Friday, 09 Oct 2026 | 08:52 PM

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Riya Ahir Bigg Boss Controversy

Riya Ahir Bigg Boss Controversy

14 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक NEET स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़े होकर वायरल हुईं रिया अहीर अब बिग बॉस-20 में एंट्री न मिलने के बाद चर्चा में हैं। रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘डू योर जॉब’ कहकर सवाल उठाया था। हालांकि, दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने मोदी के काम की तारीफ की और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। रिया खुद NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी बच्चों के भविष्य को अपना मुद्दा मानकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे समेत कई नेताओं से मुलाकात का जिक्र किया, लेकिन किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने से इनकार किया। वहीं, बिग बॉस-20 में जनता ने उन्हें लव गिल के मुकाबले नहीं चुना और रिया करीब 2 मिनट बाद ही शो से बाहर हो गईं। NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी पुलिस वैन के सामने खड़ी हुईं रिया अहीर को पहचान NEET स्टूडेंट्स के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान मिली। पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़े रहने का उनका वीडियो वायरल हुआ और वह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं। जब उनसे पूछा गया कि वह खुद NEET की उम्मीदवार नहीं हैं, फिर बच्चों के लिए इतना बड़ा रिस्क क्यों लिया, तो रिया ने कहा कि उनकी परवरिश ऐसी हुई है कि कोई मुद्दा उन्हें व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित न भी करे, लेकिन एक नागरिक के तौर पर वह उसे महत्वपूर्ण मानती हैं तो आवाज उठाती हैं। उनका कहना था कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी अब तक काफी प्रिविलेज्ड रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरों का दर्द नहीं समझ सकतीं। ‘कैमरा नहीं होता, तब भी पुलिस वैन के सामने खड़ी रहती’ रिया से पूछा गया कि अगर उस दिन कैमरा या मीडिया मौजूद नहीं होती, तो क्या वह पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़ी रहतीं? उन्होंने जवाब दिया कि वह 21 तारीख को भी प्रदर्शन में गई थीं, जब वहां कोई कैमरा या रिपोर्टर मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक उस दिन शिवाजी पार्क में पुलिस वैन खड़ी थी, जिसमें बच्चे और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। रिया ने कहा कि उन्होंने पहले ही वकीलों के नंबर निकालकर रखे थे, क्योंकि उन्हें पुलिस कार्रवाई की आशंका थी। उनके मुताबिक 21 तारीख को वहां सिर्फ वह और उनका फोन था। CJP मूवमेंट से कनेक्शन पर रिया ने क्या कहा? प्रदर्शन के बाद रिया को CJP मूवमेंट से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, उन्होंने इंटरव्यू में साफ कहा कि उनका CJP से कोई व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं है। रिया के मुताबिक वह 21 और 22 तारीख को स्वतंत्र तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि ये किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक संगठन से निजी संबंध नहीं है और उन्होंने CJP से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की कोई व्यक्तिगत बातचीत भी नहीं की। राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे से हुई मुलाकात प्रदर्शन के दौरान रिया की मुलाकात कई राजनीतिक नेताओं से हुई। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले, राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव समेत कई नेताओं का जिक्र किया। जब उनसे पूछा गया कि इन नेताओं में उन्हें सबसे जेन्युइन कौन लगा और किसमें उन्हें सबसे ज्यादा पॉलिटिशियन नजर आया, तो रिया ने कहा कि उनके अनुभव में कोई भी उन्हें पॉलिटिशियन जैसा नहीं लगा। रिया के मुताबिक इन मुलाकातों के दौरान किसी ने भी उनसे अपनी पार्टी का नाम लेकर बात नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया और कहा कि वहां बच्चों और युवाओं की बात हुई, पार्टी की नहीं। PM मोदी से कहा था- ‘डू योर जॉब’ रिया का सबसे चर्चित बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर था। उन्होंने मोदी से ‘जस्ट डू योर जॉब’ कहकर सवाल किया था। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर मोदी उनके सामने बैठकर पूछें कि उन्होंने अपना जॉब कहां फेल किया, तो वह क्या जवाब देंगी, रिया ने मोदी की आलोचना के बजाय उनके काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की भागदौड़ संभालना आसान काम नहीं है। रिया ने मोदी को अनुभवी बताया और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। उन्होंने कहा कि मोदी ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिनसे लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने देश में हुए अच्छे कामों और स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए कहा कि जहां क्रेडिट देना चाहिए, वहां वह क्रेडिट देंगी। महिलाओं पर बर्बरता हुई तो उस पर भी बात होनी चाहिए’ मोदी की तारीफ के तुरंत बाद रिया ने प्रदर्शन के बाद के हालात पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद महिलाओं को गालियां दी गईं और अगर बर्बरता हुई है तो उस पर भी बात होनी चाहिए। रिया ने एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी के काम का क्रेडिट देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के बाद महिलाओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल भी उठाया। ‘राहुल गांधी PM होते, तब भी उनके खिलाफ खड़ी होती’ रिया से पूछा गया कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते और उनके कार्यकाल में भी पेपर लीक या पुलिस एक्शन जैसी स्थिति बनती, तो क्या वह उनके खिलाफ भी उसी तरह आवाज उठातीं? रिया ने जवाब दिया- ‘एब्सोल्यूटली, 100 परसेंट।’ उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़कर अपनी पहचान नहीं बनाना चाहतीं। उनके मुताबिक एक नागरिक को अपने देश के लिए आवाज उठाने के लिए किसी पार्टी का हिस्सा होना जरूरी नहीं है। रिया ने कहा कि वह खुद को लेफ्टिस्ट या राइटिस्ट की पहचान में बांधना नहीं चाहतीं और उनका मुद्दा किसी पार्टी से ज्यादा देश और उसके नागरिकों से जुड़ा है। दूसरी सरकारों के खिलाफ भी आवाज उठाने का दावा जब रिया से पूछा गया कि पेपर लीक के मामले सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों तक सीमित नहीं हैं और कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, तो क्या उन्होंने वहां की सरकारों के खिलाफ भी इसी तरह आवाज उठाई? उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दूसरी सरकारों और दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े मामलों पर भी अपनी आवाज उठाई है। Gen-Z की आवाज

Riya Ahir Bigg Boss Controversy

Riya Ahir Bigg Boss Controversy

1 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक NEET स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़े होकर वायरल हुईं रिया अहीर अब बिग बॉस-20 में एंट्री न मिलने के बाद चर्चा में हैं। रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘डू योर जॉब’ कहकर सवाल उठाया था। हालांकि, दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने मोदी के काम की तारीफ की और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। रिया खुद NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी बच्चों के भविष्य को अपना मुद्दा मानकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे समेत कई नेताओं से मुलाकात का जिक्र किया, लेकिन किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने से इनकार किया। वहीं, बिग बॉस-20 में जनता ने उन्हें लव गिल के मुकाबले नहीं चुना और रिया करीब 2 मिनट बाद ही शो से बाहर हो गईं। NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी पुलिस वैन के सामने खड़ी हुईं रिया अहीर को पहचान NEET स्टूडेंट्स के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान मिली। पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़े रहने का उनका वीडियो वायरल हुआ और वह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं। जब उनसे पूछा गया कि वह खुद NEET की उम्मीदवार नहीं हैं, फिर बच्चों के लिए इतना बड़ा रिस्क क्यों लिया, तो रिया ने कहा कि उनकी परवरिश ऐसी हुई है कि कोई मुद्दा उन्हें व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित न भी करे, लेकिन एक नागरिक के तौर पर वह उसे महत्वपूर्ण मानती हैं तो आवाज उठाती हैं। उनका कहना था कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी अब तक काफी प्रिविलेज्ड रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरों का दर्द नहीं समझ सकतीं। ‘कैमरा नहीं होता, तब भी पुलिस वैन के सामने खड़ी रहती’ रिया से पूछा गया कि अगर उस दिन कैमरा या मीडिया मौजूद नहीं होती, तो क्या वह पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़ी रहतीं? उन्होंने जवाब दिया कि वह 21 तारीख को भी प्रदर्शन में गई थीं, जब वहां कोई कैमरा या रिपोर्टर मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक उस दिन शिवाजी पार्क में पुलिस वैन खड़ी थी, जिसमें बच्चे और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। रिया ने कहा कि उन्होंने पहले ही वकीलों के नंबर निकालकर रखे थे, क्योंकि उन्हें पुलिस कार्रवाई की आशंका थी। उनके मुताबिक 21 तारीख को वहां सिर्फ वह और उनका फोन था। CJP मूवमेंट से कनेक्शन पर रिया ने क्या कहा? प्रदर्शन के बाद रिया को CJP मूवमेंट से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, उन्होंने इंटरव्यू में साफ कहा कि उनका CJP से कोई व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं है। रिया के मुताबिक वह 21 और 22 तारीख को स्वतंत्र तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि ये किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक संगठन से निजी संबंध नहीं है और उन्होंने CJP से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की कोई व्यक्तिगत बातचीत भी नहीं की। राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे से हुई मुलाकात प्रदर्शन के दौरान रिया की मुलाकात कई राजनीतिक नेताओं से हुई। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले, राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव समेत कई नेताओं का जिक्र किया। जब उनसे पूछा गया कि इन नेताओं में उन्हें सबसे जेन्युइन कौन लगा और किसमें उन्हें सबसे ज्यादा पॉलिटिशियन नजर आया, तो रिया ने कहा कि उनके अनुभव में कोई भी उन्हें पॉलिटिशियन जैसा नहीं लगा। रिया के मुताबिक इन मुलाकातों के दौरान किसी ने भी उनसे अपनी पार्टी का नाम लेकर बात नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया और कहा कि वहां बच्चों और युवाओं की बात हुई, पार्टी की नहीं। PM मोदी से कहा था- ‘डू योर जॉब’ रिया का सबसे चर्चित बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर था। उन्होंने मोदी से ‘जस्ट डू योर जॉब’ कहकर सवाल किया था। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर मोदी उनके सामने बैठकर पूछें कि उन्होंने अपना जॉब कहां फेल किया, तो वह क्या जवाब देंगी, रिया ने मोदी की आलोचना के बजाय उनके काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की भागदौड़ संभालना आसान काम नहीं है। रिया ने मोदी को अनुभवी बताया और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। उन्होंने कहा कि मोदी ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिनसे लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने देश में हुए अच्छे कामों और स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए कहा कि जहां क्रेडिट देना चाहिए, वहां वह क्रेडिट देंगी। महिलाओं पर बर्बरता हुई तो उस पर भी बात होनी चाहिए’ मोदी की तारीफ के तुरंत बाद रिया ने प्रदर्शन के बाद के हालात पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद महिलाओं को गालियां दी गईं और अगर बर्बरता हुई है तो उस पर भी बात होनी चाहिए। रिया ने एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी के काम का क्रेडिट देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के बाद महिलाओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल भी उठाया। ‘राहुल गांधी PM होते, तब भी उनके खिलाफ खड़ी होती’ रिया से पूछा गया कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते और उनके कार्यकाल में भी पेपर लीक या पुलिस एक्शन जैसी स्थिति बनती, तो क्या वह उनके खिलाफ भी उसी तरह आवाज उठातीं? रिया ने जवाब दिया- ‘एब्सोल्यूटली, 100 परसेंट।’ उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़कर अपनी पहचान नहीं बनाना चाहतीं। उनके मुताबिक एक नागरिक को अपने देश के लिए आवाज उठाने के लिए किसी पार्टी का हिस्सा होना जरूरी नहीं है। रिया ने कहा कि वह खुद को लेफ्टिस्ट या राइटिस्ट की पहचान में बांधना नहीं चाहतीं और उनका मुद्दा किसी पार्टी से ज्यादा देश और उसके नागरिकों से जुड़ा है। दूसरी सरकारों के खिलाफ भी आवाज उठाने का दावा जब रिया से पूछा गया कि पेपर लीक के मामले सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों तक सीमित नहीं हैं और कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, तो क्या उन्होंने वहां की सरकारों के खिलाफ भी इसी तरह आवाज उठाई? उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दूसरी सरकारों और दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े मामलों पर भी अपनी आवाज उठाई है। Gen-Z की आवाज

Pakistan AI Video Controversy | Claims Against Indian Airbase & S-400

Pakistan AI Video Controversy | Claims Against Indian Airbase & S-400

इस्लामाबाद1 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तानी सेना ने यह AI से बना वीडियो शेयर किया, जिसमें मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष के दौरान भारतीय संसद पर हमला होने का दावा किया गया। पाकिस्तानी सेना ने मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में भारत की संसद पर हमला होते हुए दिखाया गया है। साथ ही, इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत के 32 एयरफोर्स बेस पर हमला किया, 8 भारतीय विमान गिराए और 2 S-400 एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट किए।वीडियो में ज्यादातर घटनाओं को AI, ग्राफिक्स और एनीमेशन के जरिए दिखाया गया है वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इसका मजाक बनने लगा। एक यूजर्स ने कहा कि वे हकीकत में नहीं जीत पाए तो AI का सहारा लेना पड़ा। वहीं दूसरे ने सवाल किया कि अगर इतनी बड़ी जीत हुई है तो सैटेलाइट तस्वीरें कहां हैं, क्यों सिर्फ ग्राफिक्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है। 32 एयरबेस पर हमले का सबूत नहीं पाकिस्तान ने 32 भारतीय एयरबेस को निशाना बनाने का दावा तो किया है, लेकिन वीडियो में इसके समर्थन में सैटेलाइट तस्वीरें या हमले के पहले और बाद की तस्वीरें नहीं दिखाई गई हैं। रनवे के नुकसान या नष्ट हुए हैंगर की ऐसी तस्वीरें भी नहीं हैं। इसके उलट, मई 2025 में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हुए भारतीय हमलों के बाद सैटेलाइट तस्वीरों से नुकसान की पुष्टि हुई थी। वॉशिंगटन पोस्ट ने 2 दर्जन से ज्यादा सैटेलाइट तस्वीरों और हमले के बाद के वीडियो का विश्लेषण किया था। इसमें पाकिस्तान के कम से कम 6 एयरफील्ड पर नुकसान मिला था। इनमें 3 बड़े हैंगर, 2 रनवे और पाकिस्तान एयरफोर्स की 2 मोबाइल इमारतों को नुकसान शामिल था। नूर खान, भोलारी, शाहबाज, सुक्कुर और मुशफ जैसे ठिकानों पर भी नुकसान दिखाई दिया था। भोलारी में एक एयरक्राफ्ट हैंगर में बड़ा छेद मिला था, जबकि शाहबाज में हैंगर और कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा था। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट करने का पुराना दावा दोहराया पाकिस्तान एयरफोर्स ने नए वीडियो में भारत के 2 S-400 एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट करने का दावा भी दोहराया है। मई 2025 के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत का एक S-400 सिस्टम नष्ट कर दिया है। भारत ने इसे खारिज किया था। PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने S-400 को नुकसान पहुंचने या नष्ट होने की खबरों को बेबुनियाद बताया था। रक्षा मंत्रालय ने भी पाकिस्तान पर S-400 और भारतीय एयरफील्ड को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया था। इसके कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन का दौरा किया था। वहां S-400 सिस्टम के सामने उनकी तस्वीरें जारी की गई थीं। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

20 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत 12-13 सितंबर को BRICS समिट की मेजबानी करने जा रहा है। समिट में कई देशों के नेता दिल्ली पहुंचेंगे। लेकिन पड़ोसी देश बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के के आने पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को खास मेहमान के तौर पर समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों में शेख हसीना का मुद्दा बड़ी अड़चन बना हुआ है। भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए भी न्योता दिया था। इसके जवाब में ढाका ने शर्त रखी कि पहले भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजा जाए। तारिक की अगस्त में भारत यात्रा टली थी प्रधानमंत्री तारिक रहमान इससे पहले अगस्त में भारत दौरे पर आने वाले थे। लेकिन ढाका की शर्त थी कि भारत शेख हसीना को वापस भेजे। इसके बाद ही पीएम के भारत दौरे की तैयारियां आगे बढ़ेंगी। बांग्लादेशी अधिकारियों के मुताबिक, भारत की ओर से इस मुद्दे पर कुछ अच्छे संकेत मिले थे। लेकिन ढाका चाहता था कि भारत का रुख और स्पष्ट हो। तारिक के अगस्त के तीसरे हफ्ते में भारत आने की खबरें आई थीं। लेकिन स्पष्ट जवाब न मिलने की वजह से यह यात्रा टल गई थी। बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं। उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने के लिए मौत की सजा दी है। बाकी मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। ICT ने उन्हें 5 मामलों में आरोपी बनाया था। ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया था। इसी के चलते बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। इस पर भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के अनुरोध की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा कर रहा है। हसीना की दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तनाव बढ़ा दरअसल 5 अगस्त को शेख हसीना ने दिल्ली में वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और बांग्लादेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। इस पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। ढाका का कहना था कि भारत में रहते हुए हसीना का सार्वजनिक रूप से राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में भारत को पहले आगाह किया गया था लेकिन फिर भी भारत ने उन्हें यह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति दी। गौरतलब है कि भारत ने शेख हसीना का प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार कर दिया था। भारत ने कहा था कि उनका कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। BRICS क्या है? BRICS 11 प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक समूह है। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें शुरुआत में 4 देश थे, जिसे BRIC कहा जाता था। यह नाम 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने दिया था। भारत 2026 में BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। —————- यह खबर भी पढे़ं… जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत 12-13 सितंबर को BRICS समिट की मेजबानी करने जा रहा है। समिट में कई देशों के नेता दिल्ली पहुंचेंगे। लेकिन पड़ोसी देश बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के के आने पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को खास मेहमान के तौर पर समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों में शेख हसीना का मुद्दा बड़ी अड़चन बना हुआ है। भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए भी न्योता दिया था। इसके जवाब में ढाका ने शर्त रखी कि पहले भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजा जाए। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने मजाकिया अंदाज में ऐसा करने से मना कर दिया। संजय दत्त और प्रताप सरनाईक मंच पर खड़े थे तभी मंत्री ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” रैली में संजय दत्त को शख्स ने दिया धक्का, एक्टर ने हाथ पकड़कर खींचा मंच पर कुछ समय रहने के बाद संजय दत्त अपनी टीम के साथ रवाना होने लगे। वह उतर रहे थे, तभी एक शख्स तेजी से उन्हें धक्का देते हुए पास से गुजरा। संजय दत्त ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और उस शख्स का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। जैसे ही शख्स ने देखा कि वह संजय दत्त हैं, उसने तुरंत माफी मांग ली। मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

Amritsar Woman England Conversion Controversy

Amritsar Woman England Conversion Controversy

कमलप्रीत कौर के ससुराल वाले शादी की फोटो दिखाते हुए। अमृतसर की रहने वाली कमलप्रीत कौर के धर्म परिवर्तन के मामले में नया खुलासा हुआ है। वह पहले से शादीशुदा थी। अब ससुरालों ने अपनी बहू पर बेटे को धोखा देने के आरोप लगाए हैं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने करीब 2 साल पहले कमलप्रीत को पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेज . ससुराल वालों ने कहा कि इसके बाद 11 फरवरी को बेटा भी टूरिस्ट वीजा पर इंग्लैंड पहुंचा। वहां पहुंचने के कुछ दिनों बाद बेटे को बहू के व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा। छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों में विवाद होने लगा। इसके बाद बेटे को तब शक हुआ जब उसने कमलप्रीत से फोन मांगा, लेकिन उसने फोन देने से इनकार कर दिया। इस बात को लेकर बेटे ने अपने ससुर से बातचीत की। ससुर ने भी अकड़ते हुए उससे कहा कि तू कौन होता है फोन मांगने वाला? उसके फोन में उसकी निजी चीजें हैं। इसके बाद शक और बढ़ गया। बेटे ने छिपकर करीब 7 दिन तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी, तो एक रात करीब 11 बजे कमलप्रीत एक मुस्लिम युवक के साथ दिखाई दी, जिसका बेटे ने वीडियो बनाया और उसे मौके पर पकड़ लिया था। पढ़ें पूरी रिपोर्ट… कमलप्रीत की नवप्रीत सिंह के साथ साल 2023 में शादी हुई थी। इसके बाद 2024 में कमलप्रीत इंग्लैंड चली गई थी। कमलप्रीत की सास ने ये बातें बताई… 2024 में पढ़ाई के लिए बहू को इंग्लैंड भेजा: लड़के की मां ने कहा कि कमलप्रीत की हमारे बेटे नवप्रीत सिंह से साल 2023 में शादी हुई थी। इसके इसके बाद साल 2024 में उन्होंने पढ़ाई के लिए खुशी-खुशी अपनी बहू को इंग्लैंड भेजा था। उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर हालात इस तरह बदल जाएंगे। कुछ दिनों बाद बेटा भी इंग्लैंड गया: मां ने कहा कि, कमलप्रीत के इंग्लैंड जाने के बाद उनका बेटा नवप्रीत सिंह भी उसके पीछे विदेश गया। 11 फरवरी 2026 को नवप्रीत टूरिस्ट वीजा पर इंग्लैंड पहुंचा। वहां पहुंचने के कुछ दिनों में ही उसे शक होने लगा कि कुछ गड़बड़ है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद करती बहू: ने कहा कि पहले दिन कमलप्रीत का व्यवहार बिल्कुल सामान्य था, लेकिन अगले कुछ दिनों में व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई देने लगा। जिस लड़की ने पहले कभी ‘जी’ के अलावा बात नहीं की थी, वह छोटी-छोटी बातों पर टोका-टोकी करने लगी। यहां तक कि फ्रिज खोलने जैसी मामूली बात को लेकर भी विवाद शुरू हो गया। बेटे ने पहले बताया नहीं था: मां ने बताया कि मैं पहले से ही बीमार थी। इसलिए शुरुआत में बेटा कई बातें परिवार से छिपाता रहा। बाद में जब धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्यों को इन बातों का पता चला तो उन्होंने करीब 4 महीने पहले पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं निकल पाया। झाड़ियों में छिपकर बहू पर नजर रखी: मां के मुताबिक, बेटे को उस समय शक हुआ जब कमलप्रीत से फोन मांगा, लेकिन उसने फोन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद बेटे का शक और गहरा गया। उसने करीब सात दिनों तक उस पर नजर रखी और घर के पास झाड़ियों में छिपकर उसकी गतिविधियों पर निगाह रखी। रात में मुस्लिम युवक संग घूमती मिली: मां ने कहा कि एक दिन रात करीब 11 बजे वह एक मुस्लिम युवक के साथ घूमती हुई दिखाई दी, जिसके बाद बेटे ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद धीरे-धीरे परिवार के सामने पूरी तस्वीर साफ होती चली गई और कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे परिवार को पहले जानकारी नहीं थी। कमलप्रीत के पति ने इंग्लैंड में उसे रात के समय मुस्लिम युवक के साथ घूमते हुए पकड़ लिया था। कमलप्रीत कैसे बनी आइरा…4 पॉइंट मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आई: कमलप्रीत कौर लंदन में करीब 6 महीने पहले ड्राइविंग सीखने के दौरान वह पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आई, जिसने उसका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन करवा दिया। आरोपी पहले कर चुका दो शादियां: परिवार का आरोप है कि आरोपी पहले से दो शादियां कर चुका है। उसने कमलप्रीत का नाम बदलकर आइरा रख दिया और उसे परिवार से दूर कर दिया। पिछले एक महीने से वह माता-पिता के फोन भी नहीं उठा रही थी। पहले धार्मिक थी कमलप्रीत: पिता के मुताबिक, उनकी बेटी पहले नियमित रूप से पाठ और सेवा करती थी। परिवार को आशंका है कि उसके साथ गलत हो सकता है और वह किसी खतरे में हो सकती है। बेटी को सुरक्षित वापस लाने की मांग: परिवार ने केंद्र सरकार, ब्रिटेन की सिख संस्थाओं और गुरुद्वारा कमेटियों से मदद की अपील की है। उनकी मांग है कि कमलप्रीत को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया जाए। ******************** ये खबर भी पढ़ें: सिख युवती को ग्रूम कर बनाया मुस्लिम: 2 साल पहले गई लंदन, ड्राइविंग सीखते संपर्क में आई; 2 बीवियों के पति से की शादी अमृतसर की रहने वाली सिख युवती को ग्रूम कर मुस्लिम बना दिया गया। वह करीब 2 साल पहले पढ़ाई के लिए गई लंदन गई थी। अब वह पिछले 1 महीने से अपने माता-पिता को फोन नहीं कर रही थी। जब परिवार को शक हुआ तो सिख कम्युनिटी के लोगों से संपर्क किया। (पढ़ें पूरी खबर)

Kangana Ranaut Manali Janmashtami Bhog Controversy

Kangana Ranaut Manali Janmashtami Bhog Controversy

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने जन्माष्टमी पर मनाली स्थित अपने घर में भोग तैयार करने का वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद उनके वीडियो को शेयर करते हुए एक X यूजर ने सवाल उठाया था कि खाना बनाते समय उन्होंने गैस चलाई भी थी या नहीं। यूजर ने कहा कि कंगना जिस बर्तन का इस्तेमाल कर रही थीं, वह पहले से काला था। जिसके बाद कंगना ने इस टिप्पणी का जवाब दिया। कंगना ने लिखा, “यह हलवा नहीं, भोग है। इस डिश की कई चीजें अलग-अलग तैयार की जाती हैं। इसके बाद इस स्टेज पर सभी चीजों को मिलाया जाता है। फिर इसे जमने के लिए रखा जाता है और टुकड़ों में काटा जाता है।” कंगना रनोट का कमेंट। इसके बाद कंगना ने कहा, “उन लोगों से खाना बनाने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने माता-पिता और इस धरती पर बोझ हैं। तुम सिर्फ खाने पर ध्यान दो, खाना बनाने की चिंता मत करो।” कंगना अक्सर त्योहारों और खास मौकों पर अपने घर की जिंदगी की झलक शेयर करती हैं। जन्माष्टमी पर उन्होंने अपने फॉलोअर्स को मनाली स्थित घर में हुए जश्न और भोग तैयार करने की झलक दिखाई थी। कंगना ने अधिकारियों को डांट लगाई कल कंगना रनोट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को डांट लगाई थी। हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर कहा था कि यह एक मजाक बनकर रह गया है। उन्होंने बैठक में सभी BDO को खड़ा कर कहा कि मैं नेशनल मीडिया में इस बारे में कुछ बोल नहीं पा रही हूं। लोग रील बना रहे हैं। मुझे निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने कहा- सांसद का काम फंड देना है, उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा। इन्हें लागू करना जरूरी है। 11 करोड़ रुपए में से अभी आधी राशि का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। आप लोग यहां केवल सैलरी उठाने आ जाते हैं। हिमाचल के मंडी में कमेटी की मीटिंग लेती हुई सांसद कंगना। पढ़िए बैठक में और क्या बोलीं कंगना… हमने अब तक क्या किया, टाइम वेस्ट क्यों कंगना ने कहा, ‘मीटिंग में जो भी बातें होती हैं, उन पर हमने अब तक क्या किया है। उसकी प्रोग्रेस भी होनी चाहिए। क्यों टाइम वेस्ट किया जा रहा है? कोई फॉर्मेलिटी है क्या ये? पिछली बार जो कहा था, इस बार भी वही कह रहे हैं। मैं ये पैटर्न हर चीज में, हर डिपार्टमेंट में देख रही हूं। पिछली बार मैंने कहा था आप लोगों से कि जो हम बात करते हैं, वो आगे बढ़नी चाहिए। हम वहीं रुककर नहीं रह सकते।’ इसे लागू कर रहे या सिर्फ सजेशन दे रहे कंगना ने कहा- ऐसा लगता है कि हम संकट की ओर जा रहे हैं। आप लोगों को किसी भी विषय पर मेरा सजेशन चाहिए? आपको इसे लागू करना होगा, ताकि हम अगले चरण पर जा सकें और यह देख सकें कि इसे लागू करने के बाद हमारे सामने क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। क्या हम सिर्फ सजेशन दे रहे हैं, जिनमें केवल आइडिया हैं और कोई प्रैक्टिकेलिटी और ग्राउंड नहीं है? हम ये कैसे एक्सेप्ट करेंगे? हम ये कैसे पता लगाएंगे, जब तक हम अगले चरण पर नहीं बढ़ते। मंडी की सांसद कंगना रनोट जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक करते हुए। पूरे देश की नजर मंडी पर, सभी BDO खड़े हो जाएं कंगना ने कहा- पूरे देश की नजर मंडी पार्लियामेंट की परफॉर्मेंस पर है। हमें इतनी मीडिया रिपोर्ट आती हैं। ये सारे डिपार्टमेंट में जो घोटाला चलता है, एक के बाद एक…यह स्वीकार्य नहीं है। पूरे देश में हम मजाक बनकर रह गए हैं। बीडीओ कौन-कौन है? सभी खड़े हो जाएं। जो भी एमपी लैड की पुअर परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार है, सभी खड़े हो। मुझे निठल्ली कह रहे, क्या जवाब दूं कंगना ने कहा- सारे देश में ये खबर चल रही है कि कंगना ने 11 करोड़ दिए हैं और काम एक भी नहीं हुआ। इतनी निठल्ली है, इतनी निकृष्ट है। क्या बोलूं मैं वहां मीडिया के सामने कि यहां पर ये सिर्फ तनख्वाह खाने के लिए आते हैं? हमारे प्रदेश के लोगों के बारे में क्या बोलूं मैं? पिछले महीने कंगना और रामदेव का विवाद चर्चा में रहा पिछले महीने कंगना रनोट और गुरु बाबा रामदेव के बीच का विवाद भी चर्चा में रहा था। दोनों के बीच बयानबाजी हुई थी और दोनों ने एक-दूसरे पर निजी टिप्पणियां भी कीं। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच सुलह हो गई। विवाद की शुरुआत कंगना के एक बयान से हुई थी। दरअसल, नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान युवाओं की भाषा और जीवनशैली को लेकर कंगना ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। कंगना के इस बयान पर बाबा रामदेव से न्यूज चैनल टीवी 9 भारतवर्ष को दिए इंटरव्यू में सवाल किया गया। जिस पर रामदेव ने कंगना के बयान की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटर’ कहना गलत है। उन्होंने इसे बिगड़े दिमाग की निशानी बताया। इसके साथ ही रामदेव ने कंगना के बचपन और जवानी का भी जिक्र किया। उनके इस बयान से विवाद और बढ़ गया। बाबा रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। कंगना ने लिखा कि उन्हें उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में दिन में सपने नहीं देखने चाहिए। कंगना ने इस दौरान पतंजलि से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों और दवाओं से जुड़े दावों पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया था। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर