Wednesday, 24 Jun 2026 | 02:04 PM

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डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के असहयोग आदेश के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंची। कंगना से जब रणवीर सिंह पर लगे कथित बैन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना रनोट ने इवेंट के दौरान रणवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” रुकावटों से नहीं पड़ता कोई फर्क कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं कंगना रणवीर सिंह के मुद्दे पर कमेंट करने के साथ ही कंगना इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मंगलवार को इसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जहां वे मीडिया से रूबरू हुईं। कंगना फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के असहयोग आदेश के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंची। कंगना से जब रणवीर सिंह पर लगे कथित बैन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना रनोट ने इवेंट के दौरान रणवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” रुकावटों से नहीं पड़ता कोई फर्क कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं कंगना रणवीर सिंह के मुद्दे पर कमेंट करने के साथ ही कंगना इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मंगलवार को इसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जहां वे मीडिया से रूबरू हुईं। कंगना फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

CBSE Chairman Secretary Transferred Over On-Screen Marking Controversy; Govt Probe

CBSE Chairman Secretary Transferred Over On-Screen Marking Controversy; Govt Probe

Hindi News Career CBSE Chairman Secretary Transferred Over On Screen Marking Controversy; Govt Probe 13 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के चलते बोर्ड अध्‍यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्‍ता का तबादला कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने नए मार्किंग सिस्‍टम में आई गड़बड़‍ियों की शिकायतों के चलते ये कदम उठाया है। इसके साथ ही सरकार ने OSM सर्विस की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति भी गठित की है। कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन की चेयरमैन एस राधा चौहान इस एक सदस्यीय कमेटी की अध्यक्ष होंगी। जांच समिति यह पता लगाएगी कि इस सिस्‍टम की खरीद और लागू करने की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता या गड़बड़ी तो नहीं हुई। सीनियर IAS अधिकारी राहुल सिंह 13 मार्च 2024 को CBSE के अध्यक्ष बने थे। दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। ———— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Tim David IPL 2027 Match Ban & 50% Fee Cut

Tim David IPL 2027 Match Ban & 50% Fee Cut

स्पोर्ट्स डेस्ककुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु के टिम डेविड को इस सीजन तीन बार डिमेरिट पॉइंट मिले। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज टिम डेविड को IPL 2027 के पहले मैच से सस्पेंड कर दिया गया है। IPL 2026 फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन पर उन पर 50% मैच फीस का जुर्माना भी लगाया गया है। अंपायर नितिन के ऊपर आइस बैग फेंका डेविड ने गुजरात की पारी के 10वें ओवर के दौरान अंपायर नितिन मेनन की तरफ आक्रामक तरीके से एक आइस बैग फेंका था। इस घटना को IPL आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन के तहत माना गया। 5 डिमेरिट पॉइंट हुए डेविड को इस मामले में दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए गए। इसके साथ ही IPL 2026 सीजन में उनके कुल डिमेरिट पॉइंट पांच हो गए। नियमों के अनुसार, पांच डिमेरिट पॉइंट होने पर खिलाड़ी को अगले सीजन के पहले मैच में निलंबित किया जाता है। इससे पहले भी डेविड दो बार लेवल-1 उल्लंघन कर चुके थे। उन्होंने मैच नंबर 20 में पहला उल्लंघन किया था, जिसके लिए उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट मिला था। इसके बाद मैच नंबर 54 में दूसरा उल्लंघन हुआ, जिसमें उन्हें दो डिमेरिट पॉइंट दिए गए थे। डेविड ने इस IPL में एक फिफ्टी भी लगाई। अनुच्छेद 2.9 के तहत सजा IPL की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के तहत यह उल्लंघन दर्ज किया गया। यह नियम मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, टीम अधिकारी, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति की ओर अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद या क्रिकेट उपकरण जैसी किसी वस्तु को फेंकने से जुड़ा है। इसी वजह से डेविड IPL 2027 में RCB के पहले मैच में नहीं खेल पाएंगे। अगर वह अगले सीजन में किसी दूसरी फ्रेंचाइजी का हिस्सा होते हैं, तो उस टीम के लिए उनका पहला मैच निलंबन के तहत छूट जाएगा। डेविड ने सीजन में 305 रन बनाए बेंगलुरु के फिनिशर टिम डेविड ने IPL 2026 में 16 मैचों में 305 रन बनाए। उनका औसत 33.89 और स्ट्राइक रेट 188.27 रहा। उन्होंने एक अर्धशतक लगाया, जिसमें नाबाद 70 रन उनकी बेस्ट पारी रही। सीजन में डेविड ने 22 चौके और 23 छक्के जड़े। डेविड ने अब तक 66 IPL मैचों में 1151 रन बनाए हैं। उनका औसत 32.89 और स्ट्राइक रेट 177.08 है। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए हैं। डेविड के नाम IPL में 76 चौके, 83 छक्के और 32 कैच दर्ज हैं। बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार खिताब जीता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया। टीम ने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टिम डेविड ने 17 बॉल पर 24 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और एक छक्का भी लगाया। डेविड को अरशद खान ने जोश हेजलवुड के हाथों कैच कराया। फाइनल जीतने के बाद बेंगलुरु की टीम। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ram Gopal Varma Supports Ranveer Singh, Slams FWICE

Ram Gopal Varma Supports Ranveer Singh, Slams FWICE

18 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘डॉन 3’ विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा रणवीर सिंह के सपोर्ट में सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) पर भी सवाल उठाए। राम गोपाल वर्मा ने लिखा, FWICE को बैन करो, रणवीर सिंह को नहीं। गांधीजी के अंदाज वाला यह तथाकथित बैन या असहयोग आखिरकार FWICE के लिए ही एक बड़ा मजाक बन जाएगा।FWICE जिस तरह इसे इंडस्ट्री या कर्मचारियों की सुरक्षा बता रहा है, असल में मामला वैसा नहीं है। यह एक पुरानी और बेकार यूनियन सिस्टम की ताकत दिखाने की कोशिश भर है, जो किसी तरह अपना प्रभाव बनाए रखना चाहती है।चाहे FWICE यह दावा करे कि वह 5 लाख या 50 लाख कर्मचारियों की आवाज है, लेकिन सच्चाई यह है कि उन लाखों लोगों में से ज्यादातर को दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद की असली जानकारी तक नहीं है। FWICE को बताया ‘कंगारू कोर्ट’ FWICE को ‘कंगारू कोर्ट’ बताते हुए राम गोपाल वर्मा ने लिखा, FWICE न तो कोई लीगल कोर्ट है और न ही सरकार से ऑथराइज्ड रेगुलेटरी बॉडी। ज्यादा से ज्यादा इसे एक ‘कंगारू कोर्ट’ कहा जा सकता है, यानी ऐसी व्यवस्था जो न्याय देने का दावा तो करती है, लेकिन वास्तव में कानूनी नियमों, फेयर प्रोसेस और न्यूट्रैलिटी को नजरअंदाज करती है।ऐसा इसलिए क्योंकि इसके फैसले अक्सर पहले से ही कुछ खास एजेंडा रखने वाले लोगों के एक प्राइवेट ग्रुप द्वारा तय कर लिए जाते हैं। इनमें ऐसे एक्टर भी शामिल हैं, जो रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता से घबराए हुए हैं।उन्होंने आगे कहा कि यह FWICE के लिए एक बड़ा पीआर डिजास्टर साबित होगा, क्योंकि संगठन एक तरफ अपनी हताशा जाहिर कर रहा है और दूसरी तरफ अपनी पुरानी और अप्रासंगिक सोच भी दुनिया के सामने दिखा रहा है। राम गोपाल वर्मा की पोस्ट। वर्मा ने आगे लिखा, सबसे पहले, यह साबित करने के लिए कि यह दावा झूठा है, मैं कहना चाहता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री में लाखों कर्मचारियों की रोजी-रोटी कभी भी किसी एक एक्टर या एक प्रोजेक्ट पर निर्भर नहीं होती। इसलिए सोशल मीडिया पर यह कहना कि किसी एक व्यक्ति की वजह से लाखों लोगों का नुकसान हो रहा है, लोगों को भड़काने और माहौल बनाने की कोशिश है।इस पूरे विवाद की जड़ में एक प्रोड्यूसर का यह दावा है कि उसे प्री-प्रोडक्शन में भारी नुकसान हुआ, लेकिन यह सिर्फ दो पक्षों के बीच का प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट विवाद है। ऐसे विवाद भारत में हर दिन और हर तरह के कारोबार में लाखों बार होते हैं। तब FWICE जैसी संस्थाएं कहां होती हैं?इसके अलावा, इस मामले में वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी सिर्फ विवाद में शामिल पक्षों को ही हो सकती है। इसलिए यह मामला भी किसी अन्य सिविल विवाद की तरह उन्हीं के बीच रहना चाहिए। अगर कोई पक्ष अदालत जाता है, तो फैसला जज को करना चाहिए। राम गोपाल वर्मा ने सत्या (1998), रंगीला (1995), कंपनी (2002), सरकार (2005) जैसी कल्ट फिल्में बनाई हैं। ‘रणवीर के लिए प्रोड्यूसर्स की लाइन लग जाएगी’ FWICE को चैलेंज देते हुए राम गोपाल वर्मा ने लिखा, और अगर FWICE का दावा है कि कुछ प्रमुख टेक्नीशियन का समय और मेहनत बर्बाद हुई है, तो मैं उन्हें चैलेंज देता हूं कि वे व्यक्तिगत रूप से सामने आएं, सबूत पेश करें, सार्वजनिक रूप से रणवीर सिंह को जिम्मेदार ठहराएं और यह ऐलान करें कि वे भविष्य में उनकी किसी फिल्म में काम नहीं करेंगेऔर अगर उस प्रोड्यूसर के साथ वास्तव में इतना बड़ा अन्याय हुआ है, तो FWICE के लाखों कर्मचारियों को नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे प्रोड्यूसर्स को रणवीर सिंह के साथ काम करने से बचना चाहिए। फिल्ममेकर ने यह भी लिखा, यहीं पर हम इस पूरे मामले के सबसे अहम बिंदु पर पहुंचते हैं, जिसे हर कोई अपने दिल में जानता है, चाहे वह विवाद में शामिल कंपनी हो या फिर FWICE सच्चाई यह है कि अगर रणवीर सिंह सिर्फ एक बार हां कह दें, तो कल सुबह उनके घर के बाहर चेक लेकर प्रोड्यूसर्स की एक किलोमीटर लंबी कतार लग जाएगी। यह तब भी होगा, जब वे FWICE और संबंधित प्रोडक्शन कंपनी की सभी चेतावनियां सुन चुके होंगे पोस्ट में अंत में राम गोपाल वर्मा ने लिखा, क्योंकि कड़वी सच्चाई यह है कि थिएटरों में टिकट FWICE नहीं, बल्कि रणवीर सिंह जैसे स्टार बिकवाते हैं। FWICE नहीं, बल्कि रणवीर सिंह जैसे सितारे ही उन लाखों कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा FWICE करता है। असलियत यह है कि रणवीर सिंह जैसे स्टार हैं, तभी फिल्म इंडस्ट्री है, और उसी वजह से FWICE जैसी संस्थाएं भी मौजूद हैं।इसलिए अंत में मेरी बिना मांगी सलाह सभी संबंधित पक्षों के लिए यही है कि दो पक्षों के बीच चल रहे एक निजी सिविल विवाद में बेवजह दखल देने से बचना चाहिए। पद्मिनी कोल्हापुरे भी रणवीर के समर्थन में उतरीं डॉन 3 विवाद के बीच, एक्ट्रेस और CINTAA की वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे रणवीर के सपोर्ट में आईं और भरोसा दिलाया है कि एसोसिएशन पूरी तरह से उनके साथ है। IANS से बात करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा, ‘CINTAA को गर्व है कि रणवीर सिंह हमारे मेंबर हैं। जब भी उन्हें हमारी जरूरत होती है, हम उनके साथ और उनके लिए खड़े रहते हैं। यह पहले से ही पब्लिक डोमेन में है, इसलिए मैं इस पर और कमेंट नहीं करना चाहती। हम उनके लिए, उनके साथ हैं। अगर उन्हें कभी हमारी जरूरत होगी, तो हम रणवीर सिंह के साथ हैं।’ इससे पहले, CINTAA की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों ने कहा था कि रणवीर सिंह के CINTAA मेंबर होने के बावजूद, CINTAA को इस मामले के बारे में बताया नहीं गया था। पूनम के मुताबिक, एसोसिएशन दोनों पार्टियों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर सकती थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक,लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही MI के टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई इंडियंस के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। रोहित की जगह कप्तानी मिलने के बाद से लगातार हुई हूटिंग हार्दिक पंड्या साल 2024 में मुंबई इंडियंस के कप्तान बनकर लौटे थे। फ्रेंचाइजी ने रोहित शर्मा की जगह उन्हें कप्तानी सौंपी थी। इसके बाद से ही फैंस नाराज थे। पहले साल (2024) में भी मैदान पर हार्दिक की जमकर हूटिंग (बूइंग) हुई थी और मौजूदा सीजन में भी चीजें उनकी प्लानिंग के मुताबिक नहीं रहीं। लगातार दो सीजन तक दर्शकों के गुस्से का सामना करने के बावजूद हार्दिक ने हमेशा यही कहा कि यह सफर मुश्किल लेकिन मनोरंजक रहा है। हालांकि, अब उन्होंने अलग होने का फैसला किया है। पीठ की चोट और मानसिक थकान बनी वजह IPL के एक सोर्स ने PTI को बताया, हार्दिक मानसिक रूप से बहुत तनाव में थे और पूरी तरह थक चुके थे। उन्हें पीठ में चोट (बैक इंजरी) भी लगी थी। जैसे ही प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हुईं, हार्दिक ने टीम के डिसीजन-मेकर्स को बता दिया कि वे अब टीम में नहीं रुकेंगे। सोर्स ने आगे कहा कि एक युवा खिलाड़ी आखिर कितना बर्दाश्त कर सकता है, उनके लिए पिछले तीन साल आसान नहीं रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों के साथ था मतभेद सोर्स के मुताबिक, हार्दिक ने साल 2021 में जिस मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम को छोड़ा था, 2024 में वापसी करने पर वह वैसा नहीं रहा। टीम के सभी सीनियर खिलाड़ी एक मत नहीं थे। अगर विचार अलग होने के बाद भी नतीजे अच्छे आएं, तो निराशा नहीं होती। लेकिन जब हर कोई अलग-अलग दिशा में खींचे, तो एक समय के बाद आगे बढ़ने की मानसिक क्षमता नहीं बचती। इसलिए हार्दिक ने मिड-सीजन में ही तय कर लिया था कि वे अगले सीजन में मुंबई इंडियंस का हिस्सा नहीं होंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

Hardik Pandya MI Leaving Reason Controversy; IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क29 मिनट पहले कॉपी लिंक हार्दिक की कप्तानी में इस साल मुंबई सिर्फ 4 मैच जीत सकी। मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही मुंबई टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। रोहित की जगह कप्तानी मिलने के बाद से लगातार हुई हूटिंग हार्दिक पंड्या साल 2024 में मुंबई के कप्तान बनकर टीम में लौटे थे। इससे पहले उन्होंने दो साल तक गुजरात की कप्तानी की थी। मुंबई ने रोहित शर्मा की जगह हार्दिक को कप्तानी सौंपी थी। इसके बाद से ही फैंस नाराज थे। पहले साल (2024) में भी मैदान पर हार्दिक के खिलाफ जमकर हूटिंग हुई थी और मौजूदा सीजन में भी चीजें उनकी प्लानिंग के मुताबिक नहीं रहीं। लगातार दो सीजन तक दर्शकों के गुस्से का सामना करने के बावजूद हार्दिक ने हमेशा यही कहा कि यह सफर मुश्किल लेकिन मनोरंजक रहा है। हालांकि, अब उन्होंने अलग होने का फैसला किया है। पीठ की चोट और मानसिक थकान बनी वजह IPL के एक सोर्स ने PTI को बताया, हार्दिक मानसिक रूप से बहुत तनाव में थे और पूरी तरह थक चुके थे। उन्हें पीठ में चोट (बैक इंजरी) भी लगी थी। जैसे ही प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हुईं, हार्दिक ने टीम के डिसीजन-मेकर्स को बता दिया कि वे अब टीम में नहीं रुकेंगे। सोर्स ने आगे कहा कि एक युवा खिलाड़ी आखिर कितना बर्दाश्त कर सकता है, उनके लिए पिछले तीन साल आसान नहीं रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में सीनियर खिलाड़ियों के साथ मतभेद हार्दिक ने साल 2021 में जिस मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम को छोड़ा था, 2024 में वापसी करने पर वह वैसा नहीं रहा। टीम के सभी सीनियर खिलाड़ी एक मत नहीं थे। अगर विचार अलग होने के बाद भी नतीजे अच्छे आएं, तो निराशा नहीं होती। लेकिन जब हर कोई अलग-अलग दिशा में खींचे, तो एक समय के बाद आगे बढ़ने की मानसिक क्षमता नहीं बचती। इसलिए हार्दिक ने मिड-सीजन में ही तय कर लिया था कि वे अगले सीजन में मुंबई इंडियंस का हिस्सा नहीं होंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

4 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ एक साजिश रची जा रही है। फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं… सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।’ वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।’ शोभा डे की पोस्ट। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, ‘पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।’ शोभा डे एक लेखिका, उपन्यासकार, पत्रकार और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, ‘रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।’ शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा।’ शोभा डे ने आगे कहा, ‘अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।’ आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, ‘रणवीर सिंह एक बड़े और खास फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर’ से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।’ शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे विवाद में रणवीर सिंह को फायदा हुआ है। राइटर ने कहा, ‘रणवीर ने चुप रहकर बहुत समझदारी दिखाई है। इससे उनकी लोकप्रियता और उनकी ब्रांड वैल्यू दोनों बढ़ी हैं। अब इस लड़ाई में आखिर जीत किसकी होगी, यह आने वाला समय बताएगा।’ वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, ‘कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

16 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ साजिश रची जा रही है। फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं… सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।’ वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।’ शोभा डे की पोस्ट। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, ‘पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।’ शोभा डे एक लेखिका, उपन्यासकार, पत्रकार और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, ‘रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।’ शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा। शोभा डे ने आगे कहा, ‘अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।’ आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, ‘रणवीर सिंह एक बड़े फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर’ से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।’ शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।’ वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, ‘कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

Vishal Dadlani Indian Idol Statement

11 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी ने रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ से खुद को निकाले जाने की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए विशाल ने शो के सेट से ही एक वीडियो शेयर किया है। दरअसल, नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार की आलोचना करने के बाद यह अफवाह थी कि मेकर्स ने उन्हें जजों के पैनल से हटा दिया है। विशाल ने साफ किया कि वे शो का हिस्सा बने हुए हैं और लोगों से ऑनलाइन फैलाए जा रहे झूठ पर भरोसा न करने की अपील की। सेट से वीडियो शेयर कर कहा- मैं यहीं हूं विशाल ददलानी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘इंडियन आइडल’ के सेट से एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के शुरुआत में वे रोने का नाटक करते नजर आते हैं, लेकिन तुरंत ही जोर से हंसते हुए कहते हैं, ‘मैं यहां हूं, बेबी’। इस पोस्ट के कैप्शन में विशाल ने लिखा, ‘याद रखें, ऑनलाइन आप जो कुछ भी देखते हैं उस पर भरोसा न करें। इंटरनेट पर बहुत ज्यादा हेरफेर चल रहा है। सही बात के लिए लड़ते रहें और जो कहना जरूरी है, उसे खुलकर कहते रहें।’ नीट पेपर लीक पर बयान के बाद शुरू हुई थीं अटकलें यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल ददलानी ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले से प्रभावित छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने परीक्षा सिस्टम और अधिकारियों के रवैये की कड़ी आलोचना की थी। विशाल ने लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर केवल शिक्षित और समझदार नेताओं को चुनने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया के कई पेजों पर यह दावा किया जाने लगा कि उनकी राजनीतिक टिप्पणियों के कारण इंडियन आइडल के मेकर्स ने उन पर कार्रवाई की है। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी। ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं, देश बर्बाद हो जाएगा’ विशाल ने अपने पहले के वीडियो में कहा था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से देश के छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘सत्ता में बैठे लोग शिक्षित नहीं हैं और इससे भारत बर्बाद हो जाएगा। चाहे यह बात किसी को अच्छी लगे या बुरी, लेकिन यही सच है। कृपया अपने और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर लोगों को वोट दें।’ उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे अपने ही परिवार या जाति के अज्ञानी गुंडों को सत्ता में आने से रोकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔