नशे की लत ने बनाया ‘बैड कैरेक्टर’, जानें ब्रांडेड शराब का शौकीन राजा कैसे बना दिल्ली का शातिर ऑटो-लिफ्टर? | delhi police north west district auto lifter raja bihari arrested six stolen vehicles recovered crime news

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. आरोपी की पहचान राजा उर्फ बिहारी के रूप में हुई है, जो वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया का रहने वाला है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के साथ ही वाहन चोरी के कुल 6 मामलों को सुलझाने का दावा किया है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को एएटीएस टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक कुख्यात ऑटो-लिफ्टर चोरी की स्कूटी के साथ इलाके में आने वाला है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी और एसीपी रणजीत ढाका के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई रवि सैनी और कई अन्य हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल थे. शातिर ऑटो लिफ्टर की कहानी टीम ने अशोक विहार स्थित प्रेम बाड़ी फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की. कुछ ही समय बाद एक संदिग्ध स्कूटी सवार को आते देखा गया. पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया. जांच करने पर पता चला कि वह जो होंडा एविएटर स्कूटी चला रहा था, वह मॉडल टाउन थाने से चोरी की गई थी. दिल्ली पुलिस की पुछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे 26 वर्षीय राजा उर्फ बिहारी से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने बताया कि वह ड्रग्स और शराब का बुरी तरह आदी है. अपनी इन महंगी आदतों और नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए उसके पास पैसों की कमी रहती थी, जिसकी भरपाई के लिए उसने जुर्म का रास्ता चुना. वह अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों या रिहायशी कॉलोनियों में खड़े दोपहिया वाहनों को निशाना बनाता था. वह इन वाहनों को न केवल बेचने के लिए चुराता था, बल्कि चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल स्नैचिंग जैसे अन्य अपराधों को अंजाम देने के लिए भी करता था. ब्रांडेड शराब पीने का शौकीन पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि राजा उर्फ बिहारी कोई मामूली चोर नहीं है. वह दिल्ली के अशोक विहार थाने का घोषित ‘बैड कैरेक्टर’ है. उसके खिलाफ पहले से ही हत्या, स्नैचिंग और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के 14 मामले दर्ज हैं. वह बार-बार जेल जाने के बावजूद बाहर आकर फिर से वारदातों में शामिल हो जाता था. पुलिस उसे एक ‘हैबिचुअल ऑफेंडर’ मानती है, जो समाज के लिए खतरा बना हुआ था. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 6 चोरी के वाहन बरामद किए हैं. इनमें अलग-अलग थानों से चोरी की गई गाड़ियां शामिल हैं. मॉडल टाउन थाने में दर्ज दो होंडा एक्टिवा और एक होंडा एविएटर स्कूटी बरामद हुआ है. आदर्श नगर थाने में एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा की बरामदगी हुई है. इसके साथ ही सुभाष प्लेस और समयपुर बादली थाने में दर्ज एक-एक एक्टिवा स्कूटी की बरामदगी हुई है.
Is Personal Space Demand a Crime? Expert Relationship Advice for Mother Wife

Hindi News Lifestyle Is Personal Space Demand A Crime? Expert Relationship Advice For Mother Wife 2 दिन पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी शादी को 4 साल हो चुके हैं। 2 साल का बच्चा है। बीते कुछ दिनों से मेरे भीतर अजीब सा अलगाव पैदा हो रहा है। ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने पिछले कुछ सालों में अपने लिए कुछ किया ही नहीं है। अब मुझे अकेले रहना ज्यादा अच्छा लगता है। जब मैं ये बात हसबैंड से शेयर करती हूं तो उन्हें लगता है कि मैं उनसे दूर जाना चाहती हूं। वो मुझे समझ ही नहीं पा रहे हैं। मुझे डर है कि कहीं हमारी केमिस्ट्री न खराब हो जाए। क्या रिश्ते में स्पेस मांगना गलत है? मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- मैं अपने जवाब की शुुरुआत एक फिल्म से करना चाहूंगी। एक जॉर्जियन फिल्म है, “माय हैप्पी फैमिली।” इसमें एक शादीशुदा, भरे–पूरे परिवार वाली महिला आपकी ही तरह पर्सनल स्पेस चाहती है। थोड़ा अकेले रहना, थोड़ा अपने साथ वक्त बिताना, थोड़ा खुद से बातें करना। सोचिए, हिंदुस्तान से लेकर जॉर्जिया तक औरतें ये करना चाहती हैं। लेकिन बहुत कम में यह हिम्मत होती है कि वो आपकी तरह सवाल लिखकर अपने दिल की बात कहें। आपका सवाल ही बता रहा है कि आप एक संजीदा इंसान हैं। आप खुद को जानने-समझने की यात्रा तय करना चाहती हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। भारतीय समाज की मुश्किलें मुश्किल ये है कि हमारे समाज ने खुद के बारे में सोचने को स्वार्थ से जोड़ दिया है। महिलाओं के लिए तो ये और भी मुश्किल है। अगर कोई महिला कहती है कि उसे अकेले रहना अच्छा लगता है या उसे थोड़ा स्पेस चाहिए तो उस पर तुरंत सवाल खड़े कर दिए जाते हैं। क्या रिश्ता ठीक नहीं है? क्या शादी में प्यार कम हो गया है? क्या पति से दूर जाना चाहती हो? जबकि सच्चाई यह है कि खुद के लिए समय मांगना, खुद को समझना, खुद के साथ रहना, ये सब रिश्ता तोड़ने के लिए नहीं, उसे बचाने के लिए की गई कोशिशें हैं। शादी का मतलब ‘सेल्फ’ का मर जाना नहीं हमारे समाज और संस्कृति में शादी की बुनियादी परिभाषा ही गलत है। हमें लगता है कि शादी होने का मतलब है, अब महिला की अपनी कोई निजता नहीं रह गई है। उसकी पहचान ही यही है कि वो पत्नी है, मां है, बहू है। लेकिन वो एक इंसान नहीं है, जो आजादी और एजेंसी चाह सकती है। शादी और उसमें भी खासतौर पर छोटे बच्चों की जिम्मेदारी बहुत डिमांडिंग जॉब है। अमूमन औरतों को उतनी मदद नहीं मिलती, जिसकी उन्हें जरूरत है। इन और ऐसे ही तमाम कारणों से अक्सर शादी में दूरियां आ जाती हैं। खुद को जानना है जरूरी इस दुनिया में हर इंसान का अपना अस्तित्व होता है। यहां पर अस्तित्व यानी “मैं कौन हूं, मुझे क्या अच्छा लगता है, मुझे किस चीज से खुशी मिलती है।” यह जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि दुनिया का हर रिश्ता इसके बाद ही आता है। भले ही वह रिश्ता पति-पत्नी का हो, माता-पिता का हो या मां-बच्चे का। अगर कोई इंसान अंदर से खुश नहीं है, संतुष्ट नहीं है, तो वह रिश्तों में भी खुशी नहीं बांट सकता है। स्पेस मांगने में गिल्ट क्यों? अपने लिए स्पेस मांगते हुए बिल्कुल भी संकोच या गिल्ट नहीं फील करना चाहिए। यह अकेलेपन की मांग नहीं, खुद के लिए स्पेस की चाहत है। रिश्ते में स्पेस मांगने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने पति से दूर जाना चाहती हैं। इसका मतलब यह है कि आप खुद के करीब आना चाहती हैं। यह फर्क समझना बहुत जरूरी है। पर्सनल स्पेस में इंसान अपने इमोशंस को बेहतर ढंग से प्रोसेस करना सीखता है। वह खुशी और दुख को पहचानकर उनसे डील करना सीखता है। नकारात्मकता और एंग्जाइटी से निपटना सीखता है। इसका सकारात्मक असर उसके सभी रिश्तों पर पड़ता है। पर्सनल स्पेस के फायदे ग्राफिक में देखिए- कंपैशन और जिम्मेदारी से कहें अपनी बात बहुत मुमकिन है कि जब आप अपने हसबैंड से ये बात शेयर करेंगी तो उन्हें लगे कि आप उनसे दूर जाना चाहती हैं। यह उनकी गलतफहमी हो सकती है, लेकिन उनकी अपनी भावनाएं भी जायज हैं। इसलिए ऐसे मामले में बातचीत बहुत सोच-समझकर करनी चाहिए। ऐसी बातें भावनाओं में बहकर नहीं, समझदारी और थोड़ी डिप्लोमेसी के साथ करनी चाहिए। डिप्लोमेसी का मतलब चालाकी से नहीं, बल्कि सही भाषा से है। हसबैंड से पूछें ये सवाल क्या आपने कभी खुद के लिए समय निकाला है? क्या आप दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं? क्या आप क्रिकेट देखते हैं, अपने शौक पूरे करते हैं? क्या आप यह सब करते हुए खुद को कम पति या कम पिता (पति या पिता का कम दायित्वबोध) महसूस करते हैं? जब वह इन सवालों का जवाब देंगे तो उन्हें धीरे-धीरे समझ आएगा कि जैसे उन्हें अपने तरीके से रिचार्ज होने का हक है, वैसे ही आपको भी हक है। यह तुलना नहीं, जरूरी उदाहरण है। असली समस्या न भूलें बात करते हुए यह न भूलें कि असल समस्या क्या है। उन्हें यह समझाने की कोशिश करें कि अगर आप खुद को नहीं संभालेंगी तो आगे चलकर इसका असर रिश्ते पर पड़ सकता है। बताएं कि आपको इसी बात का डर है। यहां ये समझना भी जरूरी है कि जब आप स्पेस मांगेंगी तो सामने वाला इंसान असहज हो सकता है। कुछ लोग इसे समझते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपने इगो पर ले लेते हैं। यह भी संभव है कि आपके पति साइलेंट ट्रीटमेंट देने लगें, आपसे बात करना कम कर दें, इंटिमेसी से दूरी बनाने लगें। आपको यह जताने लगें कि जैसे उन्हें आपकी जरूरत ही नहीं है। मानसिक रूप से तैयार रहें पति के इस तरह के रिएक्शंस उनकी अपनी असुरक्षा के कारण हो सकते हैं। उन्हें यह डर हो सकता है कि उनका आप पर कोई कंट्रोल नहीं रहेगा। इसलिए जरूरी है कि आप मानसिक रूप से तैयार रहें कि शुरुआत में सब कुछ स्मूद नहीं होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आप गलत हैं। यहां आपको इमोशनल नहीं, लॉजिकल रहना पड़ेगा। अगर वो आपसे कहें कि तुम ऐसा करोगी
| Rajasthan | Jaipur Crime News | Father Killed Daughter |

होमताजा खबरक्राइम शादाब ने की अपने ही बेटी की हत्या, फिर करने लगा सुसाइड!आखिर क्या है पूरा मामला Last Updated:February 13, 2026, 15:52 IST Father Killed Daughter In Jaipur : जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति पर अपनी आठ महीने की बेटी की जान लेने का आरोप है. वारदात घर के भीतर हुई बताई जा रही है. घटना के बाद आरोपी ने खुदकुशी की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे हिरासत में ले लिया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और हत्या के पीछे के कारणों की पड़ताल की जा रही है. इलाके में इस घटना से गहरा सदमा है. जयपुर. राजधानी जयपुर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. सांगानेर इलाके के मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी ही आठ महीने की मासूम बेटी की हत्या कर दी. घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. जिसने भी यह सुना, वह सन्न रह गया. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी पिता ने अपनी बेटी पर कैंची से वार किया. बच्ची की उम्र सिर्फ आठ महीने बताई जा रही है. वार इतना गंभीर था कि मासूम की जान नहीं बच सकी. घटना घर के अंदर ही हुई. फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि वारदात के समय घर में और कौन मौजूद था. हत्या के बाद खुदकुशी की कोशिशबताया जा रहा है कि बेटी की हत्या करने के बाद आरोपी पिता ने खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. हालांकि समय रहते मामला सामने आ गया. पुलिस को सूचना मिली तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची. आरोपी को हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी शादाब गिरफ्तारपुलिस ने आरोपी पिता शादाब को गिरफ्तार कर लिया है. सांगानेर के मालपुरा गेट थाना इलाके का यह मामला अब पूरी तरह पुलिस जांच में है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उसने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया. अभी तक हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है. इलाके में सनसनीघटना की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. आसपास के लोग स्तब्ध हैं. पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है. मासूम बच्ची की मौत से माहौल गमगीन है. पुलिस कर रही पूरे मामले की जांचपुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है. परिवार की पृष्ठभूमि और हालात को भी खंगाला जा रहा है. अभी पुलिस की ओर से यही कहा गया है कि जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी. एक पिता द्वारा अपनी ही बच्ची की हत्या की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है. फिलहाल मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को दुख और हैरानी में डाल दिया है. About the Author Anand Pandey नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : February 13, 2026, 15:52 IST
Mumbai Crime News: इश्क, धोखा और कत्ल! बॉयफ्रेंड की गर्लफ्रेंड को मारी गोली, बीच सड़क पर मौत का तांडव

होमताजा खबरक्राइम प्यार, धोखा और खून! महिला ने बॉयफ्रेंड की गर्लफ्रेंड को बीच सड़क पर मारी गोली Last Updated:February 13, 2026, 11:26 IST Mumbai News: मुंबई के शिवाजी नगर इलाके में लव ट्रायंगल के चलते 19 वर्षीय शिफा शेख की गोली मारकर हत्या कर दी गई. आरोपी महिला ने कथित तौर पर बॉयफ्रेंड को लेकर विवाद के बाद बेहद करीब से शिफा के चेहरे पर गोली चलाई. पुलिस ने 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है. ख़बरें फटाफट मुंबई के शिवाजी नगर में प्रेम संबंधों के विवाद में 19 वर्षीय शिफा शेख की गोली मारकर हत्या कर दी गई. (फोटो AI) Mumbai Crime News: मुंबई से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया है. शिवाजी नगर इलाके में दिनदहाड़े 19 वर्षीय शिफा शेख की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना ने प्रेम संबंधों के उलझे जाल ने एक और सनसनीखेज हत्या को जन्म दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या कथित लव ट्रायंगल का नतीजा थी. शिफा को एक महिला ने मिलने के लिए बुलाया. मुलाकात के दौरान बहस हुई. बहस अचानक हिंसा में बदल गई और फिर बेहद करीब से चेहरे पर गोली मार दी गई. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार घटना ने इलाके में दहशत फैला दी. गोली लगते ही शिफा जमीन पर गिर पड़ी. स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की. लेकिन गोली उसके गाल से होकर खोपड़ी में जा फंसी थी. गंभीर हालत के कारण उसकी जान नहीं बच सकी. पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला को अपने बॉयफ्रेंड और शिफा के रिश्ते पर शक था. इसी वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठाया. घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी महिला और उसके सहयोगी युवक को गिरफ्तार कर लिया. शिफा शेख की हत्या कैसे हुई? पुलिस के अनुसार शिफा को आरोपी महिला ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया था. मुलाकात के दौरान दोनों के बीच बॉयफ्रेंड को लेकर विवाद शुरू हुआ. विवाद तेजी से बढ़ गया. आरोपी महिला ने बेहद करीब से शिफा के चेहरे पर गोली चला दी. गोली उसके गाल से अंदर जाकर खोपड़ी में फंस गई. गंभीर चोट के कारण शिफा की मौत हो गई. घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई? घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल शिफा को राजावाड़ी अस्पताल पहुंचाया. वहीं डॉक्टरों ने पुष्टि की कि गोली बेहद नजदीक से चलाई गई थी. पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की. इसके बाद जाल बिछाकर 12 घंटे के भीतर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया. हत्या के पीछे क्या वजह सामने आई? शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम संबंधों से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला को शक था कि उसका बॉयफ्रेंड शिफा के साथ रिश्ते में था. इसी शक और जलन ने इस वारदात को जन्म दिया. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश और घटनाक्रम स्पष्ट हो सके. पुलिस जांच में आगे क्या हो सकता है? पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. हथियार की बरामदगी और घटना से पहले की बातचीत की जांच की जा रही है. डिजिटल सबूत और कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या की पहले से योजना बनाई गई थी या यह अचानक हुए विवाद का नतीजा था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हत्या मंगलवार दोपहर हुई. घटना के वक्त इलाके में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं. गोली चलने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे. पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. यह घटना मुंबई में रिश्तों को लेकर बढ़ती हिंसा की एक और मिसाल बन गई है. पुलिस का कहना है कि युवाओं में रिश्तों को लेकर असुरक्षा और गुस्सा कई बार गंभीर अपराधों में बदल जाता है. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि भावनात्मक विवाद अगर समय रहते संभाले न जाएं तो खतरनाक परिणाम सामने आ सकते हैं. About the Author Sumit Kumar सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें First Published : February 13, 2026, 11:22 IST
बठिंडा में अटैची में मिली युवती की आधी जली लाश, पहचान में जुटी पुलिस | Bathinda Crime: Half-Burnt Body of Young Woman Found in Suitcase on National Highway

Last Updated:February 11, 2026, 17:29 IST Punjab Crime News: बठिंडा में नेशनल हाईवे के किनारे एक लाल रंग के अटैची से युवती की आधी जली हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई. मृतका के शरीर पर चोट के निशान हैं और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उसे जलाने की कोशिश की गई. पुलिस ने शव को पहचान के लिए 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में रखवाया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है. बठिंडा में दरिंदगी की हदें पार: हाईवे किनारे अटैची में मिली युवती की आधी जली लाश. Punjab News: बठिंडा नेशनल हाईवे पर गांव बेहमान दीवाना के पास सड़क किनारे लावारिस पड़ी एक लाल रंग की अटैची से एक युवती की आधी जली हुई लाश बरामद हुई है. इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. हैरान करने वाली बात यह है कि पंजाब पुलिस इन दिनों राज्य भर में ‘सर्च ऑपरेशन’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ चला रही है, इसके बावजूद अपराधी दिनदहाड़े ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. हत्या के बाद लाश को जलाने की कोशिश मौके पर पहुंचे चश्मदीदों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई है. शव को देखने से पता चलता है कि हत्यारों ने पहले युवती के साथ मारपीट की, क्योंकि उसके शरीर पर चोटों के गहरे निशान पाए गए हैं. हत्या के बाद पहचान छुपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया गया. जब शरीर आधा जल गया, तो उसे एक लाल रंग के सूटकेस में बंद करके नेशनल हाईवे के किनारे फेंक दिया गया. फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कातिलों तक पहुंचा जा सके. शिनाख्त के लिए 72 घंटे का समय बठिंडा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो पाई है और न ही यह पता चला है कि वह कहां की रहने वाली थी. डीएसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस आसपास के जिलों और राज्यों के थानों से भी संपर्क कर रही है ताकि लापता लड़कियों का डेटा मिलाया जा सके. जनसेवा वर्कर संदीप सिंह ने बताया कि शव की हालत काफी खराब है. पुलिस ने नियमानुसार शव को 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में रखवाया है ताकि कोई वारिस उसकी पहचान कर सके. पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ पर उठे सवाल पंजाब में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय होने का दावा कर रही है. बठिंडा जैसी जगह पर नेशनल हाईवे के किनारे लाश मिलना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है. पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके, जिससे यह अटैची यहां फेंकी गई थी. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. Location : Bathinda,Punjab First Published : February 11, 2026, 17:29 IST
अरे बाप रे! बिना OTP के ही 38 लाख साफ, देखते ही देखते शख्स हो गया कंगाल, जामताड़ा मॉडल ने ढूंढा अब यह नया तरीका – 38 lakh rupees wiped out without an otp from bank account mobile delhi police exposed new cyber crime fraud Jamtara model

Last Updated:February 11, 2026, 13:09 IST Jamtara Cyber Criminals News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सिम पोर्टिंग के जरिए लाखों की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. ठगों ने पीड़ित का मोबाइल एक्सेस लेकर 38 लाख रुपये निकाल लिए और सिम कार्ड को जामताड़ा में पोर्ट करवा दिया. दिल्ली पुलिस ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा से मुख्य साजिशकर्ता 21 साल के आयुष शर्मा और विपुल कश्यप को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी से दिल्ली जामताड़ा मॉडल का बैंक से पैसा गायब करने का नया तरीका पता चला है. पढ़ें कैसे साइबर ठगों ने अब अपनी रणनीति बदल ली है. बिना ओटीपी के ही बैंक अकाउंट हो रहे खाली. नई दिल्ली. केंद्र सरकार और जांच ऐजेंसियां चाहे जितना कोशिश कर ले, साइबर ठगों पर नहीं लग रहे हैं लगाम. अब तो साइबर ठगों ने ठगी का एक ऐसा खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है, जिसमें आपके पास कोई ओटीपी (OTP) भी नहीं आएगा और आपका बैंक खाता खाली हो जाएगा. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिम पोर्टिंग और डिवाइस हैकिंग के जरिए 38.10 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो हजारों लोगों के बैंक खाते अब तक साफ कर चुके हैं. खास बात यह है कि इस गिरोह के तार कुख्यात जामताड़ा झारखंड से जुड़े हैं. जानें कैसे जामताड़ा मॉडल ने अब साइबर ठगी का तरीका बदल लिया है. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 के बीच अज्ञात ठगों ने उसके साथ इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया. ठगों ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए पीड़ित को झांसे में लिया और धोखे से उसके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया. एक बार फोन का कंट्रोल मिलते ही, ठगों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर को अपने जामताड़ा स्थित सोर्स पर पोर्ट करवा लिया. पैसा उड़ाने का नया जामताड़ा मॉडल सिम पोर्ट होते ही पीड़ित के फोन का सिग्नल गायब हो गया और ठगों ने बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस लेकर IMPS, NEFT और UPI के जरिए अलग-अलग खातों में 38,10,341 रुपये ट्रांसफर कर लिए. क्राइम ब्रांच ने जब बैंक स्टेटमेंट और टेक्निकल फुटप्रिंट्स की जांच की तो एक बड़ा सुराग हाथ लगा. ठगी की रकम में से 99,999 रुपये ग्रेटर नोएडा के विपुल कश्यप के पीएनबी खाते में पहुंचे थे. पुलिस ने उसे 4 मई 2026 को धर दबोचा. 21 साल का लड़का गिरोह का मास्टर माइंड विपुल से पूछताछ के बाद पुलिस ने 21 साल के मुख्य साजिशकर्ता आयुष शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया. आयुष ही इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था. इस गैंग का मॉडस ऑपेरंडी इंस्टाग्राम से शुरू होता था. पूछताछ में आयुष शर्मा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने दिल्ली पुलिस कहा कि वह इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर लोगों को लालच देता था कि वे कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और सिम कार्ड किराए पर दें. दिल्ली पुलिस ने ऐसे पकड़ा दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी निवासी विशाल कुमार ने आयुष को सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिसे पुलिस ने पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. ये लोग दिल्ली-एनसीआर से बैंक खाते और सिम कार्ड इकट्ठा कर जामताड़ा के मुख्य ठगों को मुहैया कराते थे, जो वहां बैठकर ठगी को अंजाम देते थे. दिल्ली पुलिस के डीसीपी आदित्य गौतम के निर्देशन और एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर मंजीत कुमार की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. टीम में एसआई प्रवेश कुमार राठी और हेड कांस्टेबल सोहनपाल सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे. पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और जामताड़ा में बैठे उनके आकाओं की तलाश कर रही है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 11, 2026, 13:09 IST
Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST
सावधान! घर बैठे कमाई का लालच पड़ सकता है भारी, 12वीं पास साइबर ठग ने इस शख्स से झटके में कूट लिए 17 लाख रुपये | delhi police cyber crime arrest pathan uzef khalil khan maharashtra jalna work from home fraud case

नई दिल्ली. डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां इंटरनेट ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने इसे ठगी का नया हथियार बना लिया है. दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला साइबर सेल ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो वर्क फ्रॉम होम यानी घर बैठे काम के नाम पर मासूम लोगों की मेहनत की कमाई डकार रहा था. इस मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना जिले से 25 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे खेल का मुख्य किरदार था. इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत नए साल के पहले ही दिन यानी 1 जनवरी 2026 को हुई, जब दिल्ली के त्रिनगर के केशव पुरम निवासी राहुल सैनी ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई. राहुल ने बताया कि उसे घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बदले मोटी कमाई का झांसा दिया गया था. शुरुआत में उसे कुछ छोटे-मोटे टास्क दिए गए और बदले में पैसे भी मिले, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया. लेकिन जैसे ही उसने बड़े निवेश वाले टास्क शुरू किए, साइबर ठगों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. राहुल से अलग-अलग बहानों और टैक्स के नाम पर कुल 17,16,777 रुपये ठग लिए गए. जब राहुल को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तब तक काफी देर हो चुकी थी. दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया. इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर दिनेश दहिया कर रहे थे, जिसमें एसआई आरएन अशांग, हेड कांस्टेबल अमित, सोहन और संदीप शामिल थे. पुलिस ने सबसे पहले उन बैंक खातों की पड़ताल शुरू की जिनमें राहुल ने पैसे ट्रांसफर किए थे. जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मनी ट्रेल सामने आया. ठगी की गई रकम को कई म्यूल अकाउंट्स में घुमाया गया था ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके. तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का एक मुख्य सदस्य महाराष्ट्र के जालना में बैठकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. पुलिस टीम ने तुरंत महाराष्ट्र का रुख किया और जालना में डेरा डाल दिया. कड़ी मेहनत और तकनीकी निगरानी के बाद आरोपी पठान उजेफ खलील खान को उसके ठिकाने से दबोच लिया गया. कौन है पठान उजेफ और क्या था उसका काम? 25 वर्षीय पठान उजेफ खलील खान केवल 12वीं पास है और पेशे से एक निजी होटल में शेफ का काम करता था. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली और माता-पिता की खराब आर्थिक स्थिति के कारण इस अपराध की दुनिया में शामिल हुआ. पुलिस के अनुसार, उजेफ इस गिरोह का वह ‘वर्टिकल’ था जो ठगी के पैसे को लिक्विडेट (नकद में बदलना) करता था. गिरोह के अन्य सदस्य जब शिकार को फंसा लेते थे तो पैसे उजेफ द्वारा प्रबंधित खातों में आते थे. उजेफ इन पैसों को ‘सेल्फ चेक’ के जरिए बैंक से निकालता था और फिर अपना कमीशन काटकर मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा देता था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था. पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है. कैसे काम करता है वर्क फ्रॉम होम स्कैम? यह स्कैम आमतौर पर टेलीग्राम या व्हाट्सएप मैसेज से शुरू होता है. ठग खुद को किसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी या मार्केटिंग फर्म का प्रतिनिधि बताते हैं. लुभावना ऑफर: आपको यूट्यूब वीडियो लाइक करने या होटल रिव्यू देने जैसे आसान काम दिए जाते हैं. भरोसा जीतना: पहले दो-तीन टास्क के लिए आपको 200-500 रुपये का भुगतान किया जाता है. बड़ा निवेश: इसके बाद आपको ‘वीआईपी टास्क’ के लिए पैसे जमा करने को कहा जाता है, जहाँ से ठगी का असली खेल शुरू होता है. पैसे की लेयरिंग: ठगी गई रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाता है ताकि पुलिस मुख्य अपराधी तक न पहुँच सके. दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर नॉर्थ-वेस्ट जिला भीष्म सिंह ने कहा है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आए ‘वर्क फ्रॉम होम’ के ऑफर्स पर भरोसा न करें. यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था काम देने से पहले आपसे पैसे की मांग करती है, तो वह निश्चित रूप से एक फ्रॉड है. पुलिस अब उजेफ से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा सके. उजेफ को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है और पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होंगे.
मुंबई पुलिस के रडार पर कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? | mumbai police crime branch may interrogate lawrence bishnoi anmol bishnoi in bollywood director rohit shetty case

Lawrence Bishnoi: बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग में क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग शामिल है? क्या लॉरेंस बिश्नोई या उसके भाई अनमोल बिश्नोई से मुंबई पुलिस पूछताछ करने वाली है? मुंबई के जूहू में बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर एक फरवरी को अज्ञात हमलावरों ने 4-5 राउंड फायरिंग की. गोलीबारी से बालकनी के ग्लास पैनल में निशान आए, लेकिन रोहित शेट्टी सुरक्षित बच गए. उस वक्त रोहित शेट्टी अपने घर के सातवें मंजिल पर थे. इस घटना के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 स्पेशल टीम बनाईं और 100 से ज्यादा CCTV चेक किए. मुंबई पुलिस को इस केस मेंपुणे से बाइक पर आए हमलावर का सुराग मिला. पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया, बाद में 4 गिरफ्तार किए. शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से लिंक का शक, खासकर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े शुभम लोनकर का मिला है. यह घटना बॉलीवुड में संगठित अपराध और गैंगवार की आशंका बढ़ा रही है. ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल केस पूरे देश में चर्चा में है. ऐसे में अहमदाबाद जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद अनमोल बिश्नोई से क्या मुंबई पुलिस पूछताछ करेगी? लॉरेंस बिश्नोई से होगी पूछताछ! बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के जूहू स्थित आवास शेट्टी टावर के बाहर 1 फरवरी की देर रात हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. अज्ञात हमलावरों ने करीब 4-5 राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली बालकनी के ग्लास पैनल को तोड़ते हुए अंदर गई, लेकिन रोहित शेट्टी और उनके परिवार के कोई सदस्य घायल नहीं हुए. उस समय रोहित शेट्टी अपने घर की सातवीं मंजिल पर मौजूद थे. मुंबई पुलिस ने इस घटना के 12 घंटे के भीतर चार लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए शख्स का नाम स्वप्निल साकत, सिद्धार्थ येन्पुरे, आदित्य गायकवाड़, समर्थ पोमाजी है. सभी गिरफ्तार शख्स का उम्र 18 साल से 23 साल के बीच है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने हमलावरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया. मुंबई पुलिस के रडार पर क्यों और कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? रोहित शेट्टी के घर फायरिंग पर बड़ा अपडेट मुबंई पुलिस ने एक और आरोपी अमन मारोटे को नोटिस जारी किया गया. ये सभी शुभम लोनकर के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी है. शूटर अभी फरार है. गिरफ्तार लोगों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोनकर से संपर्क किया और स्कूटर खरीदकर उसे जूहू में छोड़ दिया था. क्या बिश्नोई ब्रदर्स से होगी पूछताछ? रोहित शेट्टी के घर हमला करने के बाद कुछ घंटों बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली. शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई से जुड़े अकाउंट से पोस्ट में लिखा कि यह ट्रेलर है और अगर रोहित शेट्टी ने उनके काम में दखल दिया तो अगली गोलियां उनके छाती में या बेडरूम में लगेंगी. पोस्ट में पूरे बॉलीवुड को चेतावनी दी गई कि बाबा सिद्दीकी की तरह हालात न हों तो अपनी राह सुधारें. पुलिस इस पोस्ट की आईपी ट्रेस कर रही है. मुंबई पुलिस हल्के में नहीं ले रही ये घटना अब सवाल उठ रहा है कि क्या मुंबई पुलिस अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करेगी? सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच इस पर विचार कर रही है ताकि असली मोटिव और साजिश का पता लगे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि शुभम लोनकर ने लोकल लोगों को भर्ती किया, ऐसा लगता है वह बॉलीवुड में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है और एक्सटॉर्शन नेटवर्क को फिर से सक्रिय करना चाहता है.. हालांकि, यह भी संभव है कि लोनकर ने बिश्नोई की जानकारी के बिना यह कदम उठाया हो. फिलहाल कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पूछताछ की संभावना मजबूत है. मुंबई पुलिस के रडार पर क्यों और कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई, जो तिहाड़ जेल में बंद हैं, इस केस में सीधे रडार पर नहीं दिख रहे. जांच अभी शूटर्स और लोनकर पर केंद्रित है, लेकिन अगर बड़े लेवल की साजिश सामने आई तो अनमोल पर भी नजर जा सकती है. यह घटना बॉलीवुड में संगठित अपराध और गैंगवार की आशंका को बढ़ा रही है. रोहित शेट्टी ने कोई पूर्व धमकी नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस अब शूटर को पकड़ने पर फोकस कर रही है, जिसकी गिरफ्तारी से पूरी साजिश खुल सकती है. जांच जारी है और अगले कुछ दिनों में बड़े खुलासे की उम्मीद है.









