Tuesday, 11 Aug 2026 | 02:08 PM

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Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक,लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही MI के टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई इंडियंस के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। रोहित की जगह कप्तानी मिलने के बाद से लगातार हुई हूटिंग हार्दिक पंड्या साल 2024 में मुंबई इंडियंस के कप्तान बनकर लौटे थे। फ्रेंचाइजी ने रोहित शर्मा की जगह उन्हें कप्तानी सौंपी थी। इसके बाद से ही फैंस नाराज थे। पहले साल (2024) में भी मैदान पर हार्दिक की जमकर हूटिंग (बूइंग) हुई थी और मौजूदा सीजन में भी चीजें उनकी प्लानिंग के मुताबिक नहीं रहीं। लगातार दो सीजन तक दर्शकों के गुस्से का सामना करने के बावजूद हार्दिक ने हमेशा यही कहा कि यह सफर मुश्किल लेकिन मनोरंजक रहा है। हालांकि, अब उन्होंने अलग होने का फैसला किया है। पीठ की चोट और मानसिक थकान बनी वजह IPL के एक सोर्स ने PTI को बताया, हार्दिक मानसिक रूप से बहुत तनाव में थे और पूरी तरह थक चुके थे। उन्हें पीठ में चोट (बैक इंजरी) भी लगी थी। जैसे ही प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हुईं, हार्दिक ने टीम के डिसीजन-मेकर्स को बता दिया कि वे अब टीम में नहीं रुकेंगे। सोर्स ने आगे कहा कि एक युवा खिलाड़ी आखिर कितना बर्दाश्त कर सकता है, उनके लिए पिछले तीन साल आसान नहीं रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों के साथ था मतभेद सोर्स के मुताबिक, हार्दिक ने साल 2021 में जिस मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम को छोड़ा था, 2024 में वापसी करने पर वह वैसा नहीं रहा। टीम के सभी सीनियर खिलाड़ी एक मत नहीं थे। अगर विचार अलग होने के बाद भी नतीजे अच्छे आएं, तो निराशा नहीं होती। लेकिन जब हर कोई अलग-अलग दिशा में खींचे, तो एक समय के बाद आगे बढ़ने की मानसिक क्षमता नहीं बचती। इसलिए हार्दिक ने मिड-सीजन में ही तय कर लिया था कि वे अगले सीजन में मुंबई इंडियंस का हिस्सा नहीं होंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क29 मिनट पहले कॉपी लिंक हार्दिक की कप्तानी में इस साल मुंबई सिर्फ 4 मैच जीत सकी। मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही मुंबई टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। रोहित की जगह कप्तानी मिलने के बाद से लगातार हुई हूटिंग हार्दिक पंड्या साल 2024 में मुंबई के कप्तान बनकर टीम में लौटे थे। इससे पहले उन्होंने दो साल तक गुजरात की कप्तानी की थी। मुंबई ने रोहित शर्मा की जगह हार्दिक को कप्तानी सौंपी थी। इसके बाद से ही फैंस नाराज थे। पहले साल (2024) में भी मैदान पर हार्दिक के खिलाफ जमकर हूटिंग हुई थी और मौजूदा सीजन में भी चीजें उनकी प्लानिंग के मुताबिक नहीं रहीं। लगातार दो सीजन तक दर्शकों के गुस्से का सामना करने के बावजूद हार्दिक ने हमेशा यही कहा कि यह सफर मुश्किल लेकिन मनोरंजक रहा है। हालांकि, अब उन्होंने अलग होने का फैसला किया है। पीठ की चोट और मानसिक थकान बनी वजह IPL के एक सोर्स ने PTI को बताया, हार्दिक मानसिक रूप से बहुत तनाव में थे और पूरी तरह थक चुके थे। उन्हें पीठ में चोट (बैक इंजरी) भी लगी थी। जैसे ही प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हुईं, हार्दिक ने टीम के डिसीजन-मेकर्स को बता दिया कि वे अब टीम में नहीं रुकेंगे। सोर्स ने आगे कहा कि एक युवा खिलाड़ी आखिर कितना बर्दाश्त कर सकता है, उनके लिए पिछले तीन साल आसान नहीं रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों के साथ मतभेद हार्दिक ने साल 2021 में जिस मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम को छोड़ा था, 2024 में वापसी करने पर वह वैसा नहीं रहा। टीम के सभी सीनियर खिलाड़ी एक मत नहीं थे। अगर विचार अलग होने के बाद भी नतीजे अच्छे आएं, तो निराशा नहीं होती। लेकिन जब हर कोई अलग-अलग दिशा में खींचे, तो एक समय के बाद आगे बढ़ने की मानसिक क्षमता नहीं बचती। इसलिए हार्दिक ने मिड-सीजन में ही तय कर लिया था कि वे अगले सीजन में मुंबई इंडियंस का हिस्सा नहीं होंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

4 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ एक साजिश रची जा रही है। फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं… सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।’ वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।’ शोभा डे की पोस्ट। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, ‘पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।’ शोभा डे एक लेखिका, उपन्यासकार, पत्रकार और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, ‘रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।’ शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा।’ शोभा डे ने आगे कहा, ‘अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।’ आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, ‘रणवीर सिंह एक बड़े और खास फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर’ से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।’ शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे विवाद में रणवीर सिंह को फायदा हुआ है। राइटर ने कहा, ‘रणवीर ने चुप रहकर बहुत समझदारी दिखाई है। इससे उनकी लोकप्रियता और उनकी ब्रांड वैल्यू दोनों बढ़ी हैं। अब इस लड़ाई में आखिर जीत किसकी होगी, यह आने वाला समय बताएगा।’ वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, ‘कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

16 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ साजिश रची जा रही है। फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं… सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।’ वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।’ शोभा डे की पोस्ट। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, ‘पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।’ शोभा डे एक लेखिका, उपन्यासकार, पत्रकार और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, ‘रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।’ शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा। शोभा डे ने आगे कहा, ‘अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।’ आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, ‘रणवीर सिंह एक बड़े फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर’ से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।’ शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।’ वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, ‘कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

11 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

46 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

सुनंदा शर्मा के नए सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:1.8M व्यूज के बाद यूट्यूब से हटाया; सिंगर बोलीं- फेक डॉक्यूमेंट्स पर कॉपीराइट का दावा किया

सुनंदा शर्मा के नए सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:1.8M व्यूज के बाद यूट्यूब से हटाया; सिंगर बोलीं- फेक डॉक्यूमेंट्स पर कॉपीराइट का दावा किया

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया लुक या शो नहीं, बल्कि उनके नए गाने को लेकर खड़ा हुआ एक बड़ा विवाद है। अपने खुद के म्यूजिक लेबल पर काम कर रहीं सुनंदा शर्मा को तब बड़ा झटका लगा, जब उनका हाल ही में रिलीज हुआ नया गाना ‘जोगी’ (Jogi) अचानक यूट्यूब से गायब हो गया। कॉपीराइट और फर्जी दस्तावेजों के एक आपसी विवाद के चलते यूट्यूब ने इस गाने को 26 मई से फिलहाल के लिए अपने प्लेटफॉर्म से होल्ड (हटा) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के साथ पूरा सच साझा किया है। सुनंदा शर्मा ने फैंस को आगाह किया है कि जब भी कोई बिजनेस डील करो तो कागजी कार्रवाई पूरी करो ताकि कोई आपके रास्ते न रोक सके। सुनंदा ने कहा कि उसका नया गीत जोगी फेक डॉक्यूमेंट के जरिए यू-ट्यूब से हटा दिया गया है। उन्होंने अपने फेंस को आश्वस्त किया है कि जल्दी ही जोगी यू-ट्यूब पर सुनने को मिलेगा। सुनंदा शर्मा के बयान की 4 अहम बातें जानिए… 5 दिन में 1.8M व्यूज आ चुके थे सुनंदा शर्मा ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 21 मई को अपना नया सिंगल ‘जोगी’ रिलीज किया और पांच दिन बाद यानि 26 मई को यूट्यूब से हटा दिया। इस गाने को ‘राजा’ ने लिखा था और इसका म्यूजिक ‘एडन’ ने तैयार किया था। गाना रिलीज होते ही तेजी से व्यूज बटोर रहा था। सुनंदा का दावा है कि गाना 1.8M व्यूज बटोर चुका था। लेखक राजा के पुराने प्रमोटर्स ने गाने पर अपना मालिकाना हक जताते हुए यूट्यूब के पास कुछ दस्तावेज सबमिट कर दिए। सुनंदा शर्मा की टीम का दावा है कि ये दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। हालांकि, यूट्यूब ने अपनी पॉलिसी के तहत किसी भी विवादित स्थिति से बचने के लिए गाने को अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। अब सुनंदा की लीगल टीम इस कॉपीराइट स्ट्राइक को हटवाने के प्रयास में जुटी है। सुनंदा बोलीं- सिर्फ यही सॉन्ग हटा, बाकी सब मौजूद सुनंदा शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ रही थी कि सुनंदा शर्मा के कई पुराने गाने भी यूट्यूब से हटा दिए गए हैं। सुनंदा शर्मा ने कहा कि इस विवाद के चलते फिलहाल उनका केवल एक ही नया गाना ‘जोगी’ यूट्यूब से प्रभावित हुआ है। इससे ठीक पहले रिलीज हुआ उनका सुपरहिट गाना ‘दिलबर’ उनके चैनल पर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे इस विवाद से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।्यरह गाना किसी बाहरी बड़ी म्यूजिक कंपनी के चैनल से नहीं, बल्कि खुद सुनंदा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से हटाया गया है, क्योंकि अब वह किसी और कंपनी के बजाय अपने खुद के होम लेबल के तहत गाने रिलीज कर रही हैं। सुनंदा शर्मा के ऑल-टाइम हिट गाने यदि आप सुनंदा शर्मा के गानों के शौकीन हैं, तो उनके कई गानों ने यूट्यूब और रील्स पर करोड़ों व्यूज बटोरे हैं। उनका सबसे पहला सुपरहिट गाना ‘बिल्ली अख’ था, जिसने उन्हें पंजाब के घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उनका गाना ‘पटाके’ (जानी तेरा ना) रिलीज हुआ, जिसने लड़कियों के बीच सुनंदा को एक यूथ आइकॉन बना दिया और इसके बोल आज भी शादियों में गूंजते हैं। फैमिली ऑडियंस के बीच उनके गाने ‘सैंडल’ को बहुत ज्यादा पसंद किया गया, जो एक हल्के-फुल्के पारिवारिक मिजाज का गाना था। वहीं उनका एक और बड़ा ब्लॉकबस्टर गाना ‘मम्मी नू पसंद’ रहा, जो इतना पॉपुलर हुआ कि बाद में इसे बॉलीवुड फिल्म ‘जय मम्मी दी’ में भी रीमेक किया गया। सुनंदा ने केवल डांस नंबर ही नहीं गाए, बल्कि जानी और बी प्राक के साथ मिलकर बनाया गया उनका गाना ‘दूजी वार प्यार’ एक बेहद इमोशनल और सैड सॉन्ग था, जिसने सुनंदा की गायकी की वर्सटैलिटी को साबित किया। इसके बाद उनके खुद के नए ऑफिशियल लेबल का पहला गाना ‘दिलबर’ आया, जिसे भी दर्शकों ने खूब सराहा।

Khan Saab Controversy: Sikh Comment Sparks Outrage

Khan Saab Controversy: Sikh Comment Sparks Outrage

खान साब ने धुरंधर-2 फिल्म में गाना गाया है। – फाइल फोटो धुरंधर: द रिवेंज जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म में गाना गाने वाले पंजाबी सिंगर खान साब पर सिख धर्म, गुरुओं और शहीदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं। साथ ही उन पर एक युवक के धर्म परिवर्तन की कोशिश करने का भी आरोप है। . एक पॉडकास्ट में व्यक्ति दावा कर रहा है कि एक बातचीत के दौरान सिंगर खान साब ने उससे कहा था- सिखों के जितने भी शहीद हुए हैं न, वे हमारे बंदों ने किए हैं। इस मामले में बुड्ढा दल के निहंग मान सिंह ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एक वीडियो जारी कर सिंगर को खुली चेतावनी दी है। निहंग ने कहा है कि खान साब जल्द से जल्द सामने आकर इस पूरे मामले पर अपना स्पष्टीकरण दें। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया और माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाएगी। वहीं, सिंगर खान साब का कहना है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दावा कर रहा है, वह तो सिख भी नहीं है। यूट्यूब पर अपलोड किए गए पॉडकास्ट में हरनूर सिंह कूनर नाम के व्यक्ति ने खान साब पर आरोप लगाए हैं। पॉडकास्ट से शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद एक हालिया इंटरव्यू/पॉडकास्ट के बाद शुरू हुआ है। यूट्यूब चैनल द संघा शो पर शुक्रवार को अपलोड किए गए एक पॉडकास्ट में हरनूर सिंह कूनर ने खान साब के साथ बातचीत को लेकर खुलासा किया। हरनूर सिंह खुद को सिंगर बताते हैं। हरनूर के इंट्रोडक्शन में पॉडकास्ट होस्ट ने वीडियो में बताया है कि वह रागी सिंहों के परिवार से हैं। टीवी चैनल जी टीवी पर प्रसारित होने वाले सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा राइजिंग सुपरस्टार में वह प्रतिभागी के रूप में हिस्सा ले चुके हैं। वीडियो में कुछ फोटो भी दिखाए, जिनमें हरनूर सिंह ने होस्ट सलमान खान को कंधे पर उठाए रखा है। इसी पॉडकास्ट में हरनूर सिंह कूनर कहते हैं- मैं झूठ नहीं बोलता। जब मैंने खान साब के सामने शहीद बाबा तारू सिंह जी का जिक्र किया तो खान साब ने कहा कि तुम्हारे जितने भी शहीद हुए हैं न, वे हमारे बंदों ने किए हैं। मैंने कहा कि यार यह क्या बात हुई? पॉडकास्ट में यह फोटो दिखाया गया, जिसमें हरनूर सिंह सलमान खान को कंधे पर उठाए दिख रहे हैं। क्लिप वायरल होने पर निहंग भड़के इस बयान की क्लिप सामने आने के बाद सिख समुदाय में रोष पैदा हुआ। इस पर लुधियाना के निहंग मान सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के धर्म और शहीदों पर इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी नहीं कर सकता। इससे सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। निहंग बोले- आरोप झूठे निकले तो पॉडकास्ट वाले परिवार पर भी होगी कार्रवाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निहंग मान सिंह ने यह भी कहा कि ये सारी बातें पॉडकास्ट में शामिल युवक का परिवार बता रहा है। अगर जांच में पाया गया कि यह महज किसी पुरानी रंजिश के कारण खान साब को बदनाम करने की साजिश है, या कल को दोनों पक्ष आपस में समझौता कर लेते हैं तो झूठ बोलने वाले इस परिवार पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। निहंग मान सिंह ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को गहराई से खंगालेंगे और सभी सबूत जुटाने के बाद ही पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। निहंग मान सिंह ने वीडियो जारी कर चेतावनी दी। खान साब बोले- छवि खराब करने की हो रही कोशिश इस पूरे मामले में जब खान साब से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति एक शरारती तत्व है, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी छवि को खराब करना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह व्यक्ति सिख नहीं है। खान साब ने कहा- फिल्म धुरंधर के बाद मेरी फैन फॉलोइंग में काफी इजाफा हुआ है। इसी बढ़ती लोकप्रियता के चलते कुछ लोग जानबूझकर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर मूवी फेम सिंगर खान साब का माथा लहूलुहान, शूटिंग के दौरान सिर में कांच मारा धुरंधर-2 के ‘जान से गुजरते हैं’ सॉन्ग फेम पंजाब के सिंगर खान साब अपने नए गीत पागल नईं होणा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। एक सीन के दौरान उन्होंने अपना सिर कांच में मारा। इससे कांच उनके माथे में चुभ गया और वह लहूलुहान हो गए। उनके माथे पर टांके लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…