Lenskart Style Guide Controversy: Ashok Pandit Appeals Boycott

24 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्ममेकर अशोक पंडित लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए जारी स्टाइल गाइड को लेकर भड़क गए और उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कंपनी के बायकॉट करने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर कर लिखा, “पीयूष बंसल अपने कर्मचारियों से कहते हैं कि हिजाब ठीक है, लेकिन बिंदी/तिलक/कलावा नहीं। लेंसकार्ट एक ऐसी कंपनी है जो हिंदू बहुल भारत में काम करती है, जहां अधिकतर कर्मचारी और उपभोक्ता हिंदू हैं। आप इस पर क्या कहेंगे? यह लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए स्टाइल गाइड का पेज 11 है। इसका लिंक यहां देख सकते हैं: scribd.com/document/90118…” अशोक पंडित की पोस्ट। पगड़ी और हिजाब केवल काले रंग में मंजूर बता दें कि अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर की। उसके मुताबिक, हिजाब पहनने की अनुमति है, लेकिन उसका रंग काला होना चाहिए और वह कंपनी के लोगो को कवर नहीं करना चाहिए। पगड़ी भी केवल काले रंग में ही पहनने की अनुमति दी गई है। वहीं, धार्मिक टीका, तिलक, बिंदी या स्टिकर लगाने की अनुमति नहीं है और मेहंदी लगाने पर भी रोक लगाई गई है। अशोक पंडित ने यह फोटो शेयर की। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की टोपी या हैट पहनने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, स्टोर में ब्लू टॉर्च और स्प्रे बोतल रखना, बाल अस्त-व्यस्त होने पर हेयर नेट का उपयोग करना और टैटू छिपाने के लिए काली फिटेड टी-शर्ट पहनना अनिवार्य बताया गया है। बता दें कि अशोक पंडित एक फिल्ममेकर हैं, साथ ही वो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखते रहते हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में नुक्कड़, सर्कस और ये जो है जिंदगी जैसे फेमस शो में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। अशोक पंडित की पहली निर्देशित फिल्म शीन थी। उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी चक्कर जैसे शो का डायरेक्शन किया और कोलगेट टॉप 10 व तेरे मेरे सपने जैसे शो भी बनाए। साथ ही उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और 72 हूरें जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Lenskart Style Guide Controversy: Ashok Pandit Appeals Boycott

30 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्ममेकर अशोक पंडित लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए जारी स्टाइल गाइड को लेकर भड़क गए और उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कंपनी के बायकॉट करने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर कर लिखा, “पीयूष बंसल अपने कर्मचारियों से कहते हैं कि हिजाब ठीक है, लेकिन बिंदी/तिलक/कलावा नहीं। लेंसकार्ट एक ऐसी कंपनी है जो हिंदू बहुल भारत में काम करती है, जहां अधिकतर कर्मचारी और उपभोक्ता हिंदू हैं। आप इस पर क्या कहेंगे? यह लेंसकार्ट के कर्मचारियों के लिए स्टाइल गाइड का पेज 11 है। इसका लिंक यहां देख सकते हैं: scribd.com/document/90118…” अशोक पंडित की पोस्ट। पगड़ी और हिजाब केवल काले रंग में मंजूर बता दें कि अशोक पंडित ने स्टाइल गाइड की फोटो शेयर की। उसके मुताबिक, हिजाब पहनने की अनुमति है, लेकिन उसका रंग काला होना चाहिए और वह कंपनी के लोगो को कवर नहीं करना चाहिए। पगड़ी भी केवल काले रंग में ही पहनने की अनुमति दी गई है। वहीं, धार्मिक टीका, तिलक, बिंदी या स्टिकर लगाने की अनुमति नहीं है और मेहंदी लगाने पर भी रोक लगाई गई है। अशोक पंडित ने यह फोटो शेयर की। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की टोपी या हैट पहनने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, स्टोर में ब्लू टॉर्च और स्प्रे बोतल रखना, बाल अस्त-व्यस्त होने पर हेयर नेट का उपयोग करना और टैटू छिपाने के लिए काली फिटेड टी-शर्ट पहनना अनिवार्य बताया गया है। बता दें कि अशोक पंडित एक फिल्ममेकर हैं, साथ ही वो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखते रहते हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में नुक्कड़, सर्कस और ये जो है जिंदगी जैसे फेमस शो में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। अशोक पंडित की पहली निर्देशित फिल्म शीन थी। उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी चक्कर जैसे शो का डायरेक्शन किया और कोलगेट टॉप 10 व तेरे मेरे सपने जैसे शो भी बनाए। साथ ही उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और 72 हूरें जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कॉमेडियन को पुलिस ने प्रयागराज से उठाया:पवन कल्याण की 3 शादियों का मजाक उड़ाया, भतीजी के तलाक पर भी कमेंट किया

साउथ के स्टैंडअप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आंध प्रदेश की पुलिस मंगलवार को प्रयागराज पहुंची और अनुदीप को उठा ले गई। अनुदीप अपने परिवार से मिलने आए थे। परिजनों के मुताबिक, पुलिस उन्हें ट्रेन से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा ले गई है। अनुदीप पर आरोप है कि उन्होंने अपने एक स्टैंड-अप वीडियो में एक्टर पवन कल्याण की तीन शादियों का मजाक उड़ाया। तेलुगु एक्ट्रेस और पवन कल्याण की भतीजी निहारिका कोनिडेला पर भी कमेंट किया। निहारिका का 2023 में तलाक हो चुका है। अनुदीप ने मजाक में कहा था कि ऐसे मामलों में वह अपने चाचा (पवन कल्याण) से सलाह ले सकती हैं। पवन कल्याण वर्तमान में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं। इस टिप्पणी के बाद उनकी पार्टी जन सेना के समर्थकों ने आपत्ति जताई। मामले में 11 अप्रैल को काकीनाडा टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। पवन कल्याण का विधानसभा क्षेत्र पीठापुरम भी काकीनाडा जिले में ही आता है। निहारिका का जिक्र करने से शुरू हुआ था विवाद विवाद उस मजाक से शुरू हुआ, जिसमें अनुदीप कटिकला ने एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला का जिक्र किया। आरोप है कि अनुदीप ने निहारिका के तलाक का जिक्र कर महिलाओं के नाम घसीटे और अशोभनीय टिप्पणी की। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि अनुदीप ने अपने वीडियो के जरिए पवन कल्याण और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन पर व्यंग्य और कथित अश्लील भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने और वैमनस्य फैलाने की बात कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद अनुदीप को जन सेना समर्थकों की ओर से ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्हें धमकियां भी मिलने लगीं। लोकेशन ट्रेस कर प्रयागराज आई आंध्र प्रदेश पुलिस परिवार के एक सदस्य ने बताया- काकीनाडा जिले के दो पुलिस अधिकारी 14 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने एक पार्क में अनुदीप के फोन की लोकेशन ट्रेस की। उस समय अनुदीप अपने पिता के साथ थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह केस काकीनाडा के टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज है। शिकायत जन सेना पार्टी के पूर्वी गोदावरी के संयुक्त सचिव बड़े वेंकट कृष्णा ने की है। अनुदीप को पहले प्रयागराज में स्थानीय थाने ले जाया गया। इसके बाद उन्हें ट्रेन से काकीनाडा ले जाया गया है। पुलिस ने परिवार को बताया कि काकीनाडा पहुंचने के बाद उन्हें नोटिस देकर स्टेशन बेल पर रिहा किया जा सकता है। मामले में ज्यादातर धाराएं जमानती हैं। अनुदीप पर मानहानि और अश्लील कंटेंट का आरोप अनुदीप कटिकला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर BNS की धारा 356(2) के तहत मानहानि का आरोप है। धारा 353(2) के तहत अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाकर वैमनस्य बढ़ाने का केस दर्ज किया गया है। वहीं, धारा 79 के तहत महिला की गरिमा का अपमान करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है। यह धारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित करने से जुड़ी है। पुलिस ने इन धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कौन हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला 30 वर्षीय अनुदीप कटिकला हैदराबाद के स्टैंड-अप कॉमेडियन हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत कॉर्पोरेट सेक्टर से की थी। करीब दो साल तक वे एक ई-लर्निंग कंपनी में एसोसिएट प्रोडक्ट मैनेजर रहे। इसके बाद उन्होंने करियर बदलने का फैसला लिया और फुल-टाइम स्टैंड-अप कॉमेडी में आ गए। साल 2023 में उन्होंने छोटे-छोटे शो से कॉमेडी की शुरुआत की। वे दूसरे नए कॉमेडियंस के साथ मिलकर अलग-अलग मंचों पर परफॉर्म करते रहे। अनुदीप हैदराबाद में नियमित ओपन माइक भी होस्ट करते थे, जिन्हें ‘तेलुगु स्टैंड-अप कॉमेडी शो’ के नाम से जाना जाता है। इन शो के जरिए नए कलाकारों को मंच मिला और उन्हें अपनी कला दिखाने का मौका मिला। टॉलीवुड रोस्ट से सुर्खियों में आए अनुदीप अनुदीप कटिकला ‘सिली साउथ कॉमेडी क्लब’ के फांउडर भी हैं। यह तेलुगु स्टैंड-अप कॉमेडियंस का एक ग्रुप है, जहां नए और उभरते कलाकारों को मंच मिलता है। हैदराबाद और बेंगलुरु में नियमित शो करते हुए उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की। इसी दौरान उन्होंने ‘द टॉलीवुड रोस्ट शो’ भी तैयार किया। इस शो में उन्होंने टॉलीवुड सितारों पर खुलकर व्यंग्य किया। शो के बारे में उनका कहना था कि इसमें किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। अब इसी तरह के मजाक और टिप्पणियां चर्चा में हैं। तेलुगु सितारों पर किए गए उनके जोक्स को लेकर विवाद बढ़ा और मामला तूल पकड़ गया। अनुदीप ने अपने जोक्स पर दी थी सफाई विवाद बढ़ने के बाद अनुदीप कटिकला ने अपने मजाक को लेकर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका मकसद तलाक जैसे विषय को सामान्य बनाना था। अनुदीप के मुताबिक, उन्होंने अपने शो में यह भी कहा था कि तलाक कोई मजाक की बात नहीं है। इससे जुड़े लोगों के निजी कारणों का सम्मान किया जाना चाहिए। जब कोई व्यक्ति कठिन स्थिति में होता है, तो वह ऐसे लोगों से सलाह लेता है जो पहले उसी दौर से गुजर चुके हों। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे घुटने की सर्जरी कराने वाला व्यक्ति किसी ऐसे रिश्तेदार से सलाह ले सकता है, जिसकी पहले सर्जरी हो चुकी हो। इसी वीडियो में अनुदीप ने राम चरण, बालकृष्ण और जूनियर एनटीआर पर भी चुटकुले किए थे। राम चरण के कुछ प्रशंसकों ने एक टिप्पणी पर नाराजगी जताई। इसमें अनुदीप ने उन्हें “फेमिनिस्ट” कहा था और उनकी पत्नी उपासना के संदर्भ में मजाक किया था। ———————— ये खबर भी पढ़िए- नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। इस बीच, नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में राजद
Badshahs Titteri Phirse Song Released

सोनीपत3 मिनट पहले कॉपी लिंक टटीरी फिर से सॉन्ग में लड़कियों को एक अंडरपास में नाचते हुए दिखाया गया है। बादशाह की एंट्री हेलिकॉप्टर में होती है। बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह ने विवाद के बाद हरियाणवी सॉन्ग ‘टटीरी फिर से’ रिलीज कर दिया है। बादशाह ने गाने में विवादित सीन और लाइनों को हटा दिया है। जिस लाइन पर सबसे ज्यादा विवाद हुआ, उसकी जगह बादशाह ने रैप में बोला है- ‘आया बादशाह रंग दिखाने, फिर जलवा दिखाने’। रोडवेज बस के सीन को हटाकर लड़कियों को हरियाणवी पहनावे दामन-कुर्ती में एक अंडरपास में नाचते हुए दिखाया गया है। कुछ बुजुर्गों को भी हुक्के के साथ दिखाया गया है। यूट्यूब पर इस सॉन्ग पर अभी तक एक मिलियन व्यूज आ चुके हैं। पिछले महीने एक मार्च को रिलीज हुए ‘टटीरी’ सॉन्ग में बोले गए शब्दों और सीन को लेकर हुए विवाद पर बादशाह पर पंचकूला और जींद में तीन मामले दर्ज किए गए। इसके बाद यूट्यूब से ये गाना हटा दिया गया था। हरियाणा महिला आयोग ने भी बादशाह को पेश होने के लिए कहा था। 7 मार्च को बादशाह ने राष्ट्रीय महिला आयोग में पेश होकर माफी मांग ली थी। बादशाह ने रैप की विवादित लाइन को भी बदल दिया है। जानिए पहले टटीरी गाने को क्या विवाद हुआ… एक मार्च को रिलीज हुआ, 3 एफआईआर दर्ज हुई : बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई। पानीपत की नारी तू नारायणी उत्थान समिति अध्यक्ष सविता आर्या ने बादशाह के खिलाफ राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर जींद और पंचकूला में बादशाह के खिलाफ 3 FIR दर्ज हुई। इसके बाद पंचकूला पुलिस ने सॉन्ग को यूट्यूब से हटवा दिया। आयोग के सामने पेश न होने पर गिरफ्तारी के आदेश: इसके बाद हरियाणा महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया था। 13 मार्च हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने सिंगर को पानीपत में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। बादशाह की जगह पेश हुए उनके वकीलों ने दलील दी थी कि बादशाह सिक्योरिटी रीजन और प्रोफेशनल कमिटमेंट की वजह से पेश नहीं हो सके। इसके बाद चेयरपर्सन ने पंचकूला और पानीपत SP को बादशाह की गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्ती के निर्देश दिए। सिंगर ने पंचकूला थाने में रखा पक्ष: इसके बाद सिंगर बादशाह ने पंचकूला पुलिस की जांच में शामिल होकर अपना पक्ष रखा था। पूछताछ के बाद सिंगर को बेल पर छोड़ दिया गया था। पंचकूला साइबर थाना SHO युद्धवीर ने बताया था कि सभी धाराएं जमानती हैं। उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई थी। बादशाह ने वीडियो शेयर कर मांगी थी माफी: विवाद के बाद बादशाह ने वीडियो बनाकर माफी मांगी थी। उन्होंने वीडियो में कहा था- ‘मेरा टरीरी गाना जब से रिलीज हुआ है तब से इसके एक हिस्से में मेरे लिरिक्स को और विजुअल रिप्रेजेंटेशन की वजह से जो मैसज गया, उससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची। मेरा इरादा नहीं था कि मैं किसी बच्चे या महिला के बारे में बेहुदी बात करूं। मैं उम्मीद करता हूं कि मुझे हरियाणा का बेटा समझकर माफ करेंगे।’ महिला आयोग के सामने पेश होकर मांगी माफी: विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। इस मामले में बादशाह और निर्देशक जोबन संधू, महावीर सिंह और निर्माता हितेन 7 अप्रैल को आयोग के सामने आए। बादशाह ने माफी मांगी और वादा किया कि वे 4 महीने में एक अच्छा गाना बनाएंगे और गरीब परिवारों की 50 लड़कियों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाएंगे। 7 अप्रैल को बादशाह और उनकी टीम नई दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुई थी। गाने में कैथल की सिमरन की भी आवाज टटीरी सॉन्ग में फीमेल वोकल कैथल की सिमरन जागलान के हैं। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाया है। सिमरन एक बॉक्सर भी हैं और स्टेट चैंपियन रह चुकी हैं। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वह सिंगिंग भी कर रही हैं। तीन साल पहले बनाए गए ‘टटीरी’ गाने पर बादशाह की नजर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने इसका रीमिक्स वर्जन बनाया। —————————- ये खबर भी पढ़ें :- बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी:पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फोक सॉन्ग ‘टटीरी’ लॉन्च किया है। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान ने अपनी आवाज दी है। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गुना नगरपालिका की 'गर्लफ्रेंड पंत' करेगी जनगणना:नपा का ऑर्डर बना चर्चा का विषय; 17 अप्रैल से होगी ट्रेनिंग

गुना में जनगणना का काम शुरू हो गया है। इसके लिए गणना करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के लिए नगरपालिका के कर्मचारियों को भी लगाया गया है। इसमें एक नाम ऐसा शामिल किया है, जो चर्चा का विषय बन गया है। नगरपालिका द्वारा जारी सूची में कर्मचारी का नाम ‘गर्लफ्रेंड पंत’ लिखा हुआ है। बता दें कि पहले चरण में मकानों की गणना के बाद अब जनगणना का काम शुरू हो रहा है। दूसरे चरण ने अब जनगणना का काम होना है। जनगणना करने वाले कर्मचारियों को पहले ट्रेनिंग दी जा रही है। अलग अलग विभागों के कर्मचारियों को इसके लिए चयनित किया गया है। कर्मचारियों को जनगणना की ट्रेनिंग दी जाएगी। गुना नगरपालिका के 36 कर्मचारियों की गणनाकार के रूप में ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही 6 कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाया गया है। इन कर्मचारियों को 17,18 और 19 अप्रैल को ट्रेनिंग दी जाएगी। गांधी वोकेशनल कॉलेज में इनको ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए नगरपालिका की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश ने 5 नंबर पर लिखा कर्मचारी का नाम चर्चा का विषय बन गया है। कर्मचारी के नाम की जगह ‘गर्लफ्रेंड पंत’ लिखा हुआ है। उसकी यूजर आईडी भी et _24460027372_girlfriend लिखी हुई है। हालांकि, जब आदेश में दिए कर्मचारी के मोबाइल नंबर को सर्च किया गया, तो उसका नाम प्रेमिका पंत लिखा हुआ आया। आदेश सामने आते ही यह चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, नपा के अधिकारी इसे टाइपिंग त्रुटि बता रहे हैं।
World updates| Trump Wanted Gulf of Mexico Named After Him | Controversy

Hindi News International World Updates| Trump Wanted Gulf Of Mexico Named After Him | Controversy| Iran, China, Russia, Usa, Putin, Trump, 3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने एक समय गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम ‘गल्फ ऑफ ट्रम्प’ रखने पर भी विचार किया था, लेकिन बाद में यह फैसला छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह शायद काम नहीं करता और विवाद बढ़ सकता था। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि यह फैसला उनकी बड़ी योजना का हिस्सा था। इसके तहत उन्होंने इस खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में, 20 जनवरी 2025 को, एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करके यह बदलाव लागू किया। इस आदेश के तहत अमेरिका के अंदर सभी सरकारी एजेंसियों को नया नाम अपनाने के निर्देश दिए गए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी अपने रिकॉर्ड में यह बदलाव दर्ज किया। हालांकि, इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। खासकर मेक्सिको ने इसका विरोध किया। वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि गल्फ ऑफ मैक्सिको नाम सदियों से इस्तेमाल हो रहा है और पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
World updates| Trump Wanted Gulf of Mexico Named After Him | Controversy

Hindi News International World Updates| Trump Wanted Gulf Of Mexico Named After Him | Controversy| Iran, China, Russia, Usa, Putin, Trump, 26 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने एक समय गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम ‘गल्फ ऑफ ट्रम्प’ रखने पर भी विचार किया था, लेकिन बाद में यह फैसला छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह शायद काम नहीं करता और विवाद बढ़ सकता था। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि यह फैसला उनकी बड़ी योजना का हिस्सा था। इसके तहत उन्होंने इस खाड़ी का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखने का आदेश दिया था। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में, 20 जनवरी 2025 को, एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करके यह बदलाव लागू किया। इस आदेश के तहत अमेरिका के अंदर सभी सरकारी एजेंसियों को नया नाम अपनाने के निर्देश दिए गए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी अपने रिकॉर्ड में यह बदलाव दर्ज किया। हालांकि, इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। खासकर मेक्सिको ने इसका विरोध किया। वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि गल्फ ऑफ मैक्सिको नाम सदियों से इस्तेमाल हो रहा है और पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Himachal chester hill Controversy | RERA ex chairman Shrikant Baldi Vs CS Sanjay Gupta

हिमाचल के पूर्व रेरा चेयरमैन ने चीफ सेक्रेटरी के दो आदेश अवैध बताए। हिमाचल प्रदेश में 1500 करोड़ रुपए का कथित चेस्टर हिल भूमि खरीद घोटाला तूल पकड़ रहा है। रेरा के पूर्व चेयरमैन श्रीकांत बाल्दी के बाद अब पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने भी हिमाचल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग . BJP के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अफसरों पर कार्रवाई करने के बजाय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू उन्हें शेल्टर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने वाले अफसरों पर सीएम को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेस्टर हिल मामला सीबीआई को देने की मांग की। जमवाल ने कहा कि अधिकारियों के बीच खुले आरोप-प्रत्यारोप सरकार के भीतर समन्वय की कमी और कमजोर नेतृत्व को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा- प्रदेश में ऐसी स्थिति पहली बार बनी है जब अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं। भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल। बाल्दी ने चीफ सेक्रेटरी के दो ऑर्डर को अवैध बताया इससे पहले, श्रीकांत बाल्दी ने चीफ सेक्रेटरी संजय गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोला। बाल्दी ने संजय गुप्ता के दो आदेशों को ‘अवैध’ करार देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वह जल्द शिमला आकर इस मसले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे। श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि संजय गुप्ता ने पहले SDM सोलन की चेस्टर हिल प्रोजेक्ट की भूमि खरीद में गड़बड़ी उजागर करने वाली जांच रिपोर्ट को दबाया। इस रिपोर्ट में भूमि कानून (सेक्शन 118) के उल्लंघन की बात सामने आई थी। इसके बाद, संजय गुप्ता ने नगर निगम सोलन द्वारा अवैध निर्माण को गिराने के कमिश्नर के आदेश को भी रद्द कर दिया। बाल्दी ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी के दोनों आदेश उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थे। बाल्दी ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। वहीं, संजय गुप्ता ने दो सप्ताह पूर्व शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर श्रीकांत बाल्दी समेत दो पूर्व मुख्य सचिव आरडी धीमान और प्रबोध सक्सेना पर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने RERA के पूर्व चेयरमैन श्रीकांत बाल्दी द्वारा चेस्टर हिल प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस देने पर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद बाल्दी ने भी संजय गुप्ता पर पलटवार किया है। सोशल मीडिया में गलत खबर फैलाई जा रही: बाल्दी श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि सोशल मीडिया में यह बात फैलाई जा रही है कि उन्होंने RERA चेयरमैन रहते हुए चेस्टर हिल प्रोजेक्ट का दौरा किया था और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर बाल्दी ने स्पष्ट किया कि RERA अथॉरिटी ने करीब तीन साल पहले केवल चेस्टर हिल फेज-1 का दौरा किया था, जो लगभग पूरा हो चुका था। उस समय फेज-2 और 4 अस्तित्व में ही नहीं थे, जिस पर आज विवाद हो रहा है। मुख्य सचिव ने दो पूर्व चीफ सेक्रेटरी पर लगाए षड़यंत्र रचने के आरोप। RERA ने चेस्टर हिल प्रमोटर पर लगाया था 10 लाख जुर्माना: बाल्दी बाल्दी ने बताया कि उनके दौरे के दौरान प्रोजेक्ट की प्रगति संतोषजनक पाई गई थी और फ्लैट खरीदारों ने गुणवत्ता को लेकर संतुष्टि जताई थी। उस समय RERA के पास इस प्रोजेक्ट के खिलाफ कोई शिकायत भी लंबित नहीं थी। हालांकि, बाद में शिकायतें मिलने पर RERA ने प्रोजेक्ट प्रमोटर्स के खिलाफ कार्रवाई की और 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। RERA का काम प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन करना है प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन को लेकर बाल्दी ने कहा कि RERA केवल प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन करता है, कोई मंजूरी नहीं देता। सभी आवश्यक अनुमतियां राज्य सरकार के संबंधित विभागों द्वारा दी जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि चेस्टर हिल प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन सभी जरूरी दस्तावेजों के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया था। हिमाचल हाईकोर्ट के एडवोकेट विनय शर्मा ने चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ छोटा शिमला थाना में शिकायत दी। चेस्टर हिल मामले में एडवोकेट ने मुख्य सचिव के खिलाफ शिकायत दी बता दें कि चेस्टर हिल प्रोजेक्ट मामले में हाईकोर्ट के एडवोकेट विनय शर्मा ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता के खिलाफ छोटा शिमला थाने में शिकायत दे रखी है। इसमें उन्होंने चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में 1500 करोड़ रुपए के जमीन खरीद घोटाले के आरोप लगाए हैं। SDM की जांच रिपोर्ट को गलत ठहराकर बंद किया उन्होंने कहा कि SDM सोलन ने अपनी जांच रिपोर्ट में चेस्टर हिल प्रोजेक्ट की जमीन खरीद में कई गड़बड़ियां उजागर की थीं, लेकिन मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने SDM की जांच रिपोर्ट को ही गलत ठहराकर बंद कर दिया। इसके आधार पर उन्होंने मुख्य सचिव के खिलाफ शिकायत दे रखी है। इसी मामले में माकपा ने भी मुख्य सचिव के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पद से हटाने की चेतावनी दे रखी है। यह मामला विधानसभा में गूंज चुका है। इसके बाद ही मुख्य सचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य के तीन पूर्व मुख्य सचिवों पर उन्हें बदनाम करने के षड्यंत्र रचने के आरोप लगाए।
थमने का नाम नहीं ले रहा वंदे मातरम् विवाद:मालिनी गौड़ बोलीं- हम ऐसे लोगों से वोट ही नहीं मांगते, आकाश विजयवर्गीय ने कहा-ऐसे लोग देशद्रोही

इंदौर में नगर निगम बजट परिषद के दौरान शुरू हुआ वंदे मातरम् का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इंदौर में बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने ऐलान किया है कि वह उन जगहों पर वोट मांगने भी नहीं जाती, जहां लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते हैं। वहीं आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग वंदेमातरम नहीं बोलते वो लोग आतंकी से कम नहीं है, ये लोग देशद्रोही हैं। बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि जो इस देश में रहेगा, उसे “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” बोलना ही होगा। यह देशभक्ति से जुड़ा विषय है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दिवंगत नेता लखन दादा का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी यही कहते थे और वह स्वयं भी उसी विचारधारा पर चलती हैं। मुझे उनके वोट भी नहीं चाहिए जो वंदे मातरम् नहीं बोलते और भारत माता की जय नहीं बोलते। वहीं पूर्व मंत्री व विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम गाना होगा, नहीं तो भारत से जाना होगा। ऐसे लोगों के वोट नहीं चाहिए मालिनी गौड़ ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् या भारत माता की जय बोलने से परहेज करते हैं, उनके वोट की उन्हें आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में वे चुनाव प्रचार के लिए भी नहीं जातीं। विधायक के इस बयान के बाद पहले से चल रहा वंदे मातरम् विवाद और तेज हो गया है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विवाद में आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि ये तो भाजपा का शासन, मोदी जी की सरकार है। आरएसएस जैसी संस्था है। वरना वंदे मातरम् पर आपत्ति लेने वाले लोग अवसर मिलने पर देश और समाज का बड़ा नुकसान कर सकते हैं। इस देश में रहना है तो वंदे मातरम् बोलना होगा इधर, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम विवाद पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि इस देश में रहना होगा तो वंदे मातरम् कहना होगा। इस्लाम इजाजत नहीं देता, तो ये इस्लामिक कंट्री तो है नहीं, भारत स्वतंत्र एक देश है जो संविधान के सिद्धांतों पर चलता है। तुम्हें गाड़ने की जो अनुमति मिली है वह भी भारत माता की असीम कृपा से ही मिली है, जिसकी गोद में आप समाहित होते हैं उसकी प्रार्थना करने से आपको परहेज है। भारत में रहना है तो वंदे मातरम् गाना होगा, नहीं तो भारत से जाना होगा। खामनेई की मौत पर छाती पीटने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के भाई-बहन इस देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और सबसे ज्यादा योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं और उसके बाद इनके लोगों के भीतर इतनी राष्ट्रद्रोहिता बसी हुई है। मामले को लेकर परिवाद दायर सामाजिक कार्यकर्ता विकास अवस्थी ने एडवोकेट आकाश शर्मा के माध्यम से जिला कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित पार्षदों ने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह बयान दिया कि इस्लाम में ‘वंदे मातरम्’ गाना प्रतिबंधित है। शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई गई है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर की पार्षद रुबीना खान का वंदे मातरम् गाते VIDEO इंदौर नगर निगम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सियासी विवाद में नया मोड़ आ गया है। जिस गीत को इस्लाम का हवाला देकर पार्षद रुबीना खान ने गाने से इनकार किया था, अब उसी को गाते हुए उनके दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो 2023-24 बजट सत्र का है, दूसरा 2026-27 का। दोनों में रुबीना वंदे मातरम् गाते और नारे लगाते दिख रही हैं।
पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR

जबलपुर में मामूली विवाद को लेकर जिला न्यायालय के अधिवक्ता और पुलिस आरक्षक के बीच जमकर लड़ाई हुई। हंगामा होते देख आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और लड़ाई को शांत करवाया। जानकारी लगते ही अधिवक्ता के साथी मौके पर पहुंचे और फिर थोड़ी देर बाद सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, पुलिस आरक्षक ने भी अधिवक्ता पर मारपीट का आरोप लगाया है। जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारी थाने पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन स्थित समीक्षा टाउन का है, जहां शनिवार रात को बच्चों के बीच हुए विवाद पर बड़े आमने-सामने आ गए। विवाद और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे जिला न्यायालय में पैरवी करने वाले पकंज कुमार शर्मा का कहना है कि शनिवार शाम को कैंपस में बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई। बच्चों की आवाज सुनने के बाद पकंज और पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि मदनमहल थाने मे पदस्थ है, वह भी बाहर निकल आया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी जो कि पड़ोस में ही प्रकाश सराठे के घर पर किराए से रहते हैं, उन्होंने मामूली बात पर उके साथ मारपीट की है। अधिवक्ता का कहना है कि रात तीन घंटे तक थाने में वह बैठे रहे, पर उनकी तरफ से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि विवाद शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ था। अचानक ही पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी सामने आया और गाली-गलौच करते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, इसके बाद भी वह मारता रहा। अधिवक्ता का कहना है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने पहुंचा, तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मीयों ने एफआईआर ना दर्ज करते हुए समझौता करने का दवाब बनाया। उनका कहना है कि थाने में जो पुलिसकर्मी की ड्यूटी एफआईआर करने की होती है, उसे भी वहां से इसलिए अलग कर दिया गया कि वह शिकायत ना लिख सके। अधिवक्ता पकंज कुमार शर्मा की और से पुलिस को सीसीटीवी भी सौंपे गए है। जिसमें कि विवाद हो रहा है। अधिवक्ता के साथ मारपीट की जानकारी लगते ही उनके साथी भी सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सीएसपी सोनू कुर्मी का का कहना है कि दोनों और से शिकायत दी गई है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी मिले है। जांच करवाई जा रही है।







