Tuesday, 11 Aug 2026 | 09:27 PM

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Dhirendra Shastri Chatrapati Shivaji Maharaj Controversy

Dhirendra Shastri apologises for his remarks on Chhatrapati Shivaji Maharaj

Hindi News National Dhirendra Shastri Chatrapati Shivaji Maharaj Controversy | Bageshwar Baba नागपुर8 घंटे पहले कॉपी लिंक रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला। छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के बारे में अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने माफी मांग ली। रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला। मैं जिस स्वराज और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का सम्मान करता हूं, उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान सर्वोच्च है। उनके बारे में नकारात्मक बोलना तो दूर, मैं ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकता। उन्होंने आगे कहा- संदर्भ बिल्कुल अलग था। छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों और अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के प्रति गहरी निष्ठा थी। हम एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति भक्ति के बारे में बात कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा कि वह अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे, तब कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। हमारा उद्देश्य केवल छत्रपति शिवाजी महाराज की महानता को उजागर करना था कि वे संतों के प्रति कितने गहरे रूप से समर्पित थे, लेकिन एक छोटा सा अंश संदर्भ से काटकर फैला दिया गया। धीरेंद्र शास्त्री नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में शामिल हुए थे। क्या था विवादित बयान? नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। मैं तो संतों के प्रति महाराज की भक्ति बता रहा था: धीरेंद्र शास्त्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं। नागपुर के कार्यक्रम में संतों के साथ-साथ RSS चीफ मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस भी मौजूद रहे। राजनीतिक घमासान भी मचा पूर्व राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति ने कहा-जिस मध्यप्रदेश से शास्त्री आते हैं, वहां के महान योद्धा छत्रसाल बुंदेला ने शिवाजी महाराज से ही प्रेरित होकर मुगलों के खिलाफ जंग जीती थी। संभाजीराजे ने शास्त्री के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपने ही राज्य का इतिहास न जानने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पाखंडी बाबाओं के कार्यक्रमों पर राज्य में रोक लगाई जाए। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे इतिहास बदलने की साजिश बताया। उन्होंने नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस से भी माफी की मांग की। फडणवीस ने इस पर कहा कि इतिहास की किताबों में ऐसा कोई प्रसंग नहीं मिलता। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और हर्षवर्धन सपकाल ने इसे ‘इतिहास का विकृत रूप’ बताया है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवाजी महाराज एक संप्रभु शासक थे और यह कहना कि उन्होंने अपना राज्य किसी और को सौंप दिया था, एक ऐतिहासिक पाप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे बयानों के लिए मंच मुहैया करा रही है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने बाबा के महाराष्ट्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब यह बयान दिया जा रहा था, तब राज्य के सत्ताधारी नेता मंच पर मौजूद थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो जनता खुद उन्हें सबक सिखाएगी। धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने बयानों पर स्पष्टीकरण दिया। चार बच्चों वाले बयान पर भी दिया स्पष्टीकरण नागपुर में उसी कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हर किसी को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को देना चाहिए। उनके इस बयान पर भी काफी विवाद रहा। धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा- संघ को पुत्र देने का अर्थ है उसे राष्ट्रवादी बनाना। चाहे वह कलेक्टर हो, शिक्षक हो या कुछ और, मेरा इरादा यही था कि बच्चे सनातनी विचारधारा के हों। शास्त्री ने यह भी कहा कि वे भविष्य में विवाह करेंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी हिंदू आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे। —————– धीरेंद्र शास्त्री के बयान से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें… धीरेंद्र शास्त्री बोले-नक्कटा तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले:लेंसकार्ट के तिलक-मंगलसूत्र पाबंदी पर भड़के प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा- “एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

जाकिर खान पर फिर भड़कीं अमीषा पटेल:बोलीं- अचीवर्स पर जोक बनाना आसान, सुपरस्टार बनके दिखाओ; धुरंधर से इंडस्ट्री जल नहीं, सीख रही है

जाकिर खान पर फिर भड़कीं अमीषा पटेल:बोलीं- अचीवर्स पर जोक बनाना आसान, सुपरस्टार बनके दिखाओ; धुरंधर से इंडस्ट्री जल नहीं, सीख रही है

बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने कॉमेडियन जाकिर खान के उस बयान पर एक बार फिर नाराजगी जताई है, जिसमें जाकिर ने कहा था कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ की कामयाबी से पूरी इंडस्ट्री जल रही है। अमीषा ने जाकिर के बयान को गलत बताते हुए कहा कि किसी अचीवर का मजाक उड़ाना बहुत आसान है, लेकिन उस मुकाम तक पहुंचना बहुत मुश्किल। एक्ट्रेस ने साफ किया कि इंडस्ट्री इस फिल्म की सफलता से असुरक्षित नहीं है, बल्कि इससे सीख ले रही है। अचीवर्स पर जोक बनाना आसान हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अमीषा ने इस विवाद पर कहा, “मैं जाकिर को पर्सनली जानती हूं, लेकिन एक बात जरूर कहूंगी कि स्टेज पर खड़े होकर अचीवर्स के बारे में बात करना और उनका मजाक उड़ाना बहुत आसान है। पहले अचीवर या सुपरस्टार बनकर तो दिखाओ, फिर जब आप पर जोक बनेगा तब देखूंगी कि आप उसे कैसे लेते हो। किसी को नीचा दिखाकर उस पर जोक बनाना सही नहीं है।” इंडस्ट्री जल नहीं रही, सीख रही है अमीषा ने जाकिर के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने जलन की बात कही थी। एक्ट्रेस ने सवाल किया, “क्या किसी ने आपको फोन करके बताया कि ‘धुरंधर’ हिट हो गई और मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं? आपको यह कैसे पता चला?” अमीषा के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ के आने के बाद राम गोपाल वर्मा जैसे फिल्ममेकर्स और कई एक्टर्स ने फिल्म की तारीफ की है। लोग इस फिल्म को एक मानक मान रहे हैं और अपने काम को और बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉम्पिटिशन से होता है सुधार अमीषा का मानना है कि कॉम्पिटिशन बुरा नहीं होता। उन्होंने कहा, “अगर हम कॉम्पिटिशन का सामना नहीं करेंगे, तो हम खुद को बेहतर कैसे बनाएंगे? दर्शकों को अच्छा कंटेंट कैसे देंगे? हमें अपनी कमियों को सुधारने के लिए किसी ऐसे की जरूरत होती है जो हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करे। जाकिर को यह कहना चाहिए था कि हम इस फिल्म से सीख रहे हैं।” अमीषा ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे उन 10 लोगों के नाम जानना चाहती हैं जिन्होंने जाकिर को फोन करके अपनी असुरक्षा के बारे में बताया। क्या था जाकिर खान का बयान? यह पूरा विवाद एक अवॉर्ड शो से शुरू हुआ था, जिसे जाकिर खान और आलिया भट्ट होस्ट कर रहे थे। शो के दौरान जाकिर ने कहा था, “आप चाहे कितने भी बधाई वाले पोस्ट डाल दें या इंटरव्यू में इसे अपनी फेवरेट फिल्म बता दें, लेकिन सच तो यह है कि ‘धुरंधर 2’ से सबकी जली तो है। बम लयारी में फटे हैं, लेकिन धुआं बांद्रा और जुहू में उठा है।” उनके इसी कमेंट पर अमीषा पटेल ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी उन्हें घेरा था।

जाकिर खान पर फिर भड़कीं अमीषा पटेल:बोलीं- अचीवर्स पर जोक बनाना आसान, सुपरस्टार बनके दिखाओ; धुरंधर से इंडस्ट्री जल नहीं, सीख रही है

जाकिर खान पर फिर भड़कीं अमीषा पटेल:बोलीं- अचीवर्स पर जोक बनाना आसान, सुपरस्टार बनके दिखाओ; धुरंधर से इंडस्ट्री जल नहीं, सीख रही है

बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने कॉमेडियन जाकिर खान के उस बयान पर एक बार फिर नाराजगी जताई है, जिसमें जाकिर ने कहा था कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ की कामयाबी से पूरी इंडस्ट्री जल रही है। अमीषा ने जाकिर के बयान को गलत बताते हुए कहा कि किसी अचीवर का मजाक उड़ाना बहुत आसान है, लेकिन उस मुकाम तक पहुंचना बहुत मुश्किल। एक्ट्रेस ने साफ किया कि इंडस्ट्री इस फिल्म की सफलता से असुरक्षित नहीं है, बल्कि इससे सीख ले रही है। अचीवर्स पर जोक बनाना आसान हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अमीषा ने इस विवाद पर कहा, “मैं जाकिर को पर्सनली जानती हूं, लेकिन एक बात जरूर कहूंगी कि स्टेज पर खड़े होकर अचीवर्स के बारे में बात करना और उनका मजाक उड़ाना बहुत आसान है। पहले अचीवर या सुपरस्टार बनकर तो दिखाओ, फिर जब आप पर जोक बनेगा तब देखूंगी कि आप उसे कैसे लेते हो। किसी को नीचा दिखाकर उस पर जोक बनाना सही नहीं है।” इंडस्ट्री जल नहीं रही, सीख रही है अमीषा ने जाकिर के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने जलन की बात कही थी। एक्ट्रेस ने सवाल किया, “क्या किसी ने आपको फोन करके बताया कि ‘धुरंधर’ हिट हो गई और मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं? आपको यह कैसे पता चला?” अमीषा के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ के आने के बाद राम गोपाल वर्मा जैसे फिल्ममेकर्स और कई एक्टर्स ने फिल्म की तारीफ की है। लोग इस फिल्म को एक मानक मान रहे हैं और अपने काम को और बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉम्पिटिशन से होता है सुधार अमीषा का मानना है कि कॉम्पिटिशन बुरा नहीं होता। उन्होंने कहा, “अगर हम कॉम्पिटिशन का सामना नहीं करेंगे, तो हम खुद को बेहतर कैसे बनाएंगे? दर्शकों को अच्छा कंटेंट कैसे देंगे? हमें अपनी कमियों को सुधारने के लिए किसी ऐसे की जरूरत होती है जो हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करे। जाकिर को यह कहना चाहिए था कि हम इस फिल्म से सीख रहे हैं।” अमीषा ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे उन 10 लोगों के नाम जानना चाहती हैं जिन्होंने जाकिर को फोन करके अपनी असुरक्षा के बारे में बताया। क्या था जाकिर खान का बयान? यह पूरा विवाद एक अवॉर्ड शो से शुरू हुआ था, जिसे जाकिर खान और आलिया भट्ट होस्ट कर रहे थे। शो के दौरान जाकिर ने कहा था, “आप चाहे कितने भी बधाई वाले पोस्ट डाल दें या इंटरव्यू में इसे अपनी फेवरेट फिल्म बता दें, लेकिन सच तो यह है कि ‘धुरंधर 2’ से सबकी जली तो है। बम लयारी में फटे हैं, लेकिन धुआं बांद्रा और जुहू में उठा है।” उनके इसी कमेंट पर अमीषा पटेल ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी उन्हें घेरा था।

Abhishek Sharma Fan Grab Controversy

Abhishek Sharma Fan Grab Controversy

जयपुर2 मिनट पहले कॉपी लिंक जयपुर में सनराइजर्स हैदराबाद के क्रिकेटर अभिषेक शर्मा का युवती ने हाथ पकड़कर खींच लिया। अचानक हुई इस घटना से अभिषेक चौंक गए। इस दौरान उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने युवती से हाथ छुड़वाया और अभिषेक को लेकर रवाना हुए। दरअसल, अभिषेक शर्मा शनिवार को राजस्थान के खिलाफ IPL मैच के लिए होटल से SMS स्टेडियम जा रहे थे। इसी दौरान होटल की लॉबी में यह घटना हुई। इस घटना के बाद क्रिकेट खिलाड़ियों की सुरक्षा और निजी सीमाओं को लेकर सवाल उठने लगे। क्रिकेटर अभिषेक शर्मा होटल से निकलते हुए। मैच से पहले होटल से निकलने दौरान हुई घटना जयपुर के SMS स्टेडियम में शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद का मैच राजस्थान रॉयल्स के साथ था। अभिषेक मैच के लिए स्टेडियम के पास स्थित होटल से निकल रहे थे। इस दौरान भीड़ के बीच से एक महिला फैन अभिषेक शर्मा के करीब पहुंची और उनका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचने लगी। इस दौरान क्रिकेटर के साथ मौजूद सुरक्षा कर्मी तुरंत हरकत में आए और महिला फैन से अभिषेक का हाथ छुड़वाया और उनको लेकर स्टेडियम के लिए रवाना हुए। हालांकि यह घटना कुछ सेकंड की थी, लेकिन अचानक हुई इस हरकत से अभिषेक शर्मा असहज और हैरान नजर आए। खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल इसके घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इस व्यवहार को “उत्पीड़न” करार दिया और कहा कि किसी भी खिलाड़ी की निजी सीमा का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर यही हरकत किसी पुरुष फैन ने महिला खिलाड़ी के साथ की होती तो प्रतिक्रिया क्या होती? फैंस का मानना है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर खिलाड़ियों के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। ये खबर भी पढ़ें IPL:जयपुर में ध्रुव जुरेल का सिक्स, गेंद स्टेडियम के बाहर:वैभव सूर्यवंशी ने लगाए 12 छक्के; हैदराबाद ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया जयपुर के SMS स्टेडियम में शनिवार (25 अप्रैल) को खेले गए IPL मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। मैच के 11वें ओवर की चौथी गेंद पर ध्रुव जुरेल ने 101 मीटर का सिक्स लगाया। गेंद RCA एकेडमी के पीछे वाले ग्राउंड में चली गई। अंपायर को नई गेंद मंगवानी पड़ी। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Hindi News National Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh | Sandeep Pathak Swati Maliwal नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए राज्यसभा चेयरमैन को लेटर लिखेगी। AAP का आरोप है कि इन सांसदों का कदम असंवैधानिक है और उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए। सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो-तिहाई बहुमत के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची भी ऐसे किसी अलग गुट को वैध नहीं मानती। AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्‌ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को BJP जॉइन कर ली थी। राघव चड्‌ढा ने कहा था कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। BJP में शामिल होने की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 13 लाख घटकर 14.6 मिलियन से 13.3 मिलियन रह गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है। स्वाति मालीवाल बोलीं- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने AAP और अरविंद केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। मालीवाल ने कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने केजरीवाल को महिला विरोधी, भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाला नेता बताया। साथ ही पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाया कि वहां अवैध खनन और ड्रग्स का कारोबार चरम पर है और सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने BJP किसी दबाव में नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के चलते भाजपा जॉइन की है। विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया सौरभ भारद्वाज- BJP ऐसी पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। AAP सिर्फ सांसदों की पार्टी नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं। बड़े नेताओं को ED और CBI जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन AAP के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश- BJP की वॉशिंग मशीन फिर चालू हो गई है। जो नेता पहले खुद को ईमानदार और सिद्धांतवादी बताते थे, अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। संजय राउत- भाजपा बकासुर जैसी हो गई है, जिसकी भूख कभी खत्म नहीं होती। BJP किसी भी नेता को अपने साथ शामिल कर लेती है और दलबदल करने वाले नेताओं को गलत जगह पर जाने वाला बताया। अन्ना हजारे- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी बदलना सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना के अनुसार काम करना चाहिए और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Hindi News National Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh | Sandeep Pathak Swati Maliwal नई दिल्ली43 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए राज्यसभा चेयरमैन को लेटर लिखेगी। AAP का आरोप है कि इन सांसदों का कदम असंवैधानिक है और उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए। सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो-तिहाई बहुमत के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची भी ऐसे किसी अलग गुट को वैध नहीं मानती। AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्‌ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को BJP जॉइन कर ली थी। राघव चड्‌ढा ने कहा था कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। BJP में शामिल होने की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 13 लाख घटकर 14.6 मिलियन से 13.3 मिलियन रह गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है। स्वाति मालीवाल बोलीं- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने AAP और अरविंद केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। मालीवाल ने कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने केजरीवाल को महिला विरोधी, भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाला नेता बताया। साथ ही पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाया कि वहां अवैध खनन और ड्रग्स का कारोबार चरम पर है और सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने BJP किसी दबाव में नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के चलते भाजपा जॉइन की है। विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया सौरभ भारद्वाज- BJP ऐसी पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। AAP सिर्फ सांसदों की पार्टी नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं। बड़े नेताओं को ED और CBI जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन AAP के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश- BJP की वॉशिंग मशीन फिर चालू हो गई है। जो नेता पहले खुद को ईमानदार और सिद्धांतवादी बताते थे, अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। संजय राउत- भाजपा बकासुर जैसी हो गई है, जिसकी भूख कभी खत्म नहीं होती। BJP किसी भी नेता को अपने साथ शामिल कर लेती है और दलबदल करने वाले नेताओं को गलत जगह पर जाने वाला बताया। अन्ना हजारे- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी बदलना सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना के अनुसार काम करना चाहिए और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sreesanth Harbhajan Singh IPL Slap Video Controversy; Instagram

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Hindi News Sports Sreesanth Harbhajan Singh IPL Slap Video Controversy; Instagram | Cricket News 7 मिनट पहले कॉपी लिंक यह क्लिप करीब 8 महीने पहले पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी किया था। भारतीय क्रिकेट टीम के दो पूर्व दिग्गज, एस श्रीसंत और हरभजन सिंह के बीच 2008 का ‘थप्पड़ कांड’ फिर चर्चा में है। 16 साल पुराने इस विवाद ने दोनों के रिश्ते खत्म कर दिए हैं। श्रीसंत ने खुलासा किया कि उन्होंने हरभजन सिंह को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया है और अब कोई संबंध नहीं रखना चाहते। केरल के मीडिया हाउस ‘मातृभूमि’ को दिए इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने आज तक किसी इंटरव्यू में भज्जी (हरभजन) के बारे में बात नहीं की, यह पहली बार है। कुछ समय पहले तक सब ठीक था, लेकिन उन्होंने उस विवाद पर फिर से एक विज्ञापन बनाया। उन्होंने इसके लिए करीब 80 लाख से 1 करोड़ रुपए लिए। इसके बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं अपने सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर स्टोरी पोस्ट करूं।’ जनवरी में पर गणतंत्र दिवस सेल पर जारी किया गया था यह विज्ञापन जनवरी 2026 में एक मार्केटिंग ऐप की गणतंत्र दिवस सेल के लिए जारी किया गया था। इसमें हरभजन सिंह को ‘चांटा क्लास’ के टीचर के रूप में दिखाया गया है, जो लोगों को यह समझाते हैं कि खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को थप्पड़ मारकर ठीक करने की पुरानी आदत छोड़ें और उसकी जगह एप से नए प्रोडक्ट खरीदें। विज्ञापन में मजाकिया अंदाज में हरभजन कहते हैं, ‘सही से थप्पड़ लगाओ, सब ठीक हो जाता है,’ जो परोक्ष रूप से उनके और श्रीसंत के बीच 2008 में हुए विवाद की याद दिलाता है। ‘माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता’ हरभजन सिंह के बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने उनसे साफ कह दिया कि मैं माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता। अगर आप किसी को भूल जाते हैं, तो वह दोबारा वही गलती करेगा। वह (हरभजन) इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इसमें कोई शक नहीं है।’ श्रीसंत ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया है कि माफी दे दो, लेकिन सबक याद रखो। भाई कहता था, पर अब रिश्ता खत्म; सब एक दिखावा है श्रीसंत ने कहा कि अब उनके बीच कोई बॉन्ड नहीं बचा है। उन्होंने कहा,’मेरा उस व्यक्ति के साथ अब कोई रिश्ता नहीं है। मैं उन्हें भाई कहता था, लेकिन पिछले एक-दो महीनों में उन्होंने जो विज्ञापन किया, उसके बाद मैंने उन्हें इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है। वे एक महान व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए भारतीय टीम में खेलने से लेकर अब तक, वह जो भी करते हैं, वह सब एक ‘एक्ट’ (दिखावा) है। श्रीसंत इस दिखावे को स्वीकार नहीं करता। क्या था ‘थप्पड़ कांड’ विवाद? यह पूरा विवाद IPL के पहले सीजन यानी 2008 का है। 25 अप्रैल को मोहाली में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। मैच खत्म होने के बाद श्रीसंत मैदान पर रोते हुए नजर आए थे। इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने किया था बीच-बचाव इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया। इसके बाद पठान, हरभजन को पीछे ले जाते दिखे। हरभजन सिंह पर लगा था 8 मैचों का प्रतिबंध मैदान पर श्रीसंत के रोने की तस्वीरें और वीडियो ने क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरी थीं। हरभजन सिंह को तत्काल बचे 8 मैच से बैन किया गया था और उन पर मैच फीस का जुर्माना भी लगा था। श्रीसंत ने दावा किया था कि हरभजन बहुत गुस्से में पेश आए और बिना वजह थप्पड़ जड़ा। इस घटना पर मीडिया और फैंस के बीच बहस हुई। हरभजन ने इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं हरभजन इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं। उन्होंने टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर ने रविचंद्रन अश्विन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरी जिंदगी का एक ऐसा पल जिसे मैं बदलना चाहता हूं, वो है श्रीसंत को थप्पड़ मारने का किस्सा। अगर मुझे मौका मिले तो मैं इसे अपनी लाइफ से हटा दूं। जो हुआ गलत हुआ और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैंने उसके लिए सैकड़ों बार माफी मांगी। आज भी जब मौका मिलता है तो माफी मांगता हूं। यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी। कई बार सार्वजनिक मंच से हरभजन सिंह इस घटना पर अफसोस जता चुके हैं। श्रीसंत की बेटी बात नहीं करती हरभजन ने आगे कहा कि इस घटना का बोझ वह आज भी उठाते हैं। उन्होंने बताया कि एक बार जब वह श्रीसंत की बेटी से मिले तो वह उनसे बात करने से कतराने लगी और बोली- मैं आपसे बात नहीं करना चाहती, क्योंकि आपने मेरे पापा को मारा था। उसकी यह बात सुनकर मेरा दिल टूट गया। मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं सोचने लगा कि मैंने उसके मन में कैसी छवि छोड़ी है? वो मुझे ऐसे इंसान के रूप में देख रही है जिसने उसके पिता को मारा। यह सोचकर मुझे बहुत बुरा लगा और मैं आज भी उसके लिए माफी मांगता हूं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Sports Sreesanth Harbhajan Singh IPL Slap Video Controversy; Instagram | Cricket News स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक यह क्लिप करीब 8 महीने पहले पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी किया था। भारतीय क्रिकेट टीम के दो पूर्व खिलाड़ियों, एस श्रीसंत और हरभजन सिंह के बीच 2008 का ‘थप्पड़ कांड’ फिर चर्चा में है। 16 साल पुराने इस विवाद ने दोनों के रिश्ते खत्म कर दिए हैं। श्रीसंत ने खुलासा किया कि उन्होंने हरभजन सिंह को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया है और अब कोई संबंध नहीं रखना चाहते। केरल के मीडिया हाउस ‘मातृभूमि’ को दिए इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने आज तक किसी इंटरव्यू में भज्जी (हरभजन) के बारे में बात नहीं की, यह पहली बार है। कुछ समय पहले तक सब ठीक था, लेकिन उन्होंने उस विवाद पर फिर से एक विज्ञापन बनाया। उन्होंने इसके लिए करीब 80 लाख से 1 करोड़ रुपए लिए। इसके बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं अपने सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर स्टोरी पोस्ट करूं।’ रिपब्लिक डे पर विज्ञापन जारी किया गया था यह विज्ञापन जनवरी 2026 में एक मार्केटिंग ऐप की गणतंत्र दिवस सेल के लिए जारी किया गया था। इसमें हरभजन सिंह को ‘चांटा क्लास’ के टीचर के रूप में दिखाया गया है, जो लोगों को यह समझाते हैं कि खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को थप्पड़ मारकर ठीक करने की पुरानी आदत छोड़ें और उसकी जगह एप से नए प्रोडक्ट खरीदें। विज्ञापन में मजाकिया अंदाज में हरभजन कहते हैं, ‘सही से थप्पड़ लगाओ, सब ठीक हो जाता है,’। यह डायलॉग उनके और श्रीसंत के बीच 2008 में हुए विवाद की याद दिलाता है। ‘माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता’ हरभजन सिंह के बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने उनसे साफ कह दिया कि मैं माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता। अगर आप किसी को भूल जाते हैं, तो वह दोबारा वही गलती करेगा। वह (हरभजन) इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इसमें कोई शक नहीं है।’ श्रीसंत ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया है कि माफी दे दो, लेकिन सबक याद रखो। भाई कहता था, पर अब रिश्ता खत्म; सब दिखावा है श्रीसंत ने कहा कि अब उनके बीच कोई बॉन्ड नहीं बचा है। उन्होंने कहा,’मेरा उस व्यक्ति के साथ अब कोई रिश्ता नहीं है। मैं उन्हें भाई कहता था, लेकिन पिछले एक-दो महीनों में उन्होंने जो विज्ञापन किए, उसके बाद मैंने उन्हें इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है। वे एक महान व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए भारतीय टीम में खेलने से लेकर अब तक, वह जो भी करते हैं, वह सब एक ‘एक्ट’ (दिखावा) है।’ श्रीसंत ने कहा कि वह इश दिखावे को स्वीकार नहीं करते। क्या था ‘थप्पड़ कांड’ विवाद? यह पूरा विवाद IPL के पहले सीजन यानी 2008 का है। 25 अप्रैल को मोहाली में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। मैच खत्म होने के बाद श्रीसंत मैदान पर रोते हुए नजर आए थे। इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने किया था बीच-बचाव इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया। इसके बाद इरफान, हरभजन को पीछे ले जाते दिखे। हरभजन सिंह पर लगा था 8 मैचों का प्रतिबंध मैदान पर श्रीसंत के रोने की तस्वीरें और वीडियो ने क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरी थीं। हरभजन सिंह को तत्काल बचे 8 मैच से बैन किया गया था और मैच फीस का जुर्माना भी लगा था। श्रीसंत ने दावा किया था कि हरभजन ने गुस्से में बिना वजह थप्पड़ जड़ा। इस घटना पर मीडिया और फैंस के बीच बहस हुई। हरभजन इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं हरभजन इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘मेरी जिंदगी का एक ऐसा पल जिसे मैं बदलना चाहता हूं- वो है श्रीसंत को थप्पड़ मारने का किस्सा।’ उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे मौका मिले तो मैं इसे अपनी लाइफ से हटा दूं। जो हुआ गलत हुआ और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैंने उसके लिए सैकड़ों बार माफी मांगी। आज भी जब मौका मिलता है तो माफी मांगता हूं। यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी।’ कई बार सार्वजनिक मंच से हरभजन सिंह इस घटना पर अफसोस जता चुके हैं। श्रीसंत की बेटी बात नहीं करती हरभजन ने आगे कहा कि इस घटना का बोझ वह आज भी उठाते हैं। उन्होंने बताया कि एक बार जब वह श्रीसंत की बेटी से मिले तो वह उनसे बात करने से कतराने लगी और बोली- मैं आपसे बात नहीं करना चाहती, क्योंकि आपने मेरे पापा को मारा था। हरभजन ने कहा- ‘उसकी यह बात सुनकर मेरा दिल टूट गया। मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं सोचने लगा कि मैंने उसके मन में कैसी इमेज बनाई है? वह मुझे एक ऐसे इंसान के रूप में देख रही है, जिसने उसके पिता को मारा। यह सोचकर मुझे बहुत बुरा लगा और मैं आज भी उसके लिए माफी मांगता हूं।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कनाडा में सिख हेरिटेज प्रोग्राम में हंगामा, VIDEO:युवती बोली- मेरे बाल खींचे-थप्पड़ मारे, पुलिस बुलाओ; युवक गालियां देता दिखा

कनाडा में सिख हेरिटेज प्रोग्राम में हंगामा, VIDEO:युवती बोली- मेरे बाल खींचे-थप्पड़ मारे, पुलिस बुलाओ; युवक गालियां देता दिखा

कनाडा के ओंटारियो में सिख हेरिटेज मंथ के एक कार्यक्रम के अचानक हंगामा हो गया। कार्यक्रम में एक युवती के बाल खींचने और थप्पड़ मारने के आरोप लगे। यह कार्यक्रम सिख समुदाय के इतिहास और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। ओंटारियो के कविंज पार्क स्थित गुरुद्वारा में सिख समुदाय के लोग प्रांत की सरकार से मिलकर इस महीने को मनाने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान कई ओंटारियो इमिग्रेंट नॉमिनी प्रोग्राम (OINP) वर्कर्स प्रदर्शन करने लगे और कनाडा सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए। उनका कहना था कि उनके OINP अर्जियों के रिजेक्शन से वे काफी नाराज हैं और वे इस मुद्दे पर सरकार से जवाब चाहते थे। तभी सवाल पूछ रही युवती से मारपीट हो गई। हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। 1 मिनट 23 सेकेंड के वीडियो में क्या दिखा… युवती ने कनाडाई अधिकारियों से पूछे थे सवाल हालांकि, प्रदर्शन करने आए OINP वर्कर्स में से 6 लोगों को अंदर कार्यक्रम में जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन युवती के सवालों पर कुछ लोग भड़क गए और हाथापाई हो गई। इसके बाद कुछ समय बाद जब कनाडाई अधिकारी वहां से जाने लगे, तो कुछ लोगों ने दोबारा सवाल उठाने शुरू कर दिए और वीडियो बनाने लगे। ओंटारियो गुरुद्वारा कमेटी और OINP के बीच बहस इस दौरान ओंटारियो गुरुद्वारा कमेटी और OINP वर्कर्स के बीच बहस शुरू हो गई। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि पगड़ी पहने शख्स ने एक युवती को थप्पड़ मारा और उसके बाल खींचे हैं।

Ujjain Swami Harshanand Gir Foreign Funding Challenge: ₹1 Cr Defamation

Ujjain Swami Harshanand Gir Foreign Funding Challenge: ₹1 Cr Defamation

हर्षानंद गिरि (पहले हर्षा रिछारिया) ने वीडियो जारी कर संन्यास पर सवाल उठाने वाले संतों को जवाब दिया है। उज्जैन में संन्यास विवाद के बीच स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने नया वीडियो जारी कर संतों के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने फॉरेन फंडिंग के आरोपों को खारिज किया। . कहा कि एक भी आरोप सही साबित हुआ तो वह अपनी पूरी संपत्ति अर्पित कर देंगी। वहीं आरोप गलत साबित होने पर संबंधित पक्ष से ₹1 करोड़ मानहानि की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी बैंक डिटेल्स सार्वजनिक करने को तैयार हैं। दो दिन पहले संत समाज के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने उनके संन्यास पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बार-बार संन्यास लेने की प्रक्रिया सनातन परंपराओं का मजाक बना रही है और यह सब पब्लिसिटी के लिए हो सकता है। साथ ही विदेशी फंडिंग की संभावना भी जताई थी। हर्षा बोलीं- सेहत का ख्याल रखूं तो भी सवाल? हर्षानंद गिरि ने अपने पहनावे और लुक पर हो रही आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर वह चश्मा पहनती हैं, लेकिन इसे भी फैशन से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या वह अपनी सेहत का ख्याल भी दूसरों की सोच के हिसाब से रखें? उन्होंने कहा कि उनके आध्यात्मिक जीवन पर बिना जानकारी के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि वे 2019 से उत्तराखंड में रहकर गुरु के सानिध्य में कठिन परिस्थितियों में साधना कर रही थीं। एक महिला के संन्यास लेने पर ही विरोध क्यों हो रहा हर्षानंद गिरि ने कुछ संतों के पुराने विवादों का जिक्र करते हुए पूछा कि तब इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाया कि एक महिला के संन्यास लेने पर ही विरोध क्यों हो रहा है। साथ ही स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद को पहले संन्यासी घोषित नहीं किया था और यह बात मीडिया के जरिए कई बार कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। “नचनिया-कुदनिया” जैसे शब्दों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। अंत में उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के मार्ग पर चल रही हैं और सच्चा साधु ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार से दूर होता है। अब जानिए हर्षा के संन्यास लेने पर क्या कंट्रोवर्सी हो रही…? दरअसल, उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज है। महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती। प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो। यह संन्यास नहीं, परंपरा का अपमान महाराज अनिलानंद ने कहा- हर्षा रिछारिया पहले भी धार्मिक आयोजनों को लेकर विवादित रुख अपना चुकी हैं। ऐसे आचरण वाले व्यक्ति का संन्यास लेना संदेह पैदा करता है। संन्यास एक पवित्र और अनुशासित परंपरा है, जिसे कोई भी व्यक्ति अचानक नहीं अपना सकता। उन्होंने कहा- जो लोग पहले अलग जीवन जीते रहे, वे अचानक संन्यास लेकर सम्मान की अपेक्षा नहीं कर सकते। यह हमारे सनातन धर्म के लिए घोर अपमान की बात है। अखाड़ा परिषद से कार्रवाई की मांग मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद ने अखाड़ा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा- जो लोग सनातन धर्म को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने हर्षा रिछारिया को संन्यास दिलाने वाले महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दीक्षा दिलाने की जांच की मांग भी की। कहा कि संन्यास एक गहन और दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसे बचपन से साधना और अनुशासन के साथ अपनाया जाता है। संन्यास लेने वाले को वर्षों तक कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाए अनिलानंद महाराज ने चेतावनी देते हुए कहा कि उज्जैन में आगामी धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सनातन परंपरा से छेड़छाड़ की गई, तो कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इससे पहले स्वामी हर्षानंद गिरि ने संन्यास को अपने जीवन का नया अध्याय बताया था। उन्होंने कहा था कि गुरुदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने आध्यात्मिक जीवन का मार्ग चुना है और आगे धर्म, संस्कृति और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहेंगी। प्रयागराज महाकुंभ में संतों के साथ रथ पर बैठी थीं हर्षा 4 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली थी। उस वक्त 30 साल की मॉडल हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर बैठी नजर आई थीं। पेशवाई के दौरान हर्षा रिछारिया से पत्रकारों ने साध्वी बनने पर सवाल किया था। इस पर हर्षा ने कहा था- मैंने सुकून की तलाश में यह जीवन चुना है। मैंने वह सब छोड़ दिया, जो मुझे आकर्षित करता था। इसके बाद हर्षा सुर्खियों में आ गईं। मीडिया चैनल ने उन्हें ‘सुंदर साध्वी’ का नाम भी दे दिया। इस पर हर्षा फिर से मीडिया के सामने आईं। कहा- मैं साध्वी नहीं हूं। मैं केवल दीक्षा ग्रहण कर रही हूं। पिता बस कंडक्टर, मां बुटिक चलाती हैं हर्षा रिछारिया का परिवार उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। उनके पिता दिनेश रिछारिया बस कंडक्टर हैं, मां किरण बुटिक चलाती हैं। एक भाई कपिल है, जो प्राइवेट जॉब करता है। फिलहाल, पूरा परिवार भोपाल में रहता है। हर्षा स्टेज एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रही हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके अच्छे-खासे फॉलोअर्स हैं। वे सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़े वीडियो बनाती थीं। ग्रेजुएट हैं और अहमदाबाद से योग स्पेशल कोर्स कर रखा है। वे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं। ये खबरें भी पढ़ें… 1. महाकुंभ की वायरल साध्वी हर्षा के मेकअप पर सवाल सोशल मीडिया ट्रेंड से चर्चा में आईं महाकुंभ-24 की वायरल साध्वी हर्षा रिछारिया