Vishal Dadlani Indian Idol Statement

11 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Vishal Dadlani Indian Idol Statement

46 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सुनंदा शर्मा के नए सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:1.8M व्यूज के बाद यूट्यूब से हटाया; सिंगर बोलीं- फेक डॉक्यूमेंट्स पर कॉपीराइट का दावा किया

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया लुक या शो नहीं, बल्कि उनके नए गाने को लेकर खड़ा हुआ एक बड़ा विवाद है। अपने खुद के म्यूजिक लेबल पर काम कर रहीं सुनंदा शर्मा को तब बड़ा झटका लगा, जब उनका हाल ही में रिलीज हुआ नया गाना ‘जोगी’ (Jogi) अचानक यूट्यूब से गायब हो गया। कॉपीराइट और फर्जी दस्तावेजों के एक आपसी विवाद के चलते यूट्यूब ने इस गाने को 26 मई से फिलहाल के लिए अपने प्लेटफॉर्म से होल्ड (हटा) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के साथ पूरा सच साझा किया है। सुनंदा शर्मा ने फैंस को आगाह किया है कि जब भी कोई बिजनेस डील करो तो कागजी कार्रवाई पूरी करो ताकि कोई आपके रास्ते न रोक सके। सुनंदा ने कहा कि उसका नया गीत जोगी फेक डॉक्यूमेंट के जरिए यू-ट्यूब से हटा दिया गया है। उन्होंने अपने फेंस को आश्वस्त किया है कि जल्दी ही जोगी यू-ट्यूब पर सुनने को मिलेगा। सुनंदा शर्मा के बयान की 4 अहम बातें जानिए… 5 दिन में 1.8M व्यूज आ चुके थे सुनंदा शर्मा ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 21 मई को अपना नया सिंगल ‘जोगी’ रिलीज किया और पांच दिन बाद यानि 26 मई को यूट्यूब से हटा दिया। इस गाने को ‘राजा’ ने लिखा था और इसका म्यूजिक ‘एडन’ ने तैयार किया था। गाना रिलीज होते ही तेजी से व्यूज बटोर रहा था। सुनंदा का दावा है कि गाना 1.8M व्यूज बटोर चुका था। लेखक राजा के पुराने प्रमोटर्स ने गाने पर अपना मालिकाना हक जताते हुए यूट्यूब के पास कुछ दस्तावेज सबमिट कर दिए। सुनंदा शर्मा की टीम का दावा है कि ये दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। हालांकि, यूट्यूब ने अपनी पॉलिसी के तहत किसी भी विवादित स्थिति से बचने के लिए गाने को अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। अब सुनंदा की लीगल टीम इस कॉपीराइट स्ट्राइक को हटवाने के प्रयास में जुटी है। सुनंदा बोलीं- सिर्फ यही सॉन्ग हटा, बाकी सब मौजूद सुनंदा शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ रही थी कि सुनंदा शर्मा के कई पुराने गाने भी यूट्यूब से हटा दिए गए हैं। सुनंदा शर्मा ने कहा कि इस विवाद के चलते फिलहाल उनका केवल एक ही नया गाना ‘जोगी’ यूट्यूब से प्रभावित हुआ है। इससे ठीक पहले रिलीज हुआ उनका सुपरहिट गाना ‘दिलबर’ उनके चैनल पर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे इस विवाद से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।्यरह गाना किसी बाहरी बड़ी म्यूजिक कंपनी के चैनल से नहीं, बल्कि खुद सुनंदा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से हटाया गया है, क्योंकि अब वह किसी और कंपनी के बजाय अपने खुद के होम लेबल के तहत गाने रिलीज कर रही हैं। सुनंदा शर्मा के ऑल-टाइम हिट गाने यदि आप सुनंदा शर्मा के गानों के शौकीन हैं, तो उनके कई गानों ने यूट्यूब और रील्स पर करोड़ों व्यूज बटोरे हैं। उनका सबसे पहला सुपरहिट गाना ‘बिल्ली अख’ था, जिसने उन्हें पंजाब के घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उनका गाना ‘पटाके’ (जानी तेरा ना) रिलीज हुआ, जिसने लड़कियों के बीच सुनंदा को एक यूथ आइकॉन बना दिया और इसके बोल आज भी शादियों में गूंजते हैं। फैमिली ऑडियंस के बीच उनके गाने ‘सैंडल’ को बहुत ज्यादा पसंद किया गया, जो एक हल्के-फुल्के पारिवारिक मिजाज का गाना था। वहीं उनका एक और बड़ा ब्लॉकबस्टर गाना ‘मम्मी नू पसंद’ रहा, जो इतना पॉपुलर हुआ कि बाद में इसे बॉलीवुड फिल्म ‘जय मम्मी दी’ में भी रीमेक किया गया। सुनंदा ने केवल डांस नंबर ही नहीं गाए, बल्कि जानी और बी प्राक के साथ मिलकर बनाया गया उनका गाना ‘दूजी वार प्यार’ एक बेहद इमोशनल और सैड सॉन्ग था, जिसने सुनंदा की गायकी की वर्सटैलिटी को साबित किया। इसके बाद उनके खुद के नए ऑफिशियल लेबल का पहला गाना ‘दिलबर’ आया, जिसे भी दर्शकों ने खूब सराहा।
Khan Saab Controversy: Sikh Comment Sparks Outrage

खान साब ने धुरंधर-2 फिल्म में गाना गाया है। – फाइल फोटो धुरंधर: द रिवेंज जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म में गाना गाने वाले पंजाबी सिंगर खान साब पर सिख धर्म, गुरुओं और शहीदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं। साथ ही उन पर एक युवक के धर्म परिवर्तन की कोशिश करने का भी आरोप है। . एक पॉडकास्ट में व्यक्ति दावा कर रहा है कि एक बातचीत के दौरान सिंगर खान साब ने उससे कहा था- सिखों के जितने भी शहीद हुए हैं न, वे हमारे बंदों ने किए हैं। इस मामले में बुड्ढा दल के निहंग मान सिंह ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एक वीडियो जारी कर सिंगर को खुली चेतावनी दी है। निहंग ने कहा है कि खान साब जल्द से जल्द सामने आकर इस पूरे मामले पर अपना स्पष्टीकरण दें। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया और माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाएगी। वहीं, सिंगर खान साब का कहना है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दावा कर रहा है, वह तो सिख भी नहीं है। यूट्यूब पर अपलोड किए गए पॉडकास्ट में हरनूर सिंह कूनर नाम के व्यक्ति ने खान साब पर आरोप लगाए हैं। पॉडकास्ट से शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद एक हालिया इंटरव्यू/पॉडकास्ट के बाद शुरू हुआ है। यूट्यूब चैनल द संघा शो पर शुक्रवार को अपलोड किए गए एक पॉडकास्ट में हरनूर सिंह कूनर ने खान साब के साथ बातचीत को लेकर खुलासा किया। हरनूर सिंह खुद को सिंगर बताते हैं। हरनूर के इंट्रोडक्शन में पॉडकास्ट होस्ट ने वीडियो में बताया है कि वह रागी सिंहों के परिवार से हैं। टीवी चैनल जी टीवी पर प्रसारित होने वाले सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा राइजिंग सुपरस्टार में वह प्रतिभागी के रूप में हिस्सा ले चुके हैं। वीडियो में कुछ फोटो भी दिखाए, जिनमें हरनूर सिंह ने होस्ट सलमान खान को कंधे पर उठाए रखा है। इसी पॉडकास्ट में हरनूर सिंह कूनर कहते हैं- मैं झूठ नहीं बोलता। जब मैंने खान साब के सामने शहीद बाबा तारू सिंह जी का जिक्र किया तो खान साब ने कहा कि तुम्हारे जितने भी शहीद हुए हैं न, वे हमारे बंदों ने किए हैं। मैंने कहा कि यार यह क्या बात हुई? पॉडकास्ट में यह फोटो दिखाया गया, जिसमें हरनूर सिंह सलमान खान को कंधे पर उठाए दिख रहे हैं। क्लिप वायरल होने पर निहंग भड़के इस बयान की क्लिप सामने आने के बाद सिख समुदाय में रोष पैदा हुआ। इस पर लुधियाना के निहंग मान सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के धर्म और शहीदों पर इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी नहीं कर सकता। इससे सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। निहंग बोले- आरोप झूठे निकले तो पॉडकास्ट वाले परिवार पर भी होगी कार्रवाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निहंग मान सिंह ने यह भी कहा कि ये सारी बातें पॉडकास्ट में शामिल युवक का परिवार बता रहा है। अगर जांच में पाया गया कि यह महज किसी पुरानी रंजिश के कारण खान साब को बदनाम करने की साजिश है, या कल को दोनों पक्ष आपस में समझौता कर लेते हैं तो झूठ बोलने वाले इस परिवार पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। निहंग मान सिंह ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को गहराई से खंगालेंगे और सभी सबूत जुटाने के बाद ही पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। निहंग मान सिंह ने वीडियो जारी कर चेतावनी दी। खान साब बोले- छवि खराब करने की हो रही कोशिश इस पूरे मामले में जब खान साब से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति एक शरारती तत्व है, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी छवि को खराब करना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह व्यक्ति सिख नहीं है। खान साब ने कहा- फिल्म धुरंधर के बाद मेरी फैन फॉलोइंग में काफी इजाफा हुआ है। इसी बढ़ती लोकप्रियता के चलते कुछ लोग जानबूझकर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर मूवी फेम सिंगर खान साब का माथा लहूलुहान, शूटिंग के दौरान सिर में कांच मारा धुरंधर-2 के ‘जान से गुजरते हैं’ सॉन्ग फेम पंजाब के सिंगर खान साब अपने नए गीत पागल नईं होणा की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। एक सीन के दौरान उन्होंने अपना सिर कांच में मारा। इससे कांच उनके माथे में चुभ गया और वह लहूलुहान हो गए। उनके माथे पर टांके लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy

Hindi News National Tamil Nadu CM Vijay Prabhakaran Tribute Controversy | BJP Targets Rahul Gandhi नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक 10 मई को शपथ के दौरान राहुल गांधी के साथ एक्टर विजय। TVK सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बैन किए गए संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि वो सत्ता में शामिल हैं। कांग्रेस अब तमिलनाडु में विजय की सरकार को सपोर्ट कर रही है। प्रभाकरन को 1991 में राजीव गांधी की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया था। एक मौजूदा प्रधानमंत्री की हाई-प्रोफाइल हत्या में उसकी भूमिका के लिए LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था। विजय ने मुलिवाइक्कल को याद किया प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुलिवाइक्कल में श्रीलंका की सेना ने गोली मार दी थी। उनकी डेथ एनिवर्सरी पर विजय ने कल उस जगह का ज़िक्र किया और X पर लिखा, “हम मुलिवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में रखेंगे! हम समुद्र के पार रहने वाले अपने तमिल रिश्तेदारों के अधिकारों के लिए हमेशा एकता में खड़े रहेंगे!” भाजपा बोली- कांग्रेस सत्ता के लिए चुप भाजपा के मीडिया सेल चीफ अमित मालवीय ने विजय के प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने पर राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का रोल था। उन्होंने लिखा- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही। पहले भी प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं विजय विजय इससे पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान ईलम तमिलों और प्रभाकरन का जिक्र कर चुके हैं। पिछले साल नागापट्टिनम में एक सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और दुनियाभर में रहने वाले तमिल ऐसे नेता को खोने के दुख में हैं, जिसने उन्हें मां जैसा प्यार दिया। उन्होंने कहा था कि ईलम तमिलों के लिए आवाज उठाना उनका कर्तव्य है। तमिलनाडु की मुख्यधारा की पार्टियां आमतौर पर खुले तौर पर प्रभाकरन के समर्थन से बचती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह रुख राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विजय की सरकार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन हासिल है। VCK लंबे समय से श्रीलंकाई तमिलों और LTTE के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी मानी जाती रही है। मुलिवाइक्कल क्यों अहम है दुनियाभर में लंकाई तमिल आबादी और भारत में तमिलों का एक हिस्सा 18 मई को मुलिवाइकल रिमेंबरेंस डे (या तमिल जेनोसाइड रिमेंबरेंस डे) के तौर पर मनाता है। यह उन हजारों तमिल नागरिकों को याद करता है जो 2009 में श्रीलंकाई सिविल वॉर के दौरान मुलिवाइकल के तटीय गांव में हमले के दौरान मारे गए थे। करीब 30 साल तक चला श्रीलंका का गृहयुद्ध तमिलों के लिए अलग देश की मांग से शुरू हुआ था। बाद में यह श्रीलंकाई सेना और LTTE के बीच बड़े सशस्त्र संघर्ष में बदल गया। 2009 में मुलिवाइक्कल में हुए अंतिम सैन्य अभियान के साथ युद्ध खत्म हुआ। 18 मई 2009 को LTTE चीफ प्रभाकरन की मौत के साथ ही श्रीलंका सरकार ने LTTE के खात्मे की घोषणा की थी। 10 मई को विजय ने CM बने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं थीं। पार्टी चीफ सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद, DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा, इसे तीसरे नंबर पर धकेला तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए, और उन्हें देश से बाहर भगाया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है।
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को मत लाओ, वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए। वे अपराधी होते हैं, उन्हें देश में न आने दिया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय मजदूरों पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग जब भारत और ताइवान के बीच भारतीय मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था, तब भी ताइवान में इसे लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों ने डर जताया था कि भारतीय मजदूरों के आने से अपराध बढ़ सकते हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ताइवान पीपुल्स पार्टी के नेता को वेन-जे ने भी कहा था कि भारत से आने वाले मजदूरों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि “भाग जाने वाले विदेशी मजदूर” पहले से ही ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुके हैं। दरअसल ताइवान फ्यूजिटिव वर्कर्स की समस्या से जूझ रहा है। इसमें प्रवासी मजदूर कानूनी तौर पर किसी कंपनी या काम के लिए ताइवान आते हैं, लेकिन बाद में अपना तय काम छोड़कर गायब हो जाते हैं। फिर वे बिना अनुमति के दूसरी जगह काम करने लगते हैं या अवैध रूप से रहने लगते हैं। ताइवान के कई नेता इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। इस बहस के दौरान एक और विवाद तब हुआ जब उस समय की ताइवान की श्रम मंत्री हसू मिंग-चुन ने कहा कि शुरुआत में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों से मजदूर भर्ती किए जा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि वहां के लोगों की स्किन कलर, खानपान और धार्मिक आदतें ताइवान के लोगों से ज्यादा मिलती-जुलती हैं। उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई और लोगों ने इसे नस्लवादी और भेदभावपूर्ण बताया। विवाद बढ़ने के बाद ताइवान के विदेश मंत्रालय को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी।
Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta

Hindi News National Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta | TMC Aroop Biswas DGP कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक सताद्रु दत्ता ने कहा- हजारों अतिरिक्त पास जारी किए गए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के ऑर्गनाइजर सताद्रु दत्ता ने 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इनमें TMC नेता और ममता सरकार के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास का नाम भी शामिल है। शिकायत में पूर्व DGP और TMC राज्यसभा सांसद राजीव कुमार, कोलकाता नगर निगम पार्षद जुईन बिस्वास और सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव शांतनु बसु के नाम हैं। दत्ता ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में साल्ट लेक स्टेडियम में हुए मेसी कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और हंगामे के लिए ये लोग जिम्मेदार थे। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी 3 दिन के भारत दौरे पर आए थे। 13 दिसंबर की देर रात करीब 2:30 बजे वह कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे। अगले दिन सुबह 11 बजे मेसी ने कोलकाता में अपनी 70 फीट ऊंची प्रतिमा का वर्चुअल उद्घाटन किया था। मेसी को साल्ट लेक स्टेडियम में करीब 1 घंटे रुकना था, लेकिन वह 22 मिनट बाद ही वहां से निकल गए। इससे नाराज फैंस ने स्टेडियम में कुर्सियां फेंककर तोड़फोड़ की थी। इस दौरान भगदड़ जैसे हालात भी बन गए थे। दत्ता को 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ के मामले में हिरासत में लिया गया था। 37 दिन जेल में रहने के बाद 19 जनवरी को बिधाननगर कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। कोलकाता इवेंट की 3 तस्वीरें… सॉल्ट लेक स्टेडियम में फैंस से इंटरैक्शन के दौरान मेसी। उन्होंने यहां फ्रेंडली मैच भी खेला। भगदड़ के दौरान दर्शकों ने स्टेडियम में कुर्सियां तोड़कर फेंकी। मेसी इस इवेंट से जल्दी चले गए। इससे नाराज फैंस ने हंगामा शुरू कर दिया। VIP और VVIP पास ब्लैक में बेचे गए- दावा दत्ता ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान हजारों एक्स्ट्रा पास जारी किए गए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। उनका दावा है कि VIP और VVIP पास ब्लैक में बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि मेसी के मैदान पर आने के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिससे फुटबॉलर और उनकी सुरक्षा टीम अनकंफर्टेबल हो गई। इसके बाद मेसी ने कार्यक्रम जल्दी खत्म कर दिया। ममता बनर्जी ने मांगी थी माफी साल्ट लेक स्टेडियम की घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को माफी मांगनी पड़ी थी। ADG लॉ एंड ऑर्डर जावेद शमीम ने बताया था कि मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऑर्गनाइजर ने टिकट के पैसे वापस करने का वादा भी किया था। वहीं, भारतीय फुटबॉल महासंघ ने कहा था कि यह उनका आधिकारिक इवेंट नहीं था। —————————————— मेसी के कोलकाता दौरे की ये खबर भी पढ़ें… मेसी ने हैदराबाद में बच्चों के साथ फुटबॉल खेला:कोलकाता स्टेडियम से जल्दी निकले, तो फैंस ने तोड़फोड़ की; मुंबई में तेंदुलकर-छेत्री से मिलेंगे हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में मेसी ने फ्रेंडली मैच खेला। (फोटो- DD स्पोर्ट्स।) अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी 3 दिन के इंडिया टूर पर हैं। उन्होंने शनिवार को कोलकाता में अपनी 70 फीट ऊंची मूर्ती का उद्घाटन किया। फिर देर शाम हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में CM रेवंत रेड्डी और बच्चों के साथ फुटबॉल खेला। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Govinda Event Controversy | Paparazzi Brawl & Video 2026

5 मिनट पहले कॉपी लिंक गोविंदा हाल ही में एक इवेंट में शामिल हुए, जहां भारी भीड़ के बीच उनके बाउंसर और एक पैपराजी के बीच बहस हो गई। बाउंसर पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का आरोप लगा। मामला बढ़ता देख गोविंदा ने खुद बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत कराया। दरअसल, विवाद उस समय शुरू हुआ, जब इवेंट खत्म होने के बाद गोविंदा वहां से लौट रहे थे और बड़ी संख्या में फैंस ने उन्हें घेर लिया। भीड़ को कंट्रोल करने के दौरान बाउंसर ने एक्टर के लिए रास्ता बनाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोगों को कथित तौर पर धक्का लग गया, जिसमें पैपराजी भी शामिल थे। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध जताया और बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख गोविंदा ने तुरंत हस्तक्षेप किया। वीडियो में वह दोनों पक्षों के बीच आकर कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘सर जी… रहने दो…।’ इवेंट में गोविंदा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। वहां मौजूद फैंस ने उनके डांस और मौजूदगी का जमकर आनंद लिया। शिल्पा के शो में नजर आएंगे गोविंदा गोविंदा जल्द ही कुकिंग रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आएंगे। यह शो शिल्पा शेट्टी होस्ट कर रही हैं। वह शो में अपनी बेटी टीना आहूजा को सपोर्ट करेंगे। टीना मां सुनीता आहूजा के साथ एक टीम के हिस्से के तौर पर शो में हिस्सा ले रही थीं। हालांकि, पिछले कुछ एपिसोड्स की शूटिंग में सुनीता की गैरमौजूदगी के कारण अब गोविंदा उनकी जगह शो में शामिल होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सुनीता पिछले कुछ एपिसोड्स की शूटिंग के लिए उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में शो की टीम ने टीना की जिंदगी के एक और अहम शख्स को शो में लाने का फैसला किया और गोविंदा से संपर्क किया। सूत्र के मुताबिक, गोविंदा ने शो का हिस्सा बनने के लिए हामी भर दी है। सोशल मीडिया पर गोविंदा के शो के सेट में स्पॉट होने के वीडियो भी सामने आए हैं। टीना ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्म सेकंड हैंड हस्बैंड से की। 2016 के बाद सिर्फ 3 फिल्मों में नजर आए गोविंदा वर्कफ्रंट की बात करें तो पिछले 10 सालों में गोविंदा सिर्फ 3 फिल्मों में नजर आए हैं। साल 2017 में आई आ गया हीरो से उन्होंने लीड एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर कमबैक किया, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इसके बाद फ्राइडे में उनकी कॉमिक टाइमिंग को पसंद किया गया, फिर भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। साल 2019 में रिलीज हुई रंगीला राजा में उन्होंने डबल रोल निभाया, लेकिन यह फिल्म भी बड़ी डिजास्टर साबित हुई। गोविंदा ने 140 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। वहीं, पिछले कई दिनों से यह चर्चा है कि वो बड़े पर्दे पर कमबैक करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें दुनियादारी, बाएं हाथ का खेल, पिंकी डार्लिंग और लेन-देन: इट्स ऑल अबाउट बिजनेस जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों की घोषणा तो हुई, लेकिन रिलीज डेट सामने नहीं आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








