधाता, पंजाब सिंग (सिंध)। अरे ये हमारा नहीं है। हमारा है वंदे मातरम, लता जी (मंगेशकर) ने गाया है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जितनी जल्दी हो, उतनी जल्दी ये जन मण गण (जन गण मन) को हटाओ और वंदे मातरम को लाओ। मोदी जी ने शुरुआत कर दी है। हर स्कूल में ये अनिवार्य हो चुका है कि पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। वो भी 3-4 अंतरे नहीं पूरे 7 अंतरे। मुझे खुशी है कि वंदे मातरम उठ रहा है। मेरा गाना भी बन रहा है, मैं उसे 6 महीने में रिलीज कर दूंगा।’ केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान जन-गण-मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों में पहले से तय है कि किन कार्यक्रमों में दोनों को गाना या बजाना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि एक ही कार्यक्रम में दोनों में से पहले वंदे और फिर जन-गण-मन होगा। जिन राज्यों में राज्य गीत होता है, वहां भी सीक्वेंस का पालन करना होगा। 9 जुलाई को सभी राज्यों और मंत्रालयों को पत्र भेजा गया, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। सभी राज्यों से कहा गया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत हमेशा उनके असली शब्दों, सही उच्चारण और तय नियमों के अनुसार ही गाया और बजाया जाए। इसके लिए दोनों की ऑफिशियल कॉपी मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। 28 जनवरी को पहली बार आदेश आया इससे पहले 28 जनवरी को भी सरकार ने सभी राज्यों को यही आदेश दिया था। इसमें मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत में राष्ट्रगीत बजाया जाएगा। वंदे मातरम् के समय हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा। राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे। इनकी कुल अवधि 3.10 मिनिट है। पहले दो अंतरे गाए जाते थे। सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले वंदे मातरम बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। अगर किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री फिल्म के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजाया जाता है, तो दर्शकों को उस दौरान खड़ा होना जरूरी नहीं होगा। बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। वंदे मातरम एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था।
Vimal Ad Controversy | Maharashtra FDA Notice Shah Rukh Khan Ajay Devgn

37 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ पर कार्रवाई की है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। इस मामले के बाद कलाकारों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रमोशन को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। शाहरुख ने कहा था- मेरी कमाई मत रोको CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल ‘इलायची’ का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। एक्टर्स पर लग सकता है जुर्माना दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔






