ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए, और उन्हें देश से बाहर भगाया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है।
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को मत लाओ, वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए। वे अपराधी होते हैं, उन्हें देश में न आने दिया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय मजदूरों पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग जब भारत और ताइवान के बीच भारतीय मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था, तब भी ताइवान में इसे लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों ने डर जताया था कि भारतीय मजदूरों के आने से अपराध बढ़ सकते हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ताइवान पीपुल्स पार्टी के नेता को वेन-जे ने भी कहा था कि भारत से आने वाले मजदूरों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि “भाग जाने वाले विदेशी मजदूर” पहले से ही ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुके हैं। दरअसल ताइवान फ्यूजिटिव वर्कर्स की समस्या से जूझ रहा है। इसमें प्रवासी मजदूर कानूनी तौर पर किसी कंपनी या काम के लिए ताइवान आते हैं, लेकिन बाद में अपना तय काम छोड़कर गायब हो जाते हैं। फिर वे बिना अनुमति के दूसरी जगह काम करने लगते हैं या अवैध रूप से रहने लगते हैं। ताइवान के कई नेता इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। इस बहस के दौरान एक और विवाद तब हुआ जब उस समय की ताइवान की श्रम मंत्री हसू मिंग-चुन ने कहा कि शुरुआत में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों से मजदूर भर्ती किए जा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि वहां के लोगों की स्किन कलर, खानपान और धार्मिक आदतें ताइवान के लोगों से ज्यादा मिलती-जुलती हैं। उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई और लोगों ने इसे नस्लवादी और भेदभावपूर्ण बताया। विवाद बढ़ने के बाद ताइवान के विदेश मंत्रालय को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी।
Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta

Hindi News National Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta | TMC Aroop Biswas DGP कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक सताद्रु दत्ता ने कहा- हजारों अतिरिक्त पास जारी किए गए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के ऑर्गनाइजर सताद्रु दत्ता ने 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इनमें TMC नेता और ममता सरकार के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास का नाम भी शामिल है। शिकायत में पूर्व DGP और TMC राज्यसभा सांसद राजीव कुमार, कोलकाता नगर निगम पार्षद जुईन बिस्वास और सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव शांतनु बसु के नाम हैं। दत्ता ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में साल्ट लेक स्टेडियम में हुए मेसी कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और हंगामे के लिए ये लोग जिम्मेदार थे। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी 3 दिन के भारत दौरे पर आए थे। 13 दिसंबर की देर रात करीब 2:30 बजे वह कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे। अगले दिन सुबह 11 बजे मेसी ने कोलकाता में अपनी 70 फीट ऊंची प्रतिमा का वर्चुअल उद्घाटन किया था। मेसी को साल्ट लेक स्टेडियम में करीब 1 घंटे रुकना था, लेकिन वह 22 मिनट बाद ही वहां से निकल गए। इससे नाराज फैंस ने स्टेडियम में कुर्सियां फेंककर तोड़फोड़ की थी। इस दौरान भगदड़ जैसे हालात भी बन गए थे। दत्ता को 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ के मामले में हिरासत में लिया गया था। 37 दिन जेल में रहने के बाद 19 जनवरी को बिधाननगर कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। कोलकाता इवेंट की 3 तस्वीरें… सॉल्ट लेक स्टेडियम में फैंस से इंटरैक्शन के दौरान मेसी। उन्होंने यहां फ्रेंडली मैच भी खेला। भगदड़ के दौरान दर्शकों ने स्टेडियम में कुर्सियां तोड़कर फेंकी। मेसी इस इवेंट से जल्दी चले गए। इससे नाराज फैंस ने हंगामा शुरू कर दिया। VIP और VVIP पास ब्लैक में बेचे गए- दावा दत्ता ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान हजारों एक्स्ट्रा पास जारी किए गए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। उनका दावा है कि VIP और VVIP पास ब्लैक में बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि मेसी के मैदान पर आने के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिससे फुटबॉलर और उनकी सुरक्षा टीम अनकंफर्टेबल हो गई। इसके बाद मेसी ने कार्यक्रम जल्दी खत्म कर दिया। ममता बनर्जी ने मांगी थी माफी साल्ट लेक स्टेडियम की घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को माफी मांगनी पड़ी थी। ADG लॉ एंड ऑर्डर जावेद शमीम ने बताया था कि मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऑर्गनाइजर ने टिकट के पैसे वापस करने का वादा भी किया था। वहीं, भारतीय फुटबॉल महासंघ ने कहा था कि यह उनका आधिकारिक इवेंट नहीं था। —————————————— मेसी के कोलकाता दौरे की ये खबर भी पढ़ें… मेसी ने हैदराबाद में बच्चों के साथ फुटबॉल खेला:कोलकाता स्टेडियम से जल्दी निकले, तो फैंस ने तोड़फोड़ की; मुंबई में तेंदुलकर-छेत्री से मिलेंगे हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में मेसी ने फ्रेंडली मैच खेला। (फोटो- DD स्पोर्ट्स।) अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी 3 दिन के इंडिया टूर पर हैं। उन्होंने शनिवार को कोलकाता में अपनी 70 फीट ऊंची मूर्ती का उद्घाटन किया। फिर देर शाम हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में CM रेवंत रेड्डी और बच्चों के साथ फुटबॉल खेला। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Govinda Event Controversy | Paparazzi Brawl & Video 2026

5 मिनट पहले कॉपी लिंक गोविंदा हाल ही में एक इवेंट में शामिल हुए, जहां भारी भीड़ के बीच उनके बाउंसर और एक पैपराजी के बीच बहस हो गई। बाउंसर पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का आरोप लगा। मामला बढ़ता देख गोविंदा ने खुद बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत कराया। दरअसल, विवाद उस समय शुरू हुआ, जब इवेंट खत्म होने के बाद गोविंदा वहां से लौट रहे थे और बड़ी संख्या में फैंस ने उन्हें घेर लिया। भीड़ को कंट्रोल करने के दौरान बाउंसर ने एक्टर के लिए रास्ता बनाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोगों को कथित तौर पर धक्का लग गया, जिसमें पैपराजी भी शामिल थे। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध जताया और बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख गोविंदा ने तुरंत हस्तक्षेप किया। वीडियो में वह दोनों पक्षों के बीच आकर कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘सर जी… रहने दो…।’ इवेंट में गोविंदा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। वहां मौजूद फैंस ने उनके डांस और मौजूदगी का जमकर आनंद लिया। शिल्पा के शो में नजर आएंगे गोविंदा गोविंदा जल्द ही कुकिंग रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आएंगे। यह शो शिल्पा शेट्टी होस्ट कर रही हैं। वह शो में अपनी बेटी टीना आहूजा को सपोर्ट करेंगे। टीना मां सुनीता आहूजा के साथ एक टीम के हिस्से के तौर पर शो में हिस्सा ले रही थीं। हालांकि, पिछले कुछ एपिसोड्स की शूटिंग में सुनीता की गैरमौजूदगी के कारण अब गोविंदा उनकी जगह शो में शामिल होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सुनीता पिछले कुछ एपिसोड्स की शूटिंग के लिए उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में शो की टीम ने टीना की जिंदगी के एक और अहम शख्स को शो में लाने का फैसला किया और गोविंदा से संपर्क किया। सूत्र के मुताबिक, गोविंदा ने शो का हिस्सा बनने के लिए हामी भर दी है। सोशल मीडिया पर गोविंदा के शो के सेट में स्पॉट होने के वीडियो भी सामने आए हैं। टीना ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्म सेकंड हैंड हस्बैंड से की। 2016 के बाद सिर्फ 3 फिल्मों में नजर आए गोविंदा वर्कफ्रंट की बात करें तो पिछले 10 सालों में गोविंदा सिर्फ 3 फिल्मों में नजर आए हैं। साल 2017 में आई आ गया हीरो से उन्होंने लीड एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर कमबैक किया, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इसके बाद फ्राइडे में उनकी कॉमिक टाइमिंग को पसंद किया गया, फिर भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। साल 2019 में रिलीज हुई रंगीला राजा में उन्होंने डबल रोल निभाया, लेकिन यह फिल्म भी बड़ी डिजास्टर साबित हुई। गोविंदा ने 140 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। वहीं, पिछले कई दिनों से यह चर्चा है कि वो बड़े पर्दे पर कमबैक करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें दुनियादारी, बाएं हाथ का खेल, पिंकी डार्लिंग और लेन-देन: इट्स ऑल अबाउट बिजनेस जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों की घोषणा तो हुई, लेकिन रिलीज डेट सामने नहीं आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Govinda Event Controversy | Paparazzi Brawl & Video 2026

47 मिनट पहले कॉपी लिंक गोविंदा हाल ही में एक इवेंट में शामिल हुए, जहां भारी भीड़ के बीच उनके बाउंसर और एक पैपराजी के बीच बहस हो गई। बाउंसर पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का आरोप लगा। मामला बढ़ता देख गोविंदा ने खुद बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत कराया। दरअसल, विवाद उस समय शुरू हुआ, जब इवेंट खत्म होने के बाद गोविंदा वहां से लौट रहे थे और बड़ी संख्या में फैंस ने उन्हें घेर लिया। भीड़ को कंट्रोल करने के दौरान बाउंसर ने एक्टर के लिए रास्ता बनाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोगों को कथित तौर पर धक्का लग गया, जिसमें पैपराजी भी शामिल थे। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध जताया और बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख गोविंदा ने तुरंत हस्तक्षेप किया। वीडियो में वह दोनों पक्षों के बीच आकर कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘सर जी… रहने दो…।’ बता दें कि इवेंट में गोविंदा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। वहां मौजूद फैंस ने उनके डांस और मौजूदगी का जमकर आनंद लिया। शिल्पा के शो में नजर आएंगे गोविंदा गोविंदा जल्द ही कुकिंग रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आएंगे। यह शो शिल्पा शेट्टी होस्ट कर रही हैं। वह शो में अपनी बेटी टीना आहूजा को सपोर्ट करेंगे। टीना मां सुनीता आहूजा के साथ एक टीम के हिस्से के तौर पर शो में हिस्सा ले रही थीं। हालांकि, पिछले कुछ एपिसोड्स की शूटिंग में सुनीता की गैरमौजूदगी के कारण अब गोविंदा उनकी जगह शो में शामिल होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सुनीता पिछले कुछ एपिसोड्स की शूटिंग के लिए उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में शो की टीम ने टीना की जिंदगी के एक और अहम शख्स को शो में लाने का फैसला किया और गोविंदा से संपर्क किया। सूत्र के मुताबिक, गोविंदा ने शो का हिस्सा बनने के लिए हामी भर दी है। सोशल मीडिया पर गोविंदा के शो के सेट में स्पॉट होने के वीडियो भी सामने आए हैं। शो के शूट के दौरान गोविंदा, टीना और शिल्पा ने साथ में फोटोज क्लिक करवाए। 2016 के बाद सिर्फ 3 फिल्मों में नजर आए गोविंदा वर्कफ्रंट की बात करें तो पिछले 10 सालों में गोविंदा सिर्फ 3 फिल्मों में नजर आए हैं। साल 2017 में आई आ गया हीरो से उन्होंने लीड एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर कमबैक किया, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इसके बाद फ्राइडे में उनकी कॉमिक टाइमिंग को पसंद किया गया, फिर भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। साल 2019 में रिलीज हुई रंगीला राजा में उन्होंने डबल रोल निभाया, लेकिन यह फिल्म भी बड़ी डिजास्टर साबित हुई। गोविंदा ने 140 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। वहीं, पिछले कई दिनों से यह चर्चा है कि वो बड़े पर्दे पर कमबैक करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें दुनियादारी, बाएं हाथ का खेल, पिंकी डार्लिंग और लेन-देन: इट्स ऑल अबाउट बिजनेस जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों की घोषणा तो हुई, लेकिन रिलीज डेट सामने नहीं आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Malavika Mohanan Slams Sensationalist Questions on Vijay & Trisha

14 मिनट पहले कॉपी लिंक मालविका और विजय ने 2021 की फिल्म ‘मास्टर’ में साथ काम किया था। एक्ट्रेस मालविका मोहनन से हाल ही में एक इवेंट के दौरान विजय और तृषा को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर मालविका नाराज हो गईं। साथ ही बाद में उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ सवाल सिर्फ सनसनी फैलाने के उद्देश्य से पूछे गए थे। मालविका ने X पर लिखा, ‘मैं कल एक इवेंट में गई थी। वहां मौजूद तमिलनाडु मीडिया और सभी पत्रकारों के लिए मेरे मन में पूरा सम्मान है, लेकिन कुछ लोगों ने बार-बार ऐसे सवाल पूछे, जो बिल्कुल जरूरी नहीं थे और सिर्फ सनसनी फैलाने वाले थे।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘थलापति विजय को मैं पिछले सात सालों से जानती हूं। मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं और उन्हें अपना दोस्त मानकर खुद को खुशकिस्मत समझती हूं। उनका सफर सच में बेहद शानदार रहा है। मैं चाहूंगी कि आगे से मीडिया बातचीत के दौरान सभी लोग सम्मान और समझदारी बनाए रखें, ताकि किसी को असहज महसूस न हो। धन्यवाद।’ मालविका मोहनन ने ‘मास्टर’, ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ और ‘तंगलान’ जैसी फिल्मों में काम किया है। दरअसल, चेन्नई में आयोजित एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान मालविका से पूछा गया था कि एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अक्सर विजय के साथ कई जगह नजर आती हैं, तो क्या उन्हें भी उनके साथ यात्रा करने का कोई तरीका पता है। इस सवाल पर मालविका नाराज हो गईं और उन्होंने जवाब दिया, ‘आप मुझसे कैसे-कैसे सवाल पूछ रहे हैं?’ तृषा और विजय की डेटिंग चर्चा गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तृषा को एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ लिंक किया जा रहा है। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। थिएटर से बाहर निकलते समय तृषा अपनी कार में बैठी थीं। उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट और जींस पहनी हुई थी। इसी दौरान एक फैन ने कहा, ‘थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है।’ इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘कंदीपा (जरूर)’। फिर उन्होंने सिर नीचे कर लिया। इसके बाद वह फोन चलाती नजर आती हैं। बाद में तृषा वहां मौजूद फैंस की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन भी करती दिखीं। तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ सिनेमाघरों में 15 मई को रिलीज हुई। हाल ही में सीएम विजय के एक फैसले की भी काफी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की विशेष अनुमति दी। बता दें कि मॉर्निंग शो पर राज्य में पिछले 3 सालों से प्रतिबंध लगा हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें… इससे पहले 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। शपथ ग्रहण समारोह में तृषा ने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलीं। वहीं, 4 मई को चुनाव परिणाम के दिन तृषा विजय के नीलांकरई स्थित घर भी पहुंची थीं। खास बात यह रही कि उसी दिन तृषा का 43वां जन्मदिन भी था। तृषा मंदिर के बाद विजय के घर पहुंची थीं। विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगा पर्सनल लाइफ की बात करें तो तृषा की 2015 में बिजनेसमैन वरुण मनियन से सगाई हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए थे। वहीं, विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की थी। इस शादी से दोनों के दो बच्चे जेसन संजय और दिव्या साशा हुए। वहीं, विजय और संगीता के तलाक का मामला अदालत में चल रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, संगीता ने अपनी तलाक याचिका में पति विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
TMC MP Abhishek Banerjee FIR

कोलकाता19 मिनट पहले कॉपी लिंक TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शुक्रवार को FIR दर्ज की गई है। उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। मामला बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने 5 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। चुनाव नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद यह शिकायत बागुईआटी पुलिस स्टेशन में दी गई। शिकायत में 27 अप्रैल से 3 मई के बीच अभिषेक बनर्जी के कई चुनावी भाषणों का जिक्र किया गया है। भाषणों के वीडियो लिंक भी पुलिस को सौंपे हैं। शिकायत में मैन आरोप… अभिषेक बनर्जी के भाषणों में भड़काऊ और धमकी भरी टिप्पणियां की गईं। इन बयानों से सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ धमकी भरे बयान का भी जिक्र किया गया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 351(2), 353(1)(c) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) व 125 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंघा रॉय को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में शामिल भाषणों और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
TMC MP Abhishek Banerjee FIR

कोलकाता15 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शुक्रवार को FIR दर्ज की गई है। उनके खिलाफ बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ धमकी भरा बयान देने का आरोप है। केस उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने 5 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। चुनाव नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद यह शिकायत बागुईआटी पुलिस स्टेशन में दी गई थी। इसमें 27 अप्रैल से 3 मई के बीच अभिषेक के कई चुनावी भाषणों का जिक्र किया गया है। इनके वीडियो लिंक भी पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। FIR में मुख्य दो आरोप… अभिषेक बनर्जी के भाषणों में भड़काऊ और धमकी भरी टिप्पणियां की गईं। इन बयानों से सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। अभिषेक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ धमकी भरा बयान दिया। सार्वजनिक कार्यक्रमों में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा इस्तेमाल किया। शाह पर अभिषेक बनर्जी के पिछले 4 बयान… 10 अप्रैल 2026: अभिषेक ने शाह के घुसपैठ वाले आरोप पर जवाब देते हुए कहा था- अगर घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी अमित शाह की है। सीमा सुरक्षा BSF और गृह मंत्रालय के अधीन है, राज्य सरकार के नहीं। 16 अप्रैल 2026: पूर्व मेदिनीपुर के भगवानपुर की रैली में कहा- अमित शाह को चैलेंज करता हूं, अगर दम है तो 4 मई को कोलकाता में रहिएगा। 12 बजे के बाद मुलाकात होगी। 4 मई को पता चलेगा कि आप कितने बड़े गुंडे हैं। खेला तुम लोगों ने शुरू किया है, बाकी TMC करेगी। 25 अप्रैल 2026: चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक ने कहा- अमित शाह मतदाताओं को धमकाने की राजनीति कर रहे हैं। BJP को हार दिख रही है, इसलिए डर का माहौल बनाया जा रहा है।” 2 मई 2026: उन्होंने कहा- अमित शाह और चुनाव आयोग दोनों सुन लें, 4 मई को बंगाल की जनता जवाब देगी। लोकतंत्र को दबाने की हर कोशिश का जवाब मिलेगा। बंगाल में रिजल्ट के बाद से चार दिनों का घटनाक्रम… 4 मई: बंगाल में पहली बार भाजपा जीती 4 मई को 293 सीटों के नतीजे आए। भाजपा को 207 सीटें मिलीं। TMC सिर्फ 80 पर सिमट गई। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा। रिजल्ट 24 मई को आएगा। पूरी खबर पढ़ें… 5 मई: ममता बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी। ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 मई: सुवेंदु के PA की गोली मारकर हत्या कोलकाता के पास मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे स्कॉर्पियो पर सवार थे। एक कार उनकी गाड़ी के सामने खड़ी हो गई। इसी बीच बाइक पर आए हमलावरों ने 6 से 10 राउंड फायरिंग की। पूरी खबर पढ़ें… 7 मई: बंगाल गवर्नर ने विधानसभा भंग की बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी। लोकभवन से 7 मई की शाम को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसका मतलब है कि ममता कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास अब कोई पावर नहीं रहेगी। पूरी खबर पढ़ें… 8 मई: सुवेंदु ने राज्यपाल से मिले, सरकार बनाने का दावा पेश किया सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए सीएम होंगे। कोलकाता में कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। बैठक के बाद अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें… 9 मई: सुवेंदु बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। सुवेंदु के साथ 5 और विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… ————— ये खबर भी पढ़ें… ममता काला कोट पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं: चुनावी हिंसा से जुड़े मामले में पैरवी की; बाहर निकलीं तो बुआ चोर-भतीजा चोर के नारे लगे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी एक बार फिर काला कोट पहनकर कोर्ट में दलीलें देने पहुंची। ममता गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन के सामने पेश हुईं। मामला हाल के राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद हुई चुनावी हिंसा से जुड़ी जनहित याचिका का था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Harsha Richhariya Stopped From Pravachan By Saints

मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि एक बार फिर चर्चा में हैं। उज्जैन के लक्ष्मीपुरा में सात दिवसीय देवी प्रवचन कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने कुछ संतों पर प्रवचन रोकने और समय कम करने की कोशिश का आरोप लगाया। . हर्षानंद ने गुरुवार को मंच से कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से उन्हें रोकने के प्रयास किए गए, लेकिन मां भगवती की कृपा से वे डटी रहीं। उन्होंने कहा, “जिस पर मां भगवती का आशीर्वाद हो, उसे कोई नहीं रोक सकता। किसी भी राक्षस में इतना सामर्थ्य नहीं कि वह धर्म के मार्ग को रोक सके।” कार्यक्रम के बाद जारी वीडियो में हर्षानंद ने आरोप दोहराते हुए कहा कि शुरुआती तीन दिन सब सामान्य रहा, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और महिलाओं की भागीदारी के बाद चौथे दिन से उनके प्रवचन का समय कम किया जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि कुछ संत नहीं चाहते थे कि उनका प्रवचन लंबे समय तक चले। हर्षानंद ने कहा कि विरोध के बावजूद पंडाल दो बार बढ़ाना पड़ा और अंतिम दिनों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थमी। उन्होंने इसे मां भगवती की इच्छा और नारी शक्ति का समर्थन बताया। साध्वी हर्षानंद ने वीडियो जारी कर संतों पर आरोप लगाए। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे उज्जैन से करीब 22 किमी दूर लक्ष्मीपुरा में 8 मई से 108 कुंडीय यज्ञ के दौरान हर्षानंद ने सात दिनों तक देवी प्रवचन किए। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हर्षानंद ने पंडाल में मौजूद युवतियों को लव जिहाद से सतर्क रहने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में हर्षानंद ने 11 युवतियों को तलवारें सौंपी। तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण सीखने की सलाह समापन कार्यक्रम में करणी सेना की ओर से युवतियों को तलवारें भी बांटी गईं। 101 तलवारें बांटने का लक्ष्य था, लेकिन उपलब्धता कम होने से हर्षानंद ने मंच से 11 युवतियों को तलवार सौंपी। इससे पहले उन्होंने युवतियों को ‘लव जिहाद’ से सतर्क रहने, परिवार और सनातन परंपरा के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। साथ ही तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण सीखने की सलाह दी। एक माह पहले लिया था संन्यास करीब एक माह पहले हर्षा रिछारिया ने उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज से संन्यास लिया था। संन्यास के बाद उन्होंने “स्वामी हर्षानंद गिरि” नाम अपनाया और अब आध्यात्मिक प्रवचन कर रही हैं। पिता बस कंडक्टर, मां बुटीक चलाती हैं रिछारिया का परिवार मूलत: उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर और मां किरण रिछारिया बुटीक चलाती हैं। एक भाई कपिल है जो प्राइवेट जॉब करता है। पूरा परिवार भोपाल में रहता है। अध्यात्म से पहले स्टेज एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रही हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके अच्छे फॉलोअर्स हैं। सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़े वीडियो बनाती हैं। ग्रेजुएट हैं और अहमदाबाद से योग स्पेशल कोर्स कर रखा है। हर्षा के इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स हैं। वह इंस्टाग्राम पर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट साझा करती हैं। वह निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं।
France President Macron Slapped By Wife Brigitte; Viral Video Controversy

पेरिस6 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटेज पिछले साल का है जब मैक्रों ने उनकी पत्नी ने मुंह पकड़कर धकेल दिया था। (इनसेट- ईरानी एक्ट्रेस गोलशिफ्ते फराहानी) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजित मैक्रों एक बार फिर चर्चा में हैं। एक नई किताब में दावा किया गया है कि पिछले साल विदेश दौरे के दौरान ब्रिजित मैक्रों ने अपने पति को थप्पड़ मारा था। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, यह दावा फ्रांसीसी पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ ने अपनी नई किताब ‘एन (ऑलमोस्ट) परफेक्ट कपल’ में किया है। यह किताब बुधवार को प्रकाशित हुई। किताब में कहा गया है कि यह विवाद ईरानी मूल की अभिनेत्री गोलशिफ्ते फराहानी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच कथित मैसेजस की वजह से हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों अभिनेत्री को मैसेज भेजते थे। एक मैसेज में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था, ‘मुझे तुम बहुत खूबसूरत लगती हो।’ फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैक्रों और फराहानी के बीच कई महीनों तक ‘प्लेटोनिक रिलेशनशिप’ (दोस्ती वाला रिश्ता) बना रहा। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया कि यह रिश्ता सिर्फ भावनात्मक और निजी बातचीत तक सीमित था। गोलशिफ्ते फराहानी का जन्म ईरान की राजधानी तेहरान में हुआ था। वे ‘पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन: डेड मेन टेल नो टेल्स’ जैसी बड़ी हॉलीवुड फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं। दावा- एक्ट्रेस की वजह से पति-पत्नी में विवाद बढ़ा किताब के मुताबिक, पिछले साल मई में जब मैक्रों कपल वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे थे, तब विमान से उतरने से कुछ समय पहले ब्रिजित मैक्रों ने अपने पति के फोन में एक्ट्रेस का एक मैसेज देखा। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान कैमरों में एक ऐसा वीडियो रिकॉर्ड हुआ, जिसमें ब्रिजित मैक्रों अपने पति को थप्पड़ मारती हुई दिखाई दीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था और दुनिया भर में इसकी चर्चा हुई थी। पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ ने कहा कि एक्ट्रेस के मैसेज की वजह से पति-पत्नी के बीच तनाव पैदा हुआ और यही निजी विवाद बाद में सार्वजनिक हो गया। किताब में एक दोस्त के हवाले से लिखा गया है कि ब्रिजित मैक्रों को ऐसा लगा कि उनकी जगह धीरे-धीरे कम होती जा रही है। मैक्रों और उनकी पत्नी का यह वीडियो पिछले साल वायरल हुआ था… ब्रिजित मैक्रों ने सभी दावों को गलत बताया हालांकि, ब्रिजित मैक्रों की टीम ने इन सभी दावों को गलत बताया है। उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि ब्रिजित कभी अपने पति का मोबाइल फोन नहीं देखतीं और किताब में कही गई बातें सच नहीं हैं। दूसरी तरफ अभिनेत्री गोलशिफ्ते फराहानी ने भी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ किसी रिश्ते की खबरों को पहले ही खारिज कर दिया था। मार्च में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि कुछ लोग प्यार की कमी की वजह से ऐसी कहानियां बना लेते हैं। मैक्रों की टीम ने इसे आपसी मजाक बताया था जब यह वीडियो पहली बार सामने आया था, तब राष्ट्रपति मैक्रों की टीम ने पहले कहा था कि वीडियो नकली या AI से बना हो सकता है। बाद में टीम ने कहा कि यह सिर्फ मजाक में हुआ एक हल्का-फुल्का पल था। मैक्रों के करीबी लोगों ने बताया था कि राष्ट्रपति अक्सर आधिकारिक कार्यक्रम शुरू होने से पहले अपनी पत्नी के साथ मजाक करते हैं और ब्रिजित उसी तरह प्रतिक्रिया देती हैं। खुद राष्ट्रपति मैक्रों ने भी बाद में कहा था कि दोनों उस समय सिर्फ मजाक कर रहे थे। उन्होंने लोगों से इस मामले को ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर न देखने और शांत रहने की अपील की थी। फिलहाल फ्रांस के राष्ट्रपति भवन एलिसी पैलेस की तरफ से इस नई किताब पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। ट्रम्प ने मैक्रों और उनकी पत्नी पर तंज किया था इस वीडियो को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी इमैनुएल मैक्रों पर उनकी पत्नी को लेकर तंज किया था। ट्रम्प ने पिछले साल कहा था कि मैक्रों अब भी जबड़े पर पड़े थप्पड़ से उबर रहे हैं। उनकी पत्नी उनके साथ बहुत खराब व्यवहार करती हैं। ट्रम्प ने मैक्रों पर यह टिप्पणी एक प्राइवेट लंच के दौरान की थी। ट्रम्प का यह वीडियो कुछ समय के लिए व्हाइट हाउस के यूट्यूब चैनल पर दिखा था, लेकिन बाद में हटा दिया गया। ट्रम्प के मजाक के कुछ घंटों बाद मैक्रों ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था, “हमें गंभीर रहना चाहिए। एक दिन कुछ और, अगले दिन कुछ और नहीं कहना चाहिए। बेहतर है कि हर दिन बयान देने के बजाय हालात को शांत करें और स्थायी शांति पर ध्यान दें।” फ्रांसीसी पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ को जानिए फ्लोरियन तारदिफ फ्रांसीसी पत्रकार और लेखक हैं। वे राजनीति, सत्ता और फ्रांस के बड़े नेताओं से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कई सालों तक फ्रांसीसी पत्रिका ‘पेरिस मैच’ के साथ काम किया है। वे फ्रांसीसी टीवी चैनल ‘सीन्यूज’ पर भी पॉलिटिकल एक्सपर्ट और रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। फ्लोरियन तारदिफ को फ्रांस में ऐसे पत्रकार के तौर पर जाना जाता है जो राजनीति और सत्ता से जुड़े संवेदनशील मामलों पर खुलकर लिखते हैं। उनकी रिपोर्टिंग शैली अक्सर चर्चा और विवाद दोनों का कारण बनती रही है। फ्रांसीसी पत्रकार फ्लोरियन तारदिफ। मैक्रों से 24 साल बड़ी हैं उनकी पत्नी ब्रिगिट साल 1992 में जब इमैनुएल मैक्रों 15 साल के थे, उनकी मुलाकात ब्रिगिट ट्रोन्यू से हुई थी। ब्रिगिट तब 39 साल की थीं और उत्तरी फ्रांस के अमिएंस में ला प्रोविडेंस हाई स्कूल में फ्रेंच और ड्रामा की टीचर थीं। इमैनुएल उस स्कूल में पढ़ते थे। ब्रिगिट की बेटी मैक्रों की क्लासमेट थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ दिखाई देते थे। ऐसे में कई लोग दोनों को गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समझते थे। लेकिन मैक्रों को उनकी क्लासमेट नहीं बल्कि उसकी टीचर मां पसंद थीं। इमैनुएल स्कूल के ड्रामा क्लब में शामिल हुए, जहां ब्रिगिट ड्रामा सिखाती थीं। दोनों ने एक साथ एक नाटक पर काम किया, जिसमें इमैनुएल ने स्क्रिप्ट लिखने में मदद की। यहीं से उनकी नजदीकी शुरू हुई। ब्रिगिट की बेटी मैक्रों की क्लासमेट थी। दोनों अच्छे दोस्त भी थे। अब दोनों में बाप-बेटी का रिश्ता है। पिता ने स्कूल छुड़वाया, फिर भी प्यार बरकरार रहा इमैनुएल ने बाद में बताया कि








