Monday, 10 Aug 2026 | 11:24 PM

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हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही गई बातें सुन मन व्यथित हुआ

हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही गई बातें सुन मन व्यथित हुआ

स्टूडेंट प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद सीनियर एक्टर अनुपम खेर ने प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुई भाषा की जमकर आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में मर्यादा न रखे जाने पर निंदा की और कहा कि हर वर्ग के इंसान ने शब्दों की मर्यादा तोड़ दी। अनुपम खेर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है। इसके कैप्शन में एक्टर ने लिखा है, ‘लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हमारी आवाज है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती हमारी भाषा है। असहमति जरूरी है। सवाल पूछना भी जरूरी है। सरकारों को जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। लेकिन अगर हम अपनी भाषा की मर्यादा खो देंगे, तो हमारी बात की ताकत भी कम हो जाएगी। यह वीडियो किसी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। यह उस संस्कृति के पक्ष में है जहां विचारों का संघर्ष हो सकता है, लेकिन शब्दों का पतन नहीं। मतभेद रखें, लेकिन मर्यादा भी रखें। क्योंकि एक सभ्य समाज की पहचान केवल उसके विचारों से नहीं, बल्कि उन्हें व्यक्त करने के तरीके से भी होती है। जय हिन्द। वंदे मातरम।’ वीडियो में उन्होंने कहा, ‘आंदोलन खत्म हो गया, बहुत सी बातें स्पष्ट हो गईं। ये भी साबित हो गया कि छात्र अपनी बात ईमानदारी से रखता है, तो लोकतंत्र उसे सुनता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इस पूरे आंदोलन में एक घटना ने हम सबको भीतर तक दुखी किया है। कैमरों के सामने मंचों के सामने जिस तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसे देखकर मन व्यथित हुआ। ये किसी एक व्यक्ति का नहीं उस संस्कृति का प्रश्न है जिसे हम आने वाली पीढ़ी के लिए छोड़कर जाना चाहते हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘हम किसी भी नेता से असहमत हो सकते हैं, उनकी नीतियों की आलोचना कर सकते हैं, उनसे सवाल पूछ सकते हैं, यही लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन जब तर्क समाप्त हो जाते हैं और गालियां शुरू हो जाती हैं, तो बहस नहीं बचती, सिर्फ शोर बचता है। श्री नरेंद्र मोदी पिछले 30 सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं, देश की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया है। हम उनके हर निर्णय से सहमत हों, ये आवश्यक नहीं है, लेकिन किसी भी निर्वाचित मंत्री के पद की गरिमा का सम्मान करना हम सबका दायित्व है।’ आगे अनुपम खेर कहते हैं, ‘दुख ये नहीं कि उनका विरोध हुआ। दुख इस बात का है कि विरोध की भाषा इतनी छोटी हो गई। ये केवल युवाओं तक सीमित नहीं था। हर वर्ग के लोग इस गिरती हुई भाषा का हिस्सा बने। जब बड़े ही मर्यादा भूल जाएं, तो आने वाली पीढ़ि से इसकी अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। लोकतंत्र से सवाल अवश्य पूछे, लेकिन शब्दों को इतना गरीब न होने दें कि वो बात से पहले हमारा चरित्र बता दें, क्योंकि देश की पहचान लोगों और उनकी भाषा से होती है।’ कई सेलेब्स ने किया स्टूडेंट प्रोटेस्ट का समर्थन सलमान खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा समेत कई बड़े कलाकारों ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का खुलकर समर्थन किया, वहीं प्रकाश राज, शबाना आजमी, आएशा खान, इमरान खान, मुनव्वर फारूकी समेत कई सेलेब्स प्रोटेस्ट का हिस्सा भी बने। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आने के बाद कई सेलेब्स ने इसे लोकतंत्र की जीत कहा। आलिया भट्ट, शबाना आजमी, प्रकाश राज, प्रियंका चोपड़ा, स्वरा भास्कर, तिलोत्तमा शोम, भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी, ईशान खट्टर, अभिषेक बनर्जी, वीर दास, समय रैना, विजय वर्मा, रीमा कागती और जोया अख्तर समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बधाई दी। प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है।” वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, “छात्रों को और ताकत मिले।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, “मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे।” प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, “देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।” इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, “यह जीत नई पीढ़ी की है।” प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। आलिया बोलीं- Gen Z ने इतिहास रच दिया आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “जेन-जी सामने आई, बाकी इतिहास बन गया।” रीमा कागती और जोया अख्तर ने की छात्रों की तारीफ फिल्ममेकर रीमा कागती ने छात्रों की सराहना करते हुए लिखा, “जेन-जी, तुम उम्मीद की सुनामी हो।” वहीं जोया अख्तर ने लिखा, “लोकतंत्र वह शासन व्यवस्था है, जिसमें सत्ता जनता के हाथों में होती है।” भूमि, हुमा और ईशान ने बताया लोकतंत्र की जीत भूमि पेडनेकर ने कहा कि इस आंदोलन ने पूरे देश को प्रेरित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था समेत अन्य संस्थानों में भी व्यापक

Anurag Dobhal Controversy | Dehradun YouTuber Accuses Wife Ritika

Anurag Dobhal Controversy | Dehradun YouTuber Accuses Wife Ritika

अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान की फाइल फोटो। देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK 07 राइडर अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अनुराग ने 26 जुलाई को यूट्यूब पर 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने रितिका पर धोखा देने का आरोप लगाया। . अनुराग ने रितिका और उनकी मां पर बेटे अनुरित से नहीं मिलने देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रितिका के परिवार को उन्होंने अपने बेटे से मिलने के लिए 37 लाख रुपए दिए हैं और अब रितिका का परिवार भारी-भरकम गुजारा भत्ता मांग रहा है। अनुराग ने कहा, “यह सब झेलना सबसे मुश्किल है, लेकिन अपने बेटे के लिए मैं यह भी करना चुनूंगा।” अनुराग ने वीडियो में आगे लिखा, “मैंने अपने बेटे अनुरित की खातिर सब कुछ छिपाने और सभी को माफ करने का फैसला किया था। भाई कलम को सब सच पता था, लेकिन उसने अपने अहम को संतुष्ट करने के लिए दुनिया के सामने मुझे गलत बना दिया।” “रितिका ने भी इस चीज का फायदा उठाया, क्योंकि मेरे पास मेरे मां-बाप नहीं थे, मेरी फैमिली नहीं थी। सब लोगों ने मिलकर मुझे बहुत परेशान किया और आज भी कर रहे हैं। आर्थिक रूप से, कानूनी रूप से और मानसिक रूप से। लेकिन अब और नहीं।” “मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं इन सब लोगों से प्यार करता था और इनकी गलतियों को छिपाता रहा। लेकिन मुझे लगता है कि वे इस प्यार और वफादारी के हकदार नहीं हैं।” तस्वीरें देखिए- अनुराग ने रितिका पर दोस्त अभिषेक के साथ मिलकर धोखा देने का आरोप लगाया है। अनुराग डोभाल की बेटे अनुरित के साथ फाइल फोटो। अनुराग ने रितिका और उसके दोस्त का ऑडियो वारयल की अनुराग ने एक ऑडियो भी शेयर किया, जिसमें रितिका पर दोस्त अभिषेक के साथ मिलकर धोखा देने का आरोप लगाया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि रितिका कह रही है, “अनुराग मेरे लिए मर चुका है। मेरे पास इसका बच्चा है, यह मेरे लिए पाप है।” इसके बाद अनुराग ने अभिषेक का एक ऑडियो बताकर भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अभिषेक कह रहा है, “रितिका ने मुझसे कहा था कि मैं बच्चे को मार दूंगी। वह एबॉर्शन कराने के लिए कह रही थी, लेकिन मैंने मना कर दिया था।” रितिका की दोस्त अभिषेक के साथ फाइल फोटो, जो अनुराग ने जारी की है। दो महीने पहले रितिका को पहनाया मंगलसूत्र अनुराग ने 12 मई को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने रितिका और उनकी मां को महंगे गिफ्ट दिए थे। गिफ्ट में उन्होंने रितिका की मां को एक रिंग दी थी और इसी दौरान रितिका को मंगलसूत्र भी पहनाया था। अनुराग ने तब बताया था कि मदर्स डे के मौके पर उन्होंने यह सरप्राइज प्लान किया था। इसके लिए वह रितिका के घर गए थे और पूरे सरप्राइज का वीडियो भी अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किया था। सरप्राइज की दो तस्वीरें अनुराग रितिका की मां को रिंग गिफ्ट करते हुए। अनुराग रितिका को मंगलसूत्र पहनाते हुए। 4 महीने पहले बने थे पिता अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान चार महीने पहले अपने पहले बच्चे के माता-पिता बने थे। रितिका ने 27 मार्च 2026 को राम नवमी के शुभ अवसर पर बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म पर अनुराग ने भावुक होते हुए कहा था कि “अब मेरा दूसरा जन्म अपने बेटे के लिए है।” रितिका ने बेटे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए साझा की थी, जहां उन्होंने नवजात के नन्हे पैरों की तस्वीर पोस्ट की थी। 27 मार्च 2026 को राम नवमी के दिन बच्चे को जन्म दिया था। 7 मार्च को की थी सुसाइड की कोशिश अनुराग डोभाल ने 7 मार्च को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कार चलाते हुए इंस्टाग्राम लाइव किया था। लाइव में उन्होंने कहा था- मम्मी, अगले जन्म आऊं तो बस प्यार देना… चलो फाइनल ड्राइव पर चलते हैं। इसके बाद उन्होंने करीब 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार भगाई और कार डिवाइडर से टकरा गई। उस समय लगभग 80 हजार लोग लाइव देख रहे थे। हादसे के बाद उन्हें पहले मेरठ के शुभारती अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली में भर्ती कराया गया था। इसके कुछ दिनों बाद अनुराग डोभाल को 14 मार्च 2026 को पहली बार अस्पताल से छुट्टी मिली थी। हालांकि, डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद उनकी स्थिति फिर से बिगड़ गई थी। 15 मार्च (रविवार) को जब उन्हें देहरादून ले जाया जा रहा था, तब उन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें फिर से एक नीजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा था। 7 मार्च को कार को तेज रफ्तार में दौड़ाते अनुराग, इस दौरान अचानक उन्होंने स्टेयरिंग घुमा दी। इनसेट में अनुराग। अनुराग ने लगाए थे परिवार पर गंभीर आरोप एक्सीडेंट से पहले अनुराग डोभाल ने कई वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने अपने माता-पिता और भाई पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि परिवार उनकी शादी तोड़ने की कोशिश कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। इसी विवाद के बाद वह इंस्टाग्राम लाइव आए थे और उसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था। होली के दिन डाला वीडियो, फिर डिलीट किया अनुराग डोभाल ने होली की रात (4 मार्च) जारी करीब दो घंटे के वीडियो में अपनी निजी जिंदगी और परिवार के साथ चल रहे विवाद का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रितिका चौहान पहले उनकी फैन थीं और इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए दोनों की बातचीत शुरू हुई, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। अनुराग के मुताबिक, उनकी इंटरकास्ट शादी (ब्राह्मण-राजपूत) को लेकर परिवार में विवाद हो गया। उनका आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पत्नी के साथ घर में रहने नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें अलग फ्लैट में रहना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में परिवार के साथ मामला पुलिस और कानूनी विवाद तक पहुंच गया। वीडियो में अनुराग ने बताया कि पत्नी के प्रेग्नेंट होने की खबर मिलने के बाद उन्हें लगा कि सब

Armaan Malik vs Tanishk Bagchi Controversy

Armaan Malik vs Tanishk Bagchi Controversy

7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमाल मलिक ने म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची पर लगाए गए अपने आरोपों को दोहराते हुए नया बयान जारी किया। साथ ही उन्होंने तनिष्क को चेतावनी भी दी। अमाल मलिक ने X पर लिखा, मैं ये ट्वीट सिर्फ इसलिए डिलीट कर रहा हूं ताकि अपनी टाइमलाइन का कचरा साफ कर सकूं। यह फैसला मैंने पूरी समझ के साथ लिया है। जो कहना था, मैं कह चुका हूं और इस इंसान को उसकी औकात भी दिखा चुका हूं। इससे पहले कि कोई पोर्टल क्लिकबेट हेडलाइन चलाए कि ‘अमाल मलिक ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए’, मैं साफ करना चाहता हूं कि पिछले कुछ दिनों में मैंने जो भी कहा, उस हर बात पर आज भी कायम हूं। मैं अपने किसी बयान से पीछे नहीं हट रहा हूं। मैं सिर्फ इन पोस्ट्स को यहां से हटा रहा हूं। अमाल ने आगे लिखा, करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था। तनिष्क बागची का बिना नाम लिए उन पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, आज मैंने एक बहुत बुरे इंसान की सच्चाई सबके सामने रख दी है। कर्म हर किसी का हिसाब रखता है। उन लोगों का भी, जो इतने सालों से उसकी गलत और अमानवीय हरकतों का साथ दे रहे हैं। अब सजा ऊपरवाला देगा और उसके घर में देर है, अंधेर नहीं। एक आखिरी बात बेटे, मुझसे तो औकात में ही रहना। यह मैं तुम्हें जिंदगीभर की चेतावनी दे रहा हूं और अगर अब से तुमने किसी के साथ भी कुछ गड़बड़ की, तो याद रखना, मैं फिर लौटूंगा तेरी बैंड बजाने। – अमाल मलिक अमाल मलिक का बयान। इससे पहले अमाल ने तनिष्क पर दूसरों का म्यूजिक कॉपी करने, क्रेडिट लेने और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। अमाल ने दावा किया था कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया था कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा था, तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी। आगे अमाल ने लिखा था, और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे इनडायरेक्ट धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर? सॉन्ग की ₹8 लाख रॉयल्टी नहीं मिली: तनिष्क फिल्म ‘सैयारा’ को लेकर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए अभी तक 8 लाख रुपए की रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा था कि सभी पेमेंट कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी थी। तनिष्क बागची की पोस्ट। फिल्म ‘सैयारा’ के टाइटल सॉन्ग का म्यूजिक तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अर्सलान निजामी ने दिया था। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। अमाल ने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। कौन हैं तनिष्क बागची? तनिष्क बागची बॉलीवुड के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर, म्यूजिक प्रोड्यूसर, सिंगर और लिरिसिस्ट हैं। बॉलीवुड में उन्हें बड़ी पहचान ‘बोलना’ (फिल्म कपूर एंड संस, 2016) से मिली। आगे उन्होंने माही वे, जुग जुग जियो, तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया और सैयारा जैसे गाने कंपोज किए। तनिष्क बागची को “रीमिक्स किंग” भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने कई पुराने लोकप्रिय गानों को नए अंदाज में पेश किया। इनमें शामिल हैं, हम्मा हम्मा, तम्मा तम्मा अगेन, तू चीज बड़ी है मस्त मस्त, दिलबर, आंख मारे, मेरे रश्क-ए-कमर, मनिके। विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की फिल्म जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने सोच न सके (एयरलिफ्ट) कर गई चुल (कपूर एंड संस) सलामत (सरबजीत) कौन तुझे यूं प्यार करेगा (एम.एस.धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी) रोके न रुकें नैना (बद्रीनाथ की दुल्हनिया) ये आइना (कबीर सिंह) चले आना (दे दे प्यार दे) कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया था। अमाल मलिक म्यूजिशियन डब्बू मलिक के बेटे और सिंगर अरमान मलिक के बड़े भाई हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Armaan Malik vs Tanishk Bagchi Controversy

Armaan Malik vs Tanishk Bagchi Controversy

8 मिनट पहले कॉपी लिंक अमाल मलिक ने म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची पर लगाए गए अपने आरोपों को दोहराते हुए नया बयान जारी किया। साथ ही उन्होंने तनिष्क को चेतावनी भी दी। अमाल मलिक ने X पर लिखा, मैं ये ट्वीट सिर्फ इसलिए डिलीट कर रहा हूं ताकि अपनी टाइमलाइन का कचरा साफ कर सकूं। यह फैसला मैंने पूरी समझ के साथ लिया है। जो कहना था, मैं कह चुका हूं और इस इंसान को उसकी औकात भी दिखा चुका हूं। इससे पहले कि कोई पोर्टल क्लिकबेट हेडलाइन चलाए कि ‘अमाल मलिक ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए’, मैं साफ करना चाहता हूं कि पिछले कुछ दिनों में मैंने जो भी कहा, उस हर बात पर आज भी कायम हूं। मैं अपने किसी बयान से पीछे नहीं हट रहा हूं। मैं सिर्फ इन पोस्ट्स को यहां से हटा रहा हूं। अमाल ने आगे लिखा, करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था। तनिष्क बागची का बिना नाम लिए उन पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, आज मैंने एक बहुत बुरे इंसान की सच्चाई सबके सामने रख दी है। कर्म हर किसी का हिसाब रखता है। उन लोगों का भी, जो इतने सालों से उसकी गलत और अमानवीय हरकतों का साथ दे रहे हैं। अब सजा ऊपरवाला देगा और उसके घर में देर है, अंधेर नहीं। एक आखिरी बात बेटे, मुझसे तो औकात में ही रहना। यह मैं तुम्हें जिंदगीभर की चेतावनी दे रहा हूं और अगर अब से तुमने किसी के साथ भी कुछ गड़बड़ की, तो याद रखना, मैं फिर लौटूंगा तेरी बैंड बजाने। – अमाल मलिक अमाल मलिक का बयान। इससे पहले अमाल ने तनिष्क पर दूसरों का म्यूजिक कॉपी करने, क्रेडिट लेने और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। अमाल ने दावा किया था कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया था कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा था, तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी। आगे अमाल ने लिखा था, और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे इनडायरेक्ट धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर? सॉन्ग की ₹8 लाख रॉयल्टी नहीं मिली: तनिष्क फिल्म ‘सैयारा’ को लेकर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए अभी तक 8 लाख रुपए की रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा था कि सभी पेमेंट कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी थी। तनिष्क बागची की पोस्ट। फिल्म ‘सैयारा’ के टाइटल सॉन्ग का म्यूजिक तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अर्सलान निजामी ने दिया था। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। अमाल ने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। कौन हैं तनिष्क बागची? तनिष्क बागची बॉलीवुड के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर, म्यूजिक प्रोड्यूसर, सिंगर और लिरिसिस्ट हैं। बॉलीवुड में उन्हें बड़ी पहचान ‘बोलना’ (फिल्म कपूर एंड संस, 2016) से मिली। आगे उन्होंने माही वे, जुग जुग जियो, तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया और सैयारा जैसे गाने कंपोज किए। तनिष्क बागची को “रीमिक्स किंग” भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने कई पुराने लोकप्रिय गानों को नए अंदाज में पेश किया। इनमें शामिल हैं, हम्मा हम्मा, तम्मा तम्मा अगेन, तू चीज बड़ी है मस्त मस्त, दिलबर, आंख मारे, मेरे रश्क-ए-कमर, मनिके। विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की फिल्म जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने सोच न सके (एयरलिफ्ट) कर गई चुल (कपूर एंड संस) सलामत (सरबजीत) कौन तुझे यूं प्यार करेगा (एम.एस.धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी) रोके न रुकें नैना (बद्रीनाथ की दुल्हनिया) ये आइना (कबीर सिंह) चले आना (दे दे प्यार दे) कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया था। अमाल मलिक म्यूजिशियन डब्बू मलिक के बेटे और सिंगर अरमान मलिक के बड़े भाई हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rohtak News: Veer Sahu Statement on Sapna Choudhary Controversy

Rohtak News: Veer Sahu Statement on Sapna Choudhary Controversy

रोहतक35 मिनट पहले कॉपी लिंक रोहतक में सपना चौधरी को लेकर अपनी बात कहते हुए वीर साहू। इनसेट में वीर साहू (दाएं) और धर्मेंद्र हुड्डा (बाएं) । जाट आंदोलन दंगों के भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा की वीडियो के बाद अश्लील कंटेंट विवाद में घिरीं हरियाणवी सिंगर और डांसर सपना चौधरी के समर्थन में उनके पति वीर साहू सामने आए हैं। रोहतक के महम चौबीसी में हुई खाप पंचायत के बाद वीर साहू ने कहा, “महम चौबीसी के चबूतरे की अपनी मर्यादा है। यहां आकर अगर कोई निजी खुंदक निकालता है, तो उससे ज्यादा जलील आदमी कोई नहीं हो सकता। खाप के मंच का इस्तेमाल किसी को भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए नहीं करना चाहिए।” वीर साहू ने कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा का सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने का एक अलग तरीका रहा है, लेकिन उन्हें अपनी भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। विरोध करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन उसका भी एक तरीका होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी धर्मेंद्र हुड्डा से कोई निजी बातचीत या संपर्क नहीं है। धर्मेंद्र हुड्डा ने वीडियो जारी कर सपना चौधरी पर हरियाणा की लड़कियों को बिगाड़ने का आरोप लगाया था। हुड्डा ने कहा था कि हरियाणा में डांस और सोशल मीडिया के जरिए जो अश्लीलता और फूहड़ता फैल रही है, उसके लिए कुछ एक्ट्रेस और डांसर जिम्मेदार हैं। इसके बाद इस मुद्दे पर चर्चा के लिए खापों ने महापंचायत बुलाई थी। रोहतक में पत्नी सपना चौधरी के बचाव में बयान देते वीर साहू। उन्होंने कहा कि सपना के साथ मेरा जो भी विवाद है वो निजी है। पढ़िए, सपना चौधरी विवाद और खाप पंचायत पर क्या बोले वीर साहू… ‘विवाद तो महादेव-पार्वती के बीच भी होता था’: सपना चौधरी से जुड़े विवाद पर वीर साहू ने कहा, “हमारे बीच प्यार हो, विवाद हो या कोई और बात, वह हमारा निजी मामला है। महादेव और पार्वती के बीच भी विवाद होता था। अब हमारे बीच कोई विवाद है या नहीं, यह भी हमारे बीच की बात है। जिसका जितने समय तक साथ लिखा होता है, वह उतने समय तक साथ रहता है।” ‘खापों की आड़ में कुछ लोग अपना कांटा निकालने आते हैं’: वीर साहू ने कहा कि कुछ लोग खापों की आड़ लेकर अपने निजी स्वार्थ और पुरानी खुंदक निकालने की कोशिश करते हैं। मैं खापों के बीच इसलिए आया हूं, क्योंकि खापों ने हमेशा मेरा साथ दिया है। जब मेरा छोटा बेटा हुआ था, तब खाप मेरे साथ खड़ी थी और आज मैं खाप के साथ खड़ा हूं। ‘युवाओं की राय भी सुनी जानी चाहिए’: खाप पंचायत के दौरान वीर साहू युवाओं की ओर से बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि पंचायत का उद्देश्य युवाओं को सही दिशा देना है, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया जा रहा। युवाओं के सुझाव भी सुने जाने चाहिए। इसी वजह से कुछ युवा नाराज होकर पंचायत छोड़कर चले गए। आखिर में उन्होंने कहा, “हर कोई राम बनने की लड़ाई लड़ रहा है, कोई लक्ष्मण भी बनकर देखे।” हरियाणवी डांसर-एक्ट्रेस सपना चौधरी को लेकर जाट आरक्षण हिंसा मामलों में फरार चल रहे धर्मेंद्र हुड्डा ने वीडियो जारी कर विवादित टिप्पणी की थी। अब जानिए धर्मेंद्र ने सपना चौधरी पर क्या टिप्पणी की थी… सपना चौधरी पर अभद्र टिप्पणी से वीडियो की शुरुआतः धर्मेंद्र हुड्डा ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि यह वीडियो सपना चौधरी के लिए बनाया गया है। इसके बाद सपना चौधरी के लिए लगातार आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। वीडियो के थंबनेल में भी उनके लिए अपमानजनक शब्द लिखे। हरियाणा में ‘गंदगी फैलाने’ का लगाया आरोपः वीडियो में धर्मेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि सपना चौधरी ने डांस के नाम पर हरियाणा और पूरे नॉर्थ इंडिया में गंदगी फैलाई। सपना के कारण हरियाणा की लड़कियां स्टेज, छतों और गलियों में डांस करने लगी हैं और यह स्थिति उनकी वजह से बनी है। ‘मर्द कुछ नहीं होते’ बयान पर निशानाः सपना चौधरी के “मर्द कुछ नहीं होते” वाले बयान का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा- जिन लोगों ने उन्हें स्टार बनाया, उन्हीं मर्दों पर वह टिप्पणी कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव के काका-ताऊ जैसे दर्शकों ने ही सपना चौधरी को लोकप्रिय बनाया। मर्द ही तेरे पर ₹100-100 घालते (देते) थे। ₹20 करोड़ के फ्रॉड केस का जिक्रः धर्मेंद्र हुड्डा ने दावा किया- सपना चौधरी ने दो बच्चों के बाद वीर साहू पर केस किया और अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायत भी की थी। सपना चौधरी पर 15 से 20 करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले हैं और यदि मेरे गलत हैं तो मेरे पर मानहानि का केस कर देना चाहे। सपना ने पोस्ट कर किया था पलटवार सपना चौधरी ने अपने विदेशी दौरे के दौरान शेयर की एक तस्वीर के कैप्शन में लिखा- “सुंदरता सिर्फ ध्यान खींचती है, मगर इंसान का अच्छा चरित्र दिल जीत लेता है।” उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यूजर्स ने इस पोस्ट पर धर्मेंद्र हुड्डा से जुड़े कमेंट किए। अब जानिए…वीर साहू और सपना चौधरी की कन्ट्रोवर्सी सपना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया विवाद तब सार्वजनिक हुआ, जब सपना चौधरी ने दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वैवाहिक जीवन के दौरान उनके साथ कई बार मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। सपना का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें अपना ससुराल छोड़ना पड़ा। फिल्म ‘मोमाकू’ के प्रीमियर से पहले बढ़ी चिंता सपना की ओर से एडवोकेट प्रीति सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी फिल्म ‘मोमाकू’ जल्द रिलीज होने वाली है और उसका प्रीमियर भी होने वाला है। ऐसे में सपना को सुरक्षा की जरूरत है। वीर साहू किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या फिल्म के प्रीमियर में पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं। इससे सपना की सुरक्षा और उनके काम पर असर पड़ सकता है। मजिस्ट्रेट ने संपर्क न करने के आदेश दिए न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वीर साहू किसी भी माध्यम से सपना चौधरी से संपर्क नहीं करेंगे। उन्हें सपना के घर, कार्यस्थल या उनके आसपास जाने से भी रोका गया है। अदालत ने यह

Dharmendra Pradhan Resignation | NEET Paper Leak Case Delhi Controversy

Dharmendra Pradhan Resignation | NEET Paper Leak Case Delhi Controversy

4 मिनट पहले कॉपी लिंक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। BBC ने कहा कि मोदी सरकार छात्रों के आगे झुकी। वहीं गार्डियन ने लिखा कि मोदी सरकार के 12 साल में पहली बार जनता के दबाव में किसी मंत्री का इस्तीफा हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्डियन, बीबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने टॉप स्टोरीज में जगह दी है। BBC: मोदी सरकार ने छात्रों के गुस्से का सही अंदाजा नहीं लगाया 2014 में सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी सरकार आम तौर पर विरोध प्रदर्शनों के प्रति सख्त रुख अपनाती रही है और शायद ही कभी किसी बड़े आंदोलन के आगे झुकी हो। इससे पहले सरकार ने केवल एक बड़े मामले में अपना फैसला वापस लिया था, जब करीब एक साल तक चले किसान आंदोलन के बाद तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना पड़ा था। इस बार सरकार ने छात्र आंदोलन को लेकर हो रही नाराजगी और लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता का सही आकलन नहीं किया। शुरुआत में कई हफ्तों तक आंदोलन को नजरअंदाज किया गया, लेकिन इस सप्ताह संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की सख्ती के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया। धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री वास्तव में इस्तीफा देंगे या नहीं, इसे लेकर आखिरी समय तक कुछ पता नहीं चल पा रहा था। उनके इस्तीफे के बाद आंदोलन में शामिल छात्रों, खासकर पहली बार किसी बड़े प्रदर्शन का हिस्सा बने युवाओं, को अपनी जीत का एहसास हो रहा है। द गार्डियन: मोदी के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक प्रधान का इस्तीफा भाजपा के 12 वर्षों के शासन में यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी के सबसे करीबी और भरोसेमंद मंत्रियों में से एक को सार्वजनिक दबाव के कारण इस्तीफा देना पड़ा है। इनका नेतृत्व नए बने युवा राजनीतिक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया। इस सप्ताह यह आंदोलन देशभर में युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली में जुटे हजारों सीजेपी समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया और इसे सरकार से जवाबदेही की अपनी मांग की बड़ी जीत बताया। न्यूयॉर्क टाइम्स: प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकियों की बी-टीम’ कहा था, अब इस्तीफा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया था। इस आंदोलन की अगुआई खुद को कॉकरोच कहने वाले छात्र समूह कर रहे थे। यह नाम भारत के चीफ जस्टिस की कथित अपमानजनक टिप्पणी से प्रेरित था। यह संगठन ने शुरुआत से ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांग रही थी। इस महीने प्रदर्शनकारियों पर हुए बल प्रयोग ने इस आंदोलन को भारत के कई शहरों तक फैला दिया। धर्मेंद्र प्रधान पहले इन प्रदर्शनों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों पर छात्रों का इस्तेमाल कर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया था। जून में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादियों की बी-टीम’ तक कह दिया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे आंदोलन को और बल मिल सकता है और छात्र अपनी अन्य मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव बढ़ा सकते हैं। अल-जजीरा: छात्र आंदोलन की बड़ी जीत हुई छात्रों के आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। हाल के वर्षों में यह आंदोलन मोदी सरकार के खिलाफ सार्वजनिक असंतोष के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। इस आंदोलन ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर युवाओं के बढ़ते गुस्से को भी सामने ला दिया है। CNN- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, सीजेपी ने कहा- ‘लड़ाई अभी बाकी है’ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की। इसे देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के कथित पेपर लीक और उनकी बिक्री के आरोपों के बाद छात्र सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान ने बढ़ते जनदबाव के बीच इस्तीफा देने का फैसला किया। पिछले कुछ दिनों में हजारों छात्र और उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और उनकी बर्खास्तगी के साथ-साथ देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे थे। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की घोषणा नहीं की है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X

Hindi News Career DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X 2 मिनट पहले कॉपी लिंक डीयू अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जारी एडवाइजरी पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एडवाइजरी का मुद्दा उठा। जीरो आवर के दौरान कई प्रोफेसरों ने इस एडवाइजरी का विरोध किया। शिक्षकों ने बताया हद से आगे बढ़ने वाला बयान शिक्षकों ने कहा कि डीयू की ओर से जारी बयान हद से आगे बढ़ने वाला है और इसे तुरंत एक्स से हटाया जाना चाहिए। शिक्षकों के मुताबिक एडवाइजरी में यह मान लिया गया है कि छात्र आसानी से बहकाए जा सकते हैं। शिक्षकों ने कहा कि छात्रों की दुनिया को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं किया जा सकता। कुछ शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि यूनिवर्सिटी को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को निहित स्वार्थों का नतीजा बताकर किसी एक पक्ष की भूमिका में नहीं आना चाहिए। शिक्षकों के अनुसार, इस तरह की एडवाइजरी से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है। वहीं, यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले का बचाव किया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने कहा एडवाइजरी में नहीं होगा बदलाव यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई एडवाइजरी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026 विरोध प्रदर्शन पर डीयू ने जारी की एडवाइजरी राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने छात्रों और टीचर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। डीयू का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि उनके एजुकेशनल रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी असर डाल सकती हैं। साथ ही छात्रों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और फर्जी खबरों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। इस आंदोलन में सक्रिय छात्र संगठनों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न DU कॉलेजों के स्वतंत्र छात्र समूह शामिल हैं। AdvisoryAll stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026 JNU की एडवाइजरी : व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें जेएनयू की ओर से ट्विटर पर कहा गया कि सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहा जाने से बचें। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखें। राहुल गांधी ने की एडवाइजरी की आलोचना लोकसभा में राहुल गांधी ने उस एडवाइजरी की कड़ी आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया। कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाया कि वह छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमका रही है। How dare you threaten students for exercising their democratic rights?Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026 DU की एडवाइजरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने ट्विटर पर लिखा, छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे। This is utterly appalling. Even in the days of the JP Movement leading up to the Emergency, there was no bar by the @UnivofDelhi on students joining any of his protests, and a couple of members of my Union Cabinet at St Stephen’s, including the late Chandan Mitra, openly did so.… https://t.co/tIz94j0KPx— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 24, 2026 शशि थरूर ने जताई नाराजगी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एडवाइजारी जारी करने पर डीयू की आलोचना की है। डीयू की तरफ से जारी इस एडवाइजरी पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है। इमरजेंसी से पहले जेपी आंदोलन के दिनों में भी, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोका था। उस दौरान सेंट स्टीफंस में उनकी यूनियन कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने, जिनमें स्वर्गीय चंदन मित्रा भी शामिल थे, खुलेआम प्रदर्शन में शामिल हुए थे। थरूर ने कहा है कि अगर भारत की प्रमुख सरकारी यूनिवर्सिटी से एक को अपने स्टूडेंट्स और फैकल्टी को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर गंभीर नतीजों की धमकी देने की इजाज़त दी जाती है, तो इसका लोकतांत्रिक बातचीत और अभिव्यक्ति की आजादी पर बुरा असर पड़ता है। थरूर ने कहा है कि DU के अधिकांश छात्र इतने साधन-संपन्न नहीं होते कि वे ऐसी सख्त चेतावनी को इग्नोर कर सकें। उन्हें डर रहता है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से उनके एकेडमिक या प्रोफेशनल भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। थरूर ने कहा है कि यूनिवर्सिटी का मकसद मुद्दों पर आलोचनात्मक सोच और स्वतंत्र मूल्यांकन सिखाना होता है, न कि इन गुणों को दबाना। ये खबर भी पढ़ें JPSC की 9 परीक्षाएं रद्द:ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप, CID जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग

Apara Mehta Divorce Controversy | Actress Statement On Personal Life

Apara Mehta Divorce Controversy | Actress Statement On Personal Life

11 मिनट पहले कॉपी लिंक टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी एक्ट्रेस अपरा मेहता ने मॉब अटैक और शादी पर बड़ा बयान दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि उनके पूर्व पति एक्टर दर्शन जरिवाला ने उन्हें दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा था, जिसके बाद उनका तलाक हुआ था। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने करियर के पीक में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर भी बात की। एक्ट्रेस ने बताया है कि लोगों ने उन्हें घेर कर गलत तरह छुआ और फिर सिगरेट से जलाया। एक्ट्रेस अपरा मेहता ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर कहा, ‘मैं करियर के पीक पर थी और हम लोगों का गुजराती ड्रामा कोलकाता में होता था। तो 5 शोज हुए थे कला मंदिर में। वहां सीट पूरी पैक थीं। जैसे ही में अंदर आई मुझे देखकर लोगों ने 8 हजार डांडियां ऊपर उछाल दीं। मैं भीड़ में बुरी तरह फंस गई। वो मुझे खींच के म्यूजिशियन्स के पोडियम तक ले गए। मैं लोगों से हाथ मिलाने लगी तो लोग मेरे हाथ की हीरे की अंगूठी खींचने लगे, किसी ने मुझे सिगरेट से जला दिया। पूरी जनता पागल हो गई थी।’ आगे अपरा ने कहा, ‘पोडियम हिलने लगा था, मैंने कहा ये तो खतरनाक हो गया। उसके बाद मुझे वहां से उतारा गया, पूरे लोगों ने सर्कल बनाया। उस समय हर कोई मुझे हर कहीं छू रहा था। मैंने कहा ओके टच कर लो क्या मिलेगा। मैं उस समय शॉक में भी नहीं थी।’ पति ने कहा था- तुम दुनिया की सबसे बदसूरत औरत हो एक्ट्रेस अपरा मेहता ने करियर के पीक में गुजरात के पॉपुलर एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें एक बेटी हुई, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। अपरा ने बताया है कि 2003 में वो शूटिंग के सिलसिले में USA में थीं। उस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी, उसी दिन दर्शन जरिवाला ने तलाक की मांग की। अपरा कहती हैं, मैंने उन्हें यूएसए से कॉल किया, हमारी एनिवर्सरी थी। उन्होंने मुझसे कहा कि हमें बात करना चाहिए। काम खत्म कर मैं लौटी। मैं 3 बजे भारत पहुंचीं, 5 बजे घर आई, मुझे अगली सुबह 7 बजे शूटिंग के लिए जाना था। उन्होंने मुझसे कहा, अपरा हमें अलग हो जाना चाहिए, मैं अब तुमसे प्यार नहीं करता। अब पसंद नहीं करता और मुझे लगता है कि तुम दुनिया की सबसे बदसूरत महिला हो। वो झूले पर बैठे चाय पीते हुए कह रहे थे, मैं वहीं खड़ी सुन रही थी। काम पर गई, थोड़ी देर बाद कहा कि नहीं उसने जानबूझकर ऐसा नहीं कहा होगा। लेकिन फिर थोड़े दिनों बाद वो घर छोड़कर चले गए। कौन हैं अपरा मेहता? अपरा मेहता मशहूर टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। उन्होंने पॉपुलर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी में तुलसी की सास सविता मनसुख वीरानी का किरदार निभाया था। अपरा पिछले 50 सालों से एक्टिंग इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। वह अब तक 115 प्ले कर चुकी हैं। अपरा, करम अपना अपना, खिचड़ी, सजन रे झूठ मत बोलो, सात फेरे, राजा की आएगी बारात, जमाई राजा, मैडम सर, अनुपमा जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं। टीवी शोज के अलावा अपरा ये तेरा घर ये मेरा घर, चोरी चोरी चुपके चुपके, देवदास, जस्ट मैरिड, तीस मार खान जैसी फिल्मों में भी नजर आई हैं। अपरा मेहता ने 1980 में गुजराती एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। दर्शन मशहूर एक्टर हैं, जिन्हें गांधी माय फादर फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला है। दर्शन ने स्टाइल, एक्सक्यूजमी, आजा नचले, गुरू, हल्ला बोल, रक्तचरित्र, आरक्षण, कहानी, हमशक्ल, राधे, फटा पोस्टर निकला हीरो जैसी फिल्मों में काम किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Nepal Balen Shah Controversy | PM Pressuring Supreme Court Judges

नेपाल के प्रधानमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट में दखल का आरोप:3 जजों पर इस्तीफे का दवाब बना रहे बालेन शाह; अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी

काठमांडू3 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को अपने पक्ष में करने की कोशिश के आरोप लगे हैं। तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और इंटरनेशनल कमीशन ऑफ ज्यूरिस्ट्स (ICJ) ने संयुक्त बयान जारी कर यह आरोप लगाया है। संगठनों का कहना कि सरकार तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों पर इस्तीफा देने का दबाव बना रही है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है। संगठनों का कहना है कि सरकार का मकसद सुप्रीम कोर्ट की संरचना बदलना है। उनका आरोप है कि हाल के महीनों में ऐसे कई कदम उठाए गए हैं, जिनसे अदालत की स्वतंत्रता कमजोर हो सकती है और संवैधानिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति को लेकर भी विवाद बयान में मनोज कुमार शर्मा को नेपाल का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शर्मा उस समय वरिष्ठता क्रम में चौथे स्थान पर थे। उनसे सीनियर तीन न्यायाधीश को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी वजह से विवाद शुरू हुआ। नेपाल में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को ही मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। इस बार इस परंपरा का पालन नहीं किया गया और मनोज शर्मा को उस समय मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया, जब उनसे तीन सीनियर चीफ जस्टिस सपना प्रधान मल्ला, कुमार रेग्मी और हरि फुयाल मौजूद थे। इसके अलावा संगठन का आरोप है कि मनोज कुमार शर्मा के खिलाफ मिली शिकायतों की भी खुली और निष्पक्ष जांच नहीं की गई। संसदीय सुनवाई समिति को शर्मा के खिलाफ कुल 16 शिकायतें मिली थीं। हालांकि ये शिकायतें गोपनीय रखी गई और मीडिया के सामने पेश नहीं की गई। नेपाल के मुख्य न्यायधीष मनोज कुमार शर्मा ने मई 2016 में पद की शपथ ली। बिना सबूत के जजों पर इस्तीफे का दबाव बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के तीन सीनियर जस्टिस सपना प्रधान मल्ला, कुमार रेग्मी और हरि फुयाल पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। संगठनों का कहना है कि अब तक इन तीनों के खिलाफ ऐसा कोई सार्वजनिक आरोप या ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने कोई गंभीर संवैधानिक या कानूनी गलती की है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि नेपाल के संविधान के मुताबिक, किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होते ही उसे तुरंत निलंबित कर दिया जाता है। अगर सुप्रीम कोर्ट के तीनों वरिष्ठ न्यायाधीशों को एक साथ निलंबित किया गया तो अदालत की संरचना और कामकाज पर बड़ा असर पड़ेगा। यह ऐसे समय में होगा, जब सुप्रीम कोर्ट सरकार के कई अहम फैसलों और संवैधानिक मामलों की सुनवाई कर रही है। संगठनों का कहना है कि अगर बिना ठोस संवैधानिक आधार के महाभियोग का इस्तेमाल किया गया तो इससे यह संदेश जाएगा कि सरकार अदालत की संरचना बदलकर लंबित मामलों के फैसलों को प्रभावित करना चाहती है। इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर जनता का भरोसा भी कमजोर हो सकता है। नेपाल के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार शर्मा ने 19 मई को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें शपथ दिलाई थी। संवैधानिक परिषद में बदलाव पर आपत्ति जताई इन संगठनों ने मई 2026 में संवैधानिक परिषद अधिनियम में अध्यादेश के जरिए किए गए संशोधन पर भी आपत्ति जताई है। नेपाल में संवैधानिक परिषद एक अहम संस्था है। यही परिषद मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयोग, मानवाधिकार आयोग और अन्य संवैधानिक निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करती है। विवाद इस बात पर है कि बालेन शाह सरकार ने मई 2026 में संसद से कानून पारित कराने के बजाय अध्यादेश के जरिए परिषद के काम करने के नियम बदल दिए। पहले बैठक के लिए ज्यादा सदस्यों की मौजूदगी जरूरी थी। नियुक्तियों पर व्यापक सहमति या पूरे परिषद के बहुमत की जरूरत पड़ती थी। लेकिन संशोधन के बाद कम सदस्यों की मौजूदगी में भी बैठक हो सकती है। इतना ही नहीं बैठक में मौजूद सदस्यों के साधारण बहुमत से फैसला लिया जा सकता है। —————————— नेपाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने तय किया था कि वह किसी भी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

Hindi News Career JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns 1 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, आयोग ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा सहित कुल 9 खास भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट पर सवाल 2 जुलाई 2026 को जारी 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट के बाद कई उम्मीदवारों ने अनियमितता के आरोप लगाए। उम्मीदवारों का कहना है कि कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही। इसके अलावा उम्मीदवारों को मार्क्स भी नहीं बताए गए। ज्यादा मार्क्स होने का दावा करने वाले कुछ उम्मीदवारों का सिलेक्शन नहीं हुआ, जबकि कम मार्क्स वाले उम्मीदवारों का सिलेक्शन हो गया। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी पर आरोप JPSC पर यह आरोप भी है कि आयोग ने ऐसी एजेंसी से कई परीक्षाएं कराईं जिसे उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। आयोग के एक सदस्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई। CID जांच शुरू विवाद बढ़ने के बाद झारखंड सरकार ने पूरे मामले की जांच CID को सौंप दी। CID ने JPSC कार्यालय सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। CID ने जांच के दौरान डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन सहित परीक्षा से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर गड़बड़ी हुई। फिलहाल इन बिंदुओं पर जांच कर रही CID डिजिटल टैंपरिंग और ओएमआर में फेरबदल : क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में बैकडेट में बदलाव किए गए ? मनी लॉन्ड्रिंग का कोणः उम्मीदवारों से वसूली गई मोटी रकम किन-किन खातों में भेजी अधिकारियों की भूमिका : ब्लैकलिस्टेड कंपनी को JPSC ने किस आधार पर परीक्षा संचालन की अनुमति दी। JPSC ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा-2025 समेत कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल टाल दिया है। आयोग ने कहा है कि परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उम्मीदवारों से केवल आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…